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  • सतना में भाजपा का कांग्रेस पर तीखा हमला: “विचारधारा नहीं होने से बार-बार हुआ विघटन”

    सतना में भाजपा का कांग्रेस पर तीखा हमला: “विचारधारा नहीं होने से बार-बार हुआ विघटन”


    मध्य प्रदेश । मध्यप्रदेश के सतना में रविवार को भारतीय जनता पार्टी के जिलास्तरीय ‘पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण वर्ग’ का शुभारंभ किया गया। इस कार्यक्रम में पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं की बड़ी मौजूदगी देखने को मिली। कार्यक्रम के दौरान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष Hemant Khandelwal ने अपने संबोधन में कांग्रेस पर सीधा राजनीतिक हमला बोला।

    कांग्रेस पर तीखा वार: “विचारधारा ही नहीं”
    हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि कांग्रेस की अपनी कोई स्पष्ट विचारधारा नहीं रही, इसी वजह से वह कई बार विभाजित हुई। उन्होंने कहा कि इसके विपरीत भाजपा हमेशा अपने सिद्धांतों और वैचारिक आधार पर मजबूती से खड़ी रही है और आज दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी बन चुकी है। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा का संगठन कार्यकर्ताओं की मेहनत और समर्पण पर टिका है, जिसने पार्टी को मजबूती दी है।

    “राष्ट्र प्रथम” की विचारधारा पर जोर
    प्रशिक्षण वर्ग में ‘वैचारिक अधिष्ठान’ विषय पर बोलते हुए संगठन के संभागीय प्रभारी विजय दुबे ने कहा कि भाजपा एक विचारधारा आधारित दल है, जो “राष्ट्र प्रथम” की अवधारणा पर काम करता है। राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी ने कहा कि पार्टी कार्यकर्ता समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचकर सेवा कार्य कर रहे हैं और जनहित को सर्वोपरि रख रहे हैं।

    🇮🇳 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य
    सांसद गणेश सिंह ने केंद्र सरकार की योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश तेजी से विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाना है।

    संगठन को मजबूत करने पर फोकस
    कार्यक्रम में नेताओं ने स्पष्ट किया कि इस प्रशिक्षण वर्ग का उद्देश्य अनुशासित और प्रशिक्षित कार्यकर्ताओं का निर्माण करना है, जो जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत करें। कार्यक्रम में कई वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी मौजूद रहे और संगठन विस्तार व जनसंपर्क रणनीति पर विचार साझा किए गए।

  • रीवा घटना के विरोध में सड़क पर उतरा जैन समाज, सतना में दिखा आक्रोश

    रीवा घटना के विरोध में सड़क पर उतरा जैन समाज, सतना में दिखा आक्रोश


    मध्य प्रदेश । मध्यप्रदेश के सतना में सोमवार को जैन समाज ने रीवा में हुई दर्दनाक सड़क दुर्घटना के विरोध में मौन जुलूस निकाला। यह जुलूस पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा, जिसमें समाज के सैकड़ों लोग शामिल हुए। लोगों के हाथों में संतों की सुरक्षा से जुड़े पोस्टर थे और पूरे मार्ग में मौन रहकर श्रद्धांजलि और विरोध दर्ज कराया गया। यह जुलूस पन्नीलाल चौक से शुरू होकर सिटी कोतवाली परिसर में समाप्त हुआ।

     जीतू पटवारी समेत सर्व समाज की भागीदारी
    इस मौन जुलूस में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष Jitu Patwari भी शामिल हुए। उनके साथ सर्व समाज के लोग और बड़ी संख्या में महिलाएं भी मौजूद रहीं। सभी ने मिलकर हादसे में जान गंवाने वाली साध्वियों को श्रद्धांजलि दी और न्याय की मांग उठाई। श्रद्धांजलि सभा में वक्ताओं ने कहा कि यह घटना केवल एक सड़क दुर्घटना नहीं, बल्कि गंभीर लापरवाही का परिणाम है, जिसकी निष्पक्ष जांच जरूरी है।

