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  • एमपी में तेज गर्मी के बीच मौसम ने बदली करवट, 17 जिलों में आज बारिश-ओले की चेतावनी

    एमपी में तेज गर्मी के बीच मौसम ने बदली करवट, 17 जिलों में आज बारिश-ओले की चेतावनी

    भोपाल। मध्य प्रदेश में भीषण गर्मी के बीच अब मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है। प्रदेश में बारिश, ओले और तेज आंधी का दौर शुरू हो गया है। गुरुवार को भोपाल और ग्वालियर सहित 15 से अधिक जिलों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश हुई, जबकि उमरिया और मुरैना में ओलावृष्टि भी दर्ज की गई।

    मौसम विभाग (IMD) ने शुक्रवार के लिए ग्वालियर समेत 17 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया है। गुरुवार को सुबह से लेकर देर रात तक कई जिलों में मौसम बदला रहा। भोपाल, ग्वालियर, सतना, श्योपुर, टीकमगढ़, रायसेन, बालाघाट, छतरपुर, मुरैना, सागर, पन्ना, मैहर, उमरिया और रीवा में कहीं तेज आंधी-बारिश तो कहीं ओले गिरे। राजधानी भोपाल में तेज हवाओं के कारण कोलार रोड सहित कई इलाकों में पेड़ उखड़ गए। देर रात तक प्रदेशभर में मौसम का यही बदला हुआ रुख बना रहा।

    आज इन जिलों में बारिश के आसार
    शुक्रवार को ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, सिवनी और बालाघाट में आंधी-बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, अलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, रीवा, मऊगंज, सतना, मैहर, पन्ना, कटनी, दमोह, जबलपुर, सागर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा में फिलहाल गर्मी का असर बना रहेगा। हालांकि, शाम के समय कुछ इलाकों में तेज हवाएं चल सकती हैं।

    मई की शुरुआत में बदला ट्रेंड
    आमतौर पर मई में तेज गर्मी पड़ती है, लेकिन इस बार महीने के शुरुआती चार दिनों तक आंधी-बारिश का असर देखने को मिलेगा। मौसम विभाग के अनुसार, 2 मई से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में एक नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय हो रहा है, जिसका प्रभाव मध्य प्रदेश के मौसम पर भी पड़ सकता है।

  • एमपी में बदला मौसम, भीषण गर्मी के बीच प्रदेश के कई जिलों में बारिश का अलर्ट

    एमपी में बदला मौसम, भीषण गर्मी के बीच प्रदेश के कई जिलों में बारिश का अलर्ट

    भोपाल । मध्य प्रदेश में इन दिनों तेज गर्मी ने लोगों को बेहाल कर रखा है। आसमान से आग बरसने जैसी स्थिति बनी हुई है। बुधवार को राजधानी भोपाल में तापमान 43.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो इस सीजन का सबसे ज्यादा रहा। खास बात यह है कि इसने पिछले 10 साल के रिकॉर्ड की बराबरी भी कर ली। हालांकि, अब मौसम में कुछ बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। अब तक सबसे गर्म रहे खजुराहो में तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग के अनुसार अगले 3 से 4 दिनों में लू से राहत मिलने की संभावना है। गुरुवार के लिए लू का कोई अलर्ट जारी नहीं किया गया है।

    मौसम विभाग ने कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई है। इनमें ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, विदिशा, राजगढ़, आगर-मालवा, नीमच, मंदसौर, सागर, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा शामिल हैं। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक प्रदेश के ऊपर एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय है, जबकि एक ट्रफ लाइन भी गुजर रही है, जिसके कारण मौसम में यह बदलाव देखने को मिल रहा है।

    दूसरी ओर, भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, कटनी, मैहर, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, नरसिंहपुर, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, सीहोर, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, देवास, शाजापुर, खरगोन, बड़वानी, धार, रतलाम, झाबुआ और अलीराजपुर में गर्मी का असर अभी भी बना रहेगा।

    तापमान की बात करें तो बुधवार को सीधी प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां पारा 43.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। इसके अलावा रायसेन में 43.6 डिग्री, नरसिंहपुर और खंडवा में 43 डिग्री, सतना में 42.9 डिग्री, टीकमगढ़ में 42.6 डिग्री, नौगांव और रीवा में 42.5 डिग्री दर्ज किया गया। श्योपुर, दमोह और मंडला में तापमान 42 डिग्री के आसपास रहा। प्रदेश के प्रमुख शहरों में भोपाल 43.7 डिग्री के साथ सबसे गर्म रहा। वहीं इंदौर में 40.1 डिग्री, ग्वालियर में 39.4 डिग्री, उज्जैन में 40 डिग्री और जबलपुर में 40.8 डिग्री तापमान दर्ज किया गया।

