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  • गोद भराई समारोह में जा रहे दो भाइयों की सड़क हादसे में मौत: ट्रैक्टर की टक्कर से परिवार की खुशियां मातम में बदलीं

    गोद भराई समारोह में जा रहे दो भाइयों की सड़क हादसे में मौत: ट्रैक्टर की टक्कर से परिवार की खुशियां मातम में बदलीं


    मध्यप्रदेश । उज्जैन जिले में गुरुवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे ने एक परिवार की खुशियों को मातम में बदल दिया। भांजे के घर आयोजित गोद भराई समारोह में शामिल होने जा रहे दो सगे भाइयों की ट्रैक्टर की टक्कर से मौत हो गई, जबकि उनके साथ बाइक चला रहा पोता गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे की खबर मिलते ही पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई और जिस घर में उत्सव की तैयारियां चल रही थीं, वहां मातम का माहौल छा गया।

    जानकारी के अनुसार मरंडवा गांव निवासी 80 वर्षीय पीरूलाल मोथलिया और उनके छोटे भाई 75 वर्षीय भागीरथ मोथलिया अपने पोते अभिषेक के साथ बाइक से उज्जैन जा रहे थे। अभिषेक बाइक चला रहा था। तीनों नागझिरी क्षेत्र में रहने वाले अपने भांजे के यहां आयोजित गोद भराई कार्यक्रम में शामिल होने के लिए निकले थे। परिवार में इस कार्यक्रम को लेकर उत्साह का माहौल था, लेकिन रास्ते में हुए हादसे ने सब कुछ बदल दिया।

    बताया जा रहा है कि गांव से लगभग 25 से 30 किलोमीटर दूर मुख्य मार्ग पर पीछे से तेज रफ्तार में आए एक ट्रैक्टर ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक सवार तीनों लोग सड़क पर गिर पड़े और गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। राहगीरों और स्थानीय लोगों ने तत्काल घायलों को अस्पताल पहुंचाने में मदद की।

    अस्पताल ले जाते समय पीरूलाल मोथलिया ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। वहीं गंभीर रूप से घायल भागीरथ मोथलिया को उज्जैन के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान देर शाम उनकी भी मौत हो गई। हादसे में घायल अभिषेक का इलाज जारी है और उसकी हालत चिंताजनक बताई जा रही है। डॉक्टर उसकी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।

    परिजनों ने बताया कि पीरूलाल मोथलिया खेती-किसानी का कार्य करते थे, जबकि भागीरथ मोथलिया मध्य प्रदेश विद्युत मंडल (एमपीईबी) से सेवानिवृत्त कर्मचारी थे। परिवार सामाजिक और शासकीय क्षेत्र में भी सक्रिय रहा है। परिवार का एक सदस्य वर्तमान में उज्जैन में पटवारी के पद पर कार्यरत है।

    हादसे की सूचना मिलते ही परिजन और ग्रामीण बड़ी संख्या में अस्पताल पहुंच गए। शुक्रवार सुबह दोनों मृतकों का पोस्टमार्टम कराया गया, जिसके बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए। अंतिम संस्कार के लिए दोनों शवों को उनके पैतृक गांव ले जाया गया, जहां पूरे गांव ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी।

    पुलिस ने मामले में दुर्घटना का प्रकरण दर्ज कर लिया है और फरार ट्रैक्टर चालक की तलाश शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि हादसे के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार और लापरवाही को दुर्घटना का प्रमुख कारण माना जा रहा है।

    यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के पालन की आवश्यकता को रेखांकित करता है। एक परिवार जो खुशियों के समारोह में शामिल होने निकला था, वह कुछ ही पलों में अपनों को खोने के गहरे दुख में डूब गया।

