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  • विंध्य में बाढ़ से बिगड़े हालात, कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर; सतना-रीवा में स्कूल बंद

    विंध्य में बाढ़ से बिगड़े हालात, कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर; सतना-रीवा में स्कूल बंद


    रीवा।
    मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्से में सक्रिय मानसूनी सिस्टम के चलते लगातार हो रही बारिश ने विंध्य क्षेत्र में हालात बिगाड़ दिए हैं। रीवा, सतना, मैहर, मऊगंज, सिंगरौली और शहडोल संभाग के कई इलाकों में भारी बारिश के कारण बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। कई नदियों का जलस्तर खतरे के निशान के ऊपर पहुंच गया है, जिससे निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की परेशानी बढ़ गई है।

    सबसे ज्यादा असर सतना और चित्रकूट में दिखाई दे रहा है। चित्रकूट में मंदाकिनी नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। रामघाट इलाके में करीब 400 दुकानें और 20 से 25 होटल पानी की चपेट में आ गए हैं। वहीं, रीवा जिले में बिहार और टमस नदियों के बढ़े जलस्तर के साथ तराई क्षेत्र में बेलन नदी भी उफान पर है।

    बांधों के गेट खुलने से बढ़ा पानी का बहाव

    लगातार बारिश के बीच बांधों से छोड़े जा रहे पानी ने भी स्थिति को और चुनौतीपूर्ण बना दिया है। बाणसागर बांध के आठ गेट खोले जाने के बाद सोन नदी के बहाव में तेजी आई है। इससे नदी के आसपास के क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।

    बेलन नदी पर बने बांध के गेट भी खोल दिए गए हैं। इसके अलावा टमस नदी पर स्थित बकिया बैराज डैम के गेट खोले जाने से तराई क्षेत्र के गांवों में पानी का दबाव बढ़ गया है। लगातार बारिश और बांधों से छोड़े जा रहे पानी के कारण कई निचले इलाकों में जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति बनी हुई है।

    चित्रकूट में रामघाट की दुकानें और होटल डूबे

    चित्रकूट में लगातार बारिश के कारण मंदाकिनी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। रामघाट क्षेत्र में पानी भरने से करीब 400 दुकानें और 20 से 25 होटल प्रभावित हुए हैं।

    जलस्तर बढ़ने के कारण नदी किनारे रहने वाले लोगों और कारोबारियों के सामने भी परेशानी खड़ी हो गई है। प्रशासन की ओर से लोगों को नदी और जलभराव वाले इलाकों से दूर रहने की सलाह दी जा रही है।

    सतना, रीवा और मैहर में स्कूल-कॉलेज बंद

    लगातार बारिश और बिगड़ते हालात को देखते हुए सतना, रीवा और मैहर जिलों में स्कूल, कॉलेज और आंगनवाड़ियों को 2 और 3 सितंबर को बंद रखने का फैसला लिया गया है। अगले दो दिनों में भी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना को देखते हुए प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है।

    अगले दो दिन भारी बारिश का अलर्ट

    मौसम विभाग के मुताबिक मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्से में सक्रिय मानसूनी सिस्टम का प्रभाव अभी बना हुआ है। इसके चलते रीवा सहित पूरे विंध्य और आसपास के क्षेत्रों में अगले दो दिनों तक भारी बारिश होने की चेतावनी जारी की गई है।

    छतरपुर, सतना, रीवा, मैहर, मऊगंज और सिंगरौली में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में सिस्टम का प्रभाव ज्यादा रहने के कारण सतना, रीवा और शहडोल संभाग के जिलों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।

    निचले इलाकों में बढ़ सकता है खतरा

    मौसम विभाग के अलर्ट के बीच लगातार बारिश होने पर नदियों और नालों का जलस्तर और बढ़ सकता है। इससे निचले इलाकों में जलभराव की समस्या गंभीर होने की आशंका है। चित्रकूट में मंदाकिनी का बढ़ा जलस्तर पहले ही हालात को चुनौतीपूर्ण बना चुका है।

    अगले 24 से 48 घंटे विंध्य और मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्से के लिए अहम माने जा रहे हैं। यदि बारिश का जोर बरकरार रहता है तो बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। प्रशासन ने लोगों से नदी किनारे और जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचने की अपील की है।

  • MP में आज 3 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी, भोपाल-इंदौर समेत 52 जिलों में बूंदाबांदी के आसार

    MP में आज 3 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी, भोपाल-इंदौर समेत 52 जिलों में बूंदाबांदी के आसार


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून की बेरुखी के बीच शनिवार को पन्ना, सतना और रीवा में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के मुताबिक, इन तीनों जिलों में अगले 24 घंटे के दौरान करीब 4 इंच तक बारिश हो सकती है। वहीं, भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और जबलपुर समेत प्रदेश के 52 जिलों में हल्की बारिश या बूंदाबांदी होने का अनुमान है।

