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  • आज शेयर बाजार में दिख सकती है उतार-चढ़ाव भरी चाल, आईटी और बैंकिंग शेयरों पर रहेगी नजर

    आज शेयर बाजार में दिख सकती है उतार-चढ़ाव भरी चाल, आईटी और बैंकिंग शेयरों पर रहेगी नजर


    नई दिल्ली। भारतीय शेयर बाजार में आज कारोबार की शुरुआत सतर्क माहौल के साथ होने के संकेत हैं। घरेलू आर्थिक गतिविधियों, विदेशी बाजारों के रुझान और निवेशकों की रणनीति के बीच बाजार में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि आज के कारोबार में बैंकिंग, आईटी, ऑटो और एफएमसीजी सेक्टर के शेयर बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

    पिछले कारोबारी सत्र में बाजार ने मिश्रित प्रदर्शन किया था। निवेशकों की नजर अब वैश्विक बाजारों से आने वाले संकेतों, विदेशी निवेशकों की गतिविधियों और कच्चे तेल की कीमतों पर बनी हुई है। अमेरिकी और एशियाई बाजारों से मिले कमजोर और मजबूत संकेतों के मिश्रित प्रभाव का असर भारतीय बाजार पर भी दिखाई दे सकता है।

    विशेषज्ञों के अनुसार, बाजार में फिलहाल “स्टॉक स्पेसिफिक” गतिविधियां ज्यादा देखने को मिल रही हैं। यानी जिन कंपनियों के अच्छे नतीजे या सकारात्मक खबरें सामने आ रही हैं, उनके शेयरों में खरीदारी का रुझान बना हुआ है। वहीं कमजोर प्रदर्शन वाली कंपनियों में दबाव देखने को मिल सकता है।

    बैंकिंग सेक्टर पर आज खास नजर रहेगी। निजी और सरकारी बैंकों के शेयरों में हलचल बनी रह सकती है। इसके अलावा आईटी कंपनियों के शेयर भी निवेशकों के फोकस में रहेंगे, क्योंकि डॉलर की चाल और वैश्विक टेक बाजार का असर इस सेक्टर पर सीधे तौर पर पड़ता है।

    ऑटो और रियल एस्टेट सेक्टर में भी निवेशकों की रुचि बनी रह सकती है। बाजार जानकारों का कहना है कि लंबी अवधि के निवेशकों को मजबूत फंडामेंटल वाले शेयरों पर ध्यान देना चाहिए और जल्दबाजी में बड़े फैसले लेने से बचना चाहिए।

    विश्लेषकों के मुताबिक, सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में शुरुआती कारोबार के दौरान हल्की तेजी या मुनाफावसूली देखने को मिल सकती है। यदि विदेशी निवेशकों की खरीदारी बनी रहती है तो बाजार को मजबूती मिल सकती है, जबकि वैश्विक दबाव बढ़ने पर गिरावट भी संभव है।

    कमोडिटी बाजार में सोना और चांदी की कीमतों पर भी निवेशकों की नजर बनी हुई है। वहीं कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में उतार-चढ़ाव का असर तेल एवं गैस कंपनियों के शेयरों पर दिखाई दे सकता है।

    मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि मौजूदा समय में निवेशकों को सतर्क और संतुलित रणनीति अपनानी चाहिए। छोटे निवेशकों को अफवाहों के आधार पर निवेश करने से बचने और विशेषज्ञ सलाह के साथ आगे बढ़ने की सलाह दी गई है।

  • सेंसेक्स में जोरदार रिकवरी: निचले स्तर से 1800 अंक उछलकर बंद, IT सेक्टर चमका

    सेंसेक्स में जोरदार रिकवरी: निचले स्तर से 1800 अंक उछलकर बंद, IT सेक्टर चमका


    नई दिल्ली। भारतीय शेयर बाजार के लिए गुरुवार का सत्र उतार-चढ़ाव से भरा रहा, लेकिन अंत में बाजार ने शानदार रिकवरी दिखाते हुए हरे निशान में क्लोजिंग दी। शुरुआती गिरावट के बाद निवेशकों की खरीदारी से बाजार में जबरदस्त रिटर्न देखने को मिली।

