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  • सागर में रेलवे ट्रैक पर मिला महिला का क्षत-विक्षत शव, ट्रेन की चपेट में आने की आशंका

    सागर में रेलवे ट्रैक पर मिला महिला का क्षत-विक्षत शव, ट्रेन की चपेट में आने की आशंका


    मध्यप्रदेश । सागर जिले में मंगलवार को उस समय सनसनी फैल गई जब सागर-बीना रेलवे ट्रैक पर 25 नंबर फाटक के पास एक महिला का शव दो टुकड़ों में पड़ा मिला। घटना की जानकारी सबसे पहले गैंगमैन को हुई, जिसके बाद तुरंत जीआरपी को सूचना दी गई।

    सूचना मिलते ही जीआरपी मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। जांच के दौरान पाया गया कि महिला का शव ट्रेन की चपेट में आने से गंभीर रूप से क्षत-विक्षत हो गया था और उसका सिर धड़ से अलग हो गया था। शव को देखकर यह आशंका जताई जा रही है कि मौत ट्रेन हादसे में हुई है, हालांकि पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है।

    घटनास्थल पर किसी भी प्रकार का पहचान दस्तावेज या मोबाइल फोन नहीं मिला, जिससे मृतका की पहचान अभी तक नहीं हो सकी है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया है।

    जीआरपी ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और आसपास के थानों में दर्ज गुमशुदगी की रिपोर्टों से मिलान कर महिला की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है।

    जीआरपी थाना प्रभारी एचएल चौधरी के अनुसार, प्राथमिक जांच में मामला ट्रेन से दुर्घटनावश मौत का प्रतीत हो रहा है, लेकिन वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। पुलिस ने कहा है कि सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच जारी है।

  • मोतीनगर पुलिस की कार्रवाई: घर के बाहर से बाइक चुराने वाला आरोपी दबोचा

    मोतीनगर पुलिस की कार्रवाई: घर के बाहर से बाइक चुराने वाला आरोपी दबोचा


    सागर । सागर जिले के मोतीनगर थाना क्षेत्र में हुई बाइक चोरी की वारदात का पुलिस ने सफलतापूर्वक खुलासा कर दिया है। इस मामले में पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज की मदद से आरोपी की पहचान कर उसे गिरफ्तार कर लिया है और चोरी की गई बाइक भी बरामद कर ली गई है।

    यह मामला सिंधी कैंप, संत कंवर राम वार्ड निवासी महेश कुमार आडवाणी की शिकायत से जुड़ा है। उन्होंने 28 मई को थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 24 मई की रात उन्होंने अपनी बाइक (MP 15 MH 0655) घर के बाहर खड़ी की थी, जो सुबह गायब मिली। गाड़ी चोरी होने के बाद उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी।

    शिकायत मिलते ही मोतीनगर थाना पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू की। पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के क्षेत्रों में लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में एक संदिग्ध व्यक्ति दिखाई दिया, जिसके आधार पर पुलिस ने जांच को आगे बढ़ाया।

    लगातार सुराग जुटाते हुए पुलिस टीम ने पगारा रोड स्थित सुभाष नगर निवासी 30 वर्षीय रीतेश जाटव (पिता हुकुमचंद जाटव) को हिरासत में लिया। थाने में पूछताछ के दौरान आरोपी ने बाइक चोरी की वारदात को स्वीकार कर लिया।

    पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चोरी की गई बाइक भी बरामद कर ली है। थाना प्रभारी जसवंत सिंह राजपूत ने बताया कि आरोपी से अन्य संभावित चोरी की घटनाओं को लेकर भी पूछताछ की जा रही है, क्योंकि आशंका है कि वह पहले भी ऐसी वारदातों में शामिल रहा हो सकता है।

    पुलिस की इस कार्रवाई में CCTV तकनीक की अहम भूमिका रही, जिससे न केवल आरोपी की पहचान संभव हुई बल्कि चोरी गई बाइक भी बरामद हो सकी। फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क और अन्य मामलों की जांच में जुटी हुई है।

