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  • .मल्टीबैगर स्टॉक बना निवेशकों की लॉटरी, 3 साल में 2400% रिटर्न के बाद अब बोनस शेयर का बड़ा ऐलान

    .मल्टीबैगर स्टॉक बना निवेशकों की लॉटरी, 3 साल में 2400% रिटर्न के बाद अब बोनस शेयर का बड़ा ऐलान

    नई दिल्ली । शेयर बाजार में एक बार फिर मल्टीबैगर स्टॉक्स ने निवेशकों का ध्यान खींचा है। स्मॉलकैप कैटेगरी की एक कंपनी वी-मार्क इंडिया ने हाल ही में ऐसा प्रदर्शन किया है जिसने निवेशकों को चौंका दिया है। कंपनी ने 5:1 के अनुपात में बोनस शेयर जारी करने का फैसला लिया है, जिसके बाद इसके शेयरों में जोरदार तेजी देखने को मिली और यह करीब 11 प्रतिशत तक उछल गया।

    बोनस शेयर का मतलब यह है कि जिन निवेशकों के पास कंपनी का एक शेयर होगा, उन्हें अतिरिक्त पांच शेयर मुफ्त में दिए जाएंगे। इस फैसले से बाजार में सकारात्मक माहौल बना और निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ गई। हालांकि इस प्रस्ताव को अभी शेयरधारकों की मंजूरी मिलना बाकी है।

    इस कंपनी की सबसे बड़ी खासियत इसका मल्टीबैगर रिटर्न है। पिछले तीन वर्षों में इस स्टॉक ने लगभग 2400 प्रतिशत का रिटर्न दिया है, यानी निवेशकों की पूंजी कई गुना बढ़ चुकी है। अगर किसी ने कुछ साल पहले इसमें निवेश किया होता, तो उसकी रकम आज कई गुना ज्यादा हो सकती थी। यही कारण है कि यह स्टॉक लगातार चर्चा में बना हुआ है।

    कंपनी वायर और केबल निर्माण के क्षेत्र में काम करती है और इसका उपयोग पावर, इंफ्रास्ट्रक्चर और औद्योगिक प्रोजेक्ट्स में बड़े पैमाने पर होता है। इसके उत्पादों की मांग सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों में बनी रहती है, जिससे इसका बिजनेस लगातार मजबूत हो रहा है।

    बीते कुछ वर्षों में कंपनी के शेयरों ने शानदार प्रदर्शन किया है। एक साल के भीतर भी इसमें कई गुना तेजी देखने को मिली है, जबकि एक महीने के अंदर भी इसमें तेज उछाल दर्ज किया गया है। इस मजबूत प्रदर्शन ने इसे स्मॉलकैप से मल्टीबैगर स्टॉक की श्रेणी में ला दिया है।

    कंपनी का भविष्य विस्तार पर भी जोर है। आने वाले वर्षों में उत्पादन क्षमता बढ़ाने और नए बाजारों में विस्तार करने की योजना है। इसके साथ ही कंपनी का फोकस पावर ट्रांसमिशन, रिन्यूएबल एनर्जी और निर्यात जैसे क्षेत्रों पर भी है।

    कुल मिलाकर यह स्टॉक उन निवेशकों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है जो लंबी अवधि में मजबूत रिटर्न की तलाश में रहते हैं। बोनस शेयर की घोषणा ने इसके प्रति बाजार की उम्मीदों को और बढ़ा दिया है।

