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  • सप्ताह की शुरुआत में चमके सोना-चांदी के भाव, गिरावट के बाद लौटी तेजी, जानें 24 कैरेट गोल्ड और सिल्वर का नया रेट

    सप्ताह की शुरुआत में चमके सोना-चांदी के भाव, गिरावट के बाद लौटी तेजी, जानें 24 कैरेट गोल्ड और सिल्वर का नया रेट

    नई दिल्ली । कारोबारी सप्ताह के पहले दिन घरेलू वायदा बाजार में सोना और चांदी की कीमतों में शानदार तेजी दर्ज की गई है। पिछले कारोबारी सत्रों में लगातार दर्ज की जा रही गिरावट के बाद दोनों कीमती धातुओं की कीमतों में सोमवार को सुधार देखने को मिला। बाजार में आई इस नई तेजी से निवेशकों और कारोबारियों के चेहरे खिल उठे हैं। हालांकि ताजा रिकवरी के बावजूद चांदी अभी भी अपने सर्वकालिक उच्च स्तर से काफी निचले स्तर पर बनी हुई है, जबकि सोने में भी सकारात्मक गति दर्ज की गई है।

    मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज में सितंबर एक्सपायरी वाले चांदी के अनुबंध ने सोमवार को बढ़त के साथ व्यापार की शुरुआत की। पिछले सत्र में चांदी का भाव 2,17,198 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुआ था, जो नए सत्र की शुरुआत में उछलकर 2,18,709 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर पहुंच गया। इस प्रकार चांदी की कीमत में प्रति किलोग्राम 1,511 रुपये की सीधी बढ़ोतरी दर्ज की गई। बाजार में आई इस उछाल ने पिछले सप्ताह की सुस्ती को दूर करते हुए कारोबारियों में नया उत्साह भरा है।

    बीते कारोबारी सप्ताह के दौरान चांदी की दरों में काफी दबाव देखा गया था। 24 जुलाई को चांदी का भाव 2,22,138 रुपये प्रति किलोग्राम दर्ज किया गया था, जो सप्ताह के अंतिम कारोबारी दिन तक गिरकर 2,17,198 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गया था। महज पांच कारोबारी दिनों के भीतर चांदी करीब 4,940 रुपये प्रति किलोग्राम तक सस्ती हो गई थी। सोमवार को दर्ज की गई तेजी से इस बड़ी गिरावट की आंशिक भरपाई संभव हो सकी है, लेकिन बाजार को पूरी तरह उबरने में अभी समय लग सकता है।

    यदि चांदी के लंबे समय के आंकड़ों और ऐतिहासिक प्रदर्शन का आकलन किया जाए तो इस धातु ने चालू वर्ष के जनवरी महीने में एक नया रिकॉर्ड स्थापित किया था। उस दौरान चांदी की कीमत इतिहास में पहली बार 4 लाख रुपये के आंकड़े को पार करते हुए 4,20,048 रुपये प्रति किलोग्राम के उच्चतम स्तर तक जा पहुंची थी। वर्तमान बाजार मूल्य की तुलना करें तो चांदी अभी भी अपने उस रिकॉर्ड स्तर से लगभग 2,01,339 रुपये प्रति किलोग्राम सस्ती बिक रही है। इससे संकेत मिलता है कि बाजार में रिकवरी की बड़ी संभावना मौजूद है।

    सोने के बाजार में भी सप्ताह के पहले दिन मजबूती का रुख देखा गया। अगस्त एक्सपायरी वाले 24 कैरेट सोने का वायदा भाव पिछले कारोबारी दिन 1,41,511 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। सोमवार को बाजार खुलते ही यह बढ़त के साथ 1,41,820 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। इस तरह सोने में प्रति 10 ग्राम 309 रुपये की वृद्धि दर्ज की गई। विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार के सकारात्मक संकेतों और स्थानीय मांग के कारण सोने को यह समर्थन प्राप्त हुआ है।

    पिछला हफ्ता सोने के लिए भी सुस्ती भरा साबित हुआ था। 24 जुलाई को सोने की कीमत 1,43,106 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर थी, जो सप्ताहांत तक घटकर 1,41,511 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गई थी। इस अवधि में सोने के दाम में करीब 1,595 रुपये प्रति 10 ग्राम की नरमी दर्ज की गई थी। मध्य प्रदेश समेत देशभर के सर्राफा बाजारों में कारोबारी अब वैश्विक आर्थिक आंकड़ों और मुद्रास्फीति के संकेतों पर पैनी नजर बनाए हुए हैं, जिससे आने वाले दिनों में सराफा बाजार की आगे की दिशा तय होगी।

  • फेस्टिवल सीजन में महंगाई ने बिगाड़ा रसोई का बजट… 5% से ज्यादा बढ़े चीनी-चावल के दाम

    फेस्टिवल सीजन में महंगाई ने बिगाड़ा रसोई का बजट… 5% से ज्यादा बढ़े चीनी-चावल के दाम