  • बिलकिसगंज जोड़ पर खुली नाली में गिरा बाइक सवार, सुरक्षा इंतजामों की पोल खुली

    बिलकिसगंज जोड़ पर खुली नाली में गिरा बाइक सवार, सुरक्षा इंतजामों की पोल खुली


    मध्यप्रदेश । सीहोर जिले के बिलकिसगंज जोड़ पर गुरुवार को एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया, जब एक बाइक सवार सड़क किनारे निर्माणाधीन खुली नाली में जा गिरा। दुर्घटना में बाइक सवार को गंभीर चोटें नहीं आईं, लेकिन इस घटना ने निर्माण कार्यों में बरती जा रही लापरवाही और सुरक्षा मानकों की अनदेखी को उजागर कर दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सावधानी नहीं बरती गई तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा भी हो सकता है।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सड़क किनारे नाली निर्माण का कार्य लंबे समय से चल रहा है। बावजूद इसके, मौके पर न तो किसी प्रकार की बैरिकेडिंग की गई थी और न ही लोगों को सतर्क करने के लिए चेतावनी बोर्ड लगाए गए थे। इसी कारण बाइक सवार अचानक संतुलन खो बैठा और सीधे खुली नाली में जा गिरा। हादसे के बाद बाइक नाली में पड़े मलबे और लोहे के सरियों के बीच बुरी तरह फंस गई, जिसे निकालने के लिए आसपास मौजूद लोगों को काफी मशक्कत करनी पड़ी।

    घटना की तस्वीरें भी सामने आई हैं, जिनमें बाइक की स्थिति साफ दिखाई दे रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है। इस मार्ग पर पहले भी कई छोटे-बड़े हादसे हो चुके हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग और ठेकेदारों ने अब तक सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया। लोगों का आरोप है कि निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है, जिससे आम नागरिकों की जान जोखिम में पड़ रही है।

    रिहायशी क्षेत्र और मुख्य सड़क के पास चल रहे इस निर्माण कार्य में सुरक्षा उपायों की कमी को लेकर स्थानीय निवासियों में भारी नाराजगी है। उनका कहना है कि यदि नाली के आसपास बैरिकेडिंग, रिफ्लेक्टर या चेतावनी संकेत लगाए गए होते तो इस तरह की दुर्घटना टाली जा सकती थी। लोगों ने संबंधित विभाग और निर्माण एजेंसी की जवाबदेही तय करने की मांग की है।

    स्थानीय नागरिकों का कहना है कि प्रशासन अक्सर हादसों के बाद कार्रवाई का आश्वासन देता है, लेकिन जमीनी स्तर पर सुधार नजर नहीं आता। यही कारण है कि क्षेत्र में लोगों का भरोसा कमजोर पड़ता जा रहा है। उनका मानना है कि केवल जांच या चेतावनी से काम नहीं चलेगा, बल्कि दोषी अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।

    फिलहाल हादसे के बाद क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चर्चा तेज हो गई है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि खुली नालियों और निर्माण स्थलों पर तत्काल सुरक्षा इंतजाम किए जाएं, ताकि भविष्य में किसी की जान खतरे में न पड़े। यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि विकास कार्यों के साथ सुरक्षा मानकों का पालन भी उतना ही जरूरी है।

  • भोपाल में दर्दनाक सड़क हादसा: आयशर की टक्कर से पेट्रोल पंप कर्मचारी की मौत, दो मासूम बच्चों के सिर से उठा पिता का साया

    भोपाल में दर्दनाक सड़क हादसा: आयशर की टक्कर से पेट्रोल पंप कर्मचारी की मौत, दो मासूम बच्चों के सिर से उठा पिता का साया


    भोपाल । राजधानी भोपाल के खजूरी थाना क्षेत्र में गुरुवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। नाइट ड्यूटी पूरी कर घर लौट रहे एक पेट्रोल पंप कर्मचारी की आयशर वाहन की टक्कर से मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। मृतक अपने पीछे पत्नी और दो छोटे बच्चों को छोड़ गया है, जिनके सिर से पिता का साया हमेशा के लिए उठ गया।

    पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान 30 वर्षीय नितेश यादव पुत्र अशोक यादव निवासी आमना खेड़ी के रूप में हुई है। नितेश भैंसा खेड़ी स्थित एक पेट्रोल पंप पर सेल्समैन के पद पर कार्यरत था। बुधवार और गुरुवार की दरमियानी रात वह अपनी नियमित ड्यूटी पर था। ड्यूटी समाप्त होने के बाद वह सुबह बाइक से अपने घर लौट रहा था।

