Tag: Rain Alert

  • मानसून आया नहीं, फिर भी कोटे से 65% ज्यादा बारिश; MP में मौसम का बदला मिजाज

    मानसून आया नहीं, फिर भी कोटे से 65% ज्यादा बारिश; MP में मौसम का बदला मिजाज


    मध्‍य प्रदेश। मध्यप्रदेश में मानसून ने अभी आधिकारिक तौर पर दस्तक नहीं दी है, लेकिन मौसम ने अपने तेवर पहले ही दिखाने शुरू कर दिए हैं। जून महीने की शुरुआत से ही राज्य के कई हिस्सों में लगातार बारिश और तेज आंधी का दौर जारी है। हालात यह हैं कि अब तक प्रदेश में सामान्य से करीब 65 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की जा चुकी है, जिससे मौसम विभाग भी हैरान है।

    राज्य के कई जिलों में रविवार को भी तेज बारिश देखने को मिली। खंडवा, जबलपुर और सीहोर जैसे जिलों में झमाझम बारिश ने गर्मी से राहत तो दी, लेकिन साथ ही जनजीवन को भी प्रभावित किया। कई जगहों पर तेज हवाओं के कारण यातायात बाधित हुआ और हाईवे पर जाम जैसी स्थिति बन गई।

    मौसम विभाग के अनुसार, इस समय प्रदेश में प्री-मानसूनी गतिविधियां सक्रिय हैं। मानसून की आधिकारिक एंट्री अभी नहीं हुई है, लेकिन वातावरण में नमी और बदलते दबाव के कारण लगातार बारिश हो रही है। अनुमान लगाया जा रहा है कि मानसून 15 से 18 जून के बीच मध्यप्रदेश में प्रवेश कर सकता है।

    भोपाल, आगर-मालवा, शाजापुर और नीमच जैसे जिलों में इस महीने अब तक 2 से ढाई इंच तक बारिश दर्ज की जा चुकी है, जो सामान्य औसत से काफी अधिक है। वहीं सतना, सीधी, रायसेन, रतलाम, श्योपुर, हरदा और बुरहानपुर जैसे जिलों में भी एक इंच से अधिक बारिश हो चुकी है।

    मौसम विभाग ने सोमवार के लिए ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, सागर, दमोह, जबलपुर, नरसिंहपुर, बालाघाट, छिंदवाड़ा, बैतूल, खंडवा, खरगोन और बड़वानी सहित कई जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है।

    लगातार बदलते मौसम ने किसानों और आम लोगों की चिंता भी बढ़ा दी है। जहां एक तरफ बारिश से तापमान में गिरावट आई है, वहीं दूसरी ओर खेतों में खड़ी फसलों और शहरों में ट्रैफिक व्यवस्था पर असर पड़ रहा है। कई स्थानों पर बिजली आपूर्ति भी बाधित होने की खबरें सामने आई हैं।

    विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की प्री-मानसूनी गतिविधियां मानसून के मजबूत संकेत हो सकती हैं, लेकिन इसके साथ ही सावधानी बरतना भी जरूरी है। तेज आंधी और बारिश के दौरान खुले स्थानों से बचने और सुरक्षित स्थान पर रहने की सलाह दी गई है।

    फिलहाल प्रदेश में मौसम का यह बदला हुआ मिजाज अगले कुछ दिनों तक जारी रहने की संभावना है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत तो मिलेगी, लेकिन सावधानी भी जरूरी होगी।

  • एमपी में भीषण गर्मी का दौर जारी, आज भी तीव्र लू की चेतावनी, 28 मई से तीन दिन बारिश की संभावना

    एमपी में भीषण गर्मी का दौर जारी, आज भी तीव्र लू की चेतावनी, 28 मई से तीन दिन बारिश की संभावना

    भोपाल। मध्यप्रदेश में नौतपा के शुरुआती दो दिनों में जहां कई इलाकों में आंधी और बारिश देखने को मिली, वहीं अब मौसम विभाग ने 28 मई से लगातार तीन दिन तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम केंद्र भोपाल के अनुसार यह प्री-मानसून गतिविधियों की शुरुआत मानी जा रही है। विभाग का अनुमान है कि प्रदेश में मानसून 10 से 16 जून के बीच दस्तक दे सकता है।

