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  • IPL 2026 में बदल सकता है विराट कोहली की RCB का मालिक, अदर पूनावाला के पोस्ट से बढ़ीं अटकलें

    IPL 2026 में बदल सकता है विराट कोहली की RCB का मालिक, अदर पूनावाला के पोस्ट से बढ़ीं अटकलें


    नई दिल्ली। IPL 2026 में बदल सकता है विराट कोहली की RCB का मालिक, अदर पूनावाला के पोस्ट से बढ़ीं अटकलें
    बेंगलुरु। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के स्वामित्व में बदलाव की खबरों ने क्रिकेट प्रेमियों में हलचल मचा दी है। सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के सीईओ अदर पूनावाला ने हाल ही में अपने सोशल मीडिया पोस्ट में संकेत दिए कि वह RCB के लिए “मजबूत और प्रतिस्पर्धी” बोली लगाने जा रहे हैं।

    पूनावाला ने अपने पोस्ट में लिखा: “आने वाले कुछ महीनों में मैं आईपीएल की सबसे बेहतरीन टीमों में से एक RCB के लिए एक मजबूत और प्रतिस्पर्धी बोली पेश करूंगा।” हालांकि उन्होंने बोली की समय-सीमा या संभावित राशि का जिक्र नहीं किया।

    आईपीएल 2026 की शुरुआत 26 मार्च से प्रस्तावित है, इसलिए यह प्रक्रिया जल्द पूरी करनी होगी।

    RCB की बिक्री की पृष्ठभूमि:
    ‘फोर्ब्स इंडिया’ के अनुसार, RCB का मूल्य लगभग 105 मिलियन डॉलर है। मौजूदा मालिक यूनाइटेड स्पिरिट्स लिमिटेड (यूएसएल) है, जो डियाजियो की भारतीय इकाई है। टीम के चार जून 2025 को हुए जीत समारोह में हुई भगदड़ में 11 प्रशंसकों की मौत के बाद बिक्री प्रक्रिया को तेज किया गया था। बता दें कि यूनाइटेड स्पिरिट्स ने 2016 में विजय माल्या के कारोबार के पतन के बाद RCB को अधिग्रहित किया था। 

    https://twitter.com/adarpoonawalla/status/2014318866147742087

    घरेलू मुकाबलों का स्थान भी सवालों में:
    पूनावाला के बयान के साथ ही अटकलें लगाई जा रही हैं कि आईपीएल 2026 में RCB अपने घरेलू मुकाबले बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर खेल सकती है। पुणे, मुंबई और रायपुर ने टीम से अपने शहर में मैचों की मेजबानी के लिए संपर्क किया है।
    कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ (KCSA) ने RCB से बेंगलुरु में ही मैच आयोजित करने का आग्रह किया है।

    RCB ने कहा, “अभी कुछ ऐसे मुद्दे हैं जिन पर और विचार करने की जरूरत है। हम सभी सुझावों और पहलुओं पर गौर कर रहे हैं, ताकि टीम और प्रशंसकों के हित में जिम्मेदार निर्णय लिया जा सके।”

    अन्य संभावित दावेदार:
    पूनावाला के अलावा, विजय किरागंदूर की होम्बले फिल्म्स कंपनी भी RCB के स्वामित्व की दौड़ में मानी जा रही है। होम्बले फिल्म्स ‘केजीएफ’ और ‘कांतारा’ जैसी सुपरहिट फिल्मों की निर्माता है।

  • सोशल मीडिया पर लिया वजन घटाने का उपाय, खाते ही तड़प-तड़प कर हो गई छात्रा की मौत

    सोशल मीडिया पर लिया वजन घटाने का उपाय, खाते ही तड़प-तड़प कर हो गई छात्रा की मौत


    मदुरै । लोग इंटरनेट या सोशल मीडिया पर अक्सर वजन घटाने के लिए उपायों की तलाश करते रहते हैं। हाल ही में यह एक छात्रा की दर्दनाक मौत का कारण बन गया। जानकारी के मुताबिक वजन घटाने के लिए सोशल मीडिया पर एक वीडियो में बताए गए तरीके के अनुसार ‘वेंकारम’ यानी बोरेक्स का सेवन करने के बाद स्नातक की प्रथम वर्ष की एक कॉलेज छात्रा की मौत हो गई है।

    पुलिस ने मंगलवार बताया कि 19 वर्षीय कलैयारसी दिहाड़ी मजदूर वेल मुरुगन (51) और विजयलक्ष्मी की पुत्री थी और नरिमेडु स्थित एक निजी महिला कॉलेज में पढ़ाई कर रही थी। वह सेलूर के मीनाम्बलपुरम इलाके की कामराज क्रॉस स्ट्रीट में रहती थी।

    पुलिस ने बताया कि वजन कुछ ज्यादा होने के कारण कलैयारसी अक्सर वजन घटाने से जुड़े उपाय तलाशती रहती थी।

    पिछले सप्ताह उसने ‘वजन घटाने और छरहरी काया के लिए वेंकारम’ शीर्षक वाला एक यूट्यूब वीडियो देखा था और 16 जनवरी को कीझामासी स्ट्रीट के थर्मुट्टी इलाके के पास स्थित दवा की एक दुकान से यह पदार्थ खरीदा।

