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  • मध्य प्रदेश में मानसून पर लगा ब्रेक 43 जिलों में बारिश की चेतावनी ग्वालियर चंबल को करना होगा सबसे ज्यादा इंतजार

    मध्य प्रदेश में मानसून पर लगा ब्रेक 43 जिलों में बारिश की चेतावनी ग्वालियर चंबल को करना होगा सबसे ज्यादा इंतजार


    मध्यप्रदेश मध्य प्रदेश में मानसून की एंट्री के बाद उसकी रफ्तार फिलहाल थम गई है। दक्षिण पूर्वी हिस्से के 15 जिलों तक पहुंचने के बाद पिछले तीन दिनों से मानसून आगे नहीं बढ़ पाया है। हालांकि मौसम विभाग ने अगले दो से तीन दिनों में परिस्थितियां अनुकूल बनने की संभावना जताई है। इसके साथ ही शनिवार को प्रदेश के 43 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

    मौसम विभाग के अनुसार मानसून ने 24 जून को मध्य प्रदेश में प्रवेश किया था। इसके बाद आलीराजपुर इंदौर धार हरदा बैतूल खंडवा बुरहानपुर खरगोन छिंदवाड़ा पांढुर्णा सिवनी बालाघाट मंडला डिंडोरी और बड़वानी सहित 15 जिलों में इसकी आधिकारिक एंट्री दर्ज की गई। इसके बाद मानसून की प्रगति धीमी पड़ गई। विभाग का कहना है कि अगले कुछ दिनों में मानसून सबसे पहले भोपाल और उज्जैन संभाग की ओर आगे बढ़ सकता है जबकि ग्वालियर और चंबल क्षेत्र में इसकी दस्तक सबसे आखिर में होने की संभावना है।

    शनिवार के लिए जारी पूर्वानुमान के अनुसार भोपाल रायसेन सीहोर राजगढ़ विदिशा इंदौर झाबुआ आलीराजपुर धार बुरहानपुर बड़वानी खंडवा खरगोन उज्जैन रतलाम आगर मालवा शाजापुर देवास नर्मदापुरम बैतूल हरदा जबलपुर कटनी नरसिंहपुर छिंदवाड़ा पांढुर्णा सिवनी बालाघाट मंडला डिंडोरी रीवा सतना सीधी सिंगरौली मऊगंज मैहर शहडोल उमरिया अनूपपुर सागर पन्ना दमोह और छतरपुर में बारिश की संभावना जताई गई है।

    इसके अलावा ग्वालियर श्योपुर मुरैना भिंड दतिया शिवपुरी गुना अशोकनगर नीमच मंदसौर निवाड़ी और टीकमगढ़ जिलों में भी कहीं कहीं हल्की बारिश हो सकती है।

    शुक्रवार को प्रदेश के कई हिस्सों में तेज बारिश और आंधी का असर देखने को मिला। सिवनी में करीब दो इंच बारिश दर्ज की गई जबकि उज्जैन में डेढ़ इंच से अधिक पानी गिरा। शाजापुर के शुजालपुर और अकोदिया सहित कई क्षेत्रों में अच्छी वर्षा हुई। दतिया इंदौर राजगढ़ शिवपुरी मंडला रीवा सागर बालाघाट खंडवा आगर मालवा और मंदसौर सहित अनेक जिलों में भी बारिश का दौर जारी रहा।

    बारिश के बीच कुछ स्थानों पर हादसे भी हुए। बालाघाट जिले में आकाशीय बिजली गिरने से दो बच्चों सहित तीन लोगों की मौत हो गई जबकि छह लोग झुलस गए। वहीं देवास जिले के खटांबा गांव में आंधी और बारिश के दौरान एक गैलरी गिरने से दो महिलाओं की जान चली गई और तीन लोग घायल हो गए।

    लगातार बारिश और तेज हवाओं के कारण प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में दिन के तापमान में भी उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई। खरगोन का अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा जबकि खंडवा सागर छिंदवाड़ा बैतूल सिवनी उमरिया धार और नर्मदापुरम में भी तापमान सामान्य से कम दर्ज किया गया। पांच बड़े शहरों में भोपाल और इंदौर का अधिकतम तापमान 33.8 डिग्री सेल्सियस उज्जैन का 33.5 डिग्री जबलपुर का 36.7 डिग्री जबकि ग्वालियर सबसे गर्म रहा जहां अधिकतम तापमान 41.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