    IMD के अनुसार, प्रदेश में अब तक औसतन 16.8 इंच (426.6 मिमी) बारिश दर्ज की गई है, जबकि इस अवधि तक 21 इंच (533.6 मिमी) पानी गिरना चाहिए था। इस तरह प्रदेश में 4.2 इंच यानी 20% बारिश कम हुई है। सीजन में अब तक हुई बारिश सामान्य कोटे की आधी भी नहीं है। प्रदेश में सामान्य मानसूनी बारिश का आंकड़ा 37.3 इंच है।

    दतिया में 24 घंटे में 3.5 इंच बारिश
    शुक्रवार को दतिया में बारिश ने जोरदार दस्तक दी। यहां सुबह महज 4 घंटे में करीब 1.57 इंच (40 मिमी) बारिश रिकॉर्ड हुई, जबकि 24 घंटे में कुल 3.5 इंच पानी बरसा। तेज बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव हो गया, जिसके बाद स्कूलों में छुट्टी घोषित करनी पड़ी।

    भांडेर और सेवढ़ा ब्लॉक में कक्षा 8वीं से ऊपर के स्कूलों को लेकर फैसला स्थानीय परिस्थितियों के आधार पर संस्था प्रमुखों पर छोड़ दिया गया है। रायसेन में भी शुक्रवार सुबह करीब 15 मिनट तेज बारिश हुई। इसके बाद रुक-रुककर बारिश का दौर जारी रहा, जिससे कई सड़कों पर पानी भर गया।

    सीधी में सोन नदी के पुल पर पानी, 40 गांवों का संपर्क प्रभावित
    सीधी जिले के भंवरसेन घाट पर शुक्रवार सुबह हुई तेज बारिश के बाद सोन नदी के पुल पर पानी भर गया। सुरक्षा के मद्देनजर पुल को बंद कर दिया गया, जिससे करीब 40 गांवों का मुख्यालय से संपर्क कट गया।

    भंवरसेन पहाड़ी से मिट्टी और पत्थर भी खिसककर सड़क पर आ रहे हैं। इससे मार्ग पर हादसे का खतरा बना हुआ है। इसके अलावा खरगोन, सतना, उज्जैन, ग्वालियर, रीवा और रायसेन समेत कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई।

    पूर्वी MP में 23% कम बारिश
    मौसम विभाग के मुताबिक, प्रदेश के पूर्वी हिस्से के जबलपुर, शहडोल, रीवा और सागर संभाग में अब तक 23% कम बारिश हुई है। इन संभागों का कोई भी जिला औसत से आगे नहीं है।

    अनूपपुर, बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, डिंडौरी, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सतना, सिवनी, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़ और उमरिया में सामान्य से 5% से 48% तक कम बारिश दर्ज की गई है।

    पश्चिमी हिस्से में भी बारिश का आंकड़ा माइनस में
    भोपाल, इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम और ग्वालियर-चंबल संभाग वाले पश्चिमी हिस्से में भी औसत से 17% कम बारिश हुई है। आगर-मालवा, अलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, भोपाल, दतिया, धार, गुना, हरदा, इंदौर, झाबुआ, मुरैना, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, राजगढ़, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन, बड़वानी और विदिशा में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है।

    इन 6 जिलों में औसत से ज्यादा बारिश
    मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी हिस्से के सिर्फ ग्वालियर, भिंड, बुरहानपुर, देवास, खंडवा और खरगोन में अब तक औसत से ज्यादा बारिश हुई है। बाकी अधिकांश जिलों में बारिश का आंकड़ा सामान्य से नीचे बना हुआ है।

  • सतना से किसान कांग्रेस का बड़ा ऐलान, MSP और बिजली समेत मांगों को लेकर आंदोलन तेज करने की तैयारी

    सतना से किसान कांग्रेस का बड़ा ऐलान, MSP और बिजली समेत मांगों को लेकर आंदोलन तेज करने की तैयारी

    मध्य प्रदेश : में किसानों की विभिन्न समस्याओं और मांगों को लेकर किसान कांग्रेस ने प्रदेश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सतना में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में किसान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह चौहान ने किसानों से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार पर निशाना साधा और जल्द समाधान नहीं होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि यदि किसानों की मांगों पर समय रहते ध्यान नहीं दिया गया तो संगठन सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करेगा और विधानसभा का घेराव भी किया जाएगा।

    किसान कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान किसानों से जुड़ी कई मांगें उठाईं। उन्होंने भारत-अमेरिका कृषि ट्रेड डील को किसानों के हितों के खिलाफ बताते हुए इसे रद्द करने की मांग की। उनका कहना था कि कृषि क्षेत्र से जुड़े फैसलों में किसानों के हितों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए और ऐसे समझौतों से पहले किसानों की चिंताओं को ध्यान में रखना जरूरी है।

