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  • बैतूल में सड़क पर बनी बाइक आग का गोला, पेट्रोल टंकी ब्लास्ट से मचा हड़कंप

    बैतूल में सड़क पर बनी बाइक आग का गोला, पेट्रोल टंकी ब्लास्ट से मचा हड़कंप


    बैतूल । मध्य प्रदेश के बैतूल में शुक्रवार दोपहर एक खौफनाक हादसा सामने आया जब एक बाइक अचानक आग का गोला बन गई। चंद मिनटों में ही आग ने विकराल रूप ले लिया और पूरी बाइक जलकर राख हो गई। घटना के दौरान इलाके में अफरा-तफरी मच गई और सड़क के दोनों ओर लंबा जाम लग गया।

    जानकारी के अनुसार एक युवक अपनी खराब हो चुकी बाइक को धक्का देकर कॉलेज चौक की ओर ले जा रहा था। तभी अचानक बाइक से धुआं उठने लगा और देखते ही देखते उसमें आग लग गई। शुरुआत में आसपास मौजूद दुकानदारों और राहगीरों ने आग बुझाने की कोशिश की लेकिन आग इतनी तेजी से फैल गई कि कोई कुछ कर नहीं सका।

    स्थिति उस समय और गंभीर हो गई जब बाइक की पेट्रोल टंकी में जोरदार विस्फोट हुआ। धमाके के साथ आग की लपटें और तेज हो गईं जिससे बाइक पूरी तरह आग की चपेट में आ गई। कुछ ही पलों में वाहन पूरी तरह जलकर खाक हो गया।

    घटना के कारण सड़क पर यातायात बाधित हो गया और दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। लोगों ने तुरंत दमकल विभाग को सूचना दी जिसके बाद फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया लेकिन तब तक बाइक पूरी तरह नष्ट हो चुकी थी।

    गनीमत रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई वरना पेट्रोल टंकी के विस्फोट से बड़ा हादसा हो सकता था। यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि गर्मी के मौसम में वाहन चलाते समय अतिरिक्त सावधानी बरतना कितना जरूरी है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि तापमान बढ़ने के साथ वाहनों में आग लगने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। ऐसे में नियमित सर्विसिंग फ्यूल लीकेज की जांच और इंजन की स्थिति पर ध्यान देना बेहद जरूरी है।यह घटना न केवल एक हादसा है बल्कि एक चेतावनी भी है कि छोटी सी लापरवाही बड़े खतरे में बदल सकती है। सतर्कता और सुरक्षा नियमों का पालन ही ऐसे हादसों से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है।

  • इंदौर अग्निकांड: सीएम डॉ. मोहन यादव ने पीड़ित परिवारों से की मुलाकात, SOP बनाने के दिए संकेत

    इंदौर अग्निकांड: सीएम डॉ. मोहन यादव ने पीड़ित परिवारों से की मुलाकात, SOP बनाने के दिए संकेत


    भोपाल। डॉ. मोहन यादव ने इंदौर में हुए दर्दनाक अग्निकांड के बाद मृतकों के परिजनों से मुलाकात कर गहरा शोक व्यक्त किया और हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। इस दौरान पीड़ित परिवारों ने फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस के देर से पहुंचने की शिकायत भी की जिस पर मुख्यमंत्री ने मामले की गंभीर जांच का आश्वासन दिया।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि इस घटना के मद्देनजर ईवी चार्जिंग इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग को लेकर एक विस्तृत स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर तैयार किया जाएगा ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि बदलती तकनीक के साथ नई चुनौतियां सामने आ रही हैं और सरकार इनसे निपटने के लिए ठोस कदम उठाएगी।

    घटना के तुरंत बाद सीएम ने अधिकारियों को जांच के निर्देश दिए थे और भोपाल से विशेषज्ञों की टीम इंदौर भेजी गई। उन्होंने कहा कि डिजिटल लॉक और इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग जैसी सुविधाएं आधुनिक जीवन का हिस्सा हैं लेकिन इनके उपयोग में सावधानी बेहद जरूरी है।

