Tag: Rewa News

  • डायल-112 सिस्टम पर सवाल: रीवा में शराब सप्लाई का वीडियो सामने आते ही कार्रवाई, दो पुलिसकर्मी सस्पेंड

    डायल-112 सिस्टम पर सवाल: रीवा में शराब सप्लाई का वीडियो सामने आते ही कार्रवाई, दो पुलिसकर्मी सस्पेंड


    रीवा । रीवा जिले के गंगेव क्षेत्र से पुलिस व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला एक वीडियो सामने आया है, जिसमें डायल-112 आपातकालीन वाहन के पास एक युवक शराब दुकान से बोतलें और बियर लेकर पहुंचता दिखाई दे रहा है। आरोप है कि यह पूरी घटना ड्यूटी के दौरान हुई और वाहन में मौजूद पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में शराब मंगवाई गई।

    स्थानीय लोगों के अनुसार, डायल-112 वाहन मौके पर खड़ा था और इसी दौरान सायरन बजने के बाद भी एक युवक शराब दुकान से सीधे वाहन तक शराब पहुंचाता दिखाई दिया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिसके बाद पुलिस की कार्यप्रणाली और आपातकालीन सेवा की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल उठने लगे।

    वीडियो सामने आने के बाद इलाके में चर्चा तेज हो गई और लोगों ने पुलिस व्यवस्था पर नाराजगी जताई। कई लोगों ने सोशल मीडिया पर भी इस घटना को लेकर प्रतिक्रिया दी और इसे डायल-112 सेवा की छवि को नुकसान पहुंचाने वाला मामला बताया।

    मामले को गंभीरता से लेते हुए रीवा पुलिस अधीक्षक ने तत्काल जांच के आदेश दिए। इसके बाद एसडीओपी स्तर पर पूरे प्रकरण की जांच कराई गई। प्रारंभिक जांच में दोनों कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध पाए जाने पर कार्रवाई करते हुए आरक्षक समर पटेल और वाहन चालक अनूप विश्वकर्मा को निलंबित कर दिया गया।

    पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले की विस्तृत जांच अभी जारी है। एएसपी ने बताया कि वीडियो के आधार पर सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और यदि अन्य कर्मचारी या अधिकारी भी इसमें शामिल पाए जाते हैं, तो उनके खिलाफ भी सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

    यह घटना सामने आने के बाद डायल-112 सेवा की कार्यप्रणाली और निगरानी व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल उठ खड़े हुए हैं। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे और सख्त कदम उठाए जा सकते हैं।

  • रोशनी से डरती जिंदगी: रीवा के चार बच्चे दुर्लभ बीमारी से अंधेरे में जीने को मजबूर

    रोशनी से डरती जिंदगी: रीवा के चार बच्चे दुर्लभ बीमारी से अंधेरे में जीने को मजबूर


    मध्यप्रदेश। रीवा जिले के जवा तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत देवखर (कोरियान टोला) से एक बेहद दर्दनाक और भावुक कर देने वाली कहानी सामने आई है, जहां एक ही परिवार के चार मासूम बच्चे ऐसी दुर्लभ बीमारी से जूझ रहे हैं, जिसने उनकी पूरी जिंदगी को अंधेरे में धकेल दिया है। इस बीमारी के कारण सूरज की रोशनी उनके लिए राहत नहीं बल्कि सजा बन गई है।

    सुग्रीव कोरी के परिवार के चार बच्चे अनामिका (5 वर्ष), रिया (9 वर्ष), प्रियांशु (13 वर्ष) और पुष्पेंद्र (10 वर्ष)—जन्म से ही एक दुर्लभ आनुवंशिक बीमारी एल्बिनिज्म से पीड़ित हैं। इस बीमारी में शरीर में मेलानिन नामक तत्व नहीं बन पाता, जिसके कारण बच्चों की त्वचा, बाल और आंखों का रंग पूरी तरह सफेद है और उनकी दृष्टि भी बेहद कमजोर है।

    इन बच्चों की हालत इतनी गंभीर है कि तेज धूप या रोशनी में उनकी आंखों में तेज जलन और चुभन होती है। बाहर निकलते ही उनकी आंखें बंद हो जाती हैं और संतुलन बिगड़ने से वे गिर जाते हैं। यही कारण है कि ये मासूम बच्चे अधिकांश समय अंधेरे कमरों में रहने को मजबूर हैं।