    बुधवार को निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना और रीवा जिलों में तीव्र लू का रेड अलर्ट जारी किया गया है। टीकमगढ़ में रात के समय भी तापमान अधिक बना रहने की संभावना है। वहीं ग्वालियर और जबलपुर में भी तीव्र लू का असर रहने की चेतावनी दी गई है। राजधानी भोपाल में भी हीटवेव चलने के आसार हैं।

    मंगलवार को प्रदेश के 16 शहरों में अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक दर्ज किया गया। छतरपुर जिले के खजुराहो और नौगांव सबसे गर्म रहे। खजुराहो में तापमान 46.4 डिग्री और नौगांव में 45.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

    इसके अलावा दतिया में 45.2 डिग्री, दमोह, सतना और टीकमगढ़ में 45 डिग्री, रीवा में 44.8 डिग्री, राजगढ़ में 44.6 डिग्री, श्योपुर में 44.4 डिग्री तथा गुना में 44.3 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। नरसिंहपुर में 44.2 डिग्री, जबकि सागर, मंडला, मुरैना और रायसेन में तापमान 44 डिग्री तक पहुंच गया।

    प्रदेश के पांच बड़े शहरों में ग्वालियर सबसे गर्म रहा, जहां पारा 44.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। भोपाल में 43.2 डिग्री, जबलपुर में 43.9 डिग्री, उज्जैन में 42 डिग्री और इंदौर में 41.2 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया।

    भोपाल में पिछले 14 वर्षों में सात बार नौतपा के दौरान बारिश दर्ज की गई है, जबकि दो बार केवल बूंदाबांदी हुई थी। इस बार भी नौतपा की शुरुआत में हल्की बारिश हो चुकी है। वर्ष 2018 और 2019 में सबसे अधिक गर्मी दर्ज की गई थी, जब औसत तापमान 43 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया था।

    मौसम विभाग ने बुधवार के लिए छह जिलों—निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना और रीवा में रेड अलर्ट जारी किया है। वहीं 19 जिलों में तीव्र लू का ऑरेंज अलर्ट और 22 जिलों में लू का येलो अलर्ट घोषित किया गया है। इंदौर, धार, बड़वानी, झाबुआ, अलीराजपुर, हरदा, नर्मदापुरम और बैतूल में तेज गर्मी का असर रहने की संभावना जताई गई है।

    मौसम विभाग के अनुसार 28 मई तक प्रदेश में गर्मी अपने चरम पर बनी रहेगी। हालांकि 29 मई से आंधी, बारिश और गरज-चमक के साथ मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है।

  • मौसम 17 मई: 19 राज्यों में बारिश-आंधी का अलर्ट, 80 km/h तक हवाएं; IMD ने जारी किया बड़ा अपडेट

    मौसम 17 मई: 19 राज्यों में बारिश-आंधी का अलर्ट, 80 km/h तक हवाएं; IMD ने जारी किया बड़ा अपडेट


    नई दिल्ली। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 17 मई के लिए देश के मौसम को लेकर बड़ा अलर्ट जारी किया है। विभाग के मुताबिक, अगले 12 से 24 घंटों में देश के 19 राज्यों में बारिश, आंधी और बिजली गिरने की संभावना है। कुछ इलाकों में हवाओं की रफ्तार 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

    IMD ने बताया कि मध्य उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में निचले स्तर पर चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है, जबकि दक्षिणी राजस्थान के ऊपर भी एक और वायु परिसंचरण बना हुआ है। इन्हीं मौसमी सिस्टम के कारण देश के बड़े हिस्से में मौसम तेजी से बदल रहा है।


    इन राज्यों में बारिश और आंधी का अलर्ट
    मौसम विभाग के अनुसार बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, असम, मेघालय, त्रिपुरा, नागालैंड, सिक्किम, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, उत्तराखंड, पंजाब, तमिलनाडु, कर्नाटक, केरल और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में मध्यम से भारी बारिश और तेज आंधी का अनुमान है।

