Tag: Satna News

  • देर रात तक घरों और पंडालों में पहुंचे गणपति जबलपुर से आई मीरानी के राजा की निकली भव्य यात्रा

    देर रात तक घरों और पंडालों में पहुंचे गणपति जबलपुर से आई मीरानी के राजा की निकली भव्य यात्रा


    सतना । सतना में सोमवार को गणेश चतुर्थी के साथ दस दिवसीय गणेशोत्सव की शुरुआत हो गई। भाद्रपद शुक्ल पक्ष की चतुर्थी पर शहर का माहौल पूरी तरह भक्तिमय नजर आया। सुबह से ही घरों और सार्वजनिक पंडालों में भगवान श्री गणेश की स्थापना की तैयारियां चलती रहीं। रविवार को गणेश प्रतिमाओं की खरीदारी के लिए बाजारों में दिनभर भीड़ रही। अलग अलग आकार और स्वरूप में तैयार गणेश प्रतिमाओं को श्रद्धालु अपने घरों प्रतिष्ठानों और सार्वजनिक पंडालों तक लेकर पहुंचे। देर रात तक प्रतिमाओं को पहुंचाने का सिलसिला जारी रहा।

    सिंधी कैंप स्थित मीरानी कॉलोनी में गणेशोत्सव को लेकर इस बार भी विशेष उत्साह देखने को मिला। यहां स्थापित होने वाली प्रसिद्ध गणेश प्रतिमा मीरानी के राजा रविवार देर रात जबलपुर से सतना पहुंची। प्रतिमा के सतना पहुंचते ही श्रद्धालुओं में उत्साह की लहर दौड़ गई। भक्तों ने ढोल नगाड़ों की धुन पर जयकारे लगाए और गणपति की अगवानी की। इसके बाद प्रतिमा को जुलूस के रूप में मीरानी कॉलोनी तक ले जाया गया। रास्ते में भक्तों का उत्साह देखते ही बन रहा था। सोमवार को शुभ मुहूर्त में विधि विधान के साथ मीरानी के राजा की स्थापना की गई।

    गणेश चतुर्थी के पर्व को लेकर शहर के अलग अलग हिस्सों में कई सार्वजनिक पंडाल तैयार किए गए हैं। रविवार देर रात तक इन पंडालों में सजावट का काम चलता रहा। कई स्थानों पर आकर्षक झांकियां और विशेष सजावट की गई है। घरों में भी श्रद्धालुओं ने भगवान गणेश की स्थापना के लिए विशेष तैयारियां की हैं। गणपति स्थापना के साथ ही अगले दस दिनों तक शहर में धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन होगा और अलग अलग क्षेत्रों में गणपति बप्पा के जयकारों की गूंज सुनाई देगी।

    ज्योतिषाचार्य पं. प्रमोद मिश्रा के अनुसार इस बार गणेश चतुर्थी पर ब्रह्म योग और चित्रा नक्षत्र का विशेष संयोग बन रहा है। ज्योतिषीय मान्यताओं में ब्रह्म योग को शुभ कार्यों के लिए अनुकूल माना जाता है। ऐसे में इस संयोग में भगवान गणेश की स्थापना और पूजन को विशेष महत्व दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि चतुर्थी तिथि 14 सितंबर को सुबह करीब 7 बजकर 6 मिनट से शुरू होकर 15 सितंबर को सुबह 7 बजकर 44 मिनट तक रहेगी। गणपति स्थापना और पूजन के लिए दोपहर का समय विशेष शुभ माना गया है।

    गणेशोत्सव की शुरुआत के साथ ही सतना में धार्मिक उल्लास का माहौल बन गया है। बाजारों से लेकर कॉलोनियों और सार्वजनिक पंडालों तक हर जगह गणपति उत्सव की तैयारियां दिखाई दे रही हैं। श्रद्धालु पूरे उत्साह के साथ भगवान गणेश की पूजा अर्चना में जुटे हैं। अगले दस दिनों तक शहर में धार्मिक आयोजनों के साथ भक्ति और उत्सव का माहौल बना रहने की उम्मीद है।

  • चित्रकूट में चाय दुकान पर अचानक भिड़े दो पक्ष पुरानी रंजिश में जमकर मारपीट और तोड़फोड़ CCTV में कैद हुई पूरी घटना

