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  • जबलपुर: साइबर ठगी का पर्दाफाश 3 करोड़ की ठगी में एक और आरोपी पुलिस के हत्थे

    जबलपुर: साइबर ठगी का पर्दाफाश 3 करोड़ की ठगी में एक और आरोपी पुलिस के हत्थे


    जबलपुर । जबलपुर में शेयर बाजार में मुनाफे के झांसे में फंसाकर डॉक्टर से तीन करोड़ रुपये की ठगी करने वाले आरोपी मोहित पटेल को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इस गिरफ्तारी के बाद अब तक कुल तीन आरोपियों को पकड़ने में सफलता मिली है। साइबर सेल और क्राइम ब्रांच की संयुक्त कार्रवाई ने इस मामले को उजागर किया है और आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

    पूर्व में गिरफ्तार आरोपियों संस्कार केशरवानी और सौरभ विश्वकर्मा की पूछताछ में मोहित पटेल का नाम सामने आया था। जांच में पता चला कि आरोपियों ने शेयर बाजार में निवेश के नाम पर 500 प्रतिशत तक मुनाफे का झांसा दिया और डॉक्टर के साथ 3 करोड़ रुपये की ठगी की। आरोपी ने यस बैंक में करेंट अकाउंट खोलकर साइबर ठगों को मोटे कमीशन पर पैसे ट्रांसफर किए।

    मोहित पटेल पेशे से गुमास्ता और एमएसएमई के दस्तावेज तैयार करने का काम करता है। इसके साथ ही वह इनकम टैक्स के दस्तावेज बनाने में भी संलिप्त रहा है। पुलिस के अनुसार आरोपी पर पहले भी धोखाधड़ी का मामला दर्ज है। वर्तमान में क्राइम ब्रांच और साइबर सेल आरोपी से पूछताछ कर मामले की गहनता से जांच कर रही है।

    इस मामले ने यह साफ कर दिया है कि शेयर बाजार में अवास्तविक मुनाफे का लालच लोगों को गंभीर वित्तीय नुकसान पहुंचा सकता है। पुलिस का कहना है कि इस प्रकार की ठगी की घटनाओं में निवेशकों को सतर्क रहना चाहिए और किसी भी अनजान या संदिग्ध व्यक्ति पर तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए। इस गिरफ्तारी से अन्य संभावित आरोपियों तक पुलिस की पकड़ मजबूत हुई है और मामले की जांच जारी है।

  • शेयर बाजार में दबाव, सेंसेक्स और निफ्टी लाल निशान में, बैंकिंग और रियल्टी शेयर लीड..

    शेयर बाजार में दबाव, सेंसेक्स और निफ्टी लाल निशान में, बैंकिंग और रियल्टी शेयर लीड..


    नई दिल्ली । भारतीय शेयर बाजार शुक्रवार के कारोबारी सत्र में कमजोर दिखा और दोपहर तक लाल निशान में रहा। दोपहर 1 बजे तक सेंसेक्स 588 अंक यानी 0.72 प्रतिशत फिसलकर 79,427 पर और निफ्टी 154 अंक यानी 0.62 प्रतिशत कमजोरी के साथ 24,612 पर कारोबार कर रहा था।

    इस गिरावट की अगुवाई बैंकिंग और रियल्टी शेयरों ने की। निफ्टी रियल्टी इंडेक्स 1.85 प्रतिशत और निफ्टी बैंक इंडेक्स 1.31 प्रतिशत कमजोर हुए। इसके अलावा ऑटो, सर्विसेज और कंज्यूमर सेक्टर पर भी दबाव देखा गया। हालांकि, डिफेंस, एनर्जी, पीएसई, ऑयल एंड गैस, कमोडिटी और मेटल इंडेक्स हरे निशान में बने रहे।

    विशेषज्ञों का मानना है कि बाजार में इस बड़ी गिरावट के पीछे मुख्य कारण अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच जारी युद्ध है। युद्ध के लंबा चलने से वैश्विक एनर्जी सप्लाई पर असर पड़ने की आशंका है, जिससे निवेशकों का सेंटीमेंट नकारात्मक हो गया है।

    युद्ध के प्रभाव से कच्चे तेल की कीमतों में तेजी जारी है। डब्ल्यूटीआई क्रूड की कीमत 80.39 डॉलर प्रति बैरल और ब्रेंट क्रूड 84.84 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है। इससे निवेशक जोखिम वाले एसेट्स से हटकर सुरक्षित निवेश की ओर रुख कर रहे हैं। खबर लिखे जाने तक कॉमेक्स पर सोने की कीमत 0.81 प्रतिशत बढ़कर 5,120 डॉलर प्रति औंस और चांदी 2.96 प्रतिशत मजबूत होकर 84.61 डॉलर प्रति औंस पर थी।

    अमेरिकी बाजार में भी गिरावट ने भारतीय बाजार की कमजोरी को बढ़ावा दिया। गुरुवार को डाओ इंडेक्स 1.61 प्रतिशत और नैस्डैक 0.26 प्रतिशत कमजोर होकर बंद हुआ। इससे एफआईआई और घरेलू निवेशकों के बीच बिकवाली का दबाव बढ़ा।

    विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली भी सेंसेक्स और निफ्टी पर दबाव बनाने में अहम भूमिका निभा रही है। गुरुवार को एफआईआई ने 3,752.52 करोड़ रुपए के इक्विटी शेयर बेचे। इस बिकवाली ने भारतीय बाजार में लगातार कमजोरी का माहौल बनाया और निवेशकों में सतर्कता बढ़ा दी।

    विश्लेषकों के अनुसार, निवेशकों की बेचैनी का असर अभी कुछ समय तक जारी रह सकता है, खासकर जब तक वैश्विक भू-राजनीतिक परिस्थितियों में स्थिरता नहीं आती। ऐसे समय में बैंकिंग, रियल्टी और ऑटो सेक्टर पर दबाव बना रहेगा, जबकि सोना, चांदी और एनर्जी सेक्टर निवेशकों के लिए सुरक्षित विकल्प बने

  • तीन दिन की गिरावट के बाद शेयर बाजार में आयी तेजी, सेंसेक्स 414 अंक उछला

    तीन दिन की गिरावट के बाद शेयर बाजार में आयी तेजी, सेंसेक्स 414 अंक उछला


    मुंबई । लगातार तीन दिन की गिरावट के बाद गुरुवार को घरेलू शेयर बाजारों में शुरुआती कारोबार में तेजी देखने को मिली। बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 414.29 अंक बढ़कर 79,530.48 अंक पर खुला।

    निफ्टी में भी मजबूती
    इसी प्रकार, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 सूचकांक 135.45 अंक चढ़कर 24,615.95 अंक पर खुला। खबर लिखे जाने तक यह 123.95 अंक यानी 0.51 प्रतिशत की बढ़त के साथ 24,604.45 अंक पर रहा।

    रुपया भी मजबूती के साथ खुला
    विदेशी मुद्रा बाजार में भी सुधार देखने को मिला। बुधवार के ऐतिहासिक निचले स्तर से उबरते हुए रुपया 45 पैसे की मजबूती के साथ 91.62 रुपये प्रति डॉलर पर ट्रेड कर रहा है।

    अधिकांश सेक्टरों में तेजी
    आईटी और एफएमसीजी को छोड़कर सभी प्रमुख समूहों के सूचकांक हरे निशान में हैं। ऑटो, धातु, फार्मा, रियल्टी, स्वास्थ्य, मीडिया, बैंकिंग और रसायन सेक्टरों में बढ़त दर्ज की गई।

    सेंसेक्स की बढ़त में शामिल प्रमुख शेयर
    सेंसेक्स में सबसे ज्यादा योगदान देने वाले शेयरों में रिलायंस इंडस्ट्रीज, एलएंडटी, सनफार्मा, एयरटेल, एनटीपीसी और बजाज फाइनेंस शामिल रहे। वहीं आईसीआईसीआई बैंक, टीसीएस, इन्फोसिस और हिंदुस्तान यूनिलीवर के शेयर फिलहाल नीचे चल रहे हैं।

  • शेयर बाजार हरे निशान में खुला, आईटी और मिडकैप शेयरों में तेजी..

    शेयर बाजार हरे निशान में खुला, आईटी और मिडकैप शेयरों में तेजी..


    नई दिल्ली । मजबूत वैश्विक संकेतों से बुधवार को भारतीय शेयर बाजार सकारात्मक रुख में खुला। सुबह 9:20 बजे सेंसेक्स 478 अंक या 0.58 प्रतिशत बढ़कर 82,751 और निफ्टी 147 अंक या 0.58 प्रतिशत मजबूत होकर 25,570 पर कारोबार कर रहे थे। शुरुआती कारोबार में आईटी शेयरों ने तेजी में मुख्य भूमिका निभाई और निफ्टी आईटी सूचकांक शीर्ष गेनर रहा।

    इसके अलावा निफ्टी मेटल, निफ्टी रियल्टी, निफ्टी ऑयलएंडगैस, निफ्टी पीएसई, निफ्टी कमोडिटीज, निफ्टी सर्विसेज, निफ्टी मीडिया, निफ्टी इंडिया डिफेंस और निफ्टी एनर्जी के सूचकांक भी हरे निशान में थे।

    लार्जकैप के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी मजबूती रही। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 235 अंक या 0.43 प्रतिशत की तेजी के साथ 59,307 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 98 अंक या 0.59 प्रतिशत मजबूत होकर 17,058 पर कारोबार कर रहा था।

    सेंसेक्स में टेक महिंद्रा, एचसीएल टेक, टीसीएस, पावर ग्रिड, इंडिगो, टाटा स्टील, एनटीपीसी, एलएंडटी, सन फार्मा, अदाणी पोर्ट्स, भारती एयरटेल, आईसीआईसीआई बैंक और बीईएल प्रमुख गेनर्स रहे। वहीं, एसबीआई, बजाज फाइनेंस और एशियन पेंट्स लूजर्स थे।

    वैश्विक बाजारों में भी सकारात्मक रुझान देखने को मिला। शंघाई, टोक्यो, हांगकांग, बैंकॉक, जकार्ता और सोल में