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  • बाजार की तेजी पर फिर लगा ब्रेक सेंसेक्स 76,934 के करीब निफ्टी 0.48 प्रतिशत नीचे निवेशकों की नजर अब ग्लोबल संकेतों पर

    बाजार की तेजी पर फिर लगा ब्रेक सेंसेक्स 76,934 के करीब निफ्टी 0.48 प्रतिशत नीचे निवेशकों की नजर अब ग्लोबल संकेतों पर


    नई दिल्ली। भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को लगातार दूसरे कारोबारी दिन गिरावट देखने को मिली और कारोबार खत्म होने तक सेंसेक्स तथा निफ्टी दोनों लाल निशान में बंद हुए। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच वैश्विक बाजारों से मिले-जुले संकेतों ने निवेशकों के सेंटीमेंट पर असर डाला। इसके अलावा मेटल पीएसयू बैंक और सीमेंट कंपनियों के शेयरों में बिकवाली का दबाव भी बाजार की कमजोरी की बड़ी वजह बना। कारोबार के अंत में 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 539.35 अंक यानी 0.70 प्रतिशत की गिरावट के साथ 76,933.59 पर बंद हुआ। वहीं एनएसई निफ्टी 50 में 116.90 अंक यानी 0.48 प्रतिशत की कमजोरी दर्ज की गई और यह 24,090.85 के स्तर पर बंद हुआ।

    व्यापक बाजार की बात करें तो यहां भी कारोबारी धारणा पूरी तरह मजबूत नहीं रही। निफ्टी मिडकैप 100 में 0.10 प्रतिशत जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 0.13 प्रतिशत की गिरावट रही। हालांकि बड़ी कंपनियों के मुकाबले व्यापक बाजार में गिरावट अपेक्षाकृत सीमित रही। इससे संकेत मिलता है कि निवेशकों का एक वर्ग अभी भी घरेलू अर्थव्यवस्था से जुड़े चुनिंदा शेयरों में खरीदारी के अवसर तलाश रहा है।

    सेक्टरवार कारोबार में सीमेंट कंपनियों के शेयर सबसे ज्यादा दबाव में रहे। निफ्टी सीमेंट इंडेक्स 1.33 प्रतिशत टूट गया। इसके बाद निफ्टी पीएसयू बैंक में 0.94 प्रतिशत निफ्टी मेटल में 0.86 प्रतिशत और निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज में 0.51 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। मीडिया सेक्टर में भी कमजोरी देखने को मिली। दूसरी ओर निफ्टी फार्मा हेल्थकेयर कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और प्राइवेट बैंक इंडेक्स ने अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन किया और बाजार की गिरावट के बीच कुछ सहारा दिया।

    निफ्टी 50 के शेयरों में अदाणी एंटरप्राइजेज कोटक महिंद्रा बैंक अदाणी पोर्ट्स सिप्ला और बीईएल प्रमुख बढ़त वाले शेयरों में शामिल रहे। इसके विपरीत हिंडाल्को एचडीएफसी बैंक महिंद्रा एंड महिंद्रा श्रीराम फाइनेंस ग्रासिम इंडस्ट्रीज एचसीएल टेक भारती एयरटेल और रिलायंस जैसे शेयरों में दबाव देखने को मिला। इन शेयरों में बिकवाली ने प्रमुख सूचकांकों की गिरावट को और बढ़ाया।

    बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक एक्सपायरी से जुड़ी उठापटक और मिडिल ईस्ट में किसी बड़ी कूटनीतिक सफलता का अभाव फिलहाल बाजार को एक सीमित दायरे में रख रहा है। हालांकि कंपनियों की कमाई के अनुमानों में ऊर्जा की ऊंची कीमतों के असर को काफी हद तक शामिल किया जा चुका है। हाल में कच्चे तेल की कीमतों और लॉन्ग टर्म बॉन्ड यील्ड में आई नरमी से महंगाई के मोर्चे पर कुछ राहत की उम्मीद भी बनी हुई है। अगर ऊर्जा कीमतों में स्थिरता आती है तो इसका असर कंपनियों की लागत और भविष्य की कमाई पर सकारात्मक पड़ सकता है।

    विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि विदेशी संस्थागत निवेशकों का निवेश और कंपनियों की कमाई में बनी मजबूती भारतीय शेयर बाजार के लिए सकारात्मक संकेत हैं। खासकर मिडकैप कंपनियों के कई सेक्टर वैश्विक अनिश्चितताओं से अपेक्षाकृत कम प्रभावित हैं और घरेलू मांग का फायदा उठा रहे हैं। यही वजह है कि बाजार में व्यापक गिरावट के बावजूद चुनिंदा मिडकैप शेयरों में निवेशकों की दिलचस्पी बनी हुई है।

    अब बाजार की नजर अमेरिकी फेडरल रिजर्व के नए चेयरमैन केविन वॉर्श के जैक्सन होल सम्मेलन में होने वाले भाषण पर भी रहेगी। निवेशक उनके भाषण से महंगाई ब्याज दरों और मौद्रिक नीति के भविष्य को लेकर संकेत तलाशेंगे। इन संकेतों का असर वैश्विक जोखिम धारणा और उभरते बाजारों में विदेशी पूंजी के प्रवाह पर पड़ सकता है। ऐसे में आने वाले कारोबारी सत्रों में घरेलू संकेतों के साथ वैश्विक घटनाक्रम भी दलाल स्ट्रीट की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगा।

  • Stock Market Outlook 24 August: बाजार में दिख सकता है उतार-चढ़ाव, Nifty के इन स्तरों पर रहेगी निवेशकों की नजर