    चित्रकूट में चाय दुकान पर अचानक भिड़े दो पक्ष पुरानी रंजिश में जमकर मारपीट और तोड़फोड़ CCTV में कैद हुई पूरी घटना


    सतना । सतना जिले के चित्रकूट थाना क्षेत्र में रविवार देर शाम चाय की एक दुकान पर पुरानी रंजिश को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद हो गया। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि मारपीट के साथ दुकान में तोड़फोड़ शुरू हो गई। घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है जिसमें कुछ युवक दुकान के बाहर आपस में मारपीट करते और सामान में तोड़फोड़ करते दिखाई दे रहे हैं। घटना के बाद इलाके में कुछ समय के लिए तनाव का माहौल बन गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की।

    घटना चित्रकूट के स्फटिक शिला मोड़ पर स्थित मनोहर चाय दुकान की बताई जा रही है। रविवार शाम कुछ युवक बोलेरो और ओमनी वैन से वहां पहुंचे थे। इसके बाद किसी बात को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद शुरू हो गया। विवाद बढ़ने पर दुकान के बाहर रखा सामान तोड़ दिया गया। इस दौरान दुकान में मौजूद ब्रजनारेश सिंह ने युवकों को तोड़फोड़ करने से रोकने की कोशिश की। आरोप है कि उनके रोकने पर युवक और अधिक नाराज हो गए और उन्होंने ब्रजनारेश सिंह पर डंडे से हमला कर दिया।

    पिता पर हमला होते देख उनके बेटे अंकित सिंह ने बीच बचाव किया और उन्हें बचाने की कोशिश की। इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच मारपीट शुरू हो गई। दुकान के आसपास मौजूद लोगों ने भी घटना देखी। कुछ देर तक चले विवाद के बाद मामला शांत हुआ लेकिन तब तक दुकान के बाहर रखा सामान क्षतिग्रस्त हो चुका था। घटना की सूचना पुलिस को दी गई जिसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची।

    मामले में दुकान संचालक अंकित सिंह की शिकायत पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है। चित्रकूट थाना प्रभारी नीलेश तिवारी के मुताबिक विवाद के पीछे दोनों पक्षों के बीच पुरानी रंजिश की बात सामने आई है। शिकायत के आधार पर वरुण तिवारी और अन्य लोगों के नाम सामने आए हैं। पुलिस अब पूरे मामले की जानकारी जुटाने के साथ विवाद की वजह और घटना में शामिल लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।

    घटना से जुड़ा सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद पुलिस की जांच को भी दिशा मिली है। फुटेज में कुछ युवक दुकान के बाहर मारपीट और तोड़फोड़ करते नजर आ रहे हैं। पुलिस इसी फुटेज के आधार पर अन्य आरोपियों की पहचान करने में जुटी है। पुलिस का कहना है कि जिन लोगों की पहचान फुटेज और जांच के आधार पर होगी उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

    पुलिस ने सोमवार सुबह मामले में दो आरोपियों को हिरासत में लिया है। उनसे पूछताछ की जा रही है। वहीं अन्य लोगों की भूमिका की जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज और शिकायत में सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    चाय दुकान पर हुए इस विवाद ने आसपास के लोगों को भी हैरान कर दिया। पुरानी रंजिश के चलते शुरू हुआ विवाद कुछ ही देर में मारपीट और तोड़फोड़ तक पहुंच गया। फिलहाल पुलिस दोनों पक्षों से जुड़ी जानकारी जुटा रही है और घटना में शामिल अन्य लोगों की पहचान करने का प्रयास कर रही है। दो आरोपियों को हिरासत में लेने के बाद पुलिस की कार्रवाई आगे भी जारी है।

  • हड़ताल के बीच धार्मिक रास्ता अपनाया, सतना में संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों का सुंदरकांड पाठ

    हड़ताल के बीच धार्मिक रास्ता अपनाया, सतना में संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों का सुंदरकांड पाठ


