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  • झांसी में बड़ा सड़क हादसा, महिला को बचाने के प्रयास में ट्रक पेड़ और खंभे से टकराया

    झांसी में बड़ा सड़क हादसा, महिला को बचाने के प्रयास में ट्रक पेड़ और खंभे से टकराया

    झांसी। झांसी के प्रेमनगर थाना क्षेत्र स्थित रेलवे कॉलोनी में शुक्रवार रात एक तेज रफ्तार ट्रक अनियंत्रित होकर पहले पेड़ और फिर बिजली के खंभे से टकरा गया। हादसे में ट्रक चालक केबिन में बुरी तरह फंस गया। करीब एक घंटे तक चले रेस्क्यू अभियान के बाद पुलिस और स्थानीय लोगों ने उसे बाहर निकालकर गंभीर हालत में जिला अस्पताल पहुंचाया।

    घायल चालक की पहचान राजस्थान के धौलपुर निवासी पवन के रूप में हुई है। वह ट्रक (RJ 11 GD 5122) से आगरा से रेलवे कोच नवीनीकरण फैक्ट्री (आरसीएफ) में माल लेकर आया था। शुक्रवार सुबह माल उतारने के बाद रात में नो-एंट्री हटने पर वह हेल्पर के साथ आगरा लौट रहा था।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, केंद्रीय विद्यालय नंबर-3 से सीपरी बाजार जाने वाले मार्ग पर जीआरपी रिजर्व लाइन के पास अचानक एक स्कूटी सवार महिला ट्रक के सामने आ गई। उसे बचाने के प्रयास में चालक ने ट्रक मोड़ा, जिससे वाहन का संतुलन बिगड़ गया और वह सड़क किनारे लगे पेड़ तथा बिजली के खंभे से जा टकराया।

    टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि चालक पवन स्टेयरिंग और सीट के बीच फंस गया। उसका बायां पैर केबिन और बोनट के बीच दब गया, जिससे पैर में कई जगह फ्रैक्चर हो गए। राहगीरों ने उसे निकालने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली।

    सूचना मिलने पर प्रेमनगर थाना पुलिस और 108 एम्बुलेंस मौके पर पहुंची। पहले एम्बुलेंस की रस्सी से ट्रक को खींचने का प्रयास किया गया, लेकिन चालक को बाहर नहीं निकाला जा सका। इसके बाद ट्रैक्टर मंगवाकर ट्रक के अगले हिस्से को खींचा गया, जिससे केबिन में पर्याप्त जगह बनी और करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद चालक को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

    रेस्क्यू के दौरान चालक दर्द से तड़पता रहा और लगातार मदद की गुहार लगाता रहा। पुलिस और स्थानीय लोगों के संयुक्त प्रयास से उसे बाहर निकालकर तत्काल जिला अस्पताल भेजा गया, जहां उसका इलाज जारी है।

  • राजगढ़ में दर्दनाक हादसा, तेज रफ्तार कार तालाब में गिरी, पांच लोगों की मौत

    राजगढ़ में दर्दनाक हादसा, तेज रफ्तार कार तालाब में गिरी, पांच लोगों की मौत

    राजगढ़। मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में शनिवार दोपहर एक भीषण सड़क हादसे में पांच लोगों की जान चली गई। पचोर थाना क्षेत्र के भीलखेड़ी जोड़ के पास शुजालपुर की ओर जा रही तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे बने गहरे तालाब में जा गिरी। पानी में डूबने से कार में सवार सभी पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।

    हादसे की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए। सूचना पर पुलिस, प्रशासन और स्थानीय लोगों ने संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। क्रेन की मदद से तालाब में डूबी कार को बाहर निकाला गया, जिसके भीतर से पांच शव बरामद हुए।

    पुलिस के अनुसार, सभी मृतक शाजापुर जिले के अरनिया क्षेत्र के निवासी थे। दस्तावेजों के आधार पर एक मृतक की पहचान गोविंद पुत्र उमाशंकर तिवारी के रूप में हुई है। वहीं, अन्य मृतकों के नाम रोहित पटेल, अरविंद सिंह और शंकरलाल बताए गए हैं। एक अन्य मृतक की पहचान की प्रक्रिया अभी जारी है। घटना की खबर मिलते ही अरनिया गांव समेत आसपास के इलाके में शोक की लहर फैल गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए हैं।

    प्रारंभिक जांच में हादसे की वजह कार की तेज रफ्तार और वाहन का नियंत्रण खोना माना जा रहा है। हालांकि पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। साथ ही दुर्घटना के तकनीकी पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि हादसा केवल तेज रफ्तार के कारण हुआ या इसके पीछे कोई अन्य वजह भी थी। यह हादसा एक बार फिर सड़क पर सावधानी और सुरक्षित वाहन चलाने की जरूरत की याद दिलाता है।