    इंटर-डे में बड़ी रिकवरी

    कारोबार के दौरान बीएसई सेंसेक्स 71,545 के निचले स्तर से करीब 1,774 अंक उछल गया। दिन के अंत में सेंसेक्स 185.23 अंक (0.25%) की बढ़त के साथ 73,319.55 पर बंद हुआ।

    वहीं निफ्टी 50 ने भी 22,182 के लो से 531 अंकों की रिकवरी करते हुए 33.70 अंक (0.15%) की तेजी के साथ 22,713.10 पर क्लोजिंग दी।

    आईटी सेक्टर बना बाजार का हीरो

    आज के कारोबार में निफ्टी आईटी सबसे बड़ा जेनरेटर रहा, जो 2.60% की तेजी के साथ बंद हुआ। इसके अलावा:

    निफ्टी रियल्टी: +1.07%
    निफ्टी सर्विसेज़: +0.54%
    निफ्टी मेटल: +0.39%
    निफ्टी प्राइवेट बैंक: +0.39%
    निफ्टी FMCG: +0.21%

    IT कंपनियों में खरीदारी ने बाजार को बढ़त देने में अहम भूमिका निभाई।

    इन सेक्टर्स में रही गिरावट

    दूसरी ओर कुछ सेक्टर्स दबाव में रहे:

    निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स: -0.93%
    निफ्टी फार्मा: -0.92%
    निफ्टी हेल्थकेयर: -0.86%
    निफ्टी ऑयल एंड गैस: -0.79%
    निफ्टी ऑटो: -0.62%
    निफ्टी इंफ्रा: -0.45%
    सेंसेक्स के टॉप जेनर्स और लूजर्स

    तेजी वाले सर्वे में Infosys, TCS, HCLTech, Tech Mahindra, HDFC Bank और ICICI Bank शामिल रहे।

    वहीं गिरावट वाले रिकवरी में Sun Pharma, NTPC, Power Grid Corporation of India और Tata Steel प्रमुख रहे।

    मिडकैप और स्मॉलकैप में कमजोरी

    लार्जकैप के मुकाबले मिडकैप और स्मॉलकैप रिकवरी में कमजोरी देखने को मिली।

    निफ्टी मिडकैप 100: 0.26% गिरकर 53,677.05
    निफ्टी स्मॉलकैप 100: 0.38% गिरकर 15,650.50
    क्यों आई बाजार में यह रिकवरी?

    विश्लेषकों के अनुसार, डोनाल्ड ट्रंप के ईरान पर संभावित हमले वाले बयान से शुरुआती कारोबार में बाजार दबाव में था। लेकिन बाद में वैल्यू बाइंग और रुपये में बढ़ोतरी से बाजार में सुधार आया।

    रुपये ने भी मजबूत प्रदर्शन करते हुए बाजार को सहारा दिया, जिससे निवेशकों का भरोसा लौटा।

    क्यों अहम है यह ट्रेंड

    आज की रिकवरी यह दर्शाती है कि बाजार में अभी भी निवेशकों का भरोसा बना हुआ है और गिरावट में खरीदारी का रुख जारी है।

  • शेयर बाजार में जोरदार उछाल सेंसेक्स 1500 अंक उछला बैंक और डिफेंस स्टॉक्स चमके

    शेयर बाजार में जोरदार उछाल सेंसेक्स 1500 अंक उछला बैंक और डिफेंस स्टॉक्स चमके


    नई दिल्ली:मध्य पूर्व में तनाव कम होने के संकेतों के बीच भारतीय शेयर बाजार ने मंगलवार को मजबूत शुरुआत की और निवेशकों के बीच उत्साह का माहौल देखने को मिला। बाजार खुलते ही प्रमुख सूचकांकों में जबरदस्त उछाल दर्ज किया गया।

    बेंचमार्क इंडेक्स SENSEX 1516.08 अंक यानी 2.09 प्रतिशत की बढ़त के साथ 74212.47 के स्तर पर खुला। वहीं NIFTY 50 365.80 अंक यानी 1.62 प्रतिशत की तेजी के साथ 22878.45 पर पहुंच गया। इस तेजी ने पूरे बाजार में सकारात्मक माहौल बना दिया।