    भोपाल में इस तापमान के साथ एक पुराना रिकॉर्ड भी दोहराया गया। अप्रैल महीने में 2016 से 2025 के बीच सिर्फ 30 अप्रैल 2019 को ही तापमान 43.7 डिग्री तक पहुंचा था। इससे पहले अप्रैल का सबसे अधिक तापमान 44.4 डिग्री 29 अप्रैल 1996 को दर्ज किया गया था।

    मौसम विभाग ने यह भी बताया कि 2 मई से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में एक नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय होने जा रहा है, जिसका असर मध्य प्रदेश के मौसम पर पड़ सकता है। फिलहाल, लोगों को सलाह दी गई है कि दोपहर 12 से 3 बजे के बीच केवल जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलें, क्योंकि इसी समय लू का प्रभाव सबसे ज्यादा रहता है। भोपाल सहित कई शहरों में गर्मी का असर फिलहाल जारी रहने की संभावना है।

  • पहाड़ों पर भारी बर्फबारी… जम्मू-कश्मीर में दो हाईवे बंद, मैदानी इलाकों में आंधी-बारिश का अलर्ट

    पहाड़ों पर भारी बर्फबारी… जम्मू-कश्मीर में दो हाईवे बंद, मैदानी इलाकों में आंधी-बारिश का अलर्ट


    नई दिल्ली।
    उत्तरी ईरान और उससे सटे कैस्पियन सागर (Caspian Sea) के ऊपर सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के प्रभाव से उत्तर-पश्चिम भारत (North-West India.) में मौसम के मिजाज में बदलाव आया है। जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir) और हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) के ऊंचाई वाले इलाकों में भारी बर्फबारी और घाटी व मैदानी इलाकों में बारिश हुई है। पंजाब और हरियाणा समेत मैदानी राज्यों में तेज हवा और गरज-चमक के साथ छिटपुठ बारिश दर्ज की गई है। संभावना है कि आने वाले हफ्ते में मौसम का मिजाज ऐसा ही बना रहेगा। हिमाचल प्रदेश के शिमला, कुल्लू और मंडी में सोमवार को आंधी का येलो अलर्ट जारी किया गया है।

    भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, उत्तर-पश्चिमी राजस्थान और उसके आसपास के क्षेत्रों में निचले क्षोभमंडलीय स्तर पर तेज चक्रवाती हवाएं चल रही हैं। उत्तर-पश्चिमी राजस्थान से लेकर उत्तरी मध्य प्रदेश तक निचले क्षोभमंडलीय स्तर पर एक कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। 2 अप्रैल को उत्तर-पश्चिम भारत में एक नए पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की संभावना है। मौसम संबंधी इन प्रणालियों के प्रभाव से जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित, बाल्टिस्तान, मुजफ्फरबाद में रविवार को हल्की बारिश हुई। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, पूर्वी व पश्चिमी राजस्थान में हल्की बारिश हुई और कुछ स्थानों पर ओले गिरे।


    हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में कैसा रहेगा मौसम?

    आईएमडी के अनुसार, 30 मार्च और 2-3 अप्रैल को गरज-चमक के साथ हल्की बारिश और बर्फबारी होने और 30-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने की संभावना है। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 4 अप्रैल को भी यही स्थिति रहेगी। उत्तराखंड में 30 मार्च को ओलावृष्टि की भी संभावना है। पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में 30-31 मार्च के दौरान छिटपुट से मध्यम वर्षा के साथ गरज, बिजली चमकने और 30-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने की संभावना है। वहीं, पूर्वोत्तर भारत और इससे सटे पूर्वी भारत में इस सप्ताह छिटपुट से लेकर व्यापक वर्षा के साथ गरज, चमक और तेज हवा चलने की संभावना है। पूर्वोत्तर भारत में 30 मार्च से 1 अप्रैल के दौरान छिटपुट भारी वर्षा भी हो सकती है। दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में इस सप्ताह छिटपुट वर्षा के साथ गरज, बिजली चमकने और तेज हवाएं चलने की संभावना है।

    हिमाचल प्रदेश: रोहतांग में बर्फबारी
    हिमाचल प्रदेश के रोहतांग दर्रा समेत ऊंचाई वाले अन्य क्षेत्रों में रविवार को बर्फबारी हुई। कुल्लू और लाहौल-स्पीति जिले में रविवार सुबह से दोपहर तक ऊंची चोटियों पर हिमपात हुआ। रोहतांग दर्रा में 20, कोकसर में 3, शिकुंला में 15, कुंजुम पास में 15 और बारालाचा में 20 सेंटीमीटर तक बर्फबारी हुई। हिमपात के कारण शिंकुला टॉप से वाहनों की आवाजाही बंद रही। पर्यटन नगरी मनाली से दोपहर तक अटल टनल रोहतांग की तरफ वाहनों की आवाजाही बाधित रही। शिमला, धर्मशाला समेत मध्यम और निचले क्षेत्रों में बारिश हुई। इससे हिमाचल प्रदेश में एक बार फिर ठंड बढ़ गई है।