    इन राज्यों में कई जगहों पर तेज हवाओं के साथ बिजली गिरने और वज्रपात की भी चेतावनी दी गई है। पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है।

    दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश का मौसम
    दिल्ली में 17 मई को मौसम शुष्क और गर्म रहने की संभावना है। अधिकतम तापमान 42 डिग्री और न्यूनतम 30 डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है। लू चलने की भी संभावना है।

    उत्तर प्रदेश में भी ज्यादातर जिलों में भीषण गर्मी और लू का असर रहेगा। नोएडा, आगरा, मथुरा, कानपुर, वाराणसी, लखनऊ और आसपास के इलाकों में दिन के समय तेज गर्म हवाएं परेशान कर सकती हैं। लखनऊ में तापमान 42 डिग्री तक पहुंचने का अनुमान है।

    बिहार और झारखंड में भारी बारिश की चेतावनी
    बिहार में गया, पटना, भागलपुर, दरभंगा, मुजफ्फरपुर और अन्य जिलों में तेज बारिश और आंधी की संभावना है। कई जगहों पर बिजली गिरने का खतरा भी जताया गया है।

    झारखंड में रांची, धनबाद, बोकारो, दुमका और अन्य जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है। हवा की रफ्तार 40 से 50 किमी प्रति घंटे तक रहने का अनुमान है।

    उत्तराखंड और हिमाचल में मौसम बदलेगा
    उत्तराखंड के नैनीताल, रुद्रप्रयाग, पौड़ी, चंपावत और अन्य क्षेत्रों में भारी बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट है। वहीं हिमाचल प्रदेश में बादल छाए रहने और तेज हवा चलने की संभावना है।

    पश्चिम और दक्षिण भारत का हाल
    राजस्थान और पंजाब में भीषण गर्मी और लू का असर जारी रहेगा। कुछ जगहों पर धूल भरी आंधी चल सकती है। वहीं केरल, कर्नाटक और तमिलनाडु में हल्की से मध्यम बारिश के आसार हैं।

    IMD के अनुसार देश का मौसम इस समय दो हिस्सों में बंटा हुआ है—एक तरफ कई राज्यों में बारिश और आंधी का असर, तो दूसरी तरफ उत्तर भारत के कई हिस्सों में भीषण गर्मी और लू की स्थिति बनी हुई है। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।

  • यूपी में 18 जून तक मानसून की दस्तक संभव, भीषण गर्मी और लू से बढ़ी परेशानी

    यूपी में 18 जून तक मानसून की दस्तक संभव, भीषण गर्मी और लू से बढ़ी परेशानी


    नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश में मानसून इस बार 18 जून के आसपास दस्तक दे सकता है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, मानसून केरल में 26 मई के करीब पहुंचेगा और वहां से आगे बढ़ते हुए 18 जून तक गोरखपुर के रास्ते यूपी में प्रवेश कर सकता है। हालांकि मौसम विशेषज्ञों ने इसे संभावित तारीख बताया है और स्पष्टता मानसून की वास्तविक गति के आधार पर ही आएगी।

    लखनऊ स्थित मौसम वैज्ञानिक Atul Kumar Singh ने बताया कि मौजूदा मौसम परिस्थितियों को देखते हुए यह अनुमान लगाया गया है। उन्होंने कहा कि जब मानसून केरल से आगे बढ़ेगा, तभी इसकी सटीक तारीख तय की जा सकेगी।

    फिलहाल प्रदेश में मौसम शुष्क बना हुआ है और तेज धूप के कारण तापमान लगातार बढ़ रहा है। पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश में गर्मी का असर तेज है और कई जिलों में हीटवेव का अलर्ट जारी किया गया है। झांसी और ललितपुर सहित करीब 8 जिलों में लू चलने की चेतावनी दी गई है।