    नई दिल्ली।
    कमजोर मानसून (Weak Monsoon), वैश्विक संकट (Global Crisis) और जमाखोरी (Hoarding) ने देश में त्योहारी सीजन (Festive Season) की शुरुआत के साथ ही महंगाई (Inflation) बढ़ा दी है। एक माह में चीनी और चावल (Sugar and Rice) के दाम पांच फीसदी तक बढ़ गए हैं। उपभोक्ता मामलों के विभाग के मुताबिक, देशभर के बाजारों में चीनी की थोक कीमतें बीते एक महीने में 5 फीसदी से ज्यादा बढ़कर औसतन 4,593 रुपये प्रति क्विंटल पर पहुंच गई हैं। एक साल में दाम 7.64 फीसदी बढ़े हैं। वहीं, खुदरा बाजार में कीमत एक महीने पहले के 47.11 रुपये से बढ़कर 3 अगस्त, 2026 को 49.53 रुपये प्रति किलोग्राम पहुंच गई।

    उधर, चावल की अखिल भारतीय औसत दैनिक खुदरा कीमत मासिक आधार पर 2.27 फीसदी बढ़कर 3 अगस्त को 45.13 रुपये प्रति किलोग्राम पहुंच गई। एक महीने पहले चावल की खुदरा कीमत 44.13 रुपये प्रति किलोग्राम थी। दक्षिण भारत के राज्यों, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक और केरल में चावल की कीमत में प्रति किलोग्राम 10 से 15 फीसदी तक की वृद्धि हुई है। इससे न सिर्फ घरेलू बजट बिगड़ रहा है, बल्कि मासिक राशन का बिल भी बढ़ गया है।


    चेतावनी…50 फीसदी तक महंगा हो सकता है चावल

    प्रोफेसर जयशंकर तेलंगाना कृषि विश्वविद्यालय के एक नीति पत्र ने चेतावनी दी है कि अगर अल-नीनो के कारण चावल उत्पादन में होने वाले नुकसान के साथ देश एहतियातन स्टॉक जमा करने लगे तो वैश्विक बाजार में दाम 30-50 फीसदी तक बढ़ेंगे। वैश्विक अनिश्चितताओं, उर्वरक-ऊर्जा की बढ़ती लागत और एशिया के प्रमुख चावल उत्पादक क्षेत्रों पर अल-नीनो के खतरे ने मिलकर कीमतों में भारी उछाल का जोखिम पैदा कर दिया है।


    क्यों बढ़ रहे हैं दाम?

    – चीनी की कीमतों में तेजी की वजह उत्पादक राज्यों महाराष्ट्र एवं कर्नाटक में पुराने स्टॉक का खत्म होना और इथेनॉल डायवर्जन है।
    – क्षेत्रीय स्तर पर आपूर्ति के इस असंतुलन का फायदा उठाकर सट्टेबाजों ने कीमतें बढ़ा दी हैं। इसका असर आगामी त्योहारी सीजन में मिठाइयों, बेकरी और प्रोसेस्ड फूड इंडस्ट्री पर पड़ेगा।
    – चावल की मूल्य वृद्धि का मुख्य कारण अल-नीनो से जुड़ी गंभीर मौसमी स्थितियां, बारिश की कमी और जमाखोरी है। जमाखोरी से खुले बाजार में आपूर्ति कृत्रिम रूप से कम हो गई है एवं दाम और अधिक बढ़ गए हैं।


    तांबा…वैश्विक बाजार में रिकॉर्ड ऊंचाई पर

    लंदन मेटल एक्सचेंज पर तांबे का तीन महीने का वायदा अनुबंध चढ़कर 13,842 डॉलर प्रति टन की रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया है। वैशि्वक उत्पादन में 20 फीसदी से ज्यादा हिस्सेदारी वाले देश चिली में अचानक बाढ़, शीतकालीन तूफानों और भारी बर्फबारी के कारण प्रमुख खदानों में कामकाज ठप हो गया है। इसके अलावा, डाटा सेंटरों और पावर ग्रिड इन्फ्रा से भारी मांग ने दाम और बढ़ाने का काम किया है। इससे आने वाले दिनों में इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद, वाहन और घरेलू उपकरण महंगे हो सकते हैं।

  • कच्चा तेल 60 डॉलर तक गिरने का अनुमान, पेट्रोल-डीजल के सस्ते होने की उम्मीद, जानें आज के ताजा रेट

    कच्चा तेल 60 डॉलर तक गिरने का अनुमान, पेट्रोल-डीजल के सस्ते होने की उम्मीद, जानें आज के ताजा रेट


    नई दिल्ली। वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बीच पेट्रोल-डीजल की कीमतों को लेकर राहत की उम्मीदें बढ़ी हैं। ऑयल मार्केटिंग कंपनियों इंडियन ऑयल, HPCL और भारत पेट्रोलियम ने 6 जुलाई की सुबह 6 बजे नए रेट जारी किए, जिनमें पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इसी तरह सीएनजी के दाम भी स्थिर बने हुए हैं।

    अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड 0.55% की गिरावट के साथ 71.72 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में कीमतों में और गिरावट संभव है। सिटीग्रुप इंक ने अनुमान जताया है कि साल के अंत तक कच्चा तेल 60 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकता है, जिससे ईंधन की कीमतों में राहत मिल सकती है।

    वैश्विक स्तर पर तेल बाजार में उतार-चढ़ाव के पीछे कई कारण बताए जा रहे हैं। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, ओपेक देशों ने अगले महीने के लिए उत्पादन कोटे में मामूली बढ़ोतरी को मंजूरी दी है। सऊदी अरब और रूस के नेतृत्व में सात देशों ने मिलकर उत्पादन में 1,88,000 बैरल प्रति दिन की वृद्धि पर सहमति जताई है।

