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  • सीहोर के कोतवाली चौराहे पर कबाड़ में लगी भीषण आग, तीन मंजिला मकान तक पहुंचीं लपटें; 3 बाइकें जलकर राख

    सीहोर के कोतवाली चौराहे पर कबाड़ में लगी भीषण आग, तीन मंजिला मकान तक पहुंचीं लपटें; 3 बाइकें जलकर राख


    मध्यप्रदेश । सीहोर शहर के व्यस्त कोतवाली चौराहे के पास सोमवार सुबह एक बड़ा अग्निकांड सामने आया, जब कबाड़ के ढेर में अचानक आग लग गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार घटना सुबह करीब पांच बजे की है। आग लगने के बाद देखते ही देखते लपटें तेज हो गईं और आसपास के क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आग की तीव्रता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसकी लपटें पास स्थित तीन मंजिला मकान तक पहुंच गईं।

    स्थानीय लोगों के अनुसार, आग लगने के बाद क्षेत्र में धुआं और लपटें तेजी से फैलने लगीं, जिससे आसपास रहने वाले लोगों में दहशत फैल गई। घटना की सूचना मिलने पर फायर ब्रिगेड को बुलाया गया। दमकल कर्मियों और स्थानीय नागरिकों के प्रयासों से आग पर काबू पाया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।

    प्राथमिक जानकारी के अनुसार आग की चपेट में आकर वहां खड़ी तीन मोटरसाइकिलें पूरी तरह जल गईं। इनमें एक स्प्लेंडर, एक डीलक्स और एक पल्सर बाइक शामिल थी। आग इतनी भीषण थी कि वाहनों को बचाने का मौका तक नहीं मिल सका और वे कुछ ही समय में राख में तब्दील हो गईं। हालांकि घटना में किसी व्यक्ति के हताहत होने की सूचना नहीं है।

    मोहल्ले के लोगों का आरोप है कि जिस स्थान पर आग लगी, वहां लंबे समय से बड़े पैमाने पर कबाड़ जमा किया जा रहा था। स्थानीय निवासियों का कहना है कि नाले के पास सड़क क्षतिग्रस्त होने और निगरानी की कमी का फायदा उठाकर कबाड़ संचालक ने मोहल्ले तथा सरकारी जमीन पर भी कबाड़ फैला रखा था। लोगों का दावा है कि इसी कारण आग ने तेजी से विकराल रूप धारण कर लिया।

    निवासियों ने यह भी आरोप लगाया कि मकान मालिक ने किराए के लालच में भवन को कबाड़ कारोबार के लिए उपलब्ध कराया हुआ है, जिससे पूरे इलाके के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने कई बार इस संबंध में आपत्ति जताई, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। कुछ लोगों ने यह आरोप भी लगाया कि विरोध करने पर कबाड़ संचालक द्वारा धमकाने की कोशिश की जाती है।

    घटना के बाद क्षेत्रवासियों में भारी नाराजगी देखने को मिली। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि रिहायशी क्षेत्र में संचालित ऐसे कबाड़ कारोबारों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाए। साथ ही सरकारी भूमि पर किए गए कथित अतिक्रमण और अवैध रूप से जमा कबाड़ को हटाया जाए, ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे की आशंका को रोका जा सके।

    स्थानीय लोगों के अनुसार, आग बुझाने के दौरान विकास ठाकुर सहित कई नागरिकों ने फायर ब्रिगेड की टीम का सहयोग किया। समय रहते आग पर नियंत्रण पा लिए जाने से आसपास के मकानों और अन्य संपत्तियों को बड़े नुकसान से बचा लिया गया। फिलहाल आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है और प्रशासनिक कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।

  • सीहोर में 61 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से चली आंधी, इछावर में झमाझम बारिश से मौसम हुआ सुहाना

    सीहोर में 61 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से चली आंधी, इछावर में झमाझम बारिश से मौसम हुआ सुहाना