    मध्य प्रदेश । सतना जिले में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों का आंदोलन लगातार तीसरे दिन भी जारी रहा। इस दौरान कर्मचारियों ने विरोध को आध्यात्मिक रूप देते हुए भगवान श्रीराम और बजरंगबली की आराधना के साथ सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया। इसके बाद सद्बुद्धि यज्ञ किया गया, जिसमें कर्मचारियों ने सरकार और प्रशासन को “सद्बुद्धि” देने और लंबित मांगों के शीघ्र समाधान की प्रार्थना की।

    सामूहिक प्रार्थना और बड़ी भागीदारी
    इस कार्यक्रम में जिले भर से बड़ी संख्या में संविदा कर्मचारी शामिल हुए। वातावरण में भक्ति और मांगों को लेकर गंभीरता—दोनों का मिश्रण देखने को मिला। कर्मचारियों ने कहा कि उनका आंदोलन किसी व्यक्ति या संस्था के खिलाफ नहीं है, बल्कि यह उनके अधिकार, सम्मानजनक भविष्य और सेवा सुरक्षा की मांग को लेकर है।

    कर्मचारियों की प्रमुख मांगें
    आंदोलनरत कर्मचारियों ने सरकार के सामने कई महत्वपूर्ण मांगें रखी हैं:
    नियमितीकरण का लाभ देना
    एनपीएस और स्वास्थ्य बीमा लागू करना
    हर साल 10% वेतन वृद्धि
    महंगाई भत्ता (DA) देना
    CHO के वेतन में PBI समायोजन
    वेतन विसंगतियों का पुनः परीक्षण
    समान कार्य के लिए समान वेतन
    सेवा सुरक्षा और सामाजिक सुरक्षा

     सरकार से समाधान की उम्मीद
    कर्मचारियों का कहना है कि वे वर्षों से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। उन्हें उम्मीद है कि सरकार सकारात्मक निर्णय लेकर स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े हजारों परिवारों को राहत देगी।

    आंदोलन का शांतिपूर्ण स्वरूप
    पूरे कार्यक्रम में कर्मचारियों ने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखी। सुंदरकांड और यज्ञ के माध्यम से उन्होंने समाधान की दिशा में सकारात्मक माहौल बनाने की कोशिश की।

  • सतना में वन्यजीव शिकार का खुलासा, डॉग स्क्वॉड की निशानदेही पर घर से खून लगे हथियार बरामद

    सतना में वन्यजीव शिकार का खुलासा, डॉग स्क्वॉड की निशानदेही पर घर से खून लगे हथियार बरामद


    सतना । सतना जिले के सगमनिया क्षेत्र में वन विभाग ने वन्यजीव शिकार से जुड़े एक संदिग्ध मामले का बड़ा खुलासा किया है। बीट खम्हरिया के अंतर्गत ग्राम पंचायत नैना सगमनिया में पानी की टंकी के पास किसी वन्य प्राणी के शिकार की सूचना मिलने के बाद वन अमला सक्रिय हो गया और मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की गई।

    प्रारंभिक निरीक्षण के दौरान घटनास्थल पर खून के नमूने मिलने से मामले की गंभीरता और बढ़ गई। इसके बाद वन विभाग ने डॉग स्क्वॉड की मदद ली। प्रशिक्षित डॉग “स्पार्टन” को मौके पर सर्चिंग के लिए लगाया गया, जिसने जांच के दौरान पास में स्थित रामाधार बंसल के घर की ओर स्पष्ट संकेत दिया।

    घर पर ताला लगा होने के कारण अधिकारियों को आशंका हुई कि अंदर वन्यजीव शिकार से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्य हो सकते हैं। इस पर वन परिक्षेत्राधिकारी शुभम दुबे की अनुशंसा पर उप वन मंडल अधिकारी बहादुर सिंह द्वारा सर्च वारंट जारी किया गया। वारंट मिलने के बाद टीम ने घर की तलाशी ली।

    तलाशी के दौरान घर के भीतर से खून से सने हथियार, एक तराजू और वन्य प्राणी के बाल बरामद किए गए। वन विभाग ने सभी सामान को जब्त कर लिया है और मामले की जांच तेज कर दी है।

    वन विभाग ने इस मामले में वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत प्रकरण दर्ज किया है। अधिकारियों का कहना है कि अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि शिकार किस वन्य प्राणी का किया गया था। घटनास्थल से मिले साक्ष्यों को सुरक्षित रख लिया गया है।

