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  • MP: सतना में अतिक्रमण हटाने गई टीम पर पथराव…, SDM और TI जान बचाकर भागे

    MP: सतना में अतिक्रमण हटाने गई टीम पर पथराव…, SDM और TI जान बचाकर भागे


    सतना।
    एमपी (MP) के सतना (Satna) के डॉली बाबा क्षेत्र (Dolly Baba Area) में शनिवार को हाई कोर्ट के आदेश पर अतिक्रमण हटाने गई टीम पर भारी पथराव हुआ। प्रशासन जैसे ही अवैध निर्माण ढहाने पहुंचाए स्थानीय लोगों और महिलाओं ने पुलिस पर हमला कर दिया जिससे एसडीएम और थाना प्रभारी को जान बचाकर भागना पड़ा। स्थिति काबू करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले दागने पड़े। जमीन इंदौर की एक महिला की निजी संपत्ति थी जिस पर कुछ लोगों ने अवैध कब्जा कर रखा था। विरोध के बावजूद प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर अवैध निर्माण ध्वस्त कर दिया। पुलिस ने मामले में तीन को हिरासत में लिया है।


    जान बचाने के लिए भागे एसडीएम

    पत्थरबाजी इतनी भीषण थी कि एसडीएम और थाना प्रभारी को जान बचाने के लिए भागना पड़ा। स्थिति को काबू में करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोलों का सहारा लेना पड़ा। प्रशासनिक अमला जैसे ही जेसीबी लेकर नौशाद कबाड़ी के अवैध निर्माण को ढहाने पहुंचा वहां महिलाओं ने महिला पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की शुरू कर दी। देखते ही देखते सैकड़ों लोग लामबंद हो गए और पुलिस टीम पर पथराव शुरू कर दिया।


    आंसू गैस के गोले दागे

    अचानक हुए इस हमले से मौके पर अफरा-तफरी मच गई और एसडीएम समेत अन्य अधिकारी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते और बचाव करते नजर आए। इस हिंसक झड़प में एसडीएम राहुल सिलाड़िया और थाना प्रभारी रावेंद्र द्विवेदी बाल-बाल बच गए। पथराव में कई पुलिसकर्मियों को मामूली चोटें भी आई हैं। बिगड़ते हालात को देखते हुए तत्काल रिजर्व पुलिस फोर्स को मौके पर बुलाया गया। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे, जिसके बाद उपद्रवी पीछे हटे।


    इंदौर के भू-स्वामी की जमीन पर था कब्जा

    एसडीएम राहुल सिलाड़िया ने बताया कि यह कार्रवाई माननीय हाई कोर्ट के 2023 के आदेश के पालन में की गई थी। यह जमीन इंदौर निवासी अनीता सिंह की निजी संपत्ति है। इस पर रामललन दहिया, ऊषा दहिया और नौशाद कबाड़ी ने लगभग 500 से 600 वर्गफीट के पक्के मकान और डेयरी बनाकर अवैध कब्जा कर रखा था।


    तीन आरोपी हिरासत में

    भारी विरोध और हमले के बावजूद प्रशासन ने कदम पीछे नहीं खींचे। अतिरिक्त बल की मौजूदगी में दोबारा कार्रवाई शुरू की गई और सभी अवैध निर्माणों को जमींदोज कर दिया गया। पुलिस ने पथराव के आरोप में दो पुरुषों और एक महिला को हिरासत में लिया है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर अन्य हमलावरों की पहचान की जा रही है। एहतियात के तौर पर पूरे इलाके में पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई है।

  • सतना में युवक की हत्या का सनसनीखेज मामला, घर से गहने लेकर भागा था युवक

    सतना में युवक की हत्या का सनसनीखेज मामला, घर से गहने लेकर भागा था युवक


    सतना । मध्यप्रदेश के सतना जिले में एक गंभीर घटना ने क्षेत्र में सनसनी मचा दी है। नागौद थाना क्षेत्र के डुडहा के जंगल में मंगलवार को एक युवक का शव रक्तरंजित अवस्था में मिला। स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी।

    प्रारंभिक जांच में पुलिस ने हत्या की आशंका जताई है। बताया जा रहा है कि युवक कुछ समय पहले घर से गहने लेकर भागा था। वहीं, पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या युवक की हत्या किसी व्यक्तिगत विवाद, लूटपाट या किसी और कारण से हुई है।

