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  • दिग्विजय सिंह आज कर सकते हैं रिटायरमेंट का ऐलान: शाम 4 बजे भोपाल में प्रेस कॉन्फ्रेंस, राज्यसभा से पहले ही इनकार

    दिग्विजय सिंह आज कर सकते हैं रिटायरमेंट का ऐलान: शाम 4 बजे भोपाल में प्रेस कॉन्फ्रेंस, राज्यसभा से पहले ही इनकार



    भोपाल। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह आज अपने रिटायरमेंट की घोषणा कर सकते हैं। दिग्विजय ने शाम 4 बजे भोपाल स्थित अपने सरकारी आवास पर प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई है। तीन दिन पहले उन्होंने फेसबुक पर एक वीडियो शेयर किया था, जिसमें उन्होंने लिखा था, “मेरा रिटायरमेंट प्लान? शायद, क्यों नहीं…”।

    वीडियो में 62 वर्षीय सिबानंद भंजा और उनकी पत्नी बसबी भंजा को दिखाया गया है, जिन्होंने बैंक की नौकरी से रिटायर होने के बाद एक कार में यात्रा कर पूरे भारत का भ्रमण शुरू किया। दंपति ने अब तक 55 हजार किलोमीटर की यात्रा पूरी कर ली है और होटल के बजाय खुद भोजन बनाकर खाते हैं। दिग्विजय ने इस वीडियो के माध्यम से अपने रिटायरमेंट के अंदाज को दर्शाया।

    राज्यसभा चुनाव को लेकर भी दिग्विजय पहले ही साफ कर चुके हैं कि वे राज्यसभा की सीट लेने से इनकार कर चुके हैं। जून में उनका दूसरा कार्यकाल पूरा हो रहा है। उन्होंने कहा कि राज्यसभा जाने का विकल्प छोड़कर एमपी में कांग्रेस की स्थिति पर ध्यान केंद्रित करेंगे।

    इतिहास पर नजर डालें तो दिग्विजय सिंह 1993 से 2003 तक मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे, लेकिन 2003 में कांग्रेस की हार के बाद उन्होंने 10 साल तक चुनाव न लड़ने का संकल्प लिया। 2014 में वे राज्यसभा सदस्य बने और 2020 में दूसरी बार राज्यसभा सांसद चुने गए।

    आज की प्रेस कॉन्फ्रेंस में उनके रिटायरमेंट और भविष्य की योजनाओं का खुलासा होने की उम्मीद है, जिससे मध्य प्रदेश की राजनीति और कांग्रेस के रणनीतिक बदलाव पर नई बहस शुरू हो सकती है।

  • उस्मान ख्वाजा ने किया संन्यास का ऐलान नस्लीय भेदभाव पर छलका दर्द-SCG टेस्ट होगा आखिरी मैच

    उस्मान ख्वाजा ने किया संन्यास का ऐलान नस्लीय भेदभाव पर छलका दर्द-SCG टेस्ट होगा आखिरी मैच


    नई दिल्ली । ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट के अनुभवी बल्लेबाज उस्मान ख्वाजा ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने का ऐलान कर दिया है। सिडनी क्रिकेट ग्राउंड SCG में खेला जाने वाला एशेज सीरीज का टेस्ट मैच उनके करियर का आखिरी अंतरराष्ट्रीय मुकाबला होगा। इस भावुक मौके पर ख्वाजा ने न सिर्फ अपने संन्यास की घोषणा की बल्कि अपने लंबे करियर के दौरान झेले नस्लीय भेदभाव मीडिया की आलोचना और टीम मैनेजमेंट के दोहरे मानदंडों पर भी खुलकर अपनी बात रखी।प्रेस कॉन्फ्रेंस में ख्वाजा ने कहा कि उन्हें पूरे करियर में कई बार उनके पाकिस्तानी मूल और मुस्लिम पहचान के कारण अलग नजर से देखा गया। उन्होंने आरोप लगाया कि चोटिल होने की स्थिति में भी उनकी सच्चाई जाने बिना उन पर सवाल खड़े किए गए और उन्हें अक्सर आलसी स्वार्थी या टीम के लिए पूरी तरह समर्पित न होने वाला खिलाड़ी बताया गया।