    बरामद किए गए बाल और खून के नमूनों को डीएनए जांच के लिए जबलपुर स्थित फोरेंसिक प्रयोगशाला भेजा जाएगा। रिपोर्ट आने के बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि किस वन्यजीव का शिकार किया गया था और मामले में किन लोगों की संलिप्तता है।

    वन विभाग ने कहा है कि जांच के आधार पर आगे की सख्त कार्रवाई की जाएगी और दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।

  • सतना में स्कॉर्पियो सवारों का हंगामा, पत्थरबाजी के बाद चलाई गोली; 7 पर FIR, एक हिरासत में

    सतना में स्कॉर्पियो सवारों का हंगामा, पत्थरबाजी के बाद चलाई गोली; 7 पर FIR, एक हिरासत में


    सतना । सतना जिले के कोलगवां थाना क्षेत्र अंतर्गत टिकुरिया टोला-बाइपास के पास मंगलवार देर शाम उस समय अफरा-तफरी मच गई जब स्कॉर्पियो सवार युवकों ने मजदूरों के एक समूह पर हमला कर दिया। विवाद इतना बढ़ा कि पहले पत्थरबाजी हुई और फिर पिस्टल से फायरिंग तक की नौबत आ गई। घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर एक आरोपी को हिरासत में ले लिया है, जबकि वाहन को जब्त कर लिया गया है।

    जानकारी के अनुसार, ईंट-भट्टे के पास बैठे मजदूरों के बीच उस समय तनाव पैदा हो गया जब स्कॉर्पियो (एमपी 19 सीबी 1665) वहां आकर रुकी। वाहन से एक युवक नीचे उतरा और कथित रूप से सार्वजनिक स्थान पर अनुचित हरकत करने लगा। इस पर मजदूरों में शामिल एक महिला गुड़िया प्रजापति ने आपत्ति जताई, जिससे विवाद शुरू हो गया।

    आरोप है कि आपत्ति जताने पर युवक ने गाली-गलौज करते हुए महिला पर पत्थर फेंक दिया, जिससे वह घायल हो गई। इसके बाद स्कॉर्पियो में सवार अन्य 5-6 युवक भी मौके पर उतर आए और मजदूरों से मारपीट शुरू कर दी। कुछ ही देर में स्थिति और बिगड़ गई।

    इसी दौरान आरोपियों में शामिल प्रभु सिंह परिहार ने विनोद प्रजापति को जान से मारने की धमकी देते हुए पिस्टल से फायर कर दिया। हालांकि, विनोद प्रजापति समय रहते झुक गए, जिससे गोली उन्हें नहीं लगी और एक बड़ा हादसा टल गया।

    गोली चलने की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए, जिससे अफरा-तफरी मच गई। भीड़ को बढ़ता देख आरोपी अपनी स्कॉर्पियो छोड़कर भागने लगे। स्थानीय लोगों ने भाग रहे आरोपियों में से एक युवक को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया।

    सूचना मिलने पर कोलगवां थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने स्कॉर्पियो को क्रेन की मदद से जब्त कर थाने भेज दिया है। साथ ही घटना में शामिल अन्य फरार आरोपियों की तलाश शुरू कर दी गई है।

    पुलिस ने इस मामले में कुल 7 आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं और आर्म्स एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया है। अधिकारियों के अनुसार, मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी गई है और जल्द ही सभी आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी।
    सतना जिले के कोलगवां थाना क्षेत्र अंतर्गत टिकुरिया टोला-बाइपास के पास मंगलवार देर शाम उस समय अफरा-तफरी मच गई जब स्कॉर्पियो सवार युवकों ने मजदूरों के एक समूह पर हमला कर दिया। विवाद इतना बढ़ा कि पहले पत्थरबाजी हुई और फिर पिस्टल से फायरिंग तक की नौबत आ गई। घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर एक आरोपी को हिरासत में ले लिया है, जबकि वाहन को जब्त कर लिया गया है।

