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  • तूफान 'अर्नब' के चलते MP में बदला मौसम, आज 27 जिलों में आंधी-बारिश की चेतावनी

    तूफान 'अर्नब' के चलते MP में बदला मौसम, आज 27 जिलों में आंधी-बारिश की चेतावनी


    भोपाल। चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ कमजोर होकर कम दबाव के क्षेत्र में बदल गया है, लेकिन इसके असर से मध्य प्रदेश में आंधी और बारिश का सिलसिला जारी है। पिछले तीन दिनों से प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में रुक-रुककर बारिश हो रही है। शुक्रवार को भी कई जिलों में पानी गिरा। मौसम विभाग ने शनिवार को ग्वालियर-जबलपुर समेत 27 जिलों में आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है। वहीं, भोपाल और इंदौर सहित कई जिलों में मौसम साफ रहने और धूप निकलने की संभावना है।

    मौसम केंद्र भोपाल के मुताबिक, शनिवार को ग्वालियर, शिवपुरी, दतिया, मुरैना, भिंड, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में आंधी-बारिश की संभावना है।

    दूसरी ओर भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, गुना, अशोकनगर, सागर, दमोह, नरसिंहपुर और हरदा में धूप निकलने के आसार हैं।

    2 नवंबर तक बना रहेगा बदला मौसम
    मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के अनुसार, प्रदेश में अगले चार दिन तक मौसम का यही मिजाज बना रह सकता है। इस दौरान कुछ इलाकों में तेज धूप निकलेगी, जबकि दक्षिणी और पूर्वी मध्य प्रदेश में मौसमी सिस्टम का असर अधिक रहने से आंधी और बारिश की गतिविधियां जारी रहेंगी।

    38 जिलों के 155 शहरों-कस्बों में हुई बारिश
    इससे पहले प्रदेश के 38 जिलों के करीब 155 शहरों और कस्बों में बारिश दर्ज की गई। इनमें भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, शाजापुर, नर्मदापुरम, ग्वालियर, श्योपुर, दतिया, शिवपुरी, गुना, मुरैना और भिंड शामिल हैं।

    इसके अलावा जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में भी बारिश हुई। अनूपपुर शहर में सबसे ज्यादा तीन इंच से अधिक पानी गिरा। अमरकंटक में सवा दो इंच और सिंगरौली में दो इंच बारिश रिकॉर्ड की गई। अनूपपुर में आंधी की रफ्तार 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच गई।

    पांढुर्णा में हजारों क्विंटल मक्का खराब होने की आशंका
    बेमौसम बारिश का असर खेती और मंडियों में रखी उपज पर भी पड़ा है। जिन जिलों में धान की फसल खेतों में खड़ी है, वहां किसानों को नुकसान की चिंता सता रही है। वहीं, मंडियों में खुले में रखे अनाज के भीगने से भी परेशानी बढ़ गई है। पांढुर्णा में बारिश के कारण हजारों क्विंटल मक्का खराब होने की आशंका है।

    दिन के तापमान में 3 डिग्री तक गिरावट
    आंधी और बारिश के चलते गुरुवार के बाद शुक्रवार को भी प्रदेश के कई हिस्सों में दिन के समय ठंडक महसूस की गई। बादलों और बारिश के कारण दिन के तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई। कुछ शहरों में रात के तापमान में भी कमी आई है।

  • MP में 7 दिन से आंधी-बारिश का दौर, आज 5 जिलों में अलर्ट, रात का पारा 3 डिग्री तक गिरेगा

    MP में 7 दिन से आंधी-बारिश का दौर, आज 5 जिलों में अलर्ट, रात का पारा 3 डिग्री तक गिरेगा


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून की विदाई के बाद भी आंधी और बारिश का सिलसिला थम नहीं रहा है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में पिछले 7 दिनों से बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने शुक्रवार को इंदौर संभाग के आलीराजपुर, बड़वानी, खरगोन, खंडवा और बुरहानपुर में अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है।

    मौसम विभाग के मुताबिक, 24 अक्टूबर से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा। इसका असर 2 से 3 दिन बाद प्रदेश में दिखाई दे सकता है। फिलहाल साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण मौसम में बदलाव हो रहा है। गुरुवार को इंदौर, धार समेत पश्चिमी मध्य प्रदेश के कई जिलों में बारिश हुई। वहीं, भोपाल में दिनभर तेज धूप रहने के बाद शाम को बादल छा गए।

    प्रदेश में पहली बार रात का तापमान 14 डिग्री से नीचे
    मौसम में बदलाव के साथ प्रदेश में रात के तापमान में गिरावट आने लगी है। बीती रात इस सीजन में पहली बार न्यूनतम तापमान 14 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया। आने वाले दिनों में अधिकतम और न्यूनतम तापमान में और गिरावट होने का अनुमान है। रात का पारा 2 से 3 डिग्री तक लुढ़क सकता है।

    कटनी के करौंदी में प्रदेश का सबसे कम न्यूनतम तापमान 13.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अमरकंटक में 14.5, रीवा में 15, उमरिया में 15.4 और शहडोल के कल्याणपुर में 15.9 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा। दिन के तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। इंदौर और टीकमगढ़ में अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस से नीचे आ गया है।