  • सेंसेक्स-निफ्टी धड़ाम: शेयर बाजार की बड़ी गिरावट से निवेशकों में घबराहट

    सेंसेक्स-निफ्टी धड़ाम: शेयर बाजार की बड़ी गिरावट से निवेशकों में घबराहट


    नई दिल्ली।  घरेलू शेयर बाजार में मंगलवार को भारी उतार-चढ़ाव और बिकवाली का दबाव देखने को मिला। कारोबारी सप्ताह के दूसरे दिन बाजार खुलते ही निवेशकों में हड़कंप मच गया। बैंकिंग, आईटी और मेटल सेक्टर में तेज बिकवाली के कारण सेंसेक्स और निफ्टी दोनों बड़े नुकसान के साथ कारोबार करते नजर आए। शुरुआती कारोबार में ही सेंसेक्स सैकड़ों अंक टूट गया, जबकि निफ्टी भी अहम स्तर के नीचे फिसल गया।
    विशेषज्ञों के मुताबिक, वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेत, विदेशी निवेशकों की बिकवाली और आर्थिक अनिश्चितताओं का असर भारतीय बाजार पर साफ दिखाई दिया। मिडिल ईस्ट तनाव और अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ती अस्थिरता ने भी निवेशकों का भरोसा कमजोर किया। इसके चलते निवेशकों ने सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख करना शुरू कर दिया।
    बैंकिंग शेयरों में सबसे ज्यादा दबाव देखने को मिला। कई दिग्गज बैंकिंग स्टॉक्स लाल निशान में कारोबार करते रहे। आईटी कंपनियों के शेयरों में भी गिरावट दर्ज की गई, जिससे टेक इंडेक्स पर असर पड़ा। मेटल और ऑटो सेक्टर में भी कमजोरी देखने को मिली। हालांकि कुछ एफएमसीजी शेयरों ने बाजार को संभालने की कोशिश की, लेकिन कुल मिलाकर बाजार का मूड नकारात्मक बना रहा।
    बाजार विश्लेषकों का कहना है कि आने वाले दिनों में भी उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। निवेशकों को फिलहाल सतर्क रहकर निवेश करने की सलाह दी जा रही है। एक्सपर्ट्स मानते हैं कि लंबी अवधि के निवेशकों को घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन शॉर्ट टर्म ट्रेडर्स को बाजार की चाल पर नजर बनाए रखनी चाहिए।
    इस गिरावट के चलते निवेशकों के करोड़ों रुपये डूब गए। छोटे निवेशकों में सबसे ज्यादा बेचैनी देखने को मिली। सोशल मीडिया पर भी बाजार की गिरावट को लेकर चर्चा तेज रही। कई निवेशकों ने इसे हाल के महीनों की बड़ी गिरावटों में से एक बताया।
  • L&T का धमाका: मुनाफा उछला, ₹38 प्रति शेयर डिविडेंड; ऑर्डर बुक रिकॉर्ड स्तर पर

    L&T का धमाका: मुनाफा उछला, ₹38 प्रति शेयर डिविडेंड; ऑर्डर बुक रिकॉर्ड स्तर पर


    नई दिल्ली। अयोध्या में राम मंदिर निर्माण से चर्चा में रही इंजीनियरिंग दिग्गज Larsen & Toubro (L&T) ने अपने तिमाही और सालाना नतीजों से निवेशकों को खुश कर दिया है। कंपनी ने न सिर्फ मुनाफे में जबरदस्त बढ़त दर्ज की, बल्कि हर शेयर पर ₹38 के भारी-भरकम डिविडेंड का ऐलान भी किया है।

    कंपनी की ओर से जारी एक्सचेंज फाइलिंग के मुताबिक, L&T का ग्रुप ऑर्डर इनफ्लो 22% की बढ़त के साथ ₹4.35 लाख करोड़ के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। यह कंपनी की मजबूत ऑर्डर बुक और भविष्य की ग्रोथ संभावनाओं का साफ संकेत देता है।

    वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में कंपनी का समेकित राजस्व ₹82,762 करोड़ रहा, जो पिछले साल के मुकाबले 11% ज्यादा है। खास बात यह रही कि अंतरराष्ट्रीय कारोबार से ₹43,747 करोड़ की कमाई हुई, जो कुल राजस्व का 53% हिस्सा है।

    पूरे वित्त वर्ष की बात करें तो कंपनी का Recurring PAT ₹17,238 करोड़ रहा, जिसमें सालाना आधार पर 18% की मजबूत बढ़त दर्ज की गई। वहीं, Consolidated PAT ₹16,084 करोड़ रहा। इसमें ₹1,155 करोड़ का एक बार का प्रावधान (Exceptional Item) शामिल है, जो नए श्रम कानूनों के तहत कर्मचारियों को मिलने वाले लाभों के लिए किया गया है।

    निवेशकों के लिए सबसे बड़ी खुशखबरी डिविडेंड को लेकर आई है। L&T ने ₹2 फेस वैल्यू वाले हर शेयर पर ₹38 का फाइनल डिविडेंड घोषित किया है, जो पिछले साल के ₹34 प्रति शेयर से ज्यादा है।

    कंपनी ने इसके लिए 22 मई 2026 को रिकॉर्ड डेट तय की है। यानी इस तारीख तक जिन निवेशकों के डीमैट अकाउंट में L&T के शेयर होंगे, उन्हें यह डिविडेंड मिलेगा। शेयरधारकों की मंजूरी मिलने के बाद डिविडेंड का भुगतान 10 जून 2026 तक किया जा सकता है।

