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  • सोना-चांदी की कीमतों में बड़ी बढ़ोतरी, अगस्त के छह दिनों में निवेशकों को मिला मजबूत तेजी का संकेत

    सोना-चांदी की कीमतों में बड़ी बढ़ोतरी, अगस्त के छह दिनों में निवेशकों को मिला मजबूत तेजी का संकेत


    नई दिल्ली ।
    घरेलू सर्राफा बाजार में गुरुवार को सोने और चांदी की कीमतों में एक बार फिर जोरदार तेजी दर्ज की गई। 24 कैरेट सोने का भाव प्रति 10 ग्राम ₹2,735 बढ़कर ₹1,48,361 पर पहुंच गया, जबकि चांदी की कीमत ₹931 की बढ़त के साथ ₹2,25,493 प्रति किलोग्राम दर्ज की गई। अगस्त महीने की शुरुआत से अब तक केवल छह दिनों के भीतर सोना ₹5,501 और चांदी ₹7,198 महंगी हो चुकी है। लगातार बढ़ती कीमतों ने एक बार फिर निवेशकों और आभूषण खरीदारों का ध्यान अपनी ओर खींचा है।

    देश के प्रमुख शहरों में भी सोने के दाम ऊंचे स्तर पर बने हुए हैं। दिल्ली, जयपुर और लखनऊ जैसे शहरों में 24 कैरेट सोना लगभग ₹1.49 लाख प्रति 10 ग्राम के करीब पहुंच गया है। भोपाल, पटना और अहमदाबाद में भी कीमतें लगभग इसी स्तर पर बनी हुई हैं, जबकि मुंबई, कोलकाता और रायपुर में भाव कुछ कम रहने के बावजूद रिकॉर्ड ऊंचाई के आसपास बने हुए हैं। इससे स्पष्ट है कि पूरे देश में सर्राफा बाजार में तेजी का माहौल कायम है।

    कैरेट के आधार पर भी सोने की कीमतों में उल्लेखनीय अंतर देखने को मिला। 24 कैरेट सोने का भाव ₹1,48,361, 22 कैरेट का ₹1,35,899, 18 कैरेट का ₹1,11,271 और 14 कैरेट सोने का भाव ₹86,791 प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया। शुद्धता के अनुसार कीमतों में यह अंतर उपभोक्ताओं को अपनी जरूरत और बजट के अनुरूप विकल्प चुनने का अवसर देता है।

    यदि पूरे वर्ष के प्रदर्शन पर नजर डालें तो वर्ष 2026 में अब तक सोने की कीमत में लगभग ₹15 हजार की बढ़ोतरी दर्ज की जा चुकी है। वर्ष 2025 के अंतिम कारोबारी दिन सोने का भाव करीब ₹1.33 लाख प्रति 10 ग्राम था, जो अब बढ़कर ₹1.48 लाख के स्तर पर पहुंच गया है। हालांकि चांदी की कीमत साल की शुरुआत की तुलना में अभी भी कुछ नीचे बनी हुई है। वर्ष के दौरान दोनों धातुओं ने अपने उच्चतम स्तर भी छुए थे, जिसके बाद कीमतों में उतार-चढ़ाव का दौर जारी रहा।

    बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा स्तर पर भी सोना और चांदी लंबी अवधि के निवेशकों के लिए आकर्षक विकल्प बने हुए हैं। उनका सुझाव है कि निवेश एकमुश्त करने के बजाय चरणबद्ध तरीके से किया जाए, जिससे कीमतों में होने वाले उतार-चढ़ाव का जोखिम कम किया जा सके। उनका अनुमान है कि यदि वैश्विक और घरेलू परिस्थितियां अनुकूल रहीं तो वर्ष के अंत तक सोना ₹1.60 लाख प्रति 10 ग्राम और चांदी ₹2.80 लाख प्रति किलोग्राम तक पहुंच सकती है।

    जो निवेशक भौतिक सोना या चांदी खरीदने के बजाय बाजार आधारित विकल्प चाहते हैं, उनके लिए गोल्ड और सिल्वर ETF भी एक प्रभावी माध्यम माने जा रहे हैं। इन योजनाओं में निवेश शेयर बाजार की तरह डीमैट खाते के माध्यम से किया जा सकता है। इसमें वास्तविक धातु की डिलीवरी नहीं मिलती, बल्कि निवेशक को उस समय के बाजार मूल्य के अनुसार लाभ या हानि प्राप्त होती है। कम राशि से निवेश शुरू करने की सुविधा के कारण यह विकल्प छोटे निवेशकों के बीच भी लगातार लोकप्रिय हो रहा है।

  • गोल्ड मेडल की असली सच्चाई आई सामने, जानें किस धातु से बनता है स्वर्ण पदक और क्यों चढ़ाई जाती है सोने की परत

    गोल्ड मेडल की असली सच्चाई आई सामने, जानें किस धातु से बनता है स्वर्ण पदक और क्यों चढ़ाई जाती है सोने की परत

