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  • शेयर बाजार का सकारात्मक सप्ताह: टॉप कंपनियों में 63 हजार करोड़ रुपए की बढ़ोतरी

    शेयर बाजार का सकारात्मक सप्ताह: टॉप कंपनियों में 63 हजार करोड़ रुपए की बढ़ोतरी


    नई दिल्ली/ मुंबई। भारतीय शेयर बाजार में पिछले सप्ताह सकारात्मक रुख देखने को मिला, जिसके चलते देश की टॉप-10 सबसे मूल्यवान कंपनियों में से छह के संयुक्त बाजार पूंजीकरण में 63,478.46 करोड़ रुपए की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इस दौरान इंफ्रास्ट्रक्चर और बैंकिंग सेक्टर की कंपनियां सबसे ज्यादा फायदे में रहीं।

    सप्ताह के दौरान व्यापक बाजार भी मजबूती के साथ बंद हुआ। 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 187.95 अंक यानी 0.22 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ, जिससे निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ।

    सबसे ज्यादा लाभ लार्सन एंड टुब्रो को हुआ। कंपनी का मार्केट कैप 28,523.31 करोड़ रुपए बढ़कर 6,02,552.24 करोड़ रुपए पर पहुंच गया। इंफ्रास्ट्रक्चर और प्रोजेक्ट ऑर्डर्स में मजबूती ने कंपनी के शेयरों को सहारा दिया।

    इसके बाद स्टेट बैंक ऑफ इंडिया का प्रदर्शन उल्लेखनीय रहा। बैंक का बाजार पूंजीकरण 16,015.12 करोड़ रुपए बढ़कर 11,22,581.56 करोड़ रुपए हो गया। बैंकिंग शेयरों में खरीदारी से एसबीआई को खास लाभ मिला।

    एचडीएफसी बैंक का मार्केट कैप 9,617.56 करोड़ रुपए बढ़कर 14,03,239.48 करोड़ रुपए पर पहुंच गया। वहीं भारतीय जीवन बीमा निगम का मूल्यांकन 5,977.12 करोड़ रुपए बढ़कर 5,52,203.92 करोड़ रुपए हो गया।

    वित्तीय सेवा क्षेत्र की कंपनी बजाज फाइनेंस का बाजार पूंजीकरण भी 3,142.36 करोड़ रुपए बढ़कर 6,40,387 करोड़ रुपए पर पहुंच गया।

    हालांकि सभी कंपनियों के लिए सप्ताह सकारात्मक नहीं रहा। टेलीकॉम सेक्टर की दिग्गज कंपनी भारती एयरटेल का मार्केट कैप 15,338.66 करोड़ रुपए घटकर 11,27,705.37 करोड़ रुपए रह गया।

    इसी तरह आईसीआईसीआई बैंक का मूल्यांकन 14,632.10 करोड़ रुपए घटकर 9,97,346.67 करोड़ रुपए पर आ गया। आईटी सेक्टर की कंपनियों में भी हल्की गिरावट दर्ज की गई। इंफोसिस का मार्केट कैप 6,791.58 करोड़ रुपए घटकर 5,48,496.14 करोड़ रुपए रह गया, जबकि टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज का बाजार पूंजीकरण 1,989.95 करोड़ रुपए घटकर 9,72,053.48 करोड़ रुपए पर पहुंच गया।

    देश की सबसे मूल्यवान कंपनियों की सूची में एचडीएफसी बैंक, भारती एयरटेल, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, आईसीआईसीआई बैंक, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, बजाज फाइनेंस, लार्सन एंड टुब्रो, भारतीय जीवन बीमा निगम और इंफोसिस शामिल हैं।

    विशेषज्ञों के अनुसार निफ्टी के लिए 25,800 का स्तर तत्काल रेजिस्टेंस है। इसके बाद 26,000 और 26,200 के स्तर अहम माने जा रहे हैं। वहीं नीचे की ओर 25,300 और 25,100 प्रमुख सपोर्ट स्तर हैं। यदि सूचकांक 25,000 के नीचे मजबूती से टूटता है तो बाजार में गिरावट का दबाव बढ़ सकता है।

  • बाजार में बिकवाली का असर: टीसीएस का मार्केट कैप घटा, रिलायंस इंडस्ट्रीज कायम शीर्ष पर

    बाजार में बिकवाली का असर: टीसीएस का मार्केट कैप घटा, रिलायंस इंडस्ट्रीज कायम शीर्ष पर


    नई दिल्‍ली ।
    मुंबई में इस हफ्ते शेयर बाजार में व्यापक गिरावट देखने को मिली और देश की प्रमुख आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) इस गिरावट का सबसे बड़ा शिकार बनी। टीसीएस का बाजार पूंजीकरण 90,198.92 करोड़ रुपए घटकर 9,74,043.43 करोड़ रुपए पर आ गया। इस गिरावट के साथ ही टीसीएस देश की टॉप कंपनियों में सबसे ज्यादा नुकसान उठाने वाली कंपनी बनकर उभरी।