    अक्टूबर के आखिरी सप्ताह में बारिश के साथ बढ़ेगी ठंड
    मौसम विभाग के अनुसार, अक्टूबर के आखिरी सप्ताह में भी प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश होने की संभावना है। 24 अक्टूबर से सक्रिय होने वाले पश्चिमी विक्षोभ का असर खासतौर पर उत्तर-पश्चिमी मध्य प्रदेश में दिखाई दे सकता है। इस दौरान रात के तापमान में भी गिरावट होने का अनुमान है। ऐसे में अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में प्रदेश में बारिश के साथ ठंड का असर बढ़ सकता है।

  • MP Weather: दशहरे पर भी बरसे बादल, आज 21 जिलों में बारिश का अलर्ट; 40 Km की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

    MP Weather: दशहरे पर भी बरसे बादल, आज 21 जिलों में बारिश का अलर्ट; 40 Km की रफ्तार से चलेंगी हवाएं


    भोपाल। मध्यप्रदेश में मानसून की विदाई के बाद भी बारिश का दौर थम नहीं रहा है। दो साइक्लोनिक सर्कुलेशन के सक्रिय होने से प्रदेश के पश्चिमी और उत्तरी हिस्सों में पिछले पांच दिन से आंधी-बारिश हो रही है। मंगलवार को दशहरे के दिन भी कई इलाकों में बारिश हुई, जिससे कुछ जगह रावण के पुतले भीग गए। मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो दिन तक प्रदेश के पश्चिमी हिस्से में इसी तरह मौसम बने रहने का अनुमान है।

    भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने बुधवार को प्रदेश के 21 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चलने की भी संभावना है।

    इन 21 जिलों में बारिश का अनुमान
    मौसम विभाग के मुताबिक, बुधवार को इंदौर, उज्जैन, गुना, राजगढ़, आगर-मालवा, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ, आलीराजपुर, बड़वानी, खरगोन, धार, बुरहानपुर, खंडवा, हरदा, देवास, शाजापुर, नर्मदापुरम, बैतूल, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा में बारिश हो सकती है।

    2022 के बाद इस बार दशहरे पर हुई बारिश
    मंगलवार को दशहरे के दिन रतलाम, महू समेत कई जगह बारिश हुई। बारिश के कारण कुछ स्थानों पर रावण के पुतले भीग गए। ऐसे में आयोजकों को पुतलों को बरसाती से ढंकना पड़ा। इससे पहले वर्ष 2022 में भी दशहरे के दिन तेज बारिश हुई थी। भोपाल में बारिश से रावण का पुतला भीगने के कारण दहन नहीं हो पाया था। बाद में पुतले पर केरोसिन और पेट्रोल डालकर उसे जलाने का प्रयास किया गया था। प्रदेश के अन्य जिलों में भी बारिश के चलते रावण दहन प्रभावित हुआ था।

    कई शहरों में रात का पारा 20 डिग्री से नीचे
    मौसम विभाग के अनुसार, बीती रात प्रदेश के कई शहरों में न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया। पचमढ़ी में रात का तापमान 17 डिग्री, कटनी के करौंदी में 17.8 डिग्री, बालाघाट के मलाजखंड में 18.1 डिग्री, छिंदवाड़ा में 18.2 डिग्री और ग्वालियर में 18.3 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं, दिन के तापमान की बात करें तो रतलाम, खरगोन, खंडवा, मंदसौर, उज्जैन और नर्मदापुरम में अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस के पार रिकॉर्ड किया गया।

    3 अक्टूबर को विदा हो चुका है मानसून, फिर भी बारिश
    मध्यप्रदेश से दक्षिण-पश्चिम मानसून 3 अक्टूबर को ही विदा हो गया था। इस बार एक ही दिन में पूरे प्रदेश से मानसून की वापसी हो गई, लेकिन मौसम प्रणालियों के सक्रिय होने से बारिश जारी है। पिछले एक सप्ताह से पूर्वी और पश्चिमी मध्यप्रदेश के कई जिलों में आंधी और बारिश का असर देखने को मिला है। इनमें से कई जिलों में पिछले पांच दिन से तेज बारिश हो रही है। बुधवार को भी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

    अक्टूबर में बारिश, गर्मी और ठंड का मिला-जुला असर
    मौसम विशेषज्ञ के अनुसार, पिछले 10 साल के आंकड़ों पर नजर डालें तो अक्टूबर में बारिश, गर्मी और ठंड तीनों का मिला-जुला असर देखने को मिलता है। इस बार भी ऐसा ही मौसम बना हुआ है। अक्टूबर की शुरुआत में मौसम साफ होने के साथ धूप खिली, जबकि रात के तापमान में गिरावट से ठंडक महसूस होने लगी। दूसरी ओर, प्रदेश के कई जिलों में बारिश का दौर भी जारी है।

  • दशहरे पर MP के 25 जिलों में बारिश-आंधी का अलर्ट, 50 किमी की रफ्तार से चल सकती हैं हवाएं

    दशहरे पर MP के 25 जिलों में बारिश-आंधी का अलर्ट, 50 किमी की रफ्तार से चल सकती हैं हवाएं


    भोपाल। मध्यप्रदेश में मानसून की विदाई के बाद भी बारिश का दौर थम नहीं रहा है। दशहरे के दिन मंगलवार को प्रदेश के आधे हिस्से में आंधी और बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के मुताबिक, भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, नर्मदापुरम और सागर संभाग के 25 जिलों में बारिश हो सकती है। मौसम के इस मिजाज से दशहरा आयोजनों पर भी असर पड़ने की आशंका है।