    पुलिस ने बताया कि कलैयारसी ने 17 जनवरी को वीडियो में बताए गए तरीके से इसका सेवन किया, जिसके बाद उसे उल्टी और दस्त होने लगे। उसकी मां उसे मुनिसलाई स्थित एक निजी अस्पताल ले गई, जहां उपचार के बाद उसे घर भेज दिया गया। हालांकि उसी शाम लक्षण दोबारा उभरे और पास के एक अन्य अस्पताल में इलाज के बाद घर लौटने पर उसने तेज पेट दर्द और मल में खून आने की शिकायत की।

    पुलिस के अनुसार रात करीब 11 बजे उल्टी और दस्त की स्थिति गंभीर हो गई जिसके बाद पड़ोसियों की मदद से उसे सरकारी राजाजी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वहां पहुंचने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। फिलहाल शव का पोस्टमार्टम कर परिजनों को सौंप दिया गया है। सेलूर पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।

  • धर्म प्रचार छोड़ने पर साध्वी हर्षा पर हमला, संत समाज से बहिष्कार, सोशल मीडिया पर गालियां और धमकियां!

    धर्म प्रचार छोड़ने पर साध्वी हर्षा पर हमला, संत समाज से बहिष्कार, सोशल मीडिया पर गालियां और धमकियां!



    नई दिल्ली। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में साध्वी हर्षा रिछारिया ने भारी मन से घोषणा की कि वह धर्म प्रचार का काम छोड़कर वापस अपने पुराने पेशे एंकरिंग में लौट रही हैं। हर्षा का कहना है कि धर्म प्रचार के दौरान उन्हें संत समाज से न सिर्फ स्वीकृति नहीं मिली, बल्कि धमकियां, गंदी-गंदी बातें और धर्म परिवर्तन के ऑफर भी मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि कुछ लोग उन्हें “धर्म छोड़कर लौट रही” मानकर बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं और दूसरे धर्म के लोगों को भी उनके खिलाफ भड़काया जा रहा है।
    हर्षा ने स्पष्ट किया कि वह सनातनी हैं और हमेशा रहेंगी, लेकिन इस मानसिक उत्पीड़न को वह और बर्दाश्त नहीं कर सकतीं।

    हर्षा रिछारिया का नाम देशभर में तब चर्चा में आया जब 4 जनवरी 2025 को प्रयागराज महाकुंभ में वह निरंजनी अखाड़े की भव्य पेशवाई में संतों के साथ रथ पर सवार दिखाई दीं। उनकी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए और लोग उन्हें ‘महाकुंभ की सबसे सुंदर साध्वी’ कहने लगे। लेकिन इसी प्रसिद्धि के साथ विवाद भी जुड़ गया। कुछ धार्मिक गुरुओं ने इस पर आपत्ति जताई और कहा कि यह “धर्म को प्रदर्शन का हिस्सा बनाना” है और इससे समाज में गलत संदेश फैलता है।

    हर्षा ने बताया कि इस लोकप्रियता के बाद उन्हें संत समाज में स्वीकृति नहीं मिली। जब भी वह किसी संत से मिलने जातीं, तो उन्हें घंटों इंतजार कराया जाता। उनके पुराने एंकरिंग पेशे को लेकर उन्हें ‘पाप’ का भाव दिया जाता और उनसे सफाई मांगी जाती।

    हर्षा ने कहा कि उन्हें अपने पुराने पेशे पर गर्व है और वही पेशा उन्हें पहचान देता था, लेकिन धर्म के रास्ते पर आने के बाद उन्हें संदेह, तिरस्कार और भेदभाव का सामना करना पड़ा।

    हर्षा का आरोप है कि कुछ धार्मिक ठेकेदार और संत उनके खिलाफ सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं। दिसंबर 2025 में माघ मेले में शिविर लगाने के लिए जमीन न मिलने की घटना उन्हें सबसे ज्यादा आहत कर गई। उन्होंने बताया कि शुरुआत में अधिकारियों ने उन्हें जमीन देने का आश्वासन दिया, लेकिन जैसे ही कुछ प्रभावशाली संतों को इसकी जानकारी मिली, उन्होंने अधिकारियों पर दबाव बनाया और जमीन आवंटन की प्रक्रिया रोक दी गई। हर्षा ने कहा कि उन्होंने कभी श्रद्धालुओं से एक पैसा नहीं लिया और सारी व्यवस्था अपने खर्च पर चलाती थीं।

    हर्षा का मानना है कि जब कोई लड़की धर्म के मार्ग पर आगे बढ़ती है, तो कुछ लोग उसे नीचे गिराने की कोशिश करते हैं। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ उत्पीड़न इसलिए बढ़ा क्योंकि उन्हें “धर्म प्रचार छोड़ने” की बात कहते हुए लोगों को बहस का मौका मिल गया। हर्षा ने यह भी कहा कि उन्हें कुछ लोगों द्वारा धर्म परिवर्तन के ऑफर दिए जा रहे हैं और धमकी भरे संदेश भी मिल रहे हैं।