    श्रीनगर-लेह और बांदीपोरा-गुरेज हाईवे बंद

    जम्मू-कश्मीर में रविवार सुबह मैदानी इलाकों में बारिश तो पहाड़ों पर बर्फबारी हुई। बर्फबारी से श्रीनगर-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग और बांदीपोरा-गुरेज मार्ग बंद हो गया है। मौसम विभाग के अनुसार 31 मार्च तक हल्की बारिश और बर्फबारी के आसार बने हुए हैं। वहीं कुछ इलाकों में हिमस्खलन और भूस्खलन की भी आशंका जताई जा रही है।


    पंजाब-हरियाणा में भी गिरा पारा

    पंजाब और हरियाणा में रविवार को हल्की बारिश के बाद तापमान में गिरावट दर्ज की गई। मौसम विभाग ने बताया कि दोनों राज्यों की साझा राजधानी चंडीगढ़ में हल्की बारिश हुई, जिससे वहां तापमान में गिरावट आई। हालांकि, बारिश के इस दौर ने क्षेत्र के किसानों में चिंता पैदा कर दी है, क्योंकि उन्हें डर है कि तेज हवाओं के साथ बारिश होने पर खड़ी गेहूं की फसल को नुकसान पहुंच सकता है।

  • MP में दो दिन और झुलसाएगी गर्मी, 18-19 मार्च को बारिश के आसार; भोपाल में घरों पर ग्रीन नेट, सड़कों पर पसरा सन्नाटा

    MP में दो दिन और झुलसाएगी गर्मी, 18-19 मार्च को बारिश के आसार; भोपाल में घरों पर ग्रीन नेट, सड़कों पर पसरा सन्नाटा


    मध्यप्रदेश । मध्यप्रदेश में गर्मी का असर तेजी से बढ़ने लगा है और लोग इससे बचने के लिए तरह तरह के उपाय करने लगे हैं। राजधानी भोपाल में कई घरों को तेज धूप से बचाने के लिए ग्रीन नेट से कवर किया जा रहा है, ताकि घरों के अंदर का तापमान ज्यादा न बढ़े। वहीं इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और उज्जैन जैसे बड़े शहरों में दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा नजर आने लगा है। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में अगले दो दिन तक तेज गर्मी का असर बना रहेगा, जबकि 18 और 19 मार्च को मौसम में बदलाव के साथ कई जिलों में बारिश हो सकती है।

    मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक रविवार को ग्वालियर चंबल क्षेत्र में पश्चिमी विक्षोभ का असर देखने को मिला। इसके चलते आसमान में बादल छाए रहे और तापमान में करीब 1.7 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की गई। हालांकि यह सिस्टम अब कमजोर पड़ चुका है। इसी वजह से 16 और 17 मार्च को प्रदेश में कहीं भी बारिश या बादलों का अलर्ट नहीं है। मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा के अनुसार 17 मार्च की रात से एक नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तर पश्चिम भारत को प्रभावित कर सकता है, जिसका असर मध्यप्रदेश में 18 और 19 मार्च को देखने को मिलेगा।

    रविवार को प्रदेश के कई जिलों में तापमान में हल्की गिरावट जरूर दर्ज की गई। ग्वालियर में अधिकतम तापमान 32.6 डिग्री, दतिया में 32.4 डिग्री, छिंदवाड़ा में 36 डिग्री, सिवनी में 35.6 डिग्री, मंडला में 37.2 डिग्री और बालाघाट में 35 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हालांकि शाम तक कहीं बारिश नहीं हुई, लेकिन बादल छाए रहने से तापमान में कुछ राहत मिली।

    वहीं पिछले तीन दिनों से तीव्र गर्मी झेल रहे नर्मदापुरम में भी पारा कुछ नीचे आया और अधिकतम तापमान 38.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। प्रदेश के पांच बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में 36.4 डिग्री, इंदौर में 35.5 डिग्री, ग्वालियर में 32.6 डिग्री, उज्जैन में 35.5 डिग्री और जबलपुर में 35.7 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया।

    तेज गर्मी के चलते राजधानी भोपाल को मार्च महीने में ही जल अभावग्रस्त घोषित कर दिया गया है। कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने आदेश जारी करते हुए निजी ट्यूबवेल खनन पर रोक लगा दी है। अब केवल सरकारी ट्यूबवेल ही खोदे जा सकेंगे और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की नल जल योजनाओं को सुचारू रखने के लिए जरूरी काम किए जाएंगे। आदेश में यह भी कहा गया है कि बिना अनुमति ट्यूबवेल खनन करने पर दो साल तक की सजा हो सकती है। साथ ही बोरवेल मशीनों के जिले से गुजरने पर भी रोक लगा दी गई है।

