Tag: prices

  • सोना फिर रिकॉर्ड स्तर की ओर बढ़ा, चांदी में भी जोरदार तेजी, वैश्विक घटनाक्रमों से बाजार पर असर

    सोना फिर रिकॉर्ड स्तर की ओर बढ़ा, चांदी में भी जोरदार तेजी, वैश्विक घटनाक्रमों से बाजार पर असर


    नई दिल्ली । सोने और चांदी की कीमतों में अगस्त के दौरान एक बार फिर तेज तेजी देखने को मिली है। महीने के शुरुआती दौर में अपेक्षाकृत नरम रहने के बाद दोनों कीमती धातुओं ने तेजी पकड़ी और पिछले करीब 20 दिनों में सोने का भाव लगभग 10 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम तथा चांदी का भाव करीब 32 हजार रुपये प्रति किलोग्राम बढ़ गया है। इस तेजी ने निवेशकों की नजर एक बार फिर सर्राफा बाजार पर केंद्रित कर दी है।

    इस साल की शुरुआत में भी सोने और चांदी ने रिकॉर्ड स्तर बनाया था। 29 जनवरी को सोने की कीमत करीब 1.76 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गई थी, जबकि चांदी का भाव करीब 3.86 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर रहा था। इसके बाद फरवरी से जुलाई के बीच वैश्विक बाजार की परिस्थितियों और अमेरिकी मौद्रिक नीति से जुड़े फैसलों के कारण दोनों धातुओं की कीमतों में गिरावट आई।

    जुलाई के अंत तक सोने का भाव घटकर करीब 1.42 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर आ गया था। हालांकि अगस्त में बाजार की दिशा फिर बदल गई। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़े तनाव तथा डॉलर इंडेक्स में आई कमजोरी को सोने और चांदी की हालिया तेजी से जोड़कर देखा जा रहा है। अनिश्चितता बढ़ने पर निवेशकों का रुझान अक्सर सुरक्षित निवेश माने जाने वाली कीमती धातुओं की ओर बढ़ता है।

    रविवार को भारतीय बुलियन बाजार में कारोबार बंद रहता है। इसलिए 23 अगस्त को सोने के भाव शुक्रवार के बंद स्तर के आधार पर रहे। प्रमुख शहरों में 24 कैरेट सोने की कीमत मुंबई, चेन्नई, कोलकाता, बेंगलुरु और हैदराबाद में करीब 1,63,090 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई। दिल्ली में इसका भाव करीब 1,63,240 रुपये और अहमदाबाद में करीब 1,63,140 रुपये प्रति 10 ग्राम रहा।

    22 कैरेट सोने की कीमत भी ऊंचे स्तर पर बनी हुई है। कई बड़े शहरों में इसका भाव करीब 1,49,500 रुपये प्रति 10 ग्राम रहा। दिल्ली में 22 कैरेट सोने की कीमत लगभग 1,49,650 रुपये और अहमदाबाद में करीब 1,49,550 रुपये प्रति 10 ग्राम बताई गई।

    चांदी की बात करें तो इसकी कीमत भी अगस्त में काफी मजबूत हुई है। मौजूदा स्तर करीब 2.60 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास है। शहर, गुणवत्ता और स्थानीय बाजार की स्थिति के आधार पर वास्तविक खुदरा कीमत में मामूली अंतर हो सकता है।

    साल 2026 की शुरुआत से भी सोने और चांदी ने निवेशकों को अच्छा रिटर्न दिया है। 31 दिसंबर 2025 को 24 कैरेट सोने की कीमत करीब 1,33,195 रुपये प्रति 10 ग्राम थी, जो अब औसतन करीब 1,60,620 रुपये तक पहुंच चुकी है। यानी साल की शुरुआत से इसमें लगभग 27,425 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। इसी अवधि में चांदी 2,30,420 रुपये से बढ़कर करीब 2,46,630 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है।

    आगे की दिशा वैश्विक तनाव, डॉलर की चाल, ब्याज दरों और केंद्रीय बैंकों की खरीदारी जैसे कारकों पर निर्भर करेगी। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि भू-राजनीतिक तनाव बना रहता है और केंद्रीय बैंक सोने की खरीद जारी रखते हैं, तो साल के अंत तक कीमतों में और तेजी की संभावना बनी रह सकती है। हालांकि कीमती धातुओं में निवेश से पहले बाजार के उतार-चढ़ाव और जोखिम को ध्यान में रखना जरूरी है।

  • देशभर में चीनी के दाम में तेज उछाल, उत्तर प्रदेश से महानगरों तक महंगी हुई रोजमर्रा की जरूरत

    देशभर में चीनी के दाम में तेज उछाल, उत्तर प्रदेश से महानगरों तक महंगी हुई रोजमर्रा की जरूरत

    नई दिल्ली ।देशभर में चीनी की कीमतों में लगातार तेजी देखने को मिल रही है। त्योहारों और शादियों के सीजन से पहले रोजमर्रा की इस जरूरी वस्तु के महंगे होने से घरेलू बजट पर दबाव बढ़ने की आशंका है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, पिछले एक साल में करीब 18 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में चीनी के दाम में 10 से 18 रुपये प्रति किलो तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