    अंत में हर्षा ने युवाओं और महिलाओं को सलाह दी कि धर्म से जुड़ने के लिए अपने परिवार और घर के मंदिर तक ही सीमित रहें और किसी के पीछे अंधे होकर न चलें। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने सिर्फ धर्म का प्रचार छोड़ा है, सनातन धर्म नहीं। साथ ही कहा कि अगर भविष्य में परिस्थितियां बदलती हैं, तो वह फिर से इस मार्ग पर लौट सकती हैं।

  • ‘द राजा साहब’ का बॉक्स ऑफिस डेब्यू: प्रभास ने मचाया धमाल या मिली शिकायतें? सोशल मीडिया में हुई बहस

    ‘द राजा साहब’ का बॉक्स ऑफिस डेब्यू: प्रभास ने मचाया धमाल या मिली शिकायतें? सोशल मीडिया में हुई बहस

    नई दिल्‍ली  । तेलुगु सिनेमा के सुपरस्टार प्रभास की बहुप्रतीक्षित हॉरर-कॉमेडी ‘द राजा साहब’ आखिरकार रिलीज हो चुकी है। सुबह के शो से पहले ही थिएटरों के बाहर भीड़ थी। पोस्टर के सामने सेल्फी, हाथों में पॉपकॉर्न और आंखों में जबरदस्‍त उत्‍साह लिए दर्शक सिनेमाघरों दिखाई दिए। जैसे ही पर्दा उठा, डर और ठहाकों के वादे के साथ फिल्म ने देशभर में हाउसफुल शोज की शुरुआत की। पहले दिन की जबरदस्त ओपनिंग ने बॉक्स ऑफिस पर गर्मी बढ़ा दी, लेकिन सोशल मीडिया खासतौर पर X (पूर्व ट्विटर) पर बहस भी उतनी ही तेज देखी जा रही है।

    रिलीज से पहले हाइप अपने चरम पर था। थलपति विजय की ‘जना नयांगन’ के स्थगित होने से ‘द राजा साहब’ को 9,000 से अधिक शोज़ के साथ सिंगल रिलीज़ का फायदा मिला। Sacnilk के मुताबिक एडवांस बुकिंग से भारत में ही 5.66 करोड़ रुपये जुटे। ‘सालार’ और ‘कल्कि 2898 AD’ के बाद प्रभास को एक अलग अवतार में देखने की उत्सुकता फैंस में साफ झलक रही थी। निर्देशक मारुति ने इस बार उन्हें एक भूतिया हवेली में फंसे राजा के रूप में पेश किया, जहां डर के बीच हंसी की गुंजाइश भी है।

    पहले शो के बाद ट्विटर पर आग
    जैसे ही पहला शो खत्म हुआ, #TheRajaSaab और #Prabhas ट्रेंड करने लगे। प्रतिक्रियाएं तीखी थीं। एक यूज़र ने लिखा, “पहला हाफ ढीला है, कहानी खिंची हुई लगती है। लॉजिक की कमी खलती है, अब दूसरा हाफ ही फैसला करेगा।” वहीं VFX पर सवाल उठाते हुए किसी ने कहा, “सेट भव्य हैं, पर डरावने सीन असर नहीं छोड़ते। बैकग्राउंड म्यूजिक जरूरत से ज्‍यादा तेज है।”

    आलोचनाओं के बीच प्रशंसा की आवाजें भी कम नहीं थीं। एक फैन अकाउंट ने जोश में लिखा, “आखिरी 40 मिनट फायर हैं! अस्पताल वाला सीन और क्लाइमेक्स, पूरा पैसा वसूल।” किसी ने प्रभास की एनर्जी और स्क्रीन प्रेजेंस को फिल्म की जान बताया। यही वजह है कि शुरुआती बहस का फोकस एक सवाल पर टिक गया! क्या कमजोर पहला हाफ मजबूत क्लाइमेक्स की भरपाई कर पाएगा?

    कहानी, कास्ट और कॉकटेल
    ‘द राजा साहब’ की कहानी एक पुरानी हवेली के इर्द-गिर्द घूमती है, जहां राजा (प्रभास) का सामना अजीब तरह की भूतिया घटनाओं से होता है। हॉरर के बीच कॉमेडी ट्रैक्स दर्शकों को हंसाने का दावा करते हैं। मालविका मोहनन का तेलुगु डेब्यू चर्चा में है। प्रभास के साथ उनकी केमिस्ट्री को सराहा गया है। संजय दत्त का खलनायक अवतार और बोमन ईरानी, निधि अग्रवाल, रिद्धि कुमार व जरीना वहाब की मौजूदगी कहानी को सहारा देती है। राकुल प्रीत सिंह का आइटम सॉन्ग पहले से ही चार्ट में जगह बना चुका है।