    Stock Market Outlook 24 August: बाजार में दिख सकता है उतार-चढ़ाव, Nifty के इन स्तरों पर रहेगी निवेशकों की नजर


    नई दिल्ली। 24 अगस्त शेयर बाजार: Nifty-Sensex में बन रहा रिकवरी का संकेत, जानें सपोर्ट-रेजिस्टेंस और आज की बाजार रणनीति
    24 अगस्त 2026 यानी सोमवार को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत निवेशकों के लिए अहम रहने वाली है। पिछले कारोबारी सप्ताह में बाजार में उतार चढ़ाव देखने को मिला और Nifty 50 शुक्रवार को 24252 के स्तर पर बंद हुआ। पूरे सप्ताह में Nifty करीब 0.47 प्रतिशत कमजोर रहा हालांकि अंतिम कारोबारी सत्र में इंडेक्स ने मामूली बढ़त के साथ सप्ताह का अंत किया। बाजार में फिलहाल तेजी और कमजोरी के बीच संतुलन की स्थिति दिखाई दे रही है। ऐसे में सोमवार को निवेशकों की नजर घरेलू संकेतों के साथ वैश्विक बाजारों और कच्चे तेल की कीमतों पर रहेगी।

    तकनीकी नजरिए से देखें तो Nifty के लिए 24000 के आसपास का स्तर काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसके ऊपर बने रहने पर बाजार में रिकवरी की कोशिश जारी रह सकती है। वहीं 24400 के आसपास मजबूत प्रतिरोध देखने को मिल सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार 24400 के ऊपर टिकाऊ तेजी आने पर बाजार में और मजबूती का संकेत मिल सकता है जबकि 24000 के नीचे फिसलने पर बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है। कुछ तकनीकी अनुमानों में 24092 और 23993 को भी नजदीकी सपोर्ट जोन माना गया है जबकि 24412 और 24511 प्रमुख रेजिस्टेंस स्तर बताए गए हैं।

    बैंकिंग शेयरों की बात करें तो शुक्रवार को Bank Nifty में करीब 0.46 प्रतिशत की बढ़त दर्ज हुई और इंडेक्स 57761.95 के स्तर पर बंद हुआ। बैंकिंग शेयरों में खरीदारी बाजार को सहारा दे सकती है। ऐसे में सोमवार को Bank Nifty की चाल भी पूरे बाजार के रुख को प्रभावित कर सकती है। हालांकि तेजी के बीच ऊपरी स्तरों पर मुनाफावसूली से इनकार नहीं किया जा सकता।

    विदेशी और घरेलू संस्थागत निवेशकों की गतिविधियां भी बाजार के लिए महत्वपूर्ण रहेंगी। 21 अगस्त को विदेशी संस्थागत निवेशक यानी FII नकद बाजार में करीब 542.71 करोड़ रुपये के शुद्ध बिकवाल रहे जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों यानी DII ने करीब 2124.14 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी की। इससे संकेत मिलता है कि घरेलू संस्थागत निवेशक बाजार को सहारा दे रहे हैं लेकिन विदेशी निवेशकों की बिकवाली अभी भी बाजार की तेजी के सामने चुनौती बनी हुई है।

    वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें और भू राजनीतिक घटनाक्रम बाजार की दिशा तय करने वाले प्रमुख कारक हो सकते हैं। हाल की बाजार रिपोर्टों में भी तेल की कीमतों और अंतरराष्ट्रीय तनाव को निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण जोखिम बताया गया है। ऊंची तेल कीमतें भारत जैसे बड़े आयातक देश के लिए चिंता बढ़ा सकती हैं और इससे बाजार की धारणा प्रभावित हो सकती है।

    इस बीच शुरुआती संकेतों में GIFT Nifty 24329 के आसपास कारोबार करता दिखाई दिया जो पिछले स्तर से करीब 0.18 प्रतिशत ऊपर था। इससे सोमवार को भारतीय बाजार की शुरुआत हल्की मजबूती के साथ होने की संभावना का संकेत मिलता है लेकिन GIFT Nifty का रुख केवल शुरुआती संकेत है और वास्तविक बाजार चाल वैश्विक तथा घरेलू घटनाक्रम के अनुसार बदल सकती है।

    कुल मिलाकर 24 अगस्त को बाजार का रुख फिलहाल साइडवेज से हल्का सकारात्मक नजर आ रहा है लेकिन निवेशकों को जल्दबाजी में ट्रेड लेने से बचना चाहिए। Nifty में 24000 का स्तर कमजोरी की स्थिति में महत्वपूर्ण रहेगा जबकि 24400 के ऊपर मजबूती बाजार में नई तेजी का रास्ता खोल सकती है। निवेशकों को बाजार की चाल देखकर ही निर्णय लेना चाहिए और केवल अनुमान के आधार पर खरीदारी या बिक्री नहीं करनी चाहिए। यह सामान्य बाजार विश्लेषण है और इसे निवेश सलाह नहीं माना जाना चाहिए।

  • 17 अगस्त को शेयर बाजार में क्या होगा? Nifty-Sensex की दिशा तय करेंगे ये बड़े ट्रिगर, निवेशकों को रहना होगा सतर्क

    17 अगस्त को शेयर बाजार में क्या होगा? Nifty-Sensex की दिशा तय करेंगे ये बड़े ट्रिगर, निवेशकों को रहना होगा सतर्क


