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  • सोने की कीमतों में सीमित दायरे में तेजी, एमसीएक्स पर 1.63 लाख रुपये के ऊपर कारोबार, चांदी में 542 रुपये की गिरावट

    सोने की कीमतों में सीमित दायरे में तेजी, एमसीएक्स पर 1.63 लाख रुपये के ऊपर कारोबार, चांदी में 542 रुपये की गिरावट

    नई दिल्ली ।घरेलू वायदा बाजार में मंगलवार को सोने और चांदी की कीमतों में मिला-जुला रुख देखने को मिला। सोने में सीमित दायरे में कारोबार के बीच मामूली बढ़त दर्ज की गई, जबकि चांदी की कीमत में गिरावट रही। वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं और ईरान को लेकर बढ़ते तनाव के बीच निवेशकों की नजर कीमती धातुओं के बाजार पर बनी हुई है।

    मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर दोपहर 12 बजे अक्टूबर 2026 डिलीवरी वाला सोना 247 रुपये यानी 0.15 प्रतिशत की बढ़त के साथ 1,63,476 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था। कारोबार के दौरान सोने ने 1,62,564 रुपये प्रति 10 ग्राम का निचला स्तर और 1,63,617 रुपये प्रति 10 ग्राम का ऊपरी स्तर दर्ज किया।

    सोने की कीमत में दिन के दौरान ज्यादा उतार-चढ़ाव नहीं देखा गया। इससे बाजार में फिलहाल सीमित दायरे में कारोबार का संकेत मिला। मंगलवार सुबह सोना पिछले कारोबारी सत्र के 1,63,229 रुपये प्रति 10 ग्राम के बंद भाव की तुलना में मामूली कमजोरी के साथ 1,63,015 रुपये प्रति 10 ग्राम पर खुला था। बाद में खरीदारी बढ़ने के साथ कीमत में सुधार हुआ और यह 1.63 लाख रुपये के स्तर को पार कर गया।

    दूसरी ओर चांदी के वायदा भाव में कमजोरी रही। सितंबर 2026 डिलीवरी वाली चांदी दोपहर तक 542 रुपये यानी 0.22 प्रतिशत की गिरावट के साथ 2,43,678 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रही थी। दिन के कारोबार में चांदी ने 2,44,420 रुपये प्रति किलोग्राम का ऊपरी स्तर और 2,42,299 रुपये प्रति किलोग्राम का निचला स्तर छुआ।

    चांदी की शुरुआत भी पिछले बंद भाव की तुलना में कमजोर रही। इसका पिछला बंद भाव 2,44,220 रुपये प्रति किलोग्राम था, जबकि मंगलवार सुबह कारोबार की शुरुआत 2,42,299 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर हुई। इसके बाद कीमत में कुछ सुधार आया, लेकिन यह पिछले बंद स्तर से नीचे बनी रही।

    बाजार में सोने की मजबूती के पीछे अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ईरान पर अमेरिका के प्रतिबंधों और ईरान के साथ व्यापार करने वाले देशों पर सेकेंडरी सैंक्शन के खतरे ने वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बढ़ाई है। ऐसे माहौल में सुरक्षित निवेश के विकल्प के रूप में सोने की मांग को समर्थन मिल सकता है।

    अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने की कीमत मजबूत बनी हुई थी। कॉमेक्स पर सोना 0.24 प्रतिशत की तेजी के साथ 4,708 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था। अंतरराष्ट्रीय कीमत का यह स्तर पिछले करीब तीन महीनों में सबसे ऊंचे स्तर के आसपास रहा। दूसरी ओर चांदी लगभग स्थिर रही और करीब 68 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करती दिखाई दी।

    कीमती धातुओं के बाजार में आगे की दिशा वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों, भू-राजनीतिक घटनाक्रम और निवेशकों की धारणा से प्रभावित हो सकती है। सोने को सुरक्षित निवेश की मांग से समर्थन मिलता रहा तो इसकी कीमतों में मजबूती बनी रह सकती है। वहीं चांदी की चाल पर औद्योगिक मांग और वैश्विक बाजारों के संकेतों का भी असर पड़ सकता है।

    फिलहाल घरेलू बाजार की तस्वीर में सोना बढ़त के साथ और चांदी गिरावट के साथ कारोबार कर रही है। निवेशकों के लिए आने वाले कारोबारी सत्रों में अंतरराष्ट्रीय बाजार की दिशा और ईरान से जुड़े घटनाक्रम महत्वपूर्ण संकेतक बने रह सकते हैं।

  • पायल और बिछिया का कालापन हटाने के आसान घरेलू उपाय, गर्म पानी और बेकिंग सोडा से करें चांदी की सफाई

    पायल और बिछिया का कालापन हटाने के आसान घरेलू उपाय, गर्म पानी और बेकिंग सोडा से करें चांदी की सफाई

    नई दिल्ली ।चांदी के गहने जैसे पायल, बिछिया, अंगूठी और अन्य आभूषण लंबे समय तक इस्तेमाल करने के बाद अक्सर काले या फीके दिखाई देने लगते हैं। कई बार गहनों की चमक इतनी कम हो जाती है कि वे पुराने नजर आने लगते हैं। खासकर रोजाना पहने जाने वाले चांदी के आभूषणों में यह समस्या अधिक देखने को मिलती है। हालांकि, चांदी का काला होना हमेशा गंदगी की वजह से नहीं होता।