    अधिकारियों ने बताया कि शव की पहचान करने और हत्या के कारणों का पता लगाने के लिए सभी संभावित सुराग जुटाए जा रहे हैं। आसपास के इलाके में संदिग्ध गतिविधियों की भी छानबीन की जा रही है। पुलिस ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि अगर किसी ने घटना के समय कुछ देखा हो या संदिग्ध व्यक्ति के बारे में जानकारी हो तो तत्काल सूचना दें।

    पुलिस ने बताया कि मृतक के परिजनों को घटना की जानकारी दे दी गई है और पोस्टमार्टम के बाद शव को परिजनों के सुपुर्द किया जाएगा। पुलिस ने कहा कि मामले की जांच जारी है और जल्द ही आरोपियों तक पहुँचने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा।

    स्थानीय प्रशासन ने भी इस घटना पर चिंता व्यक्त की है और इलाके में सुरक्षा बढ़ाने के लिए अतिरिक्त टीम तैनात की है। पुलिस ने कहा कि इस तरह की क्रूर घटनाओं को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों को जल्द ही कानून के अनुसार सजा दिलाई जाएगी।

  • सतना में मामूली विवाद में ऑटो चालक पर गोली, जिला अस्पताल में भर्ती

    सतना में मामूली विवाद में ऑटो चालक पर गोली, जिला अस्पताल में भर्ती

    सतना।मध्यप्रदेश के सतना जिले में शनिवार शाम को एक मामूली सड़क विवाद खूनी झगड़े में बदल गया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह घटना लगवां थाना क्षेत्र के गहरा नाला के पास हुई। बताया गया है कि एक ऑटो विपरीत दिशा से आ रही बाइक से टकरा गया। इस मामूली टक्कर को लेकर ऑटो चालक और बाइक सवार युवकों के बीच विवाद हो गया।

    मौके पर हुई गोलीबारी
    विवाद इतना बढ़ गया कि बाइक सवारों में से किसी ने ऑटो चालक पर गोली चला दी। घटना में ऑटो चालक मामूली रूप से घायल हुआ। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत बीच-बचाव किया और दोनों पक्षों को अलग किया।

    जिला अस्पताल में भर्ती
    घायल ऑटो चालक को तुरंत जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका इलाज जारी है। पुलिस ने फिलहाल मामले की जांच शुरू कर दी है।

    पुलिस की स्थिति
    स्थानीय पुलिस ने बताया कि यह मामूली विवाद अचानक बढ़ गया और गोली चलाने की घटना हुई। मामले में अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है, लेकिन पुलिस CCTV फुटेज और गवाहों के बयान लेने में जुटी हुई है।यह घटना यह याद दिलाती है कि सड़क पर छोटी सी टक्कर भी कभी-कभी गंभीर हिंसक घटनाओं में बदल सकती है, इसलिए सावधानी और शांति बनाए रखना जरूरी है।

  • अनुशासनहीनता की हद: स्कूल प्रबंधन सोया रहा, 8 फीट की बाउंड्री फांदकर स्कूल से बंक मारती नजर आईं छात्राएं

    अनुशासनहीनता की हद: स्कूल प्रबंधन सोया रहा, 8 फीट की बाउंड्री फांदकर स्कूल से बंक मारती नजर आईं छात्राएं


    सतना । मध्य प्रदेश के सतना जिले के शासकीय कन्या हायर सेकंडरी स्कूल नागौद में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां की छात्राएं स्कूल की 8 फीट ऊंची बाउंड्री फांदकर बाहर जा रही थीं, लेकिन स्कूल प्रबंधन को इसकी भनक तक नहीं लगी। यह मामला तब सुर्खियों में आया, जब बाउंड्री फांदते हुए छात्राओं का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। विडंबना यह है कि विद्यालय के पीछे से बाउंड्री लांघकर छात्राएं मुख्य सड़क पर कूद रही थीं, जहां दिनभर वाहनों की आवाजाही होती रहती है। इस स्थिति में किसी भी वक्त बड़ा हादसा हो सकता था। वीडियो में छात्राएं बाउंड्री फांदते समय गिरती भी नजर आ रही हैं, जिससे यह सवाल उठता है कि अगर कोई गंभीर दुर्घटना हो जाती, तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होती

    स्थानीय लोगों और अभिभावकों का कहना है कि यह मामला छात्राओं की सुरक्षा से जुड़ा हुआ है, और स्कूल प्रशासन की लापरवाही बेहद चिंताजनक है। स्कूल समय के दौरान छात्राओं का इस तरह बाउंड्री फांदकर बाहर जाना न केवल अनुशासनहीनता का प्रतीक है, बल्कि उनकी जान को भी खतरे में डालने वाला है। जैसे ही यह वीडियो मीडिया में आया, जिला शिक्षा अधिकारी कंचन श्रीवास्तव ने इस पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “हमने इस घटना के बारे में जानकारी प्राप्त की है। हम प्राचार्य से चर्चा करेंगे और इस मामले में उचित प्रबंध कराने के लिए निर्देश देंगे।