    दूसरी ओर, कच्चे तेल की कीमतों में दूसरी तिमाही के दौरान लगभग 30% की गिरावट दर्ज की गई है। बताया जा रहा है कि वॉशिंगटन और तेहरान के बीच एक अंतरिम शांति समझौते के बाद होर्मुज स्ट्रेट से तेल परिवहन फिर से शुरू होने का रास्ता साफ हुआ है, हालांकि स्थिति अभी पूरी तरह सामान्य नहीं हुई है।

    पेट्रोल-डीजल के ताज़ा रेट (6 जुलाई)
    सरकारी पंपों पर ईंधन की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है।
    दिल्ली: पेट्रोल ₹102.12, डीजल ₹95.20
    लखनऊ: पेट्रोल ₹102.05, डीजल ₹99.28
    अयोध्या: पेट्रोल ₹102.04, डीजल ₹99.27
    भोपाल: पेट्रोल ₹114.65, डीजल ₹99.74
    इंदौर: पेट्रोल ₹114.61, डीजल ₹99.70
    कोलकाता: पेट्रोल ₹113.51, डीजल ₹99.82
    पटना: पेट्रोल ₹112.70, डीजल ₹99.87

    CNG के रेट भी स्थिर
    CNG की कीमतों में भी कोई बदलाव नहीं हुआ है। IGL के अनुसार दिल्ली-एनसीआर में CNG ₹83.09 प्रति किलोग्राम पर स्थिर रही। गुरुग्राम में यह ₹88.12, नोएडा और गाजियाबाद में ₹91.70 प्रति किलोग्राम पर बनी हुई है।

    अन्य शहरों में भी रेट लगभग स्थिर रहे—
    मुजफ्फरनगर, मेरठ, शामली: ₹91.58
    रेवाड़ी: ₹87.70
    करनाल: ₹87.43
    कैथल: ₹88.43
    कानपुर, हमीरपुर, फतेहपुर: ₹94.42
    अजमेर, पाली, राजसमंद: ₹92.44
    महोबा, बांदा, चित्रकूट: ₹89.42
    हापुड़: ₹92.70
    ग्रेटर नोएडा: ₹91.70

    विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की गिरावट जारी रहती है, तो आने वाले समय में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में भी कमी देखने को मिल सकती है।

  • टमाटर-प्याज-आलू की कीमतों में भारी इजाफा…. बिगड़ा रसोई का बजट

    टमाटर-प्याज-आलू की कीमतों में भारी इजाफा…. बिगड़ा रसोई का बजट


    नई दिल्ली।
    अगर आपको पिछले कुछ दिनों से सब्जी मंडी (Vegetable Market) में टमाटर, प्याज और आलू पहले से महंगे नजर आ रहे हैं, तो यह सिर्फ आपका भ्रम नहीं है। देशभर में इन तीनों जरूरी सब्जियों की कीमतों (Vegetable prices) में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। इससे एक बार फिर खाने-पीने की चीजों की महंगाई यानी फूड इंफ्लेशन (Food inflation) बढ़ने की आशंका पैदा हो गई है। उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के अनुसार, पिछले एक महीने में टमाटर की औसत खुदरा कीमत में करीब 18 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।

    मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, प्याज लगभग 11 प्रतिशत और आलू करीब 1.3 प्रतिशत महंगा हुआ है। ये तीनों सब्जियां भारतीय रसोई का अहम हिस्सा हैं और उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) में इनका संयुक्त योगदान करीब 1.75 प्रतिशत है। इसलिए इनके दाम बढ़ने का सीधा असर महंगाई के आंकड़ों पर भी पड़ सकता है। अगर पिछले साल की तुलना करें तो टमाटर की कीमत करीब 25 प्रतिशत अधिक हो चुकी है, जबकि प्याज लगभग 3.3 प्रतिशत महंगा है। हालांकि, आलू अभी भी पिछले साल के मुकाबले करीब 17 प्रतिशत सस्ता है, लेकिन हाल के दिनों में इसकी कीमतों में भी तेजी देखने को मिली है।


    50% तक बढ़ीं टमाटर की कीमतें

    एक रिपोर्ट के मुताबिक, सबसे ज्यादा असर टमाटर पर देखने को मिला है। उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में टमाटर की कीमतें 50 प्रतिशत तक बढ़ गई हैं। वहीं राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में टमाटर लगभग दोगुना महंगा हो गया है। इसकी सबसे बड़ी वजह भीषण गर्मी को माना जा रहा है। अत्यधिक तापमान के कारण टमाटर की फसल प्रभावित हुई, जिससे उत्पादन कम हो गया। इसके अलावा गर्म मौसम में लंबी दूरी तक टमाटर की ढुलाई भी मुश्किल हो गई, क्योंकि फल जल्दी पककर खराब होने लगे।

    दिल्ली की आजादपुर मंडी के व्यापारियों के अनुसार, राजस्थान और हरियाणा से आने वाली टमाटर की आवक में काफी कमी आई है। इसका सीधा असर राजधानी समेत उत्तर भारत के कई शहरों में कीमतों पर पड़ा है।