    गौरतलब है कि इंदौर के तिलक नगर क्षेत्र में बुधवार तड़के एक भीषण हादसा हुआ था। रबर कारोबारी मनोज पुगलिया के घर के बाहर खड़ी इलेक्ट्रिक कार में चार्जिंग के दौरान शॉर्ट सर्किट हुआ जिससे आग लग गई। देखते ही देखते आग ने तीन मंजिला मकान को अपनी चपेट में ले लिया। इस हादसे में मनोज पुगलिया उनकी गर्भवती बहू सिमरन समेत कुल 8 लोगों की जिंदा जलने से मौत हो गई।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता पीड़ित परिवारों को राहत देना और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकना है। साथ ही उन्होंने लोगों से भी अपील की कि आधुनिक तकनीकों का उपयोग करते समय सतर्कता बरतें।

  • भोपाल के बाग उमराव दूल्हा में आग का भयानक मामला, 10 किमी दूर से देखा गया धुआं, दमकलें मौके पर लगीं

    भोपाल के बाग उमराव दूल्हा में आग का भयानक मामला, 10 किमी दूर से देखा गया धुआं, दमकलें मौके पर लगीं


    भोपाल। भोपाल के बाग उमराव दूल्हा इलाके में सोमवार दोपहर करीब 3.30 बजे एक तीन मंजिला मकान की छत पर आग लग गई। आग इतनी भयानक थी कि आसपास 10 किलोमीटर दूर से भी धुआं नजर आया। शुरुआती जानकारी के अनुसार, मकान की छत पर तेल रखा गया था, जो अज्ञात कारणों से भड़क गया और आग तेजी से फैल गई।

    आग लगने की सूचना मिलते ही आसपास के फायर स्टेशन से दमकलें मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने का प्रयास शुरू कर दिया गया। हालांकि इलाके के संकरे रास्तों के कारण दमकलों को समय लग गया। दमकल कर्मियों ने बताया कि बिल्डिंग के नीचे मीट की दुकान भी है, इसलिए आग को फैलने से रोकना प्राथमिकता बनी हुई है।

    स्थानीय लोगों के मुताबिक, आग इतनी तेज थी कि धुआं आसमान में उठता हुआ दूर तक दिखाई दे रहा था। फिलहाल दमकल विभाग आग पर पूरी तरह नियंत्रण पाने के लिए मौके पर जुटा हुआ है। अधिकारियों ने भी लोगों से अपील की है कि वे इलाके से दूरी बनाए रखें और राहत कार्यों में बाधा न डालें।

    मामले की जांच के बाद ही आग लगने के असली कारण का खुलासा किया जाएगा। हालांकि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार तेल के भंडारण और लापरवाही के कारण आग भड़की है।

    इस घटना ने इलाके में हड़कंप मचा दिया है और लोगों में आग और सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ गई है। दमकल विभाग लगातार आग बुझाने में जुटा हुआ है और जल्द ही पूरी बिल्डिंग को सुरक्षित घोषित करने की संभावना है।

  • जबलपुर में बच्चों की सुरक्षा के लिए बड़ा फैसला: एलपीजी संचालित वाहनों में स्कूल बच्चों का सफर प्रतिबंधित

    जबलपुर में बच्चों की सुरक्षा के लिए बड़ा फैसला: एलपीजी संचालित वाहनों में स्कूल बच्चों का सफर प्रतिबंधित



    नई दिल्ली। जबलपुर प्रशासन ने बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने स्पष्ट किया कि 1 अप्रैल 2026 से जिले में किसी भी एलपीजी से संचालित वाहन में स्कूली बच्चे सफर नहीं कर सकेंगे। इस आदेश का उद्देश्य स्कूल बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और संभावित दुर्घटनाओं को रोकना है।

    कलेक्टर ने स्कूल प्रबंधन और वाहन मालिकों को निर्देश दिए हैं कि वे 1 अप्रैल से पहले अपने वाहनों की व्यवस्था वैकल्पिक और कानूनी रूप से मान्य वाहनों के माध्यम से करें। यदि तय समय के बाद भी कोई एलपीजी वाहन बच्चों को स्कूल ले जाने के लिए इस्तेमाल किया गया, तो प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके तहत वाहन मालिक, स्कूल प्रबंधन और संबंधित अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया जाएगा।

    जिला प्रशासन ने सभी संबंधित अधिकारियों को सख्त निगरानी और पालन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए हैं। क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (RTO) को आदेशित किया गया है कि वे स्कूल वाहनों का सत्यापन करें और एलपीजी वाहन संचालन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करें। इसके साथ ही सभी एसडीएमों को भी यह सुनिश्चित करना होगा कि जिले में कोई भी एलपीजी वाहन बच्चों को ले जाने के लिए इस्तेमाल न हो।

