Tag: Shivraj Singh Chouhan

  • बंगाल के रुझानों में भाजपा की बढ़त पर भोपाल में जश्न, शिवराज सिंह ने बांटी 'झालमुड़ी', बोले- मोदी है तो मुमकिन है

    बंगाल के रुझानों में भाजपा की बढ़त पर भोपाल में जश्न, शिवराज सिंह ने बांटी 'झालमुड़ी', बोले- मोदी है तो मुमकिन है

    भोपाल । पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के ऐतिहासिक रुझानों ने मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में भी उत्सव का माहौल पैदा कर दिया है। जैसे ही बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (BJP) जीत की ओर बढ़ी, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के भोपाल स्थित निवास पर ‘महाविजय’ का जश्न शुरू हो गया। इस खास मौके पर उन्होंने कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर बंगाल के प्रसिद्ध व्यंजन ‘झालमुड़ी’ का आनंद लिया और जीत की खुशी साझा की।

    ‘मामा’ के घर पर आतिशबाजी और ढोल-नगाड़े
    सोमवार को जैसे-जैसे मतगणना के रुझान स्पष्ट हुए, शिवराज सिंह चौहान के आवास पर कार्यकर्ताओं का हुजूम उमड़ पड़ा। पूरे परिसर में ढोल-नगाड़ों की थाप और आतिशबाजी के बीच “जय श्री राम” और “मोदी-मोदी” के नारे गूंजते रहे। जीत के जश्न को बंगाली टच देने के लिए खास तौर पर झालमुड़ी बनवाई गई, जिसे केंद्रीय मंत्री ने खुद कार्यकर्ताओं को बांटकर बधाई दी। शिवराज सिंह ने कहा कि यह ‘असाधारण और अद्भुत’ है, उन्‍होंने इसे प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व का परिणाम बताया।

    “श्यामा प्रसाद मुखर्जी की आत्मा आज गदगद होगी”
    मीडिया से बातचीत के दौरान भावुक होते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा, “मुझे उम्मीद ही नहीं, बल्कि पूरा विश्वास था कि बंगाल में इस बार महाविजय होगी। आज एक बड़ा संकल्प पूरा हुआ है और एक सपना साकार हुआ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की आत्मा आज गदगद होगी।”

    उन्होंने विरोधियों पर निशाना साधते हुए कहा कि “जनता ने घटिया वोट बैंक और तुष्टीकरण की राजनीति को सिरे से नकार दिया है। घुसपैठ को बढ़ावा देने वाली ताकतों को करारा जवाब मिला है। अब हारने वाले ईवीएम (EVM) का बहाना ढूंढेंगे, लेकिन सच तो यह है कि जनता ने मोदी जी के पीछे खड़े होकर ऐतिहासिक जनादेश दिया है।”

    असम से तमिलनाडु तक ‘भगवा’ लहर
    शिवराज सिंह ने केवल बंगाल ही नहीं, बल्कि अन्य राज्यों के रुझानों पर भी संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि असम में भाजपा का प्रदर्शन असाधारण है और पुडुचेरी में एक बार फिर एनडीए (NDA) की सरकार बनने जा रही है। उन्होंने तमिलनाडु में भाजपा के बढ़ते प्रभाव का जिक्र करते हुए गृह मंत्री अमित शाह की ‘अचूक रणनीति’ और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा की मेहनत को इस सफलता का श्रेय दिया।

    शिवराज ने कहा कि पूरा देश मानता है “मोदी है तो मुमकिन है।” उन्होंने बंगाल, असम और पुडुचेरी की जनता का दिल से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि जब हार सामने दिखती है, तो खिसियानी बिल्ली खंभा नोचने लगती है, विपक्ष भी अब हार के बहाने तलाशेगा।

  • जहां बहता था पानी वहां बस गई कॉलोनियां नहर पर कब्जे ने खड़ा किया बड़ा सवाल

    जहां बहता था पानी वहां बस गई कॉलोनियां नहर पर कब्जे ने खड़ा किया बड़ा सवाल


    विदिशा ।
    मध्य प्रदेश के विदिशा से सामने आया एक मामला इन दिनों प्रशासनिक व्यवस्था और राजनीतिक तंत्र दोनों पर सवाल खड़े कर रहा है यहां दशकों पुरानी एक सिंचाई नहर का अस्तित्व लगभग खत्म हो चुका है और जहां कभी किसानों के खेतों तक पानी पहुंचता था वहां अब कंक्रीट की कॉलोनियां खड़ी नजर आ रही हैं इस पूरे घटनाक्रम ने न केवल किसानों की चिंता बढ़ाई है बल्कि सियासत को भी गरमा दिया है

    दरअसल दौलतपुरा और मदनखेड़ा इलाके में वर्षों पहले उद्वहन सिंचाई योजना के तहत एक नहर बनाई गई थी इस योजना का उद्देश्य था कि हर खेत तक पानी पहुंचे और किसानों की फसल सुरक्षित रहे लेकिन समय के साथ इस नहर की जमीन पर धीरे धीरे कब्जे होते चले गए और अब स्थिति यह है कि नहर का नामोनिशान तक मिटता जा रहा है