    कुल मिलाकर, मजबूत ऑर्डर बुक, बढ़ता मुनाफा और आकर्षक डिविडेंड—तीनों फैक्टर L&T को निवेशकों के लिए एक बार फिर चर्चा में ले आए हैं। बाजार के जानकार मानते हैं कि इंफ्रास्ट्रक्चर और इंजीनियरिंग सेक्टर में कंपनी की पकड़ आने वाले समय में और मजबूत हो सकती है।

  • मजबूत वैश्विक संकेतों से शेयर बाजार में तेजी, डिफेंस और ऑटो सेक्टर ने संभाली कमान

    मजबूत वैश्विक संकेतों से शेयर बाजार में तेजी, डिफेंस और ऑटो सेक्टर ने संभाली कमान


    नई दिल्ली। बुधवार सुबह 9:18 बजे भारतीय शेयर बाजार में सकारात्मक रुख देखने को मिला। सेंसेक्स 306 अंक यानी 0.40 प्रतिशत की बढ़त के साथ 77,193 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 88 अंक यानी 0.33 प्रतिशत की तेजी के साथ 24,085 पर कारोबार करता नजर आया। वैश्विक संकेतों में सुधार और निवेशकों की मजबूत धारणा के चलते बाजार में शुरुआती खरीदारी हावी रही।

    डिफेंस और ऑटो सेक्टर बने बाजार के स्टार परफॉर्मर

    शुरुआती कारोबार में सबसे ज्यादा तेजी डिफेंस और ऑटो सेक्टर में देखने को मिली। निफ्टी इंडिया डिफेंस और निफ्टी ऑटो इंडेक्स टॉप गेनर्स में रहे। इसके अलावा इंफ्रास्ट्रक्चर, ऑयल एंड गैस, रियल्टी, FMCG, एनर्जी और फार्मा सेक्टर भी मजबूती के साथ हरे निशान में कारोबार कर रहे थे। हालांकि दूसरी ओर मेटल, फाइनेंशियल सर्विसेज और पीएसई सेक्टर में हल्की गिरावट देखने को मिली, जिससे बाजार में सेक्टोरल मिक्स ट्रेंड बना रहा।

    मिडकैप और स्मॉलकैप में भी खरीदारी जारी

    बाजार में सिर्फ लार्जकैप ही नहीं बल्कि मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी तेजी देखने को मिली। निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 149 अंक यानी 0.83 प्रतिशत की बढ़त के साथ 18,125 पर पहुंच गया।
    निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 208 अंक यानी 0.35 प्रतिशत की तेजी के साथ 60,628 पर कारोबार कर रहा था। इससे साफ है कि व्यापक बाजार में भी निवेशकों का भरोसा मजबूत बना हुआ है।

    सेंसेक्स के प्रमुख शेयरों का प्रदर्शन

    सेंसेक्स के प्रमुख शेयरों में मारुति सुजुकी, आईटीसी, टेक महिंद्रा, भारती एयरटेल, अल्ट्राटेक सीमेंट, इन्फोसिस, बीईएल, अदाणी पोर्ट्स, एचयूएल, टीसीएस और एसबीआई जैसे शेयरों में मजबूती दर्ज की गई। वहीं टाटा स्टील, एनटीपीसी, आईसीआईसीआई बैंक, बजाज फाइनेंस, एक्सिस बैंक, एशियन पेंट्स और एचसीएल टेक में हल्का दबाव देखने को मिला।

    वैश्विक बाजारों और तेल की कीमतों का असर

    बाजार विशेषज्ञों के अनुसार यूएई के ओपेक से बाहर होने के बाद कच्चे तेल की कीमतों पर थोड़ा दबाव देखने को मिला है, हालांकि अमेरिका-ईरान तनाव के कारण तेल अभी भी 110 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बना हुआ है। निवेशकों की नजर अब अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक पर टिकी है, जिसका फैसला आज रात आने वाला है। यह निर्णय वैश्विक बाजारों की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है।

    एशियाई बाजारों में भी सकारात्मक रुख

    एशियाई बाजारों में भी बुधवार को मजबूती देखने को मिली। शंघाई, हांगकांग, सोल, जकार्ता और बैंकॉक के बाजार हरे निशान में कारोबार कर रहे थे। हालांकि जापानी बाजार राष्ट्रीय अवकाश के कारण बंद रहे।