     राष्ट्रपति के नाम सौंपा गया ज्ञापन
    प्रदर्शन के बाद सर्व समाज के प्रतिनिधियों ने राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन एसडीएम सिटी राहुल सिलाडिया को सौंपा। इसमें मांग की गई कि-
    जैन साधु-संतों की सुरक्षा के लिए विशेष नीति बनाई जाए
    रीवा हादसे की उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच हो
    यदि साजिश की पुष्टि होती है, तो दोषियों पर कठोर कार्रवाई की जाए

    क्या है पूरा मामला?
    यह घटना रीवा में उस समय हुई जब पैदल विहार कर रही तीन जैन आर्यिका माताओं को एक तेज रफ्तार कार ने टक्कर मार दी थी। हादसे में दो साध्वियों की मौत हो गई, जबकि एक गंभीर रूप से घायल हैं। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी कार चालक को गिरफ्तार कर लिया है। घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिससे मामला और गंभीर हो गया है।

    न्याय की मांग तेज
    सतना में हुए इस मौन जुलूस ने पूरे क्षेत्र में संवेदनशीलता और न्याय की मांग को और मजबूत कर दिया है। समाज का कहना है कि यह केवल एक हादसा नहीं, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कदम उठाने की जरूरत है।

  • सतना में बड़ा खुलासा: ट्रेजरी और समग्र आईडी लिंक होते ही सामने आया मामला

    सतना में बड़ा खुलासा: ट्रेजरी और समग्र आईडी लिंक होते ही सामने आया मामला


    मध्यप्रदेश । मध्यप्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी लाड़ली बहना योजना में सतना जिले से बड़ा अनियमितता मामला सामने आया है। जिले में 27 ऐसी महिलाओं की पहचान हुई है, जो सरकारी सेवा में होने के बावजूद हर महीने योजना के तहत 1500 रुपए की राशि ले रही थीं। ट्रेजरी सिस्टम में समग्र आईडी लिंक होने के बाद यह फर्जीवाड़ा उजागर हुआ, जिसके बाद प्रशासन और महिला एवं बाल विकास विभाग में हड़कंप मच गया है। अब इन महिलाओं से शासन द्वारा मिली राशि की रिकवरी की तैयारी शुरू कर दी गई है।

    जानकारी के मुताबिक, चिन्हित 27 महिलाओं में से 16 नगर निगम क्षेत्र की कर्मचारी हैं। ये महिलाएं एक तरफ सरकारी खजाने से वेतन ले रही थीं, वहीं दूसरी ओर लाड़ली बहना योजना का लाभ भी लगातार उठा रही थीं। जांच में सामने आया कि इन कर्मचारियों ने अब तक कुल 5 लाख 5 हजार 450 रुपए योजना के तहत अपने खातों में प्राप्त किए हैं। प्रशासन अब यह पता लगाने में जुटा है कि योजना में आवेदन करते समय गलत जानकारी दी गई थी या बाद में सरकारी सेवा मिलने के बावजूद लाभ लेना जारी रखा गया।

    महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों के अनुसार, योजना की शुरुआत में लाभार्थियों का चयन सेल्फ डिक्लेरेशन यानी स्व-घोषणा के आधार पर किया गया था। उस समय समग्र आईडी और ट्रेजरी रिकॉर्ड आपस में लिंक नहीं थे। लगभग एक साल पहले जब सरकारी कर्मचारियों के वेतन भुगतान के लिए समग्र आईडी को ट्रेजरी से जोड़ा गया, तब यह गड़बड़ी पकड़ में आई। इसके बाद विभाग ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी।

    जिला कार्यक्रम अधिकारी राजीव सिंह ने बताया कि संबंधित निकायों की समितियां जांच कर रही हैं। इसमें यह भी देखा जा रहा है कि कहीं कुछ महिलाएं योजना का लाभ लेने के बाद सरकारी सेवा में तो नहीं आईं। साथ ही, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मामलों की भी अलग से जांच होगी, क्योंकि शासन द्वारा उन्हें कुछ विशेष परिस्थितियों में छूट दी गई है।