    मौसम विभाग का कहना है कि यदि अनुकूल परिस्थितियां बनी रहीं तो अगले दो से तीन दिनों में मानसून एक बार फिर सक्रिय होगा और प्रदेश के शेष हिस्सों में भी तेजी से आगे बढ़ेगा।

  • मौसम का बदलेगा मिजाज! आंधी, बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट, कई राज्यों में राहत तो कहीं बढ़ेगी उमस

    मौसम का बदलेगा मिजाज! आंधी, बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट, कई राज्यों में राहत तो कहीं बढ़ेगी उमस



    मध्य प्रदेशदेशभर में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदलने जा रहा है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार 9 जून को कई राज्यों में तेज आंधी, बारिश और गरज-चमक के साथ मौसम सक्रिय रहने की संभावना है। मानसून धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा है, जिसके चलते कई क्षेत्रों में राहत की बारिश देखने को मिल सकती है, जबकि कुछ इलाकों में गर्मी और उमस का असर बरकरार रहेगा।

    मौसम विभाग ने मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, राजस्थान, पंजाब, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और अन्य राज्यों में तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना जताई है। कई स्थानों पर 60 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जिससे जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है। लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।

    मध्य प्रदेश में भी मौसम के तेवर बदले हुए नजर आ सकते हैं। भोपाल, सीहोर, विदिशा, सागर, सतना, उज्जैन और आसपास के इलाकों में तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश के आसार हैं। पिछले दिनों प्रदेश के कई हिस्सों में तेज हवाएं दर्ज की गई थीं, जिससे तापमान में गिरावट और मौसम में बदलाव देखने को मिला था।

    दक्षिण भारत में मानसून की गतिविधियां तेज हो रही हैं। केरल और कर्नाटक में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। कई जिलों में ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने बाढ़ और जलभराव की आशंका को देखते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।

    पूर्वोत्तर भारत में भी बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और आसपास के राज्यों में व्यापक वर्षा के संकेत हैं। वहीं उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में बादलों की आवाजाही के बावजूद उमस और गर्मी का असर महसूस किया जा सकता है।

    मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून की प्रगति के साथ आने वाले दिनों में देश के अधिक हिस्सों में वर्षा गतिविधियां बढ़ेंगी। हालांकि कुछ क्षेत्रों में अभी भी गर्म और शुष्क हवाओं का प्रभाव बना रह सकता है। ऐसे में नागरिकों को मौसम विभाग की चेतावनियों और स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करने की आवश्यकता है।

    कुल मिलाकर 9 जून का दिन मौसम के लिहाज से काफी सक्रिय रहने वाला है। कहीं बारिश राहत देगी तो कहीं तेज हवाएं और बिजली गिरने का खतरा चुनौती बन सकता है। इसलिए घर से निकलने से पहले मौसम की ताजा जानकारी जरूर लें और आवश्यक सावधानी बरतें।

  • शाजापुर में अगले 3 घंटे में आंधी-बारिश के आसार, उमस से लोग परेशान; 12 जून के बाद फिर बदलेगा मौसम

    शाजापुर में अगले 3 घंटे में आंधी-बारिश के आसार, उमस से लोग परेशान; 12 जून के बाद फिर बदलेगा मौसम


    मध्य प्रदेश । मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले में मौसम एक बार फिर करवट लेने को तैयार है। पिछले कुछ दिनों से शाम के समय हो रही हल्की बारिश के बाद अब दिन के समय तेज गर्मी और उमस ने लोगों को परेशान कर दिया है।

    सोमवार सुबह से ही तेज धूप और नमी के कारण वातावरण भारी महसूस हुआ, जिससे आमजन को काफी असुविधा का सामना करना पड़ा। मौसम में हल्की गिरावट के बावजूद गर्मी का असर लगातार बना हुआ है।

    मौसम विभाग के अनुसार, जिले में अधिकतम तापमान 37.8 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। साथ ही करीब 52 प्रतिशत आर्द्रता के कारण उमस का प्रभाव और बढ़ गया है। पश्चिमी-उत्तर पश्चिमी दिशा से लगभग 12 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल रही हैं।

    विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि अगले तीन घंटों के भीतर शाजापुर में आंधी, गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। इसके चलते लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

    मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, मंगलवार से प्री-मानसून गतिविधियों में थोड़ी कमी आ सकती है, जिससे बारिश की तीव्रता घट सकती है। हालांकि शाम के समय कुछ स्थानों पर हल्की गरज-चमक की स्थिति बनी रह सकती है।

    वहीं, अनुमान लगाया गया है कि 12 जून के बाद जिले में मौसम एक बार फिर सक्रिय होगा और बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। इससे आने वाले दिनों में तापमान में गिरावट और मौसम में बदलाव की संभावना है।

  • मानसून आया नहीं, फिर भी कोटे से 65% ज्यादा बारिश; MP में मौसम का बदला मिजाज

    मानसून आया नहीं, फिर भी कोटे से 65% ज्यादा बारिश; MP में मौसम का बदला मिजाज


    मध्‍य प्रदेश। मध्यप्रदेश में मानसून ने अभी आधिकारिक तौर पर दस्तक नहीं दी है, लेकिन मौसम ने अपने तेवर पहले ही दिखाने शुरू कर दिए हैं। जून महीने की शुरुआत से ही राज्य के कई हिस्सों में लगातार बारिश और तेज आंधी का दौर जारी है। हालात यह हैं कि अब तक प्रदेश में सामान्य से करीब 65 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की जा चुकी है, जिससे मौसम विभाग भी हैरान है।

    राज्य के कई जिलों में रविवार को भी तेज बारिश देखने को मिली। खंडवा, जबलपुर और सीहोर जैसे जिलों में झमाझम बारिश ने गर्मी से राहत तो दी, लेकिन साथ ही जनजीवन को भी प्रभावित किया। कई जगहों पर तेज हवाओं के कारण यातायात बाधित हुआ और हाईवे पर जाम जैसी स्थिति बन गई।

    मौसम विभाग के अनुसार, इस समय प्रदेश में प्री-मानसूनी गतिविधियां सक्रिय हैं। मानसून की आधिकारिक एंट्री अभी नहीं हुई है, लेकिन वातावरण में नमी और बदलते दबाव के कारण लगातार बारिश हो रही है। अनुमान लगाया जा रहा है कि मानसून 15 से 18 जून के बीच मध्यप्रदेश में प्रवेश कर सकता है।

    भोपाल, आगर-मालवा, शाजापुर और नीमच जैसे जिलों में इस महीने अब तक 2 से ढाई इंच तक बारिश दर्ज की जा चुकी है, जो सामान्य औसत से काफी अधिक है। वहीं सतना, सीधी, रायसेन, रतलाम, श्योपुर, हरदा और बुरहानपुर जैसे जिलों में भी एक इंच से अधिक बारिश हो चुकी है।

    मौसम विभाग ने सोमवार के लिए ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, सागर, दमोह, जबलपुर, नरसिंहपुर, बालाघाट, छिंदवाड़ा, बैतूल, खंडवा, खरगोन और बड़वानी सहित कई जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है।

    लगातार बदलते मौसम ने किसानों और आम लोगों की चिंता भी बढ़ा दी है। जहां एक तरफ बारिश से तापमान में गिरावट आई है, वहीं दूसरी ओर खेतों में खड़ी फसलों और शहरों में ट्रैफिक व्यवस्था पर असर पड़ रहा है। कई स्थानों पर बिजली आपूर्ति भी बाधित होने की खबरें सामने आई हैं।

    विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की प्री-मानसूनी गतिविधियां मानसून के मजबूत संकेत हो सकती हैं, लेकिन इसके साथ ही सावधानी बरतना भी जरूरी है। तेज आंधी और बारिश के दौरान खुले स्थानों से बचने और सुरक्षित स्थान पर रहने की सलाह दी गई है।

    फिलहाल प्रदेश में मौसम का यह बदला हुआ मिजाज अगले कुछ दिनों तक जारी रहने की संभावना है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत तो मिलेगी, लेकिन सावधानी भी जरूरी होगी।

  • एमपी में भीषण गर्मी का दौर जारी, आज भी तीव्र लू की चेतावनी, 28 मई से तीन दिन बारिश की संभावना

    एमपी में भीषण गर्मी का दौर जारी, आज भी तीव्र लू की चेतावनी, 28 मई से तीन दिन बारिश की संभावना

