Tag: Shubman Gill

  • टीम इंडिया का श्रीलंका के खिलाफ शानदार रिकॉर्ड, 2015 के बाद नहीं झेलनी पड़ी टेस्ट में हार

    टीम इंडिया का श्रीलंका के खिलाफ शानदार रिकॉर्ड, 2015 के बाद नहीं झेलनी पड़ी टेस्ट में हार


    नई दिल्ली। भारत और श्रीलंका के बीच दो मैचों की बहुप्रतीक्षित टेस्ट सीरीज का आगाज 15 अगस्त से होने जा रहा है। इस सीरीज के लिए भारतीय टीम श्रीलंका पहुंच चुकी है और खिलाड़ियों ने तैयारियां भी शुरू कर दी हैं। शुभमन गिल की कप्तानी में उतरने वाली भारतीय टीम का आत्मविश्वास काफी मजबूत है क्योंकि टेस्ट क्रिकेट में श्रीलंका के खिलाफ उसका रिकॉर्ड बेहद शानदार रहा है। पिछले 11 वर्षों में टीम इंडिया ने श्रीलंका के खिलाफ एक भी टेस्ट मुकाबला नहीं गंवाया है और अब उसकी नजर इस शानदार सिलसिले को आगे बढ़ाने पर होगी।

    भारत और श्रीलंका के बीच अब तक कुल 46 टेस्ट मुकाबले खेले जा चुके हैं। इनमें भारतीय टीम ने 22 मैचों में जीत दर्ज की है जबकि श्रीलंका केवल 7 मुकाबले जीत सका है। दोनों टीमों के बीच 17 टेस्ट ड्रॉ रहे हैं। आंकड़े साफ बताते हैं कि लंबे समय से इस प्रतिद्वंद्विता में भारत का पलड़ा भारी रहा है। खास बात यह है कि वर्ष 2015 के बाद से श्रीलंका भारत के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में जीत हासिल नहीं कर पाया है। पिछले 10 टेस्ट मुकाबलों में टीम इंडिया ने हार का स्वाद नहीं चखा और यही रिकॉर्ड उसे इस बार भी मनोवैज्ञानिक बढ़त देता है।

    हालांकि सीरीज शुरू होने से पहले भारतीय टीम को बड़ा झटका भी लगा है। स्टार तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह पूरी तरह फिट नहीं हो सके और चोट के कारण इस सीरीज से बाहर हो गए हैं। बुमराह की गैरमौजूदगी भारतीय तेज आक्रमण के लिए चुनौती जरूर है लेकिन टीम प्रबंधन ने उनकी जगह जम्मू कश्मीर के युवा तेज गेंदबाज आकिब नबी को मौका दिया है। आकिब घरेलू क्रिकेट में लगातार शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं और जम्मू कश्मीर से भारतीय टेस्ट टीम में जगह बनाने वाले पहले खिलाड़ी बनकर इतिहास भी रच चुके हैं। अब सभी की नजर उनके प्रदर्शन पर रहेगी।

    टीम इंडिया के लिए एक राहत की खबर साई सुदर्शन की फिटनेस को लेकर भी सामने आई है। शुरुआती आशंकाओं के बावजूद उम्मीद जताई जा रही है कि वह पहले टेस्ट से पहले पूरी तरह फिट होकर टीम से जुड़ जाएंगे। यदि ऐसा होता है तो भारत की बल्लेबाजी और भी मजबूत नजर आएगी। शुभमन गिल के नेतृत्व में युवा और अनुभवी खिलाड़ियों का संतुलन टीम को मजबूत बनाता है।

    सीरीज का पहला मुकाबला 15 अगस्त से गाले इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा। गाले की पिच पर स्पिन गेंदबाजों की भूमिका बेहद अहम रहती है इसलिए रवींद्र जडेजा कुलदीप यादव और मानव सुथार जैसे स्पिनरों पर बड़ी जिम्मेदारी होगी। दूसरा टेस्ट 23 अगस्त से कोलंबो के सिंहली स्पोर्ट्स क्लब मैदान पर खेला जाएगा जहां भारत सीरीज जीतने के इरादे से उतरेगा।

    भारतीय टीम के स्क्वॉड में शुभमन गिल कप्तान जबकि केएल राहुल उपकप्तान की भूमिका निभाएंगे। यशस्वी जायसवाल ऋषभ पंत साई सुदर्शन ध्रुव जुरेल रवींद्र जडेजा कुलदीप यादव मोहम्मद सिराज प्रसिद्ध कृष्णा गुरनूर बरार देवदत्त पडिक्कल सारांश जैन मानव सुथार और आकिब नबी टीम का हिस्सा हैं। युवा खिलाड़ियों और अनुभवी सितारों से सजी यह टीम श्रीलंका में एक बार फिर अपनी श्रेष्ठता साबित करने के इरादे से मैदान में उतरेगी। क्रिकेट प्रेमियों की नजर अब इस बात पर होगी कि क्या भारत अपना 11 साल का अजेय रिकॉर्ड कायम रखते हुए एक और टेस्ट सीरीज अपने नाम कर पाएगा।

  • शुभमन गिल ने फिर हासिल किया वनडे का ताज, 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी टी20 रैंकिंग के टॉप-50 में पहुंचे

    शुभमन गिल ने फिर हासिल किया वनडे का ताज, 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी टी20 रैंकिंग के टॉप-50 में पहुंचे