    स्थानीय लोगों का कहना है कि जहां कभी पानी बहता था वहां अब पक्के निर्माण हो चुके हैं और आलीशान कॉलोनियां बस गई हैं केवल एक जर्जर ढांचा बचा है जो इस बात की गवाही देता है कि यहां कभी सिंचाई व्यवस्था मौजूद थी बाकी जमीन पूरी तरह कब्जे में जा चुकी है

    यह मामला अब राजनीतिक रंग भी ले चुका है क्योंकि यह वही क्षेत्र है जहां से केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान का संबंध है कांग्रेस ने इस मुद्दे को लेकर भाजपा पर तीखा हमला बोला है कांग्रेस प्रवक्ता आनंद जाट ने आरोप लगाया कि किसानों के हितों की बात करने वाले नेता के जिले में ही किसानों की नहर गायब हो गई और जिम्मेदारों को इसकी भनक तक नहीं लगी

    उन्होंने यह भी कहा कि भू माफियाओं ने नहर की जमीन पर कब्जा कर लिया है और भाजपा सरकार उन्हें संरक्षण दे रही है कांग्रेस ने प्रशासन से मांग की है कि तत्काल कार्रवाई कर कब्जा हटाया जाए और किसानों को उनका अधिकार वापस दिलाया जाए

    वहीं प्रशासन की ओर से कहा गया है कि यह मामला 40 से 50 साल पुराना है और पुराने दस्तावेजों को खंगालने में समय लग रहा है अधिकारियों के अनुसार जैसे जैसे रिकॉर्ड मिल रहे हैं उन्हें राजस्व विभाग को सौंपा जा रहा है ताकि आगे की कार्रवाई की जा सके

    इस बीच राजस्व विभाग ने भी सक्रियता दिखाते हुए अब तक 11 लोगों को नोटिस जारी किए हैं जिन पर नहर की जमीन पर कब्जा करने का आरोप है तहसीलदार निधि लोधी ने बताया कि जांच जारी है और जल्द ही अवैध कब्जों को हटाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी

    यह मामला केवल जमीन के कब्जे तक सीमित नहीं है बल्कि यह सवाल भी उठाता है कि सरकारी योजनाओं की निगरानी और संरक्षण कैसे किया जा रहा है यदि दशकों पुरानी एक महत्वपूर्ण सिंचाई व्यवस्था इस तरह खत्म हो सकती है तो अन्य योजनाओं की स्थिति क्या होगी

    अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या प्रशासन इस नहर को कब्जामुक्त कर पाएगा और किसानों को उनका हक वापस मिल पाएगा या यह मामला भी केवल सियासी बयानबाजी और खबरों तक ही सीमित रह जाएगा

  • शिक्षा से वंचित खमरिया 9 साल बाद भी स्कूल नहीं ग्रामीणों का गुस्सा बरकरार

    शिक्षा से वंचित खमरिया 9 साल बाद भी स्कूल नहीं ग्रामीणों का गुस्सा बरकरार


    कटनी । कटनी जिले की ढीमरखेड़ा तहसील के ग्राम खमरिया में शिक्षा को लेकर एक पुरानी घोषणा आज भी अधूरी पड़ी है। वर्ष 2016 में तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जनदर्शन यात्रा के दौरान गांव में हाई स्कूल खोलने की घोषणा की थी, लेकिन नौ साल बीत जाने के बाद भी यह घोषणा जमीन पर उतरती नजर नहीं आई।

    तहसील मुख्यालय से करीब 28 किलोमीटर दूर स्थित इस गांव में हाई स्कूल की सुविधा नहीं होने के कारण छात्र-छात्राओं को पढ़ाई के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। खासकर बेटियों की शिक्षा पर इसका अधिक प्रभाव पड़ रहा है, जिससे कई परिवारों को मजबूरी में बच्चों की पढ़ाई बीच में ही रोकनी पड़ती है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने बार-बार प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से गुहार लगाई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

    गांव में इस मुद्दे को लेकर आक्रोश इस कदर बढ़ा कि पिछले विधानसभा चुनाव में ग्रामीणों ने मतदान का बहिष्कार तक कर दिया था। उस समय भाजपा प्रत्याशी और वर्तमान विधायक धीरेंद्र बहादुर सिंह ने गांव पहुंचकर लोगों को आश्वासन दिया था कि चुनाव जीतने के बाद स्कूल खोलना उनकी प्राथमिकता होगी।

    विधायक बनने के बाद उन्होंने इस मुद्दे को उठाते हुए कटनी से लेकर भोपाल तक कई बार पत्राचार किया। उन्होंने शिक्षा मंत्री से मुलाकात कर मामला विधानसभा में भी उठाया। वहीं शहडोल सांसद हिमाद्री सिंह भी पिछले कुछ वर्षों से लगातार शिक्षा विभाग के अधिकारियों को पत्र लिखकर इस समस्या के समाधान की मांग करती रही हैं।

