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  • Stock Market Today: लाल निशान पर खुला शेयर बाजार, Sensex 645 अंक टूटा; Nifty भी लाल निशान पर

    Stock Market Today: लाल निशान पर खुला शेयर बाजार, Sensex 645 अंक टूटा; Nifty भी लाल निशान पर


    नई दिल्ली। शुक्रवार, 13 मार्च को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत गिरावट के साथ हुई। प्रमुख बेंचमार्क इंडेक्स BSE Sensex और NSE Nifty 50 दोनों ही लाल निशान पर खुले। 30 शेयरों वाला सेंसेक्स करीब 590 अंक या 0.78 प्रतिशत गिरकर 75,444.22 के स्तर पर खुला। वहीं निफ्टी 50 भी 176 अंक या 0.75 प्रतिशत की गिरावट के साथ 23,462.50 के स्तर पर ओपन हुआ।

    शुरुआती कारोबार में जारी रही गिरावट
    सुबह करीब 9:20 बजे तक सेंसेक्स 566 अंक गिरकर 75,467 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। वहीं निफ्टी 50 भी करीब 185 अंक टूटकर 23,453 के आसपास ट्रेड करता दिखा। इस दौरान बाजार में बिकवाली का दबाव बना रहा और ज्यादातर सेक्टरों में कमजोरी देखने को मिली।

    इन शेयरों में रही तेजी और गिरावट
    खबर लिखे जाने तक सेंसेक्स की कंपनियों में कुछ शेयरों में तेजी भी देखने को मिली। टॉप गेनर Power Grid Corporation of India, NTPC, ITC Limited, Reliance Industries टॉप लूजर Larsen & Toubro, Tata Steel, InterGlobe Aviation (IndiGo), HDFC Bank, Mahindra & Mahindra एशियाई शेयर बाजारों में भी शुक्रवार को कमजोरी देखने को मिली। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों से महंगाई बढ़ने की आशंका ने बाजार पर दबाव बनाया। जापान का Nikkei 225 करीब 2 प्रतिशत गिर गया, जबकि TOPIX Index में करीब 1.4 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। वहीं दक्षिण कोरिया का KOSPI करीब 3 प्रतिशत नीचे रहा और Hang Seng Index के भी कमजोर शुरुआत के संकेत मिले।

    गुरुवार को भी बाजार में आई थी बड़ी गिरावट
    इससे पहले गुरुवार, 12 मार्च को भी शेयर बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई थी। उस दिन सेंसेक्स 829 अंक गिरकर 76,034.42 पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी 50 227 अंक टूटकर 23,639.15 के स्तर पर बंद हुआ था। उस दिन भी बाजार में बिकवाली का दबाव देखने को मिला और सेंसेक्स के 30 शेयरों में से सिर्फ 6 शेयर ही हरे निशान में बंद हुए थे, जबकि 24 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई थी।
  • अगले हफ्ते शेयर बाजार में IPO की बारिश, 4 कंपनियां खोलेंगी पब्लिक इश्यू, निवेशकों के लिए बड़ा मौका

    अगले हफ्ते शेयर बाजार में IPO की बारिश, 4 कंपनियां खोलेंगी पब्लिक इश्यू, निवेशकों के लिए बड़ा मौका

    नई दिल्ली। शेयर बाजार में निवेश करने वालों के लिए अगला हफ्ता बेहद अहम रहने वाला है। 9 मार्च से शुरू होने वाले सप्ताह में देश में चार नए आईपीओ खुलने जा रहे हैं। इनमें से तीन पब्लिक इश्यू मेनबोर्ड सेगमेंट से जुड़े हैं जबकि एक आईपीओ एसएमई सेगमेंट का है। इसके अलावा पहले से खुले दो आईपीओ में भी निवेश का मौका मिलेगा। ऐसे में निवेशकों के पास अलग अलग सेक्टर की कंपनियों में पैसा लगाने का अच्छा अवसर रहेगा।

    आने वाले सप्ताह में जिन कंपनियों के आईपीओ खुलने वाले हैं उनमें राजपूताना स्टेनलेस, इनोविजन, एप्सिस एरोकॉम और राजमार्ग इंफ्रा इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट शामिल हैं। इन कंपनियों के जरिए बाजार से हजारों करोड़ रुपये जुटाने की योजना है।