    पुलिस अधिकारियों को स्कूल समय के दौरान आकस्मिक निरीक्षण करने और किसी भी उल्लंघन की स्थिति में तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि है और प्रशासन इसकी अनदेखी नहीं करेगा।

    जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) के माध्यम से सभी स्कूल प्रबंधन को इस आदेश की जानकारी दी जाएगी। स्कूल संचालकों से कहा गया है कि वे इस आदेश का पालन सुनिश्चित करें और अपने वाहन संचालन की व्यवस्था तुरंत बदलें। डीईओ को यह भी निर्देशित किया गया है कि वे स्कूलों में इस नियम के पालन की निगरानी करें और किसी भी तरह की लापरवाही की स्थिति में कड़ी कार्रवाई करें।

    विशेषज्ञों का कहना है कि एलपीजी वाहन में बच्चों का सफर जोखिम भरा हो सकता है क्योंकि गैस लीक, आग और तकनीकी खामियों के कारण हादसों की संभावना बढ़ जाती है। इस आदेश के माध्यम से प्रशासन यह सुनिश्चित करना चाहता है कि बच्चों की सुरक्षा के लिए हर संभव उपाय किए जाएं।

    कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने कहा, “हमारा उद्देश्य सिर्फ नियम बनाना नहीं है, बल्कि बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देना है। सभी स्कूल प्रबंधन और वाहन मालिक 1 अप्रैल तक वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करें, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।”

    इस आदेश से जबलपुर जिले के स्कूल परिवहन में एक बड़ा बदलाव आएगा और यह बच्चों और उनके अभिभावकों के लिए राहत का संदेश लेकर आएगा। जिले में सभी अधिकारियों और स्कूल प्रबंधन के सहयोग से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि एलपीजी वाहन में बच्चों का सफर पूरी तरह प्रतिबंधित रहे।

  • DAVV गर्ल्स हॉस्टल में छात्राओं पर बॉयफ्रेंड बनाने का दबाव, आरोपी छात्रा निष्कासित

    DAVV गर्ल्स हॉस्टल में छात्राओं पर बॉयफ्रेंड बनाने का दबाव, आरोपी छात्रा निष्कासित


    इंदौर। देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के कमला नेहरू गर्ल्स हॉस्टल में फर्स्ट ईयर की एक छात्रा पर अन्य छात्राओं विशेषकर जूनियर्स को कॉलेज लाइफ एंजॉय करने के बहाने बॉयफ्रेंड बनाने का मानसिक दबाव डालने का आरोप लगा है। पांच छात्राओं ने लिखित शिकायत दर्ज कराई जिसके बाद हॉस्टल प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी छात्रा को निष्कासित कर दिया।

    शिकायतकर्ताओं के अनुसार आरोपी छात्रा मोबाइल ऐप्स के जरिए अज्ञात युवकों से वीडियो कॉल करती थी और अन्य छात्राओं को भी उनसे संपर्क करने या बॉयफ्रेंड बनाने के लिए उकसाती थी। वह बार-बार कहती थी कॉलेज लाइफ एंजॉय करो बॉयफ्रेंड बनाओ। जांच में छात्रा के मोबाइल और कमरे से आपत्तिजनक सामग्री मिलने की बात भी सामने आई है।

    हॉस्टल प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए 5 सदस्यीय जांच समिति गठित की है जो पूरे नेटवर्क और संभावित गतिविधियों की छानबीन कर रही है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया कि छात्राओं की सुरक्षा और अनुशासन सर्वोपरि हैं।

    घटना सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। कुछ रिपोर्ट्स में आरोपी छात्रा के समुदाय और संभावित जिहाद एजेंडा का भी जिक्र किया गया है हालांकि अभी आधिकारिक जांच जारी है। प्रशासन ने कहा कि सभी पहलुओं की गहन जांच की जाएगी और जरूरत पड़ने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