    चांदी के काले पड़ने की मुख्य वजह एक प्राकृतिक रासायनिक प्रक्रिया है, जिसे टार्निशिंग कहा जाता है। हवा में मौजूद सल्फर या हाइड्रोजन सल्फाइड जैसी गैसों के संपर्क में आने पर चांदी की सतह पर सिल्वर सल्फाइड की परत बन सकती है। यही परत गहनों को काला या मटमैला दिखाती है। नमी, पसीना और रोजमर्रा के इस्तेमाल से भी इस प्रक्रिया को बढ़ावा मिल सकता है।

    चांदी के गहनों को साफ करने के लिए बेकिंग सोडा का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके लिए थोड़े गुनगुने पानी में करीब एक चम्मच बेकिंग सोडा मिलाकर गाढ़ा पेस्ट तैयार करें। इस पेस्ट को मुलायम कपड़े या बहुत नरम ब्रश की मदद से गहने की सतह पर हल्के हाथों से लगाएं। कुछ देर बाद इसे बिना ज्यादा दबाव के साफ करें और पानी से धोकर मुलायम कपड़े से सुखा लें।

    अगर गहने पर ज्यादा कालापन जमा है तो एल्युमिनियम फॉयल वाला तरीका भी अपनाया जा सकता है। एक बर्तन में गर्म पानी लें और उसमें एल्युमिनियम फॉयल का टुकड़ा रखें। इसमें थोड़ी मात्रा में बेकिंग सोडा और नमक डालकर घोल तैयार किया जा सकता है। इसके बाद चांदी के गहनों को कुछ मिनट के लिए इसमें रखें और फिर साफ पानी से अच्छी तरह धो लें।

    इस तरीके में एल्युमिनियम और चांदी के बीच रासायनिक प्रतिक्रिया के जरिए टार्निश की परत को हटाने में मदद मिल सकती है। हालांकि, हर तरह के चांदी के गहने इस प्रक्रिया के लिए उपयुक्त हों, यह जरूरी नहीं है। खासतौर पर नाजुक डिजाइन, ऑक्सीडाइज्ड चांदी, मोती, कीमती पत्थरों या चिपकाए गए सजावटी हिस्सों वाले गहनों पर यह तरीका सावधानी से इस्तेमाल करना चाहिए।

    हल्के दाग और सामान्य गंदगी के लिए साबुन और गुनगुना पानी अपेक्षाकृत सरल तरीका है। गहने को कुछ समय के लिए गुनगुने पानी में रखने के बाद हल्के साबुन से धीरे-धीरे साफ किया जा सकता है। इसके बाद साफ पानी से धोकर सूती या मुलायम कपड़े से पूरी तरह सुखाना जरूरी है।

    चांदी की सफाई करते समय बहुत कठोर ब्रश या ज्यादा रगड़ने से बचना चाहिए। इससे गहने की सतह पर खरोंच आ सकती है। इसी तरह तेज रसायनों या ऐसे क्लीनर का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए जिनके बारे में यह स्पष्ट न हो कि वे चांदी के लिए सुरक्षित हैं।

    सफाई के बाद चांदी के गहनों को नमी से दूर, सूखी और बंद जगह पर रखना बेहतर होता है। उन्हें परफ्यूम, कॉस्मेटिक, पसीने और घरेलू रसायनों के सीधे संपर्क से बचाने पर कालापन अपेक्षाकृत देर से आ सकता है। यदि गहना बहुत महंगा, बेहद नाजुक या कीमती पत्थरों से जड़ा हुआ है, तो घरेलू प्रयोग करने के बजाय विशेषज्ञ से सफाई कराना अधिक सुरक्षित विकल्प हो सकता है।

  • सोने की कीमत में तेजी जारी, एमसीएक्स पर भाव 1.63 लाख रुपए के पार पहुंचा, चांदी में मुनाफावसूली से गिरावट दर्ज

    सोने की कीमत में तेजी जारी, एमसीएक्स पर भाव 1.63 लाख रुपए के पार पहुंचा, चांदी में मुनाफावसूली से गिरावट दर्ज

    नई दिल्ली ।भारतीय वायदा बाजार में सोमवार को सोने की कीमत में तेजी जारी रही और कारोबार के दौरान इसका भाव 1.63 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के स्तर को पार कर गया। दूसरी ओर चांदी की कीमत में गिरावट देखने को मिली। घरेलू बाजार में दोनों कीमती धातुओं के विपरीत रुख ने निवेशकों का ध्यान खींचा है।

    मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी एमसीएक्स पर 5 अक्टूबर 2026 को समाप्त होने वाला सोने का कॉन्ट्रैक्ट पिछली क्लोजिंग के मुकाबले शुरुआती कारोबार में कमजोर स्तर पर खुला। पिछली क्लोजिंग 1,62,438 रुपए प्रति 10 ग्राम थी, जबकि सोमवार को कारोबार की शुरुआत 1,62,052 रुपए प्रति 10 ग्राम से हुई।

    इसके बाद सोने की कीमत में तेजी आई और कारोबार के दौरान यह 0.53 प्रतिशत यानी 862 रुपए की बढ़त के साथ 1,63,300 रुपए प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। दिन के कारोबार में सोने ने 1,62,001 रुपए प्रति 10 ग्राम का निचला स्तर और 1,63,590 रुपए प्रति 10 ग्राम का ऊपरी स्तर दर्ज किया।

    चांदी का प्रदर्शन इसके विपरीत रहा। एमसीएक्स पर 4 सितंबर 2026 को समाप्त होने वाला चांदी का कॉन्ट्रैक्ट पिछली क्लोजिंग 2,46,597 रुपए प्रति किलोग्राम के मुकाबले 2,45,597 रुपए प्रति किलोग्राम पर खुला। इसके बाद इसमें और कमजोरी आई।