    चीनी की कीमतों में सबसे अधिक वृद्धि ओडिशा में दर्ज की गई है। 21 अगस्त को यहां चीनी का भाव 64.72 रुपये प्रति किलोग्राम रहा, जो पिछले साल की समान अवधि की तुलना में करीब 17.80 रुपये अधिक है। इसके बाद मध्य प्रदेश और पंजाब जैसे राज्यों में भी कीमतों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।

    देश में चीनी की औसत कीमत फिलहाल करीब 58.23 रुपये प्रति किलोग्राम बताई जा रही है। हालांकि कई राज्यों में खुदरा बाजार का भाव राष्ट्रीय औसत से काफी ऊपर है। असम, दिल्ली, गोवा, केरल, मध्य प्रदेश, मेघालय, पंजाब, त्रिपुरा और पश्चिम बंगाल समेत कई इलाकों में चीनी की कीमत 65 रुपये प्रति किलो या उससे अधिक के स्तर तक पहुंच गई है।

    मध्य प्रदेश में भी चीनी के दाम में तेज बढ़ोतरी देखने को मिली है। पिछले महीने की समान तारीख की तुलना में राज्य में कीमत करीब 15.70 रुपये प्रति किलोग्राम बढ़ी है। पंजाब में भी लगभग 14.67 रुपये प्रति किलो की वृद्धि दर्ज की गई है। इन बढ़ती कीमतों का असर घरों के साथ-साथ मिठाई, बेकरी और अन्य खाद्य कारोबारों पर भी पड़ सकता है।

    उत्तर प्रदेश में स्थिति विशेष रूप से चर्चा में है। यहां चीनी मिलों से निकलने वाली चीनी का थोक भाव 5,400 से 5,800 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गया है। थोक बाजार में तेजी का सीधा असर खुदरा कीमतों पर दिखाई दे रहा है और कई स्थानों पर उपभोक्ताओं को चीनी के लिए 65 से 68 रुपये प्रति किलो तक खर्च करना पड़ रहा है।

    दिल्ली, मुंबई और कोलकाता जैसे बड़े शहरों में भी अच्छी गुणवत्ता वाली चीनी की खुदरा कीमत 65 से 70 रुपये प्रति किलो के आसपास पहुंच गई है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, कुछ महानगरों में एक महीने के भीतर ही चीनी के दाम में 15 से 20 रुपये प्रति किलो तक की बढ़ोतरी हुई है।

    बढ़ती कीमतों के पीछे बाजार में आपूर्ति और मांग से जुड़े कई कारक अहम माने जा रहे हैं। त्योहारों के दौरान मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों में चीनी की मांग बढ़ती है। ऐसे में यदि बाजार में उपलब्धता अपेक्षाकृत सीमित रहती है तो कीमतों पर दबाव और बढ़ सकता है।

    सरकार भी चीनी बाजार की स्थिति पर नजर बनाए हुए है और कीमतों को नियंत्रित रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। हालांकि खुदरा बाजार में अलग-अलग शहरों और गुणवत्ता के आधार पर वास्तविक कीमत में अंतर हो सकता है।

    वर्तमान स्थिति में दिल्ली में चीनी का खुदरा भाव करीब 60 से 63 रुपये किलो, मुंबई में 65 से 70 रुपये, कोलकाता में 64 से 70 रुपये, पंजाब और ओडिशा में 64 से 65 रुपये, लखनऊ में 65 से 68 रुपये तथा पटना में 65 से 68 रुपये किलो के आसपास बताया गया है। आने वाले दिनों में त्योहारों की मांग और बाजार की आपूर्ति के आधार पर कीमतों में आगे बदलाव देखने को मिल सकता है।

  • Gold Price: सोना 8,257 रुपए महंगा होकर 1.60 लाख के पार, चांदी भी 2.46 लाख रुपए के स्तर पर पहुंची

    Gold Price: सोना 8,257 रुपए महंगा होकर 1.60 लाख के पार, चांदी भी 2.46 लाख रुपए के स्तर पर पहुंची

    नई दिल्ली ।देश के सर्राफा बाजार में इस सप्ताह सोने और चांदी की कीमतों में उल्लेखनीय तेजी दर्ज की गई। दोनों कीमती धातुओं के भाव में लगातार मजबूती देखने को मिली, जिसके चलते 24 कैरेट सोने की कीमत 1.60 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के स्तर को पार कर गई। वहीं, चांदी का भाव भी 2.46 लाख रुपए प्रति किलोग्राम से ऊपर पहुंच गया।

    इंडिया बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन के आंकड़ों के अनुसार, 24 कैरेट सोने का भाव इस सप्ताह 8,257 रुपए बढ़कर 1,60,620 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गया। इससे पहले इसका भाव 1,52,363 रुपए प्रति 10 ग्राम था। इस तरह सप्ताह के दौरान सोने में मजबूत बढ़त दर्ज की गई और निवेशकों का ध्यान एक बार फिर कीमती धातुओं की ओर बढ़ा।

    22 कैरेट सोने की कीमत भी सप्ताह के दौरान तेजी के साथ बढ़ी। इसका भाव 1,39,565 रुपए प्रति 10 ग्राम से बढ़कर 1,47,128 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गया। इसी तरह 18 कैरेट सोने की कीमत 1,14,272 रुपए से बढ़कर 1,20,465 रुपए प्रति 10 ग्राम पहुंच गई। इससे अलग-अलग शुद्धता वाले सोने के भाव में व्यापक तेजी का संकेत मिलता है।