    जानकारी के अनुसार, ईंट-भट्टे के पास बैठे मजदूरों के बीच उस समय तनाव पैदा हो गया जब स्कॉर्पियो (एमपी 19 सीबी 1665) वहां आकर रुकी। वाहन से एक युवक नीचे उतरा और कथित रूप से सार्वजनिक स्थान पर अनुचित हरकत करने लगा। इस पर मजदूरों में शामिल एक महिला गुड़िया प्रजापति ने आपत्ति जताई, जिससे विवाद शुरू हो गया।

    आरोप है कि आपत्ति जताने पर युवक ने गाली-गलौज करते हुए महिला पर पत्थर फेंक दिया, जिससे वह घायल हो गई। इसके बाद स्कॉर्पियो में सवार अन्य 5-6 युवक भी मौके पर उतर आए और मजदूरों से मारपीट शुरू कर दी। कुछ ही देर में स्थिति और बिगड़ गई।

    इसी दौरान आरोपियों में शामिल प्रभु सिंह परिहार ने विनोद प्रजापति को जान से मारने की धमकी देते हुए पिस्टल से फायर कर दिया। हालांकि, विनोद प्रजापति समय रहते झुक गए, जिससे गोली उन्हें नहीं लगी और एक बड़ा हादसा टल गया।

    गोली चलने की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए, जिससे अफरा-तफरी मच गई। भीड़ को बढ़ता देख आरोपी अपनी स्कॉर्पियो छोड़कर भागने लगे। स्थानीय लोगों ने भाग रहे आरोपियों में से एक युवक को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया।

    सूचना मिलने पर कोलगवां थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने स्कॉर्पियो को क्रेन की मदद से जब्त कर थाने भेज दिया है। साथ ही घटना में शामिल अन्य फरार आरोपियों की तलाश शुरू कर दी गई है।

    पुलिस ने इस मामले में कुल 7 आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं और आर्म्स एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया है। अधिकारियों के अनुसार, मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी गई है और जल्द ही सभी आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी।

  • सतना–मैहर में 12 लाख क्विंटल गेहूं खुले में, बारिश से खतरे की आशंका बढ़ी

    सतना–मैहर में 12 लाख क्विंटल गेहूं खुले में, बारिश से खतरे की आशंका बढ़ी


    सतना । सतना और मैहर जिलों में समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी पूरी होने के बाद अब भंडारण और परिवहन व्यवस्था गंभीर संकट में फंस गई है। खरीदी बंद हुए 48 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बावजूद करीब 12 लाख क्विंटल गेहूं अब भी विभिन्न उपार्जन केंद्रों में खुले आसमान के नीचे पड़ा हुआ है।

    दोनों जिलों में इस वर्ष बड़े पैमाने पर गेहूं की खरीदी की गई थी। आंकड़ों के अनुसार लगभग 57 हजार किसानों से करीब 38 लाख क्विंटल गेहूं खरीदा गया। लेकिन खरीदी प्रक्रिया समाप्त होने के बाद उठाव और भंडारण की रफ्तार बेहद धीमी हो गई, जिससे बड़ी मात्रा में अनाज केंद्रों पर ही जमा रह गया।

    अब तक केवल लगभग 26 लाख क्विंटल गेहूं ही गोदामों तक पहुंच पाया है, जबकि शेष 12 लाख क्विंटल से अधिक गेहूं अभी भी उपार्जन केंद्रों पर रखा हुआ है। कई स्थानों पर यह गेहूं अस्थायी रूप से खुले में ढेर बनाकर रखा गया है, जिससे मौसम खराब होने पर भारी नुकसान का खतरा बढ़ गया है।

    इस स्थिति का सीधा असर किसानों के भुगतान पर भी पड़ा है। सरकारी नियमों के अनुसार किसानों को उनकी उपज का भुगतान तभी किया जाता है, जब खरीदे गए अनाज का परिवहन और भंडारण पूरा हो जाता है। फिलहाल करीब 313 करोड़ रुपये का भुगतान अटका हुआ है, जिससे हजारों किसान परेशान हैं और लगातार भुगतान की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