    सबसे दुखद पहलू यह है कि उनकी शारीरिक स्थिति के कारण उन्हें समाज में भी उपहास का सामना करना पड़ता है। गांव के कुछ लोग और बच्चे उन्हें ‘अंग्रेज’ कहकर चिढ़ाते हैं, जिससे वे मानसिक रूप से और अधिक आहत हो गए हैं। धीरे-धीरे उन्होंने घर से बाहर निकलना भी कम कर दिया है।

    परिवार की आर्थिक स्थिति भी बेहद कमजोर है। माता-पिता मजदूरी कर किसी तरह घर चला रहे हैं। ऐसे में बच्चों का इलाज बड़े अस्पतालों में कराना उनके लिए संभव नहीं है। मां माया कोरी और मंजू कोरी ने भावुक होकर बताया कि बच्चे पढ़ना चाहते हैं, लेकिन धुंधली दृष्टि के कारण उन्हें अक्षर भी स्पष्ट दिखाई नहीं देते।

    इस बीच एक और गंभीर समस्या सामने आई है कि बच्चों के बायोमेट्रिक फिंगरप्रिंट और रेटिना स्कैन मशीन में मैच नहीं हो पा रहे हैं, जिससे उनका सरकारी राशन कार्ड और अन्य दस्तावेज सक्रिय नहीं हो पा रहे हैं। इसके कारण परिवार को सरकारी राशन और योजनाओं का लाभ भी नहीं मिल पा रहा है।

    इसके अलावा अब तक बच्चों का दिव्यांग प्रमाण पत्र भी नहीं बन सका है, जिससे वे पेंशन, छात्रवृत्ति और अन्य सरकारी सहायता से वंचित हैं। यह स्थिति परिवार की मुश्किलों को और बढ़ा रही है।

    स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि यह मामला आनुवंशिक बीमारी का प्रतीत होता है और विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम से जांच कराकर उचित इलाज उपलब्ध कराया जाएगा। वहीं जिला प्रशासन ने भी इस मामले को गंभीर मानते हुए स्वास्थ्य टीम को गांव भेजने और आवश्यक सहायता देने की बात कही है। यह कहानी न केवल एक चिकित्सा चुनौती को दर्शाती है, बल्कि समाज और सिस्टम की जिम्मेदारी पर भी बड़ा सवाल खड़ा करती है।

  • रीवा में ट्रांसफार्मर के नीचे मिला अज्ञात युवक का शव, जांच में जुटी पुलिस

    रीवा में ट्रांसफार्मर के नीचे मिला अज्ञात युवक का शव, जांच में जुटी पुलिस



    मध्य प्रदेश । रीवा जिले के गुढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत बंजारी गांव में शुक्रवार दोपहर उस समय सनसनी फैल गई जब ग्रामीणों ने एक अज्ञात युवक का शव विद्युत ट्रांसफार्मर के नीचे पड़ा देखा। अचानक हुई इस घटना से पूरे गांव में दहशत और चर्चा का माहौल बन गया।

    सूचना मिलते ही गुढ़ थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। पुलिस ने आसपास के ग्रामीणों से पूछताछ की, लेकिन मृतक युवक की पहचान के संबंध में कोई ठोस जानकारी नहीं मिल सकी। शुरुआती जांच में युवक की उम्र लगभग 25 वर्ष के आसपास बताई जा रही है।

    इसके बाद पुलिस ने शव को डायल 112 की मदद से रीवा स्थित संजय गांधी अस्पताल की मर्चुरी में सुरक्षित रखवा दिया है, जहां आगे की कानूनी और पोस्टमॉर्टम प्रक्रिया की जाएगी।

    पुलिस का कहना है कि युवक की पहचान उसके कपड़ों और हुलिये के आधार पर करने की कोशिश की जा रही है। साथ ही आसपास के सभी थानों को सूचना भेज दी गई है, ताकि यदि किसी गुमशुदा व्यक्ति की रिपोर्ट दर्ज हो तो उसकी जानकारी से मिलान किया जा सके।

    फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि युवक की मौत किन परिस्थितियों में हुई है। क्या यह हादसा है या किसी अन्य कारण से हुई मौत, इस पर पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है।