    सप्ताह के दौरान सोने की कीमत में उतार-चढ़ाव भी देखने को मिला। 19 अगस्त की सुबह के सत्र में 24 कैरेट सोने का न्यूनतम भाव 1,52,884 रुपए प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया। इसके बाद कीमत में लगातार मजबूती आई और 21 अगस्त की शाम के सत्र में यह बढ़कर 1,60,620 रुपए प्रति 10 ग्राम के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया।

    सोने की तेजी के साथ चांदी ने भी मजबूत प्रदर्शन किया। चांदी का भाव इस सप्ताह 12,788 रुपए बढ़कर 2,46,630 रुपए प्रति किलो हो गया। इससे पहले इसकी कीमत 2,33,842 रुपए प्रति किलो थी। सप्ताह के दौरान चांदी का न्यूनतम भाव 19 अगस्त की सुबह 2,27,392 रुपए प्रति किलो दर्ज किया गया था।

    इसके बाद चांदी की कीमत में तेजी तेज हुई और 21 अगस्त की शाम को यह 2,46,630 रुपए प्रति किलो के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई। इस तरह सप्ताह के दौरान चांदी की कीमत में भी बड़ा उछाल देखने को मिला।

    बुलियन बाजार में सोने और चांदी के भाव दिन में दो बार जारी किए जाते हैं। सुबह और शाम के सत्र में कीमतों में होने वाले बदलाव से बाजार की दिशा और मांग की स्थिति का पता चलता है। घरेलू कीमतों पर अंतरराष्ट्रीय बाजार की चाल का भी महत्वपूर्ण प्रभाव रहता है।

    अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने और चांदी की कीमतें मजबूत बनी हुई हैं। सोने का भाव करीब 4,600 डॉलर प्रति औंस और चांदी का भाव लगभग 69 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गया है। वैश्विक बाजार में मजबूती का असर घरेलू कीमतों पर भी दिखाई दे रहा है।

    बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, सोने और चांदी में तेजी के पीछे बॉन्ड यील्ड में गिरावट और सुरक्षित निवेश की मांग में बढ़ोतरी प्रमुख कारण हैं। वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों को लेकर अनिश्चितता के बीच निवेशक सुरक्षित परिसंपत्तियों की ओर रुख कर रहे हैं। इससे कीमती धातुओं में खरीदारी को समर्थन मिल रहा है और दोनों धातुओं की कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं।

  • 24 कैरेट सोना 1.62 लाख और चांदी 2.45 लाख रुपये पहुंची, निवेशकों के सामने खरीदारी या इंतजार का सवाल

    24 कैरेट सोना 1.62 लाख और चांदी 2.45 लाख रुपये पहुंची, निवेशकों के सामने खरीदारी या इंतजार का सवाल

    नई दिल्ली ।सर्राफा बाजार में 21 अगस्त 2026 को सोने और चांदी की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिला। घरेलू बाजार में 24 कैरेट शुद्ध सोने का भाव एक दिन में करीब 4300 रुपये बढ़कर 1 लाख 62 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम पहुंच गया। वहीं चांदी की कीमत में भी 10 हजार रुपये प्रति किलोग्राम की बड़ी तेजी दर्ज की गई और इसका भाव 2 लाख 45 हजार रुपये प्रति किलोग्राम हो गया।

    सोने के भाव में यह तेजी ऐसे समय आई है, जब कीमती धातुओं के बाजार पर अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों का असर लगातार बना हुआ है। 20 अगस्त को 24 कैरेट सोना करीब 1 लाख 58 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर था। अगले कारोबारी दिन इसमें अचानक 4300 रुपये की बढ़ोतरी हुई। मौजूदा स्तर पिछले करीब तीन महीनों में सोने के सबसे ऊंचे भावों में शामिल है।

    इससे पहले 26 मई को सोना लगभग इसी स्तर पर पहुंचा था। उस समय 24 कैरेट सोने का भाव करीब 1 लाख 62 हजार 400 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया था। ऐसे में मौजूदा तेजी ने एक बार फिर निवेशकों और आभूषण खरीदारों का ध्यान सोने की कीमतों की ओर खींचा है।

    चांदी के बाजार में भी तेज हलचल देखने को मिली। 20 अगस्त को चांदी करीब 2 लाख 35 हजार रुपये प्रति किलोग्राम पर थी, जो 21 अगस्त को 10 हजार रुपये बढ़कर 2 लाख 45 हजार रुपये प्रति किलोग्राम हो गई। इस स्तर पर चांदी करीब सात सप्ताह के उच्चतम भाव पर पहुंच गई है। इससे पहले 3 जुलाई को चांदी ने 2 लाख 45 हजार रुपये प्रति किलोग्राम का स्तर छुआ था।

    कीमती धातुओं में तेजी के पीछे अंतरराष्ट्रीय बाजार की गतिविधियों को महत्वपूर्ण कारण माना जा रहा है। अमेरिकी डॉलर और बॉन्ड यील्ड में कमजोरी ने सोने की मांग को प्रभावित किया है। जब डॉलर और बॉन्ड प्रतिफल में गिरावट आती है, तो निवेशकों के बीच सोने जैसी सुरक्षित संपत्तियों के प्रति आकर्षण बढ़ सकता है। इसका असर अंतरराष्ट्रीय कीमतों के साथ घरेलू बाजार पर भी पड़ता है।