  • हिन्दुत्व में ही सबकी सुरक्षा की गारंटी है : संघ प्रमुख डॉ भागवत

    हिन्दुत्व में ही सबकी सुरक्षा की गारंटी है : संघ प्रमुख डॉ भागवत


    मुंबई।
    राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने शनिवार को मुंबई में कहा कि हिन्दुत्व में ही सबकी सुरक्षा की गारंटी है। भाषा, भूषा, खान-पान रीति रिवाज में भिन्नता के बावजूद हम राष्ट्र और संस्कृति से हिन्दू हैं। संघ प्रमुख डॉ. भागवत राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्थापना के 100 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर मुंबई में आयोजित “नए क्षितिज” कार्यक्रम के दूसरे सत्र को संबोधित कर रहे थे।

    संघ प्रमुख मोहन भागवत ने अपने संबोधन में कहा कि भाषा, भूषा, खान पान रीति रिवाज में भिन्नता के बावजूद हम राष्ट्र और संस्कृति से हिन्दू हैं, ऐसा कहने से आपको कुछ भी छोडऩा नहीं होगा और न ही आपकी पहचान संकट नहीं पैदा होगा। इसके लिए संवाद की आवश्यकता होती है। हिन्दू-मुस्लिम एक हैं, यह नारा ही गलत है। हम एक ही थे। वह भूल गए उसे याद दिलाने की आवश्यकता है। एक कालखंड में उन्होंने पूजा-पद्धति बदली, अब उसे छोड़ नहीं सकते। लेकिन अपना मूल याद कर अपनी संस्कृति के आधार पर जुड़ तो सकते हैं। संघ की शाखा में आकर एक घंटे शरीर मन बुद्धि से व्यायाम करना और शेष 23 घंटे अपनी सुविधा और सामथ्र्य के अनुसार अपने समाज के लिए कार्य करना ,यह भी एक मार्ग है। भारत अपने स्वत्व के आधार पर सब प्रकार से खड़ा हो, इसके लिए आप कुछ भी कर रहे हैं तो एक प्रकारसे आप संघ का ही कार्य कर रहे हैं। संघ के बारे में संघ को देखकर मन और मत बनाइये, यही मेरा आग्रह है। सही स्रोत से संघ को समझिए। संघ की शाखा, संघ के कार्यक्रम, संघ स्वयंसेवकों के आचरण और उनके घर से आपको संघ समझ में आएगा। तथ्यों के आधार पर यदि आप हमारा विरोध करेंगे तो भी हम आपका स्वागत करेंगे।

    सर संघचालक ने कहा कि ग्राम विकास, गोसेवा आदि सर्वमान्य कार्यों से व्यवस्था परिवर्तन भले न हो पर इससे समाज में परिवर्तन आता है। समाज की सज्जन शक्ति को अच्छी तरीके से सक्रिय होने की आवश्यकता है और सभी एक दूसरे के पूरक हों। समाज की सज्जन शक्ति की सक्रियता और उनके बीच समन्वय के लिए ही पंच परिवर्तन का अभियान है। सामाजिक समरसता अर्थात अपने समाज के बीच बिना किसी भेदभाव के अपने संचार के क्षेत्र में सम्पूर्ण हिन्दू समाज के सभी वर्गों में अपने एक मित्र होने चाहिए। इसके लिए अलग से कुछ खर्च नहीं लगता और अलग से अधिक परिश्रम नहीं करना पड़ता। अपने घर के निकट चर्मकार का कार्य करने वाला या आपका माली ही हो, उसके साथ अपने कुटुम्ब के सदस्यों के समान व्यवहार करना, इससे अपने आप संदेश जाएगा। बच्चों के भीतर परिवार के संस्कार, यह 12 वर्ष की आयु तक दिए जाते हैं तो यह जीवन भर प्रभावी होते हैं। वर्तमान समय में परिवार के सभी सदस्य मोबाइल में अधिक समय बिताते हैं। आवश्यकता है कि सप्ताह में एक दिन परिवार के साथ सामूहिक चर्चा करना, साथ ही भोजन करना। सभी को प्रामाणिकता और निस्वार्थ बुद्धि से अपने समाज की सेवा करना और उसकी चर्चा परिवार में करना, इसे मंगल संवाद कहते हैं। ऐसा करने से परिवार और समाज में बहुत सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेगा। अपने घर की चारदीवारी के बीच भाषा, भूषा, भजन, हवन, भोजन, भ्रमण अपना ही होना चाहिए। अपनी भाषा में हस्ताक्षर से ही शुरू करें। उसके लिए किसी दूसरी या विदेशी भाषा की आवश्यकता क्या है। पंच परिवर्तन की बात स्वयंसेवकों ने अपने घरों में शुरू कर दी है। यह एक दिन में नहीं होगा लेकिन यह एक दिन अवश्य होगा। हम सम्पूर्ण समाज को भी पंच परिवर्तन के विभिन्न आयामों को अपनाने का आग्रह करते हैं।