    इस सफलता से स्थानीय लोगों में राहत है और पुलिस ने भी नागरिकों से अपील की है कि वे अपने वाहनों की सुरक्षा के लिए सावधानी बरतें और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत पुलिस को दें।

  • सागर: ANA बिल्डर सहित कई प्रोजेक्ट पर चला प्रशासन का बुलडोजर एक्शन

    सागर: ANA बिल्डर सहित कई प्रोजेक्ट पर चला प्रशासन का बुलडोजर एक्शन


    सागर । सागर जिले में अवैध कॉलोनियों के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए शुक्रवार देर शाम बड़ी कार्रवाई की। राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने पगारा और भैंसा क्षेत्रों में दबिश देकर नियम विरुद्ध विकसित की जा रही कॉलोनियों में बने पक्के निर्माण और बाउंड्रीवॉल को जेसीबी की मदद से ध्वस्त कर दिया।

    प्रशासन की टीम सबसे पहले ग्राम भैंसा पहुंची, जहां खसरा नंबर 138 पर ANA बिल्डर द्वारा अवैध कॉलोनी विकसित किए जाने की जानकारी सामने आई थी। कार्रवाई के दौरान मौके पर मौजूद निर्माण कार्यों को बिना किसी देरी के तोड़ दिया गया। इस परियोजना से जुड़े पार्टनर सिमरजीत सिंह, आशु और अमरदीप के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है।

    इसके बाद टीम ने ग्राम पगारा में कार्रवाई को आगे बढ़ाया, जहां खसरा नंबर 831 पर लाल जैन द्वारा अवैध कॉलोनी विकसित की जा रही थी। यहां भी प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से निर्माण कार्य रुकवाते हुए बाउंड्रीवॉल और अन्य संरचनाओं को जेसीबी से गिरा दिया।

    प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि इन जमीनों पर अब किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य नहीं किया जा सकेगा और आगे की प्लॉटिंग या विकास गतिविधियों पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। कार्रवाई के दौरान मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा ताकि किसी भी तरह की बाधा उत्पन्न न हो सके।

    इस पूरी कार्रवाई का नेतृत्व अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) अमन मिश्रा ने किया। उनके साथ तहसीलदार राहुल गौंड, नितिन यादव, संजय जैन, निरंजन कुर्मी, आशुतोष गौतम और पटवारी उमाशंकर पांडे सहित कैंट थाना पुलिस बल मौजूद रहा।

    प्रशासन की इस कार्रवाई से अवैध कॉलोनी काटने वाले बिल्डर्स में हड़कंप की स्थिति देखी जा रही है। अधिकारियों ने साफ संकेत दिए हैं कि जिले में अवैध प्लॉटिंग और नियम विरुद्ध निर्माण के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।

    स्थानीय प्रशासन का कहना है कि बिना अनुमति और विकास प्राधिकरण की स्वीकृति के किसी भी प्रकार की कॉलोनी विकसित करना पूरी तरह अवैध है और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

  • सागर सनसनी: घायल हालत में सड़क पर चलता दिखा बुजुर्ग, चाकू कंधे में धंसा रहा

    सागर सनसनी: घायल हालत में सड़क पर चलता दिखा बुजुर्ग, चाकू कंधे में धंसा रहा


    रीवा । सागर जिले के मोतीनगर थाना क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां शराब पीने के लिए पैसे न देने पर बदमाशों ने एक बुजुर्ग पर जानलेवा हमला कर दिया। हमले में चाकू सीधे उनके कंधे के पास घुस गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए।

    यह घटना शुक्रवार देर रात की बताई जा रही है। बताया जा रहा है कि पीड़ित बुजुर्ग बड़ी माता मंदिर क्षेत्र के रहने वाले हैं। घटना के दौरान पांच बदमाशों ने उन्हें घेर लिया और शराब के लिए पैसे की मांग करने लगे। जब उन्होंने पैसे देने से इनकार किया, तो आरोपियों ने अचानक उन पर हमला कर दिया।