    किसानों और समितियों का कहना है कि मुख्य समस्या परिवहन व्यवस्था की धीमी गति है। पर्याप्त वाहनों की उपलब्धता न होने और भंडारण केंद्रों में क्षमता की कमी के कारण गेहूं का उठाव समय पर नहीं हो पा रहा है। इसके चलते उपार्जन केंद्रों पर लगातार दबाव बढ़ता जा रहा है।

    स्थिति को और गंभीर बनाने वाली बात मौसम में आया बदलाव है। पिछले कुछ दिनों से क्षेत्र में बादल और हल्की बारिश जैसी स्थिति बनी हुई है। मौसम विभाग की संभावित बारिश की चेतावनियों ने प्रशासन की चिंता और बढ़ा दी है। यदि तेज बारिश होती है तो खुले में रखा लाखों क्विंटल गेहूं भीग सकता है, जिससे उसकी गुणवत्ता खराब होने की आशंका है।

    इससे न केवल किसानों की मेहनत पर असर पड़ेगा, बल्कि सरकारी खरीद व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ सकते हैं। पहले से ही उठाव में देरी को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं और अब मौसम का खतरा स्थिति को और गंभीर बना रहा है।

    प्रशासन के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती यही है कि कैसे तेजी से परिवहन व्यवस्था को दुरुस्त कर सभी उपार्जन केंद्रों से गेहूं का सुरक्षित उठाव कराया जाए। साथ ही किसानों को लंबित भुगतान जल्द से जल्द दिलाना भी प्राथमिकता बन गई है।

    फिलहाल हालात यह हैं कि लाखों क्विंटल गेहूं खुले में पड़ा है और किसान उम्मीद लगाए बैठे हैं कि जल्द व्यवस्था सुधरेगी, ताकि उनकी मेहनत सुरक्षित रह सके और भुगतान समय पर मिल सके।

  • सतना बाईपास पर बस-बाइक की भीषण टक्कर, युवक की मौत, एक घायल

    सतना बाईपास पर बस-बाइक की भीषण टक्कर, युवक की मौत, एक घायल


    मध्‍य प्रदेश।  सतना-मैहर बाईपास पर शनिवार सुबह करीब 10 बजे एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया, जिसमें एक युवक की मौत हो गई और एक अन्य गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसा कोलगवां थाना क्षेत्र के उतैली मोड़ के पास हुआ, जहां सतना से मैहर जा रही अभय ट्रेवल्स की बस (MP 19 P 0685) ने सामने से आ रही बाइक को जोरदार टक्कर मार दी।

    टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक पर सवार तीन लोग सड़क पर दूर जा गिरे। हादसे में 25 वर्षीय विवेक यादव (पिता रक्कू यादव) की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 24 वर्षीय विनय यादव (पिता लक्खू यादव) गंभीर रूप से घायल हो गया। बाइक पर सवार 30 वर्षीय वंदना यादव (पति विकास) को भी चोटें आई हैं।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर के बाद बस चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। बस में सवार यात्री भी घटना के बाद नीचे उतरकर वहां से चले गए। स्थानीय लोगों ने तुरंत डायल 112 को सूचना दी और घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया।

    अस्पताल में डॉक्टरों ने विवेक यादव को मृत घोषित कर दिया, जबकि विनय यादव के सीने में गंभीर अंदरूनी चोटें बताई गई हैं और उसका इलाज जारी है। वंदना यादव को मामूली चोटें आई हैं और उसकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है।

    जानकारी के अनुसार, तीनों लोग चकदही गांव के यादव परिवार से हैं। मृतक विवेक अपनी भाभी वंदना को डॉक्टर को दिखाने के लिए बाइक से सतना आ रहा था, तभी यह हादसा हो गया। अचानक हुए इस दर्दनाक हादसे से परिवार में शोक की लहर दौड़ गई है।

    पुलिस ने मौके पर पहुंचकर बस को जब्त कर लिया है और फरार चालक की तलाश शुरू कर दी है। कोलगवां थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है और आसपास के CCTV फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं।

    यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा और तेज रफ्तार वाहनों की लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े करता है। स्थानीय लोगों ने बाईपास पर ट्रैफिक नियंत्रण और सख्त निगरानी की मांग की है।