    अमेरिका और ईरान से जुड़े भू-राजनीतिक घटनाक्रमों ने भी वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बढ़ाई है। ईरान को लेकर अमेरिकी प्रतिबंधों की घोषणा के बाद कच्चे तेल की कीमतों में भी तेजी देखी गई। ऐसे माहौल में निवेशक जोखिम वाली परिसंपत्तियों के मुकाबले सुरक्षित निवेश विकल्पों पर अधिक ध्यान दे सकते हैं।

    अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि सोने और चांदी की कीमतों में इतनी तेज बढ़ोतरी के बाद खरीदारी की जाए या कुछ समय इंतजार किया जाए। इसका जवाब खरीदार के उद्देश्य पर निर्भर करता है। अगर जरूरत शादी, पारिवारिक आयोजन या किसी तय अवसर के लिए है, तो पूरी खरीदारी एक साथ करने के बजाय चरणबद्ध तरीके से खरीदना कीमतों के उतार-चढ़ाव के जोखिम को कम कर सकता है।

    वहीं केवल निवेश के उद्देश्य से खरीदारी करने वाले लोगों के लिए एक दिन की तेज तेजी के बाद जल्दबाजी से बचना महत्वपूर्ण हो सकता है। बाजार में अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम, डॉलर की चाल, बॉन्ड यील्ड और भू-राजनीतिक परिस्थितियों के कारण आगे भी उतार-चढ़ाव संभव है। इसलिए खरीदारी से पहले अपनी जरूरत, निवेश अवधि और जोखिम क्षमता को ध्यान में रखना जरूरी है।

    सोने और चांदी की कीमतों में स्थानीय बाजार, शुद्धता, मेकिंग चार्ज, टैक्स और अन्य लागतों के कारण वास्तविक खरीद मूल्य अलग हो सकता है। इसलिए आभूषण खरीदते समय केवल प्रति 10 ग्राम या प्रति किलोग्राम दर देखने के बजाय अंतिम बिल और सभी शुल्कों की जानकारी लेना भी जरूरी है।

  • सरसों तेल की कीमत में भारी उछाल…. 220 रुपये प्रति लीटर के पार पहुंचे दाम

    सरसों तेल की कीमत में भारी उछाल…. 220 रुपये प्रति लीटर के पार पहुंचे दाम


    नई दिल्ली।
    उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में सुल्तानपुर, जौनपुर सहित अन्य आस-पास के जिलों में सरसों का दाम (Mustard price) प्रति क्विंटल 7000 रुपये से 7500 रुपये तक बिक रहा है। किसानों का उम्मीद है कि दाम 8000 रुपये तक भी जाएगा। वहीं, सरसों के तेल (Mustard oil) के फुटकर विक्रेता इस समय 220 रुपये प्रति किलोग्राम के हिसाब से बेच रहे हैं। महज एक महीने के अंदर ही कीमतों में यह तेजी देखने को मिली है।

    केंद्र सरकार (Central Government) के कंज्यूमर डिपार्टमेंट की तरफ से जारी किए गए रेट के अनुसार देशभर में औसतन आज सरसों का तेल 197.25 रुपये में बिक रहा है। एक महीना पहले यह 194.15 रुपये में बिक रहा था। सरकारी आंकड़ों के अनुसार पिछले साल यानी 15 अगस्त 2025 को सरसों के तेल का दाम 188.20 रुपये था। यानी कीमतों में उछाल साफ देखने को मिल रही है।


    देश के प्रमुख शहरों में क्या है सरसों का रेट

    – दिल्ली में 209 रुपये प्रति किलोग्राम
    – मुंबई में 231 रुपये प्रति किलोग्राम
    – चेन्नई में 247 रुपये प्रति किलोग्राम


    मूंगफली, पाम ऑयल की कीमतों में भी लगी आग

    सिर्फ सरसों ही नहीं, पाम ऑयल के दाम भी पिछले साल की तुलना में इस बार काफी बढ़ गया है। 15 अगस्त को पाम ऑयल का रेट 149.57 रुपये है। एक साल पहले दाम 130.24 रुपये था। यानी पिछले साल की तुलना में इस बार कीमतों में 20 रुपये का इजाफा हुआ है। करीब 14% दाम बढ़ा है।

    सूरजमुखी के तेल का दाम पिछले साल की तुलना में इस बार 19 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। बीते साल 15 अगस्त को दाम 159 रुपये था। आज यह 191.16 रुपये के स्तर पर है। मूंगफली की बात करें तो यहां भी कीमतों में तेज इजाफा देखने को मिल रहा है। इसका लेटेस्ट रेट 205.39 रुपये है। पिछले साल आज के दिन ही 185.62 रुपये दाम था। कीमतों में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।


    दिल्ली में सब्जियों का क्या है रेट

    – आलू का दाम – 23 रुपये प्रति किलोग्राम
    – प्याज का दाम – 45 रुपये प्रति किलोग्राम
    – टमाटर का रेट – 45 रुपये प्रति किलोग्राम

  • घरेलू रसोई गैस की कीमतों में आज कोई बदलाव नहीं, देशभर में उपभोक्ताओं को फिलहाल नहीं मिली बढ़ोतरी से राहत