    प्रशासन ने संबंधित निकायों से इन महिला कर्मचारियों के आधार कार्ड, समग्र आईडी, बैंक खाते और सेवा संबंधी दस्तावेज मांगे हैं। जांच पूरी होने के बाद अपात्र पाए जाने वालों से पूरी राशि वापस ली जाएगी। इस मामले के सामने आने के बाद योजना की पारदर्शिता और सत्यापन प्रक्रिया पर भी सवाल उठने लगे हैं।

    वर्तमान में सतना जिले में लाड़ली बहना योजना के लगभग 3 लाख 76 हजार हितग्राही हैं। योजना के नियमों के अनुसार, सरकारी नौकरी करने वाली महिलाएं, आयकरदाता परिवार और अधिक आय वर्ग के लोग इस योजना के पात्र नहीं हैं। इसके बावजूद बड़ी संख्या में सरकारी कर्मचारी योजना का लाभ ले रहे थे, जिससे प्रशासनिक निगरानी पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

  • कपड़े बेचने आया युवक निकला चोर, नकदी लेकर हुआ फरार

    कपड़े बेचने आया युवक निकला चोर, नकदी लेकर हुआ फरार

    सतना। मध्य प्रदेश के सतना शहर में दिनदहाड़े चोरी की एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के भैंसा खाना इलाके स्थित रामपुर ट्रांसपोर्ट एजेंसी में एक फेरीवाले ने कपड़े बेचने के बहाने 20 हजार रुपये चुरा लिए और मौके से फरार हो गया। इस घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और व्यापारी वर्ग में दहशत फैल गई।

    कपड़े दिखाने के बहाने बनाई चाल, मौका देखते ही उड़ाई नकदी
    जानकारी के अनुसार, ट्रांसपोर्ट एजेंसी के संचालक नरेंद्र द्विवेदी शुक्रवार दोपहर करीब 3 बजे अपनी गद्दी पर बैठे थे। तभी एक अज्ञात फेरीवाला कपड़े बेचने के लिए वहां पहुंचा और उन्हें अलग-अलग कपड़े दिखाने लगा। कपड़े देखने में व्यस्त हुए संचालक का ध्यान भटकाकर फेरीवाले ने बड़ी सफाई से मेज पर रखे 20 हजार रुपये पार कर दिए और बिना किसी को शक हुए वहां से निकल गया।

    कुछ देर बाद खुला राज, पैसे गायब देखकर उड़े होश
    घटना का पता तब चला जब फेरीवाले के जाने के बाद नरेंद्र द्विवेदी ने अपने रुपये देखे। पैसे गायब देखकर उनके होश उड़ गए। उन्होंने तुरंत आसपास पूछताछ शुरू की, लेकिन आरोपी का कोई सुराग नहीं मिला।

    पुलिस ने दर्ज किया मामला, CCTV से हो रही पहचान
    पीड़ित ने देर रात सिटी कोतवाली थाने पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और ट्रांसपोर्ट एजेंसी में लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। फुटेज के आधार पर आरोपी की पहचान करने और उसकी तलाश करने की कोशिश की जा रही है।

    सतना की यह घटना एक बार फिर यह दिखाती है कि छोटी सी लापरवाही भी बड़ी चोरी का कारण बन सकती है। पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी है और जल्द गिरफ्तारी की उम्मीद जताई जा रही है।

  • सतना वेयरहाउस मामला: सर्वेयर की रिपोर्ट के बाद भी गेहूं रखने का आरोप

    सतना वेयरहाउस मामला: सर्वेयर की रिपोर्ट के बाद भी गेहूं रखने का आरोप

    सतना। मध्य प्रदेश के सतना जिले में सरकारी गेहूं खरीदी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। सेवा सहकारी समिति सिजहटा द्वारा करीब 800 बोरी सड़ा और गुणवत्ताहीन गेहूं जबला बाबा वेयरहाउस में भंडारण के लिए भेजा गया। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि सर्वेयरों ने इस पूरे गेहूं को अमानक बताते हुए पहले ही रिजेक्ट कर दिया था, लेकिन इसके बावजूद उसे वेयरहाउस में उतार लिया गया।

