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  • ड्रोन और AI बदल रहे जंग का खेल, राजनाथ सिंह की चेतावनी, भारत को रहना होगा हर हाल में तैयार

    ड्रोन और AI बदल रहे जंग का खेल, राजनाथ सिंह की चेतावनी, भारत को रहना होगा हर हाल में तैयार



    नई दिल्ली। देश के रक्षा मंत्री Rajnath Singh ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि दुनिया में युद्ध का तरीका तेजी से बदल रहा है और भारत को इसके लिए पूरी तरह तैयार रहना होगा। प्रयागराज में आयोजित नॉर्थ टेक संगोष्ठी में उन्होंने कहा कि आने वाले समय में जंग सिर्फ टैंक और मिसाइल से नहीं, बल्कि ड्रोन, सेंसर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से लड़ी जाएगी।

    उन्होंने रूस-यूक्रेन युद्ध का उदाहरण देते हुए बताया कि महज कुछ वर्षों में ही युद्ध का स्वरूप पूरी तरह बदल गया है। अब छोटे-छोटे ड्रोन और स्मार्ट टेक्नोलॉजी बड़े हथियारों पर भारी पड़ रहे हैं। इतना ही नहीं, आम इस्तेमाल की चीजें भी अब हथियार बनती जा रही हैं, जैसा कि मध्य पूर्व में हालिया हमलों में देखने को मिला।

    रक्षा मंत्री ने जोर देकर कहा कि भविष्य की जंग का फैसला मैदान में नहीं, बल्कि लैब और रिसर्च सेंटर में होगा। जो देश तकनीक में आगे रहेगा, वही युद्ध में बढ़त हासिल करेगा।

    सरकार के आत्मनिर्भर भारत मिशन का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि देश का रक्षा उत्पादन वित्त वर्ष 2025-26 में रिकॉर्ड 1.54 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, जबकि रक्षा निर्यात 38,424 करोड़ रुपये के ऐतिहासिक स्तर पर है। यह दिखाता है कि भारत अब रक्षा क्षेत्र में तेजी से आत्मनिर्भर बन रहा है।

    रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) की भूमिका की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि अब यह संस्था अकेले नहीं, बल्कि निजी कंपनियों और स्टार्टअप्स के साथ मिलकर काम कर रही है। DRDO ने अपने पेटेंट उद्योगों के लिए मुफ्त में खोल दिए हैं और टेस्टिंग सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे देश की टेक्नोलॉजी क्षमता और मजबूत होगी।

    राजनाथ सिंह ने उद्योग जगत से अपील की कि वे हाइपरसोनिक हथियार, डायरेक्टेड एनर्जी वेपन्स, क्वांटम टेक्नोलॉजी, AI और मशीन लर्निंग जैसे अत्याधुनिक क्षेत्रों में तेजी से काम करें।

    कुल मिलाकर, उनका संदेश साफ है भविष्य की जंग पारंपरिक नहीं होगी और भारत को अभी से टेक्नोलॉजी के मोर्चे पर खुद को मजबूत करना होगा, तभी सुरक्षा और शक्ति दोनों कायम रह पाएंगे।

  • पश्चिम एशिया संकट पर बोले राजनाथ सिंह- हर स्थिति से निपटने की तैयारी जरूरी…. सतर्क रहे भारत

    पश्चिम एशिया संकट पर बोले राजनाथ सिंह- हर स्थिति से निपटने की तैयारी जरूरी…. सतर्क रहे भारत


    नई दिल्ली।
    रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Defence Minister Rajnath Singh) ने शनिवार को पश्चिम एशिया (West Asia) में जारी संघर्ष को अस्थिर बताते हुए कहा कि इससे हालात अचानक बिगड़ सकते हैं। उन्होंने कहा कि भारत को किसी भी परिस्थिति के लिए पूरी तरह तैयार रहना चाहिए। राजनाथ सिंह ने यह टिप्पणी पश्चिम एशिया की स्थिति की निगरानी के लिए गठित मंत्रियों के अनौपचारिक समूह (आईजीओएम) की उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए की। बैठक में विदेश मंत्री एस जयशंकर, पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी, रसायन एवं उर्वरक मंत्री जेपी नड्डा, उपभोक्ता मामले के मंत्री प्रह्लाद जोशी, नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू, पोत परिवहन मंत्री सर्बानंद सोनोवाल और ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल शामिल हुए।