  • Budget 2026: रेलवे में आम आदमी की उम्मीदों पर नजर, सस्ती टिकट और बेहतर सेवाओं की मांग

    Budget 2026: रेलवे में आम आदमी की उम्मीदों पर नजर, सस्ती टिकट और बेहतर सेवाओं की मांग


    नई दिल्ली। केंद्रीय बजट 2026 1 फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पेश करेंगी। इस बार बजट में रेलवे सेवाओं को लेकर यात्रियों की उम्मीदें बढ़ी हैं। करोड़ों लोगों की नजर है कि क्या बजट में आम आदमी की जेब और उनकी दैनिक जरूरतों को ध्यान में रखा जाएगा। प्रीमियम ट्रेनों और बड़े निवेशों के बावजूद आम यात्री आज भी सफाई सुविधा भीड़ और समयबद्धता जैसी समस्याओं से असंतुष्ट है।

    रेल यात्री चाहते हैं कि कन्फर्म टिकट सस्ती दरों पर उपलब्ध हों और वेटिंग लिस्ट की समस्या कम हो। इसके साथ ही लोकल और मेल-एक्सप्रेस ट्रेनों की समयबद्धता सुधारने की उम्मीद है। यात्रियों का कहना है कि प्रीमियम ट्रेनों की तुलना में आम ट्रेनों की सेवाओं में सुधार जरूरी है।

    रेलवे की शिकायतों की सूची लंबी है। ट्रेनों में सफाई व्यवस्था कमजोर है पैंट्री कार का खाना क्वालिटी में अधूरा है बोतलबंद पानी और अन्य सामान की कीमत अधिक वसूली जाती है। गंदे टॉयलेट पानी की कमी स्टेशन और ट्रेन में चोरी और कभी-कभार दुर्घटनाएं यात्रियों की चिंता बढ़ाती हैं। बजट से उम्मीद है कि इन बुनियादी समस्याओं के सुधार के लिए पर्याप्त फंड आवंटित होगा।रेल विशेषज्ञों का मानना है कि नई और तेज रफ्तार ट्रेनों से पहले ट्रैक और सिग्नल सिस्टम को मजबूत करना जरूरी है। कई रूट्स पर ट्रैक की हालत ऐसी है कि ट्रेनें घोषित स्पीड पर नहीं चल पातीं। बजट 2026 में ट्रैक अपग्रेडेशन सेफ्टी सिस्टम और मेंटेनेंस पर खर्च बढ़ने की संभावना है।

    रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 2026 को रेलवे के लिए रिफॉर्म ईयर बताया है। उनका दावा है कि साल के 52 हफ्तों में 52 सुधार लागू किए जाएंगे। चेन्नई स्थित इंटीग्रल कोच फैक्ट्री के पूर्व जीएम सुधांशु मणि का कहना है कि पहले बजट आम आदमी की जेब और जरूरतों पर केंद्रित होता थानई दिल्ली। केंद्रीय बजट 2026 1 फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पेश करेंगी। इस बार बजट में रेलवे सेवाओं को लेकर यात्रियों की उम्मीदें बढ़ी हैं। करोड़ों लोगों की नजर है कि क्या बजट में आम आदमी की जेब और उनकी दैनिक जरूरतों को ध्यान में रखा जाएगा। प्रीमियम ट्रेनों और बड़े निवेशों के बावजूद आम यात्री आज भी सफाई, सुविधा, भीड़ और समयबद्धता जैसी समस्याओं से असंतुष्ट है।

    रेल यात्री चाहते हैं कि कन्फर्म टिकट सस्ती दरों पर उपलब्ध हों और वेटिंग लिस्ट की समस्या कम हो। इसके साथ ही लोकल और मेल-एक्सप्रेस ट्रेनों की समयबद्धता सुधारने की उम्मीद है। यात्रियों का कहना है कि प्रीमियम ट्रेनों की तुलना में आम ट्रेनों की सेवाओं में सुधार जरूरी है।

  • जन्मदिन की पार्टी बनी जानलेवा: नशे में युवक ने चढ़ा हाईटेंशन लाइन टावर, घंटों तक चला रेस्क्यू ऑपरेशन