    पिछले 24 घंटों में कुछ जिलों में हल्की बारिश जरूर दर्ज की गई है, लेकिन उससे गर्मी में कोई खास राहत नहीं मिली। बांदा प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां तापमान 45.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में तापमान 47 डिग्री तक भी जा सकता है।

    विशेषज्ञों के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ का असर खत्म हो चुका है, जिसके कारण अब दिन के साथ-साथ रातें भी गर्म रहेंगी। हीटवेव की स्थिति और तेज होने की संभावना जताई गई है, जिससे लोगों को अतिरिक्त सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

    मौसम विभाग ने यह भी बताया कि इस साल मानसून सामान्य से कमजोर रह सकता है। इसके पीछे प्रशांत महासागर में अल नीनो जैसी परिस्थितियों का प्रभाव और उत्तरी गोलार्ध में कम बर्फबारी को कारण माना जा रहा है, जिससे वर्षा प्रभावित हो सकती है।

    हालांकि पिछले वर्ष उत्तर प्रदेश में मानसून अपेक्षाकृत बेहतर रहा था और सामान्य से 10 से 15 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई थी। लेकिन इस बार मौसम पैटर्न बदलने से बारिश कम होने की संभावना जताई जा रही है, जिससे कृषि और जलस्तर पर असर पड़ सकता है।

  • तेज हवाएं, बारिश और आंधी का खतरा बढ़ा, 55 किमी की रफ्तार से चल सकती है हवा, कई राज्यों में अलर्ट

    तेज हवाएं, बारिश और आंधी का खतरा बढ़ा, 55 किमी की रफ्तार से चल सकती है हवा, कई राज्यों में अलर्ट


    नई दिल्ली। 
    देशभर में मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। कई राज्यों में तेज बारिश, आंधी और तूफानी हवाओं को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार 8 मई को उत्तर भारत से लेकर पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत तक कई हिस्सों में मौसम का असर देखने को मिल सकता है। कुछ राज्यों में तेज हवाएं 55 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से चलने की संभावना जताई गई है, जबकि पहाड़ी इलाकों में बारिश के साथ बर्फबारी भी हो सकती है। बदलते मौसम को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

    दिल्ली-एनसीआर में पिछले कुछ दिनों से जारी बारिश और ठंडी हवाओं का असर अब कम होने लगेगा। इसके बाद राजधानी में गर्मी एक बार फिर तेजी से बढ़ सकती है। आने वाले दिनों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंचने का अनुमान है। 8 मई को अधिकतम तापमान 37 डिग्री और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री रहने की संभावना है। इसके बाद अगले दो से तीन दिनों में गर्मी और ज्यादा बढ़ सकती है।

    उत्तर प्रदेश में 8 और 9 मई के दौरान मौसम का मिजाज बिगड़ सकता है। खासतौर पर पूर्वी जिलों और तराई क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश होने की संभावना है। कई इलाकों में बिजली गिरने और 40 से 50 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है। मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों से दूर रहने की सलाह दी है।

    बिहार में भी मौसम को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। राज्य के कई जिलों में आंधी और बारिश का खतरा बना हुआ है। किशनगंज, सुपौल, अररिया और खगड़िया समेत कई इलाकों में अगले 48 घंटों तक बादल छाए रहने और रुक-रुककर बारिश होने की संभावना है। बेमौसम बारिश के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है।

    मध्य प्रदेश में भी पश्चिमी विक्षोभ का असर देखने को मिल रहा है। कई जिलों में तेज हवाओं और बारिश की गतिविधियां जारी हैं। ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना और रीवा समेत कई जिलों में आंधी और बारिश को लेकर चेतावनी जारी की गई है। वहीं राजस्थान में धूल भरी आंधी और हल्की बारिश के आसार बने हुए हैं। राज्य के कई हिस्सों में तापमान में बढ़ोतरी भी दर्ज की जा सकती है।

    उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के पर्वतीय इलाकों में मौसम ज्यादा खराब हो सकता है। उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग और पिथौरागढ़ जैसे ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बारिश के साथ बर्फबारी की संभावना जताई गई है। हिमाचल प्रदेश में भी 11 और 12 मई के दौरान गरज-चमक, तेज हवाओं और बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है।