    ख्वाजा ने कहा जब मैं चोटिल होता था तो लोग बिना पूरी जानकारी के मुझ पर उंगलियां उठाते थे। मुझे ऐसा महसूस कराया गया कि मैं टीम के लिए उतना प्रतिबद्ध नहीं हूं जितना बाकी खिलाड़ी। उन्होंने यह भी कहा कि यह नजरिया सिर्फ क्रिकेट तक सीमित नहीं था बल्कि उनकी पहचान से भी जुड़ा हुआ था।उन्होंने हाल ही में पर्थ टेस्ट से पहले गोल्फ खेलने और एक वैकल्पिक ट्रेनिंग सेशन में शामिल न होने पर हुई आलोचना का भी जिक्र किया। ख्वाजा के मुताबिक कई खिलाड़ी मैच से पहले गोल्फ खेलते हैं या शराब पीते हैं लेकिन उन्हें ऑस्ट्रेलियन लैरिकिन्स कहकर नजरअंदाज कर दिया जाता है। वहीं जब उन्होंने ऐसा किया तो इसे बड़ा मुद्दा बनाया गया और उनकी पेशेवर प्रतिबद्धता पर सवाल खड़े किए गए।

    ख्वाजा ने साफ शब्दों में कहा कि यह दोहरा मापदंड उन्हें हमेशा खलता रहा। उन्होंने कहा कि अगर वही काम कोई और करता तो उसे मजाक या सामान्य व्यवहार मान लिया जाता लेकिन उनके मामले में इसे चरित्र से जोड़ दिया गया।संन्यास की घोषणा के दौरान ख्वाजा के साथ उनकी पत्नी रेचल बच्चे और परिवार के अन्य सदस्य भी मौजूद थे। उन्होंने बताया कि वे काफी समय से इस फैसले पर विचार कर रहे थे। पत्नी से लंबी बातचीत के बाद उन्हें महसूस हुआ कि अब सही समय आ गया है। ख्वाजा ने कहा कि उन्हें संतोष है कि वे अपने करियर को SCG जैसे ऐतिहासिक मैदान पर अपनी शर्तों पर खत्म कर पा रहे हैं।

    उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि एशेज सीरीज की शुरुआत में एडिलेड टेस्ट की प्लेइंग इलेवन से बाहर रहना उनके लिए एक बड़ा संकेत था। हालांकि बाद में जब उन्हें मौका मिला तो उन्होंने अहम पारियां खेलीं और टीम के लिए योगदान दिया। ख्वाजा ने साफ किया कि वे जबरदस्ती टीम में बने रहने के पक्ष में नहीं थे और अगर जरूरत पड़ी होती तो वे उसी समय संन्यास लेने के लिए तैयार थे।अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद भी ख्वाजा क्रिकेट से पूरी तरह दूरी नहीं बनाएंगे। वे आगे भी ब्रिस्बेन हीट के लिए बिग बैश लीग और क्वींसलैंड के लिए शेफील्ड शील्ड में खेलते नजर आएंगे। उनका मानना है कि क्रिकेट अभी भी उनके जीवन का अहम हिस्सा है।

    इस मौके पर क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के CEO टॉड ग्रीनबर्ग ने कहा कि उस्मान ख्वाजा ने मैदान के अंदर और बाहर ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट को बहुत कुछ दिया है। उनका योगदान सिर्फ रन बनाने तक सीमित नहीं रहा बल्कि उन्होंने विविधता समावेशिता और साहस की मिसाल भी पेश की है।कुल मिलाकर उस्मान ख्वाजा का संन्यास सिर्फ एक खिलाड़ी का विदाई नहीं है बल्कि यह ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट में मौजूद उन मुद्दों की ओर भी इशारा करता है जिन पर अब खुलकर चर्चा होने लगी है।

  • आस्ट्रेलियाई क्रिकेटर उस्मान ख्वाजा ने किया संन्यास का ऐलान… सिडनी टेस्ट होगा आखिरी मैच

    आस्ट्रेलियाई क्रिकेटर उस्मान ख्वाजा ने किया संन्यास का ऐलान… सिडनी टेस्ट होगा आखिरी मैच


    नई दिल्ली।
    ऑस्ट्रेलिया के स्टार ओपनर (Australian Star Opener) उस्मान ख्वाजा (Usman Khawaja) ने इंटरनेशनल क्रिकेट से रिटायरमेंट का ऐलान (Retirement Announced from International Cricket) कर दिया है। यह ऐलान उन्होंने शुक्रवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए किया, इस दौरान उनका परिवार भी वहां मौजूद था। उन्होंने बताया कि इंग्लैंड के खिलाफ सिडनी में होने वाला 5वां एशेज मुकाबला उनके करियर का आकिरी मैच होने वाला है। ख्वाजा ने शुक्रवार को ही अपने इस फैसले की जानकारी टीम के साथी खिलाड़ियों को भी दी। ख्वाजा ने रिटायरमेंट का ऐलान करते हुए अपने पूरे करियर में झेले गए नस्लवाद के बारे में भी बात की। बता दें, 5 मैच की इस टेस्ट सीरीज में ऑस्ट्रेलिया अजेय बढ़त बना चुका है और वह 3-1 से आगे चल रहा है।