  • एमपी की सड़कों पर मौत की रफ्तार, रोज 142 हादसे और 40 मौतें, जानलेवा दुर्घटनाओं में देश में तीसरे स्थान पर मध्य प्रदेश

    एमपी की सड़कों पर मौत की रफ्तार, रोज 142 हादसे और 40 मौतें, जानलेवा दुर्घटनाओं में देश में तीसरे स्थान पर मध्य प्रदेश


    भोपाल । मध्य प्रदेश की सड़कों पर तेज रफ्तार लगातार लोगों की जान ले रही है। लोकसभा में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा प्रस्तुत ताजा आंकड़ों ने राज्य में सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक प्रदेश में हर दिन औसतन 142 सड़क दुर्घटनाएं होती हैं और इनमें करीब 40 लोगों की मौत हो जाती है। सड़क हादसों की गंभीरता के मामले में मध्य प्रदेश देश के सबसे प्रभावित राज्यों में शामिल है और जानलेवा दुर्घटनाओं के आंकड़ों ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है।

    आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2021 से 2024 के बीच सड़क हादसों और उनसे होने वाली मौतों में लगातार वृद्धि दर्ज की गई। हालांकि 2025 में कुल सड़क दुर्घटनाओं की संख्या घटकर 52 हजार 125 रह गई, जबकि वर्ष 2024 में यह आंकड़ा 56 हजार 669 था। इसके बावजूद राहत नहीं मिली, क्योंकि सड़क हादसों में जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 14 हजार 842 पहुंच गई। यह दर्शाता है कि दुर्घटनाओं की संख्या कम होने के बावजूद उनकी गंभीरता और घातक प्रभाव बढ़ा है।

    देश के अन्य राज्यों से तुलना करें तो तमिलनाडु में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या सबसे अधिक दर्ज की गई है। वहीं उत्तर प्रदेश में सड़क हादसों में सबसे ज्यादा लोगों की मौत हो रही है। उत्तर प्रदेश में प्रतिदिन औसतन 136 सड़क दुर्घटनाएं होती हैं, लेकिन इनमें करीब 75 लोगों की जान चली जाती है। दूसरी ओर मध्य प्रदेश में हादसों की संख्या अधिक होने के बावजूद प्रतिदिन औसतन 40 लोगों की मौत दर्ज की गई है। यह स्थिति राज्य में सड़क सुरक्षा उपायों को और प्रभावी बनाने की आवश्यकता की ओर संकेत करती है।

    बढ़ती दुर्घटनाओं और मौतों को कम करने के लिए केंद्र और राज्य सरकार 4E रणनीति पर काम कर रही हैं। इसका पहला हिस्सा एजुकेशन एंड अवेयरनेस है, जिसके तहत ड्राइविंग प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान तथा क्षेत्रीय ड्राइविंग प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं। राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह और विभिन्न जनजागरूकता अभियानों के माध्यम से लोगों को सुरक्षित वाहन चलाने और यातायात नियमों के पालन के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

    दूसरा महत्वपूर्ण पहलू इंजीनियरिंग है। राष्ट्रीय राजमार्गों पर दुर्घटना संभावित ब्लैक स्पॉट्स की पहचान कर उन्हें सुधारा जा रहा है। नए और पुराने राजमार्गों का थर्ड पार्टी रोड सेफ्टी ऑडिट अनिवार्य किया गया है। साथ ही वाहनों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए फ्रंट एयरबैग, एंटी लॉक ब्रेकिंग सिस्टम (ABS), ओवरस्पीड वार्निंग सिस्टम, रिवर्स पार्किंग सेंसर और सीट बेल्ट रिमाइंडर जैसी सुविधाएं अनिवार्य कर दी गई हैं। वाहन सुरक्षा के लिए भारत एनकैप (Bharat NCAP) क्रैश टेस्ट रेटिंग भी लागू की गई है।

    तीसरे चरण इन्फोर्समेंट एंड टेक्नोलॉजी के तहत मोटर वाहन संशोधन अधिनियम 2019 के प्रावधानों को सख्ती से लागू किया जा रहा है। यातायात नियमों के उल्लंघन पर भारी जुर्माने का प्रावधान किया गया है। शहरों और राष्ट्रीय राजमार्गों पर सीसीटीवी कैमरे, स्पीड रडार और ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन सिस्टम के जरिए निगरानी बढ़ाई गई है तथा ई-चालान व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाया गया है।