    नई दिल्ली । 17 अगस्त 2026 सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में कारोबार की शुरुआत सतर्क माहौल के बीच होने की संभावना है। पिछले सप्ताह घरेलू बाजार कमजोर होकर बंद हुआ और Nifty 50 करीब 205 अंक की गिरावट के साथ 24366 के स्तर पर जबकि Sensex करीब 490 अंक टूटकर 78009.25 के स्तर पर बंद हुआ। लगातार कमजोर प्रदर्शन के बीच निवेशकों की नजर अब इस बात पर रहेगी कि बाजार निचले स्तरों पर खरीदारी का सहारा लेता है या बिकवाली का दबाव और बढ़ता है।
    बाजार की चाल पर इस समय सबसे बड़ा असर कच्चे तेल की कीमतों और पश्चिम एशिया में बढ़ते भू राजनीतिक तनाव का पड़ रहा है। Reuters के मुताबिक शुक्रवार को Brent crude करीब 87 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया था और तेल की कीमतों में तेजी ने निवेशकों की चिंता बढ़ाई है। भारत जैसे बड़े तेल आयातक देश के लिए महंगा कच्चा तेल महंगाई रुपये और कंपनियों की लागत पर असर डाल सकता है। यही वजह है कि सोमवार के कारोबार में ऊर्जा कीमतों से जुड़ी खबरें बाजार के लिए महत्वपूर्ण ट्रिगर बनी रहेंगी। 
    तकनीकी नजरिए से Nifty के लिए 24250 से 24200 का क्षेत्र अहम सपोर्ट माना जा रहा है। यदि इंडेक्स इस स्तर के नीचे फिसलता है तो बाजार में बिकवाली और तेज हो सकती है। वहीं ऊपर की तरफ 24500 से 24550 का क्षेत्र तत्काल चुनौती बना हुआ है। इस जोन के ऊपर मजबूती से टिकने पर बाजार में राहत की खरीदारी देखने को मिल सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार मौजूदा स्थिति में किसी एक दिशा में तेजी से दांव लगाने के बजाय प्रमुख सपोर्ट और रेजिस्टेंस स्तरों पर नजर रखना जरूरी है। 
    Bank Nifty के लिए भी 58000 के आसपास का स्तर महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बैंकिंग शेयरों में यदि खरीदारी लौटती है तो इंडेक्स को मजबूती मिल सकती है लेकिन कमजोर वैश्विक संकेत और बढ़ती बॉन्ड यील्ड दबाव बनाए रख सकते हैं। पिछले सप्ताह वित्तीय क्षेत्र में भी कमजोरी देखने को मिली थी। ऐसे में सोमवार को बैंकिंग और वित्तीय शेयर बाजार की दिशा तय करने में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं।

    इसके अलावा विदेशी संस्थागत निवेशकों की गतिविधियां भी बाजार के लिए महत्वपूर्ण रहेंगी। पिछले सप्ताह वैश्विक जोखिमों और तेल की कीमतों के दबाव के बीच निवेशकों का रुख सावधान रहा। घरेलू स्तर पर कंपनियों के तिमाही नतीजों का असर भी अलग अलग शेयरों में दिखाई दे सकता है। ऐसे में पूरे बाजार की बजाय मजबूत नतीजों और बेहतर कारोबार वाली कंपनियों पर निवेशकों का फोकस रह सकता है। 

    हालांकि बाजार में कमजोरी के बावजूद लंबी अवधि को लेकर कुछ विशेषज्ञ भारतीय शेयर बाजार को लेकर सकारात्मक बने हुए हैं। Reuters की रिपोर्ट के अनुसार Carnelian Asset Management का मानना है कि कॉरपोरेट आय में सुधार और वैश्विक निवेश धारणा में बदलाव से भारतीय इक्विटी बाजार में 2027 तक रिकवरी की संभावना बनी हुई है। इसका मतलब यह है कि मौजूदा उतार चढ़ाव को केवल तत्काल गिरावट के नजरिए से नहीं देखा जा सकता।

    कुल मिलाकर 17 अगस्त को बाजार में उतार चढ़ाव बना रह सकता है। Nifty के लिए 24200 के आसपास का सपोर्ट और 24500 से 24550 का जोन अहम रहेगा जबकि Sensex की दिशा वैश्विक संकेतों और घरेलू खरीदारी पर निर्भर करेगी। निवेशकों को बाजार की चाल देखकर ही निर्णय लेना चाहिए और केवल एक दिन के उतार चढ़ाव के आधार पर जल्दबाजी में निवेश या बिकवाली से बचना बेहतर होगा। यह बाजार विश्लेषण सामान्य जानकारी के लिए है और निवेश की सलाह नहीं है।

  • 3 जुलाई का शेयर बाजार अपडेट बाजार में रहेगा उतार चढ़ाव या बनेगा नया रिकॉर्ड निवेश से पहले पढ़ें पूरी रिपोर्ट

    3 जुलाई का शेयर बाजार अपडेट बाजार में रहेगा उतार चढ़ाव या बनेगा नया रिकॉर्ड निवेश से पहले पढ़ें पूरी रिपोर्ट


    नई दिल्ली । घरेलू शेयर बाजार में 3 जुलाई का कारोबारी सत्र कई महत्वपूर्ण घरेलू और वैश्विक संकेतों के बीच शुरू होगा। पिछले कुछ दिनों से बाजार में उतार चढ़ाव का माहौल बना हुआ है और निवेशकों की नजर अब वैश्विक आर्थिक आंकड़ों कच्चे तेल की कीमतों विदेशी निवेशकों की गतिविधियों और कंपनियों के तिमाही नतीजों पर टिकी हुई है। ऐसे में आज का कारोबार भी काफी हलचल भरा रहने की संभावना है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि सेंसेक्स और निफ्टी की शुरुआत हल्की बढ़त या सीमित उतार चढ़ाव के साथ हो सकती है। यदि विदेशी बाजारों से सकारात्मक संकेत मिलते हैं तो बैंकिंग आईटी ऑटो और कैपिटल गुड्स सेक्टर में अच्छी खरीदारी देखने को मिल सकती है। वहीं वैश्विक स्तर पर किसी नकारात्मक खबर का असर भारतीय बाजार पर भी दिखाई दे सकता है।