    मध्यप्रदेश । सीहोर जिले में सोमवार दोपहर अचानक बदले मौसम ने लोगों को भीषण गर्मी और उमस से बड़ी राहत दिलाई। सुबह से तेज धूप और उमस के कारण लोग परेशान थे, लेकिन दोपहर बाद मौसम ने अचानक करवट ली। देखते ही देखते आसमान में घने काले बादल छा गए और दिन के समय ही अंधेरा जैसा माहौल बन गया। इसके बाद तेज हवाओं के साथ आंधी का दौर शुरू हुआ, जिसने पूरे जिले में धूल का गुबार उड़ा दिया।

    मौसम विभाग के अनुसार जिले में करीब 61 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चली। तेज हवाओं के चलते कई स्थानों पर लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा, वहीं सड़कों पर दृश्यता भी कुछ समय के लिए प्रभावित हुई। हालांकि आंधी के बाद शुरू हुई बारिश ने मौसम को पूरी तरह बदल दिया और वातावरण में ठंडक घुल गई।

    जिले के विभिन्न हिस्सों में बारिश का असर अलग-अलग देखने को मिला। सबसे अधिक वर्षा इछावर क्षेत्र में दर्ज की गई, जहां 0.91 इंच बारिश हुई। इसके अलावा श्यामपुर में 0.18 इंच, भैरूंदा में 0.16 इंच और सीहोर मुख्यालय पर 0.09 इंच वर्षा रिकॉर्ड की गई। जिला मुख्यालय पर बारिश का दौर अपेक्षाकृत कम रहा और अधिकांश क्षेत्रों में बूंदाबांदी देखने को मिली, लेकिन इससे भी लोगों को राहत महसूस हुई।

    तेज बारिश और हवाओं के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। पिछले कुछ दिनों से लगातार बढ़ रही गर्मी और उमस से लोग परेशान थे। दोपहर बाद मौसम में आए इस बदलाव ने न केवल तापमान कम किया, बल्कि वातावरण को भी काफी हद तक शीतल बना दिया। बाजारों, कार्यालयों और सार्वजनिक स्थानों पर लोगों ने मौसम के इस बदलाव का स्वागत किया।

    मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि दोपहर बाद वायुमंडल में अचानक हुए बदलाव और नमी की उपलब्धता के कारण घने बादलों का निर्माण हुआ, जिससे तेज आंधी और बारिश की स्थिति बनी। विशेषज्ञों के अनुसार मालवा और मध्य प्रदेश के मध्य क्षेत्र में इस तरह की गतिविधियां आगामी दिनों में भी जारी रह सकती हैं।

    मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के दौरान जिले के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई है। साथ ही कुछ क्षेत्रों में तेज हवाएं भी चल सकती हैं। ऐसे में किसानों और आम नागरिकों को मौसम संबंधी अपडेट पर नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है।

    बारिश के बाद जहां लोगों को गर्मी से राहत मिली है, वहीं किसानों को भी इससे लाभ मिलने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर हो रही प्री-मानसून गतिविधियां खरीफ फसलों की तैयारी के लिए अनुकूल परिस्थितियां तैयार कर सकती हैं।

  • गाय बचाने की कोशिश में दर्दनाक हादसा सीहोर में बस पेड़ से टकराई हेल्पर की मौत

    गाय बचाने की कोशिश में दर्दनाक हादसा सीहोर में बस पेड़ से टकराई हेल्पर की मौत


    सीहोर/आष्टा। मध्यप्रदेश के सीहोर जिले में इंदौर भोपाल राज्यमार्ग पर एक भीषण सड़क हादसा सामने आया है जहां तेज रफ्तार बस अनियंत्रित होकर पेड़ से टकरा गई। आष्टा के कोठरी के पास हुए इस हादसे में एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई जबकि चार अन्य यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।

    जानकारी के अनुसार अहमदाबाद से भोपाल जा रही वर्मा ट्रेवल्स की बस सुबह के समय इस मार्ग से गुजर रही थी। तभी अचानक सड़क पर एक गाय आ गई जिसे बचाने के प्रयास में चालक ने जोर से ब्रेक लगाया। इसी दौरान बस का टायर फट गया और वाहन का संतुलन बिगड़ गया। देखते ही देखते बस सड़क किनारे पेड़ से जा टकराई और जोरदार आवाज के साथ हादसा हो गया।