    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट के लिए आईसीसी की ताजा रैंकिंग खुशखबरी लेकर आई है। कप्तान शुभमन गिल ने एक बार फिर वनडे क्रिकेट में दुनिया के नंबर-1 बल्लेबाज का स्थान हासिल कर लिया है, जबकि 15 वर्षीय युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने टी20 अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग में 230 पायदान की जबरदस्त छलांग लगाकर क्रिकेट जगत का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। दोनों खिलाड़ियों की उपलब्धियां भारतीय क्रिकेट की मजबूत होती नई पीढ़ी की तस्वीर पेश करती हैं।

    आईसीसी द्वारा जारी नई वनडे रैंकिंग में शुभमन गिल ने न्यूजीलैंड के डेरिल मिचेल को पीछे छोड़ते हुए शीर्ष स्थान हासिल किया। डेरिल मिचेल जनवरी से नंबर-1 बल्लेबाज बने हुए थे, लेकिन हाल के महीनों में अंतरराष्ट्रीय मुकाबले नहीं खेलने के कारण उनकी रेटिंग प्रभावित हुई। इसका फायदा शुभमन गिल को मिला और उन्होंने एक बार फिर दुनिया के सर्वश्रेष्ठ वनडे बल्लेबाज का ताज अपने नाम कर लिया।

    दूसरी ओर, जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 सीरीज में धमाकेदार प्रदर्शन करने वाले युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने इतिहास रच दिया। भारत ने यह सीरीज 3-0 से अपने नाम की और वैभव ने तीन मैचों में 50.33 की शानदार औसत से 151 रन बनाए। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द सीरीज भी चुना गया। इसी प्रदर्शन का इनाम उन्हें आईसीसी रैंकिंग में मिला, जहां उन्होंने एक साथ 230 स्थान की छलांग लगाते हुए 536 रेटिंग अंकों के साथ अपने करियर की सर्वश्रेष्ठ 48वीं रैंक हासिल की। महज 15 वर्ष की उम्र में टी20 रैंकिंग के टॉप-50 में पहुंचना उनके उज्ज्वल भविष्य का संकेत माना जा रहा है।

    टी20 बल्लेबाजों की रैंकिंग में भारत के ईशान किशन अब भी दुनिया के नंबर-1 बल्लेबाज बने हुए हैं। उनके खाते में 910 रेटिंग अंक हैं। वहीं तिलक वर्मा दो स्थान की छलांग लगाकर छठे स्थान पर पहुंच गए हैं, जबकि श्रेयस अय्यर सात स्थान की बढ़त के साथ 24वें नंबर पर पहुंच गए हैं। भारतीय बल्लेबाजों का यह शानदार प्रदर्शन टीम की मजबूत बल्लेबाजी लाइनअप को दर्शाता है।

    गेंदबाजी रैंकिंग में भी भारत को फायदा हुआ है। लेग स्पिनर रवि बिश्नोई ने जिम्बाब्वे सीरीज में तीन विकेट हासिल किए, जिसके बाद उन्होंने 31 स्थान की लंबी छलांग लगाकर टी20 गेंदबाजों की रैंकिंग में 41वां स्थान हासिल कर लिया।

    जिम्बाब्वे की टीम सीरीज हार गई, लेकिन उसके कुछ खिलाड़ियों के प्रदर्शन को भी आईसीसी ने सराहा। बल्लेबाज रयान बर्ल छह स्थान ऊपर चढ़कर संयुक्त रूप से 85वें स्थान पर पहुंच गए, जबकि तेज गेंदबाज ब्लेसिंग मुजराबानी 10 स्थान की छलांग लगाकर 26वें नंबर पर पहुंच गए।

    वनडे गेंदबाजी रैंकिंग में भी बदलाव देखने को मिला है। नामीबिया के बाएं हाथ के स्पिनर बर्नार्ड शोल्ट्ज ने नेपाल और नीदरलैंड के खिलाफ आईसीसी क्रिकेट वर्ल्ड कप लीग-2 ट्राई सीरीज में शानदार प्रदर्शन के दम पर टॉप-7 गेंदबाजों में जगह बना ली है।

    ताजा आईसीसी रैंकिंग ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि भारतीय क्रिकेट केवल अनुभवी खिलाड़ियों पर ही नहीं, बल्कि युवा प्रतिभाओं के दम पर भी लगातार नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा है। शुभमन गिल की नंबर-1 रैंकिंग और वैभव सूर्यवंशी की ऐतिहासिक छलांग भारतीय क्रिकेट के भविष्य के लिए बेहद सकारात्मक संकेत मानी जा रही है।

  • हार के बाद कप्तान शुभमन गिल का बड़ा खुलासा डेथ ओवरों की खराब गेंदबाजी ने छीनी जीत रोहित की पारी को बताया यादगार

    हार के बाद कप्तान शुभमन गिल का बड़ा खुलासा डेथ ओवरों की खराब गेंदबाजी ने छीनी जीत रोहित की पारी को बताया यादगार


    नई दिल्ली। इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स में खेले गए निर्णायक तीसरे वनडे में 27 रन की हार के साथ भारत ने तीन मैचों की सीरीज 1-2 से गंवा दी। मुकाबला खत्म होने के बाद भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने हार के कारणों पर खुलकर बात की और माना कि टीम 45वें ओवर तक मुकाबले में पूरी तरह बनी हुई थी लेकिन आखिरी तीन ओवरों में की गई महंगी गेंदबाजी ने जीत की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। गिल ने यह भी कहा कि शुरुआती ओवरों में अनुशासित गेंदबाजी नहीं होने से इंग्लैंड को बड़ी साझेदारी बनाने का मौका मिल गया जिसका असर पूरे मैच पर पड़ा।