    सबसे पहले राजपूताना स्टेनलेस का आईपीओ 9 मार्च को खुलेगा और 11 मार्च को बंद होगा। यह लगभग 254.98 करोड़ रुपये का इश्यू है। कंपनी ने इसके लिए 116 से 122 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है और एक लॉट में 110 शेयर होंगे। इस कंपनी के शेयर 16 मार्च को बीएसई और एनएसई पर लिस्ट होने की संभावना है।

    इसके बाद इनोविजन का आईपीओ 10 मार्च को खुलेगा और 12 मार्च को बंद होगा। कंपनी का लक्ष्य लगभग 322.84 करोड़ रुपये जुटाना है। इसके लिए 521 से 548 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया है और एक लॉट में 27 शेयर शामिल होंगे। कंपनी के शेयर 17 मार्च को बीएसई और एनएसई पर सूचीबद्ध हो सकते हैं।

    तीसरा आईपीओ एप्सिस एरोकॉम का है जो 11 मार्च को खुलेगा और 13 मार्च को बंद होगा। यह एसएमई सेगमेंट का इश्यू है और कंपनी करीब 35.77 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बना रही है। इसके लिए 104 से 110 रुपये प्रति शेयर का प्राइस तय किया गया है और लॉट साइज 1200 शेयर का है। इस कंपनी के शेयर 18 मार्च को एनएसई एसएमई प्लेटफॉर्म पर लिस्ट होने की संभावना है।

    इसके अलावा राजमार्ग इंफ्रा इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट का बड़ा आईपीओ भी 11 मार्च को खुलेगा और 13 मार्च को बंद होगा। करीब 6000 करोड़ रुपये के इस इश्यू के लिए कंपनी ने 99 से 100 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। इस कंपनी के शेयर 24 मार्च को बीएसई और एनएसई पर लिस्ट होने की उम्मीद है।

    इन नए आईपीओ के अलावा दो ऐसे आईपीओ भी हैं जो पहले से खुले हुए हैं और जिनमें निवेशक अब भी पैसा लगा सकते हैं। एल्फिन एग्रो इंडिया का आईपीओ 5 मार्च को खुला था और 9 मार्च को बंद होगा। कंपनी करीब 25.03 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बना रही है और इसका प्राइस 47 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है। एक लॉट में 3000 शेयर हैं और कंपनी के शेयर 12 मार्च को बीएसई एसएमई पर लिस्ट होने की संभावना है।

    वहीं श्रीनिबासा प्रधान कंस्ट्रक्शन्स का आईपीओ 6 मार्च को खुला था और 10 मार्च को बंद होगा। करीब 20.32 करोड़ रुपये के इस इश्यू को अभी तक लगभग 9 प्रतिशत सब्सक्रिप्शन मिला है। इसके लिए 91 से 98 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड रखा गया है और लॉट साइज 1200 शेयर है। कंपनी के शेयर 13 मार्च को एनएसई एसएमई प्लेटफॉर्म पर डेब्यू कर सकते हैं।

    आने वाला सप्ताह आईपीओ बाजार के लिहाज से काफी व्यस्त रहने वाला है। मेनबोर्ड और एसएमई दोनों सेगमेंट में कई कंपनियां बाजार में उतर रही हैं। ऐसे में निवेशकों के लिए यह जरूरी है कि वे निवेश करने से पहले कंपनियों के कारोबार, वित्तीय स्थिति और जोखिम कारकों का सावधानी से विश्लेषण करें, ताकि सही निर्णय लेकर बेहतर रिटर्न हासिल किया जा सके।

  • शेयर बाजार में भारी गिरावट, सेंसेक्स 1,048 अंक टूटा, निफ्टी 25,500 के नीचे फिसला

    शेयर बाजार में भारी गिरावट, सेंसेक्स 1,048 अंक टूटा, निफ्टी 25,500 के नीचे फिसला


    नई दिल्ली /मुंबई में शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार भारी दबाव में नजर आया और कारोबार के अंत में प्रमुख सूचकांक तेज गिरावट के साथ बंद हुए। 13 फरवरी के कारोबारी सत्र में BSE Sensex 1,048.16 अंक यानी 1.25 प्रतिशत की गिरावट के साथ 82,626.76 पर बंद हुआ, जबकि NSE Nifty 50 336.10 अंक यानी 1.30 प्रतिशत टूटकर 25,471.10 पर आ गया। पूरे दिन बाजार में बिकवाली का दबाव बना रहा और निवेशकों की धारणा कमजोर दिखी।

    गिरावट का नेतृत्व मेटल शेयरों ने किया। सेक्टोरल सूचकांकों में Nifty Metal 3.31 प्रतिशत की गिरावट के साथ सबसे बड़ा लूजर रहा, जबकि Nifty Commodities 2.24 प्रतिशत नीचे बंद हुआ। इसके अलावा Nifty Realty 2.23 प्रतिशत, Nifty Energy 2.04 प्रतिशत, Nifty FMCG 1.90 प्रतिशत, Nifty Oil & Gas 1.88 प्रतिशत, Nifty PSE 1.68 प्रतिशत और Nifty Consumption 1.63 प्रतिशत की कमजोरी के साथ बंद हुए। इससे साफ है कि बिकवाली व्यापक रही और लगभग सभी प्रमुख सेक्टर दबाव में रहे।

    सेंसेक्स पैक में हिंदुस्तान यूनिलीवर, टाटा स्टील, टाइटन, टीसीएस, पावर ग्रिड, एशियन पेंट्स, एचडीएफसी बैंक, इन्फोसिस, आईटीसी, कोटक महिंद्रा बैंक और आईसीआईसीआई बैंक जैसे दिग्गज शेयरों में गिरावट देखी गई। वहीं बजाज फाइनेंस और एसबीआई ही ऐसे शेयर रहे जो हरे निशान में बंद हुए।

    केवल लार्जकैप ही नहीं, बल्कि मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी दबाव रहा। Nifty Midcap 100 1,032.85 अंक यानी 1.71 प्रतिशत की गिरावट के साथ 59,438 पर बंद हुआ, जबकि Nifty Smallcap 100 311.20 अंक यानी 1.79 प्रतिशत गिरकर 17,032.90 पर आ गया। इससे संकेत मिलता है कि व्यापक बाजार में निवेशकों ने मुनाफावसूली या जोखिम कम करने की रणनीति अपनाई।

    एलकेपी सिक्योरिटीज के विश्लेषक रूपक दे ने कहा कि अमेरिकी बाजारों से मिले कमजोर संकेतों के कारण निफ्टी की शुरुआत ही गिरावट के साथ हुई और दिनभर दबाव बना रहा। उन्होंने बताया कि इंडिया वीआईएक्स का 200 डीएमए के ऊपर जाना बाजार में बढ़ते डर को दर्शाता है। उनके अनुसार निफ्टी के लिए 25,500 का स्तर अहम सपोर्ट है और इसके नीचे जाने पर 25,000 का स्तर भी देखा जा सकता है। वहीं 25,800 के आसपास रुकावट का स्तर बना हुआ है।

    इस बीच कच्चे तेल की कीमतों में हल्की तेजी देखी गई। ब्रेंट क्रूड करीब 0.55 प्रतिशत बढ़कर 68 डॉलर प्रति बैरल के आसपास और डब्ल्यूटीआई क्रूड लगभग आधा प्रतिशत चढ़कर 63 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखा। तेल कीमतों में बढ़ोतरी भी बाजार की धारणा पर असर डाल सकती है।

    कुल मिलाकर शुक्रवार का सत्र निवेशकों के लिए निराशाजनक रहा। वैश्विक संकेत, सेक्टोरल दबाव और तकनीकी कमजोरी ने मिलकर बाजार को लाल निशान में धकेल दिया। आने वाले सत्रों में 25,500 का स्तर निवेशकों की नजर में प्रमुख रहेगा।

  • BSE के Q3 नतीजों ने मचाया धमाल शेयर ने बनाया नया रिकॉर्ड..

    BSE के Q3 नतीजों ने मचाया धमाल शेयर ने बनाया नया रिकॉर्ड..


    नई दिल्ली । बीएसई के शेयरों ने तीसरी तिमाही के नतीजों के बाद बाजार में जबरदस्त हलचल मचा दी है। एक्सपायरी डेट सितंबर 2025 में बदले जाने के बावजूद वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही बीएसई के लिए बेहद मजबूत साबित हुई है। शानदार ट्रेडिंग आंकड़ों और बेहतर वित्तीय प्रदर्शन के चलते कई ब्रोकरेज हाउस ने अपने टारगेट प्राइस बढ़ा दिए हैं। इसी का असर रहा कि आज शुरुआती कारोबार में बीएसई के शेयरों में छह फीसदी से ज्यादा की तेजी देखने को मिली।

    कारोबार के दौरान बीएसई का शेयर 6.81 फीसदी की उछाल के साथ 3188.40 रुपये के रिकॉर्ड हाई स्तर तक पहुंच गया था। हालांकि कुछ निवेशकों ने मुनाफावसूली की जिससे भाव थोड़े नरम पड़े लेकिन इसके बावजूद शेयर मजबूत स्थिति में बना हुआ है। फिलहाल बीएसई का शेयर 6.25 फीसदी की तेजी के साथ 3171.60 रुपये पर कारोबार कर रहा है।

    एनालिस्ट्स की राय भी बीएसई के पक्ष में दिखाई दे रही है। इसे कवर करने वाले 16 एनालिस्ट्स में से 12 ने शेयर पर खरीद की सलाह दी है जबकि चार ने होल्ड रेटिंग दी है। खास बात यह है कि किसी भी एनालिस्ट ने शेयर बेचने की सिफारिश नहीं की है। यूबीएस जेफरीज और नुवामा जैसी बड़ी ब्रोकरेज फर्मों ने बीएसई के टारगेट प्राइस में इजाफा किया है।

    दिसंबर 2025 की तिमाही बीएसई के लिए काफी दमदार रही है। तिमाही आधार पर कंपनी का टर्नओवर 30 फीसदी बढ़ा है। औसत दैनिक नोशनल टर्नओवर 28 फीसदी की वृद्धि के साथ 210 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया जबकि औसत दैनिक प्रीमियम टर्नओवर 29.7 फीसदी बढ़कर 19459 करोड़ रुपये हो गया। एक्सचेंज के ट्रांजैक्शन चार्ज से होने वाली आय के चलते रेवेन्यू परफॉर्मेंस बाजार की उम्मीदों से बेहतर रही।

    बीएसई की ऑपरेटिंग इनकम तिमाही आधार पर 16 फीसदी बढ़कर 1244 करोड़ रुपये हो गई है जबकि ऑपरेटिंग प्रॉफिट 13 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ 778 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। हालांकि रेगुलेटरी कंट्रीब्यूशन बढ़ने से मार्जिन पर थोड़ा दबाव जरूर देखने को मिला है। रेगुलेटरी कंट्रीब्यूशन तिमाही आधार पर 28 फीसदी बढ़कर 187 करोड़ रुपये हो गया जिससे मार्जिन 64.7 फीसदी से घटकर 62.5 फीसदी पर आ गया।

    ब्रोकरेज सेंटिमेंट की बात करें तो यूबीएस ने बीएसई पर बाय रेटिंग बरकरार रखते हुए टारगेट प्राइस बढ़ाकर 3650 रुपये कर दिया है। यूबीएस का कहना है कि ज्यादा लागत के चलते कंपनी अपने प्रॉफिट टारगेट से थोड़ी चूकी जरूर है लेकिन शेयर प्राइस में मजबूती रेवेन्यू ग्रोथ और प्रीमियम एवरेज डेली टर्नओवर की मजबूती इसे सपोर्ट कर रही है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि एसटीटी रेट बढ़ने का ऑप्शन वॉल्यूम पर असर पहले की आशंका से कम हो सकता है।

    जेफरीज ने बीएसई को होल्ड रेटिंग दी है लेकिन टारगेट प्राइस बढ़ाकर 3050 रुपये कर दिया है। ब्रोकरेज का मानना है कि 610 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट उम्मीद से बेहतर रहा है। हालांकि नए प्रोडक्ट्स को लेकर अनिश्चितता FY2029 के बाद ग्रोथ के लिए चुनौती बन सकती है।

    नुवामा ने बीएसई पर बाय रेटिंग देते हुए टारगेट प्राइस 3760 रुपये तय किया है। ब्रोकरेज के मुताबिक एक्सपायरी डेट बदलने के बावजूद बीएसई ने इंडेक्स ऑप्शंस में मजबूत मार्केट शेयर हासिल किया है जिससे रेवेन्यू और ऑपरेटिंग प्रॉफिट में तेज उछाल देखने को मिला है। कुल मिलाकर मजबूत नतीजों और सकारात्मक ब्रोकरेज रिपोर्ट्स के चलते बीएसई का शेयर आने वाले समय में निवेशकों के रडार पर बना रह सकता है।

  • ITC शेयर का भविष्य: 300 रुपये के स्तर पर आया भाव, तेजी या मंदी?

    ITC शेयर का भविष्य: 300 रुपये के स्तर पर आया भाव, तेजी या मंदी?


    नई दिल्ली। देश की दिग्गज एफएमसीजी कंपनी आईटीसी के शेयरों में जनवरी महीने में जबरदस्त गिरावट देखने को मिली और यह 20 फीसदी तक टूट गया। 1 फरवरी से सिगरेट और तंबाकू पर लागू हुए नए टैक्स के चलते शेयरों में कमजोरी आई और 2 फरवरी को यह ₹302 के स्तर पर पहुंच गया। निवेशकों के लिए यह चिंता का विषय बन गया कि अब ITC के शेयरों में और गिरावट आएगी या तेजी का दौर शुरू होगा।

    ब्रोकरेज और एक्सपर्ट का नजरिया
    घरेलू ब्रोकरेज फर्म ICICI Direct ने ITC के शेयरों पर एक साल के नजरिये से ₹350 का टारगेट प्राइस दिया है और ₹285 के स्टॉप लॉस के साथ खरीदारी की राय दी है। फर्म का कहना है कि बजट में ऐसा कोई एलान नहीं हुआ जो आईटीसी के बिजनेस को प्रभावित करे। सिगरेट और तंबाकू पर 55% टैक्स की घोषणा बजट से पहले की जा चुकी थी और अब इसका असर बाजार में पहले ही समाहित हो चुका है।

    इंडिपेंडेंट मार्केट एक्सपर्ट अंबरीश बलिगा ने माना कि ITC के शेयरों ने निचला स्तर बना लिया है और अब तेजी की संभावना है। उनका कहना है कि लंबे समय में शेयर ₹400+ तक जा सकता है। तकनीकी विश्लेषण के अनुसार निकट अवधि में शेयर ₹325 तक जा सकता है और ₹306 रुपये पर मजबूत सपोर्ट नजर आता है।

    ITC शेयरों के लिए अहम स्तर
    टेक्निकल विश्लेषक जिगर एस पटेल के अनुसार ITC के शेयरों में निकट भविष्य में ₹325 तक तेजी देखने को मिल सकती है। वहीं निचला स्तर यानी सपोर्ट ₹306 रुपये है। इस स्तर से नीचे गिरावट जोखिम भरा हो सकता है और निवेशकों को स्टॉप लॉस का ध्यान रखना चाहिए। ICICI Direct का मानना है कि 1 साल के नजरिये से ₹350 टारगेट तक पहुंचना संभव है और अंबरीश बलिगा का दीर्घकालिक टारगेट ₹400+ है।

    निवेशकों के लिए संकेत
    विशेषज्ञों के अनुसार ITC ने हाल ही में बॉटम बना लिया है। कम अवधि के निवेशक सपोर्ट और रेसिस्टेंस के स्तर पर निगरानी रखकर कदम उठा सकते हैं। लंबे समय के निवेशक बजट और टेक्स प्रावधानों के स्थिर होने की वजह से शेयर में मजबूती देख सकते हैं। बाजार में मंदी का डर कम हुआ है और तकनीकी संकेत तेजी की संभावना की ओर इशारा कर रहे हैं। ITC का बिजनेस मॉडल एफएमसीजी सेक्टर में स्थिर है और टैक्स पहले ही शेयर मूल्य में समाहित हो चुका है। निवेशकों को चाहिए कि स्टॉप लॉस और टारगेट प्राइस के हिसाब से पोर्टफोलियो मैनेजमेंट करें और भावुक होकर फैसले न लें।