    हादसे की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बस का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। केबिन में बैठे हेल्पर सुनील मुकाती जो बड़ी पोलाई के निवासी थे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। वह केबिन में बुरी तरह फंस गए थे और उन्हें बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू टीम को कटर की मदद लेनी पड़ी।

    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और राहत बचाव दल मौके पर पहुंचा और तत्काल घायलों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया। चार यात्रियों की हालत गंभीर बताई जा रही है जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर किया गया है।

    पुलिस अधिकारियों के अनुसार हादसे का प्राथमिक कारण गाय को बचाने के प्रयास में अचानक ब्रेक लगाना और उसी दौरान टायर फटना माना जा रहा है। हालांकि पूरे मामले की जांच की जा रही है ताकि सटीक कारणों का पता लगाया जा सके।

    इस घटना के बाद कुछ समय के लिए मार्ग पर यातायात भी प्रभावित हुआ जिसे बाद में नियंत्रित किया गया। स्थानीय लोगों ने भी राहत कार्य में सहयोग किया और घायलों को सुरक्षित बाहर निकालने में मदद की।

    यह हादसा एक बार फिर यह संकेत देता है कि सड़क पर अचानक आने वाली बाधाएं और तेज रफ्तार किस तरह जानलेवा साबित हो सकती हैं। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और मृतक के परिजनों को सूचना दे दी गई है।

  • सीहोर में तिरंगे के अपमान का मामला: सड़क पर बिछाकर कुचलने का आरोप, तीन आरोपी गिरफ्तार

    सीहोर में तिरंगे के अपमान का मामला: सड़क पर बिछाकर कुचलने का आरोप, तीन आरोपी गिरफ्तार


    सीहोर। मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के दोराहा थाना क्षेत्र के ग्राम सिराड़ी में राष्ट्रीय ध्वज के अपमान का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि कुछ लोगों ने तिरंगे को सड़क पर बिछाकर उसके साथ अभद्र व्यवहार किया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को हिरासत में ले लिया है।

    घटना शुक्रवार की बताई जा रही है। शिकायत के अनुसार आरोपियों ने तिरंगे को सड़क के बीचों-बीच बिछाया और उसके चारों कोनों पर पत्थर रख दिए। इसके बाद झंडे को पैरों से कुचलने का आरोप है जिससे ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। ग्राम निवासी राहुल दांगी की शिकायत पर कार्रवाई शुरू हुई। प्रत्यक्षदर्शियों ने घटना की जानकारी डायल 112 पर दी जिसके बाद पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और तिरंगे को सम्मानपूर्वक हटाया।

    तीन आरोपी हिरासत में केस दर्ज

    दोराहा थाना प्रभारी राजेश सिन्हा के अनुसार पुलिस ने सलीम खान जलील खान उर्फ गुड्डू और समीर खान को हिरासत में लिया है। तीनों के खिलाफ राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम 1971 की धारा 2 और 3 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब इस मामले की गहराई से जांच कर रही है। यह भी देखा जा रहा है कि इस घटना के पीछे कोई साजिश या बाहरी संगठन की भूमिका तो नहीं है।

    घटना से इलाके में आक्रोश

    इस घटना के बाद गांव में लोगों के बीच नाराजगी का माहौल है। प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रण में रखते हुए शांति बनाए रखने की अपील की है। मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के दोराहा थाना क्षेत्र के ग्राम सिराड़ी में राष्ट्रीय ध्वज के अपमान का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि कुछ लोगों ने तिरंगे को सड़क पर बिछाकर उसके साथ अभद्र व्यवहार किया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को हिरासत में ले लिया है।

    घटना शुक्रवार की बताई जा रही है। शिकायत के अनुसार आरोपियों ने तिरंगे को सड़क के बीचों-बीच बिछाया और उसके चारों कोनों पर पत्थर रख दिए। इसके बाद झंडे को पैरों से कुचलने का आरोप है जिससे ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। ग्राम निवासी राहुल दांगी की शिकायत पर कार्रवाई शुरू हुई। प्रत्यक्षदर्शियों ने घटना की जानकारी डायल 112 पर दी जिसके बाद पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और तिरंगे को सम्मानपूर्वक हटाया।