    मैच के बाद गिल ने कहा कि भारतीय टीम की स्थिति 45वें ओवर तक मजबूत थी और खिलाड़ी मुकाबले में वापसी की उम्मीद बनाए हुए थे। हालांकि अंतिम तीन ओवरों में करीब 60 रन खर्च करने से इंग्लैंड विशाल स्कोर तक पहुंच गया। उनके अनुसार यही वह मोड़ था जिसने मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया। कप्तान ने माना कि यदि डेथ ओवरों में गेंदबाज बेहतर नियंत्रण रखते तो लक्ष्य काफी हद तक सीमित किया जा सकता था।

    शुभमन गिल ने रन चेज की रणनीति का भी खुलासा किया। उन्होंने बताया कि टीम ने पहले से योजना बनाई थी कि शुरुआती 40 ओवर तक विकेट बचाकर रखे जाएंगे और पावरप्ले के बाद रन गति लगभग छह से साढ़े छह रन प्रति ओवर रखी जाएगी। इसके बाद अंतिम दस ओवरों में तेज बल्लेबाजी करते हुए 100 से 110 रन बनाने का लक्ष्य रखा गया था। गिल का मानना था कि यदि यह योजना पूरी तरह लागू हो जाती तो भारत के पास मुकाबला जीतने का शानदार मौका होता।

    भारतीय कप्तान ने गेंदबाजी विभाग की कमियों पर भी खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि पावरप्ले के दौरान गेंदबाजों ने जरूरत से ज्यादा ऑफ स्टंप के बाहर गेंदें फेंकीं जिसका इंग्लैंड के सलामी बल्लेबाजों ने पूरा फायदा उठाया। इससे मेजबान टीम ने शुरुआत से ही दबदबा बना लिया और भारत को लगातार दबाव में रखा। गिल के अनुसार पावरप्ले और डेथ ओवरों की गेंदबाजी दोनों ही विभागों में टीम अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर सकी।

    सीरीज हारने के बावजूद शुभमन गिल ने टीम के प्रदर्शन में कई सकारात्मक पहलुओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि बल्लेबाजों ने पूरी सीरीज में लगातार रन बनाए और गेंदबाजों ने भी अलग अलग मुकाबलों में विकेट लेकर योगदान दिया। उनके अनुसार यह प्रदर्शन आने वाले महत्वपूर्ण मुकाबलों के लिए टीम का आत्मविश्वास बढ़ाने वाला है और खिलाड़ी अपनी गलतियों से सीख लेकर आगे बेहतर प्रदर्शन करेंगे।

    गिल ने इस दौरान रोहित शर्मा की रिकॉर्डतोड़ बल्लेबाजी की दिल खोलकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि रोहित ने वर्षों से दुनिया के अलग अलग देशों में अपनी बल्लेबाजी का लोहा मनवाया है और लॉर्ड्स में खेली गई 138 रन की पारी भी उसी स्तर की थी। कप्तान ने कहा कि मैच के अंतिम चरण में पिच धीमी हो चुकी थी और ऐसे हालात में इतनी शानदार बल्लेबाजी करना आसान नहीं था। उनके अनुसार रोहित की पारी देखना हर क्रिकेट प्रेमी के लिए किसी खास अनुभव से कम नहीं था।

    गौरतलब है कि इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में 387 रन का विशाल स्कोर बनाया। बेन डकेट ने 141 रन जबकि जैकब बेथेल ने 91 रन की शानदार पारी खेली। जो रूट ने नाबाद 74 और जोस बटलर ने तेज 41 रन जोड़कर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। जवाब में रोहित शर्मा के 138 रन शुभमन गिल के 77 और विराट कोहली के 74 रन भी भारत को जीत नहीं दिला सके और टीम 360 रन तक ही पहुंच सकी। इस हार के साथ इंग्लैंड ने वनडे सीरीज 2-1 से अपने नाम कर ली।

  • सीरीज जीत की जंग शुरू लॉर्ड्स वनडे में इंग्लैंड पहले बल्लेबाजी पर उतरा बुमराह की गैरमौजूदगी बढ़ाएगी भारत की चुनौती

    सीरीज जीत की जंग शुरू लॉर्ड्स वनडे में इंग्लैंड पहले बल्लेबाजी पर उतरा बुमराह की गैरमौजूदगी बढ़ाएगी भारत की चुनौती


    नई दिल्ली । भारत और इंग्लैंड के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज का निर्णायक मुकाबला लंदन के ऐतिहासिक लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड में शुरू हो गया है। सीरीज फिलहाल 1-1 की बराबरी पर है और ऐसे में तीसरा मुकाबला दोनों टीमों के लिए करो या मरो जैसा बन गया है। टॉस जीतकर इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक ने पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया है। उनका मानना है कि पिच बल्लेबाजी के लिए अनुकूल दिखाई दे रही है और पहले बड़ा स्कोर बनाकर टीम दबाव बनाने की कोशिश करेगी।

    टॉस के दौरान हैरी ब्रूक ने बताया कि इंग्लैंड की टीम में एक बदलाव किया गया है। साकिब महमूद की जगह तेज गेंदबाज जोश टंग की टीम में वापसी हुई है। इंग्लैंड की कोशिश होगी कि घरेलू परिस्थितियों का पूरा फायदा उठाकर सीरीज अपने नाम की जाए।

    भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने कहा कि यदि टॉस उनके पक्ष में आता तो वह भी पहले गेंदबाजी करना पसंद करते। उन्होंने बताया कि टीम को बड़ा झटका लगा है क्योंकि तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह घुटने की चोट के कारण इस अहम मुकाबले का हिस्सा नहीं हैं। उनकी जगह टीम में अर्शदीप सिंह को मौका दिया गया है जबकि केएल राहुल और प्रिंस यादव भी अंतिम एकादश में शामिल किए गए हैं।