    घरेलू रसोई गैस की कीमतों में आज कोई बदलाव नहीं, देशभर में उपभोक्ताओं को फिलहाल नहीं मिली बढ़ोतरी से राहत


    नई दिल्ली ।
    देशभर में रसोई गैस सिलेंडर इस्तेमाल करने वाले उपभोक्ताओं के लिए 14 अगस्त को राहत की खबर है। सरकारी तेल कंपनियों ने आज घरेलू LPG सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है। 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू सिलेंडर के साथ 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल सिलेंडर के दाम भी आज स्थिर रखे गए हैं। ऐसे में दिल्ली से पटना और मुंबई से हैदराबाद तक ग्राहकों को आज सिलेंडर के लिए वही कीमत चुकानी होगी जो पहले लागू थी।

    दिल्ली में 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत 942 रुपये है। वहीं 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल सिलेंडर का भाव 2,738 रुपये पर बना हुआ है। मुंबई में घरेलू सिलेंडर 941.50 रुपये और कमर्शियल सिलेंडर 2,691.50 रुपये में उपलब्ध है। नोएडा में घरेलू LPG की कीमत 939.50 रुपये, जबकि कमर्शियल सिलेंडर का भाव 2,738 रुपये है।

    जयपुर में घरेलू LPG सिलेंडर के लिए 945.50 रुपये देने होंगे। यहां 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमत 2,765.50 रुपये है। हैदराबाद में घरेलू सिलेंडर का भाव 994 रुपये और कमर्शियल सिलेंडर 2,985 रुपये है। वहीं पटना में घरेलू LPG सिलेंडर 1,031.50 रुपये और कमर्शियल सिलेंडर 3,018 रुपये में मिल रहा है।

    चंडीगढ़ में 14.2 किलोग्राम घरेलू सिलेंडर की कीमत 951.50 रुपये है, जबकि 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल सिलेंडर का भाव 2,760 रुपये है। कोलकाता में घरेलू LPG सिलेंडर 968 रुपये और कमर्शियल सिलेंडर 2,872.50 रुपये में उपलब्ध है। अलग-अलग शहरों में कीमतों में अंतर स्थानीय करों और अन्य लागतों के कारण देखने को मिलता है।

    महीने की शुरुआत में कमर्शियल LPG सिलेंडर के दाम में 192 रुपये की बड़ी कटौती की गई थी। इसके बाद 14 अगस्त को कीमतों में किसी तरह का बदलाव नहीं किया गया है। घरेलू LPG की कीमतों को स्थिर रखने से आम परिवारों के मासिक रसोई खर्च पर फिलहाल अतिरिक्त दबाव नहीं पड़ा है।

    वैश्विक स्तर पर ऊर्जा बाजार में अनिश्चितता के बीच भारत LPG की आपूर्ति को लेकर भी अपनी रणनीति मजबूत करने की कोशिश कर रहा है। पश्चिम एशिया में जारी तनाव और अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार की परिस्थितियों को देखते हुए भारत अलग-अलग देशों से LPG आपूर्ति हासिल करने पर जोर दे रहा है। इसका उद्देश्य किसी एक क्षेत्र या आपूर्तिकर्ता पर अत्यधिक निर्भरता कम करना है।

    अमेरिका से LPG आयात भी भारत की रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा बनता जा रहा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार इस वर्ष अगस्त तक अमेरिका से भारत को करीब 3.9 मिलियन टन LPG की आपूर्ति हो चुकी है। भारत 2027 के लिए अमेरिकी LPG की दीर्घकालिक आपूर्ति बढ़ाने की दिशा में भी काम कर रहा है।

    सरकारी तेल कंपनियां संभावित आपूर्तिकर्ताओं और उनके प्रस्तावों का मूल्यांकन कर रही हैं। आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और LPG की कीमतों, आयात लागत तथा वैश्विक परिस्थितियों के आधार पर घरेलू और कमर्शियल गैस की कीमतों में बदलाव हो सकता है। फिलहाल 14 अगस्त को देश के प्रमुख शहरों में LPG सिलेंडर के दाम स्थिर हैं और उपभोक्ताओं को किसी नई बढ़ोतरी का सामना नहीं करना पड़ रहा है।

  • सोने की कीमत में एक दिन में 2800 रुपये की बड़ी गिरावट, 24 कैरेट गोल्ड के भाव में फिर दिखा नरमी का असर

    सोने की कीमत में एक दिन में 2800 रुपये की बड़ी गिरावट, 24 कैरेट गोल्ड के भाव में फिर दिखा नरमी का असर


    नई दिल्ली ।
    सोने और चांदी की कीमतों में पिछले दिनों की तेजी के बाद अब नरमी का दौर देखने को मिल रहा है। दिल्ली के सर्राफा बाजार में 13 अगस्त को सोने के भाव में एक दिन में 2,800 रुपये प्रति 10 ग्राम की बड़ी गिरावट दर्ज की गई। लगातार करीब एक सप्ताह तक तेजी रहने के बाद आई इस गिरावट ने बाजार में खरीदारी करने वाले ग्राहकों का ध्यान खींचा है। चांदी की कीमत में भी गुरुवार को भारी गिरावट दर्ज की गई और इसके भाव में करीब 6,000 रुपये प्रति किलोग्राम की कमी आई।