    चौथा महत्वपूर्ण हिस्सा इमरजेंसी केयर है। प्रधानमंत्री राहत योजना के तहत सड़क दुर्घटना के शिकार लोगों को गोल्डन आवर में अस्पताल पहुंचाकर कैशलेस इलाज की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। वहीं राह-वीर (गुड समैरिटन) योजना के तहत दुर्घटना पीड़ित की मदद करने वाले व्यक्ति को मिलने वाली प्रोत्साहन राशि 5 हजार रुपये से बढ़ाकर 25 हजार रुपये कर दी गई है। इसके अलावा हिट एंड रन मामलों में गंभीर रूप से घायल व्यक्ति के लिए मुआवजा 50 हजार रुपये और मृत्यु की स्थिति में 2 लाख रुपये तक कर दिया गया है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि सड़क हादसों को कम करने के लिए केवल सरकारी योजनाएं ही पर्याप्त नहीं हैं। तेज रफ्तार, लापरवाही से वाहन चलाना, शराब पीकर ड्राइविंग, हेलमेट और सीट बेल्ट का उपयोग न करना जैसी आदतों पर भी प्रभावी नियंत्रण जरूरी है। जब तक यातायात नियमों के प्रति लोगों में जागरूकता और जिम्मेदारी नहीं बढ़ेगी, तब तक सड़क दुर्घटनाओं और उनसे होने वाली मौतों में अपेक्षित कमी लाना चुनौती बना रहेगा।

  • सड़क सुरक्षा पर बड़ा अलर्ट, मध्य प्रदेश में हादसे कम हुए लेकिन मौतें बढ़ीं, लोकसभा में चौंकाने वाले आंकड़े

    सड़क सुरक्षा पर बड़ा अलर्ट, मध्य प्रदेश में हादसे कम हुए लेकिन मौतें बढ़ीं, लोकसभा में चौंकाने वाले आंकड़े


    भोपाल । मध्य प्रदेश की सड़कों पर तेज रफ्तार अब लगातार जानलेवा साबित हो रही है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा लोकसभा में पेश ताजा आंकड़ों ने राज्य में सड़क सुरक्षा की चिंताजनक तस्वीर सामने रख दी है। आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश में हर दिन औसतन 142 सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं, जिनमें करीब 40 लोगों की जान चली जाती है। यही वजह है कि सड़क हादसों के मामले में मध्य प्रदेश देश के सबसे प्रभावित राज्यों में शामिल हो गया है और जानलेवा दुर्घटनाओं को लेकर तीसरे स्थान पर पहुंच गया है।

    रिपोर्ट बताती है कि वर्ष 2021 से 2024 के बीच सड़क दुर्घटनाओं और मौतों दोनों में लगातार वृद्धि दर्ज की गई। हालांकि वर्ष 2025 में कुल सड़क हादसों की संख्या घटकर 52 हजार 125 रह गई, जबकि 2024 में यह आंकड़ा 56 हजार 669 था। इसके बावजूद राहत की बात नहीं है, क्योंकि दुर्घटनाओं में मरने वालों की संख्या बढ़कर 14 हजार 842 पहुंच गई। इसका सीधा मतलब है कि हादसों की संख्या भले कम हुई हो, लेकिन वे पहले से कहीं अधिक घातक साबित हो रहे हैं।

    देशव्यापी आंकड़ों पर नजर डालें तो सड़क दुर्घटनाओं की संख्या में तमिलनाडु पहले स्थान पर है। वहीं उत्तर प्रदेश में सड़क हादसों में सबसे अधिक लोगों की मौत हो रही है। उत्तर प्रदेश में प्रतिदिन औसतन 136 सड़क दुर्घटनाएं होती हैं, लेकिन इनमें करीब 75 लोगों की जान चली जाती है। दूसरी ओर मध्य प्रदेश में प्रतिदिन होने वाले हादसों की संख्या उत्तर प्रदेश से अधिक है, लेकिन मौतों का औसत 40 प्रतिदिन दर्ज किया गया है। यह स्थिति राज्य में सड़क सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर चुनौती को उजागर करती है।

    बढ़ते हादसों और मौतों को रोकने के लिए केंद्र और राज्य सरकार ने 4E रणनीति पर काम तेज किया है। इसके तहत पहला कदम एजुकेशन एंड अवेयरनेस है, जिसमें ड्राइविंग प्रशिक्षण संस्थानों की स्थापना, सड़क सुरक्षा अभियान और जनजागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं ताकि लोग यातायात नियमों का पालन करें और सुरक्षित ड्राइविंग की आदत विकसित हो।