    उन्होंने न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी एमएसपी को लेकर भी सरकार से ठोस कानून बनाने की मांग की। धर्मेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि किसानों की उपज को तय समर्थन मूल्य से कम कीमत पर खरीदने और बेचने की स्थिति को रोकने के लिए प्रभावी व्यवस्था होनी चाहिए। उन्होंने एमएसपी सुरक्षा कानून लागू करने की मांग को प्रमुख मुद्दा बताया।

    किसान कांग्रेस ने प्रदेश में मूंग खरीदी को लेकर भी सवाल उठाए। संगठन की मांग है कि सरकार किसानों से मूंग की शत-प्रतिशत खरीदी सुनिश्चित करे, ताकि किसानों को अपनी उपज बेचने में परेशानी का सामना न करना पड़े। इसके साथ ही खेती के लिए पर्याप्त बिजली आपूर्ति उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई गई। किसान कांग्रेस ने कृषि कार्यों के लिए 24 घंटे थ्री-फेज बिजली देने की मांग की।

    इसके अलावा कृषि उपज मंडी और सहकारिता चुनावों को लेकर भी संगठन ने सरकार को घेरा। किसान कांग्रेस का कहना है कि पिछले कई वर्षों से लंबित इन चुनावों को जल्द कराया जाना चाहिए, ताकि किसानों से जुड़े संस्थानों में लोकतांत्रिक प्रक्रिया मजबूत हो सके।

    धर्मेंद्र सिंह चौहान ने भाजपा सरकार पर किसानों से किए गए चुनावी वादों को पूरा नहीं करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान धान और गेहूं की खरीदी को लेकर जो घोषणाएं की गई थीं, सरकार अब उनसे पीछे हट रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि किसान महंगे डीजल, खाद की बढ़ती कीमतों, बिजली बिल और कर्ज जैसी समस्याओं से परेशान हैं।

    उन्होंने कहा कि प्रदेश में किसानों को मंडियों में उचित मूल्य नहीं मिल रहा है और सरकार की नीतियां किसानों की परेशानियां कम करने में सफल नहीं हो रही हैं। किसान कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने सरकार पर किसान कल्याण के दावों और जमीनी स्थिति के बीच अंतर होने का आरोप लगाया।

    किसान कांग्रेस ने साफ किया है कि यदि किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो संगठन प्रदेशभर में किसानों को एकजुट कर आंदोलन करेगा। इसके तहत राजधानी भोपाल में विधानसभा घेराव की चेतावनी भी दी गई है। फिलहाल किसान कांग्रेस के इस ऐलान के बाद प्रदेश में किसानों से जुड़े मुद्दों को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज होने की संभावना है।

  • सतना में जुलाई में अब तक सामान्य से 3 इंच कम बारिश अब अगले 10 दिनों में झमाझम बरसात की उम्मीद

    सतना में जुलाई में अब तक सामान्य से 3 इंच कम बारिश अब अगले 10 दिनों में झमाझम बरसात की उम्मीद


    सतना । सतना जिले में मानसून इस बार अब तक अपेक्षित रफ्तार नहीं पकड़ पाया है। जुलाई का अधिकांश समय बीत जाने के बावजूद जिले में सामान्य से करीब तीन इंच कम बारिश दर्ज की गई है। हालांकि मौसम विभाग ने राहत भरी संभावना जताई है कि महीने के अंतिम दिनों में मानसून सक्रिय होगा और 31 जुलाई तक वर्षा का कोटा काफी हद तक पूरा हो सकता है। बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी और सक्रिय मौसम प्रणालियों के कारण आने वाले दिनों में जिले में हल्की से मध्यम तथा कुछ स्थानों पर तेज बारिश होने की संभावना व्यक्त की गई है।

    रविवार को पूरे दिन आसमान में बादल छाए रहे। बंगाल की खाड़ी से पहुंच रही नमी भरी हवाओं के कारण मौसम सुहावना बना रहा और अधिकतम तापमान में करीब चार डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। दिन का अधिकतम तापमान घटकर 31.2 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया जिससे लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिली। इसके बावजूद मौसम विभाग द्वारा जारी येलो अलर्ट के अनुरूप व्यापक बारिश नहीं हो सकी और जिले के अधिकांश हिस्सों में केवल हल्की बूंदाबांदी ही दर्ज हुई।