    गुढ़ थाना पुलिस ने आम लोगों से भी अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति को इस युवक के बारे में कोई जानकारी हो या हाल ही में कोई युवक लापता हुआ हो, तो तुरंत पुलिस से संपर्क करें। इसके लिए दो संपर्क नंबर भी जारी किए गए हैं-
    • सहायक उप निरीक्षक सुरेश साकेत: 62329 81933
    • प्रधान आरक्षक अयोध्या प्रजापति: 91746 97575

    पुलिस का कहना है कि आम नागरिकों की छोटी सी जानकारी भी किसी परिवार को उनके अपनों तक पहुंचाने में बड़ी मदद कर सकती है। फिलहाल मामले की जांच जारी है और पुलिस जल्द ही पहचान और मौत के कारणों का खुलासा करने की उम्मीद जता रही है।

  • रीवा में सरकारी शिक्षक का आत्मघाती कदम: सुसाइड नोट में लगाए गंभीर आरोप

    रीवा में सरकारी शिक्षक का आत्मघाती कदम: सुसाइड नोट में लगाए गंभीर आरोप


    मध्यप्रदेश । मध्य प्रदेश के Rewa से एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है, जहां एक सरकारी शिक्षक ने कथित मानसिक प्रताड़ना से परेशान होकर अपनी कलाई की नस काट ली। घटना गुरुवार सुबह करीब 7 बजे की बताई जा रही है। शिक्षक को गंभीर हालत में संजय गांधी अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी स्थिति नाजुक बनी हुई है।

     5 पन्नों के सुसाइड नोट में लगाए गंभीर आरोप
    सीएम राइज स्कूल लालगांव में पदस्थ शिक्षक अनिल कुमार तिवारी ने अपने पांच पन्नों के सुसाइड नोट में विश्वविद्यालय थाना प्रभारी और एक पत्रकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने लिखा है कि कथित तौर पर उन्हें झूठे मामले में फंसाया गया, लगातार अपमानित किया गया और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया, जिससे वह अत्यधिक तनाव में आ गए।

     आत्महत्या के बाद ग्रुप में भेजी तस्वीर
    घटना के तुरंत बाद शिक्षक ने अपनी तस्वीर एक शिक्षकों के व्हाट्सएप ग्रुप में साझा की, जिसके बाद सहकर्मियों में हड़कंप मच गया। तुरंत परिजनों को सूचना दी गई, जिसके बाद उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया। उस समय शिक्षक गांव में अकेले थे, जबकि परिवार रीवा शहर में मौजूद था।

    बेटे ने बताया पेड़ विवाद से शुरू हुई कहानी
    पीड़ित शिक्षक के बेटे के अनुसार, विवाद की शुरुआत एक हरे-भरे पेड़ को काटने को लेकर हुई थी। आरोप है कि एक पक्ष ने उनकी जमीन पर लगे पेड़ को बिना अनुमति काट दिया, जिसका विरोध करने पर मामला बढ़ गया। इसके बाद धमकियां दी गईं और कथित तौर पर थाने में फर्जी केस दर्ज कराए गए, जिससे शिक्षक मानसिक रूप से टूट गए।

     अस्पताल में इलाज जारी, हालत गंभीर
    घटना के बाद परिजन और सहकर्मी तुरंत मौके पर पहुंचे और शिक्षक को Sanjay Gandhi Memorial Hospital में भर्ती कराया। डॉक्टरों के मुताबिक उनकी हालत गंभीर बनी हुई है और आईसीयू में इलाज जारी है।

     प्रशासनिक जांच की संभावना
    इस घटना ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासनिक स्तर पर जांच की संभावना जताई जा रही है। पुलिस और संबंधित पक्षों के आरोपों की पुष्टि के लिए जांच की प्रक्रिया शुरू हो सकती है।

    रीवा की यह घटना मानसिक तनाव, विवाद और आरोपों के बीच एक बेहद गंभीर स्थिति को दर्शाती है। अब पूरा मामला जांच और तथ्यों की पुष्टि पर निर्भर है, जबकि शिक्षक की हालत नाजुक बनी हुई है।

  • NTA भंग करने की मांग तेज, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे को लेकर प्रदर्शन