    विस्तृत बिकवाली के माहौल में टॉप-10 कंपनियों में शामिल छह कंपनियों का संयुक्त मार्केट कैप तीन लाख करोड़ रुपए से अधिक घट गया। बीएसई का प्रमुख सूचकांक 953.64 अंक यानी 1.14 प्रतिशत गिरा, जिससे निवेशकों का भरोसा कमजोर नजर आया। आईटी सेक्टर में टीसीएस और इंफोसिस सबसे ज्यादा प्रभावित हुई। इंफोसिस का बाजार पूंजीकरण 70,780.23 करोड़ रुपए घटकर 5,55,287.72 करोड़ रुपए पर आ गया। आईटी शेयरों में आई यह गिरावट पूरे बाजार पर असर डाल रही है।

    निजी क्षेत्र के बैंक एचडीएफसी बैंक का मार्केट कैप भी प्रभावित हुआ और इसमें 54,627.71 करोड़ रुपए की कमी आई, जिससे इसका कुल मार्केट कैप 13,93,621.92 करोड़ रुपए रह गया। वहीं देश की सबसे मूल्यवान कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज का मार्केट कैप भी घटकर 19,21,475.79 करोड़ रुपए रह गया, हालांकि यह अब भी शीर्ष पर कायम है।

    बीमा क्षेत्र में भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) का मार्केट कैप 23,971.74 करोड़ रुपए घटकर 5,46,226.80 करोड़ और भारती एयरटेल का मार्केट कैप 19,244.61 करोड़ रुपए घटकर 11,43,044.03 करोड़ रुपए रह गया।

    हालांकि सभी कंपनियों के लिए यह हफ्ता नुकसान भरा नहीं रहा। देश के सबसे बड़े सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक एसबीआई का मार्केट कैप 1,22,213.38 करोड़ रुपए बढ़कर 11,06,566.44 करोड़ रुपए पर पहुंच गया और यह इस हफ्ते सबसे अधिक लाभ कमाने वाली कंपनी बनी। इसके साथ ही बजाज फाइनेंस का मूल्यांकन 26,414.44 करोड़ रुपए बढ़कर 6,37,244.64 करोड़ और इंजीनियरिंग कंपनी लार्सन एंड टुर्बो (एलएंडटी) का मार्केट कैप 14,483.9 करोड़ रुपए बढ़कर 5,74,028.93 करोड़ रुपए तक पहुंच गया।

    निजी क्षेत्र के आईसीआईसीआई बैंक का मार्केट कैप भी 5,719.95 करोड़ रुपए बढ़कर 10,11,978.77 करोड़ रुपए पर पहुंचा। इस गिरावट के बावजूद रिलायंस इंडस्ट्रीज देश की सबसे मूल्यवान कंपनी बनी रही और टॉप-10 कंपनियों की रैंकिंग में एचडीएफसी बैंक, भारती एयरटेल, एसबीआई, आईसीआईसीआई बैंक, टीसीएस, बजाज फाइनेंस, एलएंडटी, इंफोसिस और एलआईसी का स्थान रहा।

    कुल मिलाकर यह हफ्ता बाजार के लिए मिलाजुला रहा। आईटी कंपनियों के मार्केट कैप में भारी गिरावट हुई, लेकिन बैंकिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में कुछ कंपनियों ने लाभ दिखाया। निवेशकों के लिए यह हफ्ता सीख और सतर्कता का संकेत भी लेकर आया।

  • एसबीआई का मुनाफा तीसरी तिमाही में 13 फीसदी बढ़कर 21,317 करोड़ रुपये

    एसबीआई का मुनाफा तीसरी तिमाही में 13 फीसदी बढ़कर 21,317 करोड़ रुपये


    नई दिल्‍ली।
    स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) (State Bank of India (SBI) ने चालू वित्‍त वर्ष 2025-26 (Current Financial Year 2025-26) की दिसंबर तिमाही के नतीजे का ऐलान कर दिया है। एसबीआई ने शनिवार को कहा कि 31 दिसंबर को समाप्‍त अक्‍टूबर-दिसंबर तिमाही में उसका मुनाफा 13.06 फीसदी बढ़कर 21,317 करोड़ रुपये रहा। बैंक को पिछले वित्‍त वर्ष 2024-25 की इसी अवधि में 18,853 करोड़ रुपये का लाभ हुआ था।

    एसबीआई ने बयान में बताया कि वित्‍त वर्ष 2025-26 की जुलाई-सितंबर तिमाही में बैंक ने 21,137 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया था। एकल आधार पर अक्‍टूबर-दिसंबर तिमाही में शुद्ध लाभ 24.48 फीसदी बढ़कर 21,028 करोड़ रुपये रहा है। पिछले वित्‍त वर्ष की समान अवधि में यह 16,891 करोड़ रुपये रहा था।