    बाजार की दिशा तय करने में विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी एफआईआई और घरेलू संस्थागत निवेशकों यानी डीआईआई की खरीद बिक्री अहम भूमिका निभाएगी। यदि विदेशी निवेशकों का भरोसा बरकरार रहता है तो बाजार को मजबूती मिल सकती है जबकि बिकवाली बढ़ने पर मुनाफावसूली का दबाव भी देखने को मिल सकता है।

    आईटी सेक्टर पर निवेशकों की विशेष नजर बनी रहेगी क्योंकि आने वाले दिनों में बड़ी कंपनियों के पहली तिमाही के वित्तीय नतीजे सामने आने वाले हैं। इसके अलावा बैंकिंग शेयरों में भी गतिविधि तेज रहने की उम्मीद है। यदि ब्याज दरों को लेकर वैश्विक स्तर पर सकारात्मक संकेत मिलते हैं तो वित्तीय शेयरों को समर्थन मिल सकता है।

    ऑटो सेक्टर में मासिक बिक्री के आंकड़े निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण रहेंगे। अच्छी बिक्री दर्ज करने वाली कंपनियों के शेयरों में तेजी देखने को मिल सकती है। वहीं एफएमसीजी और फार्मा सेक्टर भी रक्षात्मक निवेश के लिहाज से आकर्षण का केंद्र बने रह सकते हैं।

    ऊर्जा और तेल गैस कंपनियों पर भी निवेशकों की नजर रहेगी क्योंकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार चढ़ाव का सीधा असर इन कंपनियों के प्रदर्शन पर पड़ता है। यदि कच्चे तेल की कीमतों में नरमी बनी रहती है तो इससे भारतीय अर्थव्यवस्था और कई सेक्टर्स को राहत मिल सकती है।

    विशेषज्ञ फिलहाल निवेशकों को जल्दबाजी में बड़े निवेश से बचने की सलाह दे रहे हैं। उनका कहना है कि मजबूत फंडामेंटल वाली कंपनियों में चरणबद्ध निवेश लंबी अवधि में बेहतर रिटर्न दे सकता है। इंट्राडे ट्रेडर्स के लिए आज का सत्र अवसरों के साथ जोखिम भी लेकर आ सकता है इसलिए स्टॉप लॉस का पालन करना जरूरी रहेगा।

    बाजार की चाल पर अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों वैश्विक महंगाई की स्थिति डॉलर इंडेक्स और एशियाई बाजारों के प्रदर्शन का भी प्रभाव रहेगा। यदि वैश्विक संकेत सकारात्मक रहते हैं तो भारतीय शेयर बाजार नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ सकता है। हालांकि किसी भी अप्रत्याशित अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम से बाजार में अचानक उतार चढ़ाव भी देखने को मिल सकता है।

    कुल मिलाकर 3 जुलाई का कारोबारी दिन निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण रहने वाला है। समझदारी से निवेश करने वाले निवेशकों के लिए बाजार में अच्छे अवसर बन सकते हैं जबकि बिना रणनीति के निवेश करने वालों को सतर्क रहने की जरूरत होगी।

  • शानदार शुरुआत के बाद शेयर बाजार में बिकवाली, IT और ऑटो शेयरों की कमजोरी से सेंसेक्स-निफ्टी लाल निशान में बंद

    शानदार शुरुआत के बाद शेयर बाजार में बिकवाली, IT और ऑटो शेयरों की कमजोरी से सेंसेक्स-निफ्टी लाल निशान में बंद

    नई दिल्ली । सप्ताह के पहले कारोबारी दिन घरेलू शेयर बाजार ने सकारात्मक शुरुआत की, लेकिन कारोबार के अंतिम चरण में तेज बिकवाली के चलते प्रमुख सूचकांक गिरावट के साथ बंद हुए। निवेशकों की मुनाफावसूली, आईटी और ऑटो शेयरों में कमजोरी तथा बाजार में बढ़ी अस्थिरता ने दिनभर की बढ़त को पूरी तरह खत्म कर दिया।

    कारोबार समाप्त होने पर बीएसई सेंसेक्स 372.10 अंक यानी 0.48 प्रतिशत की गिरावट के साथ 76,728.37 अंक पर बंद हुआ। वहीं, एनएसई निफ्टी 109.75 अंक यानी 0.46 प्रतिशत टूटकर 23,946.25 अंक पर आ गया। दिनभर के कारोबार में गिरावट वाले शेयरों की संख्या बढ़त दर्ज करने वाले शेयरों से अधिक रही, जिससे बाजार में व्यापक बिकवाली का संकेत मिला।

    विशेषज्ञों के अनुसार, पिछले कुछ कारोबारी सत्रों में बाजार में लगातार तेजी देखने को मिली थी। कच्चे तेल की कीमतों में नरमी, पश्चिम एशिया में तनाव कम होने और विदेशी निवेशकों की संभावित खरीदारी से बाजार पहले ही ऊंचे स्तर पर पहुंच चुका था। ऐसे में निवेशकों ने ऊंचे भाव पर मुनाफावसूली करना उचित समझा, जिससे बाजार पर दबाव बढ़ गया।