    तीन आरोपी हिरासत में केस दर्ज

    दोराहा थाना प्रभारी राजेश सिन्हा के अनुसार पुलिस ने सलीम खान जलील खान उर्फ गुड्डू और समीर खान को हिरासत में लिया है। तीनों के खिलाफ राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम 1971 की धारा 2 और 3 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब इस मामले की गहराई से जांच कर रही है। यह भी देखा जा रहा है कि इस घटना के पीछे कोई साजिश या बाहरी संगठन की भूमिका तो नहीं है।

    घटना से इलाके में आक्रोश

    इस घटना के बाद गांव में लोगों के बीच नाराजगी का माहौल है। प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रण में रखते हुए शांति बनाए रखने की अपील की है।

  • सिहोरा पत्थरबाजी मामला: TI हटाए गए, प्रतीक्षा मार्को को सौंपा थाने का प्रभार

    सिहोरा पत्थरबाजी मामला: TI हटाए गए, प्रतीक्षा मार्को को सौंपा थाने का प्रभार

    जबलपुर जिले के सिहोरा में हाल ही में हुई पत्थरबाजी की घटना के बाद टीआई पर कार्रवाई की गई है। सिहोरा के आजाद चौक इलाके में घरों और लोगों पर पत्थरबाजी करने वाले कई युवकों का वीडियो कैमरे में कैद हुआ था, जिसमें कुछ मुस्लिम समुदाय के लोग भी पत्थरबाजी करते हुए दिखाई दिए थे।

    मामले में सिहोरा टीआई को हटाकर प्रतीक्षा मार्को को थाने का नया प्रभारी नियुक्त किया गया है। इस घटना के बाद सिहोरा के हालात बिगड़ गए थे और इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। पुलिस ने कई पत्थरबाजों को हिरासत में लेकर जेल भेजा है और अभी भी संदेहियों से पूछताछ जारी है।

    स्थानीय प्रशासन ने कहा है कि पत्थरबाजी जैसी हिंसक घटनाओं पर सख्त कार्रवाई की जाएगी और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जाएगी। नए प्रभारी टीआई प्रतीक्षा मार्को ने मौके पर पहुंचकर स्थिति की समीक्षा की और पुलिस फोर्स को सतर्क रहने के निर्देश दिए।

  • सीहोर में बिजली चोरी पकड़ते ही भड़का उपभोक्ता, स्मार्ट मीटर उखाड़कर तोड़ा; विभागीय टीम से बदसलूकी का वीडियो वायरल

    सीहोर में बिजली चोरी पकड़ते ही भड़का उपभोक्ता, स्मार्ट मीटर उखाड़कर तोड़ा; विभागीय टीम से बदसलूकी का वीडियो वायरल


    सीहोर । मध्यप्रदेश के सीहोर जिले में बिजली चोरी के खिलाफ कार्रवाई करने पहुंची विद्युत विभाग की टीम पर हमला और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का मामला सामने आया है। रूटीन चेकिंग के दौरान जब टीम ने एक उपभोक्ता को स्मार्ट मीटर से छेड़छाड़ कर बिजली चोरी करते पकड़ा तो आरोपी ने आपा खो दिया और साक्ष्य मिटाने के इरादे से मीटर ही उखाड़कर फेंक दिया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

    जानकारी के अनुसार विद्युत विभाग की टीम क्षेत्र में स्मार्ट मीटर की निगरानी और नियमित जांच के लिए पहुंची थी। इसी दौरान एक मकान में लगे स्मार्ट मीटर में संदिग्ध गतिविधि पाई गई। तकनीकी जांच में मीटर से छेड़छाड़ कर अवैध रूप से बिजली उपयोग करने के संकेत मिले। टीम ने जैसे ही कार्रवाई शुरू की संबंधित उपभोक्ता भड़क उठा।

    प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक आरोपी ने पहले टीम की कार्रवाई का विरोध किया और फिर दीवार पर लगे स्मार्ट मीटर को जबरन उखाड़कर जमीन पर पटक दिया जिससे वह पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। बताया जा रहा है कि यह कदम कथित रूप से चोरी के साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से उठाया गया। इसके बाद आरोपी ने मौके पर मौजूद कर्मचारियों के साथ अभद्र व्यवहार किया और उन्हें ड्यूटी करने से रोकने की कोशिश की।