    बारिश की संभावना को देखते हुए भोपाल में कलाकारों ने रावण के पुतलों को बरसाती से ढक दिया है। इससे पहले 2022 में बारिश के कारण रावण के पुतले ठीक से नहीं जल पाए थे। उस समय उन्हें जलाने के लिए केरोसिन और पेट्रोल का इस्तेमाल करना पड़ा था। इस बार आयोजक पहले से ही एहतियात बरत रहे हैं।

    इन 25 जिलों में बारिश की संभावना

    मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के दौरान भोपाल, इंदौर, उज्जैन, आलीराजपुर, धार, बड़वानी, खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, हरदा, बैतूल, देवास, शाजापुर, आगर-मालवा, राजगढ़, रायसेन, सागर, विदिशा, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में बारिश का अनुमान जताया है।

    मौसम में बदलाव की वजह चक्रवाती परिसंचरण (साइक्लोनिक सर्कुलेशन) और ट्रफ को बताया गया है। इनके प्रभाव से प्रदेश में अगले चार दिन, यानी 23 अक्टूबर तक, कहीं-कहीं बारिश का दौर जारी रह सकता है। इस दौरान 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चलने की भी संभावना है।

    दूसरी ओर, प्रदेश के पूर्वी हिस्से में मौसम अपेक्षाकृत साफ रह सकता है। जबलपुर, रीवा और शहडोल संभाग के जिलों में धूप निकलने के आसार हैं।

    कई जिलों में रात का तापमान 20 डिग्री से नीचे

    बारिश के बीच प्रदेश के कई इलाकों में रात का तापमान 20 डिग्री सेल्सियस से नीचे बना हुआ है। बीती रात छिंदवाड़ा में न्यूनतम तापमान 17.4 डिग्री, कटनी के करौंदी में 17.8 डिग्री, आलीराजपुर और गुना में 18 डिग्री, अमरकंटक में 18.4 डिग्री तथा नीमच के मरुखेड़ा में 18.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

    वहीं, दिन में कुछ जिलों में गर्मी का असर बना हुआ है। खंडवा, उज्जैन, खरगोन, रतलाम, राजगढ़ और रायसेन में अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया।

    गुना में एक दिन में साढ़े चार इंच बारिश

    प्रदेश में पिछले चार दिनों से आंधी और बारिश का सिलसिला जारी है। गुना में एक ही दिन में करीब साढ़े चार इंच बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा इंदौर, शाजापुर, सीहोर, मंदसौर, उज्जैन, आगर-मालवा, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुर, बुरहानपुर, खंडवा, हरदा, बैतूल और छिंदवाड़ा में भी बारिश हुई।

    इंदौर में सोमवार को दिनभर रुक-रुककर पानी गिरता रहा। प्रदेश के दूसरे जिलों में भी इसी तरह का मौसम बना रहा। बीते सप्ताह पूर्वी और पश्चिमी मध्यप्रदेश के कई हिस्सों में आंधी-बारिश का असर देखा गया, जबकि पिछले चार दिनों में कुछ इलाकों में तेज बारिश भी हुई।

    3 अक्टूबर को लौट चुका है मानसून, फिर भी जारी बारिश


    मध्यप्रदेश से मानसून की विदाई 3 अक्टूबर को ही हो चुकी है। इस बार एक ही दिन में पूरे प्रदेश से मानसून लौट गया था। इसके बावजूद चक्रवाती परिसंचरण और ट्रफ जैसे मौसमी सिस्टम सक्रिय होने के कारण बारिश जारी है।

  • दशहरे पर इंदौर-उज्जैन समेत MP के पश्चिमी हिस्से में बारिश के आसार, 15 जिलों में अलर्ट

    दशहरे पर इंदौर-उज्जैन समेत MP के पश्चिमी हिस्से में बारिश के आसार, 15 जिलों में अलर्ट


    भोपाल। मध्यप्रदेश में दशहरे के दिन बारिश उत्सव के रंग में खलल डाल सकती है। मौसम विभाग ने 20 अक्टूबर को इंदौर, उज्जैन, रतलाम समेत पश्चिमी मध्यप्रदेश के कई जिलों में आंधी-बारिश की संभावना जताई है। इस दौरान हवा की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। सोमवार को भी प्रदेश के 15 जिलों में बारिश का अनुमान है। इनमें भोपाल, उज्जैन, आगर-मालवा, राजगढ़, शाजापुर, देवास, सीहोर, विदिशा, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, टीकमगढ़, छतरपुर, सागर और दमोह शामिल हैं।

    मौसम विभाग के अनुसार, 20, 21 और 22 अक्टूबर को पश्चिमी मध्यप्रदेश में बारिश का दौर जारी रह सकता है। वहीं, पूर्वी हिस्से में मौसम अपेक्षाकृत साफ रहने और धूप निकलने की संभावना है।

    दशहरे पर इन जिलों में बारिश के आसार

    दशहरे के दिन इंदौर, उज्जैन, रतलाम, झाबुआ, आलीराजपुर, बड़वानी, धार, खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, देवास, शाजापुर, हरदा और बैतूल में बारिश हो सकती है। इन इलाकों में गरज-चमक के साथ तेज हवा चलने की आशंका भी है। ऐसे में दशहरा आयोजन, रावण दहन और खुले मैदानों में होने वाले कार्यक्रमों के दौरान मौसम पर नजर रखना जरूरी होगा।