    गिरावट के बाद दिल्ली में 24 कैरेट सोने का भाव 1,57,000 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया। इससे पहले पिछले कारोबारी सत्र में इसकी कीमत 1,59,800 रुपये प्रति 10 ग्राम थी। इस तरह एक ही दिन में सोने की कीमत में 2,800 रुपये की कमी आई। लगातार बढ़ रहे भाव के बीच यह गिरावट सोना खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

    शुक्रवार को भी सोने की कीमतों में मामूली कमजोरी दिखाई दे रही है। उपलब्ध ताजा भाव के मुताबिक 24 कैरेट सोना 10 रुपये की गिरावट के साथ 1,53,590 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है। इससे पहले इसका भाव 1,53,600 रुपये प्रति 10 ग्राम था। हालांकि एक दिन पहले की बड़ी गिरावट की तुलना में शुक्रवार की कमी काफी मामूली है।

    22 कैरेट सोने की कीमत भी 10 रुपये नीचे आई है। शुक्रवार को 22 कैरेट सोना 1,40,790 रुपये प्रति 10 ग्राम के भाव पर दर्ज किया गया। वहीं 18 कैरेट सोने की कीमत 1,15,190 रुपये प्रति 10 ग्राम है। इसमें भी पिछले कारोबारी भाव की तुलना में 10 रुपये की मामूली गिरावट दर्ज की गई है।

    सोने के साथ चांदी के भाव में भी नरमी बनी हुई है। शुक्रवार को चांदी की कीमत 10 रुपये प्रति किलोग्राम की मामूली गिरावट के साथ 2,54,900 रुपये प्रति किलोग्राम बताई गई है। इससे पिछले कारोबारी सत्र में चांदी 2,55,000 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर थी। यानी एक दिन में मामूली कमी के बावजूद चांदी अब भी काफी ऊंचे भाव पर कारोबार कर रही है।

    वर्तमान भाव के हिसाब से चांदी की कीमत प्रति ग्राम 254.90 रुपये है। वहीं 8 ग्राम चांदी की कीमत 2,039.20 रुपये और 10 ग्राम का भाव 2,549 रुपये है। 100 ग्राम चांदी खरीदने पर इसकी कीमत करीब 25,490 रुपये बैठती है। इन कीमतों में स्थानीय बाजार, टैक्स, मेकिंग चार्ज और अन्य शुल्क के कारण वास्तविक खरीद मूल्य अलग हो सकता है।

    सोने की कीमतों में अचानक आई बड़ी गिरावट के बाद अब बाजार की नजर आगे के कारोबार पर है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की चाल, डॉलर की स्थिति, निवेशकों की मांग और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां घरेलू कीमतों को प्रभावित कर सकती हैं। ऐसे में लगातार तेजी के बाद आई यह नरमी ग्राहकों को कुछ राहत दे सकती है, लेकिन खरीदारी से पहले स्थानीय बाजार का ताजा भाव और लागू शुल्क जरूर जांचना जरूरी है।

  • पेट्रोल-डीजल के दाम कब घटेंगे? हरदीप पुरी ने दिया जवाब, जानिए क्‍या कहा ?

    पेट्रोल-डीजल के दाम कब घटेंगे? हरदीप पुरी ने दिया जवाब, जानिए क्‍या कहा ?


    नई दिल्ली। कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में पिछले दो महीनों में दो बार कटौती के बाद अब लोगों की नजर पेट्रोल और डीजल के दामों पर है। सवाल उठ रहा है कि क्या आने वाले समय में पेट्रोल-डीजल सस्ता होगा? केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी ने इस सवाल का जवाब देते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद भारत में पेट्रोल-डीजल के दामों को काफी हद तक नियंत्रित रखा गया है।

    भारत में महज 4% बढ़ी कीमत

    हरदीप पुरी ने एक कार्यक्रम में पेट्रोल-डीजल की कीमतों की तुलना भारत और दूसरे देशों से करते हुए कहा कि पिछले चार वर्षों में भारत में ईंधन की कीमतें लगभग स्थिर रही हैं। उनके मुताबिक, अगर पूरे चार साल की अवधि को देखा जाए तो कीमतों में कमी ही आई है।

    पेट्रोलियम मंत्री ने इसका श्रेय केंद्र सरकार की एक्साइज ड्यूटी में कटौती को दिया। उन्होंने बताया कि नवंबर 2021, अप्रैल 2024 और मार्च 2026 में केंद्र सरकार ने एक्साइज ड्यूटी घटाई। इन फैसलों से देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों को नियंत्रित रखने में मदद मिली।

    पुरी के अनुसार, फ्रांस और जर्मनी में पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में करीब 24 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। वहीं पाकिस्तान और श्रीलंका जैसे पड़ोसी देशों में यह वृद्धि 40 प्रतिशत तक पहुंच गई। इसके मुकाबले भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में करीब 4 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।

    E20 विवाद पर भी बोले हरदीप पुरी

    पेट्रोल में 20 प्रतिशत तक इथेनॉल मिश्रण यानी E20 को लेकर चल रहे विवाद पर भी पेट्रोलियम मंत्री ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि कुछ लोग जानबूझकर इस मुद्दे को विवाद का रूप देने की कोशिश कर रहे हैं।