    उस्मान ख्वाजा ने कहा, “क्रिकेट के जरिए भगवान ने मुझे मेरी कल्पना से कहीं ज्यादा दिया है। उन्होंने मुझे ऐसी यादें दी हैं जिन्हें मैं हमेशा अपने साथ रखूंगा, ऐसी दोस्ती जो खेल से कहीं आगे है, और ऐसे सबक जिन्होंने मुझे, जो मैं आज हूं, मैदान के बाहर बनाया है। लेकिन कोई भी करियर सिर्फ एक इंसान का नहीं होता। जाहिर है, मुझे बहुत मदद मिली। मेरे माता-पिता, जो वहां बैठे हैं, आपके बलिदानों के लिए धन्यवाद, जो कभी हाइलाइट्स रील में नहीं आए।”

    उस्मान ख्वाजा ने इस दौरान एशेज में अपनी तैयारी और पीठ की दिक्कतों को लेकर अपने साथ हुए नस्लीय स्टीरियोटाइपिंग के बारे में बात की। उन्होंने कहा, “ऐसी टिप्पणियां, ‘वह टीम के प्रति कमिटेड नहीं है। ‘वह सिर्फ अपने बारे में सोच रहा था। उसने एक दिन पहले गोल्फ कॉम्पिटिशन खेला। वह स्वार्थी है। वह काफी मेहनत से ट्रेनिंग नहीं करता। उसने मैच से एक दिन पहले ट्रेनिंग नहीं की। वह आलसी है।’ ये वही स्टीरियोटाइप हैं, वही नस्लीय स्टीरियोटाइप जिनके साथ मैं पूरी जिंदगी बड़ा हुआ हूं… यही बात मुझे सबसे ज्यादा निराश करती है, क्योंकि मुझे लगा था कि हम इससे आगे निकल चुके हैं। लेकिन अभी भी थोड़ा बहुत ऐसा है, जिससे मुझे हर दिन लड़ना पड़ता है, जो मेरे लिए बहुत निराशाजनक है।”

    उस्मान ख्वाजा ने 2011 में ऑस्ट्रेलिया के लिए टेस्ट डेब्यू किया था। सिडनी में जो वह इंग्लैंड के खिलाफ अपना आखिरी टेस्ट खेलेंगे वह उनके करियर का 88वां मुकाबला होगा। ख्वाजा ऑस्ट्रेलिया की 2023 WTC चैंपियन टीम का भी हिस्सा थे। उन्होंने मैदान के बाहर एक मजबूत विरासत छोड़ी है, वह ऑस्ट्रेलिया के लिए खेलने वाले पहले पाकिस्तान में जन्मे क्रिकेटर और देश का प्रतिनिधित्व करने वाले पहले मुस्लिम क्रिकेटर हैं। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के लिए 49 वनडे मैच भी खेले हैं।

  • पिछले साल सभी फॉर्मेट से सन्यास का ऐलान किया था, अब बोले-फैंस के सामने खेलकर ही करूंगा विदाई

    पिछले साल सभी फॉर्मेट से सन्यास का ऐलान किया था, अब बोले-फैंस के सामने खेलकर ही करूंगा विदाई

    नई दिल्ली  बांग्लादेश के स्टार ऑलराउंडर शाकिब अल हसन ने अपने रिटायरमेंट पर बड़ा बयान देते हुए साफ कहा है कि उन्होंने अभी तक तीनों फॉर्मेट-टेस्ट वनडे और टी20 इंटरनेशनल-से आधिकारिक तौर पर संन्यास नहीं लिया है। मोईन अली के पॉडकास्ट ‘बियर्ड बिफोर विकेट में उन्होंने पहली बार इस विषय पर खुलकर बात की और बताया कि उनका प्लान है कि वे बांग्लादेश लौटकर एक पूरी घरेलू सीरीज खेलें और उसके बाद तीनों फॉर्मेट को एकसाथ अलविदा कह दें। शाकिब ने कहा मैं अभी रिटायर नहीं हुआ हूं। मेरा सपना है कि एक पूरी घरेलू सीरीज खेलकर फैंस को धन्यवाद दूं। सीरीज टेस्ट से शुरू हो या टी20 से-इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। मैं बस मैदान पर आखिरी बार अपने देश के लोगों के सामने उतरना चाहता हूं।