    मानसून सीजन की बात करें तो अब तक जिले में करीब 11 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई है जबकि इस अवधि तक सामान्य रूप से लगभग 14 इंच वर्षा होनी चाहिए थी। यानी फिलहाल जिले में करीब तीन इंच बारिश की कमी बनी हुई है। जून महीने में भी मानसून कमजोर रहा था। सामान्य तौर पर जून में 5.25 इंच बारिश होती है लेकिन इस वर्ष केवल लगभग 3 इंच वर्षा दर्ज की गई। जुलाई में अब तक करीब 8 इंच बारिश हुई है लेकिन यह भी सामान्य स्तर तक नहीं पहुंच सकी है।

    रविवार को न्यूनतम तापमान 25.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सुबह के समय हवा में नमी 86 प्रतिशत और शाम तक 79 प्रतिशत रही। वातावरण में नमी अधिक होने के कारण बादल बने रहे लेकिन पर्याप्त वर्षा नहीं हो सकी। पिछले वर्ष की तुलना करें तो स्थिति अलग नजर आती है। पिछले साल इसी अवधि तक सतना जिले में लगभग 23 इंच बारिश हो चुकी थी जबकि इस वर्ष अब तक केवल 11 इंच के आसपास वर्षा दर्ज हुई है।

    मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार आने वाले दिनों में मौसम का मिजाज तेजी से बदल सकता है। फिलहाल मानसून ट्रफ लाइन बंगाल की खाड़ी से रांची वाराणसी हरदोई रोहतक होते हुए गंगानगर तक सक्रिय बनी हुई है। इसके अलावा उत्तर पंजाब बंगाल की खाड़ी ओडिशा पश्चिम मध्य प्रदेश और हरियाणा के आसपास ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण भी बना हुआ है। इन सभी मौसमी सिस्टम के संयुक्त प्रभाव से रीवा संभाग सहित सतना जिले में अगले एक सप्ताह तक गरज चमक के साथ अच्छी बारिश होने के आसार हैं।

    मौसम विभाग का मानना है कि यदि अनुमान के अनुरूप बारिश होती है तो जुलाई के अंतिम सप्ताह तक जिले में वर्षा की कमी काफी हद तक पूरी हो सकती है। इससे किसानों को राहत मिलेगी और खरीफ फसलों की बढ़वार के लिए भी अनुकूल परिस्थितियां बनेंगी। साथ ही जलाशयों और भूजल स्तर में भी सुधार की उम्मीद है।

  • शादी का झांसा देकर दो साल तक करता रहा दुष्कर्म शादीशुदा होने का राज खुलते ही आरोपी गिरफ्तार

    शादी का झांसा देकर दो साल तक करता रहा दुष्कर्म शादीशुदा होने का राज खुलते ही आरोपी गिरफ्तार


    सतना । सतना जिले में शादी का झांसा देकर एक युवती के साथ लंबे समय तक दैहिक शोषण करने का मामला सामने आया है। सभापुर थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जहां से उसे जेल भेज दिया गया। पुलिस के अनुसार आरोपी ने अपनी शादीशुदा होने की सच्चाई छिपाकर युवती को प्रेमजाल में फंसाया और विवाह का भरोसा देकर करीब दो वर्षों तक उसका शारीरिक शोषण करता रहा। जब पीड़िता को उसकी असलियत का पता चला और उसने शादी की बात कही तो आरोपी ने रिश्ता स्वीकार करने से इनकार कर दिया और उसे धमकाने लगा। इसके बाद युवती ने पुलिस का दरवाजा खटखटाया।

    पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी की पहचान 27 वर्षीय बृजेश प्रजापति निवासी देवरा थाना कोटर के रूप में हुई है। थाना प्रभारी शंखधर द्विवेदी ने बताया कि 23 वर्षीय युवती की मुलाकात करीब दो वर्ष पहले आरोपी से हुई थी। बातचीत के दौरान दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं। इसी दौरान आरोपी ने खुद को अविवाहित बताते हुए युवती को शादी का भरोसा दिया। विश्वास में लेकर उसने कई बार शारीरिक संबंध बनाए। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी युवती के घर भी आता-जाता था और कई बार उसे अपने गांव भी लेकर गया।

    समय बीतने के साथ युवती को पता चला कि जिस व्यक्ति से वह शादी की उम्मीद लगाए बैठी थी वह पहले से ही शादीशुदा है। यह सच्चाई सामने आने के बाद उसने आरोपी से जवाब मांगा लेकिन उसने शादी करने से साफ इनकार कर दिया। इतना ही नहीं आरोपी ने युवती को डराने और धमकाने की भी कोशिश की ताकि वह किसी से शिकायत न करे। मानसिक रूप से परेशान युवती ने आखिरकार सभापुर थाने पहुंचकर पूरे घटनाक्रम की लिखित शिकायत दर्ज कराई।

    शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच और पीड़िता के बयान के आधार पर आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। रविवार को उसे न्यायालय में पेश किया गया जहां से न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शादी का झूठा वादा कर किसी महिला की सहमति प्राप्त कर बनाए गए शारीरिक संबंध कानून की नजर में गंभीर अपराध हो सकते हैं। ऐसे मामलों में पीड़िता की शिकायत और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर सख्त कार्रवाई की जाती है। पुलिस ने लोगों से भी अपील की है कि यदि किसी के साथ इस तरह की धोखाधड़ी या शोषण होता है तो बिना डर के तत्काल पुलिस से संपर्क करें ताकि समय रहते कानूनी कार्रवाई की जा सके।

  • सतना टाइगर शिकार केस में बड़ा मोड़, फरार मुख्य आरोपी की मौत; वन विभाग की जांच को बड़ा झटका

    सतना टाइगर शिकार केस में बड़ा मोड़, फरार मुख्य आरोपी की मौत; वन विभाग की जांच को बड़ा झटका


    सतना । मध्य प्रदेश के सतना जिले में सामने आए चर्चित बाघ शिकार मामले की जांच को बड़ा झटका लगा है। करंट लगाकर बाघ का शिकार करने और उसके नाखून तथा केनाइन निकालने के मामले में फरार चल रहे मुख्य आरोपी मुन्ना कोल की गिरफ्तारी से पहले ही मौत हो गई। वन विभाग को उम्मीद थी कि उसकी गिरफ्तारी के बाद बाघ के लापता 14 नाखूनों और अन्य वन्यजीव अंगों की बरामदगी हो सकेगी लेकिन उसकी मौत के साथ ही जांच की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी टूट गई है। अब वन विभाग के सामने सबसे बड़ी चुनौती गायब नाखूनों का पता लगाना और यह जानना है कि आखिर उन्हें कहां और किसके पास पहुंचाया गया।

    जानकारी के अनुसार मझगवां वन परिक्षेत्र में करीब ढाई महीने पहले शिकारियों ने जंगल में बिजली का करंट बिछाकर बाघ का शिकार किया था। बाघ की मौत के बाद आरोपियों ने उसके शव से नाखून और केनाइन निकाल लिए तथा सबूत मिटाने के उद्देश्य से शव को गड्ढा खोदकर जंगल में दफना दिया। इस सनसनीखेज घटना की भनक वन विभाग को लगभग दो महीने बाद लगी। इसके बाद तीन जुलाई को मुखबिर की सूचना पर विभाग ने जेसीबी की मदद से शव बाहर निकलवाया। जांच में पुष्टि हुई कि बाघ की मौत करंट लगने से हुई थी।

    पूरे मामले की जांच के दौरान वन विभाग ने 11 आरोपियों की पहचान की थी। इनमें से 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया जबकि मुख्य आरोपी मुन्ना कोल लगातार फरार था। पूछताछ के दौरान गिरफ्तार आरोपियों ने बार-बार यही बताया कि बाघ के नाखूनों और उनके ठिकाने की पूरी जानकारी केवल मुन्ना कोल के पास थी। ऐसे में विभाग उसकी गिरफ्तारी को इस मामले की सबसे अहम कड़ी मान रहा था।

    जांच में यह भी सामने आया कि बाघ की मौत के बाद मुन्ना कोल ने उसके चारों पैर काटकर अलग-अलग स्थानों पर जमीन में दबा दिए थे। वहीं गिरोह के अन्य दो आरोपी सत्यम और शुभम ने बाघ के केनाइन निकाल लिए थे। बाद में जब अन्य साथियों ने नाखून मांगे तो मुन्ना ने दावा किया कि जमीन में दबे पैर किसी जंगली जानवर ने खोदकर निकाल लिए जिसके कारण केवल चार नाखून ही बरामद हो सके। इसी वजह से अब तक बाघ के 14 नाखूनों का कोई सुराग नहीं मिल पाया है।

    वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार घटना उजागर होने के बाद से मुन्ना कोल गंभीर बीमारी से जूझ रहा था और गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अलग-अलग स्थानों पर इलाज कराता रहा। विभाग उसकी तलाश में जुटा था लेकिन 18 जुलाई को उसकी मौत हो गई। इससे अब जांच का सबसे महत्वपूर्ण सिरा समाप्त हो गया है और वन्यजीव तस्करी के संभावित नेटवर्क तक पहुंचना भी कठिन हो गया है।

    मझगवां रेंजर रंजन सिंह परिहार ने मुख्य आरोपी की मौत की पुष्टि करते हुए बताया कि अन्य आरोपियों ने भी पूछताछ में नाखूनों की जानकारी केवल मुन्ना कोल के पास होने की बात कही थी। वन विभाग अब उपलब्ध साक्ष्यों और गिरफ्तार आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर जांच आगे बढ़ा रहा है। साथ ही यह भी पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि गायब नाखून कहीं वन्यजीव तस्करों के नेटवर्क तक तो नहीं पहुंचा दिए गए।