    शुरुआती कारोबार में लगभग सभी सेक्टर हरे निशान में नजर आए और चौतरफा खरीदारी देखने को मिली। खासतौर पर निफ्टी पीएसयू बैंक, निफ्टी इंडिया डिफेंस, निफ्टी ऑटो, निफ्टी मेटल और निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स जैसे सेक्टर टॉप गेनर्स की लिस्ट में शामिल रहे।

    लार्जकैप के साथ साथ मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी मजबूती देखने को मिली। NIFTY Midcap 100 करीब 772 अंक यानी 1.47 प्रतिशत की बढ़त के साथ 53490 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं NIFTY Smallcap 100 भी 219 अंक यानी 1.45 प्रतिशत की तेजी के साथ 15318 पर कारोबार करता नजर आया। इससे साफ है कि बाजार में केवल बड़े शेयर ही नहीं बल्कि छोटे और मिड साइज कंपनियों में भी निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी है।

    ब्रोकरेज हाउस चॉइस ब्रोकिंग के टेक्निकल एनालिस्ट आकाश शाह के अनुसार निफ्टी फिलहाल अपने शॉर्ट टर्म सपोर्ट जोन से नीचे ट्रेड कर रहा है जिससे बाजार का रुझान अभी कमजोर बना हुआ है। उन्होंने बताया कि 22650 से 22700 के स्तर पर मजबूत रुकावट देखी जा रही है जबकि 22300 से 22400 के बीच सपोर्ट जोन है। अगर यह स्तर टूटता है तो आने वाले समय में बाजार में गिरावट और गहरी हो सकती है।

    सेंसेक्स पैक में कई बड़े स्टॉक्स ने मजबूती दिखाई। एशियन पेंट्स, इंडिगो, ट्रेंट, टाइटन, बीईएल, अल्ट्राटेक सीमेंट, एलएंडटी, अदाणी पोर्ट्स, टेक महिंद्रा, कोटक महिंद्रा, एचडीएफसी बैंक, टाटा स्टील, बजाज फिनसर्व, मारुति सुजुकी और एसबीआई जैसे शेयरों में खरीदारी देखने को मिली। केवल पावर ग्रिड एकमात्र ऐसा शेयर रहा जो लाल निशान में ट्रेड कर रहा था।

    ग्लोबल मार्केट की बात करें तो एशियाई बाजारों में भी तेजी देखने को मिली। टोक्यो, शंघाई, हांगकांग, बैंकॉक और सोल जैसे प्रमुख बाजार हरे निशान में खुले। वहीं अमेरिकी बाजार भी सोमवार को मजबूती के साथ बंद हुए थे जहां डाओ और नैस्डैक इंडेक्स में करीब 1.38 प्रतिशत तक की तेजी दर्ज की गई।

    बाजार में आई इस तेजी के पीछे सबसे बड़ा कारण मध्य पूर्व में तनाव कम होने के संकेत और वैश्विक स्तर पर बेहतर निवेश माहौल को माना जा रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार अमेरिकी पक्ष द्वारा ईरान के पावर प्लांट्स पर संभावित हमले को फिलहाल टालने के फैसले से तनाव में कमी आई है, जिससे निवेशकों का भरोसा बढ़ा है और बाजार में खरीदारी तेज हुई है।

  • BSE Sensex और Nifty 50 सपाट, सीमित दायरे में कारोबार कर रहा बाजार

    BSE Sensex और Nifty 50 सपाट, सीमित दायरे में कारोबार कर रहा बाजार


    नई दिल्ली। मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार में शुरुआत से ही हल्की उतार-चढ़ाव देखने को मिला, लेकिन दिन चढ़ने के साथ बाजार सीमित दायरे में सिमट गया। दोपहर 12:30 बजे तक बीएसई सेंसेक्स 24 अंकों की मामूली गिरावट के साथ 75,478 पर कारोबार कर रहा था, जबकि निफ्टी 50 13 अंक कमजोर होकर 23,394 के स्तर पर था। कारोबार के दौरान सेंसेक्स ने 75,324.73 का निचला स्तर और 76,014 का ऊपरी स्तर जारी किया, वहीं निफ्टी 23,346 से 23,577 के बीच घूम रहा।