    हमले में एक बदमाश ने चाकू से उनके बाएं कंधे पर वार किया, जो गहराई तक धंस गया। इसके बावजूद घायल बुजुर्ग किसी तरह सड़क पर पैदल चलते हुए दिखाई दिए। इस पूरी घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हालत में चलते हुए नजर आ रहे हैं।

    स्थानीय लोगों ने जब उन्हें इस हालत में देखा तो तुरंत मदद के लिए आगे आए। राहगीरों ने उन्हें सहारा देकर नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, जहां उन्हें भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने उनकी स्थिति गंभीर बताई है और इलाज जारी है।

    घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। बताया जा रहा है कि हमलावरों की संख्या पांच थी, जो वारदात को अंजाम देने के बाद मौके से फरार हो गए।

    वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस भी हरकत में आ गई है। मोतीनगर थाना प्रभारी जसवंत सिंह ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है और वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है। पुलिस टीम अस्पताल पहुंचकर घायल बुजुर्ग के बयान दर्ज कर रही है।

    पुलिस का कहना है कि सभी आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। वहीं घटना को लेकर स्थानीय लोगों में आक्रोश है और इलाके में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

    यह घटना एक बार फिर शहर में बढ़ती आपराधिक गतिविधियों और असामाजिक तत्वों की सक्रियता को उजागर करती है, जिस पर पुलिस प्रशासन के लिए सख्त कार्रवाई की चुनौती सामने आई है।

  • सागर में सड़क किनारे मिला युवक का शव, नाक-मुंह से खून बहने पर हत्या की आशंका

    सागर में सड़क किनारे मिला युवक का शव, नाक-मुंह से खून बहने पर हत्या की आशंका


    सागर । सागर जिले के बहेरिया थाना क्षेत्र में शुक्रवार सुबह उस समय सनसनी फैल गई, जब सड़क किनारे झाड़ियों के बीच एक युवक का शव संदिग्ध परिस्थितियों में पड़ा मिला। मृतक की पहचान बरारू गांव निवासी 31 वर्षीय अमित पटेल के रूप में हुई है। युवक के नाक और मुंह से खून बहता देख परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

    जानकारी के अनुसार अमित गुरुवार रात करीब 8 बजे घर से निकला था। परिजनों के मुताबिक उसने यह नहीं बताया था कि वह कहां जा रहा है और किसके साथ है। देर रात तक घर वापस नहीं लौटने पर परिवार के लोग चिंतित हो गए थे। शुक्रवार सुबह अचानक सूचना मिली कि मुनमुन ढाबे के सामने सड़क किनारे झाड़ियों में उसका शव पड़ा हुआ है। खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया और परिजन तुरंत मौके पर पहुंचे।

    घटनास्थल पर पहुंचे परिजनों ने देखा कि अमित के नाक और मुंह से खून बह रहा था। मृतक के चाचा बैजनाथ पटेल ने आशंका जताई कि अमित का किसी से विवाद हुआ होगा और उसके बाद उसकी हत्या कर शव सड़क किनारे फेंक दिया गया। परिजनों का कहना है कि युवक के शरीर पर चोट के निशान और खून बहने की स्थिति सामान्य हादसे जैसी नहीं लग रही। उन्होंने पुलिस से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को जल्द गिरफ्तार करने की मांग की है।

    घटना के बाद इलाके में लोगों की भीड़ जमा हो गई। सड़क किनारे युवक का शव मिलने से आसपास के क्षेत्र में दहशत और चर्चा का माहौल बना रहा। पुलिस ने मौके का निरीक्षण कर आसपास के लोगों से पूछताछ शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखकर मामले की पड़ताल कर रही है।

    पुलिस का कहना है कि मौत की असली वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। मामले में आगे की जानकारी लेने के लिए बहेरिया थाने का प्रभार संभाल रहे एसआई विद्यानंद यादव से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।