    रविवार को तेज बारिश से पंडालों में भरा पानी

    रविवार को इंदौर, सीहोर और शाजापुर सहित कई इलाकों में तेज बारिश हुई। सीहोर में बारिश और हवा के कारण माता के पंडालों के टेंट उड़ गए। महू में गरबा और माता की स्थापना के लिए तैयार किए गए पंडालों में पानी भर गया। बारिश के कारण रावण के पुतले भी भीग गए।

    गुना शहर में रविवार शाम अचानक मौसम बदला और आधे घंटे से अधिक समय तक तेज बारिश हुई। बेमौसम बरसात से शहर की प्रमुख सड़कों पर पानी भर गया, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

    ट्रफ और चक्रवाती परिसंचरण से बदला मौसम

    मौसम विभाग के मुताबिक, पश्चिमी मध्यप्रदेश के ऊपर से एक ट्रफ गुजर रही है। इसके साथ ही चक्रवाती परिसंचरण यानी साइक्लोनिक सर्कुलेशन का प्रभाव भी बना हुआ है। इन मौसमी प्रणालियों के कारण प्रदेश के पश्चिमी हिस्से में आंधी और बारिश की गतिविधियां बढ़ी हैं। अगले चार दिन तक इस क्षेत्र में रुक-रुककर बारिश होने की संभावना है।

    3 अक्टूबर को लौट चुका है मानसून, फिर भी बारिश

    मध्यप्रदेश से दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई 3 अक्टूबर को हो चुकी है, लेकिन सक्रिय मौसमी प्रणालियों के कारण बारिश का सिलसिला फिर शुरू हो गया है। बीते एक सप्ताह से पूर्वी और पश्चिमी, दोनों हिस्सों के कई जिलों में आंधी-बारिश दर्ज की गई है। पिछले चार दिनों में कुछ इलाकों में तेज बारिश भी हुई है।

    मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, अक्टूबर में गर्मी, बारिश और रात के तापमान में गिरावट का मिला-जुला असर सामान्य तौर पर देखने को मिलता है। इस बार भी यही स्थिति बन रही है। महीने की शुरुआत में मौसम साफ होने और दिन में धूप निकलने के साथ रातों में ठंडक महसूस की गई, जबकि अब कई जिलों में फिर बारिश हो रही है। इस साल प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून करीब 100 दिन तक सक्रिय रहा।

  • MP के 9 जिलों में आज बारिश की संभावना, 12 अक्टूबर से साफ होगा मौसम

    MP के 9 जिलों में आज बारिश की संभावना, 12 अक्टूबर से साफ होगा मौसम


    भोपाल। मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्से में अगले तीन दिन मौसम का उतार-चढ़ाव जारी रहने का अनुमान है। शुक्रवार को रीवा-शहडोल संभाग के 9 जिलों में बारिश का अलर्ट है, जबकि भोपाल-इंदौर समेत पश्चिमी मध्य प्रदेश में धूप खिली रहेगी। मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक, 12 अक्टूबर से प्रदेश में बारिश का दौर थमने और आसमान साफ होने की संभावना है।

    साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ के असर से पूर्वी मध्य प्रदेश में पिछले चार दिनों से आंधी-बारिश हो रही है। इस बार मानसून सीजन में प्रदेश में सामान्य से 4% कम बारिश दर्ज की गई। जून से सितंबर के बीच 908.4 मिमी पानी गिरा, जबकि सामान्य बारिश का आंकड़ा 949.5 मिमी है।

    अगले तीन दिन कैसा रहेगा मौसम?

    मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के मुताबिक, मौजूदा मौसम प्रणाली के सक्रिय रहने से पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश की संभावना बनी हुई है। शुक्रवार को पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, शहडोल और अनूपपुर में अगले 24 घंटे के दौरान बारिश हो सकती है।

    10 और 11 अक्टूबर को भी पूर्वी मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश होने का अनुमान है। वहीं, पश्चिमी मध्य प्रदेश में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने और धूप निकलने की संभावना है। 12 अक्टूबर से प्रदेश में मौसम साफ हो सकता है। इस दिन कहीं भी बारिश होने का अनुमान नहीं है।

    बदलते मौसम का खेती पर असर

    मौसम में हो रहे बदलाव का असर खेती-किसानी पर भी पड़ सकता है। पूर्वी मध्य प्रदेश में स्थानीय स्तर पर होने वाली बारिश से मिट्टी की ऊपरी परत में नमी बढ़ सकती है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि पूरे प्रदेश में खेतों को समान रूप से नमी मिलेगी।

    दूसरी ओर, पश्चिमी मध्य प्रदेश में शुष्क मौसम रहने की संभावना को देखते हुए किसानों को बोवनी और सिंचाई से जुड़े फैसले स्थानीय परिस्थितियों के आधार पर लेने होंगे। खेत में मौजूद नमी, मिट्टी की स्थिति और सिंचाई के साधनों को ध्यान में रखना जरूरी होगा।

    3 अक्टूबर को लौट चुका है मानसून

    मध्य प्रदेश से दक्षिण-पश्चिम मानसून 3 अक्टूबर को विदा हो चुका है। इसके बावजूद साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ जैसी मौसम प्रणालियों के प्रभाव से बारिश हो रही है।

    मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के मुताबिक, पिछले 10 वर्षों के आंकड़ों में अक्टूबर के दौरान बारिश, गर्मी और ठंड तीनों तरह की मौसमी स्थितियां देखने को मिली हैं। इस बार भी महीने की शुरुआत में कहीं तेज धूप रही, तो कहीं रात के तापमान में ठंडक महसूस हुई। कई जिलों में बारिश भी दर्ज की गई। प्रदेश में इस बार मानसून करीब 100 दिन सक्रिय रहा।

    पूर्वी MP में 4% ज्यादा, पश्चिमी हिस्से में 12% कम बारिश

    इस मानसून सीजन में प्रदेश के पूर्वी हिस्से में सामान्य से 4% अधिक बारिश हुई, जबकि पश्चिमी मध्य प्रदेश में सामान्य से 12% कम पानी गिरा। पूर्वी हिस्से में जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग शामिल हैं।

    हालांकि, पूर्वी क्षेत्र के कुछ जिलों में भी बारिश का आंकड़ा सामान्य से नीचे रहा। बालाघाट, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सागर और सिवनी में सामान्य से 5% से 21% तक कम बारिश दर्ज की गई।

    पश्चिमी मध्य प्रदेश के आलीराजपुर, अशोकनगर, बड़वानी, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से 9% से 51% तक कम बारिश हुई।

    इन 25 जिलों में बारिश का कोटा पूरा

    प्रदेश के 55 जिलों में से 25 जिलों में मानसून सीजन के दौरान बारिश का कोटा पूरा हो गया। इनमें भोपाल, राजगढ़, बुरहानपुर, खरगोन, कटनी, मंडला, डिंडौरी, ग्वालियर, गुना, दतिया, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर, आगर-मालवा, भिंड, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना, मऊगंज, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर शामिल हैं।

    30 जिलों में सामान्य से कम बारिश

    प्रदेश के बाकी 30 जिलों में मानसून सीजन के दौरान सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई। इनमें नरसिंहपुर, दमोह, बालाघाट, अशोकनगर, मुरैना, मंदसौर, खंडवा, बड़वानी, नीमच, जबलपुर, रीवा, सागर, देवास, सिवनी, सीहोर, शिवपुरी, रायसेन, छिंदवाड़ा, विदिशा, शाजापुर, पांढुर्णा, इंदौर, उज्जैन, बैतूल, हरदा, नर्मदापुरम, रतलाम, झाबुआ, धार और आलीराजपुर शामिल हैं।

    कुल मिलाकर, प्रदेश में मानसून की विदाई के बाद भी पूर्वी जिलों में बारिश का सिलसिला जारी है, जबकि पश्चिमी हिस्से में मौसम शुष्क रहने के आसार हैं। 12 अक्टूबर से मौसम साफ होने पर दिन में धूप और रात में अपेक्षाकृत ठंडक का असर देखने को मिल सकता है।

  • देश में फिर बदला मौसम का मिजाज…. आज इन राज्यों में आंधी-बारिश का अलर्ट

    देश में फिर बदला मौसम का मिजाज…. आज इन राज्यों में आंधी-बारिश का अलर्ट


    नई दिल्ली।
    पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) उत्तर भारत (North India) में सक्रिय होने के कारण जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir) से उत्तराखंड तक पहाड़ों पर बर्फबारी और मैदान में भारी बारिश जारी है। इससे पारा 10 डिग्री तक गिरा है। केदारनाथ मार्ग (Kedarnath Route) में लगातार दूसरे दिन भूस्खलन के बाद यात्रा रोक दी गई है। चट्टान की चपेट में आने से एक बच्चे की मौत हो गई, जबकि रास्ते पर मलबा आने से 1,500 से अधिक श्रद्धालु फंस गए, जिन्हें मुश्किल से सुरक्षित निकाल कर गौरीकुंड पहुंचाया गया। मौसम विभाग ने मौजूदा हालात पर सोमवार आधी रात के बाद करीब ढाई बजे अपडेट दिया। इसके मुताबिक उत्तरी अंडमान सागर और उससे सटे म्यांमार तट पर बना गहरा निम्न दबाव पिछले 6 घंटों में 13 किमी प्रति घंटे की गति से उत्तर-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ा है।


    अगले दो दिनों में कैसा रहेगा मिजाज

    मौसम विभाग ने बताया कि 28 सितंबर को भारतीय समयानुसार रात करीब 1930 बजे से 2130 बजे के बीच गहरा निम्न दबाव का क्षेत्र क्यैकटो के पूर्व में म्यांमार तट को पार कर गया। इस दौरान हवा की गति 50-60 किमी प्रति घंटे रही। इसके बाद, यह उत्तर-उत्तरपश्चिम की ओर बढ़ गया। अगले दो दिनों के दौरान निम्न दबाव का क्षेत्र तटीय म्यांमार और उससे सटे पूर्वी मध्य और उत्तरपूर्वी बंगाल की खाड़ी और दक्षिणपूर्वी बांग्लादेश में उत्तर-उत्तरपश्चिम की ओर बढ़ते रहने की संभावना है।


    निम्न दबाव का क्षेत्र अब कमजोर, मौसम विभाग चक्रवाती हवा पर क्या बोला?