    मिडकैप और स्मॉलकैप में भी लिमिटेड दायरा

    बाजार की यह सुस्ती केवल लार्जकैप तक लिमिटेड नहीं रही, बल्कि मिडकैप और स्मॉलकैप रिकवरी में भी लिमिटेड हलचल देखने को मिली। निफ्टी मिडकैप 100 92 अंक की हल्की बढ़त के साथ 54,707 पर और निफ्टी स्मॉलकैप 100 29 अंक 15,840 पर कारोबार कर रहा था। यह संकेत देता है कि बाजार के सभी निवेश में निवेशक बचे सतर्क रुख अपनाए हुए हैं और किसी बड़े ट्रेंड का इंतजार कर रहे हैं।

    फेड की बैठक बना सबसे बड़ा फैक्टर

    बाजार के सीमित दायरे में रहने की सबसे बड़ी वजह फेडरल रिजर्व की दो दिवसीय बैठक है, जो मंगलवार से शुरू या बुधवार को खत्म होगी। इस बैठक में ब्याज दरों को लेकर जाने वाले फैसले पर वैश्विक बाजारों की नजर टिकी हुई है। मौजूदा समय में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से और वैश्विक महंगाई की खतरों के बीच फेड का रुख बेहद अहम हो गया है। निवेशक इस फैसले से पहले बड़े निवेश से बच रहे हैं, जिससे बाजार में स्थिरता की स्थिति बनी हुई है।

    कच्चे तेल की तेजी से बढ़ी चिंता

    पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण क्रूड ऑयल की कीमतों में पिछले एक महीने में 50 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी से देखी गई है। इससे वैश्विक स्तर पर महंगाई बढ़ने का खतरा पैदा हो गया है। यदि महंगाई बढ़ती है तो केंद्रीय बैंक ब्याज दरों को ऊंचा बनाए रख सकते हैं, जो शेयर बाजार के लिए नकारात्मक संकेत है। यही कारण है कि निवेशक सतर्क हैं और बाजार में बड़ी खरीदारी से बच रहे हैं।

    एक्सपायरी और FII बिकवाली का दबाव

    मंगलवार को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) पर डेरिवेटिव्स बेंचों की एक्सपायरी भी है, जिसके चलते ट्रेडर्स अपनी व्यवस्था में बदलाव करते हैं। इससे बाजार में मुनाफा कम या एक दायरे में कारोबार होता है। दूसरी ओर, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली भी बाजार पर दबाव बनाए हुए है। सोमवार को बाजार में तेजी के बावजूद एफआईआई ने 9,365.52 करोड़ रुपये की बिकवाली की, जिससे निवेशकों का भरोसा कमजोर पड़ा है।

    आगे की दिशा क्या होगी?

    एफआईआई के अनुसार, जब तक फेडरल रिजर्व की बैठक के नतीजे सामने नहीं आते, तब तक बाजार इसी तरह सीमित दायरे में बना रह सकता है। इसके अलावा कच्चे तेल की कीमतें और विदेशी संस्थागत निवेशकों के रुख पर भी बाजार की दिशा निर्भर करेगी।

    कुल मिलाकर भारतीय शेयर बाजार इस समय इंतजार और जोखिम के दौर से गुजर रहा है। BSE Sensex और Nifty 50 में बड़ी चाल तभी देखने को मिलेगी, जब वैश्विक संकेत स्पष्ट होंगे। अगर जींस के लिए धैर्य और सतर्क रणनीति ही सबसे बेहतर विकल्प मानी जा रही है।

  • Stock Market Today: लाल निशान पर खुला शेयर बाजार, Sensex 645 अंक टूटा; Nifty भी लाल निशान पर

    Stock Market Today: लाल निशान पर खुला शेयर बाजार, Sensex 645 अंक टूटा; Nifty भी लाल निशान पर