    मई 2024 से देश से बाहर राजनीतिक परिस्थितियों के कारण लौटना हुआ मुश्किल

    शाकिब मई 2024 से बांग्लादेश नहीं लौटे हैं। 5 अगस्त 2024 को शेख हसीना की सरकार गिरने के बाद उनकी सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए थे। वे आवामी लीग से सांसद थे और उसी दौरान एक कथित हत्या के मामले में उनका नाम सामने आया जबकि वे उस समय देश में मौजूद भी नहीं थे। इसके बावजूद शाकिब ने पाकिस्तान और भारत दौरे पर टेस्ट सीरीज खेली। भारत के खिलाफ कानपुर टेस्ट सितंबर 2024 उनकी आखिरी इंटरनेशनल मैच है। वापसी के सवाल पर उन्होंने कहा मैं जरूर लौटूंगा। इसी उम्मीद में अलग-अलग T20 लीग खेल रहा हूं। घरेलू सीरीज में मेरे लिए प्रदर्शन नहीं बल्कि उन फैंस को विदाई देना अहम है जिन्होंने मेरा साथ सालों तक दिया।

    2024 में किया था रिटायरमेंट का ऐलान लेकिन अब बदल गया फैसला

    2024 में भारत दौरे के दौरान शाकिब ने टेस्ट और टी20 फॉर्मेट से रिटायरमेंट की घोषणा की थी। उन्होंने यह भी कहा था कि T20 वर्ल्ड कप में खेला गया मैच उनका आखिरी अंतरराष्ट्रीय टी20 माना जाए। वनडे से संन्यास को लेकर उनकी योजना थी कि चैंपियंस ट्रॉफी 2025 उनकी अंतिम वनडे सीरीज होगी। लेकिन शाकिब को गेंदबाजी एक्शन में गड़बड़ी पाए जाने के कारण टीम में शामिल नहीं किया गया। इसके चलते 2023 वनडे वर्ल्ड कप में श्रीलंका के खिलाफ दिल्ली में खेला गया मैच ही उनके करियर का अंतिम वनडे माना गया।

    जानबूझकर अवैध एक्शन किया मैं बहुत थक गया था 

    शाकिब ने अपने गेंदबाजी एक्शन विवाद पर भी चर्चा की। 2024 में इंग्लैंड में सरे काउंटी से खेलते समय उनका एक्शन रिपोर्ट हुआ और ECB ने उन्हें गेंदबाजी से रोक दिया। उन्होंने कहा मैं मानता हूं कि मैंने जानबूझकर थोड़ा गलत एक्शन किया था। मैं पाकिस्तान में दो टेस्ट खेलकर सीधे टॉन्टन टेस्ट में पहुंचा था और बेहद थका हुआ था। उस चार दिवसीय मैच में मैंने 70 से ज्यादा ओवर फेंके। पूरे करियर में मैंने किसी टेस्ट में इतने ओवर नहीं डाले। मुझे लगा था कि अंपायर चेतावनी देंगे लेकिन वे नियम के अनुसार सही थे। इसके बाद शाकिब ने वीडियो देखकर अपनी गलती समझी और कुछ हफ्तों की प्रैक्टिस के बाद एक्शन ठीक कर लिया। उन्होंने सरे क्लब को पूरी मदद के लिए धन्यवाद दिया।

    फैंस को घरेलू मैदान पर देना चाहते हैं विदाई

    शाकिब ने कहा कि बांग्लादेश क्रिकेट में उनका सफर लंबा रहा है और वे अपने समर्थकों को सही तरीके से अलविदा कहना चाहते हैं। उन्होंने कहा एक खिलाड़ी को अपने वादों पर कायम रहना चाहिए। मैं अच्छा खेलूं या नहीं उससे फर्क नहीं पड़ता। मेरा लक्ष्य सिर्फ इतना है कि अपने लोगों के सामने आखिरी बार खेलकर कुछ वापस दे सकूं। उनके इस बयान के बाद अब बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड और फैंस को इस बात का इंतजार है कि शाकिब कब देश लौटते हैं और कौन-सी सीरीज उनके अंतरराष्ट्रीय करियर का अंतिम अध्याय बनती है।