    भोपाल। मध्यप्रदेश में नौतपा के शुरुआती दो दिनों में जहां कई इलाकों में आंधी और बारिश देखने को मिली, वहीं अब मौसम विभाग ने 28 मई से लगातार तीन दिन तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम केंद्र भोपाल के अनुसार यह प्री-मानसून गतिविधियों की शुरुआत मानी जा रही है। विभाग का अनुमान है कि प्रदेश में मानसून 10 से 16 जून के बीच दस्तक दे सकता है।

    बुधवार को निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना और रीवा जिलों में तीव्र लू का रेड अलर्ट जारी किया गया है। टीकमगढ़ में रात के समय भी तापमान अधिक बना रहने की संभावना है। वहीं ग्वालियर और जबलपुर में भी तीव्र लू का असर रहने की चेतावनी दी गई है। राजधानी भोपाल में भी हीटवेव चलने के आसार हैं।

    मंगलवार को प्रदेश के 16 शहरों में अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक दर्ज किया गया। छतरपुर जिले के खजुराहो और नौगांव सबसे गर्म रहे। खजुराहो में तापमान 46.4 डिग्री और नौगांव में 45.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

    इसके अलावा दतिया में 45.2 डिग्री, दमोह, सतना और टीकमगढ़ में 45 डिग्री, रीवा में 44.8 डिग्री, राजगढ़ में 44.6 डिग्री, श्योपुर में 44.4 डिग्री तथा गुना में 44.3 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। नरसिंहपुर में 44.2 डिग्री, जबकि सागर, मंडला, मुरैना और रायसेन में तापमान 44 डिग्री तक पहुंच गया।

    प्रदेश के पांच बड़े शहरों में ग्वालियर सबसे गर्म रहा, जहां पारा 44.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। भोपाल में 43.2 डिग्री, जबलपुर में 43.9 डिग्री, उज्जैन में 42 डिग्री और इंदौर में 41.2 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया।

    भोपाल में पिछले 14 वर्षों में सात बार नौतपा के दौरान बारिश दर्ज की गई है, जबकि दो बार केवल बूंदाबांदी हुई थी। इस बार भी नौतपा की शुरुआत में हल्की बारिश हो चुकी है। वर्ष 2018 और 2019 में सबसे अधिक गर्मी दर्ज की गई थी, जब औसत तापमान 43 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया था।

    मौसम विभाग ने बुधवार के लिए छह जिलों—निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना और रीवा में रेड अलर्ट जारी किया है। वहीं 19 जिलों में तीव्र लू का ऑरेंज अलर्ट और 22 जिलों में लू का येलो अलर्ट घोषित किया गया है। इंदौर, धार, बड़वानी, झाबुआ, अलीराजपुर, हरदा, नर्मदापुरम और बैतूल में तेज गर्मी का असर रहने की संभावना जताई गई है।

    मौसम विभाग के अनुसार 28 मई तक प्रदेश में गर्मी अपने चरम पर बनी रहेगी। हालांकि 29 मई से आंधी, बारिश और गरज-चमक के साथ मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है।

  • मौसम 17 मई: 19 राज्यों में बारिश-आंधी का अलर्ट, 80 km/h तक हवाएं; IMD ने जारी किया बड़ा अपडेट

    मौसम 17 मई: 19 राज्यों में बारिश-आंधी का अलर्ट, 80 km/h तक हवाएं; IMD ने जारी किया बड़ा अपडेट


    नई दिल्ली। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 17 मई के लिए देश के मौसम को लेकर बड़ा अलर्ट जारी किया है। विभाग के मुताबिक, अगले 12 से 24 घंटों में देश के 19 राज्यों में बारिश, आंधी और बिजली गिरने की संभावना है। कुछ इलाकों में हवाओं की रफ्तार 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

    IMD ने बताया कि मध्य उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में निचले स्तर पर चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है, जबकि दक्षिणी राजस्थान के ऊपर भी एक और वायु परिसंचरण बना हुआ है। इन्हीं मौसमी सिस्टम के कारण देश के बड़े हिस्से में मौसम तेजी से बदल रहा है।


    इन राज्यों में बारिश और आंधी का अलर्ट
    मौसम विभाग के अनुसार बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, असम, मेघालय, त्रिपुरा, नागालैंड, सिक्किम, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, उत्तराखंड, पंजाब, तमिलनाडु, कर्नाटक, केरल और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में मध्यम से भारी बारिश और तेज आंधी का अनुमान है।