    NTA भंग करने की मांग तेज, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे को लेकर प्रदर्शन

    रीवा। NEET 2026 पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में उठ रहे विरोध के बीच रीवा में भी सियासी और छात्र संगठनों का आक्रोश खुलकर सामने आने लगा है। भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) ने 19 मई को डिप्टी सीएम आवास के बाहर बड़ा प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। संगठन का कहना है कि छात्रों के भविष्य के साथ हुए खिलवाड़ और जनप्रतिनिधियों की चुप्पी के खिलाफ यह आंदोलन किया जाएगा।

    रविवार को आयोजित प्रेस वार्ता में NSUI रीवा जिलाध्यक्ष पंकज उपाध्याय ने कहा कि प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ता घंटी और शंख बजाकर विरोध दर्ज कराएंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार हो रहे पेपर लीक मामलों ने देश की परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    NSUI ने “NEET 2026 न्याय अभियान” के तहत कई अहम मांगें रखी हैं। संगठन ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को तत्काल भंग करने, केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan के इस्तीफे और पूरे मामले की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में CBI जांच कराने की मांग की है। इसके साथ ही प्रभावित छात्रों के लिए मुफ्त मानसिक स्वास्थ्य सहायता और फ्री लीगल एड उपलब्ध कराने की भी मांग की गई है।

    संगठन का कहना है कि यदि दोबारा परीक्षा आयोजित की जाती है तो छात्रों को मुफ्त यात्रा और ठहरने की सुविधा भी सरकार को उपलब्ध करानी चाहिए। NSUI नेताओं ने कहा कि केवल री-एग्जाम कराना समाधान नहीं है, बल्कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना जरूरी है।

    प्रेस वार्ता में नेताओं ने 2015 के AIPMT पेपर लीक, 2024 और अब 2026 के NEET विवाद का जिक्र करते हुए कहा कि बार-बार सामने आ रहे घोटाले शिक्षा व्यवस्था की कमजोरियों को उजागर कर रहे हैं। उन्होंने कोटा, सीकर और जयपुर जैसे बड़े कोचिंग हब की भूमिका की भी जांच की मांग उठाई।

    इधर, NSUI के प्रदर्शन ऐलान से पहले कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी रीवा में मशाल जुलूस निकालकर केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

    रीवा में बढ़ते विरोध प्रदर्शन से साफ है कि NEET पेपर लीक मामला अब सिर्फ शिक्षा का मुद्दा नहीं बल्कि बड़ा राजनीतिक और जनआंदोलन बनता जा रहा है।

  • रीवा सड़क हादसा: नाले में गिरी कार, स्थानीय लोगों ने की रेस्क्यू

    रीवा सड़क हादसा: नाले में गिरी कार, स्थानीय लोगों ने की रेस्क्यू


    रीवा  रीवा शहर के करहिया स्थित अग्रवाल पेट्रोल पंप के पास रविवार को एक बड़ा सड़क हादसा होते-होते टल गया। एक तेज रफ्तार ट्रक की लापरवाही के चलते एक कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे बने नाले में जा गिरी। अचानक हुए इस हादसे से कार में सवार लोगों के बीच चीख-पुकार मच गई और कुछ देर के लिए मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार मोड़ से गुजर रही थी, तभी सामने से आ रहे एक तेज रफ्तार ट्रक ने अचानक कट मार दिया। ट्रक के अचानक सामने आने से कार चालक घबरा गया और वाहन पर नियंत्रण खो बैठा। नियंत्रण बिगड़ते ही कार सड़क से नीचे उतरकर सीधे नाले में जा घुसी।

    हादसे के तुरंत बाद आसपास मौजूद लोग मदद के लिए दौड़ पड़े। स्थानीय लोगों ने बिना देर किए कार में फंसे सवारों को बाहर निकाला और प्राथमिक सहायता उपलब्ध कराई। राहत की बात यह रही कि इस दुर्घटना में किसी की जान नहीं गई, हालांकि सभी को हल्की चोटें आई हैं।

    जानकारी के मुताबिक, कार में सवार लोग सतना निवासी बताए जा रहे हैं, जो किसी काम से परौहा टोला बोदा बाग की ओर जा रहे थे। दुर्घटना के बाद मौके पर काफी देर तक भीड़ जमा रही और स्थानीय लोगों ने सड़क पर भारी वाहनों की तेज रफ्तार पर नाराजगी जताई।

    लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर अक्सर ट्रक और अन्य भारी वाहन तेज गति से चलते हैं और मोड़ पर अचानक कट मार देते हैं, जिससे हादसों का खतरा बना रहता है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे संवेदनशील मोड़ों पर स्पीड कंट्रोल और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाए। फिलहाल पुलिस और स्थानीय प्रशासन से भी इस घटना की जांच और सड़क सुरक्षा उपायों को लेकर कार्रवाई की उम्मीद की जा रही है।

  • रीवा में चोरों का आतंक: घरों और दुकान से 9 लाख की चोरी, पुलिस जांच में जुटी

    रीवा में चोरों का आतंक: घरों और दुकान से 9 लाख की चोरी, पुलिस जांच में जुटी

    रीवा। मध्य प्रदेश के रीवा जिले में चोरों ने बीती रात बड़ी वारदात को अंजाम देकर पूरे इलाके में सनसनी फैला दी। मनगंवा थाना क्षेत्र के बेलवा पैकान गांव में बदमाशों ने एक ही रात में तीन घरों और एक हार्डवेयर दुकान में सेंधमारी की। इस वारदात के बाद गांव में दहशत का माहौल है और लोग सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठा रहे हैं।

    हार्डवेयर दुकान से लाखों की चोरी, टावर के रास्ते घुसे चोर
    जानकारी के अनुसार, चोरों ने तेजभान कुशवाहा की “कुशवाहा हार्डवेयर एवं बीज भंडार” दुकान को निशाना बनाया। बदमाश टावर की ओर से दुकान के अंदर घुसे और वहां से करीब 3 लाख रुपये नकद, सोने-चांदी के सिक्के और लगभग 6 लाख रुपये के जेवरात चुरा लिए। सुबह जब दुकान मालिक पहुंचा तो वारदात का पता चला, जिसके बाद इलाके में हड़कंप मच गया।

    तीन घरों में भी घुसने की कोशिश, एक में मोबाइल चोरी
    दुकान के अलावा चोरों ने गांव के तीन अन्य घरों में भी सेंध लगाने की कोशिश की। इनमें से एक घर से मोबाइल फोन चोरी हुआ, जबकि बाकी दो घरों में चोर किसी बड़े सामान को ले जाने में सफल नहीं हो सके।

    पुलिस पर गश्त न करने का आरोप, ग्रामीणों में आक्रोश
    एक ही रात में कई जगह चोरी होने से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि क्षेत्र में लगातार चोरी की घटनाएं बढ़ रही हैं, लेकिन पुलिस गश्त प्रभावी नहीं है, जिससे चोरों के हौसले बुलंद हैं।

    CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस, जांच तेज
    घटना की सूचना मिलते ही मनगंवा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और संदिग्धों की तलाश कर रही है। अज्ञात चोरों के खिलाफ मामला दर्ज कर पुलिस ने उनकी सरगर्मी से तलाश शुरू कर दी है।

    रीवा की यह वारदात एक बार फिर ग्रामीण इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था की कमजोरियों को उजागर करती है। लगातार बढ़ रही चोरी की घटनाएं पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बनती जा रही हैं।

  • अजगरहा में बिजली समस्या को लेकर बवाल, सड़क जाम से यातायात प्रभावित

    अजगरहा में बिजली समस्या को लेकर बवाल, सड़क जाम से यातायात प्रभावित


    रीवा। मध्य प्रदेश के रीवा शहर के अजगरहा इलाके में शुक्रवार देर रात बिजली की लगातार समस्या को लेकर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। कम वोल्टेज और बार-बार बिजली कटौती से परेशान रहवासियों ने मुख्य सड़क पर जाम लगाकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया, जिससे कुछ समय के लिए यातायात पूरी तरह बाधित हो गया।

    लंबे समय से जारी समस्या, शिकायतों के बावजूद समाधान नहीं
    प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना है कि इलाके में लंबे समय से बिजली आपूर्ति की समस्या बनी हुई है। बार-बार बिजली गुल होने और कम वोल्टेज की वजह से घरेलू जीवन प्रभावित हो रहा है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि कई बार शिकायत करने के बावजूद जिम्मेदार विभाग ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया।