    नई दिल्ली। शुक्रवार, 13 मार्च को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत गिरावट के साथ हुई। प्रमुख बेंचमार्क इंडेक्स BSE Sensex और NSE Nifty 50 दोनों ही लाल निशान पर खुले। 30 शेयरों वाला सेंसेक्स करीब 590 अंक या 0.78 प्रतिशत गिरकर 75,444.22 के स्तर पर खुला। वहीं निफ्टी 50 भी 176 अंक या 0.75 प्रतिशत की गिरावट के साथ 23,462.50 के स्तर पर ओपन हुआ।

    शुरुआती कारोबार में जारी रही गिरावट
    सुबह करीब 9:20 बजे तक सेंसेक्स 566 अंक गिरकर 75,467 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। वहीं निफ्टी 50 भी करीब 185 अंक टूटकर 23,453 के आसपास ट्रेड करता दिखा। इस दौरान बाजार में बिकवाली का दबाव बना रहा और ज्यादातर सेक्टरों में कमजोरी देखने को मिली।

    इन शेयरों में रही तेजी और गिरावट
    खबर लिखे जाने तक सेंसेक्स की कंपनियों में कुछ शेयरों में तेजी भी देखने को मिली। टॉप गेनर Power Grid Corporation of India, NTPC, ITC Limited, Reliance Industries टॉप लूजर Larsen & Toubro, Tata Steel, InterGlobe Aviation (IndiGo), HDFC Bank, Mahindra & Mahindra एशियाई शेयर बाजारों में भी शुक्रवार को कमजोरी देखने को मिली। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों से महंगाई बढ़ने की आशंका ने बाजार पर दबाव बनाया। जापान का Nikkei 225 करीब 2 प्रतिशत गिर गया, जबकि TOPIX Index में करीब 1.4 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। वहीं दक्षिण कोरिया का KOSPI करीब 3 प्रतिशत नीचे रहा और Hang Seng Index के भी कमजोर शुरुआत के संकेत मिले।

    गुरुवार को भी बाजार में आई थी बड़ी गिरावट
    इससे पहले गुरुवार, 12 मार्च को भी शेयर बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई थी। उस दिन सेंसेक्स 829 अंक गिरकर 76,034.42 पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी 50 227 अंक टूटकर 23,639.15 के स्तर पर बंद हुआ था। उस दिन भी बाजार में बिकवाली का दबाव देखने को मिला और सेंसेक्स के 30 शेयरों में से सिर्फ 6 शेयर ही हरे निशान में बंद हुए थे, जबकि 24 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई थी।
  • ग्लोबल संकेतों से बाजार में जोश, हरे निशान में खुला शेयर मार्केट; कंज्यूमर स्टॉक्स में जोरदार खरीदारी

    ग्लोबल संकेतों से बाजार में जोश, हरे निशान में खुला शेयर मार्केट; कंज्यूमर स्टॉक्स में जोरदार खरीदारी


    नई दिल्ली। वैश्विक बाजारों से मिले मजबूत संकेतों के चलते भारतीय शेयर बाजार ने मंगलवार को जोरदार शुरुआत की। शुरुआती कारोबार में निवेशकों का रुझान सकारात्मक रहा और प्रमुख सूचकांक बढ़त के साथ खुले। BSE Sensex 809 अंक यानी करीब एक प्रतिशत की तेजी के साथ 78,375.73 के स्तर पर खुला। वहीं Nifty 50 भी 252 अंक या लगभग एक प्रतिशत की मजबूती के साथ 24,280.80 के स्तर पर कारोबार करता नजर आया। वैश्विक बाजारों में सकारात्मक माहौल और घरेलू स्तर पर निवेशकों की मजबूत खरीदारी के चलते शुरुआती सत्र में बाजार में उत्साह दिखाई दिया।

    कंज्यूमर ड्यूरेबल्स शेयरों में सबसे ज्यादा खरीदारी
    मंगलवार के शुरुआती कारोबार में बाजार की तेजी का नेतृत्व कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर ने किया। Nifty Consumer Durables Index दो प्रतिशत से अधिक की तेजी के साथ टॉप गेनर बनकर उभरा। इसके अलावा ऑटो, पीएसयू बैंक, रियल्टी, मैन्युफैक्चरिंग, मेटल, फार्मा, डिफेंस, हेल्थकेयर, मीडिया, कमोडिटी और एनर्जी सेक्टर के शेयरों में भी अच्छी खरीदारी देखने को मिली। दूसरी ओर आईटी और ऑयल एंड गैस सेक्टर के शेयरों में हल्की कमजोरी दर्ज की गई, जिसके चलते ये सूचकांक लाल निशान में कारोबार करते दिखे।

    मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी तेजी
    लार्जकैप शेयरों के साथ-साथ मिडकैप और स्मॉलकैप कंपनियों के शेयरों में भी तेजी का रुख देखने को मिला। Nifty Midcap 100 Index 618 अंक यानी 1.10 प्रतिशत की बढ़त के साथ 56,884 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं Nifty Smallcap 100 Index 224 अंक या 1.39 प्रतिशत की तेजी के साथ 16,357 के स्तर पर कारोबार करता दिखा। इससे साफ संकेत मिला कि बाजार में केवल बड़ी कंपनियों ही नहीं, बल्कि मिड और स्मॉलकैप कंपनियों में भी निवेशकों का भरोसा बना हुआ है।

    इन दिग्गज कंपनियों के शेयरों में रही बढ़त
    सेंसेक्स पैक में कई दिग्गज कंपनियों के शेयर तेजी के साथ कारोबार करते नजर आए। इनमें InterGlobe Aviation, UltraTech Cement, Asian Paints, Mahindra & Mahindra, Adani Ports, Titan Company, Tata Steel, Larsen & Toubro, ICICI Bank, State Bank of India, Maruti Suzuki, Bajaj Finserv, HDFC Bank, Hindustan Unilever, Trent Limited, Kotak Mahindra Bank, Bharat Electronics Limited और Sun Pharmaceutical शामिल रहे। वहीं दूसरी ओर Infosys, Tech Mahindra, HCLTech, Power Grid Corporation of India, Bharti Airtel, ITC Limited और Axis Bank के शेयरों में कमजोरी देखने को मिली।

    एशियाई और अमेरिकी बाजारों का मिला सपोर्ट
    वैश्विक बाजारों से भी सकारात्मक संकेत मिले। एशिया के प्रमुख बाजार जैसे Nikkei 225, Shanghai Composite Index और Hang Seng Index बढ़त के साथ खुले। इसके अलावा बैंकॉक, जकार्ता और सोल के बाजारों में भी तेजी का रुख देखने को मिला। अमेरिकी बाजार भी सोमवार के कारोबारी सत्र में मजबूती के साथ बंद हुए थे। Dow Jones Industrial Average में करीब 0.50 प्रतिशत और टेक्नोलॉजी आधारित Nasdaq Composite में 1.38 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई।

    एफआईआई ने बेचे शेयर, डीआईआई ने किया निवेश
    निवेश के मोर्चे पर विदेशी और घरेलू संस्थागत निवेशकों का रुख अलग-अलग रहा। विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी Foreign Institutional Investors ने सोमवार को 6,345.57 करोड़ रुपये के शेयरों की बिकवाली की। वहीं घरेलू संस्थागत निवेशकों यानी Domestic Institutional Investors ने 9,013.80 करोड़ रुपये का निवेश कर बाजार को सहारा दिया।

    कच्चे तेल की कीमतों में आई नरमी
    अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी तेजी के बाद अब कुछ नरमी देखने को मिल रही है। खबर लिखे जाने तक WTI Crude Oil 6.30 प्रतिशत गिरकर 88.80 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था। वहीं Brent Crude 6.34 प्रतिशत की गिरावट के साथ 92.69 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।

    बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक वैश्विक संकेतों की मजबूती और घरेलू निवेशकों की खरीदारी से फिलहाल बाजार में सकारात्मक रुख बना हुआ है, हालांकि आगे के सत्रों में वैश्विक घटनाक्रम और कच्चे तेल की कीमतें बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती हैं।

  • जंग के डर से शेयर बाजार में भूचाल: सेंसेक्स 1862 अंक टूटा, निफ्टी 582 अंक लुढ़का