    देश के सबसे बड़े ऋणदाता बैंक का वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही में एकल आधार पर कुल आय बढ़कर 1,40,915 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले वित्‍त वर्ष 2024-25 की इसी तिमाही में 1,28,467 करोड़ रुपये थी। इस दौरान बैंक का कुल खर्च 1,04,917 करोड़ रुपये से बढ़कर 1,08,052 करोड़ रुपये हो गया। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक की सकल गैर-निष्पादित संपत्ति (एनपीए) का अनुपात 31 दिसंबर 2025 तक बेहतर होकर 1.57 फीसदी रहा, जो सितंबर 2025 में 1.73 फीसदी था। वहीं, बैंक का कुल प्रावधान 4,507 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वित्‍त वर्ष की समान अवधि में 911 करोड़ रुपये रहा था। इसके अलावा बैंक का कुल पूंजी पर्याप्तता अनुपात 31 दिसंबर 2025 तक 14.04 फीसदी रहा।

  • SBI के ग्राहकों के लिए लोन लेना हुआ सस्ता, 15 दिसंबर से लागू होंगी नई दरें

    SBI के ग्राहकों के लिए लोन लेना हुआ सस्ता, 15 दिसंबर से लागू होंगी नई दरें


    नई दिल्ली।
    देश के सबसे बड़े लेंडर स्टेट (India’s largest lender) बैंक ऑफ इंडिया (State Bank of India- SBI) ने अपने ग्राहकों को बड़ा तोहफा दिया है। एसबीआई ने रिजर्व बैंक की पॉलिसी रेट (Reserve Bank’s policy rate) में कटौती के बाद अपनी लेंडिंग रेट में 25 बेसिस पॉइंट्स की कमी की है, जिससे मौजूदा और नए कर्जदारों के लिए लोन सस्ता हो गया है। इस लेटेस्ट कटौती के साथ SBI का एक्सटर्नल बेंचमार्क लिंक्ड रेट (EBLR) 25 बेसिस पॉइंट्स कम होकर 7.90% हो जाएगा। संशोधित दरें 15 दिसंबर, 2025 से लागू होंगी।


    MCLR में भी 5 बेसिस पॉइंट्स की कटौती

    बैंक ने सभी टेन्योर के लिए मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स-बेस्ड लेंडिंग रेट (MCLR) में भी 5 बेसिस पॉइंट्स की कटौती की है। इस संशोधन के साथ, एक साल की मैच्योरिटी वाला MCLR मौजूदा 8.75% से घटकर 8.70% हो जाएगा। इसी तरह, एक साल की मैच्योरिटी दर क्रमशः 5 प्रतिशत सस्ती होकर 8.75% और 8.80% हो जाएगी। बैंक ने कहा कि उसने बेस रेट/BPLR को मौजूदा 10% से घटाकर 9.90% कर दिया है, जो 15 दिसंबर से प्रभावी होगा। इसके अलावा, बैंक ने 15 दिसंबर से प्रभावी दो साल से कम तीन साल की मैच्योरिटी के लिए फिक्स्ड डिपॉजिट दर में भी 5 बेसिस पॉइंट्स की कटौती करके 6.40% करने का फैसला किया है। हालांकि, बैंक ने दूसरी मैच्योरिटी बकेट पर ब्याज दरें बरकरार रखी हैं। एसबीआई ने ‘444 दिन’ की खास स्कीम अमृत वृष्टि की ब्याज दर में भी कटौती की है। अब ब्याज दर 15 दिसंबर से 6.60 प्रतिशत से घटाकर 6.45 प्रतिशत कर दी गई है।


    इंडियन ओवरसीज बैंक का भी ऐलान

    एक और सरकारी बैंक इंडियन ओवरसीज बैंक (IOB) ने भी 15 दिसंबर, 2025 से अपनी लेंडिंग रेट में कमी की घोषणा की है। IOB ने एक बयान में कहा कि बैंक ने अपने एक्सटर्नल बेंचमार्क लेंडिंग रेट (EBLR) – खासकर रेपो लिंक्ड लेंडिंग रेट (RLLR) को 25 बेसिस पॉइंट्स घटाकर 8.35% से 8.10% कर दिया है, जिससे पॉलिसी रेट में कटौती का पूरा फायदा ग्राहकों को मिलेगा। इसके अलावा, बैंक की एसेट लायबिलिटी मैनेजमेंट कमेटी (ALCO) ने तीन महीने से लेकर तीन साल तक की सभी टेन्योर के लिए मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स-बेस्ड लेंडिंग रेट (MCLR) में 5 बेसिस पॉइंट की कमी को मंजूरी दी है। बैंक ने कहा कि इन बदलावों से मौजूदा और नए दोनों तरह के कर्जदारों की इक्वेटेड मंथली इंस्टॉलमेंट (EMI) कम हो जाएगी, जिनके लोन इन बेंचमार्क से जुड़े हुए हैं।