    प्याज की कीमतों में भी तेजी

    प्याज की कीमतों में भी तेजी देखने को मिल रही है। कई राज्यों में प्याज 10 से 20 प्रतिशत तक महंगा हो गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि बेमौसम बारिश के कारण प्याज की गुणवत्ता और भंडारण क्षमता प्रभावित हुई, जिससे बाजार में अच्छी गुणवत्ता वाला प्याज कम पहुंच रहा है।

    एक्सपर्ट बताते हैं कि मानसून के दौरान टमाटर और प्याज की कीमतों में उतार-चढ़ाव सामान्य बात है। लेकिन इस बार एल-नीनो के प्रभाव, भीषण गर्मी और मानसून में देरी ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। अगर आने वाले दिनों में बारिश सामान्य नहीं रही या आपूर्ति में और कमी आई, तो कीमतें और बढ़ सकती हैं।

    महंगाई के बढ़ते दबाव के बीच आम लोगों की रसोई का बजट फिर बिगड़ सकता है। खासकर मध्यम वर्ग और गरीब परिवारों पर इसका सबसे ज्यादा असर पड़ने की आशंका है। अगर टमाटर, प्याज और आलू की कीमतें लंबे समय तक ऊंची बनी रहती हैं, तो आने वाले महीनों में फूड इंफ्लेशन के आंकड़ों में भी तेजी देखने को मिल सकती है। फिलहाल, उपभोक्ताओं की नजर इस बात पर है कि मानसून की रफ्तार और सरकारी कदम इन बढ़ती कीमतों पर कितना असर डाल पाते हैं।

  • कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट जारी…. 70 डॉलर पर आए दाम, जानें पेट्रोल-डीजल के आज के रेट

    कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट जारी…. 70 डॉलर पर आए दाम, जानें पेट्रोल-डीजल के आज के रेट


    नई दिल्ली।
    कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट (Decline Crude Oil Prices) के बीच आज 30 जून को ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (Oil Marketing Companies) ने पेट्रोल-डीजल (Petrol Diesel Rates) के नए रेट जारी कर दी हैं। देश भर में ईंधन की कीमतें स्थिर हैं। दूसरी ओर अमेरिकी WTI क्रूड 0.83 डॉलर सस्ता होकर 70.16 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है। वहीं ब्रेंट क्रूड भी 1 प्रतिशत से अधि टूटकर 72.40 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा है।

    एक अच्छी खबर यह है कि मॉर्गन स्टेनली ने तेल की कीमतों का अनुमान घटा दिया है, क्योंकि होर्मुज स्ट्रेट से तेल की आवाजाही उम्मीद से जल्दी सामान्य हो रही है। वहीं, अमेरिका से मजबूत सप्लाई और चीन की कमजोर मांग के कारण बाजार में सरप्लस का खतरा बढ़ गया है।


    70 डॉलर पर आएगा कच्चा तेल

    ब्लूमबर्ग की खबर के मुताबिक बैंक ने अपने विश्लेषकों मार्टिन रैट्स, शार्लोट फिर्किंस और एमी गोवर के हवाले से सोमवार को जारी एक नोट में कहा कि उसने 2026 की तीसरी तिमाही के लिए ब्रेंट क्रूड के दाम का अनुमान 15 डॉलर घटाकर 75 डॉलर प्रति बैरल कर दिया है।

    उम्मीद है कि अगले साल की तीसरी तिमाही तक कीमतें और गिरकर 70 डॉलर पर आ जाएंगी। उन्होंने कहा, “होर्मुज के रास्ते निर्यात उम्मीद से तेजी से सुधर रहा है।” हालांकि, सप्ताहांत में संघर्ष बढ़ने के बाद इस रणनीतिक जलमार्ग पर यातायात धीमा हो गया था, जिसमें दो जहाजों को नुकसान पहुंचा, लेकिन इस बात के संकेत मिले हैं कि टैंकर होर्मुज से गुजरने को तैयार हैं।


    35 तेल और गैस टैंकर होर्मुज से बाहर निकले

    मॉर्गन स्टेनली ने बताया कि उसने गुरुवार को 35 तेल और गैस टैंकर होर्मुज से बाहर निकले। यह पहली बार है जब यह संख्या फरवरी में संघर्ष शुरू होने से पहले के आम स्तर (30 से 40) पर लौट आई है।

    बैंक के अनुसार, 2027 में तेल बाजार को संतुलित रखने के लिए होर्मुज से आवाजाही को केवल संघर्ष से पहले के स्तर के लगभग 65% (यानी करीब 11 से 12 लाख बैरल प्रतिदिन) तक पहुंचने की जरूरत है।


    126 डॉलर के ऊपर पहुंच गया था कच्चा तेल

    बता दें अप्रैल में ब्रेंट फ्यूचर्स 126 डॉलर के शिखर से ऊपर चले गए थे, लेकिन अब उनकी सारी बढ़त खत्म हो गई है क्योंकि ईरान और अमेरिका के बीच चार महीने के युद्ध को स्थायी रूप से खत्म करने के लिए बातचीत जारी है। सोमवार को सबसे सक्रिय सितंबर कांट्रैक्ट 73.91 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ।


    आज क्या हैं पेट्रोल-डीजल के रेट?