    बुमराह की अनुपस्थिति भारतीय गेंदबाजी आक्रमण के लिए बड़ी चुनौती मानी जा रही है। डेथ ओवरों में उनकी सटीक गेंदबाजी और शुरुआती सफलता दिलाने की क्षमता टीम के लिए बेहद अहम रही है। अब अर्शदीप सिंह प्रसिद्ध कृष्णा और अन्य युवा गेंदबाजों पर इंग्लैंड के मजबूत बल्लेबाजी क्रम को रोकने की जिम्मेदारी होगी।

    भारतीय बल्लेबाजी की बात करें तो अनुभवी रोहित शर्मा और विराट कोहली पर बड़ी जिम्मेदारी होगी। रोहित शर्मा पिछले दोनों मुकाबलों में बड़ी पारी खेलने में सफल नहीं रहे हैं जबकि विराट कोहली से भी निर्णायक मुकाबले में अहम योगदान की उम्मीद रहेगी। कप्तान शुभमन गिल और मध्यक्रम में श्रेयस अय्यर तथा ईशान किशन की भूमिका भी काफी महत्वपूर्ण होगी।

    दूसरी ओर इंग्लैंड की बल्लेबाजी में जो रूट सबसे बड़े खतरे के रूप में मौजूद हैं। उन्होंने पिछले दोनों मुकाबलों में शानदार प्रदर्शन किया है और दूसरे वनडे में नाबाद 99 रन बनाकर टीम को जीत दिलाई थी। इसके अलावा कप्तान हैरी ब्रूक जोस बटलर और बेन डकेट भी इंग्लैंड की बल्लेबाजी को मजबूती देते हैं।

    अब सभी की नजरें इस निर्णायक मुकाबले पर हैं जहां जीतने वाली टीम सीरीज अपने नाम करेगी। लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर दोनों टीमों के बीच कांटे की टक्कर की उम्मीद की जा रही है।

  • एजबेस्टन में गिल और अक्षर का शानदार प्रदर्शन, इंग्लैंड को 6 विकेट से हराया, भारत की जीत की ये हैं 5 बड़ी वजहें

    एजबेस्टन में गिल और अक्षर का शानदार प्रदर्शन, इंग्लैंड को 6 विकेट से हराया, भारत की जीत की ये हैं 5 बड़ी वजहें


    बर्मिंघम। भारतीय टीम ने एजबेस्टन में खेले गए पहले वनडे मुकाबले में इंग्लैंड को छह विकेट से हराकर न सिर्फ तीन मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त हासिल की, बल्कि कई रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिए। कप्तान शुभमन गिल की शानदार बल्लेबाजी और अक्षर पटेल के बेहतरीन ऑलराउंड प्रदर्शन ने भारत को यादगार जीत दिलाई।

    259 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत ने 45.2 ओवर में चार विकेट गंवाकर मुकाबला अपने नाम कर लिया। कप्तान शुभमन गिल ने 75 गेंदों में 80 रन की शानदार पारी खेली। उनकी पारी में 11 चौके और एक छक्का शामिल रहा। हालांकि, क्रैम्प और हैमस्ट्रिंग की परेशानी के कारण उन्हें रिटायर्ड हर्ट होकर मैदान छोड़ना पड़ा।

    इसके बाद अक्षर पटेल और वॉशिंगटन सुंदर ने जिम्मेदारी संभाली। दोनों ने पांचवें विकेट के लिए नाबाद 102 रनों की साझेदारी कर भारत की जीत पक्की कर दी। अक्षर ने नाबाद 57 रन बनाए, जबकि सुंदर ने नाबाद 52 रनों का योगदान दिया।

    गेंदबाजों ने पलटी इंग्लैंड की पारी
    इससे पहले इंग्लैंड ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया। शुरुआत में मेजबान टीम मजबूत स्थिति में थी और एक समय उसका स्कोर 61 रन पर बिना विकेट के था।

    लेकिन भारतीय गेंदबाजों ने शानदार वापसी करते हुए इंग्लैंड को 107 रन तक पहुंचते-पहुंचते छह विकेट गंवाने पर मजबूर कर दिया। हालांकि जो रूट (76*) और लियाम डॉसन (68) ने सातवें विकेट के लिए 121 रनों की साझेदारी कर इंग्लैंड को 258 रन तक पहुंचाया।

    भारत की ओर से अक्षर पटेल ने शानदार गेंदबाजी करते हुए चार विकेट हासिल किए। प्रसिद्ध कृष्णा और गुरनूर बराड़ ने दो-दो विकेट लेकर इंग्लैंड की पारी को नियंत्रित रखा।

    भारत की जीत के 5 बड़े कारण

    1. 11 साल बाद एजबेस्टन में इंग्लैंड को मिली हार
    एजबेस्टन मैदान पर इंग्लैंड का वनडे रिकॉर्ड बेहद मजबूत रहा था। 2015 के बाद उसने इस मैदान पर लगातार आठ वनडे मुकाबले जीते थे। भारत ने 2014 के बाद पहली बार इसी मैदान पर इंग्लैंड को हराकर उसका विजयी सिलसिला तोड़ दिया।

    2. इंग्लैंड के खिलाफ लगातार छठी वनडे जीत
    भारत की यह इंग्लैंड के खिलाफ वनडे क्रिकेट में लगातार छठी जीत है। यह किसी भी दौर में इंग्लैंड के खिलाफ भारत की सबसे लंबी जीत की श्रृंखला बन गई है।

    3. गिल का एजबेस्टन में लगातार शानदार प्रदर्शन
    शुभमन गिल का एजबेस्टन से खास रिश्ता बनता जा रहा है। पिछले साल इसी मैदान पर टेस्ट मैच में 269 और 161 रन की यादगार पारियां खेलने वाले गिल ने अब वनडे में भी कप्तानी पारी खेलकर अपनी छाप छोड़ी।