    स्कूल की प्राचार्य, विनीता श्रीवास्तव ने इस पर सफाई देते हुए कहा, मुख्य गेट पर ताला लगा हुआ था और अंदर प्री-बोर्ड परीक्षाएं चल रही थीं। अब हमें इस घटना की जानकारी मिली है और इसके लिए उचित प्रबंध किए जाएंगे। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि जब गेट पर ताला लगा था, तो स्कूल प्रबंधन ने छात्राओं के बाहर जाने पर नजर क्यों नहीं रखी। यह मामला विद्यालय प्रबंधन की घोर लापरवाही को उजागर करता है, जो छात्रों की सुरक्षा और अनुशासन की जिम्मेदारी लेने में नाकाम रहा। अगर भविष्य में कोई दुर्घटना होती है, तो यह बड़ा सवाल बनकर खड़ा हो जाएगा कि इसके लिए जिम्मेदार कौन होगा।
     

  • MP: सतना में 26 साल पुराना कर्ज उतारने के लिए सफाईकर्मी के घर पहुंचे DSP

    MP: सतना में 26 साल पुराना कर्ज उतारने के लिए सफाईकर्मी के घर पहुंचे DSP


    सतना।
    पद और प्रतिष्ठा मिल जाए, लेकिन इंसान को अपना अतीत और किसी का उपकार कभी नहीं भूलना चाहिए। मध्य प्रदेश पुलिस (Madhya Pradesh Police) के चर्चित और संवेदनशील अधिकारी DSP संतोष पटेल ने इस बात को साबित कर दिखाया है। वे अपने ऊपर चढ़े हुए 26 साल पुराने एक कर्ज (A 26-year-old Debt) को उतारने के लिए सतना (Santa) की तंग गलियों में मौजूद एक झुग्गी बस्ती (Slum) में पहुंचे। यह कर्ज पैसों का नहीं था, बल्कि खून का था। जिस सफाईकर्मी संतु मास्टर ने बचपन में अपना खून देकर संतोष पटेल की जान बचाई थी, वे उसी से मिलने के लिए शहर में आए थे। हालांकि यहां पहुंचकर उन्हें पता चला कि संतु अब दुनिया में नहीं रहे, जिसके बाद वे उनके परिवार का पता लगाकर उनसे मिलने के लिए यहां आ गए। यहां संतु मास्टर की बेटियों से मिलकर वह भावुक हो गए और इस दौरान उन्होंने उनकी बड़ी बेटी के चरण स्पर्श कर परिवार की जिम्मेदारी उठाने का संकल्प लिया।

    यहां पहुंचकर DSP संतोष पटेल ने एकबार फिर अपने बचपन का वो डरावना मंजर याद किया, जब उनकी जान पर बन आई थी। बात साल 1999 की है, जब वे महज 8-9 साल के थे। एक गंभीर बीमारी ने उन्हें जकड़ लिया था। शरीर का खून पानी बनकर मवाद में बदल गया था। इस दौरान उनके पिता और दादा ने 6 महीने झाड़-फूंक में गंवा दिए। हालत बिगड़ने पर उन्हें पन्ना जिला अस्पताल और फिर सतना के एक निजी अस्पताल ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने साफ कह दिया कि तत्काल ऑपरेशन करना होगा, और खून की सख्त जरूरत है।


    खून देने से पहले पिता को लगाई थी फटकार

    DSP ने बताया कि उस दौर में रक्तदान को लेकर कई भ्रांतियां थीं और कोई डोनर नहीं मिल रहा था। लेकिन इसी बीच अस्पताल में एक अजीब संयोग बना। संतोष के पिता ने गलती से पान-सुपारी खाकर अस्पताल परिसर में थूक दिया। वहां सफाई कर रहे संतु ने उन्हें देखा और दौड़कर आया। इसके बाद उसने पिता को डांटा-फटकारा और चला गया। हालांकि इसी दौरान जब बेटे की हालत की वजह से संतोष के पिता जब वहां पर निराश बैठे हुए थे, तो उसी सफाईकर्मी संतु ने उनके कंधे पर हाथ रखकर कहा था, ‘आप हताश मत हो, आपका बेटा जिंदा रहेगा।’