    घटना के दौरान वहां मौजूद किसी व्यक्ति ने पूरे घटनाक्रम का वीडियो बना लिया। वायरल वीडियो में आरोपी को आक्रामक रवैये में देखा जा सकता है जबकि विभागीय कर्मचारी स्थिति संभालने का प्रयास करते नजर आते हैं। वीडियो सामने आने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया है।

    विद्युत विभाग के अधिकारियों का कहना है कि स्मार्ट मीटर सरकारी संपत्ति है और उसे नुकसान पहुंचाना गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। साथ ही ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों के साथ बदसलूकी और कार्य में बाधा डालना भी दंडनीय है। विभाग द्वारा संबंधित उपभोक्ता के खिलाफ बिजली अधिनियम की धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कराने की तैयारी की जा रही है।

    अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि बिजली चोरी के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और किसी भी तरह की दबंगई या विरोध के बावजूद कार्रवाई से पीछे नहीं हटेंगे। वहीं स्थानीय पुलिस से भी संपर्क कर मामले में कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने की बात कही गई है।

    यह घटना एक बार फिर दर्शाती है कि बिजली चोरी रोकने की कार्रवाई के दौरान विभागीय कर्मचारियों को किस तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। फिलहाल वायरल वीडियो को साक्ष्य के रूप में सुरक्षित किया गया है और पूरे मामले की जांच जारी है।

  • दलहन क्षेत्र को नई दिशा देगा राष्ट्रीय सम्मेलन, 7 फरवरी को सीहोर के अमलाहा में होगा आयोजन

    दलहन क्षेत्र को नई दिशा देगा राष्ट्रीय सम्मेलन, 7 फरवरी को सीहोर के अमलाहा में होगा आयोजन

    मध्यप्रदेश ।दलहन उत्पादन एवं उत्पादकता को नई ऊँचाइयों तक ले जाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में 7 फरवरी को मध्यप्रदेश के सीहोर जिले के अमलाहा में दलहन क्षेत्र का राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। इस सम्मेलन को दलहन क्षेत्र में नीति निर्धारण, अनुसंधान और नवाचार के लिए मील का पत्थर माना जा रहा है। कार्यक्रम में दलहन उत्पादन से जुड़ी मूल संवेदनाओं, वर्तमान चुनौतियों और भविष्य की संभावनाओं पर गहन विचार-विमर्श किया जाएगा।

    किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री श्री एदल सिंह कंषाना ने बताया कि सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य दलहन उत्पादन को सुदृढ़ करना, किसानों की आय बढ़ाना और उन्नत तकनीकों के माध्यम से उत्पादकता में सुधार लाना है। उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन दलहन क्षेत्र में नीति निर्धारण और अनुसंधान को नई दिशा देगा तथा राष्ट्रीय स्तर पर ठोस रणनीति तैयार करने में सहायक सिद्ध होगा।

    सम्मेलन में देश के प्रमुख दलहन उत्पादक राज्यों के कृषि मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी, दलहन अनुसंधान से जुड़े वैज्ञानिक, सरकारी बीज उत्पादक संस्थाएँ, दाल उद्योग से संबंधित प्रतिनिधि तथा अन्य सहयोगी एजेंसियाँ भाग लेंगी। विभिन्न राज्यों के अनुभवों और सफल मॉडलों के आदान-प्रदान से दलहन विकास के लिए साझा दृष्टिकोण विकसित किया जाएगा।

    कार्यक्रम के दौरान किसानों तक नवीन शोध, गुणवत्तापूर्ण बीज, आधुनिक खेती पद्धतियों और बाजार से जुड़ी आवश्यक जानकारी पहुँचाने पर विशेष जोर दिया जाएगा। सम्मेलन में यह भी चर्चा की जाएगी कि किस प्रकार वैज्ञानिक अनुसंधान और तकनीकी नवाचारों को खेत स्तर तक प्रभावी ढंग से पहुँचाकर दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भरता हासिल की जा सकती है।