    प्रोडक्शन वैल्यूज पर उंगली उठाना मुश्किल है। Ramoji Film City में शूट हुए ग्रैंड सेट्स, बड़े एक्शन सीक्वेंस और स्केल इस सब को लेकर कह सकते हैं कि सब कुछ फिल्म को ‘इवेंट’ बनाता है। मारुति ने पहले ही कहा था कि यह प्रभास के लिए एक लाइट-हार्टेड ब्रेक है ‘बाहुबली’ सरीखे भारी एक्शन के बाद।

    बॉक्स ऑफिस की नब्‍ज
    पहले दिन भारत में 25–30 करोड़ रुपये की कमाई का अनुमान है, जिसमें तेलुगु बेल्ट का योगदान सबसे बड़ा है। हिंदी वर्ज़न ने भी पांच करोड़ से अधिक जुटाकर सरप्राइज दिया। ओवरसीज़ में अमेरिका-यूके से 10 करोड़ के आसपास की ओपनिंग के साथ वर्ल्डवाइड कलेक्शन 40 करोड़ के पार बताया जा रहा है। सवाल यही है कि मिली-जुली प्रतिक्रियाओं के बीच वर्ड ऑफ माउथ किस तरफ झुकेगा?

    इस वक्‍त देखने में आ रहा है कि देश भर में अधिकांश महानगरों में मल्टीप्लेक्स में हाउसफुल बोर्ड लग जा रहे हैं। स्थानीय थिएटर मालिकों का कहना है कि युवाओं में प्रभास का क्रेज़ जबरदस्त है और वीकेंड पर भीड़ और बढ़ेगी। राज्य की फिल्म प्रमोशन पॉलिसी के चलते साउथ फिल्मों की पहुंच भी मजबूत हो रही है। प्रभास को लेकर फिलहाल यही है कि ‘द राजा साहब’ उनका पहला हॉरर-कॉमेडी प्रयोग है, फ्रेश भी, रिस्की भी। OTT राइट्स पहले ही बिक चुके हैं, लेकिन असली इम्तिहान सिनेमाघरों में है। क्या यह फिल्म 500 करोड़ क्लब की ओर बढ़ेगी या बहसों में उलझकर रफ्तार खो देगी? पहले दिन की ओपनिंग ने उम्मीद जगा दी है, अब फैसला दर्शक करेंगे।

  • विदिशा के आदिवासी छात्रावास निरीक्षण में कलेक्टर का गुस्सा विवाद का कारणदेर रात जताया खेद

    विदिशा के आदिवासी छात्रावास निरीक्षण में कलेक्टर का गुस्सा विवाद का कारणदेर रात जताया खेद


    विदिशा । विदिशा जिले के गंजबासौदा तहसील स्थित उदयपुर आदिवासी छात्रावास में बुधवार को हुए औचक निरीक्षण के दौरान प्रशासनिक मर्यादा और व्यवहार को लेकर विवाद खड़ा हो गया। कलेक्टर अंशुल गुप्ता द्वारा छात्रावास अधीक्षक से अभद्र भाषा में बातचीत का वीडियो सामने आने के बाद मामला सुर्खियों में है। छात्रावास में कक्षा पहली से पांचवीं तक के छात्र अनुपस्थित पाए गएजिससे कलेक्टर का गुस्सा भड़क गया।

    घटना के अनुसारकलेक्टर अंशुल गुप्ता छात्रावास का निरीक्षण करने पहुंचे और जब बच्चों की अनुपस्थिति पर कारण पूछा तो अधीक्षक चैन सिंह चिढ़ार ने बताया कि दो दिन की छुट्टी घोषित की गई थी। इस पर कलेक्टर ने कहा कि छुट्टी स्कूलों के लिए थीछात्रावास के लिए नहीं। अधीक्षक ने जवाब में बताया कि आवासीय विद्यालयों में स्कूल और छात्रावास के अवकाश नियम समान हैं। इसी बहस के दौरान कलेक्टर ने मर्यादा लांघते हुए आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया।

    मौके पर मौजूद कर्मचारियों ने बताया कि फटकार के बाद अधीक्षक असहज होकर अन्य कर्मचारियों के पीछे खड़े हो गए। इस पूरी वार्ता का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रशासनिक व्यवहार और मर्यादा पर चर्चा शुरू हो गई। कई लोगों ने कलेक्टर के गुस्से को अनुचित बताया और कर्मचारियों के साथ सम्मानजनक व्यवहार की मांग उठाई।

    विवाद बढ़ने के बाद देर रात कलेक्टर अंशुल गुप्ता ने एक वीडियो संदेश जारी किया। उन्होंने कहा कि निरीक्षण के दौरान वे भावनात्मक रूप से आहत थे और उसी स्थिति में उनके शब्दों की मर्यादा नहीं रह सकी। उन्होंने अपने बयान पर खेद व्यक्त करते हुए स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य व्यवस्था में सुधार करना थान कि किसी कर्मचारी को अपमानित करना।

    प्रशासनिक हलकों में इस घटना को लेकर बहस जारी है। कुछ अधिकारियों का कहना है कि निरीक्षण के दौरान सख्ती आवश्यक हैलेकिन भाषा और मर्यादा बनाए रखना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। वहीं सामाजिक और कर्मचारी संगठनों ने आदिवासी क्षेत्रों में पदस्थ कर्मचारियों के साथ सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित करने की मांग उठाई है।