    मौसम विभाग के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के ऊपर बना निम्न दबाव का क्षेत्र अब कमजोर हो गया है, लेकिन चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र अभी भी बना हुआ है। वहीं, एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है। इसके चलते ही सोमवार को उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल, राजस्थान, बिहार और अंडमान-निकोबार में गरज के साथ बौछारें पड़ीं। वहीं, मराठवाड़ा, ओडिशा, पूर्वी असम, सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर हल्की बारिश हुई।


    आज नौ राज्यों में आंधी-बारिश के आसार

    उत्तर-पश्चिम समेत पूर्वी भारत के नौ से अधिक राज्यों में मंगलवार को आंधी-तूफान के साथ बारिश होने की संभावना है और बुधवार से राहत की उम्मीद है, लेकिन उमस बढ़ सकती है।


    जम्मू-कश्मीर-लद्दाख

    29 सितंबर और 2-4 अक्तूबर को बारिश और आंधी-तूफान की संभावना है।


    उत्तराखंड

    29 सितंबर से 4 अक्तूबर के दौरान कहीं-कहीं बारिश और आंधी-तूफान के साथ बिजली गिर सकती है।


    हिमाचल प्रदेश

    29 सितंबर को प्रदेश के कुछ इलाकों में बारिश के साथ तेज हवाएं चलने के आसार


    पंजाब-हरियाणा-चंडीगढ़

    29 सितंबर को कुछ जगहों पर आंधी-तूफान के साथ बारिश और बिजली गिरने की संभावना


    दिल्ली-पूर्वी राजस्थान-पश्चिमी यूपी

    छिटपुट स्थानों पर तेज हवाओं के साथ बारिश और वज्रपात संभव को कहीं-कहीं बारिश के साथ


    पूर्वी उत्तर प्रदेश

    29-30 सितंबर को कहीं-कहीं बारिश के साथ तेज हवा और बिजली गिर सकती है।


    पहाड़ों पर बर्फबारी के कारण सड़कें बंद

    हिमाचल प्रदेश में सोमवार को लगातार तीसरे दिन किन्नौर, लाहौल स्पीति और चंबा के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी हुई, जबकि राजधानी शिमला, धर्मशाला समेत अन्य जिलों में बादल बरसे। प्रदेश के अधिकतम तापमान में आठ से दस डिग्री की गिरावट आने से मौसम में ठंडक बढ़ गई है। प्रदेश में 61 सड़कों पर वाहनों की आवाजाही ठप रही। 49 बिजली ट्रांसफार्मर भी बंद रहे।


    फसलों को संभावित नुकसान से ग्रामीण चिंतित

    उत्तराखंड की व्यास घाटी में आदि कैलाश, नाभीढांग, कुटी में दो से पांच फीट बर्फ की सफेद चादर बिछ गई है इससे कुटी से आदि कैलाश को जोड़ने वाला यात्रा मार्ग बंद हो गया है। व्यास घाटी आदि कैलाश में पांच फीट तक बर्फ होने से जहां पर्यटक खुश हो गए। वहीं, फसलों को संभावित नुकसान ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी।


    बिहार में कई नदियां उफान पर

    नेपाल और सीमावर्ती क्षेत्रों में भारी बारिश से बिहार में गंडक, कोसी, बागमती नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जिससे निचले इलाकों में पानी भर गया है। सुपौल और पश्चिम चंपारण जिले में करीब 82,000 लोग प्रभावित हुए हैं।


    उत्तर भारत में बढ़ेगी उत्तर-पश्चिमी हवा

    आईएमडी के अनुसार, जम्मू के आसपास बना पश्चिमी विक्षोभ अगले 36 घंटों में पहाड़ों से आगे निकल जाएगा। इसके बाद मंगलवार से निचले स्तरों पर तेज उत्तर-पश्चिमी हवाएं चलने लगेंगी, जिससे मौसम साफ होगा।


    नेपाल में देखते-देखते ढही इमारत

    नेपाल में लगातार जारी बारिश के बीच बांगलुंग में नगर पालिका भवन ढहने का वीडियो सामने आया है। नदी के कटाव के कारण इमारत का एक हिस्सा धराशायी हो गया और देखते ही देखते इमारत नदी में समा गई। उधर, पानी बढ़ने से नारायणी नदी में बंधे एक क्रूज शिप की रस्सी टूट गई। शिप करीब 100 मीटर तक नदी के बहाव के साथ बहता चला गया और पुल के पिलर से टकरा गया। नेपाल के कई इलाकों में बाढ़ की स्थिति एक बार फिर विकराल हो गई है।


    दिल्ली-एनसीआर

    मनांग में 7,126 मीटर ऊंची हिमलुंग हिमाल चोटी के बेस कैंप पर रविवार को हुए हिमस्खलन में मृतकों की संख्या चार हो गई है। सोमवार को दो और शव मिले। 8 लोग अब भी लापता हैं। लापता 22 लोगों में से 10 से संपर्क स्थापित कर लिया गया है। लगातार बर्फबारी, बारिश और खराब मौसम के चलते खोज एवं बचाव कार्य में भारी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।

  • भोपाल में 24 अगस्त का मौसम: दिनभर छाए रह सकते हैं बादल, बारिश के दौर से तापमान में आएगी नरमी

