Tag: Sagar News

  • दिल दहला देने वाली सुबह: रात तक हंसी-ठिठोली, सुबह फंदे पर झूलता मिला पति-पत्नी का शव

    दिल दहला देने वाली सुबह: रात तक हंसी-ठिठोली, सुबह फंदे पर झूलता मिला पति-पत्नी का शव


    सागर । मध्यप्रदेश के सागर जिले से सामने आई एक दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है जहां एक पति और पत्नी ने एक साथ अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली इस घटना ने न केवल परिवार बल्कि पूरे मोहल्ले को गहरे सदमे में डाल दिया है मामला शाहगढ़ थाना क्षेत्र के नगर परिषद के वाल्मीकि वार्ड का है जहां रहने वाले 45 वर्षीय उत्तम अहिरवार और उनकी 42 वर्षीय पत्नी हरिबाई का शव उनके ही घर में फांसी के फंदे पर लटका हुआ मिला

    हैरानी की बात यह है कि जिस दंपती ने यह खौफनाक कदम उठाया वह कुछ घंटों पहले तक पूरी तरह सामान्य नजर आ रहे थे बताया जा रहा है कि घटना वाली रात दोनों अपने घर के बाहर पड़ोसियों के साथ बैठे थे बातचीत कर रहे थे और माहौल पूरी तरह सामान्य था किसी को भी इस बात का अंदेशा नहीं था कि यह उनकी जिंदगी की आखिरी रात साबित होगी

    सुबह जब घर के अंदर से कोई हलचल नहीं हुई तो परिजनों और आसपास के लोगों को शक हुआ दरवाजा खोलकर देखा गया तो अंदर का दृश्य रोंगटे खड़े कर देने वाला था पति और पत्नी दोनों फंदे पर झूल रहे थे यह दृश्य देखते ही पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई

    घटना की सूचना तुरंत पुलिस को दी गई जिसके बाद शाहगढ़ थाना पुलिस मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों शवों को नीचे उतारकर पंचनामा कार्रवाई की और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया प्रारंभिक जांच में किसी तरह का स्पष्ट कारण सामने नहीं आया है जिससे यह घटना और भी ज्यादा रहस्यमयी बन गई है

    मृतक दंपती के भतीजे ने पुलिस को घटना की जानकारी दी वहीं उनके बेटे को भी सूचना दी गई जो उस समय सागर में मौजूद था परिवार के लोग इस घटना से पूरी तरह टूट चुके हैं और किसी को समझ नहीं आ रहा कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि दोनों ने एक साथ इतना बड़ा कदम उठा लिया

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है आत्महत्या के पीछे की वजह जानने के लिए परिजनों और आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि कहीं कोई मानसिक दबाव या पारिवारिक विवाद तो इसकी वजह नहीं बना

    इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि हमारे आसपास रहने वाले लोग कितनी चुपचाप अपने अंदर संघर्ष झेल रहे होते हैं और हमें इसकी भनक तक नहीं लगती एक सामान्य दिखने वाली जिंदगी के पीछे छिपे दर्द का अंदाजा लगाना अक्सर मुश्किल हो जाता है फिलहाल पूरे मामले का सच पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के बाद ही सामने आ पाएगा लेकिन इस दर्दनाक घटना ने इलाके में गहरा सन्नाटा जरूर छोड़ दिया है

  • सागर: बहरोल बैंक में आग, दस्तावेज खाक, कर्मचारियों और दमकल की सतर्क कार्रवाई से टला बड़ा हादसा

    सागर: बहरोल बैंक में आग, दस्तावेज खाक, कर्मचारियों और दमकल की सतर्क कार्रवाई से टला बड़ा हादसा

    सागर जिले के बहरोल में शुक्रवार की सुबह अचानक अफरा-तफरी मच गई जब सेंट्रल बैंक की शाखा में आग लग गई। सुबह करीब नौ बजे बैंक में धुआं उठते देख स्थानीय लोग घबरा गए और तुरंत पुलिस और बैंक कर्मचारियों को सूचना दी। बहरोल थाना से पुलिस और बंडा नगर पंचायत की दमकल मौके पर पहुंची और स्थिति को काबू में करने के लिए आनन-फानन में कार्रवाई की।

    जैसे ही दमकल टीम बैंक की शटर खोली और अंदर पहुंची तो आग कैश काउंटर के पास लगी हुई दिखाई दी। वहां रखे कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और फाइलें आग की चपेट में आ गईं। हालांकि त्वरित पानी डालने और दमकल कर्मियों की सतर्क कार्रवाई से आग पर जल्दी काबू पा लिया गया। इस दौरान किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, लेकिन बैंक में रखे दस्तावेज जलकर खाक हो गए।

    आग लगने की सूचना पाते ही बैंक के आसपास भारी भीड़ जमा हो गई। लोग धुआं और आग को देखकर चिंतित नजर आए और तुरंत पुलिस को सूचना देने में मदद की। बहरोल थाना प्रभारी धर्मेंद्र सिंह लोधी ने बताया कि प्रारंभिक तौर पर कैश काउंटर के पास शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका जताई जा रही है, लेकिन पूरी जांच अभी चल रही है।

    इस घटना के कारण शाखा में फिलहाल कामकाज बंद कर दिया गया है। बैंक प्रबंधन ने भी स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कर्मचारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। बैंक के दस्तावेजों के नुकसान की भरपाई और जांच का काम जल्द ही शुरू होगा।