    – अयोध्या: पेट्रोल 102.4 और डीजल 97.87 रुपये लीटर
    – लखनऊ: पेट्रोल 102.05 रुपये और डीजल 99.28 रुपये लीटर
    – पटना: पेट्रोल 112.70 रुपये और डीजल 99.87 रुपये लीटर
    – दिल्ली: पेट्रोल 102.12 और डीजल 95.20 रुपये लीटर
    – कोलकाता: पेट्रोल 113.51 रुपये और डीजल 99.82 रुपये लीटर
    – चेन्नई: पेट्रोल 107.77 रुपये और डीजल 99.55 रुपये लीटर
    – मुंबई: पेट्रोल 111.21 और डीजल 97.83 रुपये लीटर
    – भोपाल: पेट्रोल 114.65 रुपये और डीजल 99.74 रुपये प्रति लीटर
    – इंदौर: पेट्रोल 114.61 और डीजल की 99.70 रुपये लीटर
    – जयपुर: पेट्रोल 112.66 रुपये और डीजल 97.78 रुपये लीटर

  • कच्चा तेल सस्ता होने के बावजूद भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतें स्थिर, जानें क्यों नहीं मिल रही राहत

    कच्चा तेल सस्ता होने के बावजूद भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतें स्थिर, जानें क्यों नहीं मिल रही राहत


    नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के बावजूद भारत में पेट्रोल और डीजल के दाम फिलहाल स्थिर बने हुए हैं। ब्रेंट क्रूड की कीमत जहां युद्ध के दौरान करीब 126 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई थी, वहीं अब यह घटकर लगभग 73 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई है। इसके बावजूद भारत में ईंधन की कीमतों में कोई बड़ी कटौती देखने को नहीं मिल रही है, जबकि पाकिस्तान, भूटान, म्यांमार और नेपाल जैसे देशों में हाल ही में पेट्रोल-डीजल सस्ता हुआ है।

    पड़ोसी देशों में घटे दाम, भारत में स्थिरता

    रिपोर्ट्स के अनुसार, भूटान में पेट्रोल की कीमत लगभग 109.73 रुपये से घटकर 99.94 रुपये प्रति लीटर हो गई है। पाकिस्तान में पेट्रोल 130.82 रुपये से घटकर 101.91 रुपये प्रति लीटर तक आ गया है। वहीं म्यांमार, चीन, नेपाल और श्रीलंका में भी पेट्रोल की कीमतों में कमी दर्ज की गई है।

    डीजल के मामले में भी यही रुझान देखा गया है। पाकिस्तान और चीन में डीजल के दामों में बड़ी गिरावट आई है, जबकि भारत में औसत डीजल कीमत लगभग 98 रुपये प्रति लीटर के आसपास बनी हुई है।

    भारत में क्यों नहीं घट रहे दाम?

    विशेषज्ञों के अनुसार, भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम तुरंत अंतरराष्ट्रीय कीमतों के अनुसार नहीं बदलते। इसका एक बड़ा कारण यह है कि जब वैश्विक बाजार में कच्चा तेल महंगा हुआ था, तब सरकारी तेल कंपनियों ने लंबे समय तक कीमतों में वृद्धि नहीं की थी। इस दौरान कंपनियों को भारी नुकसान हुआ, जिसका अनुमान लगभग एक लाख करोड़ रुपये तक लगाया जा रहा है।

    अब जब कच्चे तेल की कीमतें नीचे आई हैं, तो तेल कंपनियां पहले अपने पुराने घाटे की भरपाई कर रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इस प्रक्रिया में दो से तीन महीने का समय लग सकता है, जिसके बाद ही कीमतों में कटौती की संभावना बन सकती है।

    सरकारी नीति और टैक्स का असर

    जानकारों के मुताबिक, कीमतें स्थिर रहने की एक वजह सरकार की कर नीति भी है। चुनावी अवधि के दौरान केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में प्रति लीटर 10 रुपये की कटौती की थी, जिससे आम उपभोक्ताओं को कुछ राहत मिली थी।

    हालांकि, इससे सरकार के राजस्व पर भी असर पड़ा और अनुमान के मुताबिक करीब एक लाख करोड़ रुपये तक की आय में कमी आई। इसी कारण फिलहाल कीमतों में बड़ी कटौती की संभावना सीमित मानी जा रही है।

    तुरंत राहत की उम्मीद कम

    विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक तेल कंपनियों का पिछला नुकसान पूरी तरह से कवर नहीं हो जाता और वैश्विक बाजार में कीमतें स्थिर नहीं रहतीं, तब तक पेट्रोल-डीजल के दामों में बड़ी गिरावट की संभावना कम है। ऐसे में आम उपभोक्ताओं को फिलहाल कीमतों में राहत के लिए इंतजार करना पड़ सकता है।

  • युद्ध खत्म होते ही कच्चा तेल धड़ाम….. 78 डॉलर के करीब आए दाम, जानिए आज के फ्यूल रेट!

    युद्ध खत्म होते ही कच्चा तेल धड़ाम….. 78 डॉलर के करीब आए दाम, जानिए आज के फ्यूल रेट!