    इन राज्यों में कई जगहों पर तेज हवाओं के साथ बिजली गिरने और वज्रपात की भी चेतावनी दी गई है। पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है।

    दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश का मौसम
    दिल्ली में 17 मई को मौसम शुष्क और गर्म रहने की संभावना है। अधिकतम तापमान 42 डिग्री और न्यूनतम 30 डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है। लू चलने की भी संभावना है।

    उत्तर प्रदेश में भी ज्यादातर जिलों में भीषण गर्मी और लू का असर रहेगा। नोएडा, आगरा, मथुरा, कानपुर, वाराणसी, लखनऊ और आसपास के इलाकों में दिन के समय तेज गर्म हवाएं परेशान कर सकती हैं। लखनऊ में तापमान 42 डिग्री तक पहुंचने का अनुमान है।

    बिहार और झारखंड में भारी बारिश की चेतावनी
    बिहार में गया, पटना, भागलपुर, दरभंगा, मुजफ्फरपुर और अन्य जिलों में तेज बारिश और आंधी की संभावना है। कई जगहों पर बिजली गिरने का खतरा भी जताया गया है।

    झारखंड में रांची, धनबाद, बोकारो, दुमका और अन्य जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है। हवा की रफ्तार 40 से 50 किमी प्रति घंटे तक रहने का अनुमान है।

    उत्तराखंड और हिमाचल में मौसम बदलेगा
    उत्तराखंड के नैनीताल, रुद्रप्रयाग, पौड़ी, चंपावत और अन्य क्षेत्रों में भारी बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट है। वहीं हिमाचल प्रदेश में बादल छाए रहने और तेज हवा चलने की संभावना है।

    पश्चिम और दक्षिण भारत का हाल
    राजस्थान और पंजाब में भीषण गर्मी और लू का असर जारी रहेगा। कुछ जगहों पर धूल भरी आंधी चल सकती है। वहीं केरल, कर्नाटक और तमिलनाडु में हल्की से मध्यम बारिश के आसार हैं।

    IMD के अनुसार देश का मौसम इस समय दो हिस्सों में बंटा हुआ है—एक तरफ कई राज्यों में बारिश और आंधी का असर, तो दूसरी तरफ उत्तर भारत के कई हिस्सों में भीषण गर्मी और लू की स्थिति बनी हुई है। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।

  • यूपी में 18 जून तक मानसून की दस्तक संभव, भीषण गर्मी और लू से बढ़ी परेशानी

    यूपी में 18 जून तक मानसून की दस्तक संभव, भीषण गर्मी और लू से बढ़ी परेशानी


    नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश में मानसून इस बार 18 जून के आसपास दस्तक दे सकता है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, मानसून केरल में 26 मई के करीब पहुंचेगा और वहां से आगे बढ़ते हुए 18 जून तक गोरखपुर के रास्ते यूपी में प्रवेश कर सकता है। हालांकि मौसम विशेषज्ञों ने इसे संभावित तारीख बताया है और स्पष्टता मानसून की वास्तविक गति के आधार पर ही आएगी।

    लखनऊ स्थित मौसम वैज्ञानिक Atul Kumar Singh ने बताया कि मौजूदा मौसम परिस्थितियों को देखते हुए यह अनुमान लगाया गया है। उन्होंने कहा कि जब मानसून केरल से आगे बढ़ेगा, तभी इसकी सटीक तारीख तय की जा सकेगी।

    फिलहाल प्रदेश में मौसम शुष्क बना हुआ है और तेज धूप के कारण तापमान लगातार बढ़ रहा है। पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश में गर्मी का असर तेज है और कई जिलों में हीटवेव का अलर्ट जारी किया गया है। झांसी और ललितपुर सहित करीब 8 जिलों में लू चलने की चेतावनी दी गई है।

    पिछले 24 घंटों में कुछ जिलों में हल्की बारिश जरूर दर्ज की गई है, लेकिन उससे गर्मी में कोई खास राहत नहीं मिली। बांदा प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां तापमान 45.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में तापमान 47 डिग्री तक भी जा सकता है।

    विशेषज्ञों के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ का असर खत्म हो चुका है, जिसके कारण अब दिन के साथ-साथ रातें भी गर्म रहेंगी। हीटवेव की स्थिति और तेज होने की संभावना जताई गई है, जिससे लोगों को अतिरिक्त सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