    दूसरा महत्वपूर्ण पहलू इंजीनियरिंग है। राष्ट्रीय राजमार्गों पर दुर्घटना संभावित ब्लैक स्पॉट्स को चिन्हित कर सुधार किया जा रहा है। नए और पुराने हाईवे का थर्ड पार्टी रोड सेफ्टी ऑडिट अनिवार्य किया गया है। वहीं वाहनों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए फ्रंट एयरबैग, एंटी लॉक ब्रेकिंग सिस्टम (ABS), ओवरस्पीड वार्निंग, रिवर्स पार्किंग सेंसर और सीट बेल्ट रिमाइंडर जैसी सुविधाएं अनिवार्य कर दी गई हैं। साथ ही भारत एनकैप क्रैश टेस्ट रेटिंग व्यवस्था भी लागू की गई है।

    तीसरे चरण इन्फोर्समेंट एंड टेक्नोलॉजी के तहत मोटर वाहन संशोधन अधिनियम 2019 के प्रावधानों को सख्ती से लागू किया जा रहा है। शहरों और राष्ट्रीय राजमार्गों पर सीसीटीवी कैमरे, स्पीड रडार और ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन सिस्टम के जरिए निगरानी बढ़ाई गई है तथा ई-चालान व्यवस्था को पारदर्शी बनाया गया है।

    चौथा और सबसे अहम हिस्सा इमरजेंसी केयर है। प्रधानमंत्री राहत योजना के तहत सड़क दुर्घटना के शिकार लोगों को गोल्डन आवर में अस्पताल पहुंचाकर कैशलेस इलाज उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। वहीं राह-वीर (गुड समैरिटन) योजना के तहत दुर्घटना पीड़ित की मदद करने वाले व्यक्ति को मिलने वाली प्रोत्साहन राशि 5 हजार रुपये से बढ़ाकर 25 हजार रुपये कर दी गई है। इसके अलावा हिट एंड रन मामलों में गंभीर चोट पर मुआवजा 50 हजार रुपये और मृत्यु की स्थिति में 2 लाख रुपये तक बढ़ाया गया है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि केवल नियम बनाना पर्याप्त नहीं होगा। तेज रफ्तार, लापरवाही से वाहन चलाना, शराब पीकर ड्राइविंग और यातायात नियमों की अनदेखी पर प्रभावी नियंत्रण के साथ सड़क सुरक्षा के प्रति जनभागीदारी बढ़ाना भी जरूरी है। तभी मध्य प्रदेश समेत देशभर में सड़क दुर्घटनाओं और उनसे होने वाली मौतों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकेगा।

  • गॉडजिला स्टार केली हॉटल का 18 साल की उम्र में निधन….सड़क हादसे में हुई मौत

    गॉडजिला स्टार केली हॉटल का 18 साल की उम्र में निधन….सड़क हादसे में हुई मौत


    नई दिल्ली।
    हॉलीवुड की फेमस फिल्म ‘गॉडजिला वर्सेस कॉन्ग’ (‘Godzilla vs Kong’) और ‘गॉडजिला एक्स कॉन्ग: द न्यू एम्पायर’ (‘Godzilla x Kong: The New Empire’) में जिया का किरदार निभाकर दुनियाभर में पहचान बनाने वाली एक्ट्रेस केली हॉटल (Kaylee Hottle) का 18 साल की उम्र में निधन हो गया. उनकी मौत अमेरिका के मैरीलैंड में हुए एक सड़क हादसे में हुई।

    केली के पिता जोशुआ हॉटल ने अमेरिकन साइन लैंग्वेज (ASL) में फेसबुक लाइव के जरिए उनकी मौत की जानकारी दी. बाद में उन्होंने TMZ से भी इस दुखद खबर की पुष्टि की।


    स्कूल ने भी दी मौत की पुष्टि

    केली टेक्सास स्कूल फॉर द डेफ (Texas School for the Deaf) की सीनियर स्टूडेंट थीं. स्कूल ने सोशल मीडिया पर बयान जारी कर उनके निधन पर गहरा दुख जताया।

    स्कूल ने लिखा- हमें बेहद दुख के साथ बताना पड़ रहा है कि हमारी सीनियर छात्रा केली हॉटल का मैरीलैंड के फ्रेडरिक में एक कार दुर्घटना में निधन हो गया. इस मुश्किल समय में हमारी संवेदनाएं उनके परिवार, दोस्तों और सभी चाहने वालों के साथ हैं।

    साथ ही स्कूल ने लोगों से अपील की कि हादसे को लेकर किसी तरह की अफवाह या अटकलें न लगाएं और परिवार की निजता का सम्मान करें।