    नई दिल्ली।
    ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध (Iran-US War) खत्म हो चुका है। इस खबर के बाद कच्चे तेल के दाम (Crude oil Prices) धड़ाम हो गए हैं। ब्रेंट क्रूड के भाव 1.53 प्रतिशत लुढ़क कर 78.33 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है। इस बीच भारत (India) की सरकारी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने पेट्रोल-डीजल के नए रेट जारी कर दी हैं। भारत की राजधानी नई दिल्ली में पेट्रोल करीब ₹102.12 प्रति लीटर और डीजल ₹95.20 प्रति लीटर बिक रहा है। आज फ्यूल के रेट में कोई बदलाव नहीं हुआ है।


    पड़ोसी देशों में कम हो गए पेट्रोल के रेट

    ग्लोबल पेट्रोल प्राइस के आंकड़ों के मुताबिक पाकिस्तान में पेट्रोल की औसत कीमत 130.82 रुपये लीटर से घटकर 126.84 रुपये पर आ गई है। चीन में भी पेट्रोल सस्ता हुआ है। अब यहां पेट्रोल की कीमत 132.81 रुपये से घटकर 125.36 रुपये लीटर पर आ गया है। नेपाल में पेट्रोल भी पेट्रोल की कीमत 136.41 रुपये से 135.47 रुपये लीटर पर आ गई है।

    बांग्लादेश में पेट्रोल की कीमत 112.68 रुपये से कम होकर 111.51 रुपये पर आ गई है। जबकि, भूटान में आज पेट्रोल 109.73 रुपये पर स्थिर है। श्रीलंका में पेट्रोल के दाम 142.00 रुपये से घटकर 139.58 रुपये पर पहुंच गया है। म्यांमार में पेट्रोल 140.20 रुपये से घटकर अब 118.37 रुपये लीटर पर आ गया है।


    भारत के अन्य शहरों में पेट्रोल-डीजल के रेट

    राजधानी जयपुर में पेट्रोल 112.66 रुपये और डीजल 97.78 रुपये लीटर है। पटना में 1 लीटर पेट्रोल का दाम 112.70 रुपये और डीजल का दाम 99.87 रुपये है। लखनऊ में 1 लीटर पेट्रोल की कीमत आज 102.05 रुपये और डीजल 99.28 रुपये लीटर है। अयोध्या में पेट्रोल 102.4 और डीजल 97.87 रुपये लीटर है।

    इंदौर में आज एक लीटर पेट्रोल की कीमत 114.61 और डीजल की 99.70 रुपये है। भोपाल में 1 लीटर पेट्रोल की कीमत 114.65 रुपये और डीजल की 99.74 पर है। रायपुर पेट्रोल 107.96 और डीजल 101.17 रुपये लीटर है। बीजापुर में पेट्रोल 109.69 रुपये और डीजल 102.99 रुपये है।


    युद्ध खत्म होने के डील पर साइन

    राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को ईरान के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए। इस समझौते के तहत तेहरान को अपने एनरिच्ड यूरेनियम के भंडार को कम करना होगा और बदले में उस पर लगे अमेरिकी प्रतिबंध हटा लिए जाएंगे, जिससे ईरान तुरंत अपना तेल खुलकर बेच सकेगा।

    एपी के मुताबिक ट्रंप ने बुधवार को वर्साय में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ डिनर के दौरान एक फिजिकल कॉपी पर साइन किए। वर्साय वही महल है, जहां सदियों से कई ऐतिहासिक समझौतों पर साइन किए गए हैं, जिनसे युद्ध या जमीन से जुड़े विवाद खत्म हुए हैं।

    व्हाइट हाउस ने शुक्रवार को स्विट्जरलैंड में साइनिंग सेरेमनी की योजना बनाई थी, लेकिन अब इसका भविष्य अनिश्चित है, क्योंकि अमेरिका, ईरान और पाकिस्तान से अलग-अलग जानकारी मिल रही है।

  • IEA की चेतावनी…. वैश्विक तेल भंडार में रिकॉर्ड गिरावट, कीमतों में आ सकता है भारी उछाल

    IEA की चेतावनी…. वैश्विक तेल भंडार में रिकॉर्ड गिरावट, कीमतों में आ सकता है भारी उछाल


    वाशिंगटन।
    मिडिल ईस्ट (Middle East) में जारी तनाव और होर्मुज संकट (Hormuz Crisis.) के बीच अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (International Energy Agency.- IEA) ने बुधवार को गंभीर चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि प्रमुख समुद्री मार्गों में एक होर्मुज के 10 सप्ताह से अधिक समय से प्रभावी रूप से अवरुद्ध रहने के कारण वैश्विक तेल भंडार में रिकॉर्ड गिरावट दर्ज की जा रही है।

    एजेंसी ने अनुमान लगाया है कि 2026 तक वैश्विक तेल आपूर्ति में 39 लाख बैरल प्रतिदिन की भारी कमी आ सकती है। आईईए ने कहा कि रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण होर्मुज स्ट्रेट के लंबे समय तक बंद रहने से विश्व के तेल भंडार ‘अभूतपूर्व’ और ‘रिकॉर्ड’ गति से समाप्त हो रहे हैं। खाड़ी क्षेत्र से कच्चे तेल और गैस की आपूर्ति ठप्प होने के कारण वैश्विक ऊर्जा परिदृश्य में बड़ा बदलाव आ रहा है, जो भविष्य में तेल कीमतों में भारी उछाल और जेट ईंधन की कमी का कारण बन सकता है।

    एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, लगातार अस्थिरता के चलते 2026 तक वैश्विक तेल आपूर्ति में 3.9 मिलियन बैरल प्रतिदिन (BPD) की कमी आने की आशंका है। हालांकि आर्थिक मंदी के कारण मांग में कुछ कमी आने की उम्मीद है, लेकिन आईईए ने स्पष्ट किया कि मांग में गिरावट आपूर्ति की भारी कमी को पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं होगी। अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के कारण उत्पन्न इस आपूर्ति संकट से निपटने के लिए विभिन्न देशों ने अपने वाणिज्यिक और रणनीतिक पेट्रोलियम भंडारों का आक्रामक दोहन शुरू कर दिया है। रिपोर्ट में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। आकंड़ों के अनुसार, मार्च में 129 मिलियन बैरल की कमी के बाद अप्रैल में अकेले 117 मिलियन बैरल का रिकॉर्ड नुकसान हुआ है।

    वहीं, स्थिति को नियंत्रित करने के लिए आईईए के सदस्य देशों ने आपातकालीन भंडार से 400 मिलियन बैरल तेल जारी करने की योजना बनाई है, जिसमें से लगभग 164 मिलियन बैरल पहले ही बाजार में पहुंच चुका है। हालांकि एजेंसी ने माना कि स्थिति अभी भी बेहद नाजुक बनी हुई है। उच्च कीमतें, बिगड़ता आर्थिक माहौल और मांग घटाने के उपाय वैश्विक तेल खपत पर अतिरिक्त दबाव डाल रहे हैं।

    गौरतलब है कि होर्मुज मार्ग के बंद रहने से वैश्विक ऊर्जा क्षेत्र एक संकट के मोड़ पर पहुंच गया है, ठीक उसी समय जब गर्मियों का पीक ट्रैवल सीजन शुरू हो रहा है। एयरलाइंस पहले ही जेट ईंधन की संभावित कमी को लेकर चिंतित हैं। आईईए ने चेतावनी दी है कि यह संकट जितना लंबा चलेगा, वैश्विक ऊर्जा और वित्तीय बाजारों में उतनी ही अधिक अस्थिरता फैलेगी।

  • पेट्रोल-डीजल की कीमतों में आज भी कोई बदलाव नहीं…. 5 रुपये तक की बढ़ोतरी के आसार

    पेट्रोल-डीजल की कीमतों में आज भी कोई बदलाव नहीं…. 5 रुपये तक की बढ़ोतरी के आसार


    नई दिल्ली।
    आज एक बार फिर से पेट्रोल और डीजल की कीमतों (Petrol Diesel Price) में ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (Oil Marketing Companies) ने कोई बढ़ोतरी नहीं की है। 2022 से ही सरकारी तेल कंपनियों ने कीमतों को स्थिर रखा है। लेकिन मौजूदा परिस्थितियों की वजह से आने वाले दिनों में कीमतों में इजाफा हो सकता है। सरकार से जुड़े सूत्रों के अनुसार पेट्रोल और डीजल के रेट (Petrol Diesel Price) को 4 से 5 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ाया जा सकता है। इस पर आने वाले कुछ दिनों में फैसला हो जाएगा।


    1 अप्रैल को इंडियन ऑयल ने बढ़ाया था प्रीमियम पेट्रोल का रेट

    इंडियन ऑयल ने 1 अप्रैल को प्रीमियम पेट्रोल का रेट 11 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ा दिया था। जिसके बाद प्रीमियम पेट्रोल का रेट 149 रुपये से बढ़कर 160 रुपये के स्तर पर पहुंच गया। वहीं, प्रीमियम डीजल का रेट 91.49 रुपये से बढ़कर 92.99 रुपये प्रति लीटर के स्तर पर पहुंच गया है।

    आपके शहर में पेट्रोल का क्या है रेट? (Petrol Price in Your City)

    नई दिल्ली – 94.72 रुपये
    मुंबई – 104.21 रुपये
    कोलकाता – 103.94 रुपये
    चेन्नई – 100.75 रुपये
    अहमदाबाद – 94.49 रुपये
    बेंगलुरू – 102.92 रुपये
    हैदराबाद – 107.46 रुपये
    जयपुर – 104.72 रुपये
    लखनऊ – 94.69 रुपये
    पुणे – 104.04 रुपये
    चंडीगढ़ – 94.30 रुपये
    इंदौर – 106.48 रुपये
    पटना – 105.58 रुपये
    सूरत – 95 रुपये
    नासिक – 95.50 रुपये


    डीजल का रेट (Diesel Price in Your city)

    नई दिल्ली – 87.62 रुपये
    मुंबई – 92.15 रुपये
    कोलकाता – 90.76 रुपये
    चेन्नई – 92.34 रुपये
    अहमदाबाद – 90.17 रुपये
    बेंगलुरू – 95.70 रुपये
    जयपुर – 90.21 रुपये
    पुणे – 90.57 रुपये
    चंडीगढ़ – 82.45 रुपये
    इंदौर – 91.88 रुपये
    पटना – 93.80 रुपये
    सूरत – 89 रुपये
    नासिक – 89.50 रुपये