    कारोबार के दौरान चांदी 1,098 रुपए यानी 0.46 प्रतिशत की गिरावट के साथ 2,45,499 रुपए प्रति किलोग्राम पर कारोबार करती नजर आई। चांदी ने अब तक के कारोबार में 2,44,815 रुपए प्रति किलोग्राम का निचला स्तर और 2,46,475 रुपए प्रति किलोग्राम का ऊपरी स्तर छुआ।

    अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने और चांदी की चाल एक जैसी नहीं रही। कॉमेक्स पर सोना 0.44 प्रतिशत की तेजी के साथ 4,701 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था, जबकि चांदी 0.68 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 69 डॉलर प्रति औंस पर थी।

    सोने की कीमत में तेजी के पीछे अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में आई गिरावट को प्रमुख कारण माना जा रहा है। अमेरिकी सरकार की ओर से लंबी अवधि के बॉन्ड बायबैक की सीमा 2 अरब डॉलर से बढ़ाकर 4 अरब डॉलर किए जाने के बाद 30 साल के अमेरिकी बॉन्ड की यील्ड में करीब आधा प्रतिशत की कमी आई।

    बॉन्ड यील्ड में गिरावट आम तौर पर सोने जैसे गैर-ब्याज देने वाले निवेश साधनों के लिए समर्थनकारी मानी जाती है। इसी वजह से वैश्विक बाजार में सोने की कीमतों को मजबूती मिली और इसका असर भारतीय वायदा बाजार में भी दिखाई दिया।

    वहीं, चांदी में आई कमजोरी को हाल की तेजी के बाद निवेशकों की मुनाफावसूली से जोड़कर देखा जा रहा है। लगातार तेजी के बाद कुछ निवेशकों द्वारा ऊंचे स्तर पर सौदे कम करने से चांदी पर दबाव बना। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों की दिशा आगे भी वैश्विक आर्थिक संकेतों और बॉन्ड यील्ड की चाल से प्रभावित हो सकती है।

    इसी बीच मजबूत वैश्विक संकेतों के बीच भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत भी बढ़त के साथ हुई। दोनों प्रमुख घरेलू सूचकांकों में शुरुआती कारोबार के दौरान करीब 0.20 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। इससे बाजार में व्यापक स्तर पर सकारात्मक रुख का संकेत मिला।

  • सोना फिर रिकॉर्ड स्तर की ओर बढ़ा, चांदी में भी जोरदार तेजी, वैश्विक घटनाक्रमों से बाजार पर असर

    सोना फिर रिकॉर्ड स्तर की ओर बढ़ा, चांदी में भी जोरदार तेजी, वैश्विक घटनाक्रमों से बाजार पर असर


    नई दिल्ली । सोने और चांदी की कीमतों में अगस्त के दौरान एक बार फिर तेज तेजी देखने को मिली है। महीने के शुरुआती दौर में अपेक्षाकृत नरम रहने के बाद दोनों कीमती धातुओं ने तेजी पकड़ी और पिछले करीब 20 दिनों में सोने का भाव लगभग 10 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम तथा चांदी का भाव करीब 32 हजार रुपये प्रति किलोग्राम बढ़ गया है। इस तेजी ने निवेशकों की नजर एक बार फिर सर्राफा बाजार पर केंद्रित कर दी है।

    इस साल की शुरुआत में भी सोने और चांदी ने रिकॉर्ड स्तर बनाया था। 29 जनवरी को सोने की कीमत करीब 1.76 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गई थी, जबकि चांदी का भाव करीब 3.86 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर रहा था। इसके बाद फरवरी से जुलाई के बीच वैश्विक बाजार की परिस्थितियों और अमेरिकी मौद्रिक नीति से जुड़े फैसलों के कारण दोनों धातुओं की कीमतों में गिरावट आई।

    जुलाई के अंत तक सोने का भाव घटकर करीब 1.42 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर आ गया था। हालांकि अगस्त में बाजार की दिशा फिर बदल गई। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़े तनाव तथा डॉलर इंडेक्स में आई कमजोरी को सोने और चांदी की हालिया तेजी से जोड़कर देखा जा रहा है। अनिश्चितता बढ़ने पर निवेशकों का रुझान अक्सर सुरक्षित निवेश माने जाने वाली कीमती धातुओं की ओर बढ़ता है।

    रविवार को भारतीय बुलियन बाजार में कारोबार बंद रहता है। इसलिए 23 अगस्त को सोने के भाव शुक्रवार के बंद स्तर के आधार पर रहे। प्रमुख शहरों में 24 कैरेट सोने की कीमत मुंबई, चेन्नई, कोलकाता, बेंगलुरु और हैदराबाद में करीब 1,63,090 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई। दिल्ली में इसका भाव करीब 1,63,240 रुपये और अहमदाबाद में करीब 1,63,140 रुपये प्रति 10 ग्राम रहा।

    22 कैरेट सोने की कीमत भी ऊंचे स्तर पर बनी हुई है। कई बड़े शहरों में इसका भाव करीब 1,49,500 रुपये प्रति 10 ग्राम रहा। दिल्ली में 22 कैरेट सोने की कीमत लगभग 1,49,650 रुपये और अहमदाबाद में करीब 1,49,550 रुपये प्रति 10 ग्राम बताई गई।

    चांदी की बात करें तो इसकी कीमत भी अगस्त में काफी मजबूत हुई है। मौजूदा स्तर करीब 2.60 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास है। शहर, गुणवत्ता और स्थानीय बाजार की स्थिति के आधार पर वास्तविक खुदरा कीमत में मामूली अंतर हो सकता है।