    पूर्वोत्तर भारत के अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय और सिक्किम में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। वहीं दक्षिण भारत के तमिलनाडु में भी कई जिलों में तेज बारिश के आसार हैं। मौसम में लगातार हो रहे बदलाव के कारण कई राज्यों में लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। विशेषज्ञों के अनुसार अगले कुछ दिनों तक देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का यही बदला हुआ रूप देखने को मिल सकता है।

  • MP: आज ग्वालियर समेत 11 जिलों में बारिश-आंधी की चेतावनी, भोपाल-इंदौर में बढ़ेगी गर्मी

    MP: आज ग्वालियर समेत 11 जिलों में बारिश-आंधी की चेतावनी, भोपाल-इंदौर में बढ़ेगी गर्मी


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मौसम लगातार करवट बदल रहा है। पश्चिमी विक्षोभ, चक्रवातीय परिसंचरण और ट्रफ लाइन के असर से पिछले एक सप्ताह से प्रदेश में कहीं आंधी तो कहीं बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग ने गुरुवार को ग्वालियर सहित 11 जिलों में तेज आंधी और बारिश की चेतावनी जारी की है।

    अलर्ट वाले जिलों में ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा और मऊगंज शामिल हैं। मौसम विभाग के अनुसार सक्रिय वेस्टर्न डिस्टरबेंस के कारण अगले दो दिन तक मौसम का मिजाज ऐसा ही बना रह सकता है। वहीं दूसरी ओर भोपाल, इंदौर, उज्जैन और जबलपुर समेत प्रदेश के 44 जिलों में गर्मी का असर भी देखने को मिलेगा। कई शहरों में दिन का तापमान 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है। निवाड़ी, छतरपुर, टीकमगढ़, नर्मदापुरम, रतलाम, नीमच और मंदसौर में तापमान में अधिक बढ़ोतरी हो सकती है।

    अगले 4 दिन मौसम रहेगा बदला-बदला
    मौसम विभाग का कहना है कि अगले चार दिन तक प्रदेश में मौसम अस्थिर बना रहेगा। अगले दो दिन कुछ इलाकों में बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं, जबकि 9 और 10 मई को गर्मी का प्रभाव पूरे प्रदेश में बढ़ जाएगा।

    लगातार सातवें दिन भी बारिश
    बुधवार को प्रदेश में लगातार सातवें दिन भी कई जिलों में बारिश और आंधी का असर देखने को मिला। धार सहित कई क्षेत्रों में मौसम बदला रहा। मई की शुरुआत में लगातार हुई बारिश से फिलहाल गर्मी से राहत बनी हुई है और अधिकांश शहरों में दिन का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया जा रहा है।

    10 मई से फिर बदलेगा मौसम
    मौसम विभाग के अनुसार 10 मई से एक नया मौसम सिस्टम सक्रिय होने जा रहा है, जिसका असर अगले दो दिनों में दिखाई दे सकता है। वर्तमान में प्रदेश के मध्य और ऊपरी हिस्से में दो चक्रवातीय परिसंचरण सक्रिय हैं, जबकि पूर्वी हिस्से से एक ट्रफ लाइन गुजर रही है। इसी वजह से प्रदेश में मौसम में लगातार बदलाव बना हुआ है।

  • एमपी में आज 34 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट, 6 जिलों में ओलावृष्टि की चेतावनी

    एमपी में आज 34 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट, 6 जिलों में ओलावृष्टि की चेतावनी

    भोपाल। मध्य प्रदेश में पिछले चार दिनों से मौसम का मिजाज पूरी तरह बदला हुआ है। तेज गर्मी की जगह अब आंधी, बारिश और कई इलाकों में ओलावृष्टि देखने को मिल रही है। मौसम विभाग के अनुसार, यह स्थिति अगले चार दिनों यानी 7 मई तक बनी रह सकती है। मौसम विभाग ने सोमवार के लिए प्रदेश के 34 जिलों में आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है, जबकि 6 जिलों में ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है। भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर और रीवा में आज ओले गिरने की आशंका है।