    नई दिल्ली । अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में जब कोई एथलीट स्वर्ण पदक जीतता है, तो उसकी चमक पूरे देश को गौरवान्वित करती है। आम तौर पर लोगों की धारणा यही रहती है कि यह पदक पूरी तरह से ठोस सोने का बना होता है। हालांकि वास्तविक सच इससे काफी अलग है। आधुनिक ओलंपिक और बड़ी वैश्विक खेल प्रतियोगिताओं में दिए जाने वाले गोल्ड मेडल पूरी तरह सोने के नहीं होते, बल्कि इन्हें खास अंतरराष्ट्रीय मानकों और वैज्ञानिक प्रक्रियाओं के तहत तैयार किया जाता है।

    खेल नियमों के अनुसार एक स्वर्ण पदक का मुख्य हिस्सा चांदी का बना होता है। किसी भी मानक गोल्ड मेडल में कम से कम 92.5 प्रतिशत शुद्ध चांदी का उपयोग किया जाता है। इसके ऊपरी हिस्से पर ही केवल असली सोने की एक पतली परत चढ़ाई जाती है। यही परत पदक को उसकी खास सुनहरी चमक और पहचान प्रदान करती है, जिससे यह देखने में पूरी तरह सोने का प्रतीत होता है।

    अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति के नियमों के तहत एक स्वर्ण पदक का कुल वजन सामान्यतः 500 ग्राम के आसपास रखा जाता है। इतने वजन वाले पदक में मात्र 6 ग्राम शुद्ध सोना होना अनिवार्य होता है, जो ऊपर से कोटेड होता है। बाकी का पूरा हिस्सा उच्च गुणवत्ता वाली चांदी से ही निर्मित होता है। यदि पूरा पदक शुद्ध सोने से तैयार किया जाए, तो इसकी लागत काफी अधिक बढ़ जाएगी और यह व्यावहारिक नहीं रहेगा।

    शुद्ध सोना एक बेहद मुलायम धातु मानी जाती है, जिससे यदि पूरा मेडल बनाया जाए तो उसके आसानी से मुड़ने या खराब होने का जोखिम बना रहता है। चांदी अधिक मजबूत, टिकाऊ और लंबे समय तक सुरक्षित रहने वाली धातु है। इसी कारण चांदी के आधार पर सोने की कोटिंग करना सबसे उपयुक्त और टिकाऊ विकल्प माना जाता है।

    अगर इतिहास की बात करें तो वर्ष 1912 के स्टॉकहोम ओलंपिक तक खिलाड़ियों को पूरी तरह सोने के बने मेडल ही दिए जाते थे। इसके बाद प्रथम विश्व युद्ध के दौरान और बढ़ती लागत के चलते नियमों में बदलाव किया गया। वर्तमान व्यवस्था में केवल सोने की परत चढ़ाने का नियम लागू है, जिससे पदकों की गुणवत्ता और मजबूती दोनों बनी रहती है।

    किसी भी खिलाड़ी के लिए स्वर्ण पदक की असली कीमत उसकी धातु की बाजार दर से नहीं तय होती। यह पदक वर्षों की कड़ी मेहनत, त्याग, अनुशासन और अपने देश को शीर्ष पर पहुंचाने के गौरव का प्रतीक होता है। यही ऐतिहासिक और भावनात्मक सम्मान इस पदक को दुनिया का सबसे प्रतिष्ठित खेल पुरस्कार बनाता है।

  • सप्ताह की शुरुआत में चमके सोना-चांदी के भाव, गिरावट के बाद लौटी तेजी, जानें 24 कैरेट गोल्ड और सिल्वर का नया रेट

    सप्ताह की शुरुआत में चमके सोना-चांदी के भाव, गिरावट के बाद लौटी तेजी, जानें 24 कैरेट गोल्ड और सिल्वर का नया रेट

    नई दिल्ली । कारोबारी सप्ताह के पहले दिन घरेलू वायदा बाजार में सोना और चांदी की कीमतों में शानदार तेजी दर्ज की गई है। पिछले कारोबारी सत्रों में लगातार दर्ज की जा रही गिरावट के बाद दोनों कीमती धातुओं की कीमतों में सोमवार को सुधार देखने को मिला। बाजार में आई इस नई तेजी से निवेशकों और कारोबारियों के चेहरे खिल उठे हैं। हालांकि ताजा रिकवरी के बावजूद चांदी अभी भी अपने सर्वकालिक उच्च स्तर से काफी निचले स्तर पर बनी हुई है, जबकि सोने में भी सकारात्मक गति दर्ज की गई है।

    मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज में सितंबर एक्सपायरी वाले चांदी के अनुबंध ने सोमवार को बढ़त के साथ व्यापार की शुरुआत की। पिछले सत्र में चांदी का भाव 2,17,198 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुआ था, जो नए सत्र की शुरुआत में उछलकर 2,18,709 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर पहुंच गया। इस प्रकार चांदी की कीमत में प्रति किलोग्राम 1,511 रुपये की सीधी बढ़ोतरी दर्ज की गई। बाजार में आई इस उछाल ने पिछले सप्ताह की सुस्ती को दूर करते हुए कारोबारियों में नया उत्साह भरा है।