    अमेरिकी बाजारों में कमजोरी

    इसके विपरीत, अमेरिकी शेयर बाजार मंगलवार को गिरावट के साथ बंद हुए। डाओ जोन्स 0.05 प्रतिशत और टेक्नोलॉजी इंडेक्स 0.90 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुए, जिससे वैश्विक बाजारों में मिश्रित संकेत देखने को मिले।

    कुल मिलाकर वैश्विक संकेतों और घरेलू खरीदारी के दम पर भारतीय शेयर बाजार ने मजबूत शुरुआत की है। हालांकि निवेशकों की नजर अब अमेरिकी फेड के फैसले पर है, जो आने वाले दिनों में बाजार की दिशा तय कर सकता है।

  • ब्रोकरेज ने जताया 64 रुपये के टारगेट का भरोसा; क्या अब मल्टीबैगर रिटर्न के लिए तैयार हैं निवेशक?

    ब्रोकरेज ने जताया 64 रुपये के टारगेट का भरोसा; क्या अब मल्टीबैगर रिटर्न के लिए तैयार हैं निवेशक?


    नई दिल्ली।विंड एनर्जी सेक्टर की प्रमुख कंपनी सुजलॉन एनर्जी के शेयरों में हाल के दिनों में तेज रफ्तार देखने को मिली है। लगातार खरीदारी के चलते स्टॉक में मजबूत तेजी बनी हुई है और निवेशकों का रुझान इस ओर बढ़ा है। पिछले कुछ कारोबारी सत्रों में शेयर में लगभग 20 प्रतिशत तक की बढ़त दर्ज की गई है, जबकि एक महीने के भीतर इसमें करीब 28 प्रतिशत तक की तेजी देखने को मिली है।

    हाल के कारोबारी सत्र में शेयर लगभग 53 रुपये के स्तर पर बंद हुआ, जिससे बाजार में यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या यह आगे चलकर 64 रुपये के स्तर को पार कर सकता है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि कंपनी में आई यह तेजी केवल अल्पकालिक नहीं है, बल्कि इसके पीछे सेक्टर की मजबूत संभावनाएं भी अहम भूमिका निभा रही हैं।

    ब्रोकरेज हाउस जेएम फाइनेंशियल ने सुजलॉन एनर्जी पर अपनी BUY रेटिंग को बरकरार रखते हुए अगले 12 महीनों के लिए 64 रुपये का टारगेट प्राइस तय किया है। रिपोर्ट के अनुसार मौजूदा स्तर से शेयर में लगभग 30 प्रतिशत तक की अतिरिक्त बढ़त की संभावना बनी हुई है। इसके पीछे मुख्य कारण भारत में तेजी से बढ़ती बिजली की मांग और नवीकरणीय ऊर्जा पर सरकार का बढ़ता फोकस माना जा रहा है।

    विशेषज्ञों के अनुसार विंड एनर्जी सेक्टर आने वाले समय में और अधिक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है, खासकर तब जब सोलर और गैस आधारित ऊर्जा उत्पादन दिन के कुछ समय तक सीमित रहता है। शाम और रात के समय बिजली की मांग को पूरा करने में विंड एनर्जी एक मजबूत विकल्प के रूप में उभर रही है, जिससे इस सेक्टर की कंपनियों को फायदा मिल सकता है।

    सरकारी स्तर पर भी विंड एनर्जी क्षमता बढ़ाने पर लगातार काम किया जा रहा है। आने वाले वर्षों में बड़े पैमाने पर नए प्रोजेक्ट्स शुरू होने की संभावना है, जिससे इस क्षेत्र में निवेश और विस्तार दोनों को बढ़ावा मिलेगा। इससे कंपनियों की ऑर्डर बुक मजबूत होने और उत्पादन क्षमता में सुधार की उम्मीद है।

    कंपनी के प्रदर्शन में हाल के समय में सुधार देखने को मिला है। प्रोजेक्ट्स के निष्पादन और डिलीवरी में तेजी आई है, जिससे पहले की तुलना में कामकाज अधिक सुचारू हुआ है। इससे कंपनी के कैश फ्लो में सुधार और नए ऑर्डर्स मिलने की संभावना भी बढ़ी है।