    4. अक्षर पटेल का ऑलराउंड जवाब
    टी20 सीरीज में आलोचनाओं का सामना करने वाले अक्षर पटेल ने वनडे में शानदार वापसी की। उन्होंने पहले गेंद से चार विकेट लिए और फिर नाबाद 57 रन बनाकर टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई।

    5. यूके दौरे पर भारत की पहली जीत
    इंग्लैंड और आयरलैंड के खिलाफ टी20 मुकाबलों में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद भारत को मौजूदा यूनाइटेड किंगडम दौरे पर पहली जीत मिली। इस जीत ने टीम के आत्मविश्वास को नई मजबूती दी है।

    एजबेस्टन की इस जीत में कप्तान गिल का नेतृत्व, गेंदबाजों की वापसी और अक्षर पटेल का ऑलराउंड प्रदर्शन भारत के लिए सबसे बड़ी सकारात्मक बातें रहीं।

  • पहले ही मैच में कप्तानी की कड़ी परीक्षा, श्रेयस अय्यर के साथ जुड़ा ऐसा रिकॉर्ड जिसे कोई कप्तान नहीं चाहेगा

    पहले ही मैच में कप्तानी की कड़ी परीक्षा, श्रेयस अय्यर के साथ जुड़ा ऐसा रिकॉर्ड जिसे कोई कप्तान नहीं चाहेगा


    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट टीम  का आयरलैंड दौरा उम्मीदों के विपरीत शुरुआत के साथ आगे बढ़ा। बेलफास्ट में खेले गए पहले टी20 मुकाबले में मेजबान आयरलैंड ने शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत को 34 रन से शिकस्त दे दी। यह मुकाबला सिर्फ हार की वजह से ही चर्चा में नहीं रहा बल्कि भारतीय टीम के नए कप्तान श्रेयस अय्यर के नाम एक ऐसा रिकॉर्ड भी दर्ज हो गया जिसे कोई भी कप्तान अपने करियर की शुरुआत में नहीं देखना चाहता।

    श्रेयस अय्यर पहली बार टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में भारत की कप्तानी कर रहे थे लेकिन उनका डेब्यू जीत के बजाय हार के साथ समाप्त हुआ। इसी के साथ वह उन चुनिंदा भारतीय कप्तानों की सूची में शामिल हो गए जिन्होंने अपने पहले टी20 कप्तानी मैच में हार का सामना किया। यह हार इसलिए भी बड़ी मानी जा रही है क्योंकि भारत का जनवरी 2024 से चला आ रहा टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज में अजेय रहने का सिलसिला भी टूट गया।

    मुकाबले में आयरलैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत के सामने 183 रन का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रखा। जवाब में भारतीय बल्लेबाजी उम्मीदों पर खरी नहीं उतर सकी। नियमित अंतराल पर विकेट गिरते रहे और पूरी टीम 18.5 ओवर में 148 रन पर सिमट गई। भारतीय बल्लेबाज बड़ी साझेदारी बनाने में नाकाम रहे जबकि आयरलैंड के गेंदबाजों ने लगातार दबाव बनाए रखा। परिणामस्वरूप भारत को 34 रन से हार झेलनी पड़ी।

    इस हार के साथ श्रेयस अय्यर का नाम भारतीय क्रिकेट के कुछ बड़े कप्तानों के साथ एक अनचाही सूची में जुड़ गया। इससे पहले विराट कोहली भी अपने टी20 कप्तानी डेब्यू में जीत दर्ज नहीं कर सके थे। साल 2017 में कानपुर में इंग्लैंड के खिलाफ खेले गए अपने पहले टी20 मुकाबले में भारत को सात विकेट से हार मिली थी। विराट के नाम एक और अनोखा रिकॉर्ड दर्ज है। वह भारत के ऐसे पहले कप्तान बने जिन्होंने टेस्ट वनडे और टी20 तीनों प्रारूपों में कप्तानी की शुरुआत हार के साथ की।

    साल 2022 में ऋषभ पंत को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ घरेलू टी20 सीरीज में कप्तानी का मौका मिला था। उस मुकाबले में भारत ने 211 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया था लेकिन गेंदबाज लक्ष्य का बचाव नहीं कर सके और पंत का कप्तानी डेब्यू भी हार के साथ समाप्त हुआ।

    इसके बाद साल 2024 में शुभमन गिल को जिम्बाब्वे दौरे पर पहली बार टी20 टीम की कमान मिली थी। हरारे में खेले गए पहले मुकाबले में भारत को 13 रन से हार मिली थी। हालांकि गिल ने शानदार वापसी करते हुए पूरी सीरीज 4-1 से अपने नाम की और आलोचकों को करारा जवाब दिया था।

    अब साल 2026 में श्रेयस अय्यर भी इसी सूची का हिस्सा बन गए हैं। हालांकि क्रिकेट में एक मुकाबला किसी कप्तान की क्षमता तय नहीं करता। भारतीय टीम के सामने अब सीरीज में वापसी करने का मौका है और श्रेयस अय्यर की कोशिश होगी कि अगले मुकाबलों में टीम बेहतर प्रदर्शन करे तथा अपनी कप्तानी का सफल आगाज जीत के साथ आगे बढ़ाए। भारतीय टीम के पास मजबूत बल्लेबाजी और अनुभवी गेंदबाजी आक्रमण है इसलिए अगले मैचों में वापसी की पूरी उम्मीद बनी हुई है।