    डॉक्टरों का कहना है कि मार्च का मौसम बीमारियों के लिहाज से भी संवेदनशील होता है। दिन में तेज गर्मी और सुबह शाम हल्की ठंड रहने से सर्दी जुकाम, एलर्जी और अस्थमा के मरीज बढ़ जाते हैं। कई लोग दिन की गर्मी से बचने के लिए हल्के कपड़े पहन लेते हैं और ठंडे पेय पदार्थों का सेवन करते हैं, जिससे स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है। इसलिए सुबह और देर रात की ठंडी हवा से बचने की सलाह दी गई है, खासकर बच्चों और बुजुर्गों को।

    मौसम विभाग के अनुसार इस साल अप्रैल और मई में प्रदेश में सबसे ज्यादा गर्मी पड़ने की संभावना है। ग्वालियर, चंबल, जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के कई जिलों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच सकता है, जबकि भोपाल, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग में भी तेज गर्मी का असर रहेगा।

  • मौसम में फिर बदलाव…नया पश्चिम विक्षोभ हो रहा एक्टिव, इन राज्यों में बारिश का अलर्ट

    मौसम में फिर बदलाव…नया पश्चिम विक्षोभ हो रहा एक्टिव, इन राज्यों में बारिश का अलर्ट


    नई दिल्ली।
    फरवरी (February) जाते-जाते मौसम (Season) में भी तेजी से बदलाव हो रहा है। फरवरी महीन में ही इतनी तेज धूप निकल रही है कि गर्मी का एहसास होने लगा है। पहाड़ी इलाको में अब बर्फबारी भी कम हो रही है। वहीं उत्तर भारत (North India) के कई राज्यों में बीते दिनों हल्की बूंदा-बांदी हुई है। जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir) में भी अधिकतम तापमान इस बार रिकॉर्ड तोड़ रहा है। वहीं राजधानी दिल्ली में अभी से पारा 30 के पार पहुंच गया है। वहीं पूर्वोत्तर और दक्षिण के राज्यों में गरज-चमक के साथ बारिश का अनुमान है।

    12 राज्यों में हल्की बारिश के आसार
    मौसम विभाग ने कहा है कि बिहार और झारखंड के कुछ जिलों में सुबह कोहरा छाया रहेगा। वहीं उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में एक कमजोर वेस्टर्न डिस्टर्बेंस ऐक्टिव हो रहा है। इसकी वजह से बर्फबारी और हल्की बारिश की संभावना है। वहीं दक्षिण के राज्यों में तेज हवाओ के साथ बारिश हो सकती है। 24 से 26 फरवरी तक ओडिशा, झारखंड और छत्तीसगढ़ में भी बूंदाबांदी हो सकती है। इसके अलावा जम्मू-कश्मीर, झारखंड. पश्चिम बंगाल, अरुणाचल, असम, मेघालय, सिक्किम, तेलंगाना और महाराष्ट्र के कुछ इलाकों में हल्की बारिश की संभावना है।

    पंजाब में कोहरा
    मौसम विभाग ने कहा है कि पंजाब के कुछ इलाकों में सुबह कोहरा देखा जाएगा। इसके अलावा तापमान में 2 से 3 डिग्री की बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है। पंजाब और हरियाणा में फिलहाल बारिश की सभावना नहीं है। पश्चिम बंगाल के कई जिलों में हल्की बारिश हो सकती है।


    दिल्ली का मौसम

    राजधानी दिल्ली में सोमवार को सामान्य से अधिक गर्मी रही और प्रमुख मौसम केंद्रों पर बारिश की कोई सूचना नहीं है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने यह जानकारी दी। आईएमडी के अनुसार, सफदरजंग मौसम केंद्र में अधिकतम तापमान 30.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य तापमान से पांच डिग्री अधिक है, जबकि न्यूनतम तापमान 11.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। रिज क्षेत्र 31 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे गर्म रहा, इसके बाद आयानगर 30.4 डिग्री सेल्सियस और लोदी रोड 30.1 डिग्री सेल्सियस रहा। पालम में अधिकतम तापमान अपेक्षाकृत कम 28.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।


    कश्मीर में रिकॉर्ड तोड़ रही गर्मी

    कश्मीर घाटी में गर्मियों का मौसम आने से पहले ही रिकॉर्ड तोड़ गर्मी के हालात पैदा हो गए हैं। मौसम विभाग ने अगले पांच दिनों में घाटी में और तापमान बढ़ने का अनुमान जताया है। विभाग ने अपने परामर्श में कहा है कि अगले पांच दिनों में घाटी में ज्यादातर जगहों पर अधिकतम और न्यूनतम तापमान में एक से दो डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी हो सकती है। विभाग के प्रवक्ता ने कहा कि इस महीने के अंत तक घाटी में बड़े पैमाने पर बर्फबारी के आसार नहीं हैं और 23 से 26 फरवरी तक घाटी में मौसम सूखा रहने की संभावना है, जबकि 27 तथा 28 फरवरी को कुछ जगहों पर हल्की बर्फबारी या बारिश हो सकती है।