    सर्वेयर ने किया था रिजेक्ट, फिर भी रात में हुआ भंडारण
    जानकारी के अनुसार, आरबी एसोसिएट के सर्वेयरों ने जांच के दौरान पाया कि गेहूं में भारी नमी थी और अधिकांश अनाज सड़कर गुच्छों में बदल चुका था। इसे पूरी तरह अनुपयोगी मानते हुए पूरी खेप को फेल कर दिया गया और भंडारण से इनकार कर दिया गया। इसके बाद पंचनामा तैयार कर उच्च अधिकारियों को रिपोर्ट भेजी गई थी।

    रात 8 बजे की ‘चाल’: गैरमौजूदगी में उतारा गया सड़ा अनाज
    सर्वेयरों की अनुपस्थिति का फायदा उठाते हुए शुक्रवार रात करीब 8 बजे पूरी सड़ी हुई खेप को वेयरहाउस के अंदर उतार दिया गया। सरकारी दर के अनुसार 2625 रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से इस 800 बोरी गेहूं की कीमत करीब 10 लाख रुपए से अधिक आंकी जा रही है।

    सीईओ बोले  मुझे जानकारी नहीं, होगी जांच
    मामले पर रामपुर बघेलान सहकारिता सीईओ मनोज गोनकर ने अनभिज्ञता जताई है। उन्होंने कहा कि उन्हें इस तरह खराब गेहूं के भंडारण की जानकारी नहीं है। उन्होंने यह भी संभावना जताई कि बारिश के कारण अनाज खराब हुआ हो सकता है और पूरे मामले की जांच कराई जाएगी।

    सिस्टम पर सवाल, जांच की मांग तेज
    इस घटना ने समर्थन मूल्य खरीदी प्रणाली और वेयरहाउस प्रबंधन की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय स्तर पर मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग उठ रही है।

  • सतना में खसरा का प्रकोप: 15 से अधिक बच्चे संक्रमित, स्वास्थ्यकर्मियों से मांगा जवाब

    सतना में खसरा का प्रकोप: 15 से अधिक बच्चे संक्रमित, स्वास्थ्यकर्मियों से मांगा जवाब


    नई दिल्ली । सतना जिले के नागौद विकासखंड के ग्राम गिंजारा में मीजल्स (खसरा) संक्रमण के कई मामले सामने आने के बावजूद समय पर इसकी सूचना उच्च अधिकारियों तक नहीं पहुंचाने पर स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है।

    मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. मनोज शुक्ला ने उपस्वास्थ्य केंद्र बसुधा की आशा सुपरवाइजर महेश्वरी सिंह, आशा कार्यकर्ता विमला पारासर और एएनएम प्रभा बागरी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। तीनों से तीन दिन के भीतर जवाब मांगा गया है।

    जानकारी के अनुसार, 25 अप्रैल को गिंजारा गांव में एक बच्चे में बुखार और शरीर पर दाने के लक्षण पाए गए थे। बच्चे को सिविल अस्पताल नागौद में भर्ती कराया गया था, जहां मीजल्स की जांच की गई। बाद में विभागीय समीक्षा और आईडीएसपी पोर्टल की रिपोर्ट से पता चला कि मई महीने में गांव में 15 से अधिक बच्चे इस संक्रमण की चपेट में आ चुके थे।

    स्वास्थ्य विभाग ने नोटिस में स्पष्ट कहा है कि यह एक अत्यंत संक्रामक बीमारी है, जो खांसने, छींकने और संक्रमित व्यक्ति के संपर्क से तेजी से फैलती है। ऐसे मामलों में तत्काल सूचना और सक्रिय निगरानी अनिवार्य होती है, लेकिन संबंधित कर्मचारियों ने समय पर रिपोर्टिंग नहीं की।