    साल 2026 की शुरुआत से भी सोने और चांदी ने निवेशकों को अच्छा रिटर्न दिया है। 31 दिसंबर 2025 को 24 कैरेट सोने की कीमत करीब 1,33,195 रुपये प्रति 10 ग्राम थी, जो अब औसतन करीब 1,60,620 रुपये तक पहुंच चुकी है। यानी साल की शुरुआत से इसमें लगभग 27,425 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। इसी अवधि में चांदी 2,30,420 रुपये से बढ़कर करीब 2,46,630 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है।

    आगे की दिशा वैश्विक तनाव, डॉलर की चाल, ब्याज दरों और केंद्रीय बैंकों की खरीदारी जैसे कारकों पर निर्भर करेगी। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि भू-राजनीतिक तनाव बना रहता है और केंद्रीय बैंक सोने की खरीद जारी रखते हैं, तो साल के अंत तक कीमतों में और तेजी की संभावना बनी रह सकती है। हालांकि कीमती धातुओं में निवेश से पहले बाजार के उतार-चढ़ाव और जोखिम को ध्यान में रखना जरूरी है।

  • Gold Price: सोना 8,257 रुपए महंगा होकर 1.60 लाख के पार, चांदी भी 2.46 लाख रुपए के स्तर पर पहुंची

    Gold Price: सोना 8,257 रुपए महंगा होकर 1.60 लाख के पार, चांदी भी 2.46 लाख रुपए के स्तर पर पहुंची

    नई दिल्ली ।देश के सर्राफा बाजार में इस सप्ताह सोने और चांदी की कीमतों में उल्लेखनीय तेजी दर्ज की गई। दोनों कीमती धातुओं के भाव में लगातार मजबूती देखने को मिली, जिसके चलते 24 कैरेट सोने की कीमत 1.60 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के स्तर को पार कर गई। वहीं, चांदी का भाव भी 2.46 लाख रुपए प्रति किलोग्राम से ऊपर पहुंच गया।

    इंडिया बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन के आंकड़ों के अनुसार, 24 कैरेट सोने का भाव इस सप्ताह 8,257 रुपए बढ़कर 1,60,620 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गया। इससे पहले इसका भाव 1,52,363 रुपए प्रति 10 ग्राम था। इस तरह सप्ताह के दौरान सोने में मजबूत बढ़त दर्ज की गई और निवेशकों का ध्यान एक बार फिर कीमती धातुओं की ओर बढ़ा।

    22 कैरेट सोने की कीमत भी सप्ताह के दौरान तेजी के साथ बढ़ी। इसका भाव 1,39,565 रुपए प्रति 10 ग्राम से बढ़कर 1,47,128 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गया। इसी तरह 18 कैरेट सोने की कीमत 1,14,272 रुपए से बढ़कर 1,20,465 रुपए प्रति 10 ग्राम पहुंच गई। इससे अलग-अलग शुद्धता वाले सोने के भाव में व्यापक तेजी का संकेत मिलता है।

    सप्ताह के दौरान सोने की कीमत में उतार-चढ़ाव भी देखने को मिला। 19 अगस्त की सुबह के सत्र में 24 कैरेट सोने का न्यूनतम भाव 1,52,884 रुपए प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया। इसके बाद कीमत में लगातार मजबूती आई और 21 अगस्त की शाम के सत्र में यह बढ़कर 1,60,620 रुपए प्रति 10 ग्राम के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया।

    सोने की तेजी के साथ चांदी ने भी मजबूत प्रदर्शन किया। चांदी का भाव इस सप्ताह 12,788 रुपए बढ़कर 2,46,630 रुपए प्रति किलो हो गया। इससे पहले इसकी कीमत 2,33,842 रुपए प्रति किलो थी। सप्ताह के दौरान चांदी का न्यूनतम भाव 19 अगस्त की सुबह 2,27,392 रुपए प्रति किलो दर्ज किया गया था।

    इसके बाद चांदी की कीमत में तेजी तेज हुई और 21 अगस्त की शाम को यह 2,46,630 रुपए प्रति किलो के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई। इस तरह सप्ताह के दौरान चांदी की कीमत में भी बड़ा उछाल देखने को मिला।

    बुलियन बाजार में सोने और चांदी के भाव दिन में दो बार जारी किए जाते हैं। सुबह और शाम के सत्र में कीमतों में होने वाले बदलाव से बाजार की दिशा और मांग की स्थिति का पता चलता है। घरेलू कीमतों पर अंतरराष्ट्रीय बाजार की चाल का भी महत्वपूर्ण प्रभाव रहता है।

    अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने और चांदी की कीमतें मजबूत बनी हुई हैं। सोने का भाव करीब 4,600 डॉलर प्रति औंस और चांदी का भाव लगभग 69 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गया है। वैश्विक बाजार में मजबूती का असर घरेलू कीमतों पर भी दिखाई दे रहा है।

    बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, सोने और चांदी में तेजी के पीछे बॉन्ड यील्ड में गिरावट और सुरक्षित निवेश की मांग में बढ़ोतरी प्रमुख कारण हैं। वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों को लेकर अनिश्चितता के बीच निवेशक सुरक्षित परिसंपत्तियों की ओर रुख कर रहे हैं। इससे कीमती धातुओं में खरीदारी को समर्थन मिल रहा है और दोनों धातुओं की कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं।

  • 24 कैरेट सोना 1.62 लाख और चांदी 2.45 लाख रुपये पहुंची, निवेशकों के सामने खरीदारी या इंतजार का सवाल

    24 कैरेट सोना 1.62 लाख और चांदी 2.45 लाख रुपये पहुंची, निवेशकों के सामने खरीदारी या इंतजार का सवाल

