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  • 2027 वर्ल्ड कप पर रोहित शर्मा का बड़ा इशारा, शुभमन गिल और श्रेयस अय्यर को लेकर दिया दिलचस्प जवाब

    2027 वर्ल्ड कप पर रोहित शर्मा का बड़ा इशारा, शुभमन गिल और श्रेयस अय्यर को लेकर दिया दिलचस्प जवाब


    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट टीम के दिग्गज बल्लेबाज रोहित शर्मा एक बार फिर अपने मजेदार अंदाज को लेकर चर्चा में हैं। इस बार उनके बयान की वजह साल 2027 में होने वाला वनडे वर्ल्ड कप है। रोहित शर्मा ने मजाकिया अंदाज में कहा कि वह 2027 वर्ल्ड कप खेलना चाहते हैं इसलिए उन्हें भारतीय टीम के कप्तान शुभमन गिल को खुश रखना होगा। उनके इस बयान ने क्रिकेट प्रशंसकों का ध्यान खींच लिया है। रोहित ने यह टिप्पणी उस समय की जब उनसे शुभमन गिल और श्रेयस अय्यर में से किसी एक को चुनने के लिए कहा गया। अपने चुटीले जवाब से उन्होंने वहां मौजूद लोगों को हंसने पर मजबूर कर दिया।

    दरअसल फैमिली फुल हाउस विद रोहित शर्मा कार्यक्रम के दौरान पूर्व भारतीय कप्तान से एक दिलचस्प सवाल पूछा गया। उनसे जानना चाहा गया कि अगर उन्हें किसी आपात स्थिति में मदद के लिए फोन करना हो तो वह श्रेयस अय्यर और शुभमन गिल में से किसे कॉल करेंगे। इस सवाल का जवाब देते हुए रोहित ने कहा कि दोनों ही भारतीय टीम के कप्तान हैं। शुभमन गिल फिलहाल उनके कप्तान हैं और वह 2027 वर्ल्ड कप खेलना चाहते हैं इसलिए उन्हें गिल को खुश रखना होगा। इसके बाद उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि अगर 2027 वर्ल्ड कप के बाद उन्हें टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी करनी पड़ी तो उन्हें श्रेयस अय्यर को भी खुश रखना होगा। रोहित ने कहा कि उन्हें दोनों की जरूरत है।

    रोहित शर्मा का यह जवाब भले ही मजाकिया अंदाज में दिया गया हो लेकिन इससे उनके भविष्य को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि उनके इस बयान को टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी की आधिकारिक घोषणा नहीं माना जा सकता। रोहित ने 2024 में टी20 वर्ल्ड कप जीतने के बाद इस प्रारूप से संन्यास लेने का फैसला किया था। इसके बाद उन्होंने अपना ध्यान वनडे और टेस्ट क्रिकेट पर केंद्रित किया। अब 2027 वनडे वर्ल्ड कप को लेकर उनकी दिलचस्पी ने प्रशंसकों के बीच नई उम्मीदें जगा दी हैं।

    रोहित शर्मा की हालिया फॉर्म भी भारतीय क्रिकेट के लिए सकारात्मक संकेत मानी जा रही है। वेस्टइंडीज के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज में उन्होंने 225 रन बनाए और भारतीय बल्लेबाजों में दूसरे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी रहे। उनके प्रदर्शन ने दिखाया कि वह अब भी बड़े मुकाबलों में अपनी बल्लेबाजी से टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाने की क्षमता रखते हैं। यही वजह है कि प्रशंसक उन्हें अगले वनडे वर्ल्ड कप में खेलते हुए देखने की उम्मीद कर रहे हैं।

    भारतीय टीम का न्यूजीलैंड दौरा भी रोहित शर्मा के लिए महत्वपूर्ण रहने वाला है। पांच मैचों की टी20 सीरीज के बाद दोनों देशों के बीच पांच मैचों की वनडे सीरीज खेली जानी है। वनडे मुकाबलों में रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे अनुभवी खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर खास नजर रहेगी। दोनों दिग्गज बल्लेबाजों का अनुभव भारतीय टीम के लिए काफी अहम हो सकता है।

    फिलहाल रोहित शर्मा के सामने अपनी फिटनेस और शानदार फॉर्म को बनाए रखने की चुनौती है। 2027 वर्ल्ड कप तक उनकी निरंतरता और प्रदर्शन ही उनके चयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उनके हालिया बयान ने यह जरूर साफ किया है कि वह अपने मजाकिया अंदाज में भविष्य की संभावनाओं को लेकर बात करने से पीछे नहीं हटते। अब देखना होगा कि आने वाले समय में रोहित का बल्ला किस तरह प्रदर्शन करता है और क्या वह 2027 वर्ल्ड कप में भारतीय टीम की जर्सी में नजर आते हैं।

  • सीरीज जीत के बाद भी बढ़ी टेंशन, आखिरी ODI में 6-7 कैच छूटने पर गिल का फूटा गुस्सा, वर्ल्ड कप से पहले दी कड़ी चेतावनी

    सीरीज जीत के बाद भी बढ़ी टेंशन, आखिरी ODI में 6-7 कैच छूटने पर गिल का फूटा गुस्सा, वर्ल्ड कप से पहले दी कड़ी चेतावनी


    नई दिल्ली। भारत और वेस्टइंडीज के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज भले ही टीम इंडिया ने 2-1 से अपने नाम कर ली हो लेकिन मुल्लांपुर में खेले गए आखिरी मुकाबले ने भारतीय टीम की तैयारियों पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। शनिवार को हुए इस मुकाबले में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 351 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया था और वेस्टइंडीज के सामने 352 रन का लक्ष्य रखा था। इसके बावजूद भारतीय गेंदबाज इस स्कोर का बचाव नहीं कर सके। वेस्टइंडीज ने पांच विकेट से मुकाबला अपने नाम कर लिया और इस जीत में कप्तान शाई होप की शानदार पारी सबसे बड़ी वजह रही।

    शाई होप ने भारतीय गेंदबाजों का डटकर सामना करते हुए नाबाद 162 रन बनाए। ग्रोइन इंजरी के बावजूद उन्होंने जिस तरह बल्लेबाजी की उसने भारतीय टीम की मुश्किलें बढ़ा दीं। वेस्टइंडीज ने 352 रन का लक्ष्य 48.2 ओवर में हासिल कर लिया। यह वनडे क्रिकेट में वेस्टइंडीज का सबसे बड़ा सफल रन चेज भी रहा। होप के लिए यह लगातार दूसरा शतक था। इससे पहले गुवाहाटी वनडे में भी उन्होंने शतकीय पारी खेली थी।

    मुकाबला खत्म होने के बाद भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने टीम की कमियों पर खुलकर बात की। गिल की सबसे बड़ी नाराजगी भारतीय टीम की फील्डिंग को लेकर थी। मुकाबले के दौरान भारतीय खिलाड़ियों ने करीब 6-7 कैच छोड़े। इतने मौके गंवाने का सीधा फायदा वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों को मिला और शाई होप ने भी मिले मौकों का पूरा फायदा उठाते हुए मैच भारत से दूर कर दिया। गिल ने माना कि वर्ल्ड कप से पहले इस तरह की फील्डिंग चिंता बढ़ाने वाली है और टीम को इस क्षेत्र में तत्काल सुधार करना होगा।

    कप्तान की दूसरी बड़ी चिंता डेथ ओवर्स की गेंदबाजी रही। गिल के मुताबिक आखिरी ओवरों में भारतीय टीम को अपनी रणनीति को लेकर स्पष्टता की जरूरत है। टीम को यह तय करना होगा कि किस स्थिति में बल्लेबाजों पर दबाव बनाने के लिए आक्रामक गेंदबाजी करनी है और कब रन रोकने के लिए रक्षात्मक फील्ड लगानी है। गिल ने यह भी संकेत दिया कि कई बार टीम डेथ ओवर्स की रणनीति जरूरत से पहले शुरू कर देती है जबकि उस समय मिडिल ओवर्स की तरह गेंदबाजी करने की जरूरत होती है।

    इस हार के बावजूद सीरीज जीतना भारत के लिए राहत की बात है लेकिन वर्ल्ड कप से पहले फील्डिंग और डेथ बॉलिंग जैसी कमजोरियां टीम मैनेजमेंट के लिए गंभीर विषय बन गई हैं। बड़े टूर्नामेंट में छोटी सी गलती भी मुकाबले का रुख बदल सकती है। ऐसे में भारतीय टीम को अगले मुकाबलों में इन कमियों को दूर करने पर खास ध्यान देना होगा।

    दूसरी ओर वेस्टइंडीज के कप्तान शाई होप ने अपनी शानदार पारी के पीछे पूर्व भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की सलाह का भी जिक्र किया। होप ने बताया कि धोनी ने उन्हें समझाया था कि बल्लेबाज के पास अक्सर उसकी सोच से ज्यादा समय होता है। इसी सोच के साथ होप अब नतीजे के बजाय अपनी प्रक्रिया पर ध्यान देते हैं। मुल्लांपुर में उनकी पारी ने इसी सोच का शानदार उदाहरण पेश किया और वेस्टइंडीज को ऐतिहासिक जीत दिला दी।

  • IND vs WI सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाडी बने शुभमन गिल, विराट कोहली टॉप-5 से बाहर

    IND vs WI सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाडी बने शुभमन गिल, विराट कोहली टॉप-5 से बाहर


    नई दिल्ली।
    शुभमन गिल (Shubman Gill) की अगुवाई वाली टीम इंडिया (Team India) को वेस्टइंडीज (West Indies) के खिलाफ तीसरे वनडे में 5 विकेट से हार का सामना करना पड़ा। हालांकि टीम इंडिया (Team India) ने यह सीरीज 2-1 से अपने नाम की, क्योंकि भारत सीरीज के पहले दो मैच जीतकर सीरीज अपने नाम कर चुका था। न्यू चंडीगढ़ में खेले गए आखिरी वनडे में ना तो कप्तान शुभमन गिल कमाल दिखा सकते और ना ही विराट कोहली (Virat Kohli), दोनों ही खिलाड़ी काफी सस्ते में पवेलियन लौटे।

    हालांकि गिल IND vs WI वनडे सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों की लिस्ट में फिर भी पहले पायदान पर रहे, मगर किंग कोहली टॉप-5 से बाहर हो गए। जी हां, कोहली का टॉप-5 से बहार होना हैरान कर देने वाला है। तिरुवनंतपुरम में खेले गए पहले वनडे में विराट ने 139 रनों की नाबाद पारी खेलते हुए टीम इंडिया की जीत में अहम भूमिका निभाई थी। भारत बनाम वेस्टइंडीज वनडे सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले टॉप-5 बल्लेबाजों में शुभमन गिल के अलावा एक और भारतीय है, जबकि लिस्ट में तीन बल्लेबाज वेस्टइंडीज के हैं।


    शुभमन गिल ने बनाए IND vs WI सीरीज में सबसे ज्यादा रन

    भारतीय कप्तान शुभमन गिल 334 रनों के साथ भारत बनाम वेस्टइंडीज वनडे सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे। गिल के अलावा कोई भी बल्लेबाज 300 रन का आंकड़ा पार नहीं कर पाया। उन्होंने इस सीरीज में एक शतक और एक दोहरा शतक लगाया। गिल ने 3 मैचों में 167 की हैरतअंगेज औसत के साथ यह रन बनाए। हालांकि तीसरे वनडे में उनके हाथ निराशा लगी क्योंकि वह मात्र 1 रन बनाकर ही आउट हो गए थे।

    रोहित शर्मा लिस्ट में शामिल होने वाले दूसरे भारतीय हैं। पहले वनडे में हिटमैन को अच्छी शुरुआत मिली थी, मगर वह उसे बड़ी पारी में तबदील नहीं कर पाए थे। वह 32 रन बनाकर आउट हो गए थे। हालांकि उन्होंने यह गलती गुवाहटी में खेले गए दूसरे वनडे में नहीं की थी। रोहित ने दूसरे वनडे में शतक जड़ा था और भारत को 406 रनों का विशाल टारगेट चेज कराने में अपना अहम योगदान दिया था। इसके बाद तीसरे वनडे में उनके बल्ले से 92 रनों की पारी निकली, वह 8 रनों से सीरीज का दूसरा शतक पूरा करने से चूक गए। रोहित शर्मा ने इंडिया वर्सेस वेस्टइंडीज वनडे सीरीज में 75 की औसत के साथ 225 रन बनाए और वह लिस्ट में चौथे पायदान पर रहें।

    सीरीज के पहले मैच में शतक जड़ने वाले विराट कोहली के बल्ले से इस सीरीज में 168 रन ही निकले और वह टॉप-5 से बाहर 6ठे पायदान पर रहे। कोहली दूसरे और तीसरे वनडे में ज्यादा कुछ कमाल नहीं दिखा पाए।

    IND vs WI वनडे सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले टॉप-5 खिलाड़ी
    प्लेयर – रन

    शुभमन गिल – 334
    शे होप – 278
    अमीर जंगू – 239
    रोहित शर्मा – 225
    जोन कैम्पबेल – 173


    शे होप समेत 3 वेस्टइंडीज के खिलाड़ी लिस्ट में

    वेस्टइंडीज के कप्तान शे होप समेत 3 खिलाड़ी IND vs WI वनडे सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों की लिस्ट में टॉप-5 में रहे। होप ने सीरीज में दो शतक जड़े, न्यू चंडीगढ़ में खेले गए आखिरी मुकाबले में उन्होंने 162 रनों की नाबाद पारी खेल भारत के खिलाफ 352 रनों का विशाल टारगेट चेज करने में अहम रोल अदा किया। उनके बल्ले से सीरीज में कुल 278 रन निकले, वह शुभमन गिल के बाद सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों की रेस में दूसरे पायदान पर रहे। वहीं अमीर जंगू 239 रनों के साथ तीसरे तो जोन कैम्पबेल 173 रनों के साथ लिस्ट में पांचवें और आखिरी पायदान पर रहे।

  • रोहित शर्मा के खास सेलिब्रेशन का खुला राज बोले कुछ चीजें सिर्फ अपने लिए होती हैं जडेजा को भी नहीं बताया पूरा किस्सा

    रोहित शर्मा के खास सेलिब्रेशन का खुला राज बोले कुछ चीजें सिर्फ अपने लिए होती हैं जडेजा को भी नहीं बताया पूरा किस्सा


    नई दिल्ली। गुवाहाटी में वेस्टइंडीज के खिलाफ खेले गए मुकाबले में रोहित शर्मा ने बल्ले से शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने वनडे करियर का 35वां शतक पूरा किया। रोहित की इस पारी ने जहां भारतीय टीम के लिए बड़े लक्ष्य का पीछा आसान बनाया वहीं शतक पूरा करने के बाद उनका अनोखा सेलिब्रेशन भी चर्चा का विषय बन गया। रोहित ने शतक पूरा करने के बाद मैदान पर जिस अंदाज में जश्न मनाया उसे देखकर फैंस से लेकर टीम के साथी खिलाड़ी तक यह जानने को उत्सुक नजर आए कि आखिर इस सेलिब्रेशन के पीछे की वजह क्या थी।

    मैच के बाद जब रोहित शर्मा से उनके इस खास जश्न के बारे में पूछा गया तो उन्होंने इसका पूरा राज बताने से इनकार कर दिया। हिटमैन ने साफ किया कि यह सेलिब्रेशन किसी खास व्यक्ति या सार्वजनिक वजह के लिए नहीं था बल्कि उनके लिए था। रोहित ने संकेत दिया कि जिंदगी में कुछ चीजें ऐसी होती हैं जिन्हें इंसान अपने तक ही रखना पसंद करता है। उन्होंने कहा कि वह इस सेलिब्रेशन को अपने लिए रखना चाहते हैं और इसके पीछे की पूरी कहानी साझा नहीं करना चाहते।

    रोहित के इस जवाब ने रहस्य को और बढ़ा दिया। खास बात यह रही कि भारतीय टीम के अनुभवी ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा भी इस सेलिब्रेशन का मतलब जानना चाहते थे। रोहित ने बताया कि जडेजा ने उनसे पूछा था कि आखिर उन्होंने ऐसा जश्न क्यों मनाया। इस पर रोहित ने मजाकिया अंदाज में कहा कि वह ड्रेसिंग रूम में बताएंगे। हालांकि बाद में भी रोहित ने इस खास सेलिब्रेशन की पूरी वजह सार्वजनिक नहीं की।

    इस मुकाबले में जडेजा ने रोहित के लिए एक अलग तरह के सेलिब्रेशन की योजना भी बनाई थी। रोहित के मुताबिक जडेजा चाहते थे कि शतक पूरा करने के बाद वह मैदान पर स्लाइड करें और फिर जंप करते हुए जश्न मनाएं। लेकिन रोहित ने ऐसा करने से इनकार कर दिया। उन्होंने मजाकिया अंदाज में बताया कि 50 ओवर तक फील्डिंग करने के बाद और फिर करीब 25 से 30 ओवर तक बल्लेबाजी करने के बाद उनके पास स्लाइड और जंप करने जितनी ऊर्जा नहीं बची थी। रोहित का यह अंदाज टीम के माहौल को भी हल्का और मजेदार बनाता नजर आया।

    मैच की बात करें तो वेस्टइंडीज ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 405 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया था। भारत को जीत के लिए 406 रन बनाने थे। इतने बड़े लक्ष्य के सामने भारतीय टीम को मजबूत शुरुआत की जरूरत थी और रोहित शर्मा तथा शुभमन गिल ने जिम्मेदारी संभालते हुए शानदार साझेदारी की। दोनों बल्लेबाजों ने स्कोरबोर्ड के दबाव को खुद पर हावी नहीं होने दिया और गेंद की मेरिट के हिसाब से बल्लेबाजी करने पर ध्यान दिया।

    रोहित ने गिल की बल्लेबाजी की भी जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि गिल पूरी पारी के दौरान नियंत्रण में नजर आए और अंत तक उनका नाबाद रहना शानदार रहा। रोहित ने यह भी बताया कि गर्मी में लंबे समय तक फील्डिंग करने के बाद इतनी बड़ी रनचेज में बल्लेबाजी करना आसान नहीं था। ऐसे समय में उनके अनुभव ने अहम भूमिका निभाई।

    रोहित और गिल की 250 से ज्यादा रन की बड़ी साझेदारी ने भारत की जीत की नींव मजबूत कर दी। दोनों बल्लेबाजों ने बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए धैर्य और आक्रामकता का शानदार संतुलन दिखाया। रोहित का 35वां वनडे शतक इस मुकाबले की बड़ी उपलब्धियों में शामिल रहा। वहीं उनके रहस्यमयी सेलिब्रेशन ने इस पारी को और भी खास बना दिया।

  • Shubman Gill को अभिषेक शर्मा के पिता ने दिए 5000 रुपये, मैच के तुरंत बाद वायरल तस्वीर ने जीता फैन्स का ध्यान

    Shubman Gill को अभिषेक शर्मा के पिता ने दिए 5000 रुपये, मैच के तुरंत बाद वायरल तस्वीर ने जीता फैन्स का ध्यान

    नई दिल्ली । भारतीय टीम के कप्तान शुभमन गिल इन दिनों शेर-ए-पंजाब टी20 लीग में बल्ले से दमखम दिखा रहे हैं। फाजिल्का फाल्कन्स की तरफ से सीजन का पहला मैच खेलने उतरे शुभमन गिल ने अपने खेल से फैन्स का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।

    मैच के बाद शेर-ए-पंजाब टी20 लीग में कुछ ऐसा हुआ, जिसने फैन्स का दिल जीत लिया। मैच खत्म होने के बाद शुभमन गिल को अभिषेक शर्मा के पापा राजकुमार शर्मा से 5000 रुपये का खास इनाम मिला।

    दरअसल, लुधियाना लायंस के खिलाफ खेले गए इस रोमांचक मुकाबले में गिल ने महज 21 गेंदों में 40 रनों की तूफानी पारी खेली। अपनी इस पारी के दौरान उन्होंने मैदान के चारों तरफ शॉट लगाए और सबसे ज्यादा 7 शानदार चौके और 1 गगनचुंबी छक्का जड़ा।

    मैच में सबसे ज्यादा चौके लगाने वाले शुभमन गिल के प्रदर्शन से खुश होकर अभिषेक शर्मा के पिता ने गिल को शाबाशी के तौर पर 5000 रुपये का इनाम थमाया। ये पांच हजार रुपये टूर्नामेंट की तरफ से दिए गए हैं, लेकिन गिल को यह अभिषेक के पिता के हाथों से मिला है। शुभमन गिल के साथ अभिषेक शर्मा के पिता की तस्वीर भी तेजी से ध्यान खींच रही है।

    गिल की इस विस्फोटक शुरुआत की बदौलत फाजिल्का फाल्कन्स ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 9 विकेट खोकर 170 रन बनाए। जवाब में अर्शदीप सिंह की कप्तानी वाली लुधियाना लायंस की टीम आखिरी गेंद तक लड़ी, लेकिन 169 रन ही बना सकी और फाल्कन्स ने यह मैच 1 रन के बेहद नजदीकी अंतर से जीत लिया।

    लुधियाना के गेंदबाज कार्तिक चड्ढा ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 4 ओवर में सिर्फ 9 रन देकर 4 विकेट चटकाए, जिसमें शुभमन गिल का बड़ा विकेट भी शामिल था। गिल के आउट होने के बाद प्रेरित दत्ता ने 36 रन और जयवीर भिंडर ने 21 रन बनाकर टीम का स्कोर 170 तक पहुंचाया।

    लुधियाना को जीत के लिए आखिरी ओवर में 19 रन चाहिए थे। 16 गेंदों में 37 रन जड़ने वाले माधव पठानिया ने पूरी ताकत झोंकी, लेकिन आखिरी गेंद पर छक्के की जगह सिर्फ चौका ही मार सके। इस तरह शुभमन गिल की टीम फाजिल्का फाल्कन्स एक रन से मैच जीतने में सफल रही।

  • कोलंबो टेस्ट में भारत का पलड़ा भारी, पडिक्कल ने जड़ा अर्धशतक तो गिल ने भी जमाया पचासा

    कोलंबो टेस्ट में भारत का पलड़ा भारी, पडिक्कल ने जड़ा अर्धशतक तो गिल ने भी जमाया पचासा


    नई दिल्ली। भारत और श्रीलंका के बीच कोलंबो के सिंहली क्रिकेट क्लब स्टेडियम में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट के दूसरे सेशन में टीम इंडिया ने शानदार प्रदर्शन किया। टी-ब्रेक तक भारतीय टीम ने पहली पारी में तीन विकेट के नुकसान पर 187 रन बना लिए थे। देवदत्त पडिक्कल ने एक बार फिर शानदार बल्लेबाजी करते हुए अर्धशतक पूरा किया जबकि कप्तान शुभमन गिल ने भी बेहतरीन पारी खेलते हुए पचासा जड़ा। दोनों बल्लेबाजों के बीच हुई मजबूत साझेदारी ने भारत को शुरुआती झटकों से उबारकर मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया।

    पहले टेस्ट में शतक लगाने वाले देवदत्त पडिक्कल ने कोलंबो में भी अपनी शानदार फॉर्म जारी रखी। टी-ब्रेक तक वह 117 गेंदों में 63 रन बनाकर क्रीज पर टिके हुए थे। उनकी पारी में सात शानदार चौके शामिल रहे। पडिक्कल ने संयम के साथ बल्लेबाजी करते हुए श्रीलंकाई गेंदबाजों का सामना किया और टीम को मुश्किल स्थिति से बाहर निकालने में अहम भूमिका निभाई।

    कप्तान शुभमन गिल ने भी शानदार बल्लेबाजी की और 108 गेंदों पर 50 रन बनाए। उन्होंने अपनी पारी में छह चौके लगाए। गिल और पडिक्कल ने तीसरे विकेट के लिए 209 गेंदों पर 120 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी की। इस साझेदारी ने भारतीय पारी को मजबूती दी और श्रीलंकाई गेंदबाजों पर दबाव बढ़ा दिया। हालांकि अर्धशतक पूरा करने के बाद गिल ज्यादा देर क्रीज पर नहीं टिक सके और असिथा फर्नांडो की गेंद पर विकेटकीपर निरोशन डिकवेला को कैच दे बैठे।

    भारत की शुरुआत हालांकि उम्मीद के मुताबिक नहीं रही थी। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी टीम इंडिया ने शुरुआती दौर में ही केएल राहुल का विकेट गंवा दिया। राहुल सिर्फ 18 रन बनाकर पवेलियन लौटे। इसके बाद यशस्वी जायसवाल ने तेज शुरुआत की और कई शानदार चौके लगाए लेकिन वह अपनी पारी को बड़ी पारी में नहीं बदल सके। जायसवाल 53 गेंदों पर 45 रन बनाकर असिथा फर्नांडो की गेंद पर क्लीन बोल्ड हो गए।

    इन शुरुआती झटकों के बाद गिल और पडिक्कल ने जिम्मेदारी संभाली। दोनों ने श्रीलंकाई गेंदबाजों के खिलाफ धैर्य से बल्लेबाजी की और लगातार रन बनाते हुए भारत को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। टी-ब्रेक के समय ऋषभ पंत एक रन बनाकर पडिक्कल का साथ दे रहे थे। श्रीलंका की ओर से असिथा फर्नांडो अब तक दो विकेट ले चुके थे जबकि लाहिरू कुमारा को एक सफलता मिली।

    दूसरे टेस्ट के लिए भारतीय टीम में एक बदलाव किया गया है। कुलदीप यादव की जगह मध्य प्रदेश के ऑलराउंडर सारांश जैन को प्लेइंग इलेवन में शामिल किया गया है। सारांश ने इसी मुकाबले से अपना टेस्ट डेब्यू किया। कप्तान गिल ने टॉस के समय बताया था कि कुलदीप संक्रमण के कारण चयन के लिए उपलब्ध नहीं थे। सारांश अपनी ऑफ स्पिन गेंदबाजी के साथ बल्लेबाजी में भी टीम के लिए उपयोगी साबित हो सकते हैं।

    वहीं श्रीलंका की टीम में भी एक खिलाड़ी ने टेस्ट डेब्यू किया है। कामिल मिशारा को प्लेइंग इलेवन में शामिल किया गया है। भारतीय टीम दो मैचों की टेस्ट सीरीज में पहले ही 1-0 से आगे है। पहले टेस्ट में भारत ने श्रीलंका को 165 रनों से हराकर शानदार जीत दर्ज की थी। ऐसे में दूसरे टेस्ट में भी भारतीय टीम की नजर जीत के साथ सीरीज अपने नाम करने पर है।

  • कोलंबो में नहीं चलेगी श्रीलंका की स्पिन वाली चाल? टीम इंडिया को फंसाने का दांव पड़ सकता है उल्टा, पिच पर बड़ा अपडेट

    कोलंबो में नहीं चलेगी श्रीलंका की स्पिन वाली चाल? टीम इंडिया को फंसाने का दांव पड़ सकता है उल्टा, पिच पर बड़ा अपडेट


    नई दिल्ली। भारत और श्रीलंका के बीच दो मैचों की टेस्ट सीरीज का दूसरा मुकाबला 23 अगस्त से कोलंबो के सिंहलीज स्पोर्ट्स क्लब यानी एसएससी मैदान पर खेला जाएगा। शुभमन गिल की कप्तानी वाली भारतीय टीम गॉल में पहला टेस्ट 165 रन से जीतकर सीरीज में 1-0 की बढ़त बना चुकी है। अब भारत के पास कोलंबो में जीत हासिल कर सीरीज अपने नाम करने का मौका है। दूसरी तरफ श्रीलंका के लिए यह मुकाबला बेहद अहम है क्योंकि सीरीज बराबर करने के लिए उसे हर हाल में जीत दर्ज करनी होगी।

    मुकाबले से पहले सबसे ज्यादा चर्चा कोलंबो की पिच को लेकर हो रही है। माना जा रहा था कि श्रीलंका भारत के मजबूत बल्लेबाजी क्रम को परेशान करने के लिए बेहद ज्यादा स्पिन वाली पिच तैयार कर सकता है। हालांकि ताजा रिपोर्टों के मुताबिक मेजबान टीम इस रणनीति से पीछे हटती दिखाई दे रही है। श्रीलंका क्रिकेट से जुड़े एक अधिकारी ने पीटीआई को बताया कि फिलहाल गॉल टेस्ट जैसी संतुलित पिच तैयार करने के बारे में सोचा जा रहा है। ऐसी पिच पर बल्लेबाजों और गेंदबाजों दोनों को पर्याप्त मदद मिलने की उम्मीद रहती है।

    श्रीलंका के लिए सबसे बड़ी चिंता उसका कमजोर बल्लेबाजी क्रम है। अनुभवी बल्लेबाज कुसल मेंडिस और दिनेश चांदीमल दूसरे टेस्ट से बाहर हैं जबकि पथुम निसांका भी उपलब्ध नहीं हैं। ऐसे में अगर पिच को जरूरत से ज्यादा स्पिन के अनुकूल बनाया जाता है तो इसका नुकसान श्रीलंकाई बल्लेबाजों को भी उठाना पड़ सकता है। टीम पहले ही भारत के स्पिन आक्रमण के सामने दबाव में रही है और युवा बल्लेबाजों को कठिन परिस्थितियों में उतारना जोखिम भरा फैसला साबित हो सकता है।

    गॉल में खेले गए पहले टेस्ट में भारत ने शानदार बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया था। देवदत्त पडिक्कल ने पहली पारी में 167 रन की बड़ी पारी खेली जबकि भारत ने 460 रन से ज्यादा का स्कोर खड़ा किया। श्रीलंका के स्पिनरों ने मुकाबले में वापसी की कोशिश जरूर की लेकिन भारतीय बल्लेबाजी की गहराई ने मेजबान टीम को दबाव में बनाए रखा। भारत ने अंत में 165 रन से मुकाबला अपने नाम किया।

    कोलंबो में संतुलित पिच होने की स्थिति में टॉस और पहली पारी का स्कोर काफी महत्वपूर्ण हो सकता है। एसएससी मैदान का ऐतिहासिक रिकॉर्ड बताता है कि यहां पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम को बड़े स्कोर के जरिए दबाव बनाने का मौका मिल सकता है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार इस मैदान पर टेस्ट में पहली पारी का औसत स्कोर 323 रन रहा है जबकि दूसरी पारी का औसत 354 रन है।

    श्रीलंका के लिए एक और चुनौती टीम संयोजन की है। पूर्व श्रीलंकाई क्रिकेटर रसेल अर्नोल्ड ने भी माना है कि मेजबान टीम भारत की तरह तीन विशेषज्ञ स्पिनरों के साथ उतरने की स्थिति में नहीं है क्योंकि इससे बल्लेबाजी का संतुलन बिगड़ सकता है। भारत के पास रविंद्र जडेजा जैसे खिलाड़ी हैं जो गेंदबाजी के साथ बल्लेबाजी में भी मजबूत योगदान दे सकते हैं। इसी कारण श्रीलंका को पिच और प्लेइंग इलेवन दोनों में संतुलन साधना होगा।

    ऐसे में कोलंबो टेस्ट में असली मुकाबला सिर्फ भारतीय बल्लेबाजों और श्रीलंकाई स्पिनरों के बीच नहीं होगा बल्कि रणनीति और टीम संतुलन के बीच भी होगा। अगर श्रीलंका बहुत ज्यादा टर्न वाली पिच तैयार करता है तो उसके अनुभवहीन बल्लेबाज खुद मुश्किल में पड़ सकते हैं। वहीं संतुलित विकेट मिलने पर भारत की मजबूत बल्लेबाजी को रोकना उसके लिए बड़ी चुनौती होगी। इसलिए पिच का अंतिम मिजाज दोनों टीमों की रणनीति और मैच के नतीजे पर बड़ा असर डाल सकता है।

  • श्रीलंका की धरती पर टीम इंडिया का दबदबा, 24 टेस्ट में 9 जीत; कोहली की कप्तानी में 2017 में किया था क्लीन स्वीप

    श्रीलंका की धरती पर टीम इंडिया का दबदबा, 24 टेस्ट में 9 जीत; कोहली की कप्तानी में 2017 में किया था क्लीन स्वीप


    नई दिल्ली । भारत और श्रीलंका के बीच दो मैचों की टेस्ट सीरीज का रोमांच 15 अगस्त से शुरू होने जा रहा है। नए टेस्ट कप्तान शुभमन गिल की अगुवाई में टीम इंडिया श्रीलंका की धरती पर अपने मजबूत रिकॉर्ड को बरकरार रखने के इरादे से मैदान में उतरेगी। भारतीय टीम के सामने न सिर्फ सीरीज जीतने की चुनौती होगी बल्कि पिछले कुछ वर्षों से श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में चले आ रहे दबदबे को कायम रखने की जिम्मेदारी भी होगी।

    श्रीलंका की सरजमीं पर भारतीय टीम का रिकॉर्ड काफी प्रभावशाली रहा है। भारत ने अब तक वहां कुल 24 टेस्ट मैच खेले हैं। इनमें टीम इंडिया ने 9 मुकाबलों में जीत दर्ज की है, जबकि 7 मैचों में उसे हार का सामना करना पड़ा। वहीं 8 टेस्ट मुकाबले ड्रॉ रहे हैं। आंकड़े बताते हैं कि विदेशी परिस्थितियों में खेलने के बावजूद भारतीय टीम ने श्रीलंका के खिलाफ लगातार मजबूत प्रदर्शन किया है।

    भारत ने आखिरी बार 2017 में श्रीलंका का दौरा किया था। उस दौरे पर विराट कोहली की कप्तानी में टीम इंडिया ने शानदार प्रदर्शन करते हुए श्रीलंकाई टीम का सीरीज में 3-0 से क्लीन स्वीप किया था। उस दौरे की जीत भारतीय टेस्ट क्रिकेट के यादगार अभियानों में शामिल रही। टीम इंडिया ने तीनों मुकाबलों में अपना दबदबा कायम रखा और श्रीलंका को किसी भी मैच में वापसी का मौका नहीं दिया।

    अगर भारत और श्रीलंका के बीच ओवरऑल टेस्ट रिकॉर्ड की बात करें तो दोनों टीमों के बीच अब तक 46 टेस्ट मुकाबले खेले गए हैं। इनमें भारत ने 22 मैचों में जीत हासिल की है, जबकि श्रीलंका को सिर्फ 7 मुकाबलों में जीत मिली है। दोनों टीमों के बीच कई मुकाबले ड्रॉ भी रहे हैं। यह आंकड़ा साफ तौर पर बताता है कि टेस्ट क्रिकेट में श्रीलंका के खिलाफ भारतीय टीम का पलड़ा काफी भारी रहा है।

    भारत और श्रीलंका की आखिरी टेस्ट भिड़ंत 2022 में हुई थी। रोहित शर्मा की कप्तानी वाली भारतीय टीम ने उस सीरीज में श्रीलंका को 2-0 से हराया था। ऐसे में भारतीय टीम के पास श्रीलंका के खिलाफ लगातार सीरीज जीतने का सिलसिला आगे बढ़ाने का मौका है। हालांकि इस बार कप्तानी की जिम्मेदारी शुभमन गिल के कंधों पर है और उनके लिए यह सीरीज बतौर टेस्ट कप्तान एक महत्वपूर्ण परीक्षा मानी जा रही है।

    सीरीज शुरू होने से पहले भारतीय टीम ने तीन दिवसीय वॉर्मअप मुकाबले में भी अपनी तैयारियों का मजबूत संकेत दिया। टीम इंडिया ने श्रीलंका क्रिकेट इलेवन को 6 विकेट से हराया। इस मुकाबले में भारतीय बल्लेबाजों ने अच्छी लय दिखाई। यशस्वी जायसवाल, देवदत्त पडिक्कल, रवींद्र जडेजा और कप्तान शुभमन गिल ने प्रभावशाली बल्लेबाजी की।

    देवदत्त पडिक्कल ने पहली पारी में शानदार शतक लगाते हुए 142 रन की नाबाद पारी खेली। उनके प्रदर्शन से भारतीय टीम के मध्यक्रम को मजबूती मिली। वहीं अन्य बल्लेबाजों ने भी उपयोगी पारियां खेलकर सीरीज से पहले अपनी तैयारियों का संकेत दिया।

    अब सबकी नजरें 15 अगस्त से शुरू होने वाली टेस्ट सीरीज पर हैं। शुभमन गिल के लिए यह सिर्फ श्रीलंका के खिलाफ दो टेस्ट मैचों की सीरीज नहीं होगी बल्कि बतौर कप्तान अपने नेतृत्व को मजबूत करने का भी बड़ा अवसर होगा। भारत के शानदार पुराने रिकॉर्ड, हालिया प्रदर्शन और खिलाड़ियों की अच्छी फॉर्म को देखते हुए टीम इंडिया को मजबूत दावेदार माना जा रहा है। हालांकि श्रीलंका की परिस्थितियों में स्पिन और मौसम जैसी चुनौतियां भारतीय टीम की परीक्षा ले सकती हैं। ऐसे में गिल की कप्तानी में टीम इंडिया अपने पुराने दबदबे को नए अंदाज में कायम कर पाती है या नहीं, इसका जवाब सीरीज के दौरान मिलेगा।

  • गिल फिट नहीं हुए तो किसे मिलेगा नंबर-4 का मौका? इन 3 खिलाड़ियों पर टिकी टीम इंडिया की नजर

    गिल फिट नहीं हुए तो किसे मिलेगा नंबर-4 का मौका? इन 3 खिलाड़ियों पर टिकी टीम इंडिया की नजर


    नई दिल्ली। भारत और श्रीलंका के बीच टेस्ट सीरीज शुरू होने से पहले टीम इंडिया के सामने शुभमन गिल की चोट ने नई चिंता खड़ी कर दी है। गिल भारतीय टेस्ट टीम के कप्तान होने के साथ बल्लेबाजी क्रम में बेहद अहम भूमिका निभाते हैं। ऐसे में अगर वह 15 अगस्त से शुरू होने वाले पहले टेस्ट तक पूरी तरह फिट नहीं हो पाते हैं तो भारतीय टीम को न सिर्फ कप्तानी बल्कि नंबर चार की बल्लेबाजी को लेकर भी बड़ा फैसला लेना पड़ सकता है।

    शुभमन गिल को प्रैक्टिस के दौरान दाहिने हाथ की रिंग फिंगर में चोट लगी है। इसी वजह से वह इंडिया और श्रीलंका इलेवन के बीच खेले जा रहे अभ्यास मुकाबले के पहले दिन मैदान पर नहीं उतरे। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड की मेडिकल टीम उनकी चोट पर लगातार नजर रख रही है। फिलहाल उनकी चोट कितनी गंभीर है और वह अभ्यास मैच में आगे हिस्सा लेंगे या नहीं इसे लेकर स्थिति पूरी तरह साफ नहीं है। हालांकि अगर वह पहले टेस्ट से पहले फिट हो जाते हैं तो टीम इंडिया के लिए राहत की खबर होगी लेकिन अगर ऐसा नहीं हुआ तो नंबर चार पर उनकी जगह भरना आसान नहीं होगा।

    ऐसी स्थिति में रवींद्र जडेजा सबसे अनुभवी विकल्पों में से एक हो सकते हैं। जडेजा भले ही शुद्ध रूप से नंबर चार के बल्लेबाज नहीं हैं लेकिन टेस्ट क्रिकेट में उनका अनुभव और बल्लेबाजी क्षमता उन्हें इस भूमिका के लिए मजबूत दावेदार बनाती है। खासकर स्पिन के खिलाफ जडेजा की बल्लेबाजी टीम के लिए उपयोगी साबित हो सकती है। वह पहले भी ऊपरी क्रम में बल्लेबाजी कर चुके हैं और एक टेस्ट के लिए उन्हें नंबर चार पर भेजना टीम के लिए व्यावहारिक विकल्प हो सकता है। इसके अलावा उनकी मौजूदगी टीम को गेंदबाजी में भी अतिरिक्त विकल्प देती है।

    दूसरा नाम ध्रुव जुरेल का है। विकेटकीपर बल्लेबाज जुरेल ने अब तक टेस्ट क्रिकेट में मुश्किल परिस्थितियों में अपनी बल्लेबाजी क्षमता दिखाई है। उन्होंने नंबर चार से लेकर नंबर छह तक बल्लेबाजी की है और उनके टेस्ट आंकड़े बताते हैं कि वह केवल बैकअप विकेटकीपर नहीं बल्कि एक उपयोगी बल्लेबाज भी हैं। अगर टीम प्रबंधन ऋषभ पंत के साथ एक अतिरिक्त बल्लेबाज खिलाने का फैसला करता है तो जुरेल को नंबर चार पर मौका दिया जा सकता है। गिल की गैरमौजूदगी उनके लिए खुद को साबित करने का बड़ा अवसर भी बन सकती है।

    तीसरा और शायद सबसे स्वाभाविक विकल्प देवदत्त पडिक्कल हो सकते हैं। पडिक्कल विशेषज्ञ बल्लेबाज के तौर पर टीम के साथ हैं और नंबर चार पर बल्लेबाजी का अनुभव रखते हैं। घरेलू क्रिकेट में लगातार प्रदर्शन करने वाले पडिक्कल तकनीकी रूप से मजबूत बल्लेबाज माने जाते हैं। अगर टीम प्रबंधन सीधे गिल की जगह विशेषज्ञ बल्लेबाज उतारना चाहता है तो पडिक्कल को मौका मिल सकता है। हालांकि इससे भारतीय बल्लेबाजी क्रम में बाएं हाथ के बल्लेबाजों की संख्या बढ़ जाएगी लेकिन एक टेस्ट के लिए यह बड़ी समस्या नहीं मानी जाएगी।

    फिलहाल सबसे बड़ा सवाल शुभमन गिल की फिटनेस को लेकर है। बीसीसीआई की मेडिकल टीम की रिपोर्ट के बाद ही तस्वीर साफ होगी कि वह श्रीलंका के खिलाफ पहले टेस्ट में मैदान पर उतर पाएंगे या नहीं। अगर गिल फिट नहीं होते हैं तो टीम इंडिया के पास जडेजा का अनुभव जुरेल की युवा क्षमता और पडिक्कल की विशेषज्ञ बल्लेबाजी के रूप में तीन अलग-अलग विकल्प मौजूद हैं। अब फैसला टीम मैनेजमेंट को करना होगा कि वह अनुभव को प्राथमिकता देता है युवा खिलाड़ी पर भरोसा करता है या विशेषज्ञ बल्लेबाज को नंबर चार की जिम्मेदारी सौंपता है।

  • WTC फाइनल की रेस में भारत की अग्निपरीक्षा, अब हर मैच जीतना जरूरी; एक गलती बिगाड़ देगी पूरा गणित

    WTC फाइनल की रेस में भारत की अग्निपरीक्षा, अब हर मैच जीतना जरूरी; एक गलती बिगाड़ देगी पूरा गणित


    नई दिल्ली। वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप 2025-27 में भारतीय क्रिकेट टीम की मुश्किलें लगातार बढ़ती नजर आ रही हैं। शुरुआती मुकाबलों के बाद टीम इंडिया अंक प्रतिशत के मामले में पांचवें स्थान पर पहुंच गई है और अब उसके सामने फाइनल की दौड़ में बने रहने के लिए बेहद कठिन चुनौती है। भारत ने अब तक 9 टेस्ट मैच खेले हैं जिसमें उसे 4 मुकाबलों में जीत मिली है और उसका पॉइंट्स परसेंटेज यानी पीसीटी 48.15 है। मौजूदा स्थिति में भारत बांग्लादेश से भी पीछे है। ऐसे में अब टीम इंडिया के लिए WTC का हर मुकाबला लगभग करो या मरो जैसा हो गया है।

    भारतीय टीम के पास इस चक्र में अभी 9 टेस्ट मैच बाकी हैं। अगर टीम अपने सभी बचे हुए मुकाबले जीतने में सफल रहती है तो उसका पीसीटी करीब 74.07 तक पहुंच सकता है। यह आंकड़ा उसे फाइनल की दौड़ में बेहद मजबूत स्थिति में पहुंचा सकता है। लेकिन समस्या यह है कि आने वाले सभी मुकाबले आसान नहीं होने वाले हैं। भारत को पहले श्रीलंका का दौरा करना है जहां दो टेस्ट मैच खेले जाएंगे। श्रीलंका की परिस्थितियों में स्पिन गेंदबाजी हमेशा चुनौतीपूर्ण रही है और गॉल की पिच पर भारतीय बल्लेबाजों की परीक्षा होना तय माना जा रहा है।

    श्रीलंका के बाद भारतीय टीम न्यूजीलैंड का दौरा करेगी। वहां उसे दो टेस्ट मैच खेलने हैं। न्यूजीलैंड की परिस्थितियां भी भारतीय टीम के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकती हैं। तेज गेंदबाजी के अनुकूल परिस्थितियों में भारतीय बल्लेबाजों को नई गेंद का सामना करना होगा। इसके बाद भारत में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पांच मैचों की टेस्ट सीरीज खेली जाएगी। ऑस्ट्रेलिया मौजूदा WTC चक्र में मजबूत टीमों में शामिल है और उसके खिलाफ पांच टेस्ट मैचों की सीरीज भारत के लिए सबसे बड़ी परीक्षा साबित हो सकती है।

    भारत के लिए सबसे बड़ा खतरा यह है कि अब एक भी हार उसके अंक प्रतिशत को काफी नीचे ला सकती है। अगर टीम अपने बचे हुए नौ मैचों में से एक मुकाबला हार जाती है तो उसका पीसीटी करीब 68.5 तक गिर सकता है। दो हार होने पर यह आंकड़ा करीब 62.9 और तीन हार की स्थिति में लगभग 57.41 तक पहुंच सकता है। ऐसे में सिर्फ एक मुकाबले का नतीजा भी फाइनल की रेस में भारत की स्थिति को काफी प्रभावित कर सकता है।

    मौजूदा अंक तालिका पर नजर डालें तो ऑस्ट्रेलिया 87.50 पीसीटी के साथ शीर्ष पर है। दक्षिण अफ्रीका 75 पीसीटी के साथ दूसरे जबकि न्यूजीलैंड 72.22 के साथ तीसरे स्थान पर है। बांग्लादेश 58.33 पीसीटी के साथ भारत से आगे है। इसका मतलब साफ है कि भारत को अपने बचे हुए मुकाबलों में शानदार प्रदर्शन करने के साथ साथ दूसरी टीमों के नतीजों पर भी नजर रखनी होगी। अगर शीर्ष टीमों में से कोई लगातार अंक गंवाती है तो भारत को उसका फायदा मिल सकता है।

    WTC में जीत के लिए 12 अंक मिलते हैं जबकि ड्रॉ होने पर दोनों टीमों को 4-4 अंक दिए जाते हैं और हारने वाली टीम को कोई अंक नहीं मिलता। अंक प्रतिशत की यही व्यवस्था टीमों की अंतिम स्थिति तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसलिए भारत के लिए अब ड्रॉ भी उतना फायदेमंद नहीं होगा जितनी लगातार जीत होगी।

    शुभमन गिल की अगुआई वाली भारतीय टीम के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती जीत की लय कायम रखने की है। श्रीलंका में दो टेस्ट से लेकर न्यूजीलैंड और फिर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पांच मुकाबलों तक टीम को लगातार दबाव में खेलना होगा। भारतीय बल्लेबाजों को स्पिन और तेज गेंदबाजी दोनों परिस्थितियों के लिए तैयार रहना होगा जबकि गेंदबाजों को भी हर मैच में निर्णायक प्रदर्शन करना होगा।

    कुल मिलाकर WTC 2025-27 में भारत के लिए तस्वीर बिल्कुल साफ है। फाइनल में पहुंचने का रास्ता अभी बंद नहीं हुआ है लेकिन गलती की गुंजाइश बेहद कम बची है। भारत अगर अपने बचे हुए नौ टेस्ट में लगातार जीत दर्ज करता है तो फाइनल की उम्मीद मजबूत रहेगी लेकिन हार की संख्या बढ़ते ही समीकरण मुश्किल होता जाएगा। अब टीम इंडिया के सामने हर टेस्ट सिर्फ एक मुकाबला नहीं बल्कि WTC फाइनल की ओर बढ़ने का एक बड़ा कदम होगा।