    फिलहाल पुलिस हादसा, विवाद और हत्या समेत सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि युवक की मौत दुर्घटना से हुई या उसके पीछे कोई आपराधिक साजिश है।

  • सागर में मौन जुलूस: जैन समाज का विरोध, साध्वियों की सुरक्षा को लेकर उठी मांग

    सागर में मौन जुलूस: जैन समाज का विरोध, साध्वियों की सुरक्षा को लेकर उठी मांग


    मध्य प्रदेश । Sagar में सोमवार को जैन समाज ने रीवा में 20 मई को हुए सड़क हादसे में दो साध्वियों की मौत के विरोध में शांत लेकिन प्रभावशाली मौन जुलूस निकाला। इस घटना के बाद पूरे समाज में गहरा आक्रोश देखा जा रहा है, जिसके चलते शहर में धार्मिक संगठनों की सक्रियता बढ़ गई है।

    सुबह करीब 8 बजे समाज के लोग गौराबाई और पार्श्वनाथ मंदिर, कटरा नमकमंडी में एकत्र हुए। इसके बाद सफेद वस्त्रों में पुरुष और पीले-केसरिया वस्त्रों में महिलाएं शांतिपूर्वक कोतवाली थाने तक मौन जुलूस के रूप में पहुंचे। पूरे जुलूस के दौरान लोगों ने किसी नारेबाजी के बजाय गंभीरता और शांति के साथ अपना विरोध दर्ज कराया।

    कोतवाली पहुंचकर सकल दिगंबर जैन समाज के प्रतिनिधियों ने प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और जिला कलेक्टर के नाम सिटी मजिस्ट्रेट गगन बिसेन और सीएसपी कश्यप को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में सड़क दुर्घटना के दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग के साथ-साथ इस घटना की निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच की मांग की गई।

    समाज ने इस मौके पर यह भी कहा कि संतों और साध्वियों की सुरक्षा को लेकर अब ठोस और राष्ट्रीय स्तर की नीति बनाई जानी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। ज्ञापन में ‘संत सुरक्षा प्रोटोकॉल’ लागू करने और इसे विशेष संवेदनशील श्रेणी में रखने की मांग प्रमुख रूप से रखी गई।

    इस आंदोलन का असर केवल शहर तक सीमित नहीं रहा, बल्कि Sagar जिले के बांदरी और जरुआखेड़ा जैसे क्षेत्रों में भी देखने को मिला, जहां जैन समाज ने मौन जुलूस निकालकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा।

    बांदरी में जुलूस के दौरान समाज के लोगों ने काली पट्टी बांधकर विरोध जताया और थाने पहुंचकर अपनी मांगें रखीं। वहीं जरुआखेड़ा में भी शांतिपूर्ण प्रदर्शन करते हुए पुलिस चौकी को ज्ञापन सौंपा गया।

    समाज के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने कहा कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक उद्देश्य के लिए नहीं, बल्कि संत समाज की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग को लेकर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो भविष्य में आंदोलन और तेज किया जाएगा।

  • सागर पुलिस की बड़ी कार्रवाई: देसी पिस्टल और कारतूस के साथ 59 वर्षीय आरोपी गिरफ्तार

    सागर पुलिस की बड़ी कार्रवाई: देसी पिस्टल और कारतूस के साथ 59 वर्षीय आरोपी गिरफ्तार


    मध्यप्रदेश। सागर शहर में उस समय पुलिस को बड़ी सफलता मिली जब मोतीनगर थाना क्षेत्र की टीम ने एक 59 वर्षीय व्यक्ति को अवैध देसी पिस्टल और जिंदा कारतूस के साथ गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई मुखबिर से मिली पुख्ता सूचना के आधार पर की गई, जिसमें बताया गया था कि आरोपी न्यू भोपाल बस स्टैंड के पीछे भगतसिंह वार्ड क्षेत्र में संदिग्ध हालत में घूम रहा है।