    दिन की गिरावट में आईटी और ऑटो सेक्टर का सबसे बड़ा योगदान रहा। प्रमुख आईटी कंपनियों के शेयरों में कमजोरी देखने को मिली, जबकि ऑटो सेक्टर की कई बड़ी कंपनियों के शेयर भी लाल निशान में बंद हुए। दूसरी ओर फार्मा और हेल्थकेयर सेक्टर में खरीदारी का रुख बना रहा, लेकिन यह तेजी पूरे बाजार को संभालने के लिए पर्याप्त नहीं रही।

    तकनीकी विश्लेषकों का कहना है कि निफ्टी के लिए 24,100 से 24,250 अंक का दायरा फिलहाल मजबूत प्रतिरोध स्तर बना हुआ है। बाजार इस स्तर को पार करने में सफल नहीं हो सका, जिसके बाद बिकवाली तेज हो गई। अब 24,000 और 23,800 अंक के स्तर को निकट भविष्य के लिए महत्वपूर्ण सपोर्ट माना जा रहा है।

    इस दौरान बाजार की अस्थिरता को मापने वाला इंडिया VIX भी करीब 6 प्रतिशत बढ़कर 13.88 के आसपास पहुंच गया। आमतौर पर VIX में बढ़ोतरी आने वाले समय में बाजार में अधिक उतार-चढ़ाव की संभावना का संकेत देती है। यही वजह रही कि कई निवेशकों ने जोखिम कम करने के लिए अपने निवेश में मुनाफावसूली की।

    बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक निफ्टी 24,100 के ऊपर मजबूती से टिकने में सफल नहीं होता, तब तक बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। आने वाले कारोबारी सत्रों में निवेशकों की नजर वैश्विक बाजारों के रुख, विदेशी संस्थागत निवेशकों की गतिविधियों, कच्चे तेल की कीमतों और प्रमुख आर्थिक आंकड़ों पर बनी रहेगी।

  • वैश्विक तनाव का घरेलू बाजार पर असर, ऑयल-गैस शेयरों में बिकवाली से शुरुआती कारोबार रहा सुस्त

    वैश्विक तनाव का घरेलू बाजार पर असर, ऑयल-गैस शेयरों में बिकवाली से शुरुआती कारोबार रहा सुस्त


    नई दिल्ली । कमजोर वैश्विक संकेतों और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते तनावपूर्ण माहौल के बीच मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार ने सपाट शुरुआत की। कारोबार की शुरुआत से ही निवेशकों के बीच सतर्कता का माहौल दिखाई दिया, जिसका असर प्रमुख सूचकांकों पर साफ तौर पर नजर आया। शुरुआती कारोबार में बाजार सीमित दायरे में चलता दिखाई दिया और कई प्रमुख सेक्टर दबाव में कारोबार करते रहे। अंतरराष्ट्रीय बाजारों से मिल रहे मिश्रित संकेतों और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने निवेशकों की चिंता को और बढ़ा दिया है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक परिस्थितियां फिलहाल निवेशकों की रणनीति को प्रभावित कर रही हैं और इसी कारण घरेलू बाजार में भी सतर्कता का रुख देखने को मिल रहा है।

    शुरुआती कारोबारी सत्र में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों हल्की गिरावट के साथ खुले। सेंसेक्स में गिरावट दर्ज की गई, जबकि निफ्टी भी दबाव में नजर आया। बाजार के प्रमुख सूचकांकों पर सबसे अधिक दबाव ऑयल और गैस क्षेत्र के शेयरों की ओर से दिखाई दिया। इस क्षेत्र में बिकवाली के चलते निवेशकों का रुझान कमजोर रहा। इसके अलावा कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, इंफ्रास्ट्रक्चर, ऑटो, प्राइवेट बैंकिंग, रियल्टी, मेटल और वित्तीय सेवाओं से जुड़े सेक्टरों में भी शुरुआती कारोबार के दौरान कमजोरी दर्ज की गई।

    हालांकि बाजार की पूरी तस्वीर नकारात्मक नहीं रही। कुछ सेक्टरों ने सीमित स्तर पर बाजार को सहारा देने की कोशिश की। मीडिया, रक्षा, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक और सूचना प्रौद्योगिकी से जुड़े शेयरों में मजबूती दिखाई दी। टेक्नोलॉजी कंपनियों के शेयरों में खरीदारी ने निवेशकों का ध्यान आकर्षित किया। चुनिंदा बड़ी कंपनियों में भी तेजी देखने को मिली, जिससे बाजार में गिरावट अधिक गहरी नहीं हो सकी। इससे यह संकेत भी मिला कि निवेशक पूरी तरह सतर्क जरूर हैं, लेकिन चुनिंदा क्षेत्रों में अवसर तलाशने की रणनीति भी अपनाई जा रही है।

    लार्जकैप कंपनियों की तुलना में मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों ने अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन किया। बाजार के इन दोनों वर्गों में खरीदारी का माहौल दिखाई दिया और सूचकांकों में हल्की बढ़त दर्ज की गई। यह संकेत देता है कि घरेलू निवेशकों का भरोसा अभी भी बाजार के कुछ हिस्सों में बना हुआ है। छोटे और मध्यम आकार की कंपनियों में निवेशकों की दिलचस्पी से बाजार के भीतर अलग रुझान देखने को मिला।