    पुरी ने कहा कि देश में हर दिन करीब 6 से 7 करोड़ उपभोक्ता पेट्रोल पंपों पर ईंधन भरवाते हैं। उन्होंने दावा किया कि 1.07 लाख पेट्रोल पंपों की जांच के दौरान केवल चार जगहों पर ईंधन में मिलावट पाई गई। तेल कंपनियों की ओर से रोजाना 2,000 से अधिक पेट्रोल पंपों की जांच की जा रही है।

    उन्होंने ईंधन में मिलावट की तुलना खाने-पीने की चीजों में होने वाली मिलावट और हवा में मौजूद प्रदूषण से करते हुए कहा कि भारत में बायोफ्यूल ब्लेंडिंग का कार्यक्रम अच्छी तरह आगे बढ़ रहा है।

    सरकार के सामने कीमतें घटाने की चुनौती

    सरकार की ओर से एक्साइज ड्यूटी में कटौती के जरिए पेट्रोल-डीजल की कीमतों को नियंत्रित रखने की कोशिश की गई है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत, रुपये की विनिमय दर और टैक्स जैसे कई कारक घरेलू ईंधन कीमतों को प्रभावित करते हैं। ऐसे में फिलहाल पेट्रोल-डीजल की कीमतों में अगली बड़ी कटौती को लेकर हरदीप पुरी ने कोई निश्चित समयसीमा नहीं बताई है।

  • सप्ताह की शुरुआत में चमके सोना-चांदी के भाव, गिरावट के बाद लौटी तेजी, जानें 24 कैरेट गोल्ड और सिल्वर का नया रेट

    सप्ताह की शुरुआत में चमके सोना-चांदी के भाव, गिरावट के बाद लौटी तेजी, जानें 24 कैरेट गोल्ड और सिल्वर का नया रेट

    नई दिल्ली । कारोबारी सप्ताह के पहले दिन घरेलू वायदा बाजार में सोना और चांदी की कीमतों में शानदार तेजी दर्ज की गई है। पिछले कारोबारी सत्रों में लगातार दर्ज की जा रही गिरावट के बाद दोनों कीमती धातुओं की कीमतों में सोमवार को सुधार देखने को मिला। बाजार में आई इस नई तेजी से निवेशकों और कारोबारियों के चेहरे खिल उठे हैं। हालांकि ताजा रिकवरी के बावजूद चांदी अभी भी अपने सर्वकालिक उच्च स्तर से काफी निचले स्तर पर बनी हुई है, जबकि सोने में भी सकारात्मक गति दर्ज की गई है।

    मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज में सितंबर एक्सपायरी वाले चांदी के अनुबंध ने सोमवार को बढ़त के साथ व्यापार की शुरुआत की। पिछले सत्र में चांदी का भाव 2,17,198 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुआ था, जो नए सत्र की शुरुआत में उछलकर 2,18,709 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर पहुंच गया। इस प्रकार चांदी की कीमत में प्रति किलोग्राम 1,511 रुपये की सीधी बढ़ोतरी दर्ज की गई। बाजार में आई इस उछाल ने पिछले सप्ताह की सुस्ती को दूर करते हुए कारोबारियों में नया उत्साह भरा है।

    बीते कारोबारी सप्ताह के दौरान चांदी की दरों में काफी दबाव देखा गया था। 24 जुलाई को चांदी का भाव 2,22,138 रुपये प्रति किलोग्राम दर्ज किया गया था, जो सप्ताह के अंतिम कारोबारी दिन तक गिरकर 2,17,198 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गया था। महज पांच कारोबारी दिनों के भीतर चांदी करीब 4,940 रुपये प्रति किलोग्राम तक सस्ती हो गई थी। सोमवार को दर्ज की गई तेजी से इस बड़ी गिरावट की आंशिक भरपाई संभव हो सकी है, लेकिन बाजार को पूरी तरह उबरने में अभी समय लग सकता है।

    यदि चांदी के लंबे समय के आंकड़ों और ऐतिहासिक प्रदर्शन का आकलन किया जाए तो इस धातु ने चालू वर्ष के जनवरी महीने में एक नया रिकॉर्ड स्थापित किया था। उस दौरान चांदी की कीमत इतिहास में पहली बार 4 लाख रुपये के आंकड़े को पार करते हुए 4,20,048 रुपये प्रति किलोग्राम के उच्चतम स्तर तक जा पहुंची थी। वर्तमान बाजार मूल्य की तुलना करें तो चांदी अभी भी अपने उस रिकॉर्ड स्तर से लगभग 2,01,339 रुपये प्रति किलोग्राम सस्ती बिक रही है। इससे संकेत मिलता है कि बाजार में रिकवरी की बड़ी संभावना मौजूद है।

    सोने के बाजार में भी सप्ताह के पहले दिन मजबूती का रुख देखा गया। अगस्त एक्सपायरी वाले 24 कैरेट सोने का वायदा भाव पिछले कारोबारी दिन 1,41,511 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। सोमवार को बाजार खुलते ही यह बढ़त के साथ 1,41,820 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। इस तरह सोने में प्रति 10 ग्राम 309 रुपये की वृद्धि दर्ज की गई। विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार के सकारात्मक संकेतों और स्थानीय मांग के कारण सोने को यह समर्थन प्राप्त हुआ है।