    इसी बीच जब संतु मास्टर को पता चला कि बच्चे को खून की जरूरत है, तो उसने बिना किसी स्वार्थ के अपना ब्लड डोनेट किया था। उसी खून से ऑपरेशन सफल रहा और आज संतोष पटेल जिंदा हैं और पुलिस अधिकारी है।

    ‘अधिकारी नहीं, बेटा बनकर आया हूं’
    DSP बनने के बाद संतोष पटेल सतना के उसी अस्पताल पहुंचे। वे संतु मास्टर को गले लगाना चाहते थे, लेकिन वहां पता चला कि उनका निधन हो चुका है और पत्नी भी नहीं रहीं। अस्पताल की एक बुजुर्ग महिला कर्मचारी ने बताया कि संतु की दो बेटियां झुग्गी बस्ती में रहती हैं। इसके बाद DSP उनका पता लेकर तुरंत यहां पहुंचे। वर्दी पहने एक बड़े अफसर को अपनी झोपड़ी में देख बेटियां सहम गईं, लेकिन जब DSP ने झुककर उनके पैर छुए, तो सबकी आंखें नम हो गईं।


    DSP बोले- मैं करूंगा कन्यादान

    DSP ने संतु की बेटियों से कहा,मैं संतु मास्टर का मुंह नहीं देख पाया, इसका अफसोस जीवन भर रहेगा, लेकिन मेरी रगों में भी उनका खून दौड़ रहा है। इसके साथ ही उन्होंने परिवार को भरोसा दिलाया कि वे लोग अकेले नहीं हैं। DSP ने संकल्प लिया कि वे संतु मास्टर की छोटी बेटी की शादी धूमधाम से कराएंगे। उन्होंने कहा, ‘अगर समय और संयोग रहा, तो मैं खुद भाई और पिता का फर्ज निभाते हुए कन्यादान भी करूंगा’।

  • भा.ज.पा. पार्षद अशोक सिंह का वायरल वीडियो: महिला को धमकी देने के आरोप में गिरफ्तार

    भा.ज.पा. पार्षद अशोक सिंह का वायरल वीडियो: महिला को धमकी देने के आरोप में गिरफ्तार


    सतना। मध्य प्रदेश के सतना जिले के रामपुर बघेलान में भाजपा के एक पार्षद अशोक सिंह का एक विवादित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में पार्षद महिला से धमकी देते हुए दिखाई दे रहे हैं और वह थाना प्रभारी रामपुर बघेलान के लिए अभद्र भाषा का भी इस्तेमाल कर रहे हैं। वीडियो में भाजपा पार्षद अशोक सिंह महिला से यह कहते हुए नजर आ रहे हैं मेरा कुछ नहीं बिगड़ेगा और वह महिला को जान से मारने की धमकी भी देते हैं। महिला ने पार्षद के खिलाफ पहले ही पुलिस अधीक्षक एसपी मने आने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया है।

    महिला का कहना है कि भाजपा पार्षद अशोक सिंह लंबे समय से उसे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे। महिला ने बताया कि वह कई बार थाने में शिकायत करने गई लेकिन अशोक सिंह के राजनीतिक प्रभाव के कारण पुलिस कार्रवाई में कोई भी ठोस कदम नहीं उठा रही थी।वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए भाजपा नेता अशोक सिंह के खिलाफ छेड़छाड़ जान से मारने की धमकी और अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पार्षद को गिरफ्तार भी कर लिया है।

    राजनीतिक हलचल

    इस घटना के सामने आने के बाद क्षेत्र में राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल मच गई है। भाजपा पार्षद का यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैलने के बाद कई सवाल उठ रहे हैं। विपक्षी दलों ने इस मामले में भाजपा नेताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है वहीं कुछ भाजपा कार्यकर्ताओं ने पार्षद अशोक सिंह का समर्थन भी किया है।स्थानीय सूत्रों के मुताबिक अशोक सिंह पहले भी कई विवादों में घिरे रहे हैं लेकिन उनका राजनीतिक प्रभाव होने के कारण मामले हल होते रहे हैं। इस बार महिला के साहस और वीडियो के वायरल होने के कारण पुलिस ने मामले में सख्त कदम उठाया है।

    पुलिस का बयान

    सतना जिले के पुलिस अधीक्षक एसपी ने मामले की गंभीरता को स्वीकार करते हुए कहा हमने पार्षद अशोक सिंह के खिलाफ सभी आवश्यक धाराओं में मामला दर्ज किया है। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और मामले की जांच जारी है। किसी भी दबाव या राजनीतिक प्रभाव से ऊपर उठकर हम निष्पक्ष जांच करेंगे। पुलिस ने यह भी कहा कि वीडियो को तकनीकी रूप से विश्लेषण किया जा रहा है ताकि मामले में सभी तथ्यों का सही तरीके से आकलन किया जा सके। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यदि उनके पास इस मामले से संबंधित कोई और जानकारी हो तो वे उसे पुलिस के साथ साझा करें।