    स्थानीय प्रशासन और दमकल विभाग की तत्परता से बड़ा हादसा टल गया। अधिकारी बता रहे हैं कि आग फैलने का खतरा कम था, लेकिन यदि समय पर कार्रवाई नहीं होती तो नुकसान और अधिक हो सकता था। इस घटना ने यह साबित कर दिया कि बैंक शाखाओं में सुरक्षा और आग सुरक्षा उपायों को नियमित रूप से लागू करना कितना आवश्यक है।

    पुलिस और प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि यदि वे किसी बैंक शाखा या सार्वजनिक स्थल पर असामान्य धुआं या आग का संकेत देखें तो तुरंत संबंधित विभाग को सूचित करें। वहीं बैंक प्रशासन भी आग से सुरक्षा के लिए इलेक्ट्रिकल सिस्टम और दस्तावेजों के रखरखाव पर नजर रखेगा।

    इस घटना ने बैंकिंग और वित्तीय सुरक्षा के महत्व को फिर से उजागर किया है। दस्तावेजों का नुकसान भले ही अपूरणीय है, लेकिन किसी के हताहत न होने से राहत की सांस ली जा सकती है। भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए सुरक्षा उपायों और जागरूकता पर जोर दिया जा रहा है।

  • ऑनलाइन खाने की गुणवत्ता पर फिर सवाल सागर के रेस्टोरेंट में छापा बासी पनीर और खराब सूप मिलने से मचा हड़कंप

    ऑनलाइन खाने की गुणवत्ता पर फिर सवाल सागर के रेस्टोरेंट में छापा बासी पनीर और खराब सूप मिलने से मचा हड़कंप


    मध्य प्रदेश के सागर शहर में ऑनलाइन मंगाए गए खाने की गुणवत्ता को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है जहां एक परिवार द्वारा ऑर्डर किए गए छोले कुलचे खाने के बाद बच्चों की तबीयत बिगड़ गई। घटना के बाद परिजनों ने भोजन की गुणवत्ता पर संदेह जताते हुए खाद्य विभाग से शिकायत की जिसके बाद विभाग की टीम ने संबंधित रेस्टोरेंट पर छापेमारी कर जांच की। जांच के दौरान किचन में कई तरह की अनियमितताएं सामने आईं और कुछ खाद्य सामग्री संदिग्ध अवस्था में पाई गई जिससे ऑनलाइन फूड डिलीवरी की सुरक्षा और गुणवत्ता पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं।

    जानकारी के अनुसार सागर निवासी अभिषेक अग्रवाल ने एक प्रसिद्ध रेस्टोरेंट से ऑनलाइन ऐप के माध्यम से छोले कुलचे का ऑर्डर दिया था। खाना घर पहुंचने के बाद बच्चों ने उसे खाया लेकिन कुछ ही समय बाद बच्चों को पेट दर्द और बेचैनी की शिकायत होने लगी। बच्चों की तबीयत अचानक बिगड़ने पर परिजनों को भोजन की गुणवत्ता पर शक हुआ। जब खाने की स्थिति को ध्यान से देखा गया तो उन्हें लगा कि खाना बासी हो सकता है। इसके बाद अभिषेक अग्रवाल ने बिना देर किए पूरे मामले की शिकायत खाद्य विभाग से की ताकि मामले की जांच हो सके और यदि किसी प्रकार की लापरवाही सामने आए तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सके।

    शिकायत मिलने के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम तुरंत सक्रिय हुई और सागर के सिविल लाइन क्षेत्र में स्थित सागर गैरे नामक रेस्टोरेंट पहुंचकर निरीक्षण किया। टीम ने किचन और स्टोर रूम की जांच की तो वहां कई गंभीर खामियां सामने आईं। अधिकारियों को किचन में साफ सफाई की स्थिति संतोषजनक नहीं लगी और खाद्य सामग्री को सुरक्षित रखने के मानकों का भी पालन नहीं किया जा रहा था। जांच के दौरान टीम को बासी पनीर खराब गुणवत्ता का हॉट एंड सॉर सूप और कुछ अन्य खाद्य पदार्थ संदिग्ध हालत में मिले। इसके अलावा किचन की स्वच्छता व्यवस्था भी मानकों के अनुरूप नहीं पाई गई जिस पर अधिकारियों ने कड़ी नाराजगी जताई।

    खाद्य विभाग की टीम ने मौके से पनीर सूप और अन्य खाद्य सामग्री के सैंपल लिए हैं जिन्हें जांच के लिए भोपाल स्थित राज्य खाद्य प्रयोगशाला भेजा गया है। अधिकारियों का कहना है कि प्रयोगशाला की रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि संबंधित खाद्य सामग्री मानकों के अनुरूप थी या नहीं। यदि जांच में खाद्य पदार्थ अमानक या असुरक्षित पाए जाते हैं तो संबंधित रेस्टोरेंट के खिलाफ खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    इस पूरे मामले में शिकायतकर्ता अभिषेक अग्रवाल का कहना है कि उन्होंने बच्चों के लिए छोले कुलचे मंगवाए थे लेकिन खाना खाने के तुरंत बाद बच्चों की तबीयत खराब हो गई। उन्हें भोजन की स्थिति संदिग्ध लगी इसलिए उन्होंने तुरंत विभाग में शिकायत दर्ज कराई ताकि अन्य लोगों की सेहत को खतरा न हो और इस तरह की लापरवाही करने वालों पर कार्रवाई हो सके।

    खाद्य विभाग ने इस घटना के बाद आम नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की है। विभाग का कहना है कि यदि किसी भी रेस्टोरेंट ढाबे या ऑनलाइन फूड डिलीवरी से मिलने वाले भोजन में बासीपन मिलावट या खराब गुणवत्ता का संदेह हो तो तुरंत इसकी जानकारी विभाग को दें ताकि समय रहते जांच कर कार्रवाई की जा सके और लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।