    प्राइवेट कंपनियों ने किया है पेट्रोल और डीजल के रेट में इजाफा

    1 अप्रैल को ही शेल इंडिया ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में इजाफा किया था। तब कंपनी ने 7.41 रुपये प्रति लीटर पेट्रोल और 25.01 रुपये प्रति लीटर डीजल का इजाफा किया था। इससे पहले मार्च के महीने में नायरा एनर्जी ने पेट्रोल का रेट 5 रुपये और डीजल का रेट 3 रुपये प्रति लीटर बढ़ाया था। इन कंपनियों ने भी इसके बाद कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं की थी।

    मौजूदा परिस्थितियों में कच्चे तेल का रेट सातवें आसमान पर है। यह लगातार 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर ट्रेड कर रहा है। जिसकी वजह से कंपनियों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है।

  • कच्चे तेल के दाम आसमान पर… फिर भी भारत में अब तक नहीं बढ़ी पेट्रोल-डीजल की कीमत

    कच्चे तेल के दाम आसमान पर… फिर भी भारत में अब तक नहीं बढ़ी पेट्रोल-डीजल की कीमत


    नई दिल्ली।
    इंटरनेशनल मार्केट (International Market) में कच्चे तेल (Crude oil) के दाम आसमान छू रहे हैं, लेकिन सरकारी तेल कंपनियों (Government Oil Companies) ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों (Petrol Diesel Price) में पिछले 4 साल से कोई बढ़ोतरी नहीं की है। हालांकि, बीते महीने शेल इंडिया और नायरा एनर्जी ने पेट्रोल और डीजल के रेट (Petrol Diesel Price) में इजाफा कर दिया था। शेल इंडिया ने पेट्रोल की कीमतों में 7.41 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमतों में 25.01 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है। कंपनी ने 1 अप्रैल को रेट बढ़ाया था। उसके बाद से इस कंपनी ने भी कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं की है। बता दें, इंडियन ऑयल के पेट्रोल पंप पर आज दिल्ली में डीजल 87.67 रुपये और पेट्रोल 101.89 रुपये प्रति लीटर की दर से बिक रहा है।


    नायरा एनर्जी ने भी कीमतों में किया है इजाफा (Petrol Price Today)

    26 मार्च को नायरा एनर्जी ने पेट्रोल और डीजल के रेट में बढ़ोतरी कर दी थी। कंपनी ने तब पेट्रोल की कीमतों में 5 रुपये और डीजल की कीमतों में 3 रुपये प्रति लीटर का इजाफा किया था। मौजूदा समय में नायरा के पेट्रोल पंप पर 100.72 रुपये में पेट्रोल और डीजल 91.31 रुपये प्रति लीटर के हिसाब से बिक रहा है।


    प्रीमियम पेट्रोल का रेट 160 रुपये पहुंचा (Petrol Diesel rate today)

    कंपनियों ने प्रीमियम पेट्रोल का रेट 149 रुपये से बढ़ाकर 160 रुपये प्रति लीटर कर दिया है। वहीं, प्रीमियम डीजल का रेट 91.49 रुपये से बढ़ाकर 92.99 रुपये प्रति लीटर कर दिया है।


    HP, IOCL, BPCL के पंप पर क्या है पेट्रोल का रेट? (Petrol price in your city)

    नई दिल्ली – 94.77 रुपये
    कोलकाता – 105.41 रुपये
    मुंबई – 103.54 रुपये
    चेन्नई – 101.06 रुपये
    गुरुग्राम – 95.30 रुपये
    नोएडा – 94.77 रुपये
    बेंगलुरू – 103.96 रुपये
    भुवनेश्वर – 101.03 रुपये
    चंडीगढ़ – 94.30 रुपये
    हैदराबाद – 107.46 रुपये
    जयपुर – 105.03 रुपये
    लखनऊ – 94.73 रुपये
    भोपाल- 106.40 रुपये
    इंदौर – 106.48 रुपये


    आपके शहर में डीजल का क्या है रेट? (Diesel price in your city)

    नई दिल्ली – 87.67 रुपये
    कोलकाता – 92.02 रुपये
    मुंबई – 90.03 रुपये
    गुरुग्राम – 87.77 रुपये
    नोएडा – 87.89 रुपये
    बेंगलुरू – 90.99 रुपये
    भुवनेश्वर – 92.60 रुपये
    चंडीगढ़ – 82.45 रुपये
    हैदराबाद – 95.70 रुपये
    जयपुर – 90.49 रुपये
    लखनऊ – 87.86 रुपये
    भोपाल- 91.8 रुपये
    इंदौर- 91.9 रुपये


    कच्चे तेल की कीमतों में तूफानी तेजी (crude oil price in your city)

    युद्ध की वजह से क्रूड ऑयल का रेट लगातार बढ़ रहा है। जिसकी वजह से तेल कंपनियों पर काफी दबाव है। मौजूदा समय में इंटरनेशनल मार्केट में क्रूड ऑयल का रेट 100 डॉलर के पार बरकरार है।

    क्या सरकारी तेल कंपनियां भी बढ़ाएंगी रेट
    आने वाले समय में सरकारी तेल कंपनियां भी पेट्रोल और डीजल का रेट बढ़ा सकती हैं।