राष्ट्रपति मुर्मु के आगमन से शिमला में बढ़ी हलचल, सुरक्षा और स्वागत के कड़े इंतजाम..

नई दिल्ली। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला इन दिनों राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के आगमन को लेकर विशेष चर्चा में है। उनके पांच दिवसीय प्रवास के चलते पूरे शहर में सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को मजबूत किया गया है। यह दौरा राज्य के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जिसमें कई आधिकारिक, शैक्षणिक और विकास से जुड़े कार्यक्रम शामिल हैं।

राष्ट्रपति मुर्मु का यह दौरा 27 अप्रैल से 1 मई तक निर्धारित है। इस दौरान वे शिमला और आसपास के क्षेत्रों में विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगी। उनके आगमन के सम्मान में राजभवन में विशेष स्वागत समारोह का आयोजन किया गया है, जहां राज्य के वरिष्ठ अधिकारी और अन्य गणमान्य लोग शामिल होंगे। यह कार्यक्रम राष्ट्रपति के प्रवास की शुरुआत को औपचारिक रूप से चिह्नित करता है।

अपने प्रवास के दौरान राष्ट्रपति शिमला स्थित आर्मी ट्रेनिंग कमांड का दौरा करेंगी, जहां वे सैन्य प्रशिक्षण और तैयारियों की समीक्षा करेंगी। इसके अलावा वे पालमपुर स्थित कृषि विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में भाग लेंगी, जहां विद्यार्थियों को डिग्री प्रदान की जाएगी और शिक्षा क्षेत्र से जुड़ी उपलब्धियों को सराहा जाएगा।

राष्ट्रपति मुर्मु सोमवार को मशोबरा स्थित राष्ट्रपति निवास पहुंचीं, जो उनके प्रवास के दौरान उनका अस्थायी आवास बना हुआ है। यह स्थान अपनी ऐतिहासिक और प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाता है और लंबे समय से देश के शीर्ष संवैधानिक पदों पर बैठे व्यक्तियों के प्रवास का हिस्सा रहा है।

दौरे के कार्यक्रम के अनुसार, राष्ट्रपति 29 अप्रैल को अटल टनल का निरीक्षण करेंगी। यह परियोजना हिमाचल प्रदेश की प्रमुख आधारभूत संरचना उपलब्धियों में से एक मानी जाती है और राज्य के विकास में इसकी अहम भूमिका है। इसके बाद 30 अप्रैल को वे पालमपुर में आयोजित दीक्षांत समारोह में भाग लेंगी और उसी दिन शाम को मशोबरा स्थित निवास पर “एट होम” कार्यक्रम में शामिल होंगी, जहां विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े आमंत्रित अतिथि उनसे मुलाकात करेंगे।

1 मई को राष्ट्रपति का अंतिम कार्यक्रम शिमला स्थित आर्मी ट्रेनिंग कमांड का दौरा होगा, जिसके बाद वे राजधानी दिल्ली के लिए रवाना होंगी। यह पूरा दौरा प्रशासनिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इसमें रक्षा, शिक्षा और विकास तीनों क्षेत्रों की गतिविधियों की समीक्षा और सहभागिता शामिल है।

मशोबरा स्थित राष्ट्रपति निवास का ऐतिहासिक महत्व भी विशेष है। यह भवन लगभग 174 वर्ष पुराना है और अपनी यूरोपीय स्थापत्य शैली के कारण जाना जाता है। पहले इसे रिट्रीट बिल्डिंग के नाम से जाना जाता था, जो अब देश के प्रमुख राष्ट्रपति आवासों में अपनी विशेष पहचान बनाए हुए है।