  • सब्जी लेकर लौट रही महिला से लूट की कोशिश, चेन टूटकर बची जान

    सब्जी लेकर लौट रही महिला से लूट की कोशिश, चेन टूटकर बची जान


    सीहोर । सतना जिले के कोलगवां थाना क्षेत्र में दिनदहाड़े चेन स्नेचिंग की कोशिश का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिससे इलाके में दहशत फैल गई है। पूरी घटना पास लगे CCTV कैमरे में रिकॉर्ड हो गई, जिसका फुटेज सामने आने के बाद पुलिस हरकत में आ गई है।

    घटना टिकुरिया टोला की कंधी गली की है, जहां 48 वर्षीय मीरा गुप्ता शुक्रवार शाम बाजार से सब्जी खरीदकर अपने घर लौट रही थीं। जैसे ही वह घर के पास पहुंचीं, तभी एक बाइक सवार नकाबपोश बदमाश ने उन्हें निशाना बना लिया।

    जानकारी के अनुसार, बदमाश ने पहले महिला को ओवरटेक किया और कुछ दूरी आगे जाकर अपनी बाइक वापस मोड़कर लाया। इसके बाद उसने महिला के बराबर आते ही अचानक उनके गले पर झपट्टा मारते हुए सोने की चेन छीनने की कोशिश की।

    हालांकि इस दौरान महिला ने झटका महसूस किया और चेन टूटकर उनके पास ही गिर गई। बदमाश अपने मंसूबे में सफल नहीं हो सका और मौके से तेजी से फरार हो गया। गनीमत रही कि इस घटना में महिला को कोई गंभीर चोट नहीं आई।

    वारदात के वक्त आरोपी ने अपना चेहरा कपड़े से पूरी तरह ढक रखा था, जिससे उसकी पहचान नहीं हो सकी। रिहायशी इलाके में हुई इस घटना से स्थानीय लोगों में भय और आक्रोश का माहौल है।

    घटना के बाद सामने आए CCTV फुटेज के आधार पर पुलिस ने जांच तेज कर दी है। कोलगवां थाना पुलिस ने इलाके में गश्त बढ़ा दी है और संदिग्ध बाइक सवार की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं।

    पुलिस का कहना है कि फुटेज के आधार पर आरोपी की पहचान जल्द कर ली जाएगी और उसे गिरफ्तार किया जाएगा। साथ ही स्थानीय लोगों से अपील की गई है कि वे सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। यह घटना एक बार फिर शहरों में बढ़ती छिनैती की घटनाओं और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाती है।

  • सतना में खाद बिक्री में गड़बड़ी का आरोप, किसान से ज्यादा वसूले पैसे

    सतना में खाद बिक्री में गड़बड़ी का आरोप, किसान से ज्यादा वसूले पैसे


    सतना । सतना जिले के रामपुर बाघेलान क्षेत्र में यूरिया खाद की कालाबाजारी का मामला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है। रिमार गांव स्थित मां वैष्णों एसोसिएट खाद केंद्र पर किसानों से निर्धारित सरकारी दर से अधिक कीमत वसूलने के आरोप लगे हैं। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रशासनिक हलकों में भी हलचल बढ़ गई है।

    जानकारी के अनुसार किसान शिवाकांत शुक्ला ने खाद वितरण में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए वीडियो साझा किया है। शिवाकांत का कहना है कि उन्होंने अपने नाम से 20 बोरी और सुनीता शुक्ला के नाम से 4 बोरी यूरिया खाद के लिए स्लॉट बुक कराया था। जब वह खाद लेने दुकान पहुंचे तो पहले उनसे ओटीपी लिया गया और बाद में प्रति बोरी 310 रुपए की मांग की गई।

    किसान का आरोप है कि यूरिया खाद की सरकारी निर्धारित कीमत 266 रुपए प्रति बोरी है, लेकिन दुकान संचालक अधिक राशि वसूल रहा था। जब उन्होंने अतिरिक्त पैसे देने से इनकार किया, तो विवाद बढ़ गया। शिवाकांत शुक्ला ने आरोप लगाया कि उन्होंने जब इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो बनाना शुरू किया तो दुकान संचालक नाराज हो गया और कथित तौर पर मारपीट की कोशिश करते हुए दबाव बनाने लगा।