    राजनाथ सिंह ने मैरिटाइम इंश्योरेंस पूल की तारीफ की

    रक्षा मंत्रालय के अनुसार, राजनाथ सिंह ने कहा कि ‘जमीनी स्थिति अनिश्चित और अस्थिर है और भारत को किसी भी परिस्थिति के लिए तैयार रहना चाहिए।’ सोशल मीडिया पोस्ट में सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार जोखिमों को कम करने के लिए तेजी और प्रभावी ढंग से कदम उठा रही है। उन्होंने केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा ‘भारत मैरिटाइम इंश्योरेंस पूल’ के गठन को मंजूरी दिए जाने का भी उल्लेख किया, जिसे 12,980 करोड़ रुपये की गारंटी के साथ स्थापित किया जाएगा। इसका उद्देश्य अस्थिर समुद्री मार्गों के बीच भी भारतीय व्यापार के लिए निरंतर और सस्ती बीमा सुविधा सुनिश्चित करना है।

    रक्षा मंत्री ने कहा, यह अहम फैसला भारत के समुद्री व्यापार को सस्ती और निरंतर बीमा कवरेज देगा, जिससे आयात-निर्यात संचालन की सुरक्षा और स्थिरता मजबूत होगी। यह देश के व्यापार तंत्र को और मजबूत, सुरक्षित और लचीला बनाने की दिशा में बड़ा कदम है।’ बैठक में बताया गया कि वैश्विक आपूर्ति में झटकों के बावजूद भारत ने ईंधन का पर्याप्त भंडार बनाए रखा है और निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने की कोशिशें जारी हैं।


    भारत के पास ईंधन का पर्याप्त स्टॉक

    वर्तमान में भारत के पास कच्चे तेल, पेट्रोल, डीजल और एटीएफ (एविएशन टर्बाइन फ्यूल) का 60 दिनों से अधिक का स्टॉक है। वहीं एलएनजी का करीब 50 दिन और एलपीजी का लगभग 40 दिन का भंडार उपलब्ध है, जिसमें घरेलू उत्पादन का भी योगदान है। सरकार ने होर्मुज जलडमरूमध्य पर निर्भरता कम करने के लिए आयात स्रोतों में विविधता हासिल की है और अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया तथा लैटिन अमेरिका जैसे क्षेत्रों से कच्चा तेल, एलएनजी और एलपीजी की आपूर्ति सुनिश्चित की है। अप्रैल और मई 2026 के लिए आयात की जरूरतें काफी हद तक सुरक्षित कर ली गई हैं, जिससे आपूर्ति में निरंतरता बनी रहेगी।

  • रायसेन में उन्नत कृषि महोत्सव का आगाज: राजनाथ सिंह ने किया उद्घाटन, खेती को स्मार्ट बनाने पर जोर

    रायसेन में उन्नत कृषि महोत्सव का आगाज: राजनाथ सिंह ने किया उद्घाटन, खेती को स्मार्ट बनाने पर जोर


    भोपाल। मध्य प्रदेश के रायसेन जिले में तीन दिवसीय राष्ट्रीय उन्नत कृषि महोत्सव एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत हो गई है। रायसेन के दशहरा मैदान में शनिवार को आयोजित इस मेले का उद्घाटन रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने किया। इस मौके पर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी मौजूद रहे।

    किसानों के लिए बदलाव का मंच बनेगा महोत्सव
    उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि यह कृषि महोत्सव किसानों के लिए बेहद लाभकारी साबित होगा और उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने में मदद करेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि ऐसे आयोजन खेती को नई दिशा देंगे।

    किसान अर्थव्यवस्था की मजबूत नींव

    राजनाथ सिंह ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था का आधार किसान है। कृषि और पशुपालन से शुरू होकर उद्योग और सेवाओं तक पूरी व्यवस्था किसान की मेहनत पर टिकी है। उन्होंने युवाओं से कृषि क्षेत्र से जुड़ने और आधुनिक तकनीक अपनाकर खेती को स्मार्ट बनाने की अपील की।

    सरकारी योजनाओं और सुविधाओं का जिक्र

    अपने संबोधन में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किसानों के लिए चलाई जा रही योजनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा दी जाने वाली आर्थिक सहायता सीधे किसानों के खातों में पहुंच रही है जिससे पारदर्शिता बढ़ी है। फसल बीमा बिजली सड़क और सिंचाई जैसी सुविधाओं में भी सुधार हुआ है।

    तकनीक और नवाचार पर विशेष फोकस
    केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि इस मेले में देशभर के कृषि वैज्ञानिक विशेषज्ञ और प्रगतिशील किसान शामिल हुए हैं। यहां एकीकृत खेती बागवानी ड्रोन तकनीक और कम जमीन में अधिक उत्पादन जैसे विषयों पर व्यावहारिक प्रदर्शन किए जा रहे हैं।