    सुबह करीब 10:15 बजे जब नितेश खजूरी सड़क क्षेत्र के पास एक मोड़ से गुजर रहा था, तभी सामने से आ रहे एक आयशर वाहन ने उसकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि नितेश गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़ा और उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया। हादसे के बाद आसपास के लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई।

    प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक दुर्घटना के बाद आयशर चालक वाहन लेकर भागने की कोशिश कर रहा था, लेकिन स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए उसे पकड़ लिया। इसके बाद चालक को पुलिस के हवाले कर दिया गया। सूचना मिलते ही खजूरी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त वाहन को जब्त कर थाने में खड़ा कर लिया है।

    प्रारंभिक जांच के आधार पर पुलिस ने आरोपी चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    नितेश यादव की निजी जिंदगी भी जिम्मेदारियों से भरी हुई थी। करीब छह वर्ष पहले उसकी शादी हुई थी और वह दो बच्चों का पिता था। परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी मुख्य रूप से उसी के कंधों पर थी। उसकी अचानक मौत ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। पोस्टमॉर्टम के बाद गुरुवार दोपहर शव परिजनों को सौंप दिया गया, जिसके बाद अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की गई।

    अस्पताल की मर्चुरी के बाहर परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। परिवार के सदस्य और रिश्तेदार इस हादसे को लेकर स्तब्ध हैं। मोहल्ले और परिचितों में भी घटना को लेकर शोक का माहौल है। स्थानीय लोगों ने सड़क सुरक्षा को लेकर चिंता जताते हुए दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में यातायात व्यवस्था और निगरानी बढ़ाने की मांग की है।

    यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा और लापरवाह ड्राइविंग के गंभीर खतरे की याद दिलाता है। एक पल की असावधानी ने न केवल एक युवक की जान ले ली, बल्कि उसके परिवार को जीवनभर का दुख दे दिया।

  • देवास में दर्दनाक सड़क हादसा: स्कॉर्पियो पलटने से बुआ-भतीजे की मौत, दो मासूम समेत 10 घायल

    देवास में दर्दनाक सड़क हादसा: स्कॉर्पियो पलटने से बुआ-भतीजे की मौत, दो मासूम समेत 10 घायल


    मध्य प्रदेश । देवास जिले के सोनकच्छ क्षेत्र में बुधवार दोपहर एक भीषण सड़क हादसे ने खुशियों से भरे परिवार को गहरे शोक में डुबो दिया। इंदौर से भोपाल लौट रही एक स्कॉर्पियो अनियंत्रित होकर पलट गई, जिससे वाहन में सवार दो लोगों की मौत हो गई, जबकि 10 अन्य घायल हो गए। मृतकों में बुआ और भतीजा शामिल हैं। हादसे के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोगों की मदद से राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया।

    जानकारी के अनुसार दुर्घटना बुधवार दोपहर करीब दो बजे हुई। स्कॉर्पियो वाहन में सवार परिवार इंदौर से भोपाल की ओर जा रहा था। रास्ते में सोनकच्छ के पास अचानक वाहन का संतुलन बिगड़ गया और स्कॉर्पियो सड़क पर कई बार पलटते हुए दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसा इतना भीषण था कि वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उसमें सवार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

    दुर्घटना में इंदौर निवासी मयूरेश गर्ग और उनकी बुआ संगीता अग्रवाल की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि दोनों परिवार के साथ यात्रा कर रहे थे। मयूरेश गर्ग सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों से जुड़े हुए थे तथा भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता के रूप में भी उनकी पहचान थी। उनके निधन की खबर मिलते ही राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई।

    हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, एंबुलेंस और स्थानीय लोग मौके पर पहुंच गए। वाहन में फंसे घायलों को बाहर निकालने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। राहगीरों और ग्रामीणों की मदद से सभी घायलों को तत्काल सोनकच्छ अस्पताल पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद कुछ घायलों को बेहतर इलाज के लिए रेफर किए जाने की भी जानकारी सामने आई है।