    स्थानीय जनप्रतिनिधियों और भाजपा कार्यकर्ताओं ने भी अधिकारियों की सुस्ती पर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि इस तरह की लापरवाही से सरकार की छवि प्रभावित होती है और जनता का विश्वास कमजोर होता है।

    इस मामले पर विधायक धीरेंद्र बहादुर सिंह का कहना है कि उन्होंने इसे सर्वोच्च प्राथमिकता में रखा है और हाल ही में शिक्षा मंत्री से मुलाकात के बाद आश्वासन मिला है कि आगामी नए शैक्षणिक सत्र में खमरिया में हाई स्कूल शुरू कर दिया जाएगा।

    वहीं शिक्षा विभाग के जबलपुर संभाग के संयुक्त संचालक अरुण इंगले ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में नहीं था, लेकिन अब जिला शिक्षा अधिकारी से रिपोर्ट मांगी गई है। उन्होंने आश्वासन दिया कि मुख्यमंत्री की घोषणा पूरी क्यों नहीं हुई, इसकी जांच की जाएगी और जल्द ही समस्या का समाधान किया जाएगा।

    यह मामला न केवल एक अधूरी सरकारी घोषणा का उदाहरण है, बल्कि यह भी दिखाता है कि ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी किस तरह बच्चों के भविष्य को प्रभावित कर रही है। अब देखने वाली बात यह होगी कि वर्षों से लंबित यह वादा कब तक हकीकत में बदलता है।

  • किसान क्रेडिट कार्ड योजना से किसानों की आर्थिक स्थिति में आया बड़ा बदलाव शिवराज सिंह चौहान

    किसान क्रेडिट कार्ड योजना से किसानों की आर्थिक स्थिति में आया बड़ा बदलाव शिवराज सिंह चौहान

    रायसेन। मध्यप्रदेश के रायसेन में आयोजित उन्नत कृषि महोत्सव 2026 के अंतिम दिन किसान सम्मेलन में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि किसान क्रेडिट कार्ड योजना ने देश के किसानों के जीवन में बड़ा बदलाव लाया है। उन्होंने इस योजना को किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण सहारा बताते हुए कहा कि इससे किसानों को समय पर सस्ती दरों पर ऋण उपलब्ध हो रहा है, जिससे वे खेती से जुड़े आवश्यक कार्य बिना आर्थिक दबाव के कर पा रहे हैं।

    उन्होंने कहा कि इस महोत्सव का उद्देश्य केवल प्रदर्शन तक सीमित नहीं है, बल्कि किसानों को सरकार की विभिन्न योजनाओं और कृषि क्षेत्र में हो रहे नए नवाचारों से अवगत कराना भी है। किसानों को आधुनिक तकनीकों, उन्नत उपकरणों और नई कृषि पद्धतियों की जानकारी देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में यह आयोजन महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

    शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि पहले किसानों को खाद और बीज जैसी आवश्यकताओं के लिए ऊंचे ब्याज दरों पर कर्ज लेना पड़ता था, जिससे उनकी पूरी फसल का बड़ा हिस्सा कर्ज चुकाने में ही चला जाता था। ऐसे में किसान क्रेडिट कार्ड योजना ने इस समस्या का समाधान किया है और किसानों को सस्ती दरों पर ऋण उपलब्ध कराकर उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत किया है।

    उन्होंने कृषि अवसंरचना को मजबूत करने पर भी जोर देते हुए कहा कि एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड जैसी योजनाएं किसानों के लिए अत्यंत लाभकारी साबित हो रही हैं। इसके माध्यम से भंडारण, प्रसंस्करण और अन्य कृषि सुविधाओं का विकास हो रहा है, जिससे किसानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिल पा रहा है।

    साथ ही प्रधानमंत्री कुसुम योजना का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत किसानों को सोलर पंप और सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने के लिए पर्याप्त सब्सिडी दी जा रही है। इससे न केवल ऊर्जा लागत में कमी आ रही है बल्कि किसान स्वच्छ ऊर्जा की ओर भी अग्रसर हो रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कई बार जानकारी के अभाव में किसान योजनाओं का पूरा लाभ नहीं उठा पाते, इसलिए जागरूकता बढ़ाना आवश्यक है।

    किसान सम्मेलन में महिला सशक्तिकरण की भी झलक देखने को मिली, जहां किसान उत्पादक संगठनों और स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं अपने उत्पादों और नवाचारों के माध्यम से विशेष पहचान बना रही हैं। उन्होंने कहा कि ये महिलाएं अपनी मेहनत और उद्यमशीलता से न केवल अपनी आय बढ़ा रही हैं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई मजबूती दे रही हैं।

    महोत्सव के दौरान आधुनिक तकनीक, नवाचार और प्राकृतिक संसाधनों के संतुलित उपयोग पर विशेष जोर दिया गया, जिससे खेती को एक नई दिशा मिल रही है। यह आयोजन किसानों के लिए नए अवसरों और संभावनाओं का मंच बनकर उभरा है, जहां वे भविष्य की कृषि के लिए तैयार हो रहे हैं।