    भोपाल में 24 अगस्त का मौसम: दिनभर छाए रह सकते हैं बादल, बारिश के दौर से तापमान में आएगी नरमी


    भोपाल । राजधानी भोपाल में 24 अगस्त सोमवार को मानसून का असर एक बार फिर देखने को मिल सकता है। मौसम पूर्वानुमान के अनुसार शहर में बारिश के दौर बने रहने की संभावना है और आसमान में बादलों की आवाजाही जारी रह सकती है। दिन का मौसम अपेक्षाकृत ठंडा और नम रहने के आसार हैं। ताजा पूर्वानुमान में भोपाल के लिए 24 अगस्त को अधिकतम तापमान करीब 29 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान करीब 24 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
    रविवार को भी भोपाल में बारिश और बादलों का असर बना हुआ है। ऐसे में सोमवार को भी मौसम में अचानक बड़ा बदलाव आने के बजाय मानसूनी गतिविधियां जारी रहने की संभावना है। दिन के समय बादल छाए रहने के साथ बीच बीच में बारिश या बौछारें देखने को मिल सकती हैं। बारिश होने की स्थिति में तापमान में और गिरावट आ सकती है जिससे लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।

    मौसम का यह मिजाज मध्य प्रदेश में सक्रिय मानसूनी परिस्थितियों के बीच बना हुआ है। राज्य के कई हिस्सों में पिछले दिनों बारिश का दौर जारी रहा है जबकि कुछ जिलों में भारी बारिश के कारण नदी नाले और जलस्रोत उफान पर भी रहे। भोपाल में हालांकि बारिश की तीव्रता कई अन्य जिलों की तुलना में कम रही है लेकिन मौसम विभाग के अनुसार राजधानी में आने वाले दिनों में भी बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं।

    24 अगस्त को भोपाल में सुबह से ही आसमान में बादल छाए रहने की संभावना है। दिन बढ़ने के साथ स्थानीय स्तर पर बारिश के दौर बन सकते हैं। कहीं हल्की बारिश हो सकती है तो कुछ इलाकों में तेज बौछारें भी पड़ सकती हैं। मानसून के दौरान शहर में बारिश का वितरण एक जैसा नहीं रहता इसलिए एक इलाके में तेज बारिश होने के दौरान दूसरे इलाके में केवल बूंदाबांदी देखने को मिल सकती है।

    बारिश के कारण शहर की सड़कों पर जलभराव और यातायात की परेशानी भी बढ़ सकती है। खासकर जिन इलाकों में पहले से सड़कें खराब हैं या गड्ढे बने हुए हैं वहां बारिश का पानी जमा होने से वाहन चालकों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत होगी। दोपहिया वाहन चलाने वालों को फिसलन वाली सड़कों पर विशेष सतर्कता रखनी चाहिए। तेज बारिश के दौरान खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से भी बचना बेहतर रहेगा।

    मौसम पूर्वानुमान में अगले कुछ दिनों तक भी भोपाल में बारिश का सिलसिला जारी रहने के संकेत मिल रहे हैं। 25 अगस्त को बारिश की गतिविधि और बढ़ सकती है जबकि 26 और 27 अगस्त को भी बारिश के दौर बने रहने का अनुमान है। ऐसे में राजधानी में मानसून की सक्रियता अभी खत्म होती नजर नहीं आ रही है।

    कुल मिलाकर 24 अगस्त को भोपाल का मौसम बादलों और बारिश के बीच सुहावना रहने की उम्मीद है। तापमान में ज्यादा बढ़ोतरी नहीं होने से गर्मी से राहत मिल सकती है। हालांकि बाहर निकलने वाले लोगों को बारिश को ध्यान में रखते हुए जरूरी तैयारी के साथ घर से निकलना चाहिए। मौसम तेजी से बदल सकता है इसलिए स्थानीय स्तर पर जारी होने वाले मौसम अलर्ट पर नजर रखना भी जरूरी होगा।

  • MP Weather Update: भोपाल में बारिश का दौर जारी, गरज-चमक के साथ बरसेंगे बादल, मौसम विभाग ने किया अलर्ट

    MP Weather Update: भोपाल में बारिश का दौर जारी, गरज-चमक के साथ बरसेंगे बादल, मौसम विभाग ने किया अलर्ट


    भोपाल ।  भोपाल में शनिवार 8 अगस्त को मौसम का मिजाज एक बार फिर बदलता नजर आ सकता है। मानसून की सक्रियता के बीच राजधानी में बादल छाए रहने और बारिश होने की संभावना बनी हुई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के भोपाल केंद्र ने पश्चिमी मध्य प्रदेश के लिए 8 अगस्त को गरज-चमक और आकाशीय बिजली की संभावना जताई है। ऐसे में भोपाल और आसपास के इलाकों में लोगों को मौसम में अचानक बदलाव देखने को मिल सकता है। शुक्रवार को भी राजधानी में मौसम नम रहा और वातावरण में नमी बनी रही। मौसम विभाग के अनुसार भोपाल क्षेत्र में बादलों की आवाजाही के बीच तापमान में बहुत ज्यादा बढ़ोतरी की संभावना नहीं है।