  • छत का कांच तोड़कर घर में घुसे बदमाश, सराफा कारोबारी के यहां लाखों की चोरी; पुलिस जांच में जुटी

    छत का कांच तोड़कर घर में घुसे बदमाश, सराफा कारोबारी के यहां लाखों की चोरी; पुलिस जांच में जुटी


    सतना । मध्य प्रदेश के सतना शहर में चोरों ने एक सराफा कारोबारी के सूने मकान को निशाना बनाकर करीब 50 लाख रुपए की बड़ी चोरी की वारदात को अंजाम दिया। परिवार के कुछ घंटों के लिए बाहर जाते ही बदमाश घर में घुस गए और सोने-चांदी के जेवरों के साथ नकदी भी समेटकर फरार हो गए। घटना का पता तब चला जब परिवार रात में वापस लौटा। घर के अंदर का नजारा देखकर सभी हैरान रह गए। कमरों का सामान बिखरा पड़ा था और अलमारियों के ताले टूटे हुए थे। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी।

    यह वारदात सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के राज होम्स गली स्थित आस्था कुटी में रहने वाले 31 वर्षीय विपुल जैन के घर हुई। विपुल जैन का परिवार शहर के पावर हाउस चौक पर एचबी ज्वेलर्स के नाम से सराफा कारोबार संचालित करता है। रविवार दोपहर करीब तीन बजे पूरा परिवार उचेहरा के इचौल घूमने के लिए घर से निकला था। रात करीब साढ़े नौ बजे जब वे वापस लौटे तो मुख्य कमरों का सामान अस्त-व्यस्त मिला और अलमारियां खुली हुई थीं।

    विपुल जैन ने बताया कि सबसे पहले उनकी मां के कमरे की अलमारी खुली मिली। उसमें रखे सोने-चांदी के आभूषण और नकदी गायब थे। इसके बाद अपने और बड़े भाई के कमरों की जांच की गई तो वहां भी अलमारियों के ताले टूटे मिले और कीमती जेवर तथा नकदी चोरी हो चुकी थी। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार चोर करीब 50 लाख रुपए मूल्य का सामान लेकर फरार हुए हैं।

    मौके की जांच में सामने आया कि बदमाश छत के रास्ते घर में दाखिल हुए थे। घर की छत पर बने दरवाजे का कांच तोड़कर उन्होंने अंदर प्रवेश किया और फिर एक-एक कमरे की अलमारियां खंगाल डालीं। इससे साफ है कि चोरों ने पूरी वारदात सुनियोजित तरीके से अंजाम दी और उन्हें यह जानकारी थी कि घर में उस समय कोई मौजूद नहीं है।

    घटना की सूचना मिलते ही सिटी कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि आरोपियों की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी की जा सके।

    शहर में हुई इस बड़ी चोरी ने स्थानीय व्यापारियों और आम लोगों में चिंता बढ़ा दी है। लोगों का कहना है कि लगातार बढ़ रही चोरी की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए पुलिस गश्त और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की आवश्यकता है। फिलहाल पुलिस तकनीकी साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।

  • 2027 तक बदलेगी सतना रेलवे स्टेशन की तस्वीर, वर्ल्ड क्लास सुविधाओं के साथ तैयार होगा आधुनिक रेल हब; महीने के अंत में रेल मंत्री कर सकते हैं दौरा

    2027 तक बदलेगी सतना रेलवे स्टेशन की तस्वीर, वर्ल्ड क्लास सुविधाओं के साथ तैयार होगा आधुनिक रेल हब; महीने के अंत में रेल मंत्री कर सकते हैं दौरा

    मध्य प्रदेश: के सतना रेलवे स्टेशन को आधुनिक सुविधाओं से लैस वर्ल्ड क्लास रेलवे स्टेशन के रूप में विकसित करने की दिशा में काम तेज हो गया है। रेलवे प्रशासन ने वर्ष 2027 तक इस महत्वाकांक्षी परियोजना को पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। स्टेशन के पुनर्विकास के साथ यात्री सुविधाओं में व्यापक सुधार, परिचालन क्षमता में वृद्धि और रेल नेटवर्क के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसी क्रम में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के इसी महीने के अंत तक सतना दौरे पर आने की संभावना जताई जा रही है, जहां वे विभिन्न रेल परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा कर सकते हैं।

    मध्य प्रदेश के प्रमुख रेलवे जंक्शनों में शामिल सतना स्टेशन पर लगातार बढ़ती यात्री संख्या और ट्रेनों के दबाव को देखते हुए व्यापक पुनर्विकास योजना तैयार की गई है। हाल ही में पश्चिम मध्य रेलवे के महाप्रबंधक ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ स्टेशन का निरीक्षण किया और विकास कार्यों की समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ भी बैठक हुई, जिसमें परियोजना की समयबद्ध प्रगति सुनिश्चित करने और आवश्यक कार्यों में तेजी लाने पर चर्चा की गई।