    फिलहाल जिला प्रशासन की ओर से इस मामले में किसी विभागीय जांच या कार्रवाई की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। लेकिन यह घटना प्रशासनिक मर्यादाअधिकारियों के व्यवहार और आदिवासी छात्रावासों में कर्मचारियों के अधिकारों पर सवाल खड़ा करती है। उच्च अधिकारियों की निगाह अब इस मामले पर टिक गई है और जनता तथा मीडिया में इस विवाद की गूंज जारी है।

  • वायरल एडिटेड तस्वीरों पर भड़की वर्ल्ड कप हीरो प्रतीका रावल, सोशल मीडिया पर किया पोस्ट

    वायरल एडिटेड तस्वीरों पर भड़की वर्ल्ड कप हीरो प्रतीका रावल, सोशल मीडिया पर किया पोस्ट

    नई दिल्ली।  भारतीय महिला क्रिकेट टीम की वर्ल्ड कप 2025 की स्टार खिलाड़ी प्रतिका रावल एक बार फिर चर्चा में हैं, लेकिन इस बार वजह उनका खेल नहीं बल्कि सोशल मीडिया से जुड़ा एक गंभीर मुद्दा है. शानदार प्रदर्शन के बाद मिली लोकप्रियता के साथ उन्हें ट्रोलिंग और डिजिटल छेड़छाड़ का भी सामना करना पड़ रहा है.

    सोशल मीडिया पर वायरल हुई एडिटेड तस्वीरें

    वर्ल्ड कप जीतने के बाद प्रतिका की लोकप्रियता तेजी से बढ़ी, लेकिन इसके साथ ही सोशल मीडिया पर उनकी एडिटेड और मॉडिफाइड तस्वीरें वायरल होने लगीं. कई तस्वीरों को बिना अनुमति बदला गया, जिससे प्रतिका काफी नाराज नजर आईं. उन्होंने इस मुद्दे पर खुलकर अपनी बात रखी.

    प्रतिका ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साफ शब्दों में लिखा, “हे @grok, मैं अपनी किसी भी तस्वीर को एडिट या मॉडिफाई करने की इजाजत नहीं देतीं, चाहे वे पहले पोस्ट की गई हों या आगे मैं जो भी तस्वीरें शेयर करूं. अगर कोई थर्ड पार्टी उनकी तस्वीरों में किसी तरह का बदलाव करने की मांग करे, तो उसे तुरंत मना किया जाए.” उनका यह पोस्ट तेजी से वायरल हुआ और कई लोगों ने उनका समर्थन भी किया.

    वर्ल्ड कप की हीरो बनीं प्रतिका रावल

    महिला वर्ल्ड कप 2025 में प्रतिका रावल का प्रदर्शन शानदार रहा था. उन्होंने सात मैचों में 308 रन बनाए और भारत की दूसरी सबसे ज्यादा रन बनाने वाली बल्लेबाज रहीं. पूरे टूर्नामेंट में वह चौथी सबसे ज्यादा रन बनाने वाली खिलाड़ी थीं. अगर टूर्नामेंट के दौरान उन्हें चोट न लगी होती, तो उनका आंकड़ा और भी बेहतर हो सकता था. भारत की खिताबी जीत में उनकी भूमिका बेहद अहम रही.

    दिल्ली सरकार और DDCA ने किया सम्मानित

    मैदान के बाहर विवादों के बीच प्रतिका को बड़ी सम्मानजनक खबर भी मिली. दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने वर्ल्ड कप जीत में योगदान के लिए प्रतिका रावल को 1.5 करोड़ रुपये का इनाम देने की घोषणा की. इसके अलावा दिल्ली एवं जिला क्रिकेट संघ (DDCA) ने भी 50 लाख रुपये की अतिरिक्त राशि देने का ऐलान किया.

    रविवार को प्रतिका को दिल्ली की मुख्यमंत्री द्वारा सम्मानित किया गया. इस मौके पर उनके पिता प्रदीप रावल, दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद और DDCA अध्यक्ष रोहन जेटली भी मौजूद थे. मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रतिका दिल्ली की बेटियों के लिए प्रेरणा हैं और उन्होंने पूरे देश का नाम रोशन किया है.

    प्रतिका की प्रेरणादायक यात्रा

    प्रतिका ने अपने करियर की शुरुआत दिल्ली से की थी और उम्रदराज व सीनियर घरेलू क्रिकेट में दिल्ली का प्रतिनिधित्व किया. बाद में वह रेलवेज टीम से जुड़ीं. आज वह न सिर्फ एक सफल क्रिकेटर हैं, बल्कि युवा खिलाड़ियों के लिए रोल मॉडल भी बन चुकी हैं.