    घायलों में सुनील अग्रवाल, प्रखर अग्रवाल, रिमी अग्रवाल, पलक अग्रवाल, सुरभि अग्रवाल, स्वप्निल गर्ग, शर्मिला गर्ग, कनव गर्ग और दो छोटे बच्चे शामिल हैं। इनमें एक डेढ़ साल की बच्ची और दो वर्ष का बालक भी है। डॉक्टरों के अनुसार कुछ घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है और उनका उपचार जारी है।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसे के बाद स्कॉर्पियो सड़क किनारे पलटी हुई अवस्था में पड़ी थी। वाहन के परखच्चे उड़ गए थे। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी और घायलों को बाहर निकालने में मदद की। समय रहते राहत कार्य शुरू होने से कई लोगों की जान बचाई जा सकी।

    हादसे की जानकारी मिलते ही पूर्व विधायक आकाश विजयवर्गीय भी सोनकच्छ अस्पताल पहुंचे और घायलों का हालचाल जाना। उन्होंने पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की तथा प्रशासन को घायलों के बेहतर इलाज के निर्देश देने की बात कही।

    पुलिस ने दुर्घटना का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक तौर पर वाहन के अनियंत्रित होने को हादसे की वजह माना जा रहा है, हालांकि वास्तविक कारणों का पता जांच के बाद ही चल सकेगा। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि दुर्घटना तेज रफ्तार, सड़क की स्थिति या किसी तकनीकी खराबी के कारण हुई।

    यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा और सावधानीपूर्वक वाहन चलाने की आवश्यकता की याद दिलाता है। परिवार के लिए यह यात्रा एक दर्दनाक त्रासदी में बदल गई, जिसने दो जिंदगियां छीन लीं और कई लोगों को घायल कर दिया।

  • बुजुर्ग और बाइक के ऊपर से गुजर गया कंटेनर, फिर भी बच गई जान; पैर में गंभीर चोट, लगे 20 टांके

    बुजुर्ग और बाइक के ऊपर से गुजर गया कंटेनर, फिर भी बच गई जान; पैर में गंभीर चोट, लगे 20 टांके


    देवास  देवास में मंगलवार दोपहर एक ऐसा सड़क हादसा हुआ, जिसने मौके पर मौजूद लोगों को स्तब्ध कर दिया। मक्सी बाईपास चौराहे पर एक तेज रफ्तार कंटेनर ने बाइक सवार बुजुर्ग को पीछे से टक्कर मार दी। टक्कर के बाद बुजुर्ग सड़क पर गिर गए और उनकी बाइक कंटेनर के नीचे फंस गई। इसके बावजूद सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि कंटेनर उनके और बाइक के ऊपर से गुजर गया, लेकिन बुजुर्ग की जान बच गई। हालांकि हादसे में उनके पैर में गंभीर चोट आई है और डॉक्टरों को लगभग 20 टांके लगाने पड़े।

    जानकारी के अनुसार अचपल मालवीय नामक बुजुर्ग किसी अंतिम संस्कार कार्यक्रम में शामिल होने के बाद अपने गांव लौट रहे थे। वे अपनी बाइक से मक्सी बाईपास चौराहे के पास पहुंचे ही थे कि पीछे से आ रहे एक कंटेनर ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक कंटेनर की रफ्तार काफी तेज थी, जिसके कारण बुजुर्ग को संभलने का मौका तक नहीं मिला।

    टक्कर लगते ही अचपल मालवीय सड़क पर गिर पड़े और उनकी बाइक कंटेनर के पहियों के नीचे फंस गई। हादसे का दृश्य इतना भयावह था कि आसपास मौजूद लोगों को लगा कि बुजुर्ग की मौके पर ही मौत हो गई होगी। लेकिन कुछ ही क्षण बाद जब उन्होंने बुजुर्ग को हरकत करते देखा तो सभी हैरान रह गए। लोगों ने तत्काल मदद के लिए दौड़ लगाई और पुलिस को सूचना दी।

    घायल बुजुर्ग ने बताया कि वे अंतिम संस्कार से लौट रहे थे और सामान्य गति से बाइक चला रहे थे। इसी दौरान पीछे से आए कंटेनर ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। हादसे के बाद उन्हें पैर में असहनीय दर्द महसूस हुआ और स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया।

    सूचना मिलते ही डायल-112 की टीम मौके पर पहुंची और घायल को तत्काल देवास जिला अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उनके पैर में गहरे घाव होने की पुष्टि की। डॉक्टरों ने घायल पैर में करीब 20 टांके लगाए और उन्हें निगरानी में भर्ती कर लिया।