    किसानों के लिए सीखने का मंच
    उन्होंने कहा कि यह सिर्फ मेला नहीं बल्कि किसानों के लिए एक प्रशिक्षण मंच है जहां वे वैज्ञानिकों से सीधे संवाद कर सकते हैं और अपनी समस्याओं का समाधान पा सकते हैं। इसे एक तरह से किसानों का स्कूल बताया गया।

    जिलों के लिए तैयार हो रहा विशेष रोडमैप

    शिवराज सिंह चौहान ने जानकारी दी कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में हर राज्य के लिए कृषि रोडमैप तैयार किया जा रहा है। इसी क्रम में विदिशा रायसेन सीहोर और देवास जिलों के लिए विशेष कृषि योजनाएं बनाई गई हैं ताकि स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार खेती को और बेहतर बनाया जा सके।

  • राजनाथ सिंह की पाकिस्तान को कड़ी चेतावनी, मौजूदा हालात में पड़ोसी न करे कोई दुस्साहस…

    राजनाथ सिंह की पाकिस्तान को कड़ी चेतावनी, मौजूदा हालात में पड़ोसी न करे कोई दुस्साहस…


    नई दिल्ली।
    भारत (India) के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Defence Minister Rajnath Singh) ने पाकिस्तान (Pakistan) को कड़े शब्दों में चेतावनी दे दी है। उन्होंने कहा है कि ‘अभी के हालात’ में अगर पड़ोसी कोई दुस्साहस करता है, तो भारत मुंहतोड़ जवाब देगा। वह जाहिर तौर पर अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध के संदर्भ में बात कर रहे थे। भारत ने बीते साल मई में पाकिस्तान में आतंकवादी ठिकानों के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर किया था।

    राजनाथ सिंह केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम में आयोजित सैनिक सम्मान सम्मेलन में पहुंचे थे। उन्होंने कहा, ‘मौजूदा हालात में हमारा पड़ोसी कोई भी दुस्साहस कर सकता है। अगर वह ऐसा करता है, तो भारत की कार्रवाई अभूतपूर्व और निर्णायक होगी।’ हालांकि, इस दौरान उन्होंने किसी देश का नाम नहीं लिया है। रक्षा मंत्री ने आगे यह भी कहा कि ऑपरेशन सिंदूर अभी खत्म नहीं हुआ है।


    ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र

    सिंह ने कहा, ‘हमने राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े हर मुद्दे पर सरकार के एटीट्यूड और ऐक्शन के तरीके, दोनों को बदला है। ये बदलाव पूरी दुनिया को हाल ही में हुए ऑपरेशन सिंदूर के दौरान देखने को भी मिला है। पहलगाम में हुए आतंकी हमलों में आतंकियों ने जिस तरह धर्म पूछकर लोगों को निशाना बनाया, उसने पूरे देश को ही झकझोर डाला था। वह हमला भारत की सोशल यूनिटी और सोशल फैब्रिक पर किया गया बड़ा हमला था।’

    उन्होंने आगे कहा, ‘इसके खिलाफ भारत ने कड़ी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान में मौजूद आतंकी अड्डों और उससे जुडे़ इंफ्रास्ट्रक्चर को तबाह कर दिया था…।’


    सरहद पार भी कार्रवाई के लिए तैयार भारतीय सेना

    रक्षा मंत्री ने कहा, ‘आज का भारत आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस रखता है। वह इसके खिलाफ सरहद के इस पास और जरूरत पड़ी तो सरहद के उस पार भी कार्रवाई करने में पीछे नहीं रहेगा।’

    उन्होंने कहा, ‘पहलगाम में हुई आतंकी घटना के बाद भारतीय सैनिकों ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान को महज 22 मिनटों में ही घुटनों पर लाकर खड़ा कर दिया था। और भारतीय सैन्य इतिहास में आतंकवाद के खिलाफ किया गया अब तक का यह सबसे बड़ा आपरेशन था। मैं आपको बताना चाहता हूं कि यह आपरेशन अभी बंद नहीं हुआ है। यदि किसी प्रकार की नापाक हरकत पाकिस्तान की तरफ से हुई, तो हमारे सैनिक ऐसा जवाब देंगे कि वो भूल नहीं पाएंगे।’