    राजस्थान में बारिश

    राजस्थान में बीते चौबीस घंटे में कहीं कहीं हल्की बारिश हुई। मौसम केंद्र जयपुर ने यह जानकारी दी। मौसम केंद्र के अनुसार, सोमवार सुबह तक बीते 24 घंटों के दौरान राज्य में कहीं-कहीं पर हल्की बारिश हुई। सर्वाधिक 5.0 मिलीमीटर बारिश चोमू में दर्ज की गई। इसके अलावा टोंक के वनस्थली में बूंदाबांदी हुई। इस दौरान अधिकतम तापमान बाड़मेर में 34.6 डिग्री तथा न्यूनतम तापमान अलवर में 10.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम में आए बदलाव के कारण सोमवार सुबह राजधानी जयपुर और आसपास के कई इलाकों में बादल छाए रहेंगे।

  • MP Weather Alert: आंधी-बारिश, ओले और कोहरे का कहर, आज 20 जिलों में अलर्ट; तीन दिन बिगड़ा रहेगा मौसम

    MP Weather Alert: आंधी-बारिश, ओले और कोहरे का कहर, आज 20 जिलों में अलर्ट; तीन दिन बिगड़ा रहेगा मौसम


    भोपाल । मध्य प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। प्रदेश के कई हिस्सों में लगातार बारिश, ओलावृष्टि और कोहरे का असर देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग ने आज राज्य के करीब 20 जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश और मावठा गिरने की संभावना जताते हुए अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही अगले तीन दिनों तक कई इलाकों में मध्यम से घना कोहरा छाए रहने की चेतावनी दी गई है।

    मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ वेस्टर्न डिस्टरबेंस के सक्रिय होने के कारण प्रदेश में बारिश और ओले गिर रहे हैं। वहीं 5 फरवरी को पश्चिम-उत्तरी भारत में एक और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है, जिसका असर मध्य प्रदेश में भी देखने को मिलेगा। इसके चलते 10 फरवरी तक प्रदेश के कई जिलों में बारिश और ओलावृष्टि का दौर दोबारा शुरू हो सकता है।

    आज यानी मंगलवार को ग्वालियर, राजगढ़, रीवा, विदिशा, गुना, मुरैना, भिंड, आगर मालवा, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुर, सतना, सागर, दमोह, दतिया, छतरपुर, टीकमगढ़, पन्ना और निवाड़ी जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश होने के आसार हैं। इनमें से कई जिलों में सुबह के समय मध्यम कोहरा भी देखा गया, जिससे दृश्यता प्रभावित रही।

    आने वाले तीन दिनों के मौसम की बात करें तो 4 फरवरी बुधवार को ग्वालियर, शिवपुरी, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, सतना, टीकमगढ़, निवाड़ी, छतरपुर और पन्ना जिलों में मध्यम कोहरा छाया रहेगा।5 फरवरी गुरुवार को ग्वालियर, गुना, रीवा, राजगढ़, मऊगंज, मुरैना, भिंड, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुर, सतना, दतिया, पन्ना, टीकमगढ़, निवाड़ी और छतरपुर में कोहरे का असर देखने को मिलेगा।

    वहीं 6 फरवरी शुक्रवार को ग्वालियर, गुना, रीवा, शिवपुरी, श्योपुर, सिंगरौली, सतना, सीधी, अशोकनगर, मऊगंज, मुरैना, भिंड, पन्ना, छतरपुर, निवाड़ी और टीकमगढ़ में कोहरा छाए रहने की संभावना है।लगातार बदलते मौसम के चलते किसानों की चिंता बढ़ गई है, वहीं लोगों को भी ठंड, कोहरे और बारिश से सतर्क रहने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग ने सुबह और रात के समय सावधानी बरतने और आवश्यक होने पर ही यात्रा करने की अपील की है।

  • देश में आज फिर करवट लेगा मौसम… इन राज्यों में ठंडी हवाओं के साथ बारिश का अलर्ट, पहाड़ों पर गिरेगी बर्फ

    देश में आज फिर करवट लेगा मौसम… इन राज्यों में ठंडी हवाओं के साथ बारिश का अलर्ट, पहाड़ों पर गिरेगी बर्फ