    मौसम विभाग ने यह भी बताया कि इस साल मानसून सामान्य से कमजोर रह सकता है। इसके पीछे प्रशांत महासागर में अल नीनो जैसी परिस्थितियों का प्रभाव और उत्तरी गोलार्ध में कम बर्फबारी को कारण माना जा रहा है, जिससे वर्षा प्रभावित हो सकती है।

    हालांकि पिछले वर्ष उत्तर प्रदेश में मानसून अपेक्षाकृत बेहतर रहा था और सामान्य से 10 से 15 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई थी। लेकिन इस बार मौसम पैटर्न बदलने से बारिश कम होने की संभावना जताई जा रही है, जिससे कृषि और जलस्तर पर असर पड़ सकता है।

  • तेज हवाएं, बारिश और आंधी का खतरा बढ़ा, 55 किमी की रफ्तार से चल सकती है हवा, कई राज्यों में अलर्ट

    तेज हवाएं, बारिश और आंधी का खतरा बढ़ा, 55 किमी की रफ्तार से चल सकती है हवा, कई राज्यों में अलर्ट


    नई दिल्ली। 
    देशभर में मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। कई राज्यों में तेज बारिश, आंधी और तूफानी हवाओं को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार 8 मई को उत्तर भारत से लेकर पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत तक कई हिस्सों में मौसम का असर देखने को मिल सकता है। कुछ राज्यों में तेज हवाएं 55 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से चलने की संभावना जताई गई है, जबकि पहाड़ी इलाकों में बारिश के साथ बर्फबारी भी हो सकती है। बदलते मौसम को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

    दिल्ली-एनसीआर में पिछले कुछ दिनों से जारी बारिश और ठंडी हवाओं का असर अब कम होने लगेगा। इसके बाद राजधानी में गर्मी एक बार फिर तेजी से बढ़ सकती है। आने वाले दिनों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंचने का अनुमान है। 8 मई को अधिकतम तापमान 37 डिग्री और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री रहने की संभावना है। इसके बाद अगले दो से तीन दिनों में गर्मी और ज्यादा बढ़ सकती है।

    उत्तर प्रदेश में 8 और 9 मई के दौरान मौसम का मिजाज बिगड़ सकता है। खासतौर पर पूर्वी जिलों और तराई क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश होने की संभावना है। कई इलाकों में बिजली गिरने और 40 से 50 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है। मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों से दूर रहने की सलाह दी है।

    बिहार में भी मौसम को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। राज्य के कई जिलों में आंधी और बारिश का खतरा बना हुआ है। किशनगंज, सुपौल, अररिया और खगड़िया समेत कई इलाकों में अगले 48 घंटों तक बादल छाए रहने और रुक-रुककर बारिश होने की संभावना है। बेमौसम बारिश के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है।

    मध्य प्रदेश में भी पश्चिमी विक्षोभ का असर देखने को मिल रहा है। कई जिलों में तेज हवाओं और बारिश की गतिविधियां जारी हैं। ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना और रीवा समेत कई जिलों में आंधी और बारिश को लेकर चेतावनी जारी की गई है। वहीं राजस्थान में धूल भरी आंधी और हल्की बारिश के आसार बने हुए हैं। राज्य के कई हिस्सों में तापमान में बढ़ोतरी भी दर्ज की जा सकती है।

    उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के पर्वतीय इलाकों में मौसम ज्यादा खराब हो सकता है। उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग और पिथौरागढ़ जैसे ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बारिश के साथ बर्फबारी की संभावना जताई गई है। हिमाचल प्रदेश में भी 11 और 12 मई के दौरान गरज-चमक, तेज हवाओं और बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है।

    पूर्वोत्तर भारत के अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय और सिक्किम में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। वहीं दक्षिण भारत के तमिलनाडु में भी कई जिलों में तेज बारिश के आसार हैं। मौसम में लगातार हो रहे बदलाव के कारण कई राज्यों में लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। विशेषज्ञों के अनुसार अगले कुछ दिनों तक देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का यही बदला हुआ रूप देखने को मिल सकता है।

  • MP: आज ग्वालियर समेत 11 जिलों में बारिश-आंधी की चेतावनी, भोपाल-इंदौर में बढ़ेगी गर्मी