    दे दी चेतावनी

    सिंह ने पाकिस्तान को बड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दे दी है। उन्होंने कहा, ‘इस बार जो होगा वह अभूतपूर्व होगा हमारी सेना की तरफ से। ऑपरेशन सिंदूर अभी खत्म नहीं हुआ है, क्योंकि हमारा पड़ोसी आजकल जो हालात हैं, उसमें कोई भी दुस्साहस कर सकता है। अगर उसने ऐसा किया, तो भारत का ऐक्शन निर्णायक और अभूतपूर्व होगा।’

  • राजनाथ सिंह का बड़ा ऐलान… बोले- देश में खुलेंगे 100 नए सैनिक स्कूल… NCC कैडेटों की संख्या में होगी भारी वृद्धि

    राजनाथ सिंह का बड़ा ऐलान… बोले- देश में खुलेंगे 100 नए सैनिक स्कूल… NCC कैडेटों की संख्या में होगी भारी वृद्धि


    नई दिल्ली।
    देश की रक्षा तैयारियों (Country Defense Preparedness) और राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भागीदारी को नया आयाम देते हुए केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Defence Minister Rajnath Singh) ने बड़ी घोषणाएं की हैं। सैनिक स्कूल घोड़ाखाल (Sainik School Ghorakhal) के डायमंड जुबली समारोह (Diamond Jubilee Celebration) को संबोधित करते हुए उन्होंने देश भर में 100 नए सैनिक स्कूल खोलने और एनसीसी (NCC) कैडेटों की संख्या में भारी बढ़ोतरी करने का ऐलान किया। रक्षा मंत्री ने युवाओं में अनुशासन, नेतृत्व और देशभक्ति के मूल्यों को समाहित करने के उद्देश्य से नेशनल कैडेट कोर (NCC) के विस्तार की घोषणा की।

    उन्होंने कहा, “हमने एनसीसी में रिक्तियों की संख्या बढ़ा दी है। पहले जहां भर्ती का लक्ष्य 17 लाख (1.7 मिलियन) था, अब इसे बढ़ाकर 20 लाख (2 मिलियन) करने का निर्णय लिया गया है। इससे अधिक से अधिक बच्चों को राष्ट्र निर्माण के लिए आवश्यक संस्कार सीखने का अवसर मिलेगा।”

    सैन्य उन्मुख शिक्षा के दायरे को बढ़ाते हुए राजनाथ सिंह ने बताया कि सरकार पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत देश में 100 नए सैनिक स्कूल स्थापित करने जा रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ये संस्थान न केवल रक्षा सेवाओं के लिए युवाओं को तैयार करते हैं, बल्कि विभिन्न क्षेत्रों में नेतृत्वकारी भूमिका निभाने के लिए भी उन्हें सक्षम बनाते हैं।

    रक्षा मंत्री ने सैनिक स्कूलों में लड़कियों के प्रवेश की अनुमति देने के सरकार के फैसले को ऐतिहासिक और क्रांतिकारी बताया। उन्होंने इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर करार देते हुए कहा कि महिला कैडेटों के प्रदर्शन ने यह साबित कर दिया है कि हमारी बेटियां हर क्षेत्र में बेटों के बराबर हैं।

    घोड़ाखाल सैनिक स्कूल की गौरवशाली विरासत
    समारोह के दौरान उन्होंने सैनिक स्कूल घोड़ाखाल की विरासत की सराहना की। उन्होंने गर्व के साथ बताया कि इस अकेले स्कूल ने अब तक 800 से अधिक छात्र नेशनल डिफेंस एकेडमी (NDA) को दिए हैं। इसके अलावा, सीडीएस (CDS) और एएफसीएटी (AFCAT) जैसे विभिन्न माध्यमों से 2,000 से अधिक कैडेट यहां से निकलकर देश की सेवा कर रहे हैं। उन्होंने छात्रों की शैक्षणिक, खेल और सांस्कृतिक गतिविधियों में उत्कृष्टता की जमकर तारीफ की।

    कैडेटों में जोश भरते हुए राजनाथ सिंह ने अनुशासन और तत्परता पर विशेष जोर दिया। उन्होंने युवाओं को सफलता का मंत्र देते हुए कहा, “मैं सभी बच्चों से कहना चाहता हूं- ‘तैयार रहें, हमेशा तैयार रहें।’ हर परिस्थिति के लिए खुद को तैयार रखें। चुनौतियों से पार पाने के लिए मानसिक मजबूती और शारीरिक फिटनेस अनिवार्य है।”

    उन्होंने अंत में कहा कि एक सशक्त राष्ट्र तभी बनता है जब उसके नागरिक किसी भी आपात स्थिति का सामना करने के लिए मानसिक और शारीरिक रूप से तैयार हों।