  • दिग्विजय सिंह की सोशल मीडिया पोस्ट पर कांग्रेस में मचा घमासान ग्वालियर-चंबल में खामोशी

    दिग्विजय सिंह की सोशल मीडिया पोस्ट पर कांग्रेस में मचा घमासान ग्वालियर-चंबल में खामोशी


    ग्वालियर । मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की सोशल मीडिया पर की गई पोस्ट के बाद कांग्रेस पार्टी में घमासान मच गया है लेकिन उनके राजनीतिक गढ़ ग्वालियर-चंबल अंचल में अब तक इस मामले पर कोई बड़ी प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। दिग्विजय सिंह ने हाल ही में संघ और भाजपा की प्रशंसा करते हुए सोशल मीडिया पर एक फोटो पोस्ट किया था जिस पर विवाद छिड़ गया है। इस पोस्ट को लेकर कांग्रेस के कई नेताओं ने नाराजगी जताई है लेकिन ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में खामोशी का माहौल बना हुआ है।

    कांग्रेस के कुछ नेताओं का कहना है कि यह पोस्ट पार्टी के सिद्धांतों के खिलाफ है जबकि पूर्व मुख्यमंत्री के समर्थक खासकर उनके बेटे जयवर्धन सिंह और पूर्व नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह उनके समर्थन में खड़े हैं। जयवर्धन सिंह ने सोशल मीडिया पर अपने पिता के संगठन के प्रति समर्पण को व्यक्त करते हुए राहुल गांधी की यात्रा से जुड़े कुछ फोटो भी पोस्ट किए और कहा कि उनके पिता के लिए संगठन सर्वोपरि है।पूर्व मुख्यमंत्री के संगठन के प्रति निष्ठा पर सवाल उठाने वालों को डॉ. गोविंद सिंह ने गलत बताया।

    उन्होंने कहा कि दिग्विजय सिंह के संगठन के प्रति समर्पण पर संदेह करना अनुचित है और उनके द्वारा की गई पोस्ट केवल एक व्यंग्य है न कि भाजपा या संघ की प्रशंसा।दिग्विजय सिंह की पोस्ट के बाद ग्वालियर-चंबल अंचल में उनके कट्टर समर्थक माने जाने वाले नेताओं जैसे पूर्व मंत्री केपी सिंह और राज्यसभा सदस्य अशोक सिंह की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। इसके साथ ही उनके विरोधी भी फिलहाल चुप हैं जिससे यह साफ है कि कांग्रेस के नेता शायद पार्टी नेतृत्व के रूख का इंतजार कर रहे हैं।

    वहीं भाजपा के नेताओं ने दिग्विजय सिंह के खिलाफ हमलावर रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उन्हें भाजपा में शामिल होने का न्योता दिया जबकि नगरीय निकाय मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने उन्हें सरदार पटेल के रूप में निरूपित किया। पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने इसे दिग्विजय सिंह की राज्यसभा में दोबारा जाने के लिए दबाव बनाने की कोशिश बताया। अब देखना होगा कि दिग्विजय सिंह की इस पोस्ट का असर कांग्रेस पार्टी और उनके गढ़ ग्वालियर-चंबल में किस प्रकार होता है और क्या इस विवाद से पार्टी में कोई बड़े बदलाव होते हैं।

  • तान्या मित्तल से बच्ची ने मांगे कपड़े खरीदने के पैसे 500 का नोट लौटाते हुए कहा- इतने में नहीं आएगा

    तान्या मित्तल से बच्ची ने मांगे कपड़े खरीदने के पैसे 500 का नोट लौटाते हुए कहा- इतने में नहीं आएगा


    नई दिल्ली ।
    मुंबई बिग बॉस 19 की कंटेस्टेंट तान्या मित्तल एक बार फिर सुर्खियों में हैं और इस बार उनका वीडियो सोशल मीडिया पर छा गया है। तान्या का नया वीडियो इंटरनेट पर वायरल हो रहा है जिसमें एक बच्ची उनसे कपड़े खरीदने के लिए पैसे मांगती है लेकिन 500 रुपये का नोट मिलने के बाद उसे वापस कर देती है। यह वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर ट्रोल हो रहा है। वीडियो में तान्या मित्तल अपनी गाड़ी में बैठी होती हैं जब एक बच्ची जो बाहर कुछ बेच रही होती है उनके पास आती है।
    बच्ची तान्या को पहचानती है और उनके कपड़ों की तारीफ करते हुए कहती है दीदी हमें भी नए कपड़े दिला दो। बच्ची की जिद पर तान्या उसे 500 रुपये का नोट देती हैं लेकिन जब बच्ची उस नोट को देखती है तो वह मुंह पर लौटाते हुए कहती है इतने में नहीं आएगा। इस वीडियो के वायरल होने के बाद तान्या मित्तल को सोशल मीडिया पर कई तरह की प्रतिक्रियाओं का सामना करना पड़ रहा है। कुछ लोग उन्हें ट्रोल कर रहे हैं जबकि कुछ उनके इस अंदाज को लेकर हैरान भी हैं।

    तान्या मित्तल के अतरंगी दावे

    तान्या मित्तल को लेकर अतीत में भी कई अतरंगी दावे सामने आ चुके हैं। बिग बॉस 19 में अपनी उपस्थिति के दौरान उन्होंने कई बार दावा किया कि उनके पास 150 बॉडीगार्ड हैं और ग्वालियर में उनका एक महल जैसा घर है। इन दावों ने उन्हें हमेशा चर्चा में रखा और अब उनका यह नया वीडियो भी लोगों के लिए चौंकाने वाला बन गया है।

    सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया

    सोशल मीडिया पर लोग तान्या के इस वीडियो पर मिश्रित प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। जहां कुछ लोग उनका मजाक उड़ा रहे हैं वहीं कुछ लोग इसे उनकी निजी जिंदगी का हिस्सा मानकर खामोश हैं। हालांकि तान्या के अतरंगी अंदाज ने एक बार फिर उनकी सोशल मीडिया पर मौजूदगी को और भी मजबूत कर दिया है। तान्या मित्तल के वीडियो ने यह साबित कर दिया कि वह हमेशा लाइमलाइट में रहना पसंद करती हैं चाहे वह अपनी स्टाइलिश लाइफ को लेकर हो या फिर सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले वीडियो के जरिए। अब देखना होगा कि तान्या इस ट्रोलिंग से कैसे निपटती हैं और क्या उनके दावे सच साबित होते हैं या नहीं।

  • कॉमेडियन भारती सिंह और हार्दिक लिम्बाचिया के घर दूसरी संतान का आगमन खुशियों का माहौल

    कॉमेडियन भारती सिंह और हार्दिक लिम्बाचिया के घर दूसरी संतान का आगमन खुशियों का माहौल


    नई दिल्ली । टीवी इंडस्ट्री के चर्चित कपल कॉमेडियन भारती सिंह और उनके पति लेखक-प्रोड्यूसर हार्दिक लिम्बाचिया के घर खुशियों का बवंडर आया है। इस मशहूर जोड़ी को उनके दूसरे बच्चे का आशीर्वाद मिला है जिससे उनके परिवार में एक नई ख़ुशी की लहर दौड़ गई है। सूत्रों के मुताबिक नन्हे मेहमान का जन्म आज हुआ और इस विशेष दिन को लेकर परिवार बेहद उत्साहित है। हालांकि इस खबर की आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है लेकिन करीबी सूत्रों का कहना है कि यह बच्चा लड़का है।

    खुशियों का नया अध्याय

    भारती और हार्दिक ने इस नन्हे मेहमान के आगमन को लेकर अपनी खुशी अपने परिवार और फैंस के साथ साझा की है। दोनों इस विशेष पल को बहुत ही खास मानते हैं और अपने दोस्तों परिवार और सोशल मीडिया पर इस खुशी को सभी के साथ बांट रहे हैं। इस खबर ने न केवल उनके परिवार को बल्कि टीवी इंडस्ट्री में उनके फैंस को भी उत्साहित कर दिया है।

    टीवी जगत की लोकप्रिय जोड़ी

    भारती और हार्दिक की जोड़ी टीवी इंडस्ट्री में बहुत ही पसंद की जाती है। जहां भारती अपनी कॉमिक टाइमिंग और शानदार ह्यूमर के लिए प्रसिद्ध हैं वहीं हार्दिक ने राइटर होस्ट और प्रोड्यूसर के रूप में अपनी पहचान बनाई है। दोनों की मुलाकात 2009 में ‘कॉमेडी सर्कस’ के सेट पर हुई थी और बाद में 2017 में दोनों ने शादी की थी। दोनों का शानदार व्यक्तिगत और प्रोफेशनल जीवन उनके फैंस के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

    पहली संतान और सोशल मीडिया लाइफ

    इससे पहले 2022 में भारती और हार्दिक ने अपने पहले बेटे गोल्ला (लक्ष सिंह लिम्बाचिया) का स्वागत किया था। उनका पहला बच्चा भी सोशल मीडिया पर खूब चर्चा का विषय बना था और कपल ने उस समय भी अपनी खुशी को खुले तौर पर फैंस के साथ साझा किया था। अब इस दूसरे बच्चे के जन्म के साथ उनका परिवार और भी बड़ा हो गया है। भारती और हार्दिक अक्सर अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स और यूट्यूब चैनल पर अपने परिवार की खूबसूरत पलायन झलकियां साझा करते हैं। उनका इंस्टाग्राम और यूट्यूब चैनल उनके फॉलोअर्स के बीच बेहद लोकप्रिय हैं जो उनके परिवार और जीवन से जुड़ी बातें जानने में हमेशा रुचि रखते हैं।

    संयुक्त परियोजनाएं और काम

    कपल ने टीवी इंडस्ट्री में कई शानदार शो में साथ काम किया है जिनमें ‘हुंरबाज़: देश की शान ‘खतरा खतरा खतरा ‘हम तुम और थेम’ और ‘लाफ्टर शेफ्स’ जैसे शो शामिल हैं। इसके अलावा वे एक साथ पॉडकास्ट भी होस्ट करते हैं जो उनके फैंस के बीच काफी पसंद किया जाता है। भारती और हार्दिक की जोड़ी को अब तक दर्शकों का अपार प्रेम मिला है और दोनों के काम और व्यक्तिगत जीवन को लेकर उनके फैंस हमेशा ही उत्साहित रहते हैं।