    जंग के डर से शेयर बाजार में भूचाल: सेंसेक्स 1862 अंक टूटा, निफ्टी 582 अंक लुढ़का


    नई दिल्‍ली । पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और संभावित युद्ध की आशंका ने वैश्विक वित्तीय बाजारों को हिला कर रख दिया है। इसी का असर सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में भी देखने को मिला जहां सप्ताह के पहले कारोबारी दिन बाजार भारी गिरावट के साथ खुला। निवेशकों में घबराहट के माहौल के बीच बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 1, 862 अंकों की तेज गिरावट के साथ 77, 056 के स्तर पर खुला जबकि एनएसई का 50 शेयरों वाला निफ्टी 582 अंक टूटकर 23, 868 के स्तर पर पहुंच गया।

    विशेषज्ञों का कहना है कि ईरान इजरायल और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक बाजारों में जोखिम की भावना को बढ़ा दिया है। युद्ध की आशंका के चलते निवेशक जोखिम वाली परिसंपत्तियों से दूरी बना रहे हैं और सुरक्षित निवेश की ओर रुख कर रहे हैं। इसका सीधा असर शेयर बाजारों पर पड़ रहा है जहां व्यापक स्तर पर बिकवाली देखने को मिल रही है।

    घरेलू बाजार में भी निवेशकों की चिंता साफ नजर आई। निफ्टी फ्यूचर्स पिछले बंद स्तर की तुलना में करीब 722 अंकों की गिरावट के साथ कारोबार करते दिखे जो इस बात का संकेत है कि बाजार में दबाव अभी और बढ़ सकता है। विश्लेषकों के अनुसार यदि पश्चिम एशिया में हालात और बिगड़ते हैं तो आने वाले दिनों में बाजार में और अधिक अस्थिरता देखने को मिल सकती है।

    केवल भारत ही नहीं बल्कि एशिया के प्रमुख शेयर बाजारों में भी सोमवार को बड़ी गिरावट दर्ज की गई। जापान का निक्की 225 सूचकांक करीब 6.22 प्रतिशत गिरकर 53, 000 के स्तर से नीचे आ गया जबकि टॉपिक्स इंडेक्स में 5.27 प्रतिशत की गिरावट देखी गई। दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स भी बुरी तरह लुढ़क गया। पिछले सप्ताह 11 प्रतिशत गिरने के बाद सोमवार को इसमें 8 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज हुई जिसके कारण सर्किट ब्रेकर सक्रिय हो गया और लगभग 20 मिनट के लिए ट्रेडिंग रोकनी पड़ी। वहीं हांगकांग का हैंग सेंग इंडेक्स भी वायदा कारोबार में भारी गिरावट के साथ खुला।

    अमेरिकी शेयर बाजारों के फ्यूचर्स में भी भारी दबाव देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में डॉउ जोन्स फ्यूचर्स करीब 950 अंक तक गिर गए जबकि एसएंडपी 500 फ्यूचर्स 100 अंकों से अधिक नीचे कारोबार करते दिखे। टेक्नोलॉजी शेयरों पर भी दबाव रहा और नैस्डैक फ्यूचर्स करीब 400 अंक तक गिर गए।

    इस गिरावट की बड़ी वजह कच्चे तेल की कीमतों में अचानक आई तेज उछाल भी है। खाड़ी क्षेत्र में तनाव बढ़ने और हुर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने की आशंका के कारण वैश्विक तेल बाजार में हलचल मच गई है। इसके अलावा कुवैत ईरान और यूएई जैसे प्रमुख तेल उत्पादक देशों द्वारा उत्पादन में कटौती की खबरों ने भी बाजार को प्रभावित किया है। ब्रेंट क्रूड की कीमत करीब 18.03 प्रतिशत बढ़कर 109.40 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई जबकि अमेरिकी डब्ल्यूटीआई क्रूड लगभग 20.23 प्रतिशत की तेजी के साथ 109.29 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।

    ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि खाड़ी क्षेत्र में हालात और बिगड़ते हैं और तेल उत्पादन प्रभावित होता है तो कीमतें 150 डॉलर प्रति बैरल तक भी पहुंच सकती हैं। ऐसे में वैश्विक अर्थव्यवस्था और शेयर बाजारों पर इसका गहरा असर पड़ सकता है। फिलहाल निवेशक हालात पर करीबी नजर बनाए हुए हैं और बाजार में भारी उतार-चढ़ाव की संभावना बनी हुई है।