    दलहन फसलों की बढ़ती मांग और पोषण सुरक्षा के महत्व को देखते हुए यह सम्मेलन न केवल किसानों के लिए बल्कि नीति निर्माताओं, वैज्ञानिकों और उद्योग जगत के लिए भी अत्यंत उपयोगी साबित होगा। आयोजकों का मानना है कि इस राष्ट्रीय सम्मेलन से निकलने वाले निष्कर्ष और सुझाव देश में दलहन क्षेत्र के समग्र विकास के लिए मार्गदर्शक सिद्ध होंगे और किसानों की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

  • सीहोर में शांति भंग के आरोप में हिंदूवादी नेता कालू भट्ट गिरफ्तारपुलिस ने सुरक्षा बढ़ाई

    सीहोर में शांति भंग के आरोप में हिंदूवादी नेता कालू भट्ट गिरफ्तारपुलिस ने सुरक्षा बढ़ाई


    सीहोर । सीहोर में शनिवार को उस समय तनाव बढ़ गया जब हिंदूवादी नेता और पूर्व पार्षद कालू भट्ट को शांति भंग करने के प्रयास के आरोप में गिरफ्तार किया गया। कालू भट्ट पर आरोप है कि वह भोपाल नाके पर तिरंगे झंडे के नीचे खड़े होकर भड़काऊ भाषण दे रहे थे। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर उन्हें हिरासत में ले लिया और उन्हें आगे की कार्रवाई के लिए सीहोर एसडीएम कार्यालय ले जाया गया। इस दौरान एक मीडियाकर्मी को भी पुलिस ने पूछताछ के लिए हिरासत में लियाहालांकि बाद में उसे छोड़ दिया गया।

    सीहोर में पिछले कुछ दिनों से माहौल तनावपूर्ण बना हुआ थाविशेष रूप से हरदा में करणी सेना पर हुए पथराव के बाद। इसके बाद से क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है। पुलिस ने इस दौरान सीसीटीवी फुटेज के आधार पर 10 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया था। वहीं मुस्लिम समाज ने भी प्रशासन से सोशल मीडिया पर माहौल बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की थी।पुलिस प्रशासन ने इसे गंभीरता से लिया और शनिवार को कालू भट्ट के भड़काऊ बयान के बाद सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी।

    प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों से दूर रहें और शांति बनाए रखें। सीहोर एसडीएम तन्मय वर्मासीएसपी डॉ. अभिनंदन शर्मा सहित अन्य पुलिस अधिकारी मौके पर उपस्थित थे और सुरक्षा का ध्यान रख रहे थे।
    हालांकिप्रशासन द्वारा की गई त्वरित कार्रवाई से स्थिति को नियंत्रित किया गया हैलेकिन अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जाएगी। फिलहाल मामले की जांच जारी है और कालू भट्ट को शीघ्र ही कोर्ट में पेश किया जाएगा।

  • पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना: सीहोर के हर किसान के खेत तक पहुंचेगा पार्वती नदी का पानी20 गांव होंगे प्रभावित

    पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना: सीहोर के हर किसान के खेत तक पहुंचेगा पार्वती नदी का पानी20 गांव होंगे प्रभावित


    सीहोर । मध्य प्रदेश सीहोर जिले में पार्वती कालीसिंध चंबल लिंक परियोजना के तहत दो महत्वपूर्ण सिंचाई योजनाओं को स्वीकृति दी गई है। इस परियोजना से श्यामपुर और सीहोर तहसील के 111 गांवों में किसानों को सिंचाई का सीधा लाभ मिलेगा। इसके अलावालगभग 20 गांव इस परियोजना क्षेत्र में प्रभावित होंगेजिनके लिए नियमानुसार पुनर्वास और मुआवजे की व्यवस्था की जाएगी।

    दिल्ली से आई टीम ने किया मृदा परीक्षण

    निर्माण कार्य की शुरुआत के लिए दिल्ली से एक विशेषज्ञ टीम सीहोर आई थीजिन्होंने मृदा के सेंपल लेकर परीक्षण किए हैं। इस परियोजना के पूर्ण होने से सीहोर विधानसभा क्षेत्र के प्रत्येक किसान के खेत तक पार्वती नदी का पानी पहुंचेगा। इससे कृषि उत्पादन में वृद्धि होगीकिसानों की आय में सुधार होगा और क्षेत्र का समग्र आर्थिक विकास संभव होगा।

