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  • जन्मदिन की पार्टी बनी जानलेवा: नशे में युवक ने चढ़ा हाईटेंशन लाइन टावर, घंटों तक चला रेस्क्यू ऑपरेशन

    जन्मदिन की पार्टी बनी जानलेवा: नशे में युवक ने चढ़ा हाईटेंशन लाइन टावर, घंटों तक चला रेस्क्यू ऑपरेशन


    अनूपपुर । मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले के राजेन्द्रग्राम थाना क्षेत्र स्थित ग्राम दूधमनिया में एक युवक के जन्मदिन की पार्टी ने जानलेवा मोड़ ले लिया। शराब के नशे में धुत होकर युवक हाईटेंशन लाइन के टावर पर चढ़ गया, जिससे पूरे गांव में हड़कंप मच गया। यह घटना उस वक्त हुई जब युवक अपने रिश्तेदार के यहां जन्मदिन मनाने गया था और अत्यधिक शराब सेवन के बाद उसने पास ही गुजर रही हाईटेंशन लाइन के टावर पर चढ़ने की साहसिक, लेकिन खतरनाक हरकत कर दी।

    युवक इतनी ऊंचाई तक पहुंच गया कि नीचे उतरने से इंकार कर दिया। इस घटना को देखकर गांववाले घबराए और तुरंत डायल 112 पर सूचना दी। जैसे ही पुलिस को खबर मिली, राजेन्द्रग्राम थाना पुलिस मौके पर पहुंची और युवक को समझाने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं उतरा। स्थिति गंभीर होते देख पुलिस ने विद्युत विभाग से संपर्क किया और हाईटेंशन लाइन की सप्लाई बंद कराई। इसके बाद रेस्क्यू टीम को बुलाया गया।

    घंटों की कड़ी मशक्कत और रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद युवक को सुरक्षित नीचे उतारा गया। अंत में युवक को समझाइश देने के बाद उसके परिजनों के हवाले कर दिया गया।घटना में किसी तरह की जनहानि नहीं हुई, लेकिन यह एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। पुलिस और प्रशासन की तत्परता से जान बचाई जा सकी, लेकिन इस घटना ने यह साबित कर दिया कि नशे में युवकों को किसी भी तरह की जोखिम से बचाना कितना जरूरी है।

  • भोपाल एयरपोर्ट पर नया आईएलएस सिस्टम: उड़ानें अब समय पर, यात्रियों को मिली राहत

    भोपाल एयरपोर्ट पर नया आईएलएस सिस्टम: उड़ानें अब समय पर, यात्रियों को मिली राहत


    भोपाल । भोपाल राजा भोज एयरपोर्ट पर अब यात्रियों को मौसम के खराब होने और कोहरे के कारण होने वाली उड़ान देरी से राहत मिल गई है। एयरपोर्ट पर अत्याधुनिक कैटेगरी-2 इंस्टूमेंट लैंडिंग सिस्टम आईएलएस की स्थापना के साथ अब उड़ानों की टाइमिंग पर ब्रेक लग गया है। पहले जहां मौसम खराब होने और घने कोहरे के कारण उड़ानों को डायवर्ट करना पड़ता था, वहीं अब इस नए सिस्टम की मदद से ऐसी घटनाओं में काफी कमी आई है। पिछले दिसंबर-जनवरी के महीने में भोपाल एयरपोर्ट पर उड़ानें लेट होने और डायवर्ट होने की समस्या आम थी, लेकिन अब नए सिस्टम के चलते एक भी उड़ान डायवर्ट नहीं हुई है।
    आईएलएस सिस्टम की स्थापना का काम तीन साल से चल रहा था, जिसमें मौसम उपकरणों के अपग्रेडेशन के लिए कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। रनवे से लगी कुछ ज़मीन सेना की थी, जिसके कारण इस उपकरण की स्थापना में रुकावट आ रही थी। हालांकि, इस समस्या का समाधान होते ही एयरपोर्ट अथॉरिटी ने इस अत्याधुनिक सिस्टम की स्थापना पूरी की। अब जब दृश्यता 350 मीटर तक घट जाती है, तब भी विमान इस सिस्टम की मदद से सुरक्षित लैंड कर सकते हैं।
    नए सिस्टम की स्थापना से न केवल उड़ान की देरी में कमी आई है, बल्कि यात्रियों को भी राहत मिली है। इस अपग्रेडेशन को नागर विमानन महानिदेशालय डीजीसीए से औपचारिक अनुमति मिलने के बाद पूरी तरह से लागू किया गया है। अब यह सिस्टम अपनी पूरी क्षमता से काम कर रहा है और यह सुनिश्चित कर रहा है कि कोहरे और खराब मौसम के बावजूद उड़ानें समय पर चल सकें।
    एयरपोर्ट अथॉरिटी के मुताबिक, इस अपग्रेडेशन से यात्रा की सुरक्षा और सुविधा दोनों बढ़ी हैं। पिछले कुछ समय से एयरपोर्ट पर यात्रियों की संख्या में भी वृद्धि हो रही है, और यह नया सिस्टम उनके लिए एक बड़ी राहत साबित हो रहा है। अब भोपाल एयरपोर्ट देश के उन चुनिंदा एयरपोर्ट्स में शामिल हो गया है, जहां अत्याधुनिक कैटेगरी-2 आईएलएस सिस्टम की स्थापना की गई है। यह एयरपोर्ट इस प्रणाली के साथ प्रदेश का पहला और देश का तीसरा एयरपोर्ट बन चुका है, जिसने अपने उड़ान संचालन को और भी सुरक्षित और प्रभावी बना लिया है।