    सूचना मिलते ही पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची। पुलिस को देखते ही आरोपी वहां से भागने की कोशिश करने लगा, लेकिन टीम में शामिल आरक्षकों ने उसका पीछा कर उसे दबोच लिया। गिरफ्तारी के बाद जब आरोपी की तलाशी ली गई तो उसके पास से एक देसी मैगजीन युक्त पिस्टल और उसकी जेब से एक जिंदा कारतूस बरामद हुआ।

    पकड़े गए आरोपी की पहचान मोहन उर्फ बबलू (59 वर्ष), निवासी राजीवनगर वार्ड के रूप में हुई है। पुलिस ने दोनों हथियारों को जब्त कर आरोपी को हिरासत में ले लिया है।

    मोतीनगर थाना प्रभारी जसवंत सिंह ने बताया कि आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और उससे पूछताछ जारी है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी ने यह अवैध हथियार कहां से प्राप्त किया और वह किस उद्देश्य से इसे लेकर घूम रहा था।

    प्रारंभिक जांच में यह भी आशंका जताई जा रही है कि आरोपी किसी वारदात को अंजाम देने की फिराक में था, हालांकि पुलिस सभी पहलुओं पर गंभीरता से जांच कर रही है।

  • एक मां का अद्भुत त्याग: 75 वर्षीय महिला ने किडनी देकर बेटी को दी नई जिंदगी

    एक मां का अद्भुत त्याग: 75 वर्षीय महिला ने किडनी देकर बेटी को दी नई जिंदगी


    नई दिल्ली ।  मध्यप्रदेश के सागर जिले के शाहगढ़ की एक ऐसी प्रेरक कहानी सामने आई है, जो मातृत्व की शक्ति को एक नई परिभाषा देती है। 40 वर्षीय कंचन असाटी, जो पिछले 10 वर्षों से गंभीर किडनी रोग से जूझ रही थीं, उन्हें उनकी 75 वर्षीय मां मनोरमा असाटी ने अपनी किडनी दान कर नया जीवन दिया। यह सफल ट्रांसप्लांट जून 2025 में भोपाल के बंसल अस्पताल में किया गया, जहां डॉक्टरों की टीम ने उम्र के जोखिम के बावजूद यह जटिल सर्जरी सफलतापूर्वक पूरी की। आज मां और बेटी दोनों स्वस्थ हैं और सामान्य जीवन जी रही हैं।

    10 साल की बीमारी और लंबा संघर्ष

    करीब एक दशक पहले गर्भावस्था के दौरान कंचन को किडनी से जुड़ी गंभीर समस्या का पता चला था। समय के साथ उनकी स्थिति बिगड़ती गई और क्रिएटिनिन व यूरिया का स्तर खतरनाक रूप से बढ़ गया। दिल्ली, इंदौर, हरियाणा और अहमदाबाद जैसे कई बड़े अस्पतालों में इलाज के बावजूद उनकी हालत में सुधार नहीं हुआ। अंत में डॉक्टरों ने स्पष्ट कर दिया कि किडनी ट्रांसप्लांट ही एकमात्र विकल्प है।

    10 रिश्तेदारों की किडनी नहीं हुई मैच

    परिवार ने बेटी की जान बचाने के लिए कई प्रयास किए। लगभग 10 रिश्तेदारों की जांच कराई गई, लेकिन किसी की भी किडनी मैच नहीं हुई। आखिर में मां मनोरमा असाटी का टेस्ट किया गया, जिसमें उनकी किडनी मैच कर गई। हालांकि, उम्र 75 वर्ष होने के कारण डॉक्टरों ने शुरुआत में ट्रांसप्लांट को अत्यधिक जोखिम भरा बताते हुए ऑपरेशन से मना कर दिया था। लेकिन परिवार की उम्मीद और मां के दृढ़ संकल्प ने हालात बदल दिए।