  • भारत अमेरिका समझौते ने बदली बाजार की चाल सेंसेक्स निफ्टी में शानदार तेजी

    भारत अमेरिका समझौते ने बदली बाजार की चाल सेंसेक्स निफ्टी में शानदार तेजी


    नई दिल्ली :भारतीय शेयर बाजार सोमवार के कारोबारी सत्र में मजबूत तेजी के साथ हरे निशान में बंद हुआ। भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील को लेकर साझा बयान सामने आने के बाद निवेशकों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। दिन के अंत में सेंसेक्स 485.35 अंक की तेजी के साथ 84,065.75 के स्तर पर बंद हुआ जबकि निफ्टी 173.60 अंक चढ़कर 25,867.30 पर पहुंच गया।

    कारोबार के दौरान लगभग सभी सेक्टोरल इंडेक्स हरे निशान में बंद हुए। कंज्यूमर ड्यूरेबल्स पीएसयू बैंक रियल्टी इंडिया डिफेंस मेटल फार्मा और हेल्थकेयर सेक्टर में अच्छी खरीदारी देखने को मिली। निवेशकों का रुझान जोखिम लेने की ओर दिखाई दिया जिससे बाजार को व्यापक समर्थन मिला।

    सेंसेक्स के प्रमुख शेयरों की बात करें तो एसबीआई टाइटन टाटा स्टील अल्ट्राटेक सीमेंट इटरनल बीईएल कोटक महिंद्रा बैंक ट्रेंट इंडिगो एमएंडएम एलएंडटी अदाणी पोर्ट्स और एशियन पेंट्स में मजबूत तेजी दर्ज की गई। इन शेयरों में खरीदारी ने सेंसेक्स को ऊपरी स्तरों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।

    वहीं दूसरी ओर पावर ग्रिड आईटीसी एनटीपीसी आईसीआईसीआई बैंक इन्फोसिस एचडीएफसी बैंक टेक महिंद्रा और मारुति जैसे शेयरों में दबाव देखा गया और ये शेयर गिरावट के साथ बंद हुए। इसके बावजूद बाजार की समग्र धारणा सकारात्मक बनी रही।

    बाजार में इस तेजी की सबसे बड़ी वजह भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील पर जारी साझा बयान को माना जा रहा है। रविवार सुबह जारी इस बयान के अनुसार भारतीय निर्यात पर अमेरिकी टैरिफ को 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है। इसके अलावा कई उत्पादों पर ड्यूटी को शून्य रखा गया है। इस फैसले से भारतीय निर्यातकों को बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है और इसी उम्मीद ने बाजार को नई ऊर्जा दी।

    लार्जकैप शेयरों के साथ साथ मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी जोरदार खरीदारी देखने को मिली। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 938.45 अंक की तेजी के साथ 60,441.15 पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 447.25 अंक चढ़कर 17,385.90 के स्तर पर पहुंच गया। यह दर्शाता है कि बाजार में तेजी व्यापक आधार पर रही।

    एसबीआई सिक्योरिटीज के टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च प्रमुख सुदीप शाह ने बाजार की चाल पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि बाजार की शुरुआत मजबूत रही थी हालांकि शुरुआती कारोबार में कुछ मुनाफावसूली देखने को मिली। इसके बाद बाजार सीमित दायरे में कारोबार करता रहा और अंत में निफ्टी 25,867 के स्तर पर बंद हुआ।

    उन्होंने आगे बताया कि निफ्टी के लिए 25,970 से 26,000 का स्तर एक अहम रुकावट है। यदि निफ्टी इस स्तर को पार करता है तो आने वाले सत्रों में 26,200 और 26,400 तक जाने की संभावना बन सकती है। वहीं गिरावट की स्थिति में 25,780 से 25,750 के बीच मजबूत सपोर्ट देखा जा सकता है।कुल मिलाकर भारत अमेरिका ट्रेड डील से जुड़े सकारात्मक संकेतों ने शेयर बाजार में नई जान फूंक दी है और निवेशकों को आगे भी बाजार से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद नजर आ रही है।