    इसके अलावा भोपाल, रायसेन, सीहोर, आगर-मालवा, राजगढ़, विदिशा, नर्मदापुरम, बैतूल, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, अशोकनगर, मुरैना, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना और दमोह में तेज आंधी और बारिश की चेतावनी दी गई है।

    मौसम विभाग के अनुसार, आंधी की रफ्तार 30 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा ने बताया कि प्रदेश में ट्रफ और साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय है, जिसके चलते यह बदलाव देखने को मिल रहा है। इसी कारण कई जगहों पर तेज हवाओं के साथ बारिश और ओलावृष्टि हो रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, आमतौर पर मई में भीषण गर्मी पड़ती है, लेकिन इस बार महीने की शुरुआत ही बदले हुए मौसम के साथ हुई है। फिलहाल अगले कुछ दिनों तक इसी तरह के हालात बने रहने की संभावना है।

  • एमपी में तेज गर्मी के बीच मौसम ने बदली करवट, 17 जिलों में आज बारिश-ओले की चेतावनी

    एमपी में तेज गर्मी के बीच मौसम ने बदली करवट, 17 जिलों में आज बारिश-ओले की चेतावनी

    भोपाल। मध्य प्रदेश में भीषण गर्मी के बीच अब मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है। प्रदेश में बारिश, ओले और तेज आंधी का दौर शुरू हो गया है। गुरुवार को भोपाल और ग्वालियर सहित 15 से अधिक जिलों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश हुई, जबकि उमरिया और मुरैना में ओलावृष्टि भी दर्ज की गई।

    मौसम विभाग (IMD) ने शुक्रवार के लिए ग्वालियर समेत 17 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया है। गुरुवार को सुबह से लेकर देर रात तक कई जिलों में मौसम बदला रहा। भोपाल, ग्वालियर, सतना, श्योपुर, टीकमगढ़, रायसेन, बालाघाट, छतरपुर, मुरैना, सागर, पन्ना, मैहर, उमरिया और रीवा में कहीं तेज आंधी-बारिश तो कहीं ओले गिरे। राजधानी भोपाल में तेज हवाओं के कारण कोलार रोड सहित कई इलाकों में पेड़ उखड़ गए। देर रात तक प्रदेशभर में मौसम का यही बदला हुआ रुख बना रहा।

    आज इन जिलों में बारिश के आसार
    शुक्रवार को ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, सिवनी और बालाघाट में आंधी-बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, अलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, रीवा, मऊगंज, सतना, मैहर, पन्ना, कटनी, दमोह, जबलपुर, सागर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा में फिलहाल गर्मी का असर बना रहेगा। हालांकि, शाम के समय कुछ इलाकों में तेज हवाएं चल सकती हैं।

    मई की शुरुआत में बदला ट्रेंड
    आमतौर पर मई में तेज गर्मी पड़ती है, लेकिन इस बार महीने के शुरुआती चार दिनों तक आंधी-बारिश का असर देखने को मिलेगा। मौसम विभाग के अनुसार, 2 मई से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में एक नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय हो रहा है, जिसका प्रभाव मध्य प्रदेश के मौसम पर भी पड़ सकता है।

  • एमपी में बदला मौसम, भीषण गर्मी के बीच प्रदेश के कई जिलों में बारिश का अलर्ट

    एमपी में बदला मौसम, भीषण गर्मी के बीच प्रदेश के कई जिलों में बारिश का अलर्ट

    भोपाल । मध्य प्रदेश में इन दिनों तेज गर्मी ने लोगों को बेहाल कर रखा है। आसमान से आग बरसने जैसी स्थिति बनी हुई है। बुधवार को राजधानी भोपाल में तापमान 43.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो इस सीजन का सबसे ज्यादा रहा। खास बात यह है कि इसने पिछले 10 साल के रिकॉर्ड की बराबरी भी कर ली। हालांकि, अब मौसम में कुछ बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। अब तक सबसे गर्म रहे खजुराहो में तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग के अनुसार अगले 3 से 4 दिनों में लू से राहत मिलने की संभावना है। गुरुवार के लिए लू का कोई अलर्ट जारी नहीं किया गया है।