    विभाग का कहना है कि न केवल सूचना देने में देरी हुई, बल्कि क्षेत्र में संक्रमण नियंत्रण और निगरानी व्यवस्था भी कमजोर पाई गई। आईडीएसपी और आईएचआईपी पोर्टल पर भी मामलों की एंट्री समय पर नहीं की गई।

    सीएमएचओ ने चेतावनी दी है कि यदि तीन दिन के भीतर संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया, तो संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

    यह मामला अब जिले में स्वास्थ्य व्यवस्था और संक्रामक रोगों की रिपोर्टिंग प्रणाली की गंभीरता पर सवाल खड़े कर रहा है।

  • सतना में वन स्टॉप सेंटर से लापता किशोरी का सुराग: रामपुर बघेलान से दूसरी बालिका सकुशल मिली, एक अब भी लापता

    सतना में वन स्टॉप सेंटर से लापता किशोरी का सुराग: रामपुर बघेलान से दूसरी बालिका सकुशल मिली, एक अब भी लापता


    नई दिल्ली। सतना के जवाहरनगर स्थित वन स्टॉप सेंटर (सखी) से 27 अप्रैल को तीन नाबालिग बालिकाओं के लापता होने का मामला सामने आया था। घटना की रिपोर्ट सेंटर की प्रशासक नीता श्रीवास्तव द्वारा दर्ज कराई गई, जिसके बाद सिटी कोतवाली पुलिस ने तत्काल जांच शुरू कर दी थी।
    मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक हंसराज सिंह ने विशेष टीम गठित कर बालिकाओं की तलाश तेज करने के निर्देश दिए थे।

    तकनीकी इनपुट और मुखबिर की मदद से मिली दूसरी सफलता
    पुलिस ने लगातार तलाश अभियान चलाते हुए पहले चरण में 30 अप्रैल को एक बालिका को कटनी से सकुशल बरामद किया था। अब 3 मई को दूसरी किशोरी को रामपुर बघेलान क्षेत्र से सुरक्षित दस्तयाब कर लिया गया है।
    पुलिस के अनुसार, दोनों किशोरियों को सुरक्षित परिजनों या संबंधित संरक्षण व्यवस्था में सौंपने की प्रक्रिया जारी है।

    तीसरी किशोरी अब भी लापता, यूपी के बिजनौर की रहने वाली है
    तीनों में से एक नाबालिग बालिका अभी भी लापता है, जिसकी तलाश पुलिस लगातार कर रही है। जानकारी के अनुसार, यह किशोरी उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले की निवासी है। पुलिस टीम विभिन्न तकनीकी और खुफिया इनपुट के आधार पर उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।

    पुलिस ने घोषित किया था इनाम, तलाश अभियान जारी
    तीनों बालिकाओं के लापता होने के बाद पुलिस अधीक्षक हंसराज सिंह ने उनके बारे में पुख्ता जानकारी देने पर 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। इसके बाद से ही पुलिस ने खोजबीन अभियान को और तेज कर दिया है।

    प्रशासन सतर्क, तीसरी किशोरी की सुरक्षित वापसी पर फोकस
    दो किशोरियों की बरामदगी के बाद पुलिस प्रशासन ने राहत की सांस ली है, लेकिन तीसरी बालिका की बरामदगी अब भी प्राथमिकता बनी हुई है। अधिकारियों का कहना है कि उसे जल्द से जल्द सुरक्षित वापस लाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।

  • शादी समारोह के दौरान हुई वारदात, दिव्यांग युवती से किया गया जघन्य अपराध

    शादी समारोह के दौरान हुई वारदात, दिव्यांग युवती से किया गया जघन्य अपराध


    नई दिल्ली। सतना जिले के सभापुर क्षेत्र में 29 अप्रैल को एक शादी समारोह के दौरान हुई घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया था। आरोप है कि चार लोगों ने मिलकर 20 वर्षीय मूकबधिर दिव्यांग युवती को जबरन कार में खींचा और उसके साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। इस गंभीर घटना के सामने आने के बाद पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी।