  • IND vs AFG: ईशान किशन की एंट्री तय, प्रिंस यादव कर सकते हैं डेब्यू; पहले वनडे में रोहित शर्मा पर रहेंगी निगाहें

    IND vs AFG: ईशान किशन की एंट्री तय, प्रिंस यादव कर सकते हैं डेब्यू; पहले वनडे में रोहित शर्मा पर रहेंगी निगाहें


    नई दिल्ली। भारत और अफगानिस्तान के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज का पहला मुकाबला शनिवार को धर्मशाला के हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (एचपीसीए) स्टेडियम में खेला जाएगा। यह सीरीज टीम इंडिया के लिए सिर्फ एक और द्विपक्षीय श्रृंखला नहीं, बल्कि भविष्य की तैयारियों और नए खिलाड़ियों की परीक्षा भी मानी जा रही है। मुकाबला भारतीय समयानुसार दोपहर 1:30 बजे शुरू होगा।

    सीरीज शुरू होने से पहले भारतीय टीम को दो बड़े झटके लगे हैं। स्टार बल्लेबाज Virat Kohli और स्टार ऑलराउंडर Hardik Pandya चोट के कारण पूरी श्रृंखला से बाहर हो चुके हैं। ऐसे में कप्तान Shubman Gill के सामने संतुलित और मजबूत प्लेइंग इलेवन चुनने की चुनौती होगी।

    हालांकि भारतीय टीम के पास युवा और अनुभवी खिलाड़ियों का बेहतरीन मिश्रण मौजूद है। टीम प्रबंधन की नजर अब उन खिलाड़ियों पर होगी जो इस अवसर को भुनाकर भविष्य के लिए अपनी दावेदारी मजबूत करना चाहते हैं। इनमें सबसे बड़ा नाम ईशान किशन का है, जिन्हें विराट कोहली की अनुपस्थिति में नंबर-3 पर बल्लेबाजी का मौका मिल सकता है।

    रोहित-गिल पर होगी मजबूत शुरुआत की जिम्मेदारी
    भारतीय पारी की शुरुआत अनुभवी कप्तान Rohit Sharma और शुभमन गिल करते दिखाई दे सकते हैं। दोनों बल्लेबाज वनडे क्रिकेट में भारत की सबसे भरोसेमंद ओपनिंग जोड़ी माने जाते हैं। रोहित अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से तेज शुरुआत देना चाहेंगे, जबकि शुभमन गिल कप्तानी के साथ-साथ बल्ले से भी अहम योगदान देने की कोशिश करेंगे।

    ईशान किशन के पास बड़ा मौका
    नंबर-3 की भूमिका में ईशान किशन सबसे मजबूत दावेदार नजर आ रहे हैं। बाएं हाथ के बल्लेबाज होने के कारण वह टीम के बल्लेबाजी क्रम में संतुलन भी जोड़ते हैं। उनकी आक्रामक शैली मध्यक्रम पर दबाव कम कर सकती है और टीम को तेज रन गति बनाए रखने में मदद मिलेगी।

    नंबर-4 पर उपकप्तान Shreyas Iyer का खेलना लगभग तय माना जा रहा है। वहीं विकेटकीपर बल्लेबाज KL Rahul पांचवें नंबर पर उतर सकते हैं। राहुल की भूमिका युवा बल्लेबाजों को संभालने और पारी को आगे बढ़ाने की होगी।

    नीतीश और प्रिंस पर खास नजर
    हार्दिक पंड्या की गैरमौजूदगी में ऑलराउंडर Nitish Kumar Reddy के लिए यह बड़ा अवसर साबित हो सकता है। आईपीएल में शानदार प्रदर्शन के बाद उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी क्षमता दिखाने का मौका मिलेगा।

    वहीं तेज गेंदबाजी विभाग में सबसे ज्यादा चर्चा युवा गेंदबाज Prince Yadav को लेकर है। आईपीएल में प्रभावित करने के बाद उन्हें राष्ट्रीय टीम में जगह मिली है और धर्मशाला में उनके वनडे डेब्यू की संभावना जताई जा रही है। यदि ऐसा होता है तो यह उनके करियर का सबसे यादगार पल होगा।

    स्पिन विभाग में कुलदीप-सुंदर अहम
    स्पिन आक्रमण की जिम्मेदारी Kuldeep Yadav और Washington Sundar पर होगी। कुलदीप अफगान बल्लेबाजों के खिलाफ अपनी फिरकी से बड़ा असर डाल सकते हैं, जबकि सुंदर बल्ले और गेंद दोनों से टीम को संतुलन देंगे।

    भारत की संभावित प्लेइंग इलेवन
    रोहित शर्मा, शुभमन गिल (कप्तान), ईशान किशन, श्रेयस अय्यर, केएल राहुल (विकेटकीपर), नीतीश कुमार रेड्डी, वॉशिंगटन सुंदर, कुलदीप यादव, अर्शदीप सिंह, प्रिंस यादव और प्रसिद्ध कृष्णा।

  • गिल-राहुल के दमदार शतक, भारतीय बल्लेबाजों ने गेंदबाजों के लिए तैयार किया मजबूत मंच

    गिल-राहुल के दमदार शतक, भारतीय बल्लेबाजों ने गेंदबाजों के लिए तैयार किया मजबूत मंच


    नई दिल्ली। मुल्लांपुर स्थित महाराजा यादवेंद्र सिंह अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में खेले जा रहे भारत और अफगानिस्तान के बीच एकमात्र टेस्ट मैच में भारतीय बल्लेबाजों ने दूसरे दिन शानदार प्रदर्शन करते हुए मेहमान टीम के गेंदबाजों को पूरी तरह बैकफुट पर धकेल दिया। मजबूत बल्लेबाजी के दम पर भारत ने अपनी पहली पारी 8 विकेट पर 564 रन बनाकर घोषित की और मुकाबले में मजबूत स्थिति हासिल कर ली।