    ‘गॉडजिला’ फिल्मों से मिली थी पहचान

    केली हॉटल ने 2021 की फिल्म ‘Godzilla vs. Kong’ में जिया का किरदार निभाया था. जिया एक मूक-बधिर अनाथ बच्ची थी, जिसका किंग कॉन्ग से बेहद खास रिश्ता दिखाया गया था. बाद में वह 2024 में आई ‘Godzilla x Kong: The New Empire’ में भी इसी किरदार में नजर आईं।

    इस फिल्म में शानदार अभिनय के लिए उन्हें सैटर्न अवॉर्ड में बेस्ट परफॉर्मेंस बाय अ यंगर एक्टर कैटेगरी में भी नामांकन मिला था।


    साइन लैंग्वेज में एक्टिंग करना था सबसे बड़ा चैलेंज

    2021 में The Daily Moth को दिए इंटरव्यू में केली ने बताया था कि उनके लिए डायलॉग याद करना मुश्किल नहीं था, लेकिन उन्हें अमेरिकन साइन लैंग्वेज (ASL) के हिसाब से संवादों को ढालना काफी चुनौतीपूर्ण था।

    उन्होंने कहा था कि कई बार डायरेक्टर-प्रोड्यूसर चाहते थे कि वह स्क्रिप्ट के शब्दों के मुताबिक साइन करें, लेकिन ASL में एक ही बात को अलग तरीके से व्यक्त किया जाता है. इसी वजह से सेट पर कुछ गलतफहमियां भी हुईं, हालांकि बाद में टीम ने उनकी बात समझ ली थी।

    केली हॉटल के अचानक निधन से हॉलीवुड और उनके फैंस को गहरा सदमा लगा है. महज 18 साल की उम्र में उन्होंने अपनी प्रतिभा से दुनिया भर के दर्शकों के दिलों में खास जगह बना ली थी।

  • जमोनिया रोड पर भीषण सड़क हादसा दो मोटरसाइकिलों की जोरदार टक्कर में दो युवकों ने तोड़ा दम

    जमोनिया रोड पर भीषण सड़क हादसा दो मोटरसाइकिलों की जोरदार टक्कर में दो युवकों ने तोड़ा दम


    सीहोर । सीहोर जिले में रविवार रात एक भीषण सड़क हादसे ने दो परिवारों की खुशियां छीन लीं। जमोनिया रोड स्थित ऋषभ वाटिका के सामने दो तेज रफ्तार मोटरसाइकिलों की आमने सामने हुई जोरदार टक्कर में दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों बाइकें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं और दोनों सवारों को संभलने का कोई मौका नहीं मिला। घटना के बाद क्षेत्र में अफरा तफरी मच गई और बड़ी संख्या में लोग मौके पर एकत्र हो गए।

    हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान शेरपुर निवासी 30 वर्षीय अकबर खान पुत्र बसारत खान और जमोनिया निवासी 20 वर्षीय रितेश पुत्र लक्ष्मीनारायण भिलाला के रूप में हुई है। दोनों युवक अपनी अपनी मोटरसाइकिल से विपरीत दिशा से आ रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दोनों वाहन तेज गति में थे। अचानक आमने सामने आने के बाद दोनों चालक बाइक पर नियंत्रण नहीं रख सके और भीषण टक्कर हो गई। टक्कर का असर इतना जबरदस्त था कि दोनों युवकों ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया।

    हादसे की सूचना मिलते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस को जानकारी दी। मंडी थाना पुलिस तत्काल घटनास्थल पर पहुंची और पूरे क्षेत्र को सुरक्षित करते हुए शवों को कब्जे में लिया। इसके बाद दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजा गया। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त मोटरसाइकिलों को भी जब्त कर लिया है और घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक साक्ष्य जुटाए हैं।

    मंडी थाना प्रभारी सुनील मेहर ने बताया कि मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि हादसे की मुख्य वजह तेज रफ्तार थी या फिर किसी अन्य कारण से यह दुर्घटना हुई। घटनास्थल के आसपास मौजूद लोगों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और दुर्घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।

    इस दर्दनाक हादसे के बाद दोनों मृतकों के परिवारों में मातम पसरा हुआ है। एक पल की लापरवाही और तेज रफ्तार ने दो युवाओं की जिंदगी खत्म कर दी। सड़क सुरक्षा विशेषज्ञ लगातार वाहन चालकों को निर्धारित गति सीमा का पालन करने और सावधानीपूर्वक वाहन चलाने की सलाह देते हैं। पुलिस ने भी लोगों से अपील की है कि तेज रफ्तार से बचें और यातायात नियमों का पालन करें ताकि इस तरह की दुखद घटनाओं को रोका जा सके।