  • मध्य पूर्व संकट के बीच सरकार अलर्ट खाद आपूर्ति सुचारू रखने और कालाबाजारी पर सख्ती के निर्देश

    मध्य पूर्व संकट के बीच सरकार अलर्ट खाद आपूर्ति सुचारू रखने और कालाबाजारी पर सख्ती के निर्देश


    नई दिल्ली:शॉर्ट डिस्क्रिप्शनमध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच भारत सरकार ने कृषि क्षेत्र को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है इसी कड़ी में केंद्रीय कृषि मंत्री Shivraj Singh Chouhan ने एक अहम समीक्षा बैठक कर देशभर में खाद आपूर्ति को सुचारू बनाए रखने और जमाखोरी व कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए बैठक में आने वाले खरीफ सीजन की तैयारियों का भी विस्तार से आकलन किया गया

    कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय की ओर से जारी बयान के अनुसार सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है कि किसानों को समय पर खाद बीज और अन्य जरूरी संसाधन उपलब्ध कराए जाएं ताकि खेती का काम प्रभावित न हो मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि देश के हर हिस्से में खाद की उपलब्धता समान रूप से सुनिश्चित की जाए और सप्लाई चेन में किसी भी तरह की रुकावट न आने पाए

    बैठक के दौरान फार्मर आईडी योजना को तेजी से लागू करने पर भी जोर दिया गया मंत्री का मानना है कि इससे वितरण प्रणाली अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनेगी और वास्तविक किसानों तक संसाधन पहुंचाना आसान होगा उन्होंने यह भी संकेत दिया कि इस मुद्दे पर जल्द ही राज्यों के मुख्यमंत्रियों और कृषि मंत्रियों के साथ समन्वय बैठक आयोजित की जाएगी

    मंत्री ने खास तौर पर जमाखोरी और कालाबाजारी को लेकर कड़ा रुख अपनाने के निर्देश दिए उन्होंने कहा कि वैश्विक संकट के समय कुछ तत्व अनुचित लाभ उठाने की कोशिश कर सकते हैं ऐसे में उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई जरूरी है राज्य सरकारों को भी इस दिशा में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए कहा गया है

    इसके अलावा बैठक में कृषि रसायनों और बीजों के प्रसंस्करण में इस्तेमाल होने वाली गैसों की उपलब्धता की समीक्षा की गई साथ ही दूध और अन्य कृषि उत्पादों की पैकेजिंग के लिए जरूरी सामग्री की पर्याप्त सप्लाई सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया मंत्री ने पेट्रोलियम मंत्रालय और अन्य संबंधित विभागों के साथ बेहतर तालमेल बनाने के निर्देश दिए ताकि आपूर्ति श्रृंखला मजबूत बनी रहे

    सरकार ने कृषि क्षेत्र की स्थिति पर नजर रखने के लिए एक स्पेशल सेल भी गठित किया है यह सेल चौबीसों घंटे काम करेगा और हर सप्ताह खाद बीज और कीटनाशकों की उपलब्धता पर रिपोर्ट सीधे मंत्री को सौंपेगा इससे किसी भी संभावित संकट का समय रहते समाधान किया जा सकेगा

    बैठक में मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में उन्हें और अधिक सक्रिय और जिम्मेदार भूमिका निभानी होगी उन्होंने दोहराया कि सरकार किसानों तक हर जरूरी संसाधन समय पर पहुंचाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है

    उन्होंने यह भी बताया कि पिछले एक दशक में देश के कृषि उत्पादन में करीब 44 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है और किसानों की आय बढ़ाने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है न्यूनतम समर्थन मूल्य पर रिकॉर्ड खरीद सहित कई योजनाएं किसानों को सशक्त बनाने की दिशा में लागू की जा रही हैं

    Tags

    Shivraj Singh Chouhan fertilizer supply India agriculture policy black marketing kharif season farmers support

  • प्राकृतिक खेती से धरती मां की सेहत और किसान की आमदनी दोनों सुरक्षितः शिवराज सिंह चौहान

    प्राकृतिक खेती से धरती मां की सेहत और किसान की आमदनी दोनों सुरक्षितः शिवराज सिंह चौहान

    नई दिल्ली। लोकसभा में बुधवार को कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय पर हुई

    Shivraj Singh Chouhan

    विस्तृत चर्चा का जवाब देते हुए केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि नरेन्द्र मोदी की सरकार सिर्फ शासन नहीं चलाती, समाज बदलती है, जीवन बदलती है और राष्ट्र का भविष्य गढ़ती है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की चिंता है कि अत्यधिक केमिकल फर्टिलाइज़र से धरती मां की सेहत बिगड़ रही है और आने वाली पीढ़ियों के लिए भूमि उत्पादन से इनकार कर सकती है। उसी भाव से प्राकृतिक खेती मिशन के तहत 1 करोड़ किसानों को जागरूक, 18 लाख किसानों को प्रशिक्षित करने और 75 लाख हेक्टेयर में चरणबद्ध रूप से प्राकृतिक खेती का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें अभी लाखों किसान और लाखों हेक्टेयर भूमि जुड़ चुकी है।

    उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक रूप से ये सिद्ध है कि सही ढंग से प्राकृतिक खेती करने पर कई मामलों में उत्पादन घटता नहीं बल्कि बढ़ सकता है और लागत में भारी कमी आती है, इसीलिए मोदी सरकार इसे “भारत की आने वाली पीढ़ियों के लिए मिट्टी की अमानत” मानकर आगे बढ़ा रही है। किसानों के हितों, कृषि सुधारों, आधुनिक तकनीक, सिंचाई, बीमा, प्राकृतिक खेती और डिजिटल एग्रीकल्चर की चर्चा करते हुए उन्होंने विपक्ष के प्रश्नों के जवाब दिए।

    केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि किसानों के नाम पर सिर्फ सियासी नारे और अर्द्धसत्यों से काम नहीं चलेगा। खेत-खलिहान की हकीकत पर बात करनी होगी। उन्होंने दो टूक कहा कि सवाल ये होना चाहिए कि किसान के लिए ज़मीन पर क्या काम हुआ, कितना पैसा सीधे उसके खाते में पहुंचा और कौन सी व्यवस्था बदली। चौहान ने याद दिलाया कि पिछली सरकार के समय 140 सिंचाई परियोजनाओं में से 99 परियोजनाएं दशकों से लटकी पड़ी थीं, जिनपर कोई काम आगे नहीं बढ़ रहा था। मोदी सरकार ने इन्हें प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत प्राथमिकता दी और लगभग 27 लाख हेक्टेयर अतिरिक्त सिंचित क्षेत्र सुनिश्चित करने की दिशा में तेज़ी से काम बढ़ाया।

    उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का “नदी जोड़ो” (रिवर लिंकिंग) ड्रीम प्रोजेक्ट भी वास्तव में मोदी सरकार के दौरान आगे बढ़ा, जहां कैन–बेतवा जैसी परियोजनाएं मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश को जोड़ते हुए बाढ़-सूखे की समस्या का दीर्घकालिक समाधान देने के लिए शुरू की गईं। केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि सिर्फ 500 या 1000 रुपये की घोषणा से किसानों का भला नहीं होगा, असली सवाल है कि बीज, खाद और कीटनाशक की गुणवत्ता क्या है। उन्होंने घोषणा की कि सरकार नया पेस्टिसाइड एक्ट और बीज एक्ट लाने जा रही है, जिसमें किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज, मानक खाद, और सुरक्षित एवं प्रभावी कीटनाशक सुनिश्चित किए जाएंगे।

    चौहान ने बताया कि डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन के तहत अबतक लगभग 9 करोड़ किसानों के पहचान तैयार की जा चुकी हैं। किसान के पास किसान–आईडी होने पर बैंक में लोन स्वीकृत होने में “एक मिनट” से ज़्यादा नहीं लगना चाहिए क्योंकि उसकी पूरी प्रोफाइल, जमीन, फसल और लेनदेन का डेटा डिजिटल रूप से उपलब्ध होगा। पहले किसान को बैंक के चक्कर काटने पड़ते थे, फाइलों–कागज़ों में पैसा और समय दोनों खर्च होते थे; अब यह बाधा डिजिटल प्लेटफॉर्म से हटाई जा रही है। उन्होंने कहा कि डिजिटल क्रॉप सर्वे और एग्री–स्टैक डेटा के उपयोग से पीएम-किसान से लेकर एमएसपी खरीद तक हर योजना में किसानों को लक्षित और पारदर्शी लाभ मिलेगा। वित्त मंत्री की घोषणा का हवाला देते हुए उन्होंने बताया कि सरकार ने ‘भारत विस्तार’ नामक एआई प्लेटफॉर्म तैयार कर लिया है। किसान खेत से फसल की तस्वीर भेजकर या फोन करके पूछ सकेंगे कि “फसल में क्या बीमारी है, क्या दवा डालूं, मेरी मिट्टी के मुताबिक कौन सी फसल बोऊँ?” उसे उसकी अपनी भाषा में त्वरित सलाह मिलेगी। केंद्रीय मंत्री ने इसे किसान के हाथ में विशेषज्ञ-सलाह और तकनीक का नया हथियार बताया जो मोदी सरकार के “टेक–ड्रिवन किसान कल्याण” मॉडल का प्रतीक है।

  • शिवराज सिंह चौहान का तीखा हमला: ममता बनर्जी पर निशाना, कहा– ‘प्रधानमंत्री’ शब्द से रोकी केंद्र की योजनाएं, हम बदलेंगे किसानों का भाग्य

    शिवराज सिंह चौहान का तीखा हमला: ममता बनर्जी पर निशाना, कहा– ‘प्रधानमंत्री’ शब्द से रोकी केंद्र की योजनाएं, हम बदलेंगे किसानों का भाग्य


    नई दिल्ली। लोकसभा में मंगलवार को केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनकी सरकार पर तीखे तेवर अपनाए। प्रश्नकाल के दौरान शिवराज ने कहा कि बंगाल की सरकार को जनहित से ज्यादा राजनीति प्यारी है। उन्होंने कहा, “विपक्ष तख्तियां लेकर हाय-हाय करता रहे, लेकिन दुनिया भारत की कृषि नीतियों की तारीफ कर रही है। जलने वाले जला करें, हम किसानों का भाग्य बदलकर रहेंगे।”