    दूसरे दिन भारतीय टीम ने शुभमन गिल और ऋषभ पंत के साथ अपनी पारी को आगे बढ़ाया। दोनों बल्लेबाजों ने शुरुआत से ही सकारात्मक रवैया अपनाया और अफगान गेंदबाजों पर दबाव बनाए रखा। कप्तान शुभमन गिल ने जिम्मेदारी भरी पारी खेलते हुए 177 गेंदों में 126 रन बनाए। उनकी पारी में 15 चौके और एक छक्का शामिल रहा। गिल ने एक बार फिर साबित किया कि वह लंबी पारियां खेलने की क्षमता रखते हैं और टीम के शीर्ष क्रम की सबसे मजबूत कड़ी बन चुके हैं।

    दूसरी ओर ऋषभ पंत ने अपनी आक्रामक शैली में बल्लेबाजी करते हुए दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। उन्होंने 81 रन की महत्वपूर्ण पारी खेली, जिसमें छह चौके और तीन शानदार छक्के शामिल थे। हालांकि वह शतक से चूक गए, लेकिन उनकी तेजतर्रार बल्लेबाजी ने भारत की रन गति को लगातार बनाए रखा। गिल और पंत की साझेदारी ने भारतीय टीम को विशाल स्कोर की दिशा में मजबूती प्रदान की।

    ध्रुव जुरेल से भी बड़ी पारी की उम्मीद थी, लेकिन वह 19 रन बनाकर आउट हो गए। इसके बाद वॉशिंगटन सुंदर और टेस्ट पदार्पण कर रहे मानव सुथार ने पारी को संभाला। दोनों खिलाड़ियों ने सातवें विकेट के लिए उपयोगी साझेदारी कर टीम को और मजबूत स्थिति में पहुंचाया। मानव सुथार ने अपने पहले टेस्ट मैच में 28 रन का योगदान देकर सकारात्मक संकेत दिए।

    वॉशिंगटन सुंदर ने निचले क्रम में शानदार बल्लेबाजी करते हुए नाबाद अर्धशतक जमाया। उन्होंने 68 गेंदों में 52 रन बनाए और अंत तक क्रीज पर डटे रहे। उनकी पारी में पांच चौके और एक छक्का शामिल था। सुंदर ने मोहम्मद सिराज के साथ तेज साझेदारी कर टीम के स्कोर को तेजी से आगे बढ़ाया। सिराज ने भी बल्लेबाजी में हाथ दिखाते हुए केवल 12 गेंदों में 22 रन बनाए, जिसमें चार चौके और एक छक्का शामिल रहा। कुलदीप यादव 9 रन बनाकर नाबाद लौटे।

    भारतीय पारी की नींव पहले दिन ही मजबूत हो चुकी थी। यशस्वी जायसवाल ने 24 रन का योगदान दिया, जबकि केएल राहुल ने बेहतरीन शतक जड़ा। राहुल ने 165 गेंदों में 100 रन बनाकर अपनी तकनीक और धैर्य का शानदार प्रदर्शन किया। वहीं साई सुदर्शन ने 81 रन की आकर्षक पारी खेलकर शीर्ष क्रम को मजबूती प्रदान की।

    अफगानिस्तान की ओर से गेंदबाजी में मोहम्मद सलीम सफी सबसे सफल रहे। उन्होंने छह विकेट लेकर भारतीय बल्लेबाजों को चुनौती देने की कोशिश की। जियाउर रहमान और हशमतुल्लाह शाहिदी को एक-एक सफलता मिली। हालांकि भारतीय बल्लेबाजों के सामने अफगान गेंदबाजी काफी हद तक बेअसर नजर आई।

    564 रन का विशाल स्कोर भारत की बल्लेबाजी गहराई और मौजूदा फॉर्म को दर्शाता है। यह अफगानिस्तान के खिलाफ किसी भी टीम द्वारा बनाए गए सबसे बड़े स्कोरों में से एक है। अब भारतीय गेंदबाजों की नजर अफगानिस्तान को जल्द समेटकर मैच पर पूरी पकड़ बनाने पर होगी।

  • आईपीएल 2026: रिकॉर्ड रन बरसात के बीच रबाडा का जलवा, गेंदबाजों में नंबर-1 बने

    आईपीएल 2026: रिकॉर्ड रन बरसात के बीच रबाडा का जलवा, गेंदबाजों में नंबर-1 बने


    नई दिल्ली। आईपीएल 2026 के दूसरे क्वालीफायर मुकाबले के बाद ऑरेंज कैप और पर्पल कैप की रेस और भी दिलचस्प हो गई है। गुजरात टाइटंस (Gujarat Titans) और राजस्थान रॉयल्स (Rajasthan Royals) के बीच खेले गए हाई-स्कोरिंग मुकाबले ने सीजन के बल्लेबाजी और गेंदबाजी आंकड़ों को पूरी तरह बदल दिया है।

    ऑरेंज कैप की दौड़ में राजस्थान के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने अपनी धमाकेदार पारी के दम पर शीर्ष स्थान बनाए रखा है। वैभव ने 47 गेंदों में 96 रनों की बेहतरीन पारी खेली और पूरे सीजन में 16 मैचों में 776 रन बनाकर सबसे आगे बने हुए हैं। उनकी स्ट्राइक रेट 237 के आसपास रही, जो उनकी आक्रामक बल्लेबाजी शैली को दर्शाती है।