  • महाकाल दर्शन कर लौट रही श्रद्धालु की दर्दनाक मौत देवास में सड़क पार करते समय तेज रफ्तार कार ने मारी टक्कर

    महाकाल दर्शन कर लौट रही श्रद्धालु की दर्दनाक मौत देवास में सड़क पार करते समय तेज रफ्तार कार ने मारी टक्कर


    देवास । महाकाल की नगरी उज्जैन से दर्शन कर लौट रही एक श्रद्धालु की यात्रा देवास में दर्दनाक हादसे का शिकार हो गई। रविवार को सिविल लाइन थाना क्षेत्र में सड़क पार करते समय तेज रफ्तार कार की टक्कर से 65 वर्षीय महिला की मौत हो गई। हादसे के बाद मौके पर अफरा तफरी मच गई और आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत घायल महिला को जिला अस्पताल पहुंचाया लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस घटना से महिला के परिवार और साथियों में शोक की लहर दौड़ गई।

    मृतका की पहचान खरगोन जिले के बहगांव पुनर्वास गांव निवासी गहना केवट के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार गहना केवट अपनी कुछ महिला साथियों के साथ कार से उज्जैन स्थित श्री महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन करने गई थीं। बाबा महाकाल के दर्शन और पूजा अर्चना के बाद सभी श्रद्धालु वापस अपने घर लौट रहे थे। रास्ते में देवास के सिंगावदा क्षेत्र के पास स्थित एक रेस्टोरेंट पर भोजन करने के लिए वाहन रोका गया था।

    बताया गया कि भोजन के दौरान गहना केवट सड़क पार कर रही थीं। इसी बीच तेज गति से आ रही एक कार ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि वह गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर गईं। आसपास मौजूद लोगों और उनके साथियों ने बिना देर किए उन्हें जिला अस्पताल पहुंचाया लेकिन गंभीर चोटों के कारण उनकी जान नहीं बच सकी।

    घटना की सूचना मिलते ही सिविल लाइन थाना पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई पूरी करने के बाद पोस्टमार्टम कराया और शव परिजनों को सौंप दिया। हादसे के बाद कार चालक मौके से फरार हो गया। हालांकि घटनास्थल से कार की नंबर प्लेट बरामद हुई है जिससे वाहन के इंदौर जिले में पंजीकृत होने की जानकारी मिली है।

    मृतका के परिजन रविंद्र ने बताया कि गहना केवट धार्मिक यात्रा पर गई थीं और परिवार को उनकी सकुशल वापसी का इंतजार था लेकिन रास्ते में हुए हादसे ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया। उन्होंने दोषी चालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

    सिविल लाइन थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर वाहन चालक की तलाश तेज कर दी है। पुलिस का कहना है कि नंबर प्लेट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपी तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। साथ ही आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है ताकि हादसे की पूरी परिस्थितियों का पता लगाया जा सके। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि जांच पूरी होने के बाद आरोपी चालक के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

  • भोपाल में दर्दनाक हादसा, स्कॉर्पियो की चपेट में आने से 3 साल की मासूम की मौत; CCTV में कैद घटना

    भोपाल में दर्दनाक हादसा, स्कॉर्पियो की चपेट में आने से 3 साल की मासूम की मौत; CCTV में कैद घटना


    भोपाल । राजधानी भोपाल के बैरसिया क्षेत्र से एक बेहद दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया है, जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। यहां तीन वर्षीय मासूम बच्ची स्कॉर्पियो वाहन की चपेट में आ गई और गंभीर रूप से घायल होने के बाद उसकी मौत हो गई। हादसे की पूरी घटना आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई है। पुलिस ने वाहन चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    पुलिस के अनुसार यह हादसा रविवार दोपहर बैरसिया थाना क्षेत्र के ललरिया गांव में हुआ। मृत बच्ची की पहचान जूना खान (3) के रूप में हुई है। उसके पिता सोहेल खान सरकारी स्कूल में शिक्षक हैं, जबकि मां भी सरकारी स्कूल में शिक्षिका हैं। रविवार की छुट्टी होने के कारण पूरा परिवार बच्ची के ननिहाल आया हुआ था।

    जानकारी के मुताबिक दोपहर करीब ढाई बजे बच्ची के नाना उसे और परिवार की दो अन्य बच्चियों को पास की दुकान से चॉकलेट और बिस्किट दिलाने लेकर गए थे। दुकान पर खरीदारी के दौरान जूना अचानक बाहर सड़क की ओर निकल गई। इसी दौरान उसका संतुलन बिगड़ गया और वह सड़क पर गिर पड़ी।