     तेजी से हुई पुलिस कार्रवाई, तीन आरोपी सलाखों के पीछे

    पुलिस अधीक्षक हंसराज सिंह द्वारा आरोपियों की गिरफ्तारी पर 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था, जिसके बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई शुरू की।

    सबसे पहले मुख्य आरोपी किशन सिंह को गिरफ्तार किया गया। इसके बाद 72 घंटे के भीतर दूसरे आरोपी अभयानंद द्विवेदी को भी पुलिस ने दबोच लिया। जांच को आगे बढ़ाते हुए रविवार को तीसरे आरोपी अमन उर्फ रवि गुप्ता को भी मुखबिर की सूचना पर गिरफ्तार किया गया।

     कोर्ट में पेशी के बाद आरोपी को जेल भेजा गया

    गिरफ्तारी के बाद अमन गुप्ता को अदालत में पेश किया गया, जहां से न्यायिक प्रक्रिया के तहत उसे जेल भेज दिया गया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जांच के दौरान मिले साक्ष्यों और पीड़िता के बयान के आधार पर कार्रवाई आगे बढ़ाई जा रही है।

     चौथा आरोपी अब भी फरार, पुलिस कर रही लगातार तलाश

    इस मामले में अब भी चौथा आरोपी विकास उर्फ गोलू गुप्ता फरार है। पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है और संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है।

    इसके साथ ही पुलिस आरोपी की संपत्ति और संपर्कों का भी ब्यौरा जुटा रही है, ताकि उसे जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जा सके।

    संवेदनशील मामला, पुलिस की सख्त निगरानी जारी

    यह मामला बेहद संवेदनशील होने के कारण पुलिस प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर गंभीरता से निगरानी रखे हुए है। अधिकारियों का कहना है कि फरार आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा और मामले में कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

  • सतना के देवलहा बीट में आग का तांडव वनकर्मी बेहोश सैकड़ों पेड़ पौधे जलकर नष्ट

    सतना के देवलहा बीट में आग का तांडव वनकर्मी बेहोश सैकड़ों पेड़ पौधे जलकर नष्ट

    सतना । सतना जिले के वन मंडल अंतर्गत मझगवां रेंज के रोहनिया गांव के पास स्थित देवलहा बीट में अचानक भड़की भीषण आग ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया आग कक्ष क्रमांक पी 839 और पी 840 के जंगल में अज्ञात कारणों से शुरू हुई और देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया तेज हवाओं और सूखी झाड़ियों के कारण आग ने इतनी तेजी पकड़ी कि लगभग पंद्रह से बीस हेक्टेयर वन क्षेत्र इसकी चपेट में आ गया

    आग की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि लपटें दस से बारह फीट तक ऊंची उठ रही थीं और दूर से ही धुएं का गुबार आसमान में फैलता नजर आ रहा था आसपास के ग्रामीणों में भी दहशत का माहौल बन गया वहीं वन विभाग को जैसे ही सूचना मिली पूरा अमला तत्काल मौके पर पहुंचा और आग बुझाने का अभियान शुरू किया गया

    प्रभारी रेंजर अभिषेक मिश्रा के अनुसार आग मुख्य रूप से लेंटाना और सूखी झाड़ियों में लगी थी लेकिन हवा की तेज रफ्तार और तुलसा की सूखी वनस्पतियों ने इसे और भड़काने का काम किया जिससे आग पर नियंत्रण पाना बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि आग तेजी से फैलते हुए बड़े हिस्से को अपनी चपेट में लेती चली गई

    आग बुझाने के लिए वन विभाग के करीब पच्चीस सुरक्षा श्रमिकों की टीम को मैदान में उतारा गया जिन्होंने फायर बीटर्स और लीफ ब्लोअर जैसे उपकरणों की मदद से लगातार सात घंटे तक संघर्ष किया यह एक कठिन और जोखिम भरा अभियान था जिसमें हर पल सतर्कता और साहस की जरूरत थी आखिरकार लंबी मशक्कत के बाद रात करीब आठ बजे आग पर काबू पाया जा सका