    नई दिल्ली ।सर्राफा बाजार में 21 अगस्त 2026 को सोने और चांदी की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिला। घरेलू बाजार में 24 कैरेट शुद्ध सोने का भाव एक दिन में करीब 4300 रुपये बढ़कर 1 लाख 62 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम पहुंच गया। वहीं चांदी की कीमत में भी 10 हजार रुपये प्रति किलोग्राम की बड़ी तेजी दर्ज की गई और इसका भाव 2 लाख 45 हजार रुपये प्रति किलोग्राम हो गया।

    सोने के भाव में यह तेजी ऐसे समय आई है, जब कीमती धातुओं के बाजार पर अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों का असर लगातार बना हुआ है। 20 अगस्त को 24 कैरेट सोना करीब 1 लाख 58 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर था। अगले कारोबारी दिन इसमें अचानक 4300 रुपये की बढ़ोतरी हुई। मौजूदा स्तर पिछले करीब तीन महीनों में सोने के सबसे ऊंचे भावों में शामिल है।

    इससे पहले 26 मई को सोना लगभग इसी स्तर पर पहुंचा था। उस समय 24 कैरेट सोने का भाव करीब 1 लाख 62 हजार 400 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया था। ऐसे में मौजूदा तेजी ने एक बार फिर निवेशकों और आभूषण खरीदारों का ध्यान सोने की कीमतों की ओर खींचा है।

    चांदी के बाजार में भी तेज हलचल देखने को मिली। 20 अगस्त को चांदी करीब 2 लाख 35 हजार रुपये प्रति किलोग्राम पर थी, जो 21 अगस्त को 10 हजार रुपये बढ़कर 2 लाख 45 हजार रुपये प्रति किलोग्राम हो गई। इस स्तर पर चांदी करीब सात सप्ताह के उच्चतम भाव पर पहुंच गई है। इससे पहले 3 जुलाई को चांदी ने 2 लाख 45 हजार रुपये प्रति किलोग्राम का स्तर छुआ था।

    कीमती धातुओं में तेजी के पीछे अंतरराष्ट्रीय बाजार की गतिविधियों को महत्वपूर्ण कारण माना जा रहा है। अमेरिकी डॉलर और बॉन्ड यील्ड में कमजोरी ने सोने की मांग को प्रभावित किया है। जब डॉलर और बॉन्ड प्रतिफल में गिरावट आती है, तो निवेशकों के बीच सोने जैसी सुरक्षित संपत्तियों के प्रति आकर्षण बढ़ सकता है। इसका असर अंतरराष्ट्रीय कीमतों के साथ घरेलू बाजार पर भी पड़ता है।

    अमेरिका और ईरान से जुड़े भू-राजनीतिक घटनाक्रमों ने भी वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बढ़ाई है। ईरान को लेकर अमेरिकी प्रतिबंधों की घोषणा के बाद कच्चे तेल की कीमतों में भी तेजी देखी गई। ऐसे माहौल में निवेशक जोखिम वाली परिसंपत्तियों के मुकाबले सुरक्षित निवेश विकल्पों पर अधिक ध्यान दे सकते हैं।

    अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि सोने और चांदी की कीमतों में इतनी तेज बढ़ोतरी के बाद खरीदारी की जाए या कुछ समय इंतजार किया जाए। इसका जवाब खरीदार के उद्देश्य पर निर्भर करता है। अगर जरूरत शादी, पारिवारिक आयोजन या किसी तय अवसर के लिए है, तो पूरी खरीदारी एक साथ करने के बजाय चरणबद्ध तरीके से खरीदना कीमतों के उतार-चढ़ाव के जोखिम को कम कर सकता है।

    वहीं केवल निवेश के उद्देश्य से खरीदारी करने वाले लोगों के लिए एक दिन की तेज तेजी के बाद जल्दबाजी से बचना महत्वपूर्ण हो सकता है। बाजार में अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम, डॉलर की चाल, बॉन्ड यील्ड और भू-राजनीतिक परिस्थितियों के कारण आगे भी उतार-चढ़ाव संभव है। इसलिए खरीदारी से पहले अपनी जरूरत, निवेश अवधि और जोखिम क्षमता को ध्यान में रखना जरूरी है।

    सोने और चांदी की कीमतों में स्थानीय बाजार, शुद्धता, मेकिंग चार्ज, टैक्स और अन्य लागतों के कारण वास्तविक खरीद मूल्य अलग हो सकता है। इसलिए आभूषण खरीदते समय केवल प्रति 10 ग्राम या प्रति किलोग्राम दर देखने के बजाय अंतिम बिल और सभी शुल्कों की जानकारी लेना भी जरूरी है।

  • वैश्विक दबाव में सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट, एमसीएक्स पर सिल्वर करीब दो प्रतिशत फिसली

    वैश्विक दबाव में सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट, एमसीएक्स पर सिल्वर करीब दो प्रतिशत फिसली


    नई दिल्ली । 
    वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेतों और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी के बीच बुधवार को घरेलू सर्राफा और वायदा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कीमती धातुओं पर बने दबाव का असर भारतीय बाजार पर भी दिखाई दिया। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर चांदी में करीब दो प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि सोना भी 1.54 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर से नीचे कारोबार करता नजर आया।

    अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर सोना 4350 डॉलर प्रति औंस के नीचे कारोबार करता रहा। इसी तरह हाजिर चांदी करीब 62.8 डॉलर प्रति औंस के स्तर के आसपास कमजोर बनी रही। वैश्विक बाजार में कीमतों में नरमी के साथ घरेलू निवेशकों की बिकवाली ने भी कीमती धातुओं पर दबाव बढ़ाया।