    घटना के बाद किसान ने अनुविभागीय अधिकारी यानी एसडीएम को लिखित शिकायत सौंपकर मामले में कार्रवाई की मांग की है। शिकायत में खाद केंद्र संचालक पर ओवररेटिंग और किसानों को परेशान करने के आरोप लगाए गए हैं।

    इस मामले के सामने आने के बाद क्षेत्र के अन्य किसानों में भी नाराजगी बढ़ गई है। किसानों का कहना है कि खेती के सीजन में खाद की मांग बढ़ने के साथ ही कई दुकानों पर ओवररेटिंग और कालाबाजारी की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। इसके बावजूद जिम्मेदार विभागीय अधिकारी प्रभावी कार्रवाई नहीं कर रहे, जिससे किसानों को मजबूरी में महंगे दामों पर खाद खरीदना पड़ रहा है।

    किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि खाद की बिक्री पर सख्त निगरानी रखी जाए और सरकारी दर से ज्यादा कीमत वसूलने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। वहीं वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने मामले की जांच के संकेत दिए हैं।

    फिलहाल पूरे मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना हुआ है और किसान प्रशासन की कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित खाद केंद्र संचालक पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

  • लाइन में खड़ी महिला एजेंट बनी शिकार, पोस्ट ऑफिस में चोरों ने लगाया लाखों पर हाथ

    लाइन में खड़ी महिला एजेंट बनी शिकार, पोस्ट ऑफिस में चोरों ने लगाया लाखों पर हाथ


    सतना । सतना के मुख्य डाकघर में शुक्रवार दोपहर दिनदहाड़े चोरी की बड़ी वारदात सामने आई। भीड़भाड़ के बीच अज्ञात चोरों ने एक महिला डाक अभिकर्ता के बैग को ब्लेड से काटकर उसमें रखे 77 हजार रुपए पार कर दिए। घटना के बाद डाकघर परिसर में हड़कंप मच गया और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

    पीड़ित महिला कंचन अग्रवाल ने इस संबंध में सिटी कोतवाली पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। कंचन अग्रवाल डालीबाबा पंजाबी मोहल्ला की रहने वाली हैं और डाक अभिकर्ता के रूप में कार्य करती हैं।

    जानकारी के अनुसार शुक्रवार दोपहर करीब 1 बजे कंचन अग्रवाल Bank of India से 86 हजार रुपए निकालकर जयस्तंभ चौक स्थित मुख्य डाकघर पहुंचीं थीं। उनके बैग में पूरी रकम रखी हुई थी। डाकघर में वह 7 हजार रुपए जमा करने के लिए लाइन में खड़ी थीं। इसी दौरान भीड़ का फायदा उठाकर किसी अज्ञात व्यक्ति ने उनके बैग में ब्लेड से चीरा लगा दिया और उसमें से 77 हजार रुपए निकाल लिए।

    कुछ देर बाद जब कंचन अग्रवाल ने अपना बैग देखा तो उसमें रखी नकदी गायब थी। बैग कटा हुआ देखकर उनके होश उड़ गए। घटना की जानकारी मिलते ही डाकघर कर्मचारियों और अधिकारियों में अफरा-तफरी मच गई। तुरंत परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच शुरू की गई।

    प्रारंभिक जांच में दो महिलाओं की गतिविधियां संदिग्ध नजर आई हैं। पुलिस को आशंका है कि चोरी की वारदात में इन महिलाओं का हाथ हो सकता है। हालांकि अब तक उनकी पहचान आधिकारिक रूप से नहीं हो सकी है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर संदिग्धों की तलाश में जुटी हुई है।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि मुख्य डाकघर परिसर में इस तरह की घटनाएं पहले भी सामने आ चुकी हैं। बावजूद इसके सुरक्षा व्यवस्था मजबूत नहीं की गई। भीड़भाड़ वाले स्थानों पर सक्रिय गिरोह महिलाओं और बुजुर्गों को निशाना बना रहे हैं। घटना के बाद लोगों ने डाकघर परिसर में सुरक्षा बढ़ाने और संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी रखने की मांग की है।

    फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और सीसीटीवी फुटेज के जरिए आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही संदिग्ध महिलाओं की पहचान कर कार्रवाई की जाएगी।