    बीते कारोबारी सप्ताह के दौरान चांदी की दरों में काफी दबाव देखा गया था। 24 जुलाई को चांदी का भाव 2,22,138 रुपये प्रति किलोग्राम दर्ज किया गया था, जो सप्ताह के अंतिम कारोबारी दिन तक गिरकर 2,17,198 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गया था। महज पांच कारोबारी दिनों के भीतर चांदी करीब 4,940 रुपये प्रति किलोग्राम तक सस्ती हो गई थी। सोमवार को दर्ज की गई तेजी से इस बड़ी गिरावट की आंशिक भरपाई संभव हो सकी है, लेकिन बाजार को पूरी तरह उबरने में अभी समय लग सकता है।

    यदि चांदी के लंबे समय के आंकड़ों और ऐतिहासिक प्रदर्शन का आकलन किया जाए तो इस धातु ने चालू वर्ष के जनवरी महीने में एक नया रिकॉर्ड स्थापित किया था। उस दौरान चांदी की कीमत इतिहास में पहली बार 4 लाख रुपये के आंकड़े को पार करते हुए 4,20,048 रुपये प्रति किलोग्राम के उच्चतम स्तर तक जा पहुंची थी। वर्तमान बाजार मूल्य की तुलना करें तो चांदी अभी भी अपने उस रिकॉर्ड स्तर से लगभग 2,01,339 रुपये प्रति किलोग्राम सस्ती बिक रही है। इससे संकेत मिलता है कि बाजार में रिकवरी की बड़ी संभावना मौजूद है।

    सोने के बाजार में भी सप्ताह के पहले दिन मजबूती का रुख देखा गया। अगस्त एक्सपायरी वाले 24 कैरेट सोने का वायदा भाव पिछले कारोबारी दिन 1,41,511 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। सोमवार को बाजार खुलते ही यह बढ़त के साथ 1,41,820 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। इस तरह सोने में प्रति 10 ग्राम 309 रुपये की वृद्धि दर्ज की गई। विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार के सकारात्मक संकेतों और स्थानीय मांग के कारण सोने को यह समर्थन प्राप्त हुआ है।

    पिछला हफ्ता सोने के लिए भी सुस्ती भरा साबित हुआ था। 24 जुलाई को सोने की कीमत 1,43,106 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर थी, जो सप्ताहांत तक घटकर 1,41,511 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गई थी। इस अवधि में सोने के दाम में करीब 1,595 रुपये प्रति 10 ग्राम की नरमी दर्ज की गई थी। मध्य प्रदेश समेत देशभर के सर्राफा बाजारों में कारोबारी अब वैश्विक आर्थिक आंकड़ों और मुद्रास्फीति के संकेतों पर पैनी नजर बनाए हुए हैं, जिससे आने वाले दिनों में सराफा बाजार की आगे की दिशा तय होगी।

  • आज कितना बदला सोने-चांदी का रेट? खरीदारी से पहले 24K, 22K, 18K के ताजा भाव जरूर देखें

    आज कितना बदला सोने-चांदी का रेट? खरीदारी से पहले 24K, 22K, 18K के ताजा भाव जरूर देखें

    नई दिल्ली । 3 अगस्त को सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में सीमित बदलाव देखने को मिला। पिछले कारोबारी दिन की तुलना में सोने के विभिन्न कैरेट की कीमतों में मामूली अंतर दर्ज किया गया, जबकि चांदी के भाव में भी हल्की गिरावट देखने को मिली। हालांकि कीमतों में बड़ा बदलाव नहीं होने से बाजार में स्थिरता का माहौल बना हुआ है और खरीदारी की योजना बना रहे उपभोक्ताओं के लिए यह स्थिति महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

    आज 24 कैरेट सोने का भाव 1,44,210 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया। वहीं 22 कैरेट सोना 1,32,190 रुपये प्रति 10 ग्राम और 18 कैरेट सोना 1,08,150 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार करता नजर आया। पिछले दिन की तुलना में इन कीमतों में केवल मामूली बदलाव हुआ है, जिससे यह साफ है कि फिलहाल बाजार में तेज उतार-चढ़ाव नहीं देखा जा रहा है।

    चांदी की बात करें तो आज एक किलोग्राम चांदी का भाव 2,34,900 रुपये दर्ज किया गया। पिछले कारोबारी दिन के मुकाबले इसमें करीब 100 रुपये की कमी देखने को मिली। हालांकि यह गिरावट बहुत बड़ी नहीं मानी जा रही, लेकिन लगातार कीमतों पर नजर रखने वाले निवेशकों और खरीदारों के लिए यह बदलाव महत्वपूर्ण हो सकता है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर की चाल, वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां और निवेशकों की मांग जैसे कई कारक सोने और चांदी की कीमतों को प्रभावित करते हैं। यही वजह है कि घरेलू बाजार में भी समय-समय पर कीमतों में बदलाव देखने को मिलता है। फिलहाल बाजार में स्थिरता बनी हुई है, जिससे उपभोक्ताओं को अचानक बढ़ी कीमतों का सामना नहीं करना पड़ रहा।