    बाजार विश्लेषकों का कहना है कि सुजलॉन के शेयर की दिशा आगे चलकर पूरी तरह से रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर की मांग, सरकारी नीतियों और वैश्विक ऊर्जा परिस्थितियों पर निर्भर करेगी। यदि सेक्टर में मौजूदा रफ्तार बनी रहती है, तो शेयर में आगे और मजबूती देखने को मिल सकती है।

  • वैश्विक तनावों के बीच लाल निशान में बंद हुआ शेयर बाजार, सेंसेक्स और निफ्टी 2% लुढ़के

    वैश्विक तनावों के बीच लाल निशान में बंद हुआ शेयर बाजार, सेंसेक्स और निफ्टी 2% लुढ़के


    नई दिल्ली। वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेतों और अमेरिकी-ईरान युद्ध में बढ़ते तनाव के बीच भारतीय शेयर बाजार हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन लाल निशान में बंद हुआ। प्रमुख बेंचमार्क सूचकांक बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी50 दोनों में 2 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई।

    सेंसेक्स और निफ्टी की स्थिति
    सेंसेक्स: दिन के अंत में 1,690.23 अंक यानी 2.25% की गिरावट के साथ 73,583.22 पर बंद हुआ।
    निफ्टी50: 486.85 अंक यानी 2.09% की गिरावट के साथ 22,819.60 पर बंद हुआ।

    दिनभर के कारोबार में सेंसेक्स ने 74,883.79 पर खुलकर 1,736 अंक यानी 2.30% से अधिक गिरकर 73,534.41 के निचले स्तर को छुआ। वहीं निफ्टी50 23,173.55 से शुरू होकर 501 अंक यानी 2.15% गिरकर 22,804.55 तक पहुंच गया।

    व्यापक बाजार और सेक्टर प्रदर्शन
    निफ्टी मिडकैप: 2.23% की गिरावट
    निफ्टी स्मॉलकैप: 1.74% की गिरावट

    सबसे अधिक प्रभावित सेक्टर:

    सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक (PSU) – 3.86% गिरावट
    निफ्टी रियल्टी – 3.17%
    निफ्टी ऑटो – 2.82%
    निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज – 2.69%
    निफ्टी प्राइवेट बैंक – 2.01%

    सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाला सेक्टर:

    निफ्टी आईटी – केवल 0.44% की गिरावट
    शेयरों का दिनभर का प्रदर्शन

    सकारात्मक प्रदर्शन: केवल 6 कंपनियों में तेजी

    ओएनजीसी: +4.03%
    विप्रो: +1.22%
    भारती एयरटेल: +0.82%
    टीसीएस: +0.42%
    कोल इंडिया: +0.32%
    पावरग्रिड: +0.24%

    सबसे अधिक नुकसान:

    श्रीराम फाइनेंस: -5.54%
    टीएमपीवी: -4.92%
    रिलायंस: -4.61%
    इंडिगो: -4.48%
    बजाज फाइनेंस: -4.11%
    कुल बाजार पूंजीकरण और निवेशकों को नुकसान

    दिन के कारोबार में निवेशकों को लगभग 9 लाख करोड़ रुपए का नुकसान हुआ। बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण 431 लाख करोड़ रुपए से घटकर 422 लाख करोड़ रुपए रह गया।

  • ऑनलाइन फूड ऑर्डर करना हुआ महंगा Swiggy ने बढ़ाई डिलीवरी फीस..

    ऑनलाइन फूड ऑर्डर करना हुआ महंगा Swiggy ने बढ़ाई डिलीवरी फीस..


    नई दिल्ली:फूड डिलीवरी सेक्टर में एक बार फिर कीमतों का बोझ बढ़ गया है। Swiggy ने अपने प्लेटफॉर्म पर लगने वाली फीस में बढ़ोतरी कर दी है जिससे अब ग्राहकों को हर ऑर्डर पर पहले से ज्यादा पैसे देने होंगे।

    कंपनी के अनुसार प्लेटफॉर्म फीस को बढ़ाकर अब 17.58 रुपये प्रति ऑर्डर कर दिया गया है जिसमें जीएसटी भी शामिल है। पहले यह फीस 14.99 रुपये थी। इस तरह करीब 2.59 रुपये यानी लगभग 17 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

    स्विगी का कहना है कि यह बढ़ोतरी प्लेटफॉर्म के संचालन और रखरखाव को बेहतर बनाने के उद्देश्य से की गई है। कंपनी लगातार अपने नेटवर्क को मजबूत करने और डिलीवरी अनुभव को बेहतर बनाने पर काम कर रही है जिसके चलते यह बदलाव किया गया है।