  • वंदे भारत स्लीपर ट्रेन कोलकाता से गुवाहाटी तक चलेगी पहली स्लीपर वंदे भारतकिराया क्या होगा

    वंदे भारत स्लीपर ट्रेन कोलकाता से गुवाहाटी तक चलेगी पहली स्लीपर वंदे भारतकिराया क्या होगा


    नई दिल्ली । भारत की रेलवे यात्रा में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस महीने के अंत में भारत की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी दिखा सकते हैं। यह ट्रेन कोलकाता से गुवाहाटी तक चलेगीजिससे पूर्वोत्तर भारत की कनेक्टिविटी मजबूत होगी। वंदे भारत स्लीपर ट्रेन एक आधुनिक और सुविधाजनक ट्रेन हैजिसे लंबी दूरी की रात्रिकालीन यात्रा को और भी आरामदायक और सुरक्षित बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

    उन्नत सुरक्षा और सुविधाएं

    इस वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। इसमें कवच ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टमऑटोमैटिक दरवाजेऔर उन्नत अग्नि सुरक्षा व्यवस्था जैसी विशेषताएं हैं। साथ हीसभी कोचों में सीसीटीवी निगरानी होगीजिससे सुरक्षा का स्तर बढ़ जाएगा। ट्रेन की सफाई भी एक महत्वपूर्ण पहलू हैऔर इसके लिए नियमित रूप से डिसइंफेक्टेंट स्प्रेयर का उपयोग किया जाएगाताकि उच्च स्वच्छता मानक बनाए जा सकें।

    यात्रियों के लिए बेहतर अनुभव

    यह ट्रेन 16 डिब्बों वाली होगीजिसमें कुल 823 यात्रियों के बैठने की क्षमता होगी। इसकी डिजाइन स्पीड 180 किलोमीटर प्रति घंटा हैहालांकि यह फिलहाल 120 से 130 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी। यह ट्रेन पश्चिम बंगाल और असम के कई प्रमुख जिलों को कवर करेगीजिससे इन क्षेत्रों की कनेक्टिविटी में सुधार होगा।

    किराया

    वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के किराए की अभी आधिकारिक घोषणा नहीं की गई हैलेकिन अनुमान है कि यह सामान्य स्लीपर ट्रेन से कुछ ज्यादा हो सकता है। स्लीपर कोच के आरामदायक और आधुनिक सुविधाओं को देखते हुएयात्रियों को ज्यादा किराया चुकाना पड़ सकता है। हालांकियह ट्रेन लंबी दूरी की यात्रा के लिए काफी सुविधाजनक होगी और यात्रियों को एक नया अनुभव प्रदान करेगी।

    शुरुआत की तारीख

    मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिकप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 18 या 19 जनवरी को इस ट्रेन को हरी झंडी दिखा सकते हैं। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने हाल ही में नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर इस ट्रेन का निरीक्षण किया था और इसे भारतीय रेलवे के लिए एक “नए युग की शुरुआत” बताया था। यह ट्रेन एक तरह से भारतीय रेलवे के लिए एक मील का पत्थर साबित हो सकती हैजो यात्रियों को न केवल आरामदायक यात्रा का अनुभव प्रदान करेगीबल्कि सुरक्षा और स्वच्छता के मामले में भी एक नई मिसाल कायम करेगी।

  • सिक्किम में सुबह भूकंप के झटकेलोग घरों से बाहर निकले

    सिक्किम में सुबह भूकंप के झटकेलोग घरों से बाहर निकले


    नई दिल्ली । आज सुबहसिक्किम के सोरेंग शहर में 3.9 तीव्रता का भूकंप आया। यह भूकंप 5:58 बजे के आसपास महसूस हुआ और स्थानीय लोग तुरंत घरों से बाहर निकल आए। भूकंप के झटके महसूस होने के बादवहां के निवासी दहशत में थेहालांकि राहत की बात यह है कि अब तक किसी प्रकार के जान-माल का नुकसान होने की खबर नहीं आई है।

    भूकंप का केंद्र जमीन के नीचे 5 किलोमीटर की गहराई पर थाजिससे इसे बड़ी तीव्रता का भूकंप नहीं माना गया। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र ने सोशल मीडिया पर इस घटना की जानकारी दी और बताया कि भूकंप का असर सीमित था।