    ज्वेलरी खरीदने की योजना बना रहे लोगों को केवल कीमत पर ही नहीं, बल्कि सोने की शुद्धता पर भी विशेष ध्यान देना चाहिए। आभूषण खरीदते समय बीआईएस हॉलमार्क और छह अंकों वाला एचयूआईडी कोड अवश्य जांचना चाहिए। इससे आभूषण की प्रमाणिकता सुनिश्चित होती है और भविष्य में किसी भी प्रकार की परेशानी की संभावना कम हो जाती है।

    चांदी खरीदते समय भी गुणवत्ता की जांच आवश्यक मानी जाती है। बाजार में उपलब्ध चांदी पर बीआईएस हॉलमार्क और उसकी शुद्धता का प्रमाण देखना उपभोक्ताओं के हित में होता है। विशेष रूप से 925 स्टर्लिंग सिल्वर को बेहतर गुणवत्ता का मानक माना जाता है, इसलिए खरीदारी से पहले इसकी पुष्टि करना उचित रहता है।

    ध्यान देने वाली बात यह भी है कि बाजार में बताए जाने वाले सोने के मूल भाव में मेकिंग चार्ज, जीएसटी और अन्य शुल्क शामिल नहीं होते। आभूषण खरीदते समय अंतिम बिल इन अतिरिक्त शुल्कों के कारण अधिक हो सकता है। इसलिए ग्राहकों को खरीदारी से पहले कुल भुगतान की जानकारी लेना और बिल अवश्य प्राप्त करना चाहिए।

    त्योहारी सीजन और शादी-विवाह के समय सोने-चांदी की मांग बढ़ने की संभावना रहती है। ऐसे में नियमित रूप से बाजार भाव की जानकारी लेकर और प्रमाणित गुणवत्ता वाले आभूषण खरीदकर उपभोक्ता बेहतर निर्णय ले सकते हैं। वर्तमान में कीमतों में बड़ा उतार-चढ़ाव नहीं होने से खरीदारी की योजना बनाने वालों के लिए स्थिति अपेक्षाकृत संतुलित बनी हुई है।

  • सोने-चांदी में सीमित उतार-चढ़ाव, अमेरिकी फेड के फैसले से पहले निवेशकों की बढ़ी सतर्कता..

    सोने-चांदी में सीमित उतार-चढ़ाव, अमेरिकी फेड के फैसले से पहले निवेशकों की बढ़ी सतर्कता..

    नई दिल्ली । घरेलू सर्राफा और वायदा बाजार में बुधवार को सोने और चांदी की कीमतों में मिलाजुला रुख देखने को मिला। कारोबार की शुरुआत से ही दोनों कीमती धातुएं सीमित दायरे में बनी रहीं। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि निवेशक फिलहाल अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति बैठक के फैसले का इंतजार कर रहे हैं, जिसके कारण बड़े दांव लगाने से बचा जा रहा है। यही वजह है कि कीमतों में केवल मामूली उतार-चढ़ाव दर्ज किया गया।

    मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर 5 अगस्त 2026 डिलीवरी वाला सोने का वायदा अनुबंध पिछले बंद भाव 1,41,623 रुपये प्रति 10 ग्राम की तुलना में लगभग स्थिर स्तर पर 1,41,519 रुपये प्रति 10 ग्राम पर खुला। शुरुआती कारोबार के दौरान इसमें हल्की कमजोरी देखने को मिली और भाव 228 रुपये यानी 0.16 प्रतिशत गिरकर 1,41,395 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया। कारोबार के दौरान सोने ने 1,41,311 रुपये प्रति 10 ग्राम का निचला स्तर और 1,41,591 रुपये प्रति 10 ग्राम का उच्चतम स्तर भी दर्ज किया।

    वहीं चांदी के बाजार में अपेक्षाकृत सकारात्मक रुख दिखाई दिया। एमसीएक्स पर 4 सितंबर 2026 डिलीवरी वाले चांदी के अनुबंध की शुरुआत पिछले बंद भाव 2,15,840 रुपये प्रति किलोग्राम के मुकाबले लगभग स्थिर स्तर पर 2,16,834 रुपये प्रति किलोग्राम पर हुई। इसके बाद चांदी में हल्की खरीदारी देखने को मिली और कीमत 608 रुपये यानी 0.28 प्रतिशत बढ़कर 2,16,448 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। कारोबार के दौरान चांदी ने 2,16,369 रुपये प्रति किलोग्राम का न्यूनतम और 2,16,943 रुपये प्रति किलोग्राम का उच्चतम स्तर छुआ।

    अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी दोनों कीमती धातुओं का प्रदर्शन अलग-अलग रहा। कॉमेक्स बाजार में सोने की कीमतों में हल्की गिरावट दर्ज की गई, जबकि चांदी में मामूली मजबूती बनी रही। इससे स्पष्ट संकेत मिला कि वैश्विक निवेशक भी फिलहाल किसी बड़े रुख के बजाय प्रमुख आर्थिक घटनाक्रमों का इंतजार कर रहे हैं।

    विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति समिति की बैठक का परिणाम फिलहाल बाजार की सबसे बड़ी चिंता का विषय बना हुआ है। व्यापक अनुमान है कि इस बार ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। हालांकि निवेशकों की वास्तविक नजर फेड की भविष्य की नीति संबंधी टिप्पणियों पर रहेगी। यदि आने वाले महीनों में ब्याज दरों के संबंध में नरम या सख्त संकेत मिलते हैं तो उसका सीधा असर सोने और चांदी सहित वैश्विक कमोडिटी बाजारों पर पड़ सकता है।