    8 अगस्त को भोपाल में सुबह से ही आसमान में बादल छाए रह सकते हैं। दिन के दौरान कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश देखने को मिल सकती है जबकि कहीं कहीं गरज चमक के साथ तेज बौछारें भी पड़ सकती हैं। मानसून के दौरान स्थानीय स्तर पर बनने वाले बादल कई बार कुछ ही समय में मौसम का रुख बदल देते हैं। यही वजह है कि शहर के एक हिस्से में बारिश हो सकती है जबकि दूसरे हिस्से में कुछ समय तक केवल बादल छाए रह सकते हैं। राजधानी के निचले इलाकों में बारिश के बाद जलभराव की स्थिति बनने की संभावना को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत होगी।

    मौसम विभाग की चेतावनी केवल 8 अगस्त तक सीमित नहीं है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 9 अगस्त को भी गरज चमक और आकाशीय बिजली की संभावना जताई गई है जबकि 10 और 11 अगस्त को भारी बारिश के साथ गरज चमक को लेकर चेतावनी जारी की गई है। इसका असर भोपाल सहित आसपास के क्षेत्रों के मौसम पर भी पड़ सकता है। ऐसे में आने वाले दिनों में बारिश का दौर और सक्रिय होने की संभावना बनी हुई है।

    बारिश के कारण भोपाल के तापमान में भी राहत बनी रह सकती है। राजधानी में इन दिनों उमस और बादलों के बीच मौसम का असर लगातार बदल रहा है। शुक्रवार को भोपाल के अरेरा हिल्स क्षेत्र में तापमान 26 डिग्री के आसपास दर्ज किया गया जबकि हवा की रफ्तार और नमी भी बनी रही। मौसम में नमी अधिक होने के कारण बारिश के बाद वातावरण ठंडा और सुहाना महसूस हो सकता है। हालांकि बारिश रुकने के बाद उमस बढ़ने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता।

    शनिवार को घर से बाहर निकलने वाले लोगों को मौसम पर नजर रखने की सलाह दी जाती है। खासकर गरज चमक के दौरान खुले मैदानों पेड़ के नीचे और बिजली के खंभों के आसपास खड़े होने से बचना चाहिए। दोपहिया वाहन चालकों को भी बारिश के दौरान सड़क पर अतिरिक्त सावधानी बरतनी होगी क्योंकि तेज बारिश के बाद सड़कों पर फिसलन बढ़ सकती है। वहीं बारिश के कारण यातायात की रफ्तार भी प्रभावित हो सकती है।

    कुल मिलाकर 8 अगस्त को भोपाल में मौसम सुहाना रहने के साथ बारिश के आसार हैं। बादलों की आवाजाही और गरज चमक राजधानी के मौसम को प्रभावित कर सकती है। मौसम विभाग की अगले कुछ दिनों की चेतावनी को देखते हुए यह साफ है कि भोपाल में मानसून अभी पूरी तरह सक्रिय बना हुआ है और आने वाले दिनों में बारिश का दौर जारी रह सकता है।

  • एमपी में मानसून का जोर बरकरार, आज भोपाल-इंदौर समेत 35 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

    एमपी में मानसून का जोर बरकरार, आज भोपाल-इंदौर समेत 35 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट


    भोपाल। मध्यप्रदेश में मानसून पूरी तरह सक्रिय बना हुआ है। मौसम विभाग (आईएमडी) ने शनिवार को भोपाल, इंदौर समेत 35 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। वहीं करीब 20 जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है। विभाग के अनुसार अगले चार दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से अति भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है। अब तक राज्य में औसतन 13 इंच वर्षा दर्ज की जा चुकी है, जो इस मानसून सीजन के कुल औसत कोटे का लगभग 35 प्रतिशत है।

    अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से मिल रही लगातार नमी
    मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरे प्रदेश में सक्रिय है। अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी मिलने के साथ मानसून ट्रफ भी मध्यप्रदेश से होकर गुजर रही है। इसके चलते हवा में नमी का स्तर 80 से 95 प्रतिशत तक बना हुआ है, जिससे कई इलाकों में तेज बारिश की परिस्थितियां बनी हुई हैं।

    इन जिलों में भारी बारिश की चेतावनी
    मौसम विभाग ने भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, उज्जैन, नीमच, मंदसौर, रतलाम, आगर-मालवा, शाजापुर, देवास, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर और छिंदवाड़ा में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।

    इसके अलावा पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी जिलों में भी कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश होने की संभावना है।

    लगातार बारिश से सुधरे आंकड़े
    बीते चार दिनों से हो रही लगातार बारिश का असर प्रदेश के वर्षा आंकड़ों पर भी दिखाई दिया है। 20 जुलाई तक जहां राज्य में सामान्य से 17 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई थी, वहीं अब यह कमी घटकर 11 प्रतिशत रह गई है। वर्तमान में प्रदेश में औसतन 330.4 मिमी (करीब 13 इंच) वर्षा हो चुकी है, जबकि इस अवधि तक 370.9 मिमी (करीब 14.6 इंच) बारिश सामान्य मानी जाती है।

    14 जिलों में सामान्य से अधिक वर्षा
    देवास, भोपाल, इंदौर, सीहोर, राजगढ़, हरदा, बुरहानपुर, नीमच, आगर-मालवा, भिंड, मंदसौर सहित 14 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है। इनमें देवास सबसे आगे है, जहां अब तक 19.6 इंच वर्षा रिकॉर्ड की जा चुकी है। वहीं प्रदेश के 41 जिलों में अब भी सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है।