    पति के निधन के बाद और कठिन हुआ जीवन

    इस संघर्ष के बीच वर्ष 2024 में कंचन के पति अमित आनंद असाटी का हृदय गति रुकने से निधन हो गया। इसके बाद वे पूरी तरह डायलिसिस पर निर्भर हो गईं और अपने दो बच्चों के साथ संघर्षपूर्ण जीवन जी रही थीं। बेटी की हालत को दिन-ब-दिन बिगड़ते देख मां ने निर्णय लिया कि अगर उनकी किडनी से बेटी की जान बच सकती है, तो वे यह जोखिम उठाने को तैयार हैं।

    डॉक्टरों ने बताया भावनात्मक और मेडिकल मिसाल

    बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अजीत आनंद असाटी ने इस केस को एक दुर्लभ और प्रेरक उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक ऑपरेशन नहीं था, बल्कि मां के त्याग और प्रेम की सबसे बड़ी मिसाल है।

    अब दोनों स्वस्थ, नई जिंदगी की शुरुआत

    सफल ट्रांसप्लांट के बाद मां और बेटी दोनों स्वस्थ हैं। मनोरमा असाटी वर्तमान में दमोह में रह रही हैं, जबकि कंचन अपने बच्चों के साथ सामान्य जीवन की ओर लौट चुकी हैं।

  • सागर के शाहपुर में हंगामा: दो मौतों के बाद सड़क पर शव रखकर आक्रोश, तनाव बढ़ा

    सागर के शाहपुर में हंगामा: दो मौतों के बाद सड़क पर शव रखकर आक्रोश, तनाव बढ़ा


    नई दिल्ली ।  मध्यप्रदेश के सागर जिले के शाहपुर पुलिस चौकी क्षेत्र में हुई हिंसक वारदात ने पूरे इलाके को हिला दिया है। शराब माफियाओं की पिटाई में घायल दूसरे युवक सूरज अहिरवार ने भी रविवार को इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इससे पहले इसी घटना में नीरज प्रजापति की मौत हो चुकी थी।

    लगातार दो मौतों के बाद क्षेत्र में तनाव फैल गया और आक्रोशित परिजनों ने सड़क पर शव रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य मार्ग को जाम कर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

    बोलेरो से आए हमलावरों ने की थी बेरहमी से पिटाई

    जानकारी के अनुसार, घटना शुक्रवार रात की है जब वार्ड क्रमांक-7 शाहपुर निवासी नीरज प्रजापति और सूरज अहिरवार गढ़ाकोटा से काम के बाद लौट रहे थे। रास्ते में बोलेरो सवार 10 से 12 लोगों ने उन्हें रोक लिया और शराब बेचने के संदेह में लाठी-डंडों से बेरहमी से पीटा। हमले में नीरज गंभीर रूप से घायल होकर बेहोश हो गया था, जबकि सूरज किसी तरह बचकर घर पहुंचा था। बाद में नीरज की मौत हो गई थी।

    सबूत मिटाने की कोशिश का आरोप

    शनिवार सुबह नीरज का शव बरेठा बाबा की घाटी के पास सड़क किनारे मिला था। परिजनों का आरोप है कि हमलावरों ने हत्या को सड़क हादसा दिखाने के लिए शव को वहां फेंक दिया। इसी बीच सूरज को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां रविवार को उसकी भी मौत हो गई।

    मरने से पहले दिए आरोपियों के नाम

    अस्पताल में भर्ती सूरज ने पुलिस को दिए बयान में कई नामों का खुलासा किया था। उसने बताया कि अंशुल, छोटू, भगवत और नीलेश समेत कई लोगों ने मिलकर दोनों की पिटाई की थी। इसी बयान के आधार पर पुलिस ने हत्या समेत गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है और आरोपियों की तलाश में टीमें गठित कर दी हैं।

    शाहपुर में तनाव, चक्काजाम और पुलिस पर सवाल

    दो मौतों के बाद स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। परिजनों और ग्रामीणों ने शाहपुर में शव रखकर सड़क जाम कर दिया और प्रदर्शन किया। उन्होंने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और चौकी प्रभारी को हटाने की मांग की। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुलिस ने पहले ही मामले को गंभीरता से नहीं लिया, जिससे स्थिति बिगड़ गई।