    दो बड़े बैराज का निर्माण
    इस परियोजना के तहत पार्वती नदी पर दो प्रमुख बैराज श्यामपुर बैराज और कराडिया बैराज का निर्माण किया जाएगा। इसके अतिरिक्तग्राम जेटला में एक बड़े बांध का निर्माण प्रस्तावित हैजो पार्वती नदी से पानी उठाकर भरेगा। इन संरचनाओं से लगभग 1 लाख 18 हजार 750 एकड़ कृषि भूमि को सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। यह सीहोर विधानसभा क्षेत्र की सबसे बड़ी सिंचाई परियोजना मानी जा रही है।

    जेठला वृहद माइक्रो सिंचाई परियोजना

    इस योजना के तहत श्यामपुर तहसील के 71 गांवों की लगभग 72,500 एकड़ भूमि को स्प्रिंकलर प्रणाली के माध्यम से सिंचित किया जाएगा। इस परियोजना की कुल लागत 1349.51 करोड़ रुपये हैऔर इसके तहत प्रत्येक हेक्टेयर भूमि के लिए अलग जल कनेक्शन प्रदान किए जाएंगे। इससे किसानों को अपनी आवश्यकता अनुसार पानी की आपूर्ति हो सकेगीजिससे जल की बचत होगी और फसलों का उत्पादन बढ़ेगा।

    पार्वती उद्वहन सिंचाई कॉम्प्लेक्स

    पार्वती उद्वहन सिंचाई कॉम्प्लेक्स” योजना के तहत ग्राम करिया और श्यामपुर में दो वृहद बैराजों का निर्माण किया जाएगा। इन बैराजों से 40 गांवों की 46,250 एकड़ भूमि को स्प्रिंकलर प्रणाली से सिंचित किया जाएगा। इस परियोजना की अनुमानित लागत 1165.04 करोड़ रुपये है।

    किसे मिलेगा सिंचाई का पानी

    जेठला परियोजना के तहत 71 गांवों को सिंचाई का पानी मिलेगा, जिनमें दुर्गा, महुआखेडा, मगरदीखुर्द, चांदबड जांगीर, मानपुरा, बिसनखेडा, रावतखेडा, छतरपुरा, जेटला, पाटेर, अछारोही, सोकला, सीलखेडा, मुंगावली, जुगराजपुरा, बाजारगांव, बरखेडा हसन, पडालिया और कई अन्य गांव शामिल हैं। पार्वती उद्वहन परियोजना से 40 गांवों को सिंचाई का पानी मिलेगा, जिनमें पाटन, बरखेडा खरेट, चौकी, शाहजहापुर, भौज, बरखेडी, कतपोन, सोनकच्छ, सतपोन, जमुनियाखुर्द, बराडीकलां, सतोरनिया, तोरनिया, छापरी दोराहा, झागरिया, निवारिया, मिटटूखेडी, गुलखेडी, कादमपुर, मुख्तार नगर और अन्य गांव शामिल हैं।

    आर्थिक लाभ और जल प्रबंधन

    यह परियोजना किसानों के लिए एक बड़ी राहत होगीक्योंकि इससे जल संकट की समस्या को हल करने में मदद मिलेगी। इसके अलावाइससे कृषि उत्पादन में वृद्धि होने के साथ-साथ जल की बचत भी संभव होगीजो क्षेत्रीय जल प्रबंधन में सुधार करेगा। पार्वती कालीसिंध चंबल लिंक परियोजना एक महत्वपूर्ण कदम हैजो मध्य प्रदेश के सीहोर और श्यामपुर क्षेत्र के किसानों के लिए फायदेमंद साबित होगी। इस परियोजना के तहत किसानों को सिंचाई के बेहतर साधन मिलेंगेजिससे उनकी कृषि आय में वृद्धि होगी और पूरे क्षेत्र का समग्र विकास होगा।