    MP: आज ग्वालियर समेत 11 जिलों में बारिश-आंधी की चेतावनी, भोपाल-इंदौर में बढ़ेगी गर्मी


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मौसम लगातार करवट बदल रहा है। पश्चिमी विक्षोभ, चक्रवातीय परिसंचरण और ट्रफ लाइन के असर से पिछले एक सप्ताह से प्रदेश में कहीं आंधी तो कहीं बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग ने गुरुवार को ग्वालियर सहित 11 जिलों में तेज आंधी और बारिश की चेतावनी जारी की है।

    अलर्ट वाले जिलों में ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा और मऊगंज शामिल हैं। मौसम विभाग के अनुसार सक्रिय वेस्टर्न डिस्टरबेंस के कारण अगले दो दिन तक मौसम का मिजाज ऐसा ही बना रह सकता है। वहीं दूसरी ओर भोपाल, इंदौर, उज्जैन और जबलपुर समेत प्रदेश के 44 जिलों में गर्मी का असर भी देखने को मिलेगा। कई शहरों में दिन का तापमान 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है। निवाड़ी, छतरपुर, टीकमगढ़, नर्मदापुरम, रतलाम, नीमच और मंदसौर में तापमान में अधिक बढ़ोतरी हो सकती है।

    अगले 4 दिन मौसम रहेगा बदला-बदला
    मौसम विभाग का कहना है कि अगले चार दिन तक प्रदेश में मौसम अस्थिर बना रहेगा। अगले दो दिन कुछ इलाकों में बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं, जबकि 9 और 10 मई को गर्मी का प्रभाव पूरे प्रदेश में बढ़ जाएगा।

    लगातार सातवें दिन भी बारिश
    बुधवार को प्रदेश में लगातार सातवें दिन भी कई जिलों में बारिश और आंधी का असर देखने को मिला। धार सहित कई क्षेत्रों में मौसम बदला रहा। मई की शुरुआत में लगातार हुई बारिश से फिलहाल गर्मी से राहत बनी हुई है और अधिकांश शहरों में दिन का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया जा रहा है।

    10 मई से फिर बदलेगा मौसम
    मौसम विभाग के अनुसार 10 मई से एक नया मौसम सिस्टम सक्रिय होने जा रहा है, जिसका असर अगले दो दिनों में दिखाई दे सकता है। वर्तमान में प्रदेश के मध्य और ऊपरी हिस्से में दो चक्रवातीय परिसंचरण सक्रिय हैं, जबकि पूर्वी हिस्से से एक ट्रफ लाइन गुजर रही है। इसी वजह से प्रदेश में मौसम में लगातार बदलाव बना हुआ है।

  • एमपी में आज 34 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट, 6 जिलों में ओलावृष्टि की चेतावनी

    एमपी में आज 34 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट, 6 जिलों में ओलावृष्टि की चेतावनी

    भोपाल। मध्य प्रदेश में पिछले चार दिनों से मौसम का मिजाज पूरी तरह बदला हुआ है। तेज गर्मी की जगह अब आंधी, बारिश और कई इलाकों में ओलावृष्टि देखने को मिल रही है। मौसम विभाग के अनुसार, यह स्थिति अगले चार दिनों यानी 7 मई तक बनी रह सकती है। मौसम विभाग ने सोमवार के लिए प्रदेश के 34 जिलों में आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है, जबकि 6 जिलों में ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है। भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर और रीवा में आज ओले गिरने की आशंका है।

    इसके अलावा भोपाल, रायसेन, सीहोर, आगर-मालवा, राजगढ़, विदिशा, नर्मदापुरम, बैतूल, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, अशोकनगर, मुरैना, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना और दमोह में तेज आंधी और बारिश की चेतावनी दी गई है।

    मौसम विभाग के अनुसार, आंधी की रफ्तार 30 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा ने बताया कि प्रदेश में ट्रफ और साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय है, जिसके चलते यह बदलाव देखने को मिल रहा है। इसी कारण कई जगहों पर तेज हवाओं के साथ बारिश और ओलावृष्टि हो रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, आमतौर पर मई में भीषण गर्मी पड़ती है, लेकिन इस बार महीने की शुरुआत ही बदले हुए मौसम के साथ हुई है। फिलहाल अगले कुछ दिनों तक इसी तरह के हालात बने रहने की संभावना है।