    पुनर्विकास योजना के तहत स्टेशन पर दो नए प्लेटफॉर्म बनाए जाएंगे, जिससे ट्रेनों के संचालन में सुविधा होगी और यात्रियों को बेहतर सेवाएं मिल सकेंगी। इसके अलावा अतिरिक्त बर्थिंग लाइनें विकसित की जाएंगी ताकि अधिक ट्रेनों का संचालन बिना बाधा के किया जा सके। रेलवे स्टेशन पर अत्याधुनिक सिग्नलिंग सिस्टम भी स्थापित किया जाएगा, जिससे ट्रेनों की आवाजाही अधिक सुरक्षित, तेज और व्यवस्थित हो सकेगी। आधुनिक तकनीक के उपयोग से परिचालन क्षमता में उल्लेखनीय सुधार आने की उम्मीद है।

    स्टेशन परिसर में लंबे समय से बनी जलभराव की समस्या को समाप्त करने के लिए ड्रेनेज व्यवस्था को पूरी तरह अपग्रेड किया जाएगा। निचले क्षेत्रों में भराव कार्य कराया जाएगा ताकि बारिश के मौसम में यात्रियों और रेलवे कर्मचारियों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। बेहतर जल निकासी व्यवस्था से स्टेशन परिसर अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक बन सकेगा।

    रेलवे प्रशासन ने स्टेशन पर भीड़ कम करने और संचालन को अधिक व्यवस्थित बनाने के लिए मौजूदा गुड्स शेड को कैमा स्टेशन स्थानांतरित करने की योजना भी तैयार की है। कैमा स्टेशन पर नए प्लेटफॉर्म का निर्माण अंतिम चरण में पहुंच चुका है, जबकि सिग्नलिंग और केबलिंग से जुड़े कार्यों के लिए टेंडर प्रक्रिया भी अंतिम दौर में है। इन कार्यों के पूरा होने के बाद मालगाड़ियों और यात्री ट्रेनों के संचालन में संतुलन स्थापित करने में मदद मिलेगी।

    क्षेत्रीय रेल कनेक्टिविटी को मजबूत करने के उद्देश्य से सतना-नागौद रेल लाइन का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। वहीं देवेंद्रनगर तक रेल लाइन तैयार है और उसका विद्युतीकरण अंतिम चरण में पहुंच गया है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार अगले तीन से चार महीनों के भीतर इस लाइन को सतना रेलवे स्टेशन से जोड़ने की योजना है। इससे आसपास के क्षेत्रों के यात्रियों को बेहतर रेल सुविधा मिलेगी और स्थानीय व्यापार तथा आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलने की संभावना है।

    रेलवे प्रशासन का मानना है कि परियोजना पूरी होने के बाद सतना रेलवे स्टेशन आधुनिक यात्री सुविधाओं, उन्नत तकनीक, बेहतर सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत रेल नेटवर्क के साथ प्रदेश के प्रमुख रेलवे स्टेशनों में अपनी अलग पहचान बनाएगा। यह पुनर्विकास न केवल यात्रियों के सफर को अधिक सुविधाजनक बनाएगा, बल्कि क्षेत्र के समग्र विकास और रेलवे संचालन की दक्षता बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

  • सतना में खौफनाक कांड : पत्नी ने प्रेमी के साथ मिलकर पति की कर दी हत्या, 3 महीने बाद मिला कंकाल

    सतना में खौफनाक कांड : पत्नी ने प्रेमी के साथ मिलकर पति की कर दी हत्या, 3 महीने बाद मिला कंकाल


    सतना । सतना जिले के रामपुर बाघेलान थाना क्षेत्र से तीन महीने पहले लापता हुए युवक विपिन कुमार यादव की गुमशुदगी के मामले में पुलिस ने एक बेहद सनसनीखेज खुलासा किया है. पुलिस की सघन जांच में सामने आया कि युवक की हत्या किसी और ने नहीं, बल्कि उसकी अपनी ही पत्नी आंचल यादव ने अपने प्रेमी सुनील कुशवाहा के साथ मिलकर कराई थी. शादी से पहले से चल रहे प्रेम प्रसंग के कारण दोनों ने मिलकर इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया.