    दूसरी ओर, वैश्विक बाजारों में भी मिश्रित स्थिति बनी रही। कई एशियाई बाजार दबाव में कारोबार करते दिखाई दिए, जबकि कुछ बाजारों में सीमित बढ़त दर्ज की गई। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते तनाव और समुद्री क्षेत्र से जुड़े घटनाक्रमों ने निवेशकों की चिंता बढ़ाई है। इसी बीच कच्चे तेल की कीमतों में भी तेजी देखने को मिली है। तेल की कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर ऊर्जा लागत और आर्थिक गतिविधियों पर पड़ सकता है। विशेषज्ञ मानते हैं कि यदि तेल की कीमतों में यह तेजी लंबे समय तक बनी रहती है तो इसका प्रभाव विभिन्न सेक्टरों की लागत और बाजार की चाल पर दिखाई दे सकता है। फिलहाल निवेशकों की नजर वैश्विक घटनाक्रम और आने वाले कारोबारी संकेतों पर टिकी हुई है।

  • आज शेयर बाजार में दिख सकती है उतार-चढ़ाव भरी चाल, आईटी और बैंकिंग शेयरों पर रहेगी नजर

    आज शेयर बाजार में दिख सकती है उतार-चढ़ाव भरी चाल, आईटी और बैंकिंग शेयरों पर रहेगी नजर


    नई दिल्ली। भारतीय शेयर बाजार में आज कारोबार की शुरुआत सतर्क माहौल के साथ होने के संकेत हैं। घरेलू आर्थिक गतिविधियों, विदेशी बाजारों के रुझान और निवेशकों की रणनीति के बीच बाजार में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि आज के कारोबार में बैंकिंग, आईटी, ऑटो और एफएमसीजी सेक्टर के शेयर बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

    पिछले कारोबारी सत्र में बाजार ने मिश्रित प्रदर्शन किया था। निवेशकों की नजर अब वैश्विक बाजारों से आने वाले संकेतों, विदेशी निवेशकों की गतिविधियों और कच्चे तेल की कीमतों पर बनी हुई है। अमेरिकी और एशियाई बाजारों से मिले कमजोर और मजबूत संकेतों के मिश्रित प्रभाव का असर भारतीय बाजार पर भी दिखाई दे सकता है।

    विशेषज्ञों के अनुसार, बाजार में फिलहाल “स्टॉक स्पेसिफिक” गतिविधियां ज्यादा देखने को मिल रही हैं। यानी जिन कंपनियों के अच्छे नतीजे या सकारात्मक खबरें सामने आ रही हैं, उनके शेयरों में खरीदारी का रुझान बना हुआ है। वहीं कमजोर प्रदर्शन वाली कंपनियों में दबाव देखने को मिल सकता है।

    बैंकिंग सेक्टर पर आज खास नजर रहेगी। निजी और सरकारी बैंकों के शेयरों में हलचल बनी रह सकती है। इसके अलावा आईटी कंपनियों के शेयर भी निवेशकों के फोकस में रहेंगे, क्योंकि डॉलर की चाल और वैश्विक टेक बाजार का असर इस सेक्टर पर सीधे तौर पर पड़ता है।

    ऑटो और रियल एस्टेट सेक्टर में भी निवेशकों की रुचि बनी रह सकती है। बाजार जानकारों का कहना है कि लंबी अवधि के निवेशकों को मजबूत फंडामेंटल वाले शेयरों पर ध्यान देना चाहिए और जल्दबाजी में बड़े फैसले लेने से बचना चाहिए।

    विश्लेषकों के मुताबिक, सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में शुरुआती कारोबार के दौरान हल्की तेजी या मुनाफावसूली देखने को मिल सकती है। यदि विदेशी निवेशकों की खरीदारी बनी रहती है तो बाजार को मजबूती मिल सकती है, जबकि वैश्विक दबाव बढ़ने पर गिरावट भी संभव है।

    कमोडिटी बाजार में सोना और चांदी की कीमतों पर भी निवेशकों की नजर बनी हुई है। वहीं कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में उतार-चढ़ाव का असर तेल एवं गैस कंपनियों के शेयरों पर दिखाई दे सकता है।

    मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि मौजूदा समय में निवेशकों को सतर्क और संतुलित रणनीति अपनानी चाहिए। छोटे निवेशकों को अफवाहों के आधार पर निवेश करने से बचने और विशेषज्ञ सलाह के साथ आगे बढ़ने की सलाह दी गई है।

  • सेंसेक्स में जोरदार रिकवरी: निचले स्तर से 1800 अंक उछलकर बंद, IT सेक्टर चमका

    सेंसेक्स में जोरदार रिकवरी: निचले स्तर से 1800 अंक उछलकर बंद, IT सेक्टर चमका


    नई दिल्ली। भारतीय शेयर बाजार के लिए गुरुवार का सत्र उतार-चढ़ाव से भरा रहा, लेकिन अंत में बाजार ने शानदार रिकवरी दिखाते हुए हरे निशान में क्लोजिंग दी। शुरुआती गिरावट के बाद निवेशकों की खरीदारी से बाजार में जबरदस्त रिटर्न देखने को मिली।

    इंटर-डे में बड़ी रिकवरी

    कारोबार के दौरान बीएसई सेंसेक्स 71,545 के निचले स्तर से करीब 1,774 अंक उछल गया। दिन के अंत में सेंसेक्स 185.23 अंक (0.25%) की बढ़त के साथ 73,319.55 पर बंद हुआ।

    वहीं निफ्टी 50 ने भी 22,182 के लो से 531 अंकों की रिकवरी करते हुए 33.70 अंक (0.15%) की तेजी के साथ 22,713.10 पर क्लोजिंग दी।

    आईटी सेक्टर बना बाजार का हीरो

    आज के कारोबार में निफ्टी आईटी सबसे बड़ा जेनरेटर रहा, जो 2.60% की तेजी के साथ बंद हुआ। इसके अलावा:

    निफ्टी रियल्टी: +1.07%
    निफ्टी सर्विसेज़: +0.54%
    निफ्टी मेटल: +0.39%
    निफ्टी प्राइवेट बैंक: +0.39%
    निफ्टी FMCG: +0.21%

    IT कंपनियों में खरीदारी ने बाजार को बढ़त देने में अहम भूमिका निभाई।

    इन सेक्टर्स में रही गिरावट

    दूसरी ओर कुछ सेक्टर्स दबाव में रहे:

    निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स: -0.93%
    निफ्टी फार्मा: -0.92%
    निफ्टी हेल्थकेयर: -0.86%
    निफ्टी ऑयल एंड गैस: -0.79%
    निफ्टी ऑटो: -0.62%
    निफ्टी इंफ्रा: -0.45%
    सेंसेक्स के टॉप जेनर्स और लूजर्स

    तेजी वाले सर्वे में Infosys, TCS, HCLTech, Tech Mahindra, HDFC Bank और ICICI Bank शामिल रहे।

    वहीं गिरावट वाले रिकवरी में Sun Pharma, NTPC, Power Grid Corporation of India और Tata Steel प्रमुख रहे।

    मिडकैप और स्मॉलकैप में कमजोरी

    लार्जकैप के मुकाबले मिडकैप और स्मॉलकैप रिकवरी में कमजोरी देखने को मिली।

    निफ्टी मिडकैप 100: 0.26% गिरकर 53,677.05
    निफ्टी स्मॉलकैप 100: 0.38% गिरकर 15,650.50
    क्यों आई बाजार में यह रिकवरी?

    विश्लेषकों के अनुसार, डोनाल्ड ट्रंप के ईरान पर संभावित हमले वाले बयान से शुरुआती कारोबार में बाजार दबाव में था। लेकिन बाद में वैल्यू बाइंग और रुपये में बढ़ोतरी से बाजार में सुधार आया।

    रुपये ने भी मजबूत प्रदर्शन करते हुए बाजार को सहारा दिया, जिससे निवेशकों का भरोसा लौटा।

    क्यों अहम है यह ट्रेंड

    आज की रिकवरी यह दर्शाती है कि बाजार में अभी भी निवेशकों का भरोसा बना हुआ है और गिरावट में खरीदारी का रुख जारी है।

  • शेयर बाजार में जोरदार उछाल सेंसेक्स 1500 अंक उछला बैंक और डिफेंस स्टॉक्स चमके

    शेयर बाजार में जोरदार उछाल सेंसेक्स 1500 अंक उछला बैंक और डिफेंस स्टॉक्स चमके


    नई दिल्ली:मध्य पूर्व में तनाव कम होने के संकेतों के बीच भारतीय शेयर बाजार ने मंगलवार को मजबूत शुरुआत की और निवेशकों के बीच उत्साह का माहौल देखने को मिला। बाजार खुलते ही प्रमुख सूचकांकों में जबरदस्त उछाल दर्ज किया गया।

    बेंचमार्क इंडेक्स SENSEX 1516.08 अंक यानी 2.09 प्रतिशत की बढ़त के साथ 74212.47 के स्तर पर खुला। वहीं NIFTY 50 365.80 अंक यानी 1.62 प्रतिशत की तेजी के साथ 22878.45 पर पहुंच गया। इस तेजी ने पूरे बाजार में सकारात्मक माहौल बना दिया।

    शुरुआती कारोबार में लगभग सभी सेक्टर हरे निशान में नजर आए और चौतरफा खरीदारी देखने को मिली। खासतौर पर निफ्टी पीएसयू बैंक, निफ्टी इंडिया डिफेंस, निफ्टी ऑटो, निफ्टी मेटल और निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स जैसे सेक्टर टॉप गेनर्स की लिस्ट में शामिल रहे।

    लार्जकैप के साथ साथ मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी मजबूती देखने को मिली। NIFTY Midcap 100 करीब 772 अंक यानी 1.47 प्रतिशत की बढ़त के साथ 53490 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं NIFTY Smallcap 100 भी 219 अंक यानी 1.45 प्रतिशत की तेजी के साथ 15318 पर कारोबार करता नजर आया। इससे साफ है कि बाजार में केवल बड़े शेयर ही नहीं बल्कि छोटे और मिड साइज कंपनियों में भी निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी है।

    ब्रोकरेज हाउस चॉइस ब्रोकिंग के टेक्निकल एनालिस्ट आकाश शाह के अनुसार निफ्टी फिलहाल अपने शॉर्ट टर्म सपोर्ट जोन से नीचे ट्रेड कर रहा है जिससे बाजार का रुझान अभी कमजोर बना हुआ है। उन्होंने बताया कि 22650 से 22700 के स्तर पर मजबूत रुकावट देखी जा रही है जबकि 22300 से 22400 के बीच सपोर्ट जोन है। अगर यह स्तर टूटता है तो आने वाले समय में बाजार में गिरावट और गहरी हो सकती है।

    सेंसेक्स पैक में कई बड़े स्टॉक्स ने मजबूती दिखाई। एशियन पेंट्स, इंडिगो, ट्रेंट, टाइटन, बीईएल, अल्ट्राटेक सीमेंट, एलएंडटी, अदाणी पोर्ट्स, टेक महिंद्रा, कोटक महिंद्रा, एचडीएफसी बैंक, टाटा स्टील, बजाज फिनसर्व, मारुति सुजुकी और एसबीआई जैसे शेयरों में खरीदारी देखने को मिली। केवल पावर ग्रिड एकमात्र ऐसा शेयर रहा जो लाल निशान में ट्रेड कर रहा था।