    नई दिल्ली।
    देश में एक बार फिर मौसम करवट (Weather change) लेने वाला है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, आज उत्तर भारत (North India) में तीन पश्चिमी विक्षोभों (Western disturbances) का प्रभाव रहेगा। इसके चलते 31 जनवरी और 1 फरवरी को जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में हल्की से मध्यम बारिश (Rain) होगी। बर्फबारी होने की भी संभावना है। पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के मैदानी इलाकों में छिटपुट से भारी बारिश हो सकती है। गरज-चमक के साथ और तेज हवाएं (30-40 किमी/घंटा) चल सकती हैं। मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भी 1-2 फरवरी को कुछ स्थानों पर हल्की-मध्यम बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं।

    सुबह के समय पंजाब, हरियाणा, दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में घना कोहरा बना रहेगा, जो दृश्यता प्रभावित करेगा। न्यूनतम तापमान में अगले कुछ दिनों में 3-5 डिग्री की वृद्धि संभव है, लेकिन ठंड बनी रहेगी। 2 से 3 फरवरी तक मौसम की गतिविधि थोड़ी कम हो सकती है, लेकिन उत्तर-पश्चिमी राज्यों में छिटपुट बारिश जारी रह सकती है। हिमालयी क्षेत्र में बर्फबारी कम होगी, जबकि मैदानी इलाकों में मौसम साफ होने लगेगा। पूर्वी और दक्षिणी भारत (जैसे बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, कर्नाटक, केरल) में मुख्य रूप से शुष्क मौसम रहेगा, केवल कुछ स्थानों पर हल्की बारिश संभव है।


    इन राज्यों में बारिश होने के आसार

    गुजरात और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में 2 फरवरी तक हल्की बारिश हो सकती है। कोहरा अब कम होगा और तापमान में स्थिरता आएगी। 4 फरवरी को मौसम सामान्य रहेगा। अधिकांश राज्यों में आसमान साफ होगा और बारिश की संभावना नहीं है। हालांकि, उत्तर-पश्चिम भारत में हल्की ठंड बनी रहेगी। दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर में मौसम सामान्य रहेगा, कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा। 5 फरवरी से तीसरा पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करेगा, जिससे 5 फरवरी को जम्मू-कश्मीर, हिमाचल, उत्तराखंड और पंजाब-हरियाणा में फिर से हल्की-मध्यम बारिश/बर्फबारी शुरू हो सकती है। दिल्ली-एनसीआर और आसपास के क्षेत्रों में छिटपुट बारिश संभव है।

  • मौसम के बदलते मिजाज के बीच नए पश्चिमी विक्षोभ की दस्तक…MP समेत इन राज्यों में 3 दिन बारिश का अलर्ट

    मौसम के बदलते मिजाज के बीच नए पश्चिमी विक्षोभ की दस्तक…MP समेत इन राज्यों में 3 दिन बारिश का अलर्ट


    नई दिल्ली।
    भारत मौसम विभाग (IMD) ने उत्तर-पश्चिम भारत (North-West India.) में एक नए पश्चिमी विक्षोभ (New western disturbance) के प्रभाव की चेतावनी जारी की है, जो 30 जनवरी की रात से प्रभावी हो सकता है। इसके अलावा, 2 फरवरी से एक और ताजा पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करने की संभावना है। इसके कारण 31 जनवरी से 3 फरवरी तक पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र (Western Himalayan Region) में छिटपुट से भारी बारिश/बर्फबारी हो सकती है। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख में 31 जनवरी और 1 फरवरी को ऐसा ही मौसम रहेगा। हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और उत्तराखंड में 1-2 फरवरी को गरज-चमक, बिजली के साथ बारिश/बर्फबारी हो सकती है। राजस्थान में 31 जनवरी से 3 फरवरी तक छिटपुट हल्की बारिश के साथ गरज-चमक की संभावना है। मध्य प्रदेश में 1-2 फरवरी, छत्तीसगढ़ में 2 फरवरी को हल्की बारिश संभव है। उत्तराखंड में 30 जनवरी को पाला पड़ने की स्थिति बनी रह सकती है।

    न्यूनतम तापमान में बदलाव की भविष्यवाणी के अनुसार, उत्तर-पश्चिम भारत में अगले दो दिनों तक कोई बड़ा परिवर्तन नहीं होगा। इसके बाद अगले तीन दिनों में 3-5 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी और फिर दो दिनों में 2-4 डिग्री की गिरावट संभावित है। मध्य भारत में अगले 24 घंटों में 2-3 डिग्री की बढ़ोतरी, फिर दो दिनों में गिरावट और उसके बाद स्थिरता रहेगी। महाराष्ट्र में अगले चार दिनों में 2-4 डिग्री की बढ़ोतरी और गुजरात में अगले दो दिनों में 3-5 डिग्री की बढ़ोतरी, फिर तीन दिनों में गिरावट और बाद में फिर बढ़ोतरी का अनुमान है। देश के अन्य हिस्सों में न्यूनतम तापमान में खास बदलाव नहीं होगा।