    जन्मदिन की पार्टी बनी जानलेवा: नशे में युवक ने चढ़ा हाईटेंशन लाइन टावर, घंटों तक चला रेस्क्यू ऑपरेशन


    अनूपपुर । मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले के राजेन्द्रग्राम थाना क्षेत्र स्थित ग्राम दूधमनिया में एक युवक के जन्मदिन की पार्टी ने जानलेवा मोड़ ले लिया। शराब के नशे में धुत होकर युवक हाईटेंशन लाइन के टावर पर चढ़ गया, जिससे पूरे गांव में हड़कंप मच गया। यह घटना उस वक्त हुई जब युवक अपने रिश्तेदार के यहां जन्मदिन मनाने गया था और अत्यधिक शराब सेवन के बाद उसने पास ही गुजर रही हाईटेंशन लाइन के टावर पर चढ़ने की साहसिक, लेकिन खतरनाक हरकत कर दी।

    युवक इतनी ऊंचाई तक पहुंच गया कि नीचे उतरने से इंकार कर दिया। इस घटना को देखकर गांववाले घबराए और तुरंत डायल 112 पर सूचना दी। जैसे ही पुलिस को खबर मिली, राजेन्द्रग्राम थाना पुलिस मौके पर पहुंची और युवक को समझाने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं उतरा। स्थिति गंभीर होते देख पुलिस ने विद्युत विभाग से संपर्क किया और हाईटेंशन लाइन की सप्लाई बंद कराई। इसके बाद रेस्क्यू टीम को बुलाया गया।

    घंटों की कड़ी मशक्कत और रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद युवक को सुरक्षित नीचे उतारा गया। अंत में युवक को समझाइश देने के बाद उसके परिजनों के हवाले कर दिया गया।घटना में किसी तरह की जनहानि नहीं हुई, लेकिन यह एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। पुलिस और प्रशासन की तत्परता से जान बचाई जा सकी, लेकिन इस घटना ने यह साबित कर दिया कि नशे में युवकों को किसी भी तरह की जोखिम से बचाना कितना जरूरी है।

  • भोपाल एयरपोर्ट पर नया आईएलएस सिस्टम: उड़ानें अब समय पर, यात्रियों को मिली राहत

    भोपाल एयरपोर्ट पर नया आईएलएस सिस्टम: उड़ानें अब समय पर, यात्रियों को मिली राहत


    भोपाल । भोपाल राजा भोज एयरपोर्ट पर अब यात्रियों को मौसम के खराब होने और कोहरे के कारण होने वाली उड़ान देरी से राहत मिल गई है। एयरपोर्ट पर अत्याधुनिक कैटेगरी-2 इंस्टूमेंट लैंडिंग सिस्टम आईएलएस की स्थापना के साथ अब उड़ानों की टाइमिंग पर ब्रेक लग गया है। पहले जहां मौसम खराब होने और घने कोहरे के कारण उड़ानों को डायवर्ट करना पड़ता था, वहीं अब इस नए सिस्टम की मदद से ऐसी घटनाओं में काफी कमी आई है। पिछले दिसंबर-जनवरी के महीने में भोपाल एयरपोर्ट पर उड़ानें लेट होने और डायवर्ट होने की समस्या आम थी, लेकिन अब नए सिस्टम के चलते एक भी उड़ान डायवर्ट नहीं हुई है।
    आईएलएस सिस्टम की स्थापना का काम तीन साल से चल रहा था, जिसमें मौसम उपकरणों के अपग्रेडेशन के लिए कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। रनवे से लगी कुछ ज़मीन सेना की थी, जिसके कारण इस उपकरण की स्थापना में रुकावट आ रही थी। हालांकि, इस समस्या का समाधान होते ही एयरपोर्ट अथॉरिटी ने इस अत्याधुनिक सिस्टम की स्थापना पूरी की। अब जब दृश्यता 350 मीटर तक घट जाती है, तब भी विमान इस सिस्टम की मदद से सुरक्षित लैंड कर सकते हैं।
    नए सिस्टम की स्थापना से न केवल उड़ान की देरी में कमी आई है, बल्कि यात्रियों को भी राहत मिली है। इस अपग्रेडेशन को नागर विमानन महानिदेशालय डीजीसीए से औपचारिक अनुमति मिलने के बाद पूरी तरह से लागू किया गया है। अब यह सिस्टम अपनी पूरी क्षमता से काम कर रहा है और यह सुनिश्चित कर रहा है कि कोहरे और खराब मौसम के बावजूद उड़ानें समय पर चल सकें।
    एयरपोर्ट अथॉरिटी के मुताबिक, इस अपग्रेडेशन से यात्रा की सुरक्षा और सुविधा दोनों बढ़ी हैं। पिछले कुछ समय से एयरपोर्ट पर यात्रियों की संख्या में भी वृद्धि हो रही है, और यह नया सिस्टम उनके लिए एक बड़ी राहत साबित हो रहा है। अब भोपाल एयरपोर्ट देश के उन चुनिंदा एयरपोर्ट्स में शामिल हो गया है, जहां अत्याधुनिक कैटेगरी-2 आईएलएस सिस्टम की स्थापना की गई है। यह एयरपोर्ट इस प्रणाली के साथ प्रदेश का पहला और देश का तीसरा एयरपोर्ट बन चुका है, जिसने अपने उड़ान संचालन को और भी सुरक्षित और प्रभावी बना लिया है।