    सोने को पारंपरिक रूप से सुरक्षित निवेश माना जाता है। ऐसे में ब्याज दरों, महंगाई और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों से जुड़ी किसी भी महत्वपूर्ण घोषणा का प्रभाव इसकी कीमतों पर तेजी से दिखाई देता है। चांदी भी औद्योगिक और निवेश दोनों मांग से जुड़ी होने के कारण वैश्विक आर्थिक संकेतकों के प्रति संवेदनशील रहती है।

    इस बीच भारतीय शेयर बाजार ने सकारात्मक शुरुआत की। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी में लगभग एक प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। आईटी शेयरों में मजबूत खरीदारी के चलते निफ्टी आईटी सूचकांक करीब 1.5 प्रतिशत तक चढ़ गया। इक्विटी बाजार की इस मजबूती के बावजूद कीमती धातुओं में निवेशकों का रुख सतर्क बना रहा और बाजार ने फेड के फैसले से पहले सीमित दायरे में कारोबार जारी रखा।

  • सोने में 3 हफ्ते की सबसे बड़ी तेजी, 4,151 डॉलर के पार पहुंचा भाव, चांदी में भी जोरदार उछाल

    सोने में 3 हफ्ते की सबसे बड़ी तेजी, 4,151 डॉलर के पार पहुंचा भाव, चांदी में भी जोरदार उछाल


    नई दिल्ली। कमजोर अमेरिकी रोजगार आंकड़ों के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में तेजी का रुख जारी है। पिछले दो दिनों में लगातार बढ़त दर्ज करते हुए सोना पिछले तीन हफ्तों की सबसे बड़ी छलांग के साथ नए स्तर पर पहुंच गया है। इससे फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना भी कमजोर पड़ गई है।

    अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 4,150 डॉलर के पार
    सिंगापुर स्पॉट मार्केट में सोना 0.7 प्रतिशत की बढ़त के साथ 4,151.48 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता देखा गया। इससे पहले पिछले सत्र में सोने में 2.3 प्रतिशत की तेज बढ़त दर्ज की गई थी, जो पिछले तीन हफ्तों में सबसे बड़ी दैनिक बढ़त मानी जा रही है।

    चांदी भी मजबूत रुख के साथ 1 प्रतिशत बढ़कर 61.50 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई। इससे पहले यह लगातार तीन सत्रों में करीब 5 प्रतिशत तक चढ़ चुकी है। ब्लूमबर्ग डॉलर स्पॉट इंडेक्स में पिछले सत्र की 0.5 प्रतिशत गिरावट के बाद हल्की मजबूती देखने को मिली है।

    घरेलू बाजार में भी उतार-चढ़ाव
    घरेलू वायदा बाजार (MCX) में गुरुवार रात करीब 11:30 बजे सोना मामूली गिरावट के साथ 1,45,723 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। वहीं चांदी भी कमजोर होकर 2,33,200 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई। सर्राफा बाजार में 24 कैरेट सोना 1,43,003 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी 2,28,850 रुपये प्रति किलोग्राम के भाव पर बंद हुई।

    अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों का असर
    गुरुवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, अमेरिका में जून महीने में रोजगार वृद्धि की रफ्तार में तेज गिरावट दर्ज की गई है। इससे संकेत मिला है कि मजबूत दिखने के बावजूद अमेरिकी श्रम बाजार अब भी दबाव में है।

    इन आंकड़ों के बाद जुलाई में होने वाली फेडरल रिजर्व की बैठक में ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना काफी कम हो गई है। पहले जहां दर बढ़ोतरी की उम्मीद अधिक थी, वहीं अब स्वैप मार्केट में इसकी संभावना घटकर लगभग 18 प्रतिशत रह गई है, जो सप्ताह की शुरुआत में करीब 33 प्रतिशत थी।

    तेल और भू-राजनीतिक कारकों का भी असर
    हाल के महीनों में महंगाई को बढ़ाने वाला एक प्रमुख कारण रहे कच्चे तेल की कीमतों में भी नरमी देखी जा रही है। होर्मुज जलमार्ग से टैंकरों की आवाजाही बढ़ने और अमेरिका-ईरान के बीच कतर में हुई सकारात्मक वार्ता के बाद तेल की कीमतें युद्ध-पूर्व स्तर के करीब आ गई हैं। इन घटनाक्रमों का असर वैश्विक महंगाई के दबाव को कम करने की दिशा में देखा जा रहा है।

    आगे और तेजी की संभावना सीमित
    टीडी सिक्योरिटीज में कमोडिटी रणनीति प्रमुख बार्ट मेलेक के अनुसार, कम ऊर्जा कीमतें और कमजोर रोजगार वृद्धि आने वाले समय में मुद्रास्फीति के दबाव को घटा सकती हैं। उनका कहना है कि इससे सोने में शॉर्ट पोजीशन कवरिंग बढ़ी है, जबकि नई बिकवाली का दबाव कम हुआ है।