    प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि यह किसी चमत्कार से कम नहीं है कि इतना बड़ा कंटेनर एक व्यक्ति और उसकी बाइक के ऊपर से गुजर गया और फिर भी उसकी जान बच गई। हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और भारी वाहनों की तेज रफ्तार पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि व्यस्त चौराहों और बाईपास मार्गों पर यातायात नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

    फिलहाल बुजुर्ग का उपचार जारी है और उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। वहीं पुलिस मामले की जांच कर रही है और कंटेनर चालक की भूमिका की पड़ताल की जा रही है।

  • नशे में धुत क्रेटा चालक का कहर, सड़क किनारे खड़े युवक को मारी टक्कर; हालत गंभीर

    नशे में धुत क्रेटा चालक का कहर, सड़क किनारे खड़े युवक को मारी टक्कर; हालत गंभीर


    मंडीदीप मंडीदीप शहर में एक बार फिर तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने का मामला सामने आया है। सोमवार देर रात एक कथित रूप से नशे में धुत कार चालक ने सड़क किनारे खड़े युवक को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद आरोपी चालक मौके से फरार हो गया। घटना के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया और स्थानीय लोगों ने घायल युवक को अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका उपचार जारी है।

    जानकारी के अनुसार रायल पार्क सिटी, मंडीदीप निवासी योगेश विश्वकर्मा ने थाना पहुंचकर घटना की शिकायत दर्ज कराई है। योगेश एक निजी कंपनी में मैनेजर के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि 15 जून की रात करीब 10:30 बजे वह अपने मित्र नवमीत भट्ट के साथ कॉलोनी के गेट के पास खड़े होकर बातचीत कर रहे थे। इसी दौरान एक सफेद रंग की क्रेटा कार तेज रफ्तार में वहां पहुंची।

    शिकायत के अनुसार कार चालक की पहचान धर्मेन्द्र सिंह राजपूत के रूप में हुई है। आरोप है कि चालक शराब के नशे में था और मौके पर पहुंचते ही गाली-गलौज करने लगा। स्थिति को बिगड़ता देख नवमीत भट्ट ने अपने मित्र योगेश को पीछे खींचकर सुरक्षित करने का प्रयास किया, लेकिन तभी आरोपी ने अचानक तेज गति से कार आगे बढ़ा दी और नवमीत को सीधी टक्कर मार दी।

    प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक टक्कर इतनी भीषण थी कि नवमीत कई फीट दूर जाकर गिरा। हादसे में उसके सिर के पीछे गंभीर चोट आई, वहीं बाएं कान में गहरी चोट लगने से खून बहने लगा। इसके अलावा हाथ, पैर और कमर में भी गंभीर चोटें आई हैं। घटना के तुरंत बाद आरोपी चालक कार लेकर मौके से फरार हो गया।

    हादसे के समय आसपास मौजूद कई लोगों ने पूरी घटना देखी। इनमें योगेश विश्वकर्मा की पत्नी बबली विश्वकर्मा, पंकज ढोंगरे, चिंटू सिंह सहित अन्य स्थानीय नागरिक शामिल हैं। घटना के बाद लोगों ने तत्काल मदद करते हुए घायल नवमीत को आरोग्य अस्पताल, मंडीदीप पहुंचाया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज जारी है।

    घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मौके की जानकारी जुटाई और फरियादी की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी चालक शराब के नशे में वाहन चला रहा था। पुलिस अब फरार आरोपी की तलाश में जुटी हुई है और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है।

    यह घटना एक बार फिर सड़क सुरक्षा और नशे में वाहन चलाने की गंभीर समस्या को उजागर करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि शराब के नशे में वाहन चलाना न केवल चालक बल्कि सड़क पर मौजूद अन्य लोगों के जीवन को भी खतरे में डाल देता है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति शराब के नशे में वाहन चलाता दिखाई दे तो इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि ऐसे हादसों को रोका जा सके।

    फिलहाल पुलिस आरोपी की गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है और मामले की विस्तृत जांच जारी है। स्थानीय लोगों ने भी दोषी चालक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