    पिछला हफ्ता सोने के लिए भी सुस्ती भरा साबित हुआ था। 24 जुलाई को सोने की कीमत 1,43,106 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर थी, जो सप्ताहांत तक घटकर 1,41,511 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गई थी। इस अवधि में सोने के दाम में करीब 1,595 रुपये प्रति 10 ग्राम की नरमी दर्ज की गई थी। मध्य प्रदेश समेत देशभर के सर्राफा बाजारों में कारोबारी अब वैश्विक आर्थिक आंकड़ों और मुद्रास्फीति के संकेतों पर पैनी नजर बनाए हुए हैं, जिससे आने वाले दिनों में सराफा बाजार की आगे की दिशा तय होगी।

  • फेस्टिवल सीजन में महंगाई ने बिगाड़ा रसोई का बजट… 5% से ज्यादा बढ़े चीनी-चावल के दाम

    फेस्टिवल सीजन में महंगाई ने बिगाड़ा रसोई का बजट… 5% से ज्यादा बढ़े चीनी-चावल के दाम


    नई दिल्ली।
    कमजोर मानसून (Weak Monsoon), वैश्विक संकट (Global Crisis) और जमाखोरी (Hoarding) ने देश में त्योहारी सीजन (Festive Season) की शुरुआत के साथ ही महंगाई (Inflation) बढ़ा दी है। एक माह में चीनी और चावल (Sugar and Rice) के दाम पांच फीसदी तक बढ़ गए हैं। उपभोक्ता मामलों के विभाग के मुताबिक, देशभर के बाजारों में चीनी की थोक कीमतें बीते एक महीने में 5 फीसदी से ज्यादा बढ़कर औसतन 4,593 रुपये प्रति क्विंटल पर पहुंच गई हैं। एक साल में दाम 7.64 फीसदी बढ़े हैं। वहीं, खुदरा बाजार में कीमत एक महीने पहले के 47.11 रुपये से बढ़कर 3 अगस्त, 2026 को 49.53 रुपये प्रति किलोग्राम पहुंच गई।

    उधर, चावल की अखिल भारतीय औसत दैनिक खुदरा कीमत मासिक आधार पर 2.27 फीसदी बढ़कर 3 अगस्त को 45.13 रुपये प्रति किलोग्राम पहुंच गई। एक महीने पहले चावल की खुदरा कीमत 44.13 रुपये प्रति किलोग्राम थी। दक्षिण भारत के राज्यों, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक और केरल में चावल की कीमत में प्रति किलोग्राम 10 से 15 फीसदी तक की वृद्धि हुई है। इससे न सिर्फ घरेलू बजट बिगड़ रहा है, बल्कि मासिक राशन का बिल भी बढ़ गया है।


    चेतावनी…50 फीसदी तक महंगा हो सकता है चावल

    प्रोफेसर जयशंकर तेलंगाना कृषि विश्वविद्यालय के एक नीति पत्र ने चेतावनी दी है कि अगर अल-नीनो के कारण चावल उत्पादन में होने वाले नुकसान के साथ देश एहतियातन स्टॉक जमा करने लगे तो वैश्विक बाजार में दाम 30-50 फीसदी तक बढ़ेंगे। वैश्विक अनिश्चितताओं, उर्वरक-ऊर्जा की बढ़ती लागत और एशिया के प्रमुख चावल उत्पादक क्षेत्रों पर अल-नीनो के खतरे ने मिलकर कीमतों में भारी उछाल का जोखिम पैदा कर दिया है।


    क्यों बढ़ रहे हैं दाम?

    – चीनी की कीमतों में तेजी की वजह उत्पादक राज्यों महाराष्ट्र एवं कर्नाटक में पुराने स्टॉक का खत्म होना और इथेनॉल डायवर्जन है।
    – क्षेत्रीय स्तर पर आपूर्ति के इस असंतुलन का फायदा उठाकर सट्टेबाजों ने कीमतें बढ़ा दी हैं। इसका असर आगामी त्योहारी सीजन में मिठाइयों, बेकरी और प्रोसेस्ड फूड इंडस्ट्री पर पड़ेगा।
    – चावल की मूल्य वृद्धि का मुख्य कारण अल-नीनो से जुड़ी गंभीर मौसमी स्थितियां, बारिश की कमी और जमाखोरी है। जमाखोरी से खुले बाजार में आपूर्ति कृत्रिम रूप से कम हो गई है एवं दाम और अधिक बढ़ गए हैं।


    तांबा…वैश्विक बाजार में रिकॉर्ड ऊंचाई पर

    लंदन मेटल एक्सचेंज पर तांबे का तीन महीने का वायदा अनुबंध चढ़कर 13,842 डॉलर प्रति टन की रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया है। वैशि्वक उत्पादन में 20 फीसदी से ज्यादा हिस्सेदारी वाले देश चिली में अचानक बाढ़, शीतकालीन तूफानों और भारी बर्फबारी के कारण प्रमुख खदानों में कामकाज ठप हो गया है। इसके अलावा, डाटा सेंटरों और पावर ग्रिड इन्फ्रा से भारी मांग ने दाम और बढ़ाने का काम किया है। इससे आने वाले दिनों में इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद, वाहन और घरेलू उपकरण महंगे हो सकते हैं।