    पुलिस की कार्रवाई जारी

    पुलिस ने पांच नामजद आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। प्रशासन ने इलाके में शांति बनाए रखने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया है।

  • पार्षद को धमकी मामला: 7 साल पुराने भुगतान विवाद में बंडा नगर परिषद में हंगामा, FIR दर्ज

    पार्षद को धमकी मामला: 7 साल पुराने भुगतान विवाद में बंडा नगर परिषद में हंगामा, FIR दर्ज


    नई दिल्ली। सागर जिले के बंडा नगर परिषद में वार्ड क्रमांक-2 के पार्षद प्रभुदयाल राठौर और नगर परिषद प्रशासन के बीच पुराना भुगतान विवाद अब गंभीर कानूनी और आपराधिक मोड़ पर पहुंच गया है। बताया जा रहा है कि पार्षद का एक टेंडर कार्य का भुगतान पिछले लगभग 7 वर्षों से लंबित था। इसी भुगतान को लेकर उन्होंने हाल ही में नगर परिषद के मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) को लीगल नोटिस भेजा था।

    घटना 2 अप्रैल की दोपहर करीब 12:30 बजे की है, जब पार्षद नगर परिषद कार्यालय पहुंचे और उपयंत्री कक्ष में नाली निर्माण कार्य की जानकारी लेने के बाद CMO कक्ष में जाकर नोटिस सौंपा।

     नोटिस पढ़ते ही बढ़ा विवाद, गाली-गलौज और हाथापाई के आरोप

    पार्षद प्रभुदयाल राठौर के अनुसार, जैसे ही CMO ने लीगल नोटिस पढ़ा, वे कथित रूप से आवेश में आ गए। उन्होंने नोटिस पर टिप्पणी लिखकर पार्षद के सामने रख दिया और तेज आवाज में बहस करने लगे।

    स्थिति उस समय और बिगड़ गई जब पार्षद ने मोबाइल से पूरे घटनाक्रम की रिकॉर्डिंग शुरू की। आरोप है कि इसके बाद CMO ने चैंबर से बाहर आकर उनके साथ अभद्र व्यवहार किया और हाथापाई की। इस धक्का-मुक्की में पार्षद का मोबाइल भी जमीन पर गिर गया। इस पूरे घटनाक्रम ने नगर परिषद कार्यालय के माहौल को तनावपूर्ण बना दिया।

    थाने से लौटने के बाद फिर बढ़ा विवाद, दी गई जान से मारने की धमकी

    घटना यहीं नहीं रुकी। शिकायत के अनुसार, उसी दिन दोपहर करीब 3:30 बजे CMO थाने से लौटकर नगर परिषद कार्यालय पहुंचे। उनके साथ कुछ अन्य लोग भी मौजूद थे।

    आरोप है कि इसी दौरान उनके साथ आए एक व्यक्ति, जिसने खुद को CMO का रिश्तेदार बताया, ने पार्षद के साथ गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। इससे पूरे मामले ने गंभीर रूप ले लिया।

    एक महीने बाद पुलिस ने दर्ज की FIR, जांच शुरू

    घटना की शिकायत बंडा थाने में पार्षद द्वारा दर्ज कराई गई थी। पुलिस ने मामले की जांच लगभग एक महीने तक की और साक्ष्यों के आधार पर अब कार्रवाई करते हुए आरोपी अजितराज उर्फ राजा मसीह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 296(बी) और 351(2) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने बताया कि मामले की विस्तृत जांच जारी है और दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।

     प्रशासनिक कामकाज पर उठे सवाल, माहौल तनावपूर्ण

    इस घटना के बाद नगर परिषद बंडा में प्रशासनिक कार्यशैली और भुगतान लंबित मामलों को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। वहीं राजनीतिक और स्थानीय स्तर पर इस विवाद ने माहौल को और गर्म कर दिया है। पुलिस जांच के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।