    महिला के समर्थन में लोग

    महिला के समर्थन में कई सामाजिक संगठनों ने आवाज उठाई है। इन संगठनों ने महिला के खिलाफ पार्षद द्वारा किए गए उत्पीड़न की कड़ी निंदा की और प्रशासन से यह मांग की कि मामले में त्वरित कार्रवाई की जाए। साथ ही महिला को न्याय दिलाने के लिए आवाज उठाने का संकल्प लिया है। यह घटना महिला के खिलाफ हो रहे उत्पीड़न और राजनीतिक दबाव के खिलाफ लड़ाई को और भी मजबूती देती है। यह भी दिखाता है कि अगर समाज में हर व्यक्ति अपनी आवाज उठाए तो ताकतवर लोग भी जिम्मेदार ठहराए जा सकते हैं।

    भा.ज.पा. पार्षद अशोक सिंह का वायरल वीडियो और उस पर पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई ने राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में खलबली मचा दी है। इस मामले में महिला के साहस और पुलिस की तत्परता से यह संदेश भी गया है कि कानून से कोई भी ऊपर नहीं है चाहे वह कितनी भी राजनीतिक ताकत रखता हो। अब यह देखना होगा कि इस मामले में न्याय जल्दी मिलता है या नहीं और क्या अन्य पीड़ित महिलाएं भी इस तरह की घटनाओं के खिलाफ आवाज उठा पाती हैं।

  • MP: सतना में नवनिर्मित सड़क को मंत्री ने जूते से रगड़ा तो उखड़ गई डामर… रद्द किया टेंडर

    MP: सतना में नवनिर्मित सड़क को मंत्री ने जूते से रगड़ा तो उखड़ गई डामर… रद्द किया टेंडर


    सतना।
    मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) के सतना जिले (Satna district) में PWD के भ्रष्टाचार की पोल उस वक्त खुल गई है, जब नवनिर्मित डामर की सड़क (Newly Constructed Road) प्रदेश की राज्यमंत्री के पैरों की मार/चोट भी नहीं सह सकी। नगरीय विकास एवं आवास राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी (Pratima Bagri) ने जब नवनिर्मित डामर की सड़क पर अपना पैर रगड़ा, तो डामर उखड़कर बिखर गया। सड़क की यह दुर्दशा देख मंत्री का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने मौके पर ही PWD के कार्यपालन यंत्री की क्लास लगा दी और ठेकेदार राजेश कैला का टेंडर तत्काल निरस्त करने का फरमान सुना दिया है।


    सड़क पर पैर रगड़ते ही उखड़ गया डामर

    दरअसल मामला कोठी तहसील के पोड़ी-मनकहरी मार्ग का है। यहाँ लोक निर्माण विभाग द्वारा करीब 3 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण कराया जा रहा था। रविवार शाम जब मंत्री प्रतिमा बागरी नैना कोठी क्षेत्र से गुजर रही थीं, तो चमचमाती नई सड़क देख उन्होंने काफिला रुकवा दिया। मंत्री गाड़ी से उतरीं और गुणवत्ता परखने के लिए सड़क पर पैर रखा। हल्की सी रगड़ लगते ही डामर की परत उखड़कर अलग हो गई। यह देख मंत्री ने अफसरों से पूछा शर्म आनी चाहिए! जो सड़क मेरे पैर रखने भर से खिसक रही है, वो भारी वाहनों का बोझ कैसे सहेगी? यह निर्माण नहीं, शुद्ध लीपापोती है।


    मॉनिटरिंग करने वाले सो रहे थे क्या?

    निरीक्षण के दौरान यह साफ हो गया कि पूरी सड़क मानकों के विपरीत बनी है। मंत्री ने मौके पर है फोन पर अफसरों से तीखे सवाल किए है। आपकी निगरानी में ऐसा घटिया काम कैसे हुआ?”जिन सब-इंजीनियर्स (Sub-Engineers) की ड्यूटी मॉनिटरिंग पर थी, वे कहां थे?”मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकारी पैसे की बर्बादी और गुणवत्ता से समझौता कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