    घने कोहरे की मार से अभी राहत नहीं

    घने कोहरे और शीतलहर की चेतावनी भी जारी है। पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश में 31 जनवरी तक सुबह-रात के समय घना कोहरा रहेगा। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान में 31 जनवरी और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 1 फरवरी तक घना से बहुत घना कोहरा छाए रहने की संभावना है। 30-31 जनवरी को पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ में शीतलहर चल सकती है। मछुआरों को 29 जनवरी से 3 फरवरी तक बंगाल की खाड़ी (दक्षिण तमिलनाडु, पश्चिमी श्रीलंका तट, मन्नार की खाड़ी, कोमोरिन क्षेत्र) और अरब सागर (गुजरात तट के पास) में न जाने की सलाह दी गई है। कुल मिलाकर, उत्तर भारत में सर्दी फिर से जोर पकड़ सकती है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो सकता है।

  • MP में लौटी कड़ाके की ठंड: 15 शहरों में कोल्ड-डे जैसे हालात, 27–28 जनवरी को मावठे और बारिश का अलर्ट

    MP में लौटी कड़ाके की ठंड: 15 शहरों में कोल्ड-डे जैसे हालात, 27–28 जनवरी को मावठे और बारिश का अलर्ट


    मध्य प्रदेश । मध्य प्रदेश में एक बार फिर कड़ाके की ठंड ने दस्तक दे दी है। राजधानी भोपाल, इंदौर समेत प्रदेश के 15 से अधिक शहरों में कोल्ड-डे जैसी स्थिति बनी हुई है। ठंडी हवाओं, घने कोहरे और गिरते तापमान ने आम जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। मौसम विभाग के अनुसार, आगामी 27 और 28 जनवरी को प्रदेश में मावठा गिरने की संभावना है, जिससे ठंड और बढ़ सकती है। इस दौरान भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर सहित कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के आसार जताए गए हैं।

    मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक हिमालय क्षेत्र के ऊपर एक वेस्टर्न डिस्टर्बेंस सक्रिय है, वहीं प्रदेश के ऊपर साइक्लोनिक सर्कुलेशन की भी एक्टिविटी बनी हुई है। इसी सिस्टम के असर से मौसम ने अचानक करवट ली है। शनिवार और रविवार की रात प्रदेश के कई इलाकों में तापमान में तेज गिरावट दर्ज की गई। राजगढ़ प्रदेश का सबसे ठंडा जिला रहा, जहां न्यूनतम तापमान 6.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। दतिया में न्यूनतम तापमान 7.4 डिग्री, गुना में 7.7 डिग्री, श्योपुर और पचमढ़ी में 8.4 डिग्री, नौगांव में 9 डिग्री तथा रीवा और रतलाम में 9.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

    रविवार को दिन के तापमान में भी खासा असर देखने को मिला। गुना में दिन का अधिकतम तापमान सबसे कम 19.1 डिग्री सेल्सियस रहा, जो कोल्ड-डे की श्रेणी में आता है। नौगांव में अधिकतम तापमान 20 डिग्री, दतिया में 20.1 डिग्री, श्योपुर में 20.6 डिग्री, टीकमगढ़ में 20.7 डिग्री, शिवपुरी और रतलाम में 21 डिग्री दर्ज किया गया। इसके अलावा खजुराहो में 21.2 डिग्री, धार में 21.4 डिग्री, रीवा में 21.6 डिग्री और दमोह में 21.8 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया।

    प्रदेश के कई शहरों में सुबह और रात के समय घना कोहरा भी छाया रहा, जिससे दृश्यता कम हो गई। इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन, छिंदवाड़ा, नर्मदापुरम, सागर, सतना, सीधी, रायसेन, राजगढ़, रीवा, मंडला, मलाजखंड, नौगांव, गुना, खजुराहो, उमरिया और दमोह जैसे जिलों में कोहरे का असर साफ दिखाई दिया। ठंड और कोहरे के चलते लोगों को अलाव और गर्म कपड़ों का सहारा लेना पड़ रहा है।

    मौसम विभाग ने बारिश को लेकर भी अलर्ट जारी किया है। 27 जनवरी को भोपाल, उज्जैन, ग्वालियर, विदिशा, सागर, शिवपुरी, श्योपुर, शाजापुर, अशोकनगर, आगर मालवा, भिंड, मुरैना, दतिया, निवाड़ी, छतरपुर, टीकमगढ़, रतलाम, राजगढ़, गुना, नीमच और मंदसौर में बारिश होने की संभावना है। वहीं 28 जनवरी को जबलपुर, विदिशा, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, सतना, सागर, रायसेन, मऊगंज, मैहर, छतरपुर, टीकमगढ़, रीवा, पन्ना, दमोह, नरसिंहपुर, उमरिया और कटनी में मावठे के साथ बारिश हो सकती है। कुल मिलाकर प्रदेश में ठंड का असर अभी कुछ दिन और बने रहने के आसार हैं। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने, ठंड से बचाव के उपाय अपनाने और कोहरे के दौरान वाहन चलाते समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।