    नाम की राजनीति: ‘प्रधानमंत्री’ शब्द पर आपत्ति
    शिवराज सिंह ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में प्रधानमंत्री कृषि धन धान्य योजना और अन्य महत्वपूर्ण केंद्र योजनाएं केवल इसलिए लागू नहीं की गईं क्योंकि इनके नाम में ‘प्रधानमंत्री’ जुड़ा हुआ है। उन्होंने इसे किसानों के साथ “खुला अन्याय और पाप” करार दिया। उनका कहना था कि यह नीतियों को रोककर आम जनता और किसानों के हक पर हमला है।

    वोट बैंक बनाम किसानों की भलाई
    केंद्रीय मंत्री ने सदन में यह भी कहा कि टीएमसी सरकार को मिट्टी की उर्वरता, किसानों की आय और जनता के स्वास्थ्य की कोई चिंता नहीं है। उन्होंने बंगाल में प्राकृतिक खेती मिशन के ठंडे बस्ते में डालने को इसका प्रमाण बताया। शिवराज ने कहा कि ममता सरकार केवल अपने वोट बैंक को साधने में लगी है और किसानों के हित की परवाह नहीं करती।

    चीन को पीछे छोड़ भारत का रिकॉर्ड
    शिवराज सिंह चौहान ने गर्व से बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने चावल उत्पादन में चीन को पछाड़ दिया है। देश का खाद्यान्न उत्पादन 357 मिलियन टन के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुका है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “एक समय था जब हम अनाज मांगते थे, आज हमारी फसलें इतनी हैं कि भंडार भर गए हैं। यह भाजपा सरकार की कृषि नीतियों की सफलता है।”

    शिवराज का यह बयान राज्य में सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच जारी राजनीतिक टकराव को और तेज कर सकता है। विपक्ष ने केंद्र की योजनाओं को रोकने का आरोप ममता बनर्जी पर लगाया है, जबकि भाजपा इसे किसानों की भलाई और विकास की सफलता के रूप में प्रस्तुत कर रही है।

  • मध्य प्रदेश की लाड़ली लक्ष्मी योजना में बड़ा ड्रॉप आउट, केवल 20% बेटियां ही बन पाएंगी लखपति

    मध्य प्रदेश की लाड़ली लक्ष्मी योजना में बड़ा ड्रॉप आउट, केवल 20% बेटियां ही बन पाएंगी लखपति


    भोपाल । मध्य प्रदेश में बेटियों के सशक्तिकरण और लिंगानुपात सुधारने के उद्देश्य से वर्ष 2007 में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा शुरू की गई लाड़ली लक्ष्मी योजना अब गंभीर समीक्षा के दौर में है। सरकारी आंकड़े बताते हैं कि योजना में शामिल बेटियों का सफर आधे रास्ते में ही रुक जाता है।

    कक्षा 5वीं उत्तीर्ण करने के बाद लगभग 52% बेटियां पढ़ाई छोड़ देती हैं। कक्षा 6वीं में छात्रवृत्ति प्राप्त करने वाली कुल 13 67 897 बालिकाओं में से कक्षा 9वीं तक पहुंचने पर संख्या घटकर 7 06 123 रह जाती है। यानी करीब 48% बेटियां मध्य विद्यालय में ही सिस्टम से बाहर हो जाती हैं। यह गिरावट हायर सेकेंडरी में और तेज हो जाती है। कक्षा 11वीं में केवल 2 72 443 और 12वीं में 1 56 378 बेटियां ही छात्रवृत्ति की पात्र बचती हैं।

    स्नातक स्तर तक पहुंचने वाली बेटियों की संख्या और भी कम है। कुल पंजीकृत लाड़लियों में से केवल 22 022 छात्राएं कॉलेज तक पहुंच पाई हैं और यही वो संख्या है जिन्हें योजना के तहत निर्धारित 1 लाख 43 हजार रुपए की पूरी राशि मिलने की संभावना है। यानी लगभग 80% बेटियां लखपति बनने की दौड़ में पीछे रह जाती हैं।

    पढ़ाई छोड़ने का मुख्य कारण योजना की पात्रता नियमों में बताया गया है। विभाग के अनुसार केवल वही बालिकाएं छात्रवृत्ति की पात्र होती हैं जो कक्षा 5वीं पास कर कक्षा 6वीं में प्रवेश लेती हैं और अन्य सभी शर्तें पूरी करती हैं। वर्तमान स्थिति के अनुसार दिसंबर 2025 तक योजना के तहत कुल 813.20 करोड़ रुपए वितरित किए जा चुके हैं। इसके अलावा उन लाड़लियों का डेटा भी विभाग एकत्रित कर रहा है जिन्हें पंजीकरण के बावजूद छात्रवृत्ति नहीं मिली।