    राज्यमंत्री ने सिर्फ फटकार नहीं लगाई, बल्कि स्पष्ट अल्टीमेटम भी दिया। उन्होंने मीडिया को बताया की संविदाकार राजेश कैला का अनुबंध तुरंत निरस्त करने के निर्देश दिए है। जिस इंजीनियर ने आंखें मूंदकर यह सड़क बनने दी और निरीक्षण नहीं किया, उस पर विभागीय कार्रवाई हो। मंत्री ने दो टूक कहा, मैंने EE को निर्देश दिए हैं। यदि वे ठेकेदार और दोषी इंजीनियर पर कार्रवाई नहीं करते, तो मैं PWD मंत्री से आग्रह करूँगी कि सीधे EE के विरुद्ध ही कार्रवाई की जाए। मंत्री के इस औचक निरीक्षण और ‘ऑन द स्पॉट’ फैसले से जिले के निर्माण विभागों और ठेकेदारों में हड़कंप मचा हुआ है।

  • MP में खून की दलाली का पर्दाफाश एसडीएम ने फिल्मी अंदाज में पुलिस के साथ किया स्टिंग ऑपरेशन 3 दलाल रंगे हाथ पकड़े गए

    MP में खून की दलाली का पर्दाफाश एसडीएम ने फिल्मी अंदाज में पुलिस के साथ किया स्टिंग ऑपरेशन 3 दलाल रंगे हाथ पकड़े गए


    सतना । मध्यप्रदेश के सतना में खून की दलाली का एक गंभीर मामला सामने आया है जहां अस्पताल के बाहर खून बेचने वाले दलालों का एक बड़ा नेटवर्क चल रहा था। प्रशासन ने इस अवैध धंधे का पर्दाफाश करने के लिए एक फिल्मी अंदाज में स्टिंग ऑपरेशन किया और तीन दलालों को रंगे हाथ पकड़ लिया।

    सतना जिला अस्पताल के बाहर खून के सौदागरों का यह नेटवर्क सक्रिय था जो मरीजों के परिजनों की मजबूरी का फायदा उठाकर उन्हें 5000 रुपये में खून बेच रहे थे। गुरुवार को एसडीएम राहुल सिलाड़िया और कोतवाली टीआई रावेंद्र द्विवेदी ने इस काले कारोबार को उजागर करने के लिए सुनियोजित तरीके से स्टिंग ऑपरेशन किया।

    एसडीएम ने इस ऑपरेशन के लिए 500 200 और 100 के नोटों से 4500 रुपये की गड्डी तैयार की और उनके सीरियल नंबर पहले से दर्ज कर लिए। फिर एक व्यक्ति को नकली ग्राहक बनाकर दलालों के पास भेजा गया। जैसे ही ग्राहक ने दलाल को पैसे दिए और दलाल ने कहा कि डोनर आ रहा है पुलिस टीम ने तुरंत कार्रवाई की और दलालों को पकड़ लिया। तलाशी के दौरान वही चिन्हित नोट बरामद हुए जिन्हें पहले से नोट किया गया था जिससे उनके खून की दलाली में शामिल होने की पुष्टि हो गई।

    जांच में यह भी सामने आया कि अस्पताल के सामने स्थित चाय की दुकानों और फल के ठेले पर ये दलाल अक्सर बैठे रहते थे। वे मरीजों के परेशान परिजनों से संपर्क करते थे और उन्हें खून दिलाने के नाम पर मोटी रकम लेते थे। पुलिस ने इस ऑपरेशन में तीन दलालों रजनीश साहू करसरामोहम्मद कैफ कामता टोलाऔर अनिल गुप्ता टिकुरिया टोला को गिरफ्तार किया।

    एसडीएम राहुल सिलाड़िया ने इस कार्रवाई के बारे में बताया कि उन्हें ब्लड की दलाली की सूचना मिली थी और उसी आधार पर उन्होंने योजना बनाई। जब एक दलाल ने 4500 रुपये में खून उपलब्ध कराने का वादा किया तो पुलिस ने उसे रंगे हाथ पकड़ लिया और उसके पास से वही नोट बरामद किए गए जो पहले चिन्हित किए गए थे।

    इसके अलावा सूत्रों का कहना है कि इस रैकेट के चलने में अस्पताल के भीतर से भी मदद मिल रही हो सकती है। अस्पताल के ब्लड बैंक से जुड़ा कोई कर्मचारी इस सिंडिकेट का हिस्सा हो सकता है और पुलिस इस संभावना पर भी गहन जांच कर रही है।यह कार्रवाई एक सख्त संदेश देती है कि प्रशासन अब ऐसे अवैध कारोबारों को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं करेगा और उपभोक्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कड़ी कार्रवाई करेगा।

  • MP: सतना में हो रहा था खून का काला कारोबार, SDM ने फिल्मी अंदाज में स्टिंग कर 3 को दबोचा