    हालांकि, उनका मानना है कि सोने में तेजी फिलहाल 4,280 डॉलर प्रति औंस के स्तर तक सीमित रह सकती है। वहीं, लंबे समय में 5,300 डॉलर के लक्ष्य तक पहुंचने की उम्मीद फिलहाल अगले साल तक टल सकती है।

  • सर्राफा बाजार में सोने की कीमतों में गिरावट, चेन्नई में तेजी का रुख, चांदी के दाम में जोरदार उछाल

    सर्राफा बाजार में सोने की कीमतों में गिरावट, चेन्नई में तेजी का रुख, चांदी के दाम में जोरदार उछाल


    नई दिल्ली। घरेलू सर्राफा बाजार में गुरुवार को सोने की कीमतों में मिलाजुला रुख देखने को मिला। चेन्नई को छोड़कर देश के अधिकांश प्रमुख बाजारों में सोने के दाम घटे, जबकि चेन्नई में सोना महंगा हुआ। वहीं चांदी की कीमतों में भी उल्लेखनीय तेजी दर्ज की गई।

    बाजार में आई गिरावट के चलते अधिकांश शहरों में सोना 1,170 से 1,280 रुपये प्रति 10 ग्राम तक सस्ता हो गया। इसके विपरीत चेन्नई में 24 और 22 कैरेट सोने के दाम 520 से 570 रुपये प्रति 10 ग्राम तक बढ़ गए। चांदी की कीमत में भी उछाल आया और यह 5,200 रुपये प्रति किलोग्राम तक महंगी हो गई।

    कीमतों में बदलाव के बाद देश के अधिकांश सर्राफा बाजारों में 24 कैरेट सोना 1,40,770 रुपये से 1,44,560 रुपये प्रति 10 ग्राम के बीच बिक रहा है। वहीं 22 कैरेट सोने की कीमत 1,29,040 रुपये से 1,32,510 रुपये प्रति 10 ग्राम के बीच दर्ज की गई। दिल्ली सर्राफा बाजार में चांदी का भाव बढ़कर 2,40,100 रुपये प्रति किलोग्राम पहुंच गया।

    राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट सोना 1,40,920 रुपये और 22 कैरेट सोना 1,29,190 रुपये प्रति 10 ग्राम के भाव पर कारोबार कर रहा है। मुंबई में 24 कैरेट सोने की कीमत 1,40,770 रुपये और 22 कैरेट सोने का भाव 1,29,040 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया। अहमदाबाद में 24 कैरेट सोना 1,40,820 रुपये और 22 कैरेट सोना 1,29,090 रुपये प्रति 10 ग्राम पर उपलब्ध है।

    चेन्नई में 24 कैरेट सोना 1,44,560 रुपये और 22 कैरेट सोना 1,32,510 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया। वहीं कोलकाता में 24 कैरेट सोने का भाव 1,40,770 रुपये और 22 कैरेट का भाव 1,29,040 रुपये प्रति 10 ग्राम रहा। भोपाल में 24 कैरेट सोना 1,40,820 रुपये तथा 22 कैरेट सोना 1,29,090 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है।

    जयपुर और लखनऊ में 24 कैरेट सोने का भाव 1,40,920 रुपये, जबकि 22 कैरेट सोना 1,29,190 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया। पटना में 24 कैरेट सोना 1,40,820 रुपये और 22 कैरेट सोना 1,29,090 रुपये प्रति 10 ग्राम के भाव पर बिक रहा है।

    दक्षिण और पूर्वी भारत के प्रमुख बाजारों में भी सोने की कीमतों में नरमी देखने को मिली। बेंगलुरु, हैदराबाद और भुवनेश्वर में 24 कैरेट सोना 1,40,770 रुपये तथा 22 कैरेट सोना 1,29,040 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है।

  • सोने में बड़ी गिरावट जारी, 18 साल की सबसे तेज मासिक गिरावट, चांदी भी 43% सस्ती हुई

    सोने में बड़ी गिरावट जारी, 18 साल की सबसे तेज मासिक गिरावट, चांदी भी 43% सस्ती हुई


    नई दिल्ली। सोने की कीमतों में गिरावट का सिलसिला लगातार जारी है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक, सोना 18 साल की सबसे बड़ी मासिक गिरावट दर्ज कर रहा है। अक्टूबर 2008 के बाद पहली बार कीमती धातु बाजार में इस तरह का तेज दबाव देखा जा रहा है। 1 जुलाई को अंतरराष्ट्रीय बाजार में कॉमेक्स गोल्ड में एक बार फिर गिरावट दर्ज की गई, जिससे सोने की कीमतें 4,000 डॉलर के नीचे आ गईं।

    अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना फिसला
    वैश्विक बाजार में सोना 22 डॉलर से अधिक गिरकर 3,985 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। इससे पहले सोना 4,005.69 डॉलर प्रति औंस पर खुला था, लेकिन दिनभर में इसमें लगातार गिरावट देखने को मिली। इस गिरावट के साथ ही सोना एक बार फिर 4,000 डॉलर के अहम स्तर से नीचे चला गया है।