  • वंदे भारत स्लीपर ट्रेन कोलकाता से गुवाहाटी तक चलेगी पहली स्लीपर वंदे भारतकिराया क्या होगा

    वंदे भारत स्लीपर ट्रेन कोलकाता से गुवाहाटी तक चलेगी पहली स्लीपर वंदे भारतकिराया क्या होगा


    नई दिल्ली । भारत की रेलवे यात्रा में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस महीने के अंत में भारत की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी दिखा सकते हैं। यह ट्रेन कोलकाता से गुवाहाटी तक चलेगीजिससे पूर्वोत्तर भारत की कनेक्टिविटी मजबूत होगी। वंदे भारत स्लीपर ट्रेन एक आधुनिक और सुविधाजनक ट्रेन हैजिसे लंबी दूरी की रात्रिकालीन यात्रा को और भी आरामदायक और सुरक्षित बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

    उन्नत सुरक्षा और सुविधाएं

    इस वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। इसमें कवच ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टमऑटोमैटिक दरवाजेऔर उन्नत अग्नि सुरक्षा व्यवस्था जैसी विशेषताएं हैं। साथ हीसभी कोचों में सीसीटीवी निगरानी होगीजिससे सुरक्षा का स्तर बढ़ जाएगा। ट्रेन की सफाई भी एक महत्वपूर्ण पहलू हैऔर इसके लिए नियमित रूप से डिसइंफेक्टेंट स्प्रेयर का उपयोग किया जाएगाताकि उच्च स्वच्छता मानक बनाए जा सकें।

    यात्रियों के लिए बेहतर अनुभव

    यह ट्रेन 16 डिब्बों वाली होगीजिसमें कुल 823 यात्रियों के बैठने की क्षमता होगी। इसकी डिजाइन स्पीड 180 किलोमीटर प्रति घंटा हैहालांकि यह फिलहाल 120 से 130 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी। यह ट्रेन पश्चिम बंगाल और असम के कई प्रमुख जिलों को कवर करेगीजिससे इन क्षेत्रों की कनेक्टिविटी में सुधार होगा।

    किराया

    वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के किराए की अभी आधिकारिक घोषणा नहीं की गई हैलेकिन अनुमान है कि यह सामान्य स्लीपर ट्रेन से कुछ ज्यादा हो सकता है। स्लीपर कोच के आरामदायक और आधुनिक सुविधाओं को देखते हुएयात्रियों को ज्यादा किराया चुकाना पड़ सकता है। हालांकियह ट्रेन लंबी दूरी की यात्रा के लिए काफी सुविधाजनक होगी और यात्रियों को एक नया अनुभव प्रदान करेगी।

    शुरुआत की तारीख

    मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिकप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 18 या 19 जनवरी को इस ट्रेन को हरी झंडी दिखा सकते हैं। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने हाल ही में नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर इस ट्रेन का निरीक्षण किया था और इसे भारतीय रेलवे के लिए एक “नए युग की शुरुआत” बताया था। यह ट्रेन एक तरह से भारतीय रेलवे के लिए एक मील का पत्थर साबित हो सकती हैजो यात्रियों को न केवल आरामदायक यात्रा का अनुभव प्रदान करेगीबल्कि सुरक्षा और स्वच्छता के मामले में भी एक नई मिसाल कायम करेगी।