  • शुजालपुर-आष्टा हाईवे पर सड़क की दरार में फंसकर बाइक गिरी, पति-पत्नी घायल; ट्रैक्टर ने बचाया बड़ा हादसा

    शुजालपुर-आष्टा हाईवे पर सड़क की दरार में फंसकर बाइक गिरी, पति-पत्नी घायल; ट्रैक्टर ने बचाया बड़ा हादसा


    मध्यप्रदेश । शुजालपुर-आष्टा नेशनल हाईवे क्रमांक 752सी पर रविवार शाम एक बड़ा सड़क हादसा होते-होते टल गया, जबकि बाइक सवार पति-पत्नी घायल हो गए। ग्राम अमलाय पत्थर स्थित अजमेरा फ्लोर मिल के पास सड़क के बीच बनी गहरी दरार में बाइक का अगला पहिया फंस गया, जिससे वाहन अनियंत्रित होकर गिर पड़ा।

    जानकारी के अनुसार, ग्राम निपानियाकला निवासी संतोष खाती अपनी पत्नी अनीता खाती (46) के साथ शुजालपुर से इलाज कराकर बाइक से अपने गांव लौट रहे थे। जैसे ही वे अमलाय पत्थर के पास पहुंचे, सड़क की खराब स्थिति के कारण बाइक का संतुलन बिगड़ गया और दोनों सड़क पर गिर पड़े।

    प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, घटना के समय पीछे से एक ट्रैक्टर-ट्राली भी आ रही थी। अचानक हुए हादसे को देखकर ट्रैक्टर चालक ने तुरंत सूझबूझ दिखाते हुए ब्रेक लगाए और वाहन को सड़क किनारे मोड़ दिया, जिससे एक बड़ा और गंभीर हादसा होने से बच गया।

    घटना की सूचना मिलते ही 108 एम्बुलेंस मौके पर पहुंची। एम्बुलेंस के ईएमटी प्रेम नारायण प्रजापति और पायलट कृष्ण पाल ने घायलों को प्राथमिक उपचार देकर शुजालपुर सिविल अस्पताल में भर्ती कराया। डॉक्टरों के अनुसार, दोनों की हालत फिलहाल खतरे से बाहर बताई जा रही है।

    स्थानीय लोगों ने बताया कि शुजालपुर-आष्टा हाईवे पर कई जगह सड़क की हालत खराब है। जगह-जगह दरारें और गड्ढे होने से वाहन चालकों को लगातार जोखिम उठाना पड़ रहा है। अमलाय पत्थर क्षेत्र में सड़क की स्थिति लंबे समय से खराब बनी हुई है, जिससे पहले भी कई छोटे-बड़े हादसे हो चुके हैं।

    क्षेत्रवासियों का कहना है कि इस मार्ग पर नियमित टोल वसूली के बावजूद सड़क की मरम्मत और सुरक्षा व्यवस्था पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि हाईवे की तत्काल मरम्मत कराई जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की दुर्घटनाओं को रोका जा सके।

  • रीवा सड़क हादसे में 10 वर्षीय बच्ची की मौत: बस की टक्कर से ऑटो सवार 15 लोग हुए थे घायल

    रीवा सड़क हादसे में 10 वर्षीय बच्ची की मौत: बस की टक्कर से ऑटो सवार 15 लोग हुए थे घायल


    मध्यप्रदेश । रीवा जिले के लौआ क्षेत्र में रविवार शाम हुए सड़क हादसे ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। बस और ऑटो की टक्कर में गंभीर रूप से घायल हुई 10 वर्षीय बच्ची की सोमवार को इलाज के दौरान मौत हो गई। इस दुर्घटना में कुल 15 लोग घायल हुए थे, जिनमें से अधिकांश का उपचार अभी भी अस्पताल में जारी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और दुर्घटना के कारणों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।

    पुलिस के अनुसार, रविवार शाम करीब 4:30 बजे एक ऑटो यात्रियों को लेकर अपने गंतव्य की ओर जा रहा था। इसी दौरान लौआ क्षेत्र में पीछे से आ रही पूजा बस सर्विस की बस ने ऑटो को टक्कर मार दी। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक बस की रफ्तार तेज थी और टक्कर इतनी जोरदार थी कि ऑटो बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।

    हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। ऑटो में सवार यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए और चारों ओर चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोगों ने तत्काल राहत कार्य शुरू किया और घायलों को वाहन से बाहर निकालने में मदद की।

    घटना के समय अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) Sandeep Mishra उसी मार्ग से गुजर रहे थे। दुर्घटना की जानकारी मिलते ही उन्होंने अपना वाहन रुकवाया और स्थानीय लोगों तथा पुलिस कर्मियों के सहयोग से राहत एवं बचाव कार्य में हिस्सा लिया। उनकी पहल पर घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की गई।

    हादसे में गंभीर रूप से घायल नवागांव-सगरा निवासी 10 वर्षीय दीपाली शर्मा (दीपांजलि) को उपचार के लिए रीवा स्थित Sanjay Gandhi Memorial Hospital में भर्ती कराया गया था। चिकित्सकों के प्रयासों के बावजूद सिर और शरीर में आई गंभीर चोटों के कारण बच्ची ने सोमवार को दम तोड़ दिया। बच्ची की मौत के बाद परिवार और गांव में शोक का माहौल है।

    पुलिस का कहना है कि बस चालक की भूमिका और दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि बस ने ऑटो को पीछे से टक्कर मारी थी, हालांकि दुर्घटना की वास्तविक परिस्थितियों का पता लगाने के लिए सभी पहलुओं की जांच जारी है।

    इस हादसे में घायल अन्य 14 लोगों का उपचार विभिन्न अस्पतालों में चल रहा है। घायलों में बच्चे, महिलाएं और पुरुष शामिल हैं। चिकित्सकों के अनुसार कुछ घायलों की हालत में सुधार है, जबकि कुछ का उपचार अभी जारी है।

    लगातार बढ़ते सड़क हादसों को देखते हुए स्थानीय लोगों ने क्षेत्र में यातायात नियमों के सख्ती से पालन और तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण की मांग की है। पुलिस ने भी लोगों से सावधानीपूर्वक वाहन चलाने और यातायात नियमों का पालन करने की अपील की है।

  • एनएच-46 पर दर्दनाक सड़क हादसा: ईको कार को अज्ञात वाहन ने मारी टक्कर, 6 घायल; 3 की हालत गंभीर

    एनएच-46 पर दर्दनाक सड़क हादसा: ईको कार को अज्ञात वाहन ने मारी टक्कर, 6 घायल; 3 की हालत गंभीर


    मध्यप्रदेश । शिवपुरी जिले के लुकवासा चौकी क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग-46 पर रविवार रात एक भीषण सड़क हादसा हो गया। हादसे में ईको कार में सवार छह लोग घायल हो गए, जिनमें से तीन की हालत गंभीर बताई जा रही है। गंभीर रूप से घायल लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। सभी घायल शिवपुरी जिले के खोड़ गांव के निवासी हैं और एक शादी समारोह से लौट रहे थे।

    पुलिस के अनुसार, खोड़ गांव निवासी विमल आदिवासी (30), अरशान खान (11), जमेदा (52), सफी खान (65), रानो खान (60) और सवाना खान (45) सहित अन्य लोग गुना जिले के म्याना क्षेत्र में आयोजित एक शादी समारोह में शामिल होने गए थे। समारोह से लौटते समय उनकी ईको कार राष्ट्रीय राजमार्ग-46 पर दैहरदा रोड के पास पहुंची, तभी एक अज्ञात वाहन ने कार को टक्कर मार दी।

    टक्कर इतनी तेज थी कि ईको कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसमें सवार लोग घायल हो गए। हादसे की सूचना मिलते ही लुकवासा चौकी पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को वाहन से बाहर निकाला और तत्काल अस्पताल पहुंचाया।

    अस्पताल में चिकित्सकों ने सभी घायलों का प्राथमिक उपचार किया। जांच के दौरान तीन लोगों की स्थिति गंभीर पाई गई, जिसके बाद उन्हें बेहतर चिकित्सा सुविधाओं के लिए मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। अन्य घायलों का उपचार स्थानीय स्तर पर जारी है।