    एमसीएक्स पर सितंबर डिलीवरी वाली चांदी पिछले कारोबारी सत्र के 2,32,419 रुपये प्रति किलोग्राम के बंद भाव से गिरकर 2,27,931 रुपये प्रति किलोग्राम के दिन के निचले स्तर तक पहुंच गई। इस स्तर पर चांदी में 4,488 रुपये यानी 1.93 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। बाद में इसमें कुछ सुधार हुआ और कारोबार के दौरान चांदी 3,734 रुपये यानी 1.61 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 2,28,685 रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास रही।

    बाजार विश्लेषकों के मुताबिक व्यापक कमोडिटी बाजार में कमजोरी और मुनाफावसूली ने चांदी पर अतिरिक्त दबाव डाला। चांदी की कीमतों पर औद्योगिक मांग से जुड़े संकेतों और निवेश धारणा का भी असर पड़ता है, इसलिए बाजार में जोखिम बढ़ने पर इसमें सोने की तुलना में अधिक उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।

    सोने के वायदा भाव में भी गिरावट दर्ज की गई। एमसीएक्स पर अक्टूबर डिलीवरी वाला गोल्ड फ्यूचर्स अपने पिछले बंद भाव 1,54,262 रुपये प्रति 10 ग्राम से 858 रुपये यानी 0.55 प्रतिशत गिरकर 1,53,404 रुपये प्रति 10 ग्राम के निचले स्तर पर पहुंचा। बाद में सोने में कुछ सुधार आया और यह 581 रुपये यानी 0.38 प्रतिशत की गिरावट के साथ 1,53,681 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास कारोबार करता रहा।

    अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की नरमी के साथ डॉलर इंडेक्स की मजबूती ने भी घरेलू कीमतों को प्रभावित किया। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में लगातार बढ़ोतरी को कीमती धातुओं के लिए महत्वपूर्ण दबाव वाले कारकों में शामिल किया जा रहा है। ऊंची बॉन्ड यील्ड निवेशकों को निश्चित रिटर्न वाले विकल्पों की ओर आकर्षित कर सकती है, जिससे ब्याज नहीं देने वाली संपत्तियों की मांग प्रभावित होती है।

    कच्चे तेल की ऊंची कीमतों ने भी बाजार की चिंता बढ़ाई है। डब्ल्यूटीआई क्रूड और ब्रेंट क्रूड की कीमतें क्रमशः करीब 85.5 डॉलर और 91.5 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बनी हुई हैं। महंगे तेल से वैश्विक महंगाई बढ़ने की आशंका पैदा होती है, जिससे प्रमुख केंद्रीय बैंकों की ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर बनाए रखने की संभावना मजबूत हो सकती है।

    मध्य पूर्व की स्थिति भी सोने और चांदी की आगे की दिशा के लिए महत्वपूर्ण बनी हुई है। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव तथा होर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षा संबंधी चिंताएं बाजार की धारणा को प्रभावित कर रही हैं। ऐसे में निवेशक अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति से जुड़े संकेतों पर नजर बनाए हुए हैं।

    बाजार विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले दिनों में अमेरिकी आर्थिक आंकड़े, ब्याज दरों को लेकर फेडरल रिजर्व का रुख, बॉन्ड यील्ड और भू-राजनीतिक घटनाक्रम कीमती धातुओं की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। यदि बॉन्ड यील्ड और कच्चे तेल की कीमतों में मजबूती बनी रहती है तो सोने और चांदी पर दबाव जारी रह सकता है। दूसरी ओर वैश्विक तनाव बढ़ने या ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद मजबूत होने पर दोनों धातुओं को दोबारा सुरक्षित निवेश की मांग से समर्थन मिल सकता है।

  • सोना 1.54 लाख रुपये के पार, चांदी 2.35 लाख पर पहुंची, घरेलू बाजार में कीमती धातुओं की कीमतों में तेज उछा

    सोना 1.54 लाख रुपये के पार, चांदी 2.35 लाख पर पहुंची, घरेलू बाजार में कीमती धातुओं की कीमतों में तेज उछा

    नई दिल्ली । सोने और चांदी की कीमतों में सोमवार को मजबूत तेजी दर्ज की गई। घरेलू सराफा बाजार में दोनों कीमती धातुओं के भाव में करीब 1,800 रुपये तक की बढ़ोतरी हुई। इस तेजी के बाद 24 कैरेट सोने की कीमत 1.54 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के पार पहुंच गई, जबकि चांदी का भाव भी 2.35 लाख रुपये प्रति किलोग्राम से ऊपर चला गया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी दोनों धातुओं की कीमतों में बढ़त रही, जिसका असर घरेलू बाजार पर दिखाई दिया।

    घरेलू बाजार में 24 कैरेट सोने का भाव 1,804 रुपये बढ़कर 1,54,167 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया। इससे पहले सोना 1,52,363 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था। एक ही कारोबारी सत्र में इतनी बढ़ोतरी से सोने की कीमत ने फिर ऊंचे स्तर की ओर रुख किया है। निवेशकों के साथ आभूषण बाजार की नजर भी अब आगे की कीमतों पर बनी हुई है।

    22 कैरेट सोने की कीमत में भी तेजी रही। इसका भाव 1,652 रुपये बढ़कर 1,41,217 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया, जबकि इससे पहले कीमत 1,39,565 रुपये थी। इसी तरह 18 कैरेट सोना 1,353 रुपये महंगा होकर 1,15,625 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। पिछले कारोबारी स्तर पर इसकी कीमत 1,14,272 रुपये थी।