  • मध्य प्रदेश में मौसम का मिजाज बदला, 8 जिलों में बारिश की संभावना, ठंडक बनी रहेगी

    मध्य प्रदेश में मौसम का मिजाज बदला, 8 जिलों में बारिश की संभावना, ठंडक बनी रहेगी



    भोपाल । मध्य प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर अपना रंग बदला है। अगले 24 घंटों में प्रदेश के आठ जिलों – ग्वालियर, श्योपुर, भिंड, मुरैना, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में बारिश की चेतावनी जारी की गई है। वहीं, भोपाल, इंदौर और उज्जैन संभाग में बादलों के छाए रहने की संभावना है।

    मौसम विभाग के अनुसार, गुरुवार से ही मौसम में बदलाव दिखाई दे रहा है और शुक्रवार को उत्तरी जिलों में हल्की-से-मध्यम बारिश हो सकती है।

    26 जनवरी से उत्तर-पश्चिम भारत में एक और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है, जिसका असर मध्य प्रदेश में भी बारिश के रूप में दिख सकता है। फिलहाल अगले दो दिनों तक तेज ठंड के आसार नहीं हैं, लेकिन सुबह के समय कोहरा रहने की संभावना बनी हुई है।

    गुरुवार को ग्वालियर, सतना, रीवा, गुना, इंदौर, राजगढ़, रतलाम, उज्जैन, खजुराहो, मंडला, नरसिंहपुर, नौगांव और सिवनी में कोहरा देखा गया। वहीं, भोपाल, नर्मदापुरम, सीहोर, रायसेन और विदिशा में दिनभर बादल छाए रहे और ठंडी हवाओं का असर महसूस किया गया।

    मौसम विभाग ने बताया कि अगर बारिश हुई, तो यह इस सीजन का पहला मावठा होगा, क्योंकि नवंबर और दिसंबर में प्रदेश में बारिश नहीं हुई थी।

    गुरुवार रात कटनी का करौंदी सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 4.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इसके अलावा छतरपुर के नौगांव में 6.5, उमरिया में 6.9, रीवा में 7, खजुराहो में 7.4, दतिया में 7.6, दमोह और सतना में 8.8, मंडला में 9 और राजगढ़ व सीधी में 9.2 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। प्रमुख शहरों में ग्वालियर 9, जबलपुर 10.9, भोपाल 11.2, इंदौर 13.6 और उज्जैन 13.8 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ ठंडक महसूस हुई। 

    दिल्ली-NCR में बारिश और तेज हवाओं के बीच मौसम अलर्ट, श्रीनगर एयरपोर्ट पर उड़ानों पर रोक
    नई दिल्ली । दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत के कई हिस्सों में शुक्रवार को मौसम ने अचानक बदलाव दिखाया। राजधानी में सुबह हल्की बारिश के साथ तेज हवाओं का असर महसूस किया गया। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान के कई इलाकों के लिए नाउकास्ट चेतावनी जारी की है।
    मौसम विभाग के अनुसार, अगले 2-3 घंटों के दौरान इन राज्यों में गरज के साथ तेज बारिश हो सकती है, और हवाओं की रफ्तार 40-60 किमी प्रति घंटे तक पहुँच सकती है। फिलहाल दिल्ली-एनसीआर में 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल रही हैं। राजधानी और आसपास के क्षेत्रों में दिनभर कुछ जगहों पर बारिश जारी रहने की संभावना है। बारिश से वायु गुणवत्ता में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।
    पंजाब, हरियाणा, पूर्वी राजस्थान, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और एनसीआर के कई शहरों में भी मौसम का मिज़ाज बिगड़ सकता है। IMD ने लोगों से सतर्क रहने, कमजोर ढांचों और पेड़ों के नीचे खड़े न होने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है। वाहन चालक कम दृश्यता और जलभराव की स्थिति में अतिरिक्त सावधानी बरतें।

    श्रीनगर में मौसम की अचानक खराब स्थिति के कारण इंडिगो एयरलाइंस ने ट्रैवल एडवाइजरी जारी की। बर्फबारी के चलते श्रीनगर एयरपोर्ट पर टेक-ऑफ और लैंडिंग पर अस्थायी रोक लगी है। एयरलाइन ने यात्रियों को आश्वस्त किया कि जैसे ही एयर ट्रैफिक कंट्रोल अनुमति देगा, उड़ानें जल्द रवाना की जाएंगी।