    प्राथमिक जानकारी में सामने आया है कि टक्कर मारने वाला वाहन संभवतः पार्सल और कोरियर सामग्री से भरा एक ट्रक था, जो सूरत से मुजफ्फरनगर की ओर जा रहा था। हालांकि पुलिस ने अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। मामले की जांच जारी है और दुर्घटना में शामिल वाहन की पहचान करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए घटनास्थल का निरीक्षण किया गया है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की मदद से वाहन की पहचान की जाएगी। वहीं, घायलों के परिजनों को भी हादसे की जानकारी दे दी गई है।

    राष्ट्रीय राजमार्ग-46 पर बढ़ते सड़क हादसों को लेकर स्थानीय लोगों ने चिंता जताई है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि हाईवे पर तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने के कारण दुर्घटनाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। लोगों ने प्रशासन से सड़क सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।

  • इंदौर में दो अलग-अलग घटनाओं में दो लोगों की मौत, सड़क हादसे में ठेकेदार ने तोड़ा दम

    इंदौर में दो अलग-अलग घटनाओं में दो लोगों की मौत, सड़क हादसे में ठेकेदार ने तोड़ा दम


    मध्यप्रदेश । इंदौर में रविवार को दो अलग-अलग घटनाओं में दो लोगों की मौत हो गई। एक ओर तेजाजी नगर क्षेत्र में रहने वाले एक पेंटिंग ठेकेदार की सड़क दुर्घटना में जान चली गई, वहीं दूसरी ओर पलासिया इलाके में एक निजी बीमा कंपनी के कर्मचारी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। दोनों मामलों में पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

    पहला मामला तेजाजी नगर थाना क्षेत्र का है। पुलिस के अनुसार शक्करखेड़ी निवासी Pappu Kewat को गंभीर हालत में एमवाय अस्पताल लाया गया था, जहां उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि वह पेंटिंग ठेकेदारी का काम करते थे और रविवार को एक निर्माण स्थल का निरीक्षण करने निपानिया क्षेत्र गए थे।

    परिजनों के मुताबिक, रविवार को अवकाश होने के कारण वह अपने काम से संबंधित एक स्थान देखने गए थे। वहां से लौटते समय किसी अज्ञात वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी। हादसे के बाद वे सड़क पर घायल अवस्था में पड़े रहे। बाद में राहगीरों की नजर उन पर पड़ी और उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।

    परिवार के सदस्य अंकित ने बताया कि मृतक अपने परिवार के इकलौते बेटे थे। उनके तीन बच्चे हैं, जिनमें से दो की शादी हो चुकी है। माता-पिता गांव में रहते हैं। अचानक हुई इस घटना से परिवार गहरे सदमे में है। पुलिस आसपास के क्षेत्र के सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों की मदद से अज्ञात वाहन की पहचान करने का प्रयास कर रही है।

    उधर, दूसरी घटना पलासिया क्षेत्र से सामने आई है, जहां एक निजी बीमा कंपनी में कार्यरत कर्मचारी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक, Ramchandra निवासी ओल्ड पलासिया को रविवार रात उनके परिचित एमवाय अस्पताल लेकर पहुंचे थे। अस्पताल में डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

    परिजनों ने पुलिस को बताया कि रविवार शाम वह सामान्य रूप से घर पर थे। कुछ समय बाद वह बाथरूम गए और बाहर आने के बाद उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। बताया गया कि उन्हें अचानक उल्टियां शुरू हो गईं। स्थिति गंभीर होने पर परिजन उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन उपचार शुरू होने से पहले ही उनकी मौत हो गई।

    पुलिस के अनुसार, मृतक एक निजी बीमा कंपनी में कार्यरत थे। उनका एक बेटा जबलपुर एयरपोर्ट पर नौकरी करता है, जबकि दूसरा बेटा इंदौर में रहता है। परिवार मूल रूप से छतरपुर का रहने वाला है।

    पलासिया पुलिस ने इस मामले में मर्ग कायम कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि मौत के वास्तविक कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।

    दोनों घटनाओं के बाद संबंधित थाना पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए जांच आगे बढ़ा दी है। एक मामले में सड़क हादसे के जिम्मेदार वाहन चालक की तलाश जारी है, जबकि दूसरे मामले में चिकित्सकीय रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।