    ग्लोबल मार्केट की बात करें तो एशियाई बाजारों में भी तेजी देखने को मिली। टोक्यो, शंघाई, हांगकांग, बैंकॉक और सोल जैसे प्रमुख बाजार हरे निशान में खुले। वहीं अमेरिकी बाजार भी सोमवार को मजबूती के साथ बंद हुए थे जहां डाओ और नैस्डैक इंडेक्स में करीब 1.38 प्रतिशत तक की तेजी दर्ज की गई।

    बाजार में आई इस तेजी के पीछे सबसे बड़ा कारण मध्य पूर्व में तनाव कम होने के संकेत और वैश्विक स्तर पर बेहतर निवेश माहौल को माना जा रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार अमेरिकी पक्ष द्वारा ईरान के पावर प्लांट्स पर संभावित हमले को फिलहाल टालने के फैसले से तनाव में कमी आई है, जिससे निवेशकों का भरोसा बढ़ा है और बाजार में खरीदारी तेज हुई है।

  • BSE Sensex और Nifty 50 सपाट, सीमित दायरे में कारोबार कर रहा बाजार

    BSE Sensex और Nifty 50 सपाट, सीमित दायरे में कारोबार कर रहा बाजार


    नई दिल्ली। मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार में शुरुआत से ही हल्की उतार-चढ़ाव देखने को मिला, लेकिन दिन चढ़ने के साथ बाजार सीमित दायरे में सिमट गया। दोपहर 12:30 बजे तक बीएसई सेंसेक्स 24 अंकों की मामूली गिरावट के साथ 75,478 पर कारोबार कर रहा था, जबकि निफ्टी 50 13 अंक कमजोर होकर 23,394 के स्तर पर था। कारोबार के दौरान सेंसेक्स ने 75,324.73 का निचला स्तर और 76,014 का ऊपरी स्तर जारी किया, वहीं निफ्टी 23,346 से 23,577 के बीच घूम रहा।

    मिडकैप और स्मॉलकैप में भी लिमिटेड दायरा

    बाजार की यह सुस्ती केवल लार्जकैप तक लिमिटेड नहीं रही, बल्कि मिडकैप और स्मॉलकैप रिकवरी में भी लिमिटेड हलचल देखने को मिली। निफ्टी मिडकैप 100 92 अंक की हल्की बढ़त के साथ 54,707 पर और निफ्टी स्मॉलकैप 100 29 अंक 15,840 पर कारोबार कर रहा था। यह संकेत देता है कि बाजार के सभी निवेश में निवेशक बचे सतर्क रुख अपनाए हुए हैं और किसी बड़े ट्रेंड का इंतजार कर रहे हैं।

    फेड की बैठक बना सबसे बड़ा फैक्टर

    बाजार के सीमित दायरे में रहने की सबसे बड़ी वजह फेडरल रिजर्व की दो दिवसीय बैठक है, जो मंगलवार से शुरू या बुधवार को खत्म होगी। इस बैठक में ब्याज दरों को लेकर जाने वाले फैसले पर वैश्विक बाजारों की नजर टिकी हुई है। मौजूदा समय में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से और वैश्विक महंगाई की खतरों के बीच फेड का रुख बेहद अहम हो गया है। निवेशक इस फैसले से पहले बड़े निवेश से बच रहे हैं, जिससे बाजार में स्थिरता की स्थिति बनी हुई है।

    कच्चे तेल की तेजी से बढ़ी चिंता

    पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण क्रूड ऑयल की कीमतों में पिछले एक महीने में 50 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी से देखी गई है। इससे वैश्विक स्तर पर महंगाई बढ़ने का खतरा पैदा हो गया है। यदि महंगाई बढ़ती है तो केंद्रीय बैंक ब्याज दरों को ऊंचा बनाए रख सकते हैं, जो शेयर बाजार के लिए नकारात्मक संकेत है। यही कारण है कि निवेशक सतर्क हैं और बाजार में बड़ी खरीदारी से बच रहे हैं।

    एक्सपायरी और FII बिकवाली का दबाव

    मंगलवार को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) पर डेरिवेटिव्स बेंचों की एक्सपायरी भी है, जिसके चलते ट्रेडर्स अपनी व्यवस्था में बदलाव करते हैं। इससे बाजार में मुनाफा कम या एक दायरे में कारोबार होता है। दूसरी ओर, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली भी बाजार पर दबाव बनाए हुए है। सोमवार को बाजार में तेजी के बावजूद एफआईआई ने 9,365.52 करोड़ रुपये की बिकवाली की, जिससे निवेशकों का भरोसा कमजोर पड़ा है।

    आगे की दिशा क्या होगी?

    एफआईआई के अनुसार, जब तक फेडरल रिजर्व की बैठक के नतीजे सामने नहीं आते, तब तक बाजार इसी तरह सीमित दायरे में बना रह सकता है। इसके अलावा कच्चे तेल की कीमतें और विदेशी संस्थागत निवेशकों के रुख पर भी बाजार की दिशा निर्भर करेगी।

    कुल मिलाकर भारतीय शेयर बाजार इस समय इंतजार और जोखिम के दौर से गुजर रहा है। BSE Sensex और Nifty 50 में बड़ी चाल तभी देखने को मिलेगी, जब वैश्विक संकेत स्पष्ट होंगे। अगर जींस के लिए धैर्य और सतर्क रणनीति ही सबसे बेहतर विकल्प मानी जा रही है।