    उम्मीदों और खुशियों की नई शुरुआत

    इस नन्हे मेहमान के आगमन से कपल की ज़िंदगी में खुशियाँ और भी बढ़ गई हैं। उनके परिवार में एक नया सदस्य जुड़ने से हर किसी का मन खुशी से भर गया है। टीवी इंडस्ट्री के साथ-साथ उनके फैंस भी इस खूबसूरत पल के लिए उत्साहित हैं और कपल को ढेर सारी शुभकामनाएं दे रहे हैं।
     यह खबर न केवल उनके परिवार के लिए बल्कि उनके फैंस के लिए भी एक बहुत ही खुशी की बात है। जैसे-जैसे उनका परिवार बड़ा हो रहा है वैसे-वैसे उनके साथ बिताए गए पलों और उनके काम के प्रति दर्शकों की उम्मीदें भी और बढ़ गई हैं।

  • पटना हिजाब विवाद: PDP ने नीतीश कुमार के खिलाफ FIR की मांग की, महिला सम्मान मुद्दा बना राजनीति का केंद्र

    पटना हिजाब विवाद: PDP ने नीतीश कुमार के खिलाफ FIR की मांग की, महिला सम्मान मुद्दा बना राजनीति का केंद्र


    नई दिल्ली
    ।पटना में हिजाब विवाद ने एक बार फिर राजनीति और सामाजिक चर्चा में उबाल ला दिया है। हाल ही में आयोजित एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा एक महिला डॉक्टर के चेहरे से हिजाब हटाने का कथित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला तूल पकड़ गया है। विपक्षी दलों ने इसे महिला सम्मान और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का उल्लंघन बताया है।

    जम्मू-कश्मीर की प्रमुख विपक्षी पार्टी पीपल्स डेमोक्रेटिक पार्टी PDP ने इस घटना को गंभीर मानते हुए बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के खिलाफ FIR दर्ज कराने का फैसला किया है। PDP प्रमुख महबूबा मुफ्ती की बेटी इल्तिजा मुफ्ती ने श्रीनगर पुलिस के पास जाकर शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू की। PDP का कहना है कि यह केवल धार्मिक पहचान का मामला नहीं है बल्कि महिलाओं के सम्मान, गरिमा और निजता से जुड़ा है।

    दरअसल, विवाद तब शुरू हुआ जब पटना में आयोजित एक सरकारी कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार नियुक्ति पत्र वितरित कर रहे थे। इसी दौरान एक मुस्लिम महिला डॉक्टर जब मंच पर पहुंचीं, तो मुख्यमंत्री ने कथित तौर पर उनके चेहरे से हिजाब हटा दिया। यह पूरी घटना कैमरे में रिकॉर्ड हो गई और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। इसके बाद देशभर में इस पर प्रतिक्रियाएं आईं और विपक्ष ने इसे संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति द्वारा महिलाओं के अधिकारों का उल्लंघन करार दिया।इस मामले पर PDP की इल्तिजा मुफ्ती ने कड़ा विरोध जताया। उन्होंने कहा कि क्या बिहार सरकार महिलाओं के सम्मान और अपमान में फर्क नहीं समझती। उनका कहना था कि मुख्यमंत्री का यह व्यवहार सत्ता के अहंकार का परिचायक है और महिलाओं की निजता पर चोट पहुंचाता है। PDP का यह भी कहना है कि संवैधानिक पद पर बैठे किसी व्यक्ति से इस तरह का व्यवहार अस्वीकार्य है।

    हिजाब विवाद तब और बढ़ गया जब केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने नीतीश कुमार का समर्थन करते हुए बयान दिया कि नियुक्ति पत्र लेने के लिए चेहरा दिखाना अनिवार्य है और मुख्यमंत्री ने अभिभावक की तरह व्यवहार किया। इस बयान के बाद इल्तिजा मुफ्ती ने प्रतिक्रिया दी कि गिरिराज सिंह का बयान अपमानजनक और असंवेदनशील है।PDP का कहना है कि यह मामला राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर उठाया जाएगा। FIR दर्ज होने पर स्थिति और गंभीर हो सकती है। इस विवाद ने एक बार फिर से राजनीति, धर्म और महिला सम्मान के सवाल को केंद्र में ला दिया है। आने वाले दिनों में इस मामले पर सियासी हलचल तेज रहने की संभावना है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला बिहार में आगामी राजनीतिक घटनाक्रमों को भी प्रभावित कर सकता है। वहीं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और महिला अधिकार संगठनों ने इस घटना की निंदा करते हुए कहा है कि महिलाओं की निजता और धार्मिक पहचान का सम्मान करना हर नागरिक और पदाधिकारी की जिम्मेदारी है।इस विवाद ने साबित कर दिया है कि सोशल मीडिया और वायरल वीडियो अब किसी भी राजनीतिक घटना को राष्ट्रीय स्तर पर मुद्दा बना सकते हैं। PDP का कहना है कि वह कानून के दायरे में रहते हुए सभी आवश्यक कार्रवाई करेगी और इस मामले को न्यायिक प्रक्रिया तक पहुंचाएगी।