    योजना के तहत आर्थिक सहायता इस प्रकार दी जाती है: कक्षा 6वीं में प्रवेश पर 2 000 रुपए कक्षा 9वीं में 4 000 रुपए कक्षा 11वीं में 6 000 रुपए कक्षा 12वीं में 6 000 रुपए और ग्रेजुएशन या पोस्ट ग्रेजुएशन/व्यावसायिक पाठ्यक्रम में प्रवेश पर 25 000 रुपए। इसके अलावा बालिका की उम्र 21 वर्ष पूरी होने 12वीं उत्तीर्ण करने और निर्धारित आयु में विवाह होने पर 1 लाख रुपए की अंतिम किश्त सरकार द्वारा दी जाती है।

    योजना के इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि शुरुआती उत्साह के बावजूद बेटियों का लखपति बनने का सपना आधे रास्ते में ही टूट रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि dropout रोकने के लिए स्कूल स्तर पर निरंतर निगरानी परिवारों को जागरूक करना और समय पर छात्रवृत्ति वितरण जरूरी है ताकि लाड़लियों का शिक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण सुनिश्चित किया जा सके।

  • शिवराज सिंह चौहान ने अपने जन्मदिन पर विदिशा में शुरू की मामा कोचिंग

    शिवराज सिंह चौहान ने अपने जन्मदिन पर विदिशा में शुरू की मामा कोचिंग


    विदिशा।
    केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण व ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शिक्षा ही वह माध्यम है जो युवाओं के भविष्य को संवार सकती है और समाज को आगे ले जा सकती है।

    केन्द्रीय कृषि मंत्री चौहान गुरुवार को अपने जन्मदिन के अवसर पर विदिशा के रविंद्रनाथ टैगोर सांस्कृतिक ऑडिटोरियम भवन में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कार्यक्रम में अपने माता-पिता की स्मृति को सहेजते हुए शिक्षा के क्षेत्र में एक नई पहल करते हुए मामा कोचिंग का शुभांरभ किया। इस अवसर पर उनकी धर्मपत्नी साधना सिंह चौहान भी उनके साथ मौजूद रहीं।

    केन्द्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस अवसर पर ‘प्रेम-सुंदर प्रतिभा सम्मान’ की भी शुरुआत की है, जिसका उद्देश्य क्षेत्र के मेधावी विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करना है। उन्होंने कहा कि विदिशा लोकसभा क्षेत्र की आठों विधानसभाओं में 10वीं और 12वीं कक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया जाएगा। इसके तहत टॉपर्स को क्रमशः 51 हजार, 31 हजार और 21 हजार रुपये की सम्मान राशि दी जाएगी, ताकि प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को आगे बढ़ने की प्रेरणा मिल सके।

    उन्होंने कहा कि केवल विधानसभा स्तर पर ही नहीं, बल्कि पूरे विदिशा लोकसभा क्षेत्र में प्रथम तीन स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को विशेष बड़े पुरस्कारों से भी सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मेरा प्रयास रहेगा कि क्षेत्र का कोई भी प्रतिभाशाली विद्यार्थी संसाधनों के अभाव में पीछे न रह जाए और मेधावी छात्रों को सम्मान व प्रोत्साहन देकर उन्हें अपने सपनों को पूरा करने का अवसर मिले।

    मामा कोचिंग क्लासेस से युवाओं को मिलेंगे नए अवसर
    केन्द्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि युवाओं का भविष्य संवारना मेरी प्राथमिकताओं में शामिल है। इसी उद्देश्य से मामा कोचिंग क्लासेस शुरू की जा रही है, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की बेहतर तैयारी का अवसर मिल सके। उन्होंने कहा कि इस पहल की शुरुआत विदिशा, रायसेन और भैरूंदा से की जा रही है। यहां विद्यार्थियों को बैंकिंग, एसएससी, एमपीपीएससी, डीआरडीओ और फॉरेस्ट सर्विस जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की निशुल्क और उच्च गुणवत्ता वाली कोचिंग उपलब्ध कराई जाएगी।

    उन्होंने कहा कि इन कोचिंग क्लासेस में विद्यार्थियों को अनुभवी शिक्षकों का मार्गदर्शन मिलेगा और विद्यार्थियों को आधुनिक अध्ययन सामग्री और परीक्षा से जुड़ी आवश्यक जानकारी भी उपलब्ध कराई जाएगी। सही दिशा और संसाधन मिलने पर ग्रामीण और छोटे शहरों के विद्यार्थी भी बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल कर सकते हैं।

    शिवराज सिंह ने कहा कि मेरा उद्देश्य यह है कि विदिशा क्षेत्र का कोई भी युवा केवल संसाधनों की कमी के कारण अपने सपनों से वंचित न रह जाए। मामा कोचिंग क्लासेस के माध्यम से युवाओं को बेहतर अवसर मिलेंगे और वो देश की विभिन्न सेवाओं में जाकर समाज और राष्ट्र की सेवा कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि युवाओं को केवल पढ़ाई ही नहीं, बल्कि करियर और रोजगार के हर चरण में सही मार्गदर्शन मिलना चाहिए। अगर कोई युवा व्यवसाय या व्यापार शुरू करना चाहता है और उसे बैंक से ऋण की जरूरत है, तो उसे यह भी समझना चाहिए कि बैंक लोन की प्रक्रिया क्या है और सरकारी योजनाओं में मिलने वाली सब्सिडी का लाभ कैसे लिया जा सकता है। उन्होंने कहा कि कोशिश रहेगी कि युवाओं को इन सभी विषयों की जानकारी विस्तार से दी जाए, ताकि वो आत्मविश्वास के साथ अपने भविष्य की दिशा तय कर सकें।