    MP: सतना में हो रहा था खून का काला कारोबार, SDM ने फिल्मी अंदाज में स्टिंग कर 3 को दबोचा


    सतना।
    मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) के सतना जिला अस्पताल (Satna District Hospital) की साख तार-तार हो चुकी है। एक तरफ अस्पताल के भीतर दिल्ली और भोपाल की टीमें थैलीसीमिया पीड़ित बच्चों (Thalassemia Children) को HIV संक्रमित खून चढ़ाए जाने के मामले की फाइलें खंगाल रही हैं, तो दूसरी तरफ अस्पताल के गेट पर ही खून के सौदागर इंसानी मजबूरी का फायदा उठाकर 5000 रुपए में खून बेच रहे हैं। गुरुवार को प्रशासन ने इस ‘काले खेल’ का पर्दाफाश करने के लिए बिल्कुल फिल्मी अंदाज में जाल बिछाया। एसडीएम सिटी राहुल सिलाड़िया (SDM City Rahul Siladia) और कोतवाली टीआई रावेंद्र द्विवेदी (TI Ravindra Dwivedi) ने एक सुनियोजित स्टिंग ऑपरेशन कर खून की दलाली करने वाले 3 लोगों को रंगे हाथों दबोच लिया।


    नोटों के नंबर नोट किए, वीडियो बनाया और भेजा ‘नकली ग्राहक’

    दलालों को रंगे हाथ पकड़ने के लिए एसडीएम ने पुख्ता सबूत तैयार किए थे। इसके लिए उन्होंने 500, 200 और 100 के नोटों से 4500 रुपए की एक गड्डी तैयार की और इन सभी नोटों के सीरियल नंबर पहले से एक रजिस्टर में दर्ज कर लिए। सबूत के तौर पर नोटों का टाइम स्टैम्प वाला एक वीडियो भी बनाया गया, फिर एक व्यक्ति को ‘नकली ग्राहक’ बनाकर खून खरीदने भेजा गया।

    ग्राहक के रूप में पहुंचे शख्स ने जैसे ही दलाल को पैसे दिए और दलाल ने उससे कहा कि डोनर आ रहा है, वैसे ही इशारा मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम ने धावा बोल दिया। दलाल की जेब की तलाशी लेने पर वही चिन्हित नोट बरामद हुए, जिनका नंबर प्रशासन ने पहले से नोट कर रखा था।


    ऐसे चल रहा था नेटवर्क

    इस कार्रवाई ने अस्पताल परिसर के बाहर चल रहे खून के अवैध धंधे की पोल खोल दी है। जांच में सामने आया कि अस्पताल के ठीक सामने मौजूद चाय की टपरियों और फलों के ठेलों पर ये दलाल बैठे रहते थे। मरीज के परेशान परिजनों को देखते ही ये उन्हें घेर लेते थे और ब्लड दिलाने के नाम पर मोटी रकम वसूलते थे। पुलिस ने मौके से तीन दलालों को गिरफ्तार किया है, इसमें रजनीश साहू (निवासी करसरा), मोहम्मद कैफ (निवासी कामता टोला), अनिल गुप्ता (निवासी टिकुरिया टोला) शामिल हैं।


    एसडीएम ने किया पर्दाफाश

    इस कार्रवाई की जानकारी देते हुए एसडीएम राहुल सिलाड़िया ने बताया कि हमें ब्लड की दलाली की सूचना मिली थी। इस पर हमने योजना बनाकर कुछ नोटों को चिन्हित किया और उनका वीडियो रिकॉर्ड कर एक व्यक्ति को ग्राहक बनाकर भेज दिया। अस्पताल के सामने खड़े फल के ठेले पर मिले एक दलाल ने बदले में 4500 रुपए की मांग की। जैसे ही दलाल ने पैसे लिए, हमने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया। आरोपी के पास से वही चिन्हित नोट बरामद हुए हैं। इससे साफ है कि दुकानों की आड़ में खून का अवैध कारोबार चल रहा है। पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है।


    अंदर से कौन कर रहा है मदद?