    मौके पर पहुंची पुलिस, प्रदर्शनकारियों से हुई तीखी बहस
    सूचना मिलने के बाद विश्वविद्यालय थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जाम हटवाने की कोशिश की। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी बहस भी देखने को मिली। काफी देर तक चले तनाव के बाद पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए सड़क खाली करवाई और यातायात बहाल कराया।

    स्थानीय लोगों का आरोप: समस्याओं पर नहीं होती सुनवाई
    प्रदर्शन के दौरान स्थानीय लोगों ने प्रशासन पर अनदेखी का आरोप लगाया। एक महिला ने कहा कि जब आम लोग अपनी समस्या लेकर सड़क पर आते हैं तो पुलिस तुरंत सख्ती दिखाती है, लेकिन असली समस्या पर कोई ध्यान नहीं देता।

    स्थानीय निवासियों की नाराजगी बढ़ी
    स्थानीय निवासी रमेश कुशवाहा ने बताया कि कई दिनों से बिजली बार-बार जा रही है, जिससे बच्चे और बुजुर्ग परेशान हैं। वहीं सीमा पटेल ने कहा कि मजबूरी में सड़क पर उतरना पड़ा क्योंकि समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा।

    आगे आंदोलन की चेतावनी
    प्रदर्शन समाप्त होने के बाद भी इलाके में नाराजगी बनी हुई है। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो वे फिर से आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

    रीवा के अजगरहा में हुआ यह विरोध प्रदर्शन बिजली व्यवस्था की खामियों को उजागर करता है। स्थानीय लोगों की नाराजगी यह संकेत देती है कि अगर जल्द सुधार नहीं हुआ तो हालात और गंभीर हो सकते हैं।

  • रीवा में शादी समारोह बना रणक्षेत्र: बीच सड़क पर दो गुटों में जमकर मारपीट

    रीवा में शादी समारोह बना रणक्षेत्र: बीच सड़क पर दो गुटों में जमकर मारपीट


    नई दिल्ली।  रीवा शहर में बुधवार देर रात एक शादी समारोह उस समय हंगामे में बदल गया, जब दो पक्षों के बीच मामूली कहासुनी देखते ही देखते हिंसक झड़प में तब्दील हो गई। मामला शहर के व्यस्त इलाके स्थित गायत्री हॉल के सामने का है, जहां बीच सड़क पर दोनों पक्षों के लोगों के बीच जमकर लात-घूंसे चले। खास बात यह रही कि यह पूरी घटना सिविल लाइन थाने से महज 100 मीटर की दूरी पर हुई, जिससे इलाके में देर रात अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

    जानकारी के अनुसार, घोघर निवासी संतोष सेन और रामरती सेन की बेटी पलक सेन का विवाह समारोह गायत्री हॉल में आयोजित किया गया था। बारात रीवा जिले के मनगवां क्षेत्र से आई थी। दूल्हा पंकज सेन अपने परिजनों और रिश्तेदारों के साथ विवाह समारोह में शामिल होने पहुंचा था। कार्यक्रम के दौरान कुछ युवकों के बीच किसी बात को लेकर विवाद शुरू हुआ, जो धीरे-धीरे बढ़ते हुए मारपीट में बदल गया।

    प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दोनों पक्षों के लोग अचानक सड़क पर आ गए और एक-दूसरे पर हमला करने लगे। काफी देर तक सड़क पर लात-घूंसे चलते रहे। इस दौरान वहां मौजूद लोगों में दहशत फैल गई और कई लोग खुद को बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए। सड़क पर हंगामे के कारण कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित रहा।

    मौके पर मौजूद लोगों ने बीच-बचाव की कोशिश की, लेकिन स्थिति काफी देर तक तनावपूर्ण बनी रही। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को समझाकर मामला शांत कराया। पुलिस की मौजूदगी के बाद हालात नियंत्रण में आए।

    घटना के दौरान मौजूद कुछ लोगों ने पूरी मारपीट का वीडियो अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड कर लिया, जो अब सोशल मीडिया और इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है। वीडियो में दोनों पक्षों के लोग सड़क पर एक-दूसरे से भिड़ते दिखाई दे रहे हैं।

