मुख्यमंत्री के दौरे की शुरुआत एक रोड शो से होगी, जिसमें वे खुरई शहर में आम जनता से जुड़ेंगे और उन्हें इन विकास कार्यों की सौगातों का एहसास कराएंगे। रोड शो के बाद सीएम डॉ. यादव 165 करोड़ रुपये की लागत से 38 विकास कार्यों का लोकार्पण करेंगे। इसके अलावा, 147 करोड़ रुपये की लागत से 48 विकास कार्यों का भूमिपूजन शिलान्यास भी किया जाएगा। ये कार्य मुख्यतः सड़क, जल आपूर्ति, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य क्षेत्रों से जुड़े होंगे, जो खुरई और आसपास के इलाकों के लिए काफी महत्वपूर्ण साबित होंगे।
मुख्यमंत्री का भोपाल कार्यक्रम
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सागर दौरे पर CM डॉ. मोहन यादव: खुरई में करोड़ों के विकास कार्यों का लोकार्पण, लोकपथ 2.0 एप का भी होगा उद्घाटन
भोपाल । मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज सागर जिले के खुरई में एक महत्वपूर्ण दौरे पर रहेंगे, जहां वे 312 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाले विकास कार्यों का लकार्पण और भूमिपूजन करेंगे। इस दौरे का उद्देश्य स्थानीय विकास को नई गति देना और जनता से सीधे संवाद स्थापित करना है।खुरई दौरे से पहले, मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल में लोक निर्माण विभाग पीडब्ल्यूडी के एक प्रमुख कार्यक्रम में भी भाग लेंगे। इस कार्यक्रम में प्रदेशभर से 1500 से अधिक अभियंता शामिल होंगे, जो इंजीनियरिंग कार्यों में अपनी क्षमताओं को और बेहतर बनाने के लिए प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। इस अवसर पर, मुख्यमंत्री द्वारा कैपेसिटी बिल्डिंग फ्रेमवर्क दस्तावेज का विमोचन किया जाएगा, जो प्रदेश में इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए मार्गदर्शक सिद्ध होगा। साथ ही, मुख्यमंत्री लोकपथ 2.0 एप का भी लोकार्पण करेंगे। यह एप इंजीनियरिंग कार्यों को डिजिटल और अधिक कुशल बनाने में मदद करेगा, जिससे प्रदेश में निर्माण कार्यों की निगरानी और प्रबंधन अधिक प्रभावी तरीके से किया जा सकेगा। -

सागर में निगमायुक्त ने जलस्रोतों की गुणवत्ता जांच करवाई कुएं और हैंडपंप का जल पीने योग्य नहीं
सागर । सागर नगर निगम आयुक्त राजकुमार खत्री ने सोमवार को नगर निगम टाटा प्रोजेक्ट लिमिटेड सीवर प्रोजेक्ट और एमपीयूडीसी के अधिकारियों के साथ नगर के जलस्रोतों की जांच की। इस दौरान वे जवाहरगंज भीतर बाजार स्थित शीतला माता मंदिर के पास पहुंचे जहां पानी की गुणवत्ता की जांच कराई गई। जांच में पाया गया कि इन जलस्रोतों में बड़ी मात्रा में अम्लीय गंदा पानी मिल चुका था जो पीने के लिए सुरक्षित नहीं है।अधिकांश नागरिक इन कुओं और हैंडपंप का पानी पीने के लिए उपयोग कर रहे थे। इसलिए निगमायुक्त ने तत्काल कदम उठाते हुए इन कुओं और हैंडपंपों पर लाल रंग से यह चेतावनी लिखवाने का आदेश दिया कि इस जल का उपयोग न करें यह पीने योग्य नहीं है। निगमायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जो भी जलस्रोत गुणवत्ता में सही न पाए जाएं उन पर इस तरह की चेतावनी तत्काल लिखवाई जाए। उन्होंने कहा जब तक इन जलस्रोतों का पानी वैज्ञानिक तरीके से टेस्ट न हो जाए तब तक इन्हें पीने योग्य नहीं माना जाएगा।
स्वास्थ्य सुरक्षा को प्राथमिकता
राजकुमार खत्री ने स्पष्ट किया कि नागरिकों के स्वास्थ्य की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। वर्तमान में टाटा प्रोजेक्ट लिमिटेड द्वारा राजघाट जलप्रदाय योजना के तहत प्रत्येक घर तक शुद्ध पेयजल की आपूर्ति की जा रही है। इस जल की नियमित गुणवत्ता जांच कराई जा रही है और मानकों के अनुरूप पाए जाने पर ही इसकी आपूर्ति की जा रही है।नागरिकों से अपील
नगर निगम आयुक्त ने नागरिकों से अपील की है कि वे तब तक कुओं और हैंडपंप के पानी का उपयोग पेयजल के रूप में न करें जब तक उसकी गुणवत्ता जांच पूरी न हो जाए।