    सिक्किम में भूकंप की घटनाएं कभी-कभी होती रही हैंलेकिन इस बार तीव्रता बहुत कम थीजिससे कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ। हालांकिभूकंप के बाद सतर्कता बनाए रखना हमेशा जरूरी होता हैऔर लोगों को अपनी सुरक्षा के लिए सावधानी बरतनी चाहिए। वर्तमान में स्थानीय प्रशासन ने कोई विशेष कदम नहीं उठाए हैंक्योंकि नुकसान की कोई सूचना नहीं मिली है।

  • थिएटर में फिल्म देखने वालों के लिए बने ये नियम क्या आप जानते हैं

    थिएटर में फिल्म देखने वालों के लिए बने ये नियम क्या आप जानते हैं


    नई दिल्ली । थिएटर में फिल्म देखने के लिए कुछ खास नियम बनाए गए हैं जिनका उद्देश्य दर्शकों की सुविधा और सुरक्षा को सुनिश्चित करना है। अगर आप एक मूवी लवर हैं और अक्सर सिनेमाघरों में फिल्में देखने जाते हैं तो ये नियम आपके लिए जानना जरूरी हैं।

    बाहर का खाना और पानी

    आमतौर पर सिनेमाघरों में बाहर का खाना और पानी ले जाने की अनुमति नहीं होती है लेकिन कुछ विशेष स्थितियों में यह नियम लागू नहीं होता। जैसेअगर आपके साथ छोटा बच्चा हैतो आप बच्चे के लिए खाना और पानी लेकर जा सकते हैं। थिएटर आपको कोई रोक नहीं सकता है। स्वास्थ्य संबंधी कारणअगर किसी व्यक्ति को विशेष डाइट की जरूरत है जिसे डॉक्टर ने सलाह दी है तो वह थिएटर के मालिक को सूचित करके अपनी डाइट का खाना लेकर जा सकते हैं। थिएटर की सुरक्षा मालिक की जिम्मेदारी है कि वह दर्शकों की सुरक्षा सुनिश्चित करें। इस संदर्भ में कुछ प्रमुख नियम हैं

    EXIT साइनथिएटर हॉल में स्पष्ट रूप से EXIT साइन लगे होने चाहिए ताकि आपातकालीन स्थिति में दर्शक सही रास्ते से बाहर निकल सकें।
    लाइटिंगहॉल में लाइट्स का सही तरीके से काम करना चाहिए ताकि अंधेरे में किसी को कोई परेशानी न हो।हवा की सही व्यवस्थासिनेमाघरों में वेंटिलेशन की पूरी व्यवस्था होनी चाहिए ताकि हवा की कोई कमी न हो और दर्शकों को शुद्ध हवा मिल सके।आग से बचावथिएटर में आग से बचाव के पूरे इंतजाम होने चाहिए। आपातकालीन परिस्थितियों में तुरंत सुरक्षा उपाय लागू हो सकें जैसे अग्निशामक यंत्र फायर एक्सटिंगuisher और अलार्म सिस्टम।

    मुफ्त पानी की सुविधा

    सिनेमाघरों में आपको मुफ्त पानी उपलब्ध कराया जाता है। यह एक नियम है जिससे दर्शक पानी के बिना परेशान न हों। अगर आपको पानी चाहिए तो आप थिएटर से बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के पानी ले सकते हैं।

    इमरजेंसी एग्जिट और सीढ़ियां

    सिनेमाघरों में इमरजेंसी एग्जिट और सीढ़ियों का ध्यान रखा जाता है। इनका इस्तेमाल केवल आपातकालीन स्थितियों में किया जाएगा जिससे हर किसी को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके।

     टिकट चेकिंग

    कई थिएटरों में एक नियम होता है कि अधिकारिक टिकट के बिना सिनेमाघर में प्रवेश नहीं किया जा सकता। यह नियम सुरक्षा और व्यवस्थापन के लिए जरूरी है।

     शांति बनाए रखें

    फिल्म देखने के दौरान थिएटर में शांति बनाए रखना भी एक आवश्यक नियम है। तेज आवाज़ में बात करना या फोन का इस्तेमाल शांति को भंग कर सकता है और आपके लिए भी परेशानी का कारण बन सकता है। इसलिए ध्यान रखें कि आप दूसरों की फिल्म देखने के अनुभव को खराब न करें। इन नियमों को जानने से आपको सिनेमाघर में एक अच्छा अनुभव मिलेगा। सुरक्षा स्वास्थ्य और आरामदायक माहौल सुनिश्चित करने के लिए ये नियम बनाए गए हैं। अगली बार जब आप सिनेमाघर जाएं तो इन नियमों का पालन जरूर करें और एक सुरक्षित और सुखद फिल्म अनुभव का आनंद लें।