    फिलहाल पुलिस दोनों पक्षों से पूछताछ कर रही है और विवाद की असली वजह जानने की कोशिश की जा रही है। पुलिस का कहना है कि वीडियो फुटेज और बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

  • रीवा–दुर्ग रेल सेवा की मांग तेज: पार्थिव देह परिवहन के लिए विशेष सुविधा की मांग भी सामने आई

    रीवा–दुर्ग रेल सेवा की मांग तेज: पार्थिव देह परिवहन के लिए विशेष सुविधा की मांग भी सामने आई


    नई दिल्ली । रीवा-दुर्ग के बीच सीधी ट्रेन सेवा शुरू करने की मांग रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव तक पहुंची। भाजपा युवा मोर्चा के पूर्व राष्ट्रीय मंत्री गौरव तिवारी ने विंध्य क्षेत्र के यात्रियों की सुविधा और पार्थिव देह परिवहन के लिए विशेष व्यवस्था की मांग रखी, जिस पर मंत्री ने विचार का आश्वासन दिया।

    नई दिल्ली में मध्यप्रदेश के विंध्य क्षेत्र से जुड़ी एक अहम रेल मांग सामने आई है। भाजपा युवा मोर्चा के पूर्व राष्ट्रीय मंत्री गौरव तिवारी ने केंद्रीय रेल मंत्री Ashwini Vaishnaw से मुलाकात कर रीवा और दुर्ग के बीच सीधी ट्रेन सेवा शुरू करने का आग्रह किया है।

    उन्होंने प्रस्ताव दिया कि यदि Rewa–Durg Express शुरू की जाती है, तो रीवा संभाग और छत्तीसगढ़ के औद्योगिक शहरों जैसे दुर्ग, भिलाई और रायपुर के बीच सीधा संपर्क स्थापित हो जाएगा।
    सीधी ट्रेन न होने से यात्रियों को हो रही परेशानी
    गौरव तिवारी ने रेल मंत्री को बताया कि विंध्य क्षेत्र के हजारों लोग रोजगार, शिक्षा और व्यापार के लिए छत्तीसगढ़ जाते हैं, लेकिन सीधी रेल सेवा न होने के कारण उन्हें कई बार ट्रेन बदलनी पड़ती है। इससे समय और खर्च दोनों बढ़ जाते हैं और यात्रियों को भारी असुविधा होती है।
    नई ट्रेन से मिलेगा बड़ा लाभ
    भाजपा नेता का कहना है कि रीवा-दुर्ग एक्सप्रेस शुरू होने से न केवल यात्रियों को सुविधा मिलेगी, बल्कि क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। यह ट्रेन विंध्य और छत्तीसगढ़ के बीच एक मजबूत परिवहन कड़ी साबित हो सकती है। सूत्रों के अनुसार, रेल मंत्री ने इस प्रस्ताव पर सकारात्मक रुख दिखाया है और इसे विभागीय स्तर पर विचार के लिए आगे बढ़ाने का आश्वासन दिया है।

    पार्थिव देह के सम्मानजनक परिवहन की भी उठी मांग
    मुलाकात के दौरान एक और संवेदनशील मुद्दा भी उठाया गया। गौरव तिवारी ने कहा कि कई बार लोगों को महानगरों से अपने परिजनों की पार्थिव देह को छोटे शहरों तक लाने में भारी आर्थिक और प्रशासनिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

    उन्होंने रेलवे से आग्रह किया कि ऐसी व्यवस्था बनाई जाए, जिससे पार्थिव देह को यात्री ट्रेनों के माध्यम से सम्मानजनक और कम खर्च में उनके घर तक पहुंचाया जा सके। इससे शोकग्रस्त परिवारों को मुश्किल समय में बड़ी राहत मिलेगी।

    क्षेत्रीय कनेक्टिविटी पर बढ़ी उम्मीदें
    इस मुलाकात के बाद रीवा और विंध्य क्षेत्र में नई रेल सेवा को लेकर उम्मीदें बढ़ गई हैं। स्थानीय लोगों का मानना है कि अगर यह प्रस्ताव मंजूर होता है, तो यह क्षेत्रीय विकास और यात्रा सुविधा दोनों के लिए बड़ा कदम होगा।