    चांदी ने भी सोमवार के कारोबार में मजबूती दिखाई। इसकी कीमत 1,800 रुपये बढ़कर 2,35,642 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई। इससे पहले चांदी 2,33,842 रुपये प्रति किलोग्राम पर थी। चांदी में यह तेजी ऐसे समय में आई है, जब औद्योगिक मांग और निवेश से जुड़े कारकों के कारण वैश्विक बाजार में भी इस धातु की कीमतों पर लगातार नजर बनी हुई है।

    हाजिर बाजार के अलावा वायदा कारोबार में भी सोने और चांदी की कीमतों में तेजी रही। एमसीएक्स पर 5 अक्टूबर 2026 के सोने के अनुबंध में 1,419 रुपये यानी 0.92 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज हुई और भाव 1,55,925 रुपये प्रति 10 ग्राम पहुंच गया। इससे घरेलू वायदा बाजार में भी खरीदारी का रुख मजबूत रहने का संकेत मिला।

    चांदी के वायदा अनुबंध में भी बढ़त दर्ज की गई। 4 सितंबर 2026 का अनुबंध 2,419 रुपये यानी 1.03 प्रतिशत की तेजी के साथ 2,38,343 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया। हाजिर और वायदा दोनों बाजारों में एक साथ तेजी से कीमती धातुओं के कारोबार में मजबूती का संकेत मिला है।

    अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने और चांदी की कीमतों में बढ़ोतरी देखी गई। कॉमेक्स पर सोना 0.83 प्रतिशत बढ़कर 4,474 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। वहीं चांदी में 2.05 प्रतिशत की तेजी रही और इसका भाव 66.43 डॉलर प्रति औंस दर्ज किया गया। वैश्विक बाजार की यह मजबूती घरेलू कीमतों को भी समर्थन देती दिखाई दी।

    बाजार विशेषज्ञों की नजर अब अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक के मिनट्स पर है। निवेशकों को उम्मीद है कि इससे ब्याज दरों की आगे की दिशा और मौद्रिक नीति को लेकर संकेत मिल सकते हैं। ब्याज दरों से जुड़े संकेत वैश्विक स्तर पर सोने की मांग और कीमतों को प्रभावित कर सकते हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय बाजार, फेड के रुख और निवेशकों की गतिविधियां सोने तथा चांदी की अगली चाल के लिए महत्वपूर्ण रहेंगी।

  • सोने की कीमत में एक दिन में 2800 रुपये की बड़ी गिरावट, 24 कैरेट गोल्ड के भाव में फिर दिखा नरमी का असर

    सोने की कीमत में एक दिन में 2800 रुपये की बड़ी गिरावट, 24 कैरेट गोल्ड के भाव में फिर दिखा नरमी का असर


    नई दिल्ली ।
    सोने और चांदी की कीमतों में पिछले दिनों की तेजी के बाद अब नरमी का दौर देखने को मिल रहा है। दिल्ली के सर्राफा बाजार में 13 अगस्त को सोने के भाव में एक दिन में 2,800 रुपये प्रति 10 ग्राम की बड़ी गिरावट दर्ज की गई। लगातार करीब एक सप्ताह तक तेजी रहने के बाद आई इस गिरावट ने बाजार में खरीदारी करने वाले ग्राहकों का ध्यान खींचा है। चांदी की कीमत में भी गुरुवार को भारी गिरावट दर्ज की गई और इसके भाव में करीब 6,000 रुपये प्रति किलोग्राम की कमी आई।

    गिरावट के बाद दिल्ली में 24 कैरेट सोने का भाव 1,57,000 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया। इससे पहले पिछले कारोबारी सत्र में इसकी कीमत 1,59,800 रुपये प्रति 10 ग्राम थी। इस तरह एक ही दिन में सोने की कीमत में 2,800 रुपये की कमी आई। लगातार बढ़ रहे भाव के बीच यह गिरावट सोना खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

    शुक्रवार को भी सोने की कीमतों में मामूली कमजोरी दिखाई दे रही है। उपलब्ध ताजा भाव के मुताबिक 24 कैरेट सोना 10 रुपये की गिरावट के साथ 1,53,590 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है। इससे पहले इसका भाव 1,53,600 रुपये प्रति 10 ग्राम था। हालांकि एक दिन पहले की बड़ी गिरावट की तुलना में शुक्रवार की कमी काफी मामूली है।

    22 कैरेट सोने की कीमत भी 10 रुपये नीचे आई है। शुक्रवार को 22 कैरेट सोना 1,40,790 रुपये प्रति 10 ग्राम के भाव पर दर्ज किया गया। वहीं 18 कैरेट सोने की कीमत 1,15,190 रुपये प्रति 10 ग्राम है। इसमें भी पिछले कारोबारी भाव की तुलना में 10 रुपये की मामूली गिरावट दर्ज की गई है।

    सोने के साथ चांदी के भाव में भी नरमी बनी हुई है। शुक्रवार को चांदी की कीमत 10 रुपये प्रति किलोग्राम की मामूली गिरावट के साथ 2,54,900 रुपये प्रति किलोग्राम बताई गई है। इससे पिछले कारोबारी सत्र में चांदी 2,55,000 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर थी। यानी एक दिन में मामूली कमी के बावजूद चांदी अब भी काफी ऊंचे भाव पर कारोबार कर रही है।