    सूत्रों के मुताबिक अस्पताल के भीतर की मिलीभगत के बिना यह रैकेट चलना नामुमकिन है। बड़ा सवाल यह है कि दलाल बाहर पैसा ले रहा है, तो अंदर से ब्लड या डोनर कौन मैनेज कर रहा है? क्या ब्लड बैंक का कोई कर्मचारी इस सिंडिकेट का हिस्सा है? फिलहाल पुलिस आरोपियों से कड़ी पूछताछ करते हुए इन सवालों के जवाब तलाशने की कोशिश कर रही है।

  • MP: सतना में बुजुर्ग की दिलेरी… सीने में गोली लगने बाद भी हमलावर का कृत्रिम पैर और कट्टा छीना

    MP: सतना में बुजुर्ग की दिलेरी… सीने में गोली लगने बाद भी हमलावर का कृत्रिम पैर और कट्टा छीना


    सतना।
    मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) के सतना जिले (Satna district) में गुरुवार की रात एक ऐसी सनसनीखेज वारदात हुई, जिसकी कहानी किसी फिल्म की पटकथा (Film script) जैसी लगती है। यहां एक 60 वर्षीय बुजुर्ग ने गोली लगने के बावजूद वो दिलेरी दिखाई, जिसे सुनकर पुलिस भी दंग रह गई है। बिजली विभाग के कर्मचारी (Electricity department employees) को एक दिव्यांग बदमाश ने सीने में गोली मार दी। खून से लथपथ होने के बाद भी बुजुर्ग ने हार नहीं मानी और हमलावर से भिड़ गए। छीना-झपटी में उन्होंने हमलावर का कृत्रिम पैर और कट्टा छीन लिया, जिसके बाद बदमाश लंगड़ाते हुए भाग निकला।


    ड्यूटी से घर लौटते वक्त किया हमला

    बिजली विभाग के घायल कर्मचारी की पहचान रामनरेश बर्मन (60 वर्ष) के रूप में हुई है, जो मूल रूप से अमदरा थाना क्षेत्र के नौगांव के निवासी हैं और सतना के प्रेम नगर स्थित विद्युत विभाग कार्यालय में चपरासी हैं। उन्होंने बताया कि गुरुवार शाम जब वह ड्यूटी खत्म करके ट्रेन पकड़ने के लिए पैदल स्टेशन की ओर जा रहे थे, और जैसे ही वह पटरी किनारे चलते हुए प्रेम नगर अंडरब्रिज के पास पहुंचे, तभी अंधेरे में छिपे एक दिव्यांग व्यक्ति ने उन्हें रोका और कट्टे से फायर कर दिया। गोली सीधे उनके बाएं सीने में लगी।


    मौत सामने थी, पर नहीं टूटा हौसला

    गोली लगते ही रामनरेश के शरीर से खून बहने लगा, लेकिन इसके बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी और गजब की जीवटता दिखाई। वे गिरने के बजाय हमलावर पर टूट पड़े। इसके बाद दोनों के बीच जमकर गुत्थम-गुत्था हुई और इस दौरान दिव्यांग हमलावर जमीन पर गिर गया। रामनरेश ने मौका देखते ही उसका नकली पैर खींच लिया और हाथ से कट्टा भी छीन लिया। अपना पैर और हथियार छिनता देख हमलावर घबरा गया और एक पैर से लंगड़ाते हुए मौके से फरार हो गया।


    झोले में नकली पैर और कट्टा लेकर थाने पहुंचे

    इस खौफनाक घटना और सीने में गोली लगी होने के बावजूद रामनरेश बर्मन झोले में हमलावर का नकली पैर और कट्टा भरकर सीधे सिटी कोतवाली पहुंचे। उनके एक हाथ में हमलावर का कृत्रिम पैर था और दूसरे हाथ में कट्टा था। यह दृश्य देखकर पुलिसकर्मी भी सन्न रह गए है। पुलिस ने तत्काल उन्हें वाहन से जिला अस्पताल भेज दिया। घटना की गंभीरता को देखते हुए सीएसपी देवेंद्र प्रताप सिंह तुरंत जिला अस्पताल पहुंचे और घायल के बयान लिए।


    आरोपी की तलाश में जुटी पुलिस

    उधर सतना सीएसपी देवेंद्र प्रताप सिंह ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि रामनरेश बर्मन जो कि विद्युत विभाग में चपरासी के पद पदस्थ हैं। वह रोज की तरह ड्यूटी खत्म करके ट्रेन से घर जाने के लिए निकले थे तभी रास्ते पर अंधेरे में एक अज्ञात व्यक्ति आया और आकर रामनरेश पर कट्टे से फायर कर दिया। पुलिस ने कहा कि फायर करने वाला व्यक्ति विकलांग था उसका नकली पैर भी वहीं छूट गया है। आगे उन्होंने कहा कि हो सकता है अंधेरे का फायदा उठाकर बदमाश ने लूट के इरादे से गोली मारी होगी। पुलिस ने हत्या के प्रयास का मामला पंजीबद्ध कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है।