    MCX पर भी भारी गिरावट
    घरेलू बाजार MCX पर भी सोने में तेज गिरावट देखने को मिली है। साल 2026 की शुरुआत में 10 ग्राम सोना 1.92 लाख रुपये तक पहुंच गया था। हालांकि जून 2026 में ही सोने की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई।

    आंकड़ों के अनुसार, सिर्फ एक महीने में सोना करीब 19,700 रुपये तक सस्ता हुआ। महीने की शुरुआत में जहां यह लगभग 1.60 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर था, वहीं 30 जून तक यह घटकर करीब 1.40 लाख रुपये पर आ गया।

    रिकॉर्ड स्तर से 20% नीचे आया सोना, चांदी 43% तक टूटी
    साल 2026 के शुरुआती छह महीनों में कीमती धातुओं में बड़ी गिरावट देखने को मिली है। रिपोर्ट्स के अनुसार, सोना अपने हालिया उच्च स्तर से करीब 20 प्रतिशत तक टूट चुका है। वहीं चांदी में इससे भी तेज गिरावट दर्ज की गई है और यह करीब 43 प्रतिशत तक सस्ती हो चुकी है।

    क्यों गिर रहे हैं सोने के दाम?
    विशेषज्ञों के अनुसार, सोने की कीमतों में गिरावट के पीछे कई वैश्विक कारण हैं। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों से महंगाई में इजाफा हुआ है, जिससे अमेरिकी फेडरल रिजर्व पर ब्याज दरें बढ़ाने का दबाव बढ़ गया है।

    नए संभावित फेड चेयरमैन केविन वॉर्श के सख्त रुख को भी बाजार में ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंका के रूप में देखा जा रहा है। ऐसे में ऊंची ब्याज दरों के चलते निवेशक सोने से दूरी बना रहे हैं।

    इसके अलावा डॉलर की मजबूती ने भी सोने की मांग पर असर डाला है। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और शेयर बाजार में कमजोर सेंटिमेंट के चलते निवेशक अपने निवेश को संतुलित करने के लिए सोने से पैसा निकाल रहे हैं, जिससे कीमतों पर और दबाव बढ़ गया है।

  • चांदी बाजार में बड़ी नरमी, MCX से लेकर सर्राफा बाजार तक कीमतों में तेज गिरावट; निवेशकों की बढ़ी चिंता

    चांदी बाजार में बड़ी नरमी, MCX से लेकर सर्राफा बाजार तक कीमतों में तेज गिरावट; निवेशकों की बढ़ी चिंता

    नई दिल्ली । देश के सर्राफा और कमोडिटी बाजार में शुक्रवार को चांदी की कीमतों में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई। घरेलू बाजारों से लेकर मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) तक चांदी के दाम दबाव में दिखाई दिए, जिससे निवेशकों और खरीदारों के बीच बाजार की दिशा को लेकर नई चर्चा शुरू हो गई है। हाल के दिनों में लगातार ऊंचे स्तर पर कारोबार कर रही चांदी में आई यह गिरावट बाजार के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

    5 जून 2026 के कारोबारी सत्र में देश के कई प्रमुख बाजारों में चांदी की कीमतों में नरमी देखने को मिली। दिल्ली, उत्तर प्रदेश और बिहार सहित विभिन्न राज्यों के सर्राफा बाजारों में चांदी के भाव पिछले सत्रों की तुलना में नीचे आए। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यह गिरावट केवल स्थानीय मांग और आपूर्ति का परिणाम नहीं है, बल्कि इसके पीछे वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों का भी बड़ा प्रभाव है।

    कमोडिटी बाजार में भी चांदी के वायदा कारोबार पर दबाव साफ दिखाई दिया। MCX पर शुरुआती कारोबार के दौरान चांदी के भाव में उल्लेखनीय कमजोरी दर्ज की गई। रिपोर्टों के अनुसार कुछ कॉन्ट्रैक्ट्स में कीमतों में प्रति किलोग्राम कई हजार रुपये तक की गिरावट देखने को मिली। हालांकि विभिन्न एक्सपायरी और कॉन्ट्रैक्ट अवधि के अनुसार दरों में अंतर बना रहा, फिर भी पूरे बाजार में कमजोरी का रुख स्पष्ट दिखाई दिया।

    स्थानीय स्पॉट मार्केट में भी चांदी की कीमतें नरम रहीं। व्यापारियों के अनुसार हाल के उच्च स्तरों के बाद निवेशकों द्वारा मुनाफावसूली और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कमजोरी का असर घरेलू कीमतों पर पड़ा है। इसके कारण खरीदारों को कुछ राहत जरूर मिली है, लेकिन निवेशकों के लिए बाजार की दिशा को लेकर सतर्कता बढ़ गई है।

    विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर डॉलर की मजबूती ने कीमती धातुओं पर दबाव बनाया है। जब डॉलर मजबूत होता है तो सोना और चांदी जैसी धातुएं अपेक्षाकृत महंगी हो जाती हैं, जिससे वैश्विक मांग प्रभावित हो सकती है। इसके अलावा ब्याज दरों को लेकर बनी अनिश्चितता भी निवेशकों को सुरक्षित रणनीति अपनाने के लिए प्रेरित कर रही है।