    वर्तमान भाव के हिसाब से चांदी की कीमत प्रति ग्राम 254.90 रुपये है। वहीं 8 ग्राम चांदी की कीमत 2,039.20 रुपये और 10 ग्राम का भाव 2,549 रुपये है। 100 ग्राम चांदी खरीदने पर इसकी कीमत करीब 25,490 रुपये बैठती है। इन कीमतों में स्थानीय बाजार, टैक्स, मेकिंग चार्ज और अन्य शुल्क के कारण वास्तविक खरीद मूल्य अलग हो सकता है।

    सोने की कीमतों में अचानक आई बड़ी गिरावट के बाद अब बाजार की नजर आगे के कारोबार पर है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की चाल, डॉलर की स्थिति, निवेशकों की मांग और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां घरेलू कीमतों को प्रभावित कर सकती हैं। ऐसे में लगातार तेजी के बाद आई यह नरमी ग्राहकों को कुछ राहत दे सकती है, लेकिन खरीदारी से पहले स्थानीय बाजार का ताजा भाव और लागू शुल्क जरूर जांचना जरूरी है।

  • अमेरिका-ईरान तनाव के बीच सोना-चांदी चमके, सुरक्षित निवेश की मांग बढ़ने से घरेलू बाजार में कीमतें उछलीं

    अमेरिका-ईरान तनाव के बीच सोना-चांदी चमके, सुरक्षित निवेश की मांग बढ़ने से घरेलू बाजार में कीमतें उछलीं

    नई दिल्ली ।अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव तथा वैश्विक बाजारों में सुरक्षित निवेश की मांग के बीच बुधवार को सोने और चांदी की कीमतों में मजबूती देखने को मिली। घरेलू व अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कीमती धातुओं में खरीदारी बढ़ी, जबकि निवेशकों की नजर अमेरिका के महंगाई आंकड़ों पर बनी हुई है। इन आंकड़ों से आगे अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीति को लेकर संकेत मिलने की उम्मीद है।

    मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी एमसीएक्स पर अक्टूबर डिलीवरी वाला गोल्ड फ्यूचर्स पिछले बंद भाव 1,53,765 रुपये की तुलना में 1,182 रुपये की बढ़त के साथ 1,54,947 रुपये प्रति 10 ग्राम पर खुला। कारोबार के दौरान सोना 1,54,950 रुपये के उच्चतम स्तर तक पहुंच गया। इसका निचला स्तर 1,54,323 रुपये रहा।

    कारोबार के दौरान सोने में 0.77 प्रतिशत तक की बढ़त दर्ज की गई। खबर लिखे जाने तक सोना 895 रुपये यानी 0.58 प्रतिशत की तेजी के साथ 1,54,660 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा था। हालांकि सोना इस वर्ष के 1,80,779 रुपये प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड उच्च स्तर से अभी काफी नीचे है।

    चांदी में भी मजबूत तेजी देखने को मिली। एमसीएक्स पर सितंबर डिलीवरी वाला सिल्वर फ्यूचर्स 2,35,659 रुपये के पिछले बंद भाव के मुकाबले 2,314 रुपये की बढ़त के साथ 2,37,973 रुपये प्रति किलोग्राम पर खुला। कारोबार के दौरान चांदी 2,38,271 रुपये के उच्चतम स्तर तक पहुंची।

    चांदी का इंट्रा-डे उच्च स्तर पिछले बंद भाव से 1.10 प्रतिशत यानी 2,612 रुपये अधिक रहा। इसका निचला स्तर 2,36,500 रुपये दर्ज किया गया। खबर लिखे जाने तक चांदी 1,241 रुपये यानी 0.53 प्रतिशत की तेजी के साथ 2,36,900 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रही थी।

    अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी कीमती धातुओं में मजबूती रही। कॉमेक्स पर सोना 4,430 डॉलर प्रति औंस पर खुलने के बाद 4,473.50 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गया। यह पिछले बंद भाव की तुलना में 32.40 डॉलर की बढ़त को दर्शाता है।

    कॉमेक्स पर चांदी 64.87 डॉलर प्रति औंस पर खुली और कारोबार के दौरान 65.90 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गई। वैश्विक बाजार में चांदी में करीब 0.97 डॉलर प्रति औंस की बढ़त दर्ज हुई। अंतरराष्ट्रीय बाजार की इस मजबूती का असर भारतीय वायदा बाजार में भी दिखाई दिया।

    बाजार में इस समय अमेरिकी उपभोक्ता मूल्य सूचकांक यानी सीपीआई के आंकड़ों को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। महंगाई के आंकड़े फेडरल रिजर्व की आगामी ब्याज दर नीति को प्रभावित कर सकते हैं। यदि महंगाई में नरमी के संकेत मिलते हैं तो ब्याज दरों को लेकर बाजार की उम्मीदों में बदलाव आ सकता है।

    हाल के कमजोर रोजगार आंकड़ों के बाद सितंबर में फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दर बढ़ाने की संभावना घटकर 48 प्रतिशत रह गई है। हालांकि अमेरिकी केंद्रीय बैंक के अधिकारियों के बीच महंगाई को लेकर मतभेद बने हुए हैं। शिकागो फेड के अध्यक्ष ऑस्टन गूल्सबी ने भी महंगाई को चिंता का विषय बताया है।

    सोने और चांदी की कीमतों को प्रभावित करने वाले अन्य प्रमुख कारकों में भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतें भी शामिल हैं। अमेरिका-ईरान तनाव, होर्मुज जलडमरूमध्य में अनिश्चितता और समुद्री जहाजों से जुड़ी घटनाओं ने ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ाई है। ऐसे माहौल में निवेशक जोखिम से बचने के लिए कीमती धातुओं की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे सोने और चांदी की कीमतों को सहारा मिल रहा है।