    इसी समय कुछ दूरी पर खड़ी स्कॉर्पियो का चालक वाहन स्टार्ट कर आगे बढ़ा। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि चालक को सड़क पर गिरी बच्ची दिखाई नहीं दी। स्कॉर्पियो का अगला पहिया बच्ची के ऊपर से गुजर गया और वह वाहन के नीचे फंस गई। प्रत्यक्षदर्शियों और सीसीटीवी फुटेज के अनुसार बच्ची करीब 20 फीट तक वाहन के साथ घिसटती रही। इसके बाद वाहन का पिछला पहिया भी उसके ऊपर से गुजर गया। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोग तत्काल बच्ची की मदद के लिए दौड़े।

    हादसे की सूचना मिलते ही बैरसिया थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने बच्ची को अस्पताल पहुंचाने की प्रक्रिया पूरी कराई, लेकिन गंभीर चोटों के कारण उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पूरे गांव में इस हादसे के बाद शोक का माहौल है।

    डॉक्टरों के अनुसार हादसे में बच्ची के लिवर में गंभीर अंदरूनी रक्तस्राव (इंटरनल ब्लीडिंग) हुआ था। सिर पर गंभीर चोट लगी थी, जबकि हाथ और पैर में फ्रैक्चर के साथ शरीर के कई अंदरूनी अंग भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए थे। चोटें इतनी गंभीर थीं कि उसे बचाया नहीं जा सका।

    पुलिस ने स्कॉर्पियो चालक की पहचान ललरिया गांव निवासी जाकिर के रूप में की है। उसके खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर दुर्घटना के सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

    यह दर्दनाक हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा और वाहन चलाते समय अतिरिक्त सतर्कता की जरूरत को रेखांकित करता है। वहीं छोटे बच्चों पर हर समय निगरानी रखना भी बेहद जरूरी है, क्योंकि कुछ ही सेकंड की चूक किसी परिवार की पूरी दुनिया उजाड़ सकती है।

  • तेज रफ्तार बनी हादसे की वजह चाय की गुमटी में घुसी कार सीसीटीवी के आधार पर ड्राइवर की तलाश जारी

    तेज रफ्तार बनी हादसे की वजह चाय की गुमटी में घुसी कार सीसीटीवी के आधार पर ड्राइवर की तलाश जारी


    इंदौर । इंदौर में तेज रफ्तार का एक और मामला सामने आया है जहां रविवार तड़के एक कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे बनी चाय की गुमटी में जा घुसी। हादसे के बाद चालक ने कार को बाहर निकालने की कोशिश की लेकिन रिवर्स लेते समय वहां खड़ी दो बाइकों को भी टक्कर मार दी। घटना के बाद इलाके में अफरा तफरी मच गई और लोगों ने चालक को पकड़ने का प्रयास किया लेकिन वह कार लेकर मौके से फरार हो गया। पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज के आधार पर वाहन और चालक की पहचान करने में जुटी है।

    यह हादसा लसूडिया थाना क्षेत्र के स्कीम नंबर 78 स्थित टेलीपरफॉर्मेंस कार्यालय के बाहर हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार तेज रफ्तार से आ रही एक अर्टिगा कार अचानक असंतुलित हो गई और सीधे सड़क किनारे स्थित चाय की गुमटी में जा घुसी। टक्कर इतनी तेज थी कि गुमटी को नुकसान पहुंचा और आसपास मौजूद लोगों में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।

    प्रत्यक्षदर्शियों का दावा है कि चालक नशे की हालत में था। हादसे के बाद उसने कार को रिवर्स कर निकालने की कोशिश की लेकिन इस दौरान पास में खड़ी दो मोटरसाइकिलें उसकी चपेट में आ गईं। इतना ही नहीं कार सड़क किनारे खड़े लोगों की ओर भी बढ़ गई जिससे लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर उधर भागने लगे। हालांकि इस घटना में किसी के गंभीर रूप से घायल होने की सूचना नहीं है।

    घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों ने चालक को रोकने और पकड़ने की कोशिश की लेकिन वह तेजी से कार लेकर वहां से भाग निकला। इसके बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज जुटाई।

    पुलिस अधिकारियों के अनुसार सीसीटीवी फुटेज की मदद से कार के पंजीकरण नंबर और चालक की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। यदि जांच में यह पुष्टि होती है कि चालक नशे की हालत में वाहन चला रहा था तो उसके खिलाफ संबंधित धाराओं में सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही दुर्घटना के कारण हुए नुकसान का भी आकलन किया जा रहा है।