    योजना के मुताबिक प्रेमी सुनील अपने साथी संदीप बहरोलिया के साथ मिलकर विपिन को घुमाने के बहाने ले गया और उसकी हत्या कर दी. आरोपियों ने पकड़े जाने के डर से शव को पहले एक कुएं में फेंक दिया था, लेकिन जब पुलिस की जांच तेज हुई तो उन्होंने शव को कुएं से निकालकर जमीन में दफन कर दिया था. पुलिस ने कार्यपालक दंडाधिकारी की मौजूदगी में दफन किए गए स्थान की खुदाई करवाकर मृतक का शव बरामद कर लिया है. इस मामले में तत्परता दिखाते हुए पुलिस ने आरोपी पत्नी आंचल यादव और उसके प्रेमी सुनील कुशवाहा को गिरफ्तार कर लिया है.

    पुलिस ने महिला और उसके प्रेमी को भेजा जेल
    दोनों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश किया गया. जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है. पुलिस के मुताबिक युवक विपिन यादव 26 मार्च को गायब हो गया था. उसके पिता द्वारा उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई गई थी. गुम इंसान की जांच के दौरान थाना प्रभारी को यह तथ्य आए कि उसकी पत्नी टीकर की रहने वाली थी और उसका टीकर के ही एक व्यक्ति के साथ में अवैध संबंध थे.

    शक के आधार पर मृतक की पत्नी को हिरासत में ले लिया गया और कड़ाई से पूछताछ के बाद उसने पूरा राज उगल दिया. जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया. मामले में पुलिस ने मजिस्ट्रेट से परमिशन लेकर शव उत्खनन की कार्रवाई की गई है. उत्खनन की कार्रवाई के दौरान कंकाल बरामद हुआ है. फिलहाल मामले में महिला और उसके प्रेमी को न्यायिक हिरासत में भेजने के बाद जेल भेज दिया गया है.

  • MP: सतना के नागौद राजघराने में दो पत्नियों का विवाद….. दूसरी पत्नी ने पहली पर चलाई गोलियां, हालत गंभीर

    MP: सतना के नागौद राजघराने में दो पत्नियों का विवाद….. दूसरी पत्नी ने पहली पर चलाई गोलियां, हालत गंभीर


    सतना।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के सतना जिले (Satna district) में नागौद राजघराने (Nagod Royal Family) से जुड़ा एक सनसनीखेज मामला सामने आया है. यहां परसमनिया गढ़ी में लंबे समय से चल रहा पारिवारिक विवाद अचानक खूनी संघर्ष में बदल गया. विवाद में कथित तौर पर दूसरी पत्नी ने पहली पत्नी पर गोली चला दी, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया. यह मामला नागौद राजघराने से जुड़ा है. रूपेंद्र सिंह (Rupendra Singh) उर्फ बाबा राजा, जो पूर्व मंत्री और वर्तमान विधायक नागेंद्र सिंह के भतीजे बताए जाते हैं, उनकी पहली पत्नी सुनीता सिंह और दूसरी पत्नी योगिता सिंह के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था. दोनों के बीच पारिवारिक तनाव लगातार बढ़ता जा रहा था।

    जानकारी के अनुसार, विवाद को सुलझाने के लिए योगिता सिंह दो दिन पहले अपने परिजनों के साथ परसमनिया गढ़ी पहुंची थीं. यहां दोनों पक्षों के बीच बातचीत चल रही थी, लेकिन गुरुवार दोपहर करीब तीन बजे स्थिति अचानक बिगड़ गई और विवाद बढ़ गया. इसी दौरान आरोप है कि सुनीता सिंह ने अपनी लाइसेंसी 22 बोर राइफल उठा ली और कई राउंड फायरिंग कर दी. बताया जा रहा है कि करीब नौ राउंड गोलियां चलाई गईं. फायरिंग के दौरान एक गोली योगिता सिंह के पेट में जा लगी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़ीं।

    घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और घायल महिला को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया. पहले उन्हें सतना में प्राथमिक इलाज दिया गया, लेकिन हालत गंभीर होने पर रीवा के विंध्य अस्पताल रेफर कर दिया गया. अस्पताल में डॉक्टरों ने जटिल सर्जरी कर उनके पेट में फंसी गोली निकाल दी. फिलहाल योगिता सिंह आईसीयू में हैं और उनकी हालत गंभीर बनी हुई है. घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस प्रशासन मौके पर पहुंचा और इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई. परसमनिया गढ़ी में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया ताकि स्थिति नियंत्रण में रहे।


    संपत्ति और पारिवारिक विवाद के एंगल से भी हो रही पड़ताल

    पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी सुनीता सिंह को हिरासत में ले लिया है. साथ ही घटना में इस्तेमाल की गई लाइसेंसी राइफल भी जब्त कर ली गई है. सतना के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रेम लाल कुर्वे ने बताया कि शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह विवाद लंबे समय से चल रहा था और मामला संपत्ति या पारिवारिक कारणों से जुड़ा हो सकता है. पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है. फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि विवाद किस तरह इतना बढ़ गया कि गोली चलाने की नौबत आ गई।