    भू-राजनीतिक परिस्थितियां भी बाजार की चाल को प्रभावित कर रही हैं। पश्चिम एशिया में जारी तनाव और वैश्विक आर्थिक गतिविधियों से जुड़ी चिंताओं ने निवेशकों के रुख को प्रभावित किया है। हालांकि ऐसे समय में आमतौर पर सुरक्षित निवेश विकल्पों की मांग बढ़ती है, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में निवेशकों का व्यवहार अपेक्षाकृत सतर्क बना हुआ है।

    कमोडिटी विश्लेषकों का मानना है कि निकट भविष्य में चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। वैश्विक आर्थिक आंकड़े, अमेरिकी डॉलर की चाल और केंद्रीय बैंकों की नीतियां बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। ऐसे में निवेशकों को जल्दबाजी में निर्णय लेने से बचना चाहिए और बाजार के संकेतों पर लगातार नजर बनाए रखनी चाहिए।

    चांदी की कीमतों में आई यह गिरावट उन उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर मानी जा रही है जो निवेश या आभूषण खरीदारी की योजना बना रहे हैं। वहीं निवेशकों के लिए यह समय बाजार की गतिविधियों का सावधानीपूर्वक विश्लेषण करने और दीर्घकालिक रणनीति के साथ आगे बढ़ने का संकेत दे रहा है।

  • गोल्ड-सिल्वर में मिला-जुला रुख, अंतरराष्ट्रीय अस्थिरता से निवेशक सतर्क..

    गोल्ड-सिल्वर में मिला-जुला रुख, अंतरराष्ट्रीय अस्थिरता से निवेशक सतर्क..


    नई दिल्ली । 
    वैश्विक स्तर पर जारी राजनीतिक और आर्थिक अनिश्चितताओं का असर एक बार फिर कमोडिटी बाजार में साफ दिखाई दिया है। सप्ताह की शुरुआत में सोने और चांदी दोनों की कीमतों ने निवेशकों को मिश्रित संकेत दिए, जहां एक ओर सोना दबाव में रहा तो दूसरी ओर चांदी में हल्की मजबूती देखने को मिली।

    घरेलू वायदा बाजार में Gold की शुरुआत कमजोर रुख के साथ हुई। शुरुआती कारोबार में इसमें मामूली गिरावट दर्ज की गई और इसके बाद पूरे सत्र में कीमतें उतार-चढ़ाव के बीच सीमित दायरे में घूमती रहीं। बाजार में स्पष्ट दिशा की कमी के कारण निवेशक सतर्क नजर आए और बड़ी खरीदारी से बचते दिखे।

    विशेषज्ञों का मानना है कि सोने में यह दबाव मुख्य रूप से वैश्विक घटनाक्रमों और निवेशकों की बदलती रणनीति के कारण देखने को मिल रहा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अस्थिरता के चलते सुरक्षित निवेश की मांग तो बनी हुई है, लेकिन साथ ही अनिश्चितता ने बाजार को अस्थिर भी कर दिया है, जिससे कीमतों में स्थिरता नहीं बन पा रही है।

    इसके विपरीत Silver ने शुरुआती कारोबार में हल्की मजबूती दिखाई। चांदी की कीमतों में दिनभर सकारात्मक रुझान बना रहा, हालांकि इसमें तेज उछाल नहीं देखा गया। सीमित बढ़त के बावजूद निवेशकों की रुचि बनी रही और खरीदारी का माहौल थोड़ा बेहतर नजर आया।

    अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी दोनों धातुओं का रुख समान रूप से अस्थिर रहा। वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों और राजनीतिक तनाव के कारण निवेशक फिलहाल बड़े जोखिम लेने से बच रहे हैं। यही कारण है कि सोने और चांदी दोनों में स्पष्ट ट्रेंड के बजाय सीमित दायरे में कारोबार देखने को मिल रहा है।

    बाजार विश्लेषकों का कहना है कि मौजूदा समय में कमोडिटी बाजार पूरी तरह से खबरों और वैश्विक घटनाओं पर निर्भर हो गया है। किसी भी बड़े राजनीतिक या आर्थिक संकेत का सीधा असर कीमतों पर देखने को मिल रहा है, जिससे बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है।

    इस बीच वैश्विक स्तर पर चल रहे तनावपूर्ण हालात ने निवेशकों की चिंता और बढ़ा दी है। विभिन्न देशों के बीच जारी मतभेद और कूटनीतिक अस्थिरता का असर सुरक्षित निवेश विकल्पों की मांग पर पड़ रहा है, लेकिन साथ ही बाजार की दिशा स्पष्ट नहीं हो पा रही है।

    कुल मिलाकर, मौजूदा परिस्थितियों में सोने और चांदी का बाजार संतुलन की तलाश में नजर आ रहा है। दोनों धातुएं सीमित दायरे में कारोबार कर रही हैं और निवेशक फिलहाल स्पष्ट संकेतों का इंतजार कर रहे हैं। आने वाले दिनों में वैश्विक घटनाक्रम ही इस बाजार की दिशा तय करने में निर्णायक भूमिका निभाएंगे।