    इस दौरान आग की भीषण गर्मी और धुएं के कारण दो वनकर्मी रामकृष्ण पांडेय और गोविंद यादव बेहोश हो गए दोनों को तत्काल मझगवां के शासकीय चिकित्सालय ले जाया गया जहां उन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया डॉक्टरों के अनुसार दोनों की हालत अब स्थिर है और लगभग तीन घंटे बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई

    इस घटना ने एक बार फिर जंगलों में बढ़ते आग के खतरे और सुरक्षा व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं गर्मी के मौसम में सूखी वनस्पतियां और तेज हवाएं ऐसी घटनाओं को और खतरनाक बना देती हैं वन विभाग के लिए यह एक चेतावनी भी है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए और अधिक सतर्कता और मजबूत इंतजाम किए जाएं

    देवलहा का यह अग्निकांड न केवल वन संपदा के नुकसान की कहानी कहता है बल्कि यह भी दर्शाता है कि प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा के लिए कितनी बड़ी चुनौती सामने खड़ी है समय रहते ठोस कदम उठाना अब बेहद जरूरी हो गया है

  • आग बुझाने गया किसान खुद बन गया शिकार, सतना में 80 वर्षीय बुजुर्ग की मौत

    आग बुझाने गया किसान खुद बन गया शिकार, सतना में 80 वर्षीय बुजुर्ग की मौत


    सतना । सतना जिले में एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया जहां अरहर के खेत में लगी आग बुझाने के प्रयास में एक वृद्ध किसान की झुलसकर मौत हो गई। यह घटना बरौंधा थाना क्षेत्र के बकोटा गांव की है जहां मंगलवार दोपहर अचानक खेत में आग भड़क उठी और देखते ही देखते उसने विकराल रूप ले लिया।

    पुलिस सूत्रों के अनुसार बकोटा गांव निवासी 80 वर्षीय मुरलिया यादव अपने खेत में लगी आग को बुझाने के लिए मौके पर पहुंचे थे। आग तेजी से फैल रही थी और आसपास की फसलों को भी अपनी चपेट में ले रही थी। ऐसे में मुरलिया यादव ने बिना अपनी सुरक्षा की परवाह किए आग बुझाने का प्रयास शुरू किया लेकिन इसी दौरान वे लपटों में घिर गए और गंभीर रूप से झुलस गए।

    ग्रामीणों ने घटना को देख तुरंत मौके पर पहुंचकर आग बुझाने का प्रयास किया और मुरलिया यादव को बाहर निकालने की कोशिश की लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि उन्हें गंभीर रूप से जलने से बचाया नहीं जा सका। घटना के बाद गांव में शोक का माहौल छा गया और हर कोई इस हादसे से स्तब्ध नजर आया।

    सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि खेत में आग अचानक लगी हालांकि आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

    ग्रामीणों का कहना है कि गर्मी के मौसम में खेतों में सूखी फसल और तेज हवाओं के कारण आग लगने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। ऐसे में थोड़ी सी चिंगारी भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे मामलों में जागरूकता अभियान चलाया जाए और किसानों को सुरक्षा उपायों के बारे में जानकारी दी जाए।

    यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि खेतों में आग लगने की स्थिति में बिना सुरक्षा के उसे बुझाने का प्रयास कितना खतरनाक हो सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि आग लगने पर तुरंत फायर ब्रिगेड या संबंधित अधिकारियों को सूचना देना चाहिए और खुद जोखिम उठाने से बचना चाहिए।

    मुरलिया यादव का यह बलिदान गांव के लोगों के लिए एक बड़ी क्षति है। वे अपने परिवार और समुदाय के लिए समर्पित किसान थे। इस दुखद घटना ने न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे गांव को गहरे सदमे में डाल दिया है।

    प्रशासन और पुलिस अब इस घटना की जांच कर रहे हैं और आग लगने के वास्तविक कारणों का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं। वहीं ग्रामीणों को भी सतर्क रहने और भविष्य में ऐसे हादसों से बचने के लिए सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।