    यह घटना एक बार फिर तेज रफ्तार और लापरवाह ड्राइविंग के खतरों की याद दिलाती है। पुलिस ने वाहन चालकों से यातायात नियमों का पालन करने और नशे की हालत में वाहन नहीं चलाने की अपील की है ताकि ऐसे हादसों से बचा जा सके।

  • UP: रामपुर में दर्दनाक सड़क हादसा, उत्तराखंड जा रहे आईटी कंपनी मालिक समेत 4 दोस्तों की मौत, 3 गंभीर

    UP: रामपुर में दर्दनाक सड़क हादसा, उत्तराखंड जा रहे आईटी कंपनी मालिक समेत 4 दोस्तों की मौत, 3 गंभीर


    रामपुर।
    उत्तर प्रदेश के रामपुर में शनिवार तड़के हुए भीषण सड़क हादसे में नोएडा की एक आईटी कंपनी के मालिक सहित चार युवकों की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी दोस्त और कर्मचारी उत्तराखंड के जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क घूमने जा रहे थे। सुबह करीब 5 बजे उनकी तेज रफ्तार ईको कार सड़क किनारे खड़ी डीसीएम में पीछे से जा भिड़ी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसमें सवार लोग अंदर ही फंस गए।

    हादसे का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें कार में फंसा एक घायल युवक खून से लथपथ हालत में लोगों से मदद की गुहार लगाता दिखाई दे रहा है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और गैस कटर की मदद से कार को काटकर शवों व घायलों को बाहर निकाला। इसके बाद सभी को अस्पताल पहुंचाया गया।

    पुलिस की शुरुआती जांच में आशंका जताई गई है कि चालक को झपकी आने के कारण यह हादसा हुआ। मृतकों की पहचान दिल्ली निवासी अभिषेक अग्निहोत्री (30), नीरज (24), गुलबुद्दीन उर्फ सोनू (35) और बागपत निवासी कार्तिक (24) के रूप में हुई है। अभिषेक अग्निहोत्री नोएडा में ‘इंडियन शॉप’ नाम से आईटी कंपनी संचालित करते थे और अपने कर्मचारियों व दोस्तों के साथ वीकेंड ट्रिप पर निकले थे।

    अभिषेक के मित्र पदम धीमान ने बताया कि शुक्रवार रात करीब 9 बजे दो कारों से सभी लोग जिम कॉर्बेट के लिए रवाना हुए थे। अभिषेक अपनी ईको कार में पांच कर्मचारियों और छोटे भाई विशाल के साथ थे, जबकि पदम अपने चार दोस्तों के साथ दूसरी कार में सफर कर रहे थे। रास्ते में ईको कार का टायर पंचर हो गया, जिसे ठीक कराने में समय लगने के कारण दोनों गाड़ियां अलग हो गईं। काफी देर तक संपर्क नहीं होने पर अभिषेक के मोबाइल पर कॉल किया गया, लेकिन बाद में किसी अन्य व्यक्ति ने फोन उठाकर हादसे की सूचना दी।

    पदम ने बताया कि मौके पर पहुंचने पर अभिषेक समेत चार लोगों की मौत हो चुकी थी। हादसे में जतिन, कमल और अभिषेक के भाई विशाल गंभीर रूप से घायल हुए। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें मेरठ रेफर किया गया, लेकिन परिजन बाद में उन्हें इलाज के लिए दिल्ली ले गए।

    हादसे में जान गंवाने वाले कार्तिक राजपूत बागपत के निवासी थे। उन्होंने बीसीए की पढ़ाई करने के बाद नोएडा के सेक्टर-2 स्थित एक कंपनी में नौकरी शुरू की थी। उनके परिवार में पत्नी भारती और एक वर्ष की बेटी काशवी है। दो वर्ष पहले ही उनकी शादी हुई थी। हादसे के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है।

    वहीं, दिल्ली निवासी गुलबुद्दीन उर्फ सोनू अविवाहित थे और अभिषेक की कंपनी में कार्यरत थे। उनके बड़े भाई सद्दाम हुसैन के अनुसार, गुलबुद्दीन ने इंटरमीडिएट तक पढ़ाई की थी और परिवार में माता-पिता के साथ रहते थे।

    थाना प्रभारी संदीप मिश्रा ने बताया कि सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया गया है। परिजन मौके पर पहुंच चुके हैं। शुरुआती जांच में तेज रफ्तार और चालक को आई झपकी को हादसे की प्रमुख वजह माना जा रहा है। पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है।