    इस अवसर पर विधायकगण सूर्यप्रकाश मीणा व हरिसिंह सप्रे, विदिशा जनपद अध्यक्ष वीर सिंह रघुवंशी, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष तोरण सिंह दांगी, महाराज सिंह दांगी, राकेश शर्मा, राकेश जादौन समेत अन्य जनप्रतिनिधिगण मौजूद रहे।

  • मामा कोचिंग मामा चलित अस्पताल और प्रतिभा सम्मान शिवराज सिंह चौहान ने जन्मदिन पर शुरू किए जनसेवा के नए अभियान

    मामा कोचिंग मामा चलित अस्पताल और प्रतिभा सम्मान शिवराज सिंह चौहान ने जन्मदिन पर शुरू किए जनसेवा के नए अभियान


    विदिशा :केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री Shivraj Singh Chouhan ने अपने जन्मदिन के अवसर पर जनसेवा से जुड़े कई बड़े संकल्प लेने की घोषणा की है। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण सेवा सहायता शिक्षा और प्रतिभा प्रोत्साहन जैसे पांच महत्वपूर्ण क्षेत्रों में काम करने का संकल्प लिया है। उनके संसदीय क्षेत्र Vidisha में इस दिन को प्रेम सेवा संकल्प दिवस के रूप में मनाया जा रहा है।

    इस मौके पर शिवराज सिंह चौहान ने युवाओं के भविष्य को बेहतर बनाने के लिए मामा कोचिंग क्लासेस शुरू करने का फैसला किया है। इस पहल के तहत छात्रों को विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की निशुल्क और गुणवत्तापूर्ण तैयारी कराई जाएगी। शुरुआत में यह कोचिंग Vidisha के साथ साथ Raisen और Bhairunda से शुरू की जाएगी। यहां छात्रों को बैंकिंग एसएससी एमपीपीएससी डीआरडीओ और फॉरेस्ट सर्विस जैसी परीक्षाओं की तैयारी कराई जाएगी ताकि ग्रामीण और छोटे शहरों के प्रतिभाशाली युवाओं को भी बेहतर अवसर मिल सकें।

    शिवराज सिंह चौहान ने अपने मंत्रालयों में पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए एक नई परंपरा भी शुरू की है। उन्होंने कहा है कि सरकारी कार्यक्रमों में अब गुलदस्ते शाल और मोमेंटो की जगह पौधे भेंट किए जाएंगे। उनका मानना है कि उपहार देने के बजाय प्रकृति के लिए उपकार करना ज्यादा जरूरी है। इस अभियान के तहत पौधे लगाने वाले लोग क्यूआर कोड के माध्यम से अपनी फोटो पोर्टल पर अपलोड कर शिव वृक्ष मित्र बन सकेंगे।

    उन्होंने अपने समर्थकों और कार्यकर्ताओं से भी अपील की है कि इस बार उनके जन्मदिन पर कोई भी होर्डिंग शाल या बुके लेकर न आए। इसके बजाय अधिक से अधिक पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण में योगदान दें ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए पृथ्वी सुरक्षित रह सके।

    इसके अलावा शिवराज सिंह चौहान ने अपने माता पिता की स्मृति में प्रेम सुंदर प्रतिभा सम्मान शुरू करने की घोषणा भी की है। इस योजना के तहत विदिशा लोकसभा क्षेत्र की आठों विधानसभाओं में कक्षा दसवीं और बारहवीं के टॉपर्स को सम्मानित किया जाएगा। प्रथम द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को क्रमशः 51 हजार 31 हजार और 21 हजार रुपये की सम्मान राशि दी जाएगी। साथ ही लोकसभा स्तर पर भी शीर्ष तीन विद्यार्थियों को विशेष पुरस्कार दिए जाएंगे।

    ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए मामा चलित अस्पताल भी शुरू किए जाएंगे। इन मोबाइल अस्पतालों में आधुनिक जांच सुविधाएं और योग्य डॉक्टरों की टीम मौजूद रहेगी जो गांव गांव और दूरदराज के मजरे टोलों तक पहुंचकर लोगों को निशुल्क इलाज और परामर्श देगी। इन अस्पतालों का संचालन सांसद निधि और जनसहयोग से किया जाएगा।

    इसके साथ ही दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए विशेष अभियान भी चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत क्षेत्र में दिव्यांग लोगों की पहचान कर उन्हें मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल दी जा रही है ताकि उनकी रोजमर्रा की आवाजाही आसान हो सके और वे बिना किसी पर निर्भर हुए अपने काम कर सकें।