    मौसम विभाग ने कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई है। इनमें ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, विदिशा, राजगढ़, आगर-मालवा, नीमच, मंदसौर, सागर, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा शामिल हैं। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक प्रदेश के ऊपर एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय है, जबकि एक ट्रफ लाइन भी गुजर रही है, जिसके कारण मौसम में यह बदलाव देखने को मिल रहा है।

    दूसरी ओर, भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, कटनी, मैहर, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, नरसिंहपुर, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, सीहोर, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, देवास, शाजापुर, खरगोन, बड़वानी, धार, रतलाम, झाबुआ और अलीराजपुर में गर्मी का असर अभी भी बना रहेगा।

    तापमान की बात करें तो बुधवार को सीधी प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां पारा 43.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। इसके अलावा रायसेन में 43.6 डिग्री, नरसिंहपुर और खंडवा में 43 डिग्री, सतना में 42.9 डिग्री, टीकमगढ़ में 42.6 डिग्री, नौगांव और रीवा में 42.5 डिग्री दर्ज किया गया। श्योपुर, दमोह और मंडला में तापमान 42 डिग्री के आसपास रहा। प्रदेश के प्रमुख शहरों में भोपाल 43.7 डिग्री के साथ सबसे गर्म रहा। वहीं इंदौर में 40.1 डिग्री, ग्वालियर में 39.4 डिग्री, उज्जैन में 40 डिग्री और जबलपुर में 40.8 डिग्री तापमान दर्ज किया गया।

    भोपाल में इस तापमान के साथ एक पुराना रिकॉर्ड भी दोहराया गया। अप्रैल महीने में 2016 से 2025 के बीच सिर्फ 30 अप्रैल 2019 को ही तापमान 43.7 डिग्री तक पहुंचा था। इससे पहले अप्रैल का सबसे अधिक तापमान 44.4 डिग्री 29 अप्रैल 1996 को दर्ज किया गया था।

    मौसम विभाग ने यह भी बताया कि 2 मई से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में एक नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय होने जा रहा है, जिसका असर मध्य प्रदेश के मौसम पर पड़ सकता है। फिलहाल, लोगों को सलाह दी गई है कि दोपहर 12 से 3 बजे के बीच केवल जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलें, क्योंकि इसी समय लू का प्रभाव सबसे ज्यादा रहता है। भोपाल सहित कई शहरों में गर्मी का असर फिलहाल जारी रहने की संभावना है।

  • पहाड़ों पर भारी बर्फबारी… जम्मू-कश्मीर में दो हाईवे बंद, मैदानी इलाकों में आंधी-बारिश का अलर्ट

    पहाड़ों पर भारी बर्फबारी… जम्मू-कश्मीर में दो हाईवे बंद, मैदानी इलाकों में आंधी-बारिश का अलर्ट


    नई दिल्ली।
    उत्तरी ईरान और उससे सटे कैस्पियन सागर (Caspian Sea) के ऊपर सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के प्रभाव से उत्तर-पश्चिम भारत (North-West India.) में मौसम के मिजाज में बदलाव आया है। जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir) और हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) के ऊंचाई वाले इलाकों में भारी बर्फबारी और घाटी व मैदानी इलाकों में बारिश हुई है। पंजाब और हरियाणा समेत मैदानी राज्यों में तेज हवा और गरज-चमक के साथ छिटपुठ बारिश दर्ज की गई है। संभावना है कि आने वाले हफ्ते में मौसम का मिजाज ऐसा ही बना रहेगा। हिमाचल प्रदेश के शिमला, कुल्लू और मंडी में सोमवार को आंधी का येलो अलर्ट जारी किया गया है।

    भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, उत्तर-पश्चिमी राजस्थान और उसके आसपास के क्षेत्रों में निचले क्षोभमंडलीय स्तर पर तेज चक्रवाती हवाएं चल रही हैं। उत्तर-पश्चिमी राजस्थान से लेकर उत्तरी मध्य प्रदेश तक निचले क्षोभमंडलीय स्तर पर एक कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। 2 अप्रैल को उत्तर-पश्चिम भारत में एक नए पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की संभावना है। मौसम संबंधी इन प्रणालियों के प्रभाव से जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित, बाल्टिस्तान, मुजफ्फरबाद में रविवार को हल्की बारिश हुई। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, पूर्वी व पश्चिमी राजस्थान में हल्की बारिश हुई और कुछ स्थानों पर ओले गिरे।


    हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में कैसा रहेगा मौसम?

    आईएमडी के अनुसार, 30 मार्च और 2-3 अप्रैल को गरज-चमक के साथ हल्की बारिश और बर्फबारी होने और 30-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने की संभावना है। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 4 अप्रैल को भी यही स्थिति रहेगी। उत्तराखंड में 30 मार्च को ओलावृष्टि की भी संभावना है। पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में 30-31 मार्च के दौरान छिटपुट से मध्यम वर्षा के साथ गरज, बिजली चमकने और 30-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने की संभावना है। वहीं, पूर्वोत्तर भारत और इससे सटे पूर्वी भारत में इस सप्ताह छिटपुट से लेकर व्यापक वर्षा के साथ गरज, चमक और तेज हवा चलने की संभावना है। पूर्वोत्तर भारत में 30 मार्च से 1 अप्रैल के दौरान छिटपुट भारी वर्षा भी हो सकती है। दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में इस सप्ताह छिटपुट वर्षा के साथ गरज, बिजली चमकने और तेज हवाएं चलने की संभावना है।

    हिमाचल प्रदेश: रोहतांग में बर्फबारी
    हिमाचल प्रदेश के रोहतांग दर्रा समेत ऊंचाई वाले अन्य क्षेत्रों में रविवार को बर्फबारी हुई। कुल्लू और लाहौल-स्पीति जिले में रविवार सुबह से दोपहर तक ऊंची चोटियों पर हिमपात हुआ। रोहतांग दर्रा में 20, कोकसर में 3, शिकुंला में 15, कुंजुम पास में 15 और बारालाचा में 20 सेंटीमीटर तक बर्फबारी हुई। हिमपात के कारण शिंकुला टॉप से वाहनों की आवाजाही बंद रही। पर्यटन नगरी मनाली से दोपहर तक अटल टनल रोहतांग की तरफ वाहनों की आवाजाही बाधित रही। शिमला, धर्मशाला समेत मध्यम और निचले क्षेत्रों में बारिश हुई। इससे हिमाचल प्रदेश में एक बार फिर ठंड बढ़ गई है।


    श्रीनगर-लेह और बांदीपोरा-गुरेज हाईवे बंद

    जम्मू-कश्मीर में रविवार सुबह मैदानी इलाकों में बारिश तो पहाड़ों पर बर्फबारी हुई। बर्फबारी से श्रीनगर-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग और बांदीपोरा-गुरेज मार्ग बंद हो गया है। मौसम विभाग के अनुसार 31 मार्च तक हल्की बारिश और बर्फबारी के आसार बने हुए हैं। वहीं कुछ इलाकों में हिमस्खलन और भूस्खलन की भी आशंका जताई जा रही है।


    पंजाब-हरियाणा में भी गिरा पारा

    पंजाब और हरियाणा में रविवार को हल्की बारिश के बाद तापमान में गिरावट दर्ज की गई। मौसम विभाग ने बताया कि दोनों राज्यों की साझा राजधानी चंडीगढ़ में हल्की बारिश हुई, जिससे वहां तापमान में गिरावट आई। हालांकि, बारिश के इस दौर ने क्षेत्र के किसानों में चिंता पैदा कर दी है, क्योंकि उन्हें डर है कि तेज हवाओं के साथ बारिश होने पर खड़ी गेहूं की फसल को नुकसान पहुंच सकता है।