    यह पहली बार नहीं है जब स्विगी ने प्लेटफॉर्म फीस में बढ़ोतरी की है। इससे पहले अगस्त 2025 में भी कंपनी ने फीस बढ़ाकर 12 रुपये से करीब 14-15 रुपये के स्तर तक पहुंचा दिया था। अब एक बार फिर बढ़ोतरी ने ग्राहकों की जेब पर असर डालना शुरू कर दिया है।

    इसी तरह Zomato ने भी हाल ही में अपनी प्लेटफॉर्म फीस में इजाफा किया था। कंपनी ने फीस में करीब 19.2 प्रतिशत की बढ़ोतरी करते हुए इसे 12.5 रुपये से बढ़ाकर 14.90 रुपये कर दिया था। जीएसटी जोड़ने के बाद यह राशि करीब 17.58 रुपये प्रति ऑर्डर तक पहुंच गई है।

    फूड डिलीवरी कंपनियों द्वारा यह बढ़ोतरी ऐसे समय में की गई है जब एलपीजी की कीमतों में भी वृद्धि हुई है जिससे रेस्तरां की लागत बढ़ गई है। इससे पूरे फूड डिलीवरी इकोसिस्टम पर दबाव बढ़ा है और इसका असर ग्राहकों तक पहुंच रहा है।

    बाजार में इस खबर के बीच स्विगी के शेयरों में हल्की तेजी देखी गई। दोपहर 12:30 बजे कंपनी का शेयर करीब 2.55 प्रतिशत की बढ़त के साथ 279.55 रुपये पर ट्रेड कर रहा था। हालांकि पिछले कुछ समय में शेयर में गिरावट का रुख रहा है और बीते एक हफ्ते में यह 5 प्रतिशत से ज्यादा फिसल चुका है। वहीं एक महीने में करीब 10 प्रतिशत और पिछले छह महीनों में 36 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई है।

    कुल मिलाकर फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म्स की बढ़ती फीस ग्राहकों के लिए चिंता का विषय बनती जा रही है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या ये कंपनियां अपनी कीमतों को और बढ़ाती हैं या फिर प्रतिस्पर्धा के चलते कुछ राहत देती हैं।

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  • एचडीएफसी बैंक में बड़ा कदम इस्तीफे की जांच के लिए बाहरी लॉ फर्म की नियुक्ति

    एचडीएफसी बैंक में बड़ा कदम इस्तीफे की जांच के लिए बाहरी लॉ फर्म की नियुक्ति


    नई दिल्ली:HDFC Bank ने अपने पूर्व अंशकालिक अध्यक्ष और स्वतंत्र निदेशक अतानु चक्रवर्ती के इस्तीफे को लेकर एक बड़ा कदम उठाया है। बैंक ने इस पूरे मामले की जांच के लिए बाहरी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय कानूनी फर्मों की नियुक्ति को मंजूरी दी है। यह निर्णय बैंक के बोर्ड की 23 मार्च को हुई बैठक में लिया गया।

    बैंक की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि इस जांच का उद्देश्य इस्तीफे की परिस्थितियों को स्पष्ट करना और गवर्नेंस से जुड़े मानकों को और मजबूत बनाना है। कानूनी फर्मों को निर्देश दिया गया है कि वे चक्रवर्ती के इस्तीफा पत्र की गहराई से समीक्षा करें और एक तय समय सीमा के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करें।

    गौरतलब है कि अतानु चक्रवर्ती ने 18 मार्च को तत्काल प्रभाव से अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। अपने इस्तीफे में उन्होंने संकेत दिया था कि पिछले दो वर्षों में बैंक के भीतर कुछ ऐसे घटनाक्रम हुए जो उनके व्यक्तिगत मूल्यों और नैतिकता के अनुरूप नहीं थे। हालांकि उन्होंने किसी विशिष्ट घटना का स्पष्ट उल्लेख नहीं किया।

    बाद में उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनका इस्तीफा किसी गड़बड़ी या कदाचार के कारण नहीं बल्कि विचारधाराओं और दृष्टिकोण में मतभेद के चलते लिया गया है। वे वर्ष 2021 में बैंक के बोर्ड में शामिल हुए थे और अपने कार्यकाल के दौरान कई महत्वपूर्ण फैसलों में शामिल रहे।

    इस बीच Reserve Bank of India ने बैंक के संचालन को सुचारू बनाए रखने के लिए केकी मिस्त्री को तीन महीने के लिए अंतरिम अंशकालिक अध्यक्ष नियुक्त करने की मंजूरी दी है। उन्होंने यह संकेत भी दिया है कि चक्रवर्ती के जाने के बाद बैंक के संचालन पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ेगा।

    बैंक ने यह भी स्पष्ट किया है कि बाहरी जांच का उद्देश्य केवल पारदर्शिता और मजबूत कॉर्पोरेट गवर्नेंस को सुनिश्चित करना है। यह कदम निवेशकों और ग्राहकों के भरोसे को बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    इसके साथ ही रिपोर्ट्स के मुताबिक बैंक ने अपने विदेशी कारोबार से जुड़े एनआरआई ग्राहकों को हाई-रिस्क एटी1 बॉन्ड की बिक्री के मामले में भी सख्त कार्रवाई की है। आंतरिक जांच के बाद बैंक ने तीन कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है, जिनमें वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हैं।

    शेयर बाजार में HDFC Bank के शेयर में हलचल देखने को मिली। मंगलवार दोपहर 12 बजे बैंक का शेयर 1.79 प्रतिशत की बढ़त के साथ 757.45 रुपये पर कारोबार कर रहा था। हालांकि बीते एक सप्ताह में शेयर में 9 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई है।

     यह मामला बैंक के भीतर गवर्नेंस और पारदर्शिता को लेकर उठे सवालों के बीच एक अहम कदम माना जा रहा है। बाहरी जांच के बाद आने वाली रिपोर्ट से ही इस पूरे प्रकरण पर और स्पष्टता मिलने की उम्मीद है।

  • शेयर बाजार में जोरदार उछाल सेंसेक्स 1500 अंक उछला बैंक और डिफेंस स्टॉक्स चमके

    शेयर बाजार में जोरदार उछाल सेंसेक्स 1500 अंक उछला बैंक और डिफेंस स्टॉक्स चमके


    नई दिल्ली:मध्य पूर्व में तनाव कम होने के संकेतों के बीच भारतीय शेयर बाजार ने मंगलवार को मजबूत शुरुआत की और निवेशकों के बीच उत्साह का माहौल देखने को मिला। बाजार खुलते ही प्रमुख सूचकांकों में जबरदस्त उछाल दर्ज किया गया।

    बेंचमार्क इंडेक्स SENSEX 1516.08 अंक यानी 2.09 प्रतिशत की बढ़त के साथ 74212.47 के स्तर पर खुला। वहीं NIFTY 50 365.80 अंक यानी 1.62 प्रतिशत की तेजी के साथ 22878.45 पर पहुंच गया। इस तेजी ने पूरे बाजार में सकारात्मक माहौल बना दिया।

    शुरुआती कारोबार में लगभग सभी सेक्टर हरे निशान में नजर आए और चौतरफा खरीदारी देखने को मिली। खासतौर पर निफ्टी पीएसयू बैंक, निफ्टी इंडिया डिफेंस, निफ्टी ऑटो, निफ्टी मेटल और निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स जैसे सेक्टर टॉप गेनर्स की लिस्ट में शामिल रहे।

    लार्जकैप के साथ साथ मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी मजबूती देखने को मिली। NIFTY Midcap 100 करीब 772 अंक यानी 1.47 प्रतिशत की बढ़त के साथ 53490 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं NIFTY Smallcap 100 भी 219 अंक यानी 1.45 प्रतिशत की तेजी के साथ 15318 पर कारोबार करता नजर आया। इससे साफ है कि बाजार में केवल बड़े शेयर ही नहीं बल्कि छोटे और मिड साइज कंपनियों में भी निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी है।

    ब्रोकरेज हाउस चॉइस ब्रोकिंग के टेक्निकल एनालिस्ट आकाश शाह के अनुसार निफ्टी फिलहाल अपने शॉर्ट टर्म सपोर्ट जोन से नीचे ट्रेड कर रहा है जिससे बाजार का रुझान अभी कमजोर बना हुआ है। उन्होंने बताया कि 22650 से 22700 के स्तर पर मजबूत रुकावट देखी जा रही है जबकि 22300 से 22400 के बीच सपोर्ट जोन है। अगर यह स्तर टूटता है तो आने वाले समय में बाजार में गिरावट और गहरी हो सकती है।

    सेंसेक्स पैक में कई बड़े स्टॉक्स ने मजबूती दिखाई। एशियन पेंट्स, इंडिगो, ट्रेंट, टाइटन, बीईएल, अल्ट्राटेक सीमेंट, एलएंडटी, अदाणी पोर्ट्स, टेक महिंद्रा, कोटक महिंद्रा, एचडीएफसी बैंक, टाटा स्टील, बजाज फिनसर्व, मारुति सुजुकी और एसबीआई जैसे शेयरों में खरीदारी देखने को मिली। केवल पावर ग्रिड एकमात्र ऐसा शेयर रहा जो लाल निशान में ट्रेड कर रहा था।

    ग्लोबल मार्केट की बात करें तो एशियाई बाजारों में भी तेजी देखने को मिली। टोक्यो, शंघाई, हांगकांग, बैंकॉक और सोल जैसे प्रमुख बाजार हरे निशान में खुले। वहीं अमेरिकी बाजार भी सोमवार को मजबूती के साथ बंद हुए थे जहां डाओ और नैस्डैक इंडेक्स में करीब 1.38 प्रतिशत तक की तेजी दर्ज की गई।

    बाजार में आई इस तेजी के पीछे सबसे बड़ा कारण मध्य पूर्व में तनाव कम होने के संकेत और वैश्विक स्तर पर बेहतर निवेश माहौल को माना जा रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार अमेरिकी पक्ष द्वारा ईरान के पावर प्लांट्स पर संभावित हमले को फिलहाल टालने के फैसले से तनाव में कमी आई है, जिससे निवेशकों का भरोसा बढ़ा है और बाजार में खरीदारी तेज हुई है।

  • ग्लोबल मार्केट में भूचाल: एशिया में भारी गिरावट, क्या भारतीय शेयर बाजार पर पड़ेगा असर?

    ग्लोबल मार्केट में भूचाल: एशिया में भारी गिरावट, क्या भारतीय शेयर बाजार पर पड़ेगा असर?


    नई दिल्ली। हफ्ते की शुरुआत के साथ ही वैश्विक शेयर बाजारों में भारी उथल-पुथल देखने को मिल रही है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में भी गिरावट देखने को मिलेगी? बीते शुक्रवार को जहां सेंसेक्स और निफ्टी मजबूती के साथ बंद हुए थे वहीं आज विदेशी बाजारों से बेहद कमजोर संकेत मिल रहे हैं।

    एशियाई बाजारों में सोमवार को भारी बिकवाली का माहौल है। जापान का निक्केई इंडेक्स करीब 4.10 फीसदी गिरकर 50 800 के स्तर पर आ गया जबकि साउथ कोरिया का कोस्पी इंडेक्स 5 प्रतिशत से ज्यादा टूट गया। हांगकांग का हैंगसेंग इंडेक्स भी लगभग 3 फीसदी की गिरावट के साथ 24 532 के स्तर पर कारोबार करता नजर आया।

    सिर्फ एशिया ही नहीं बल्कि अन्य अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी कमजोरी का असर दिख रहा है। DAX 2.01 फीसदी CAC 1.90 फीसदी और FTSE-100 करीब 1.50 फीसदी गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे।

    गिफ्ट निफ्टी से मिल रहे कमजोर संकेत

    भारतीय बाजार के लिए शुरुआती संकेत देने वाला गिफ्ट निफ्टी भी गिरावट के साथ रेड जोन में ट्रेड करता दिखा। खबर लिखे जाने तक यह करीब 50 अंक फिसलकर 23 737 के स्तर पर था। इससे पहले शुक्रवार को अमेरिकी बाजारों में भी कमजोरी देखने को मिली थी जहां डाउ जोंस और उसके फ्यूचर्स लगभग 1 फीसदी गिरकर बंद हुए थे। इन नकारात्मक वैश्विक संकेतों का असर भारतीय शेयर बाजार पर भी पड़ सकता है जो पिछले सप्ताह काफी उतार-चढ़ाव से गुजरा है।

    शुक्रवार को दिखी थी मजबूती
    अगर पिछले कारोबारी दिन की बात करें तो गुरुवार की गिरावट के बाद शुक्रवार को बाजार में अच्छी रिकवरी देखने को मिली थी। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 325.72 अंक चढ़कर 74 532.96 पर बंद हुआ था। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 112.35 अंकों की बढ़त के साथ 23 114.50 के स्तर पर पहुंच गया था। नोट: शेयर बाजार में निवेश करने से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।