    वहीं गुजरात टाइटंस के कप्तान शुभमन गिल ने अपनी 53 गेंदों में 104 रनों की शानदार शतकीय पारी के साथ रेस को और रोमांचक बना दिया है। गिल अब 722 रनों के साथ दूसरे स्थान पर पहुंच गए हैं और लगातार ऑरेंज कैप के मजबूत दावेदार बने हुए हैं। उनके साथी ओपनर साई सुदर्शन भी शानदार फॉर्म में हैं और 710 रन बनाकर तीसरे स्थान पर मौजूद हैं।

    सनराइजर्स हैदराबाद के विकेटकीपर बल्लेबाज हेनरिक क्लासेन ने 624 रन बनाकर चौथा स्थान हासिल किया है, जबकि ईशान किशन 602 रन के साथ टॉप-5 में अपनी जगह बनाए हुए हैं। इस तरह ऑरेंज कैप की दौड़ अब अंतिम मुकाबले से पहले पूरी तरह खुली हुई है, जहां हर पारी रैंकिंग को बदल सकती है।

    दूसरी ओर, पर्पल कैप की रेस में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। गुजरात टाइटंस के तेज गेंदबाज कगिसो रबाडा ने 28 विकेट लेकर शीर्ष स्थान हासिल कर लिया है और भुवनेश्वर कुमार को पीछे छोड़ दिया है। भुवनेश्वर अब 26 विकेट के साथ दूसरे स्थान पर खिसक गए हैं।

    रबाडा ने दूसरे क्वालीफायर में भी 2 विकेट लेकर अपनी बढ़त को मजबूत किया। राजस्थान रॉयल्स के तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर 25 विकेट के साथ तीसरे स्थान पर बने हुए हैं, जबकि चेन्नई सुपर किंग्स के अंशुल कंबोज 21 विकेट लेकर चौथे स्थान पर हैं। सनराइजर्स हैदराबाद के ईशान मलिंगा 20 विकेट के साथ पांचवें स्थान पर हैं।

    अब आईपीएल 2026 का फाइनल मुकाबला रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (Royal Challengers Bengaluru) और गुजरात टाइटंस के बीच अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला जाएगा। इसी मैच के साथ यह भी तय होगा कि ऑरेंज कैप और पर्पल कैप के असली विजेता कौन बनते हैं।

  • GT vs RR: गिल का ऐतिहासिक शतक, प्लेऑफ में रचा नया इतिहास; गुजरात फाइनल में पहुंची

    GT vs RR: गिल का ऐतिहासिक शतक, प्लेऑफ में रचा नया इतिहास; गुजरात फाइनल में पहुंची


    नई दिल्ली। आईपीएल 2026 के दूसरे क्वालीफायर मुकाबले में क्रिकेट प्रेमियों को एक हाई-स्कोरिंग और रोमांचक मैच देखने को मिला, जहां गुजरात टाइटंस (Gujarat Titans) ने राजस्थान रॉयल्स (Rajasthan Royals) को 7 विकेट से हराकर फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली। इस जीत के असली हीरो कप्तान शुभमन गिल रहे, जिन्होंने अपनी ऐतिहासिक बल्लेबाजी से रिकॉर्ड बुक में नया अध्याय जोड़ दिया।

    राजस्थान रॉयल्स ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 6 विकेट पर 214 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया। टीम की ओर से युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 47 गेंदों में 96 रनों की धमाकेदार पारी खेली। उनकी पारी में 8 चौके और 7 छक्के शामिल रहे, जिसने टीम को मजबूत शुरुआत दिलाई। इसके अलावा मध्यक्रम में रवींद्र जडेजा ने 35 गेंदों पर नाबाद 45 रन बनाकर पारी को संभाला, जबकि डोनोवन फेरेरा ने अंतिम ओवरों में 11 गेंदों में 38 रनों की ताबड़तोड़ पारी खेली।

    जीटी की गेंदबाजी में कगिसो रबाडा और जेसन होल्डर ने 2-2 विकेट लेकर महत्वपूर्ण सफलता दिलाई, लेकिन स्कोर बड़ा होने के कारण टीम पर दबाव साफ नजर आया।

    215 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी गुजरात टाइटंस की शुरुआत बेहद धमाकेदार रही। कप्तान शुभमन गिल ने अपनी क्लासिक बल्लेबाजी का प्रदर्शन करते हुए मात्र 53 गेंदों में 104 रन ठोक दिए। उन्होंने अपनी पारी में 15 चौके और 3 छक्के लगाए और विपक्षी गेंदबाजों को कोई मौका नहीं दिया। इस पारी के साथ ही गिल आईपीएल इतिहास में प्लेऑफ मुकाबले में शतक लगाने वाले पहले कप्तान बन गए।

    गिल ने साई सुदर्शन के साथ मिलकर पहले विकेट के लिए 12.5 ओवर में 167 रनों की साझेदारी की, जिसने मैच की दिशा पूरी तरह बदल दी। सुदर्शन ने भी 32 गेंदों में 58 रनों की तेजतर्रार पारी खेली, जिसमें 8 चौके और एक छक्का शामिल था।

    मिडिल ऑर्डर में वॉशिंगटन सुंदर ने 16 रन और राहुल तेवतिया ने नाबाद 17 रनों का योगदान देकर टीम को जीत के करीब पहुंचाया। गुजरात टाइटंस ने यह लक्ष्य 18.4 ओवर में केवल 3 विकेट खोकर हासिल कर लिया।

    इस जीत के साथ गुजरात टाइटंस ने तीसरी बार आईपीएल फाइनल में प्रवेश किया है। अब फाइनल मुकाबले में टीम का सामना रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (Royal Challengers Bengaluru) से अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में होगा, जहां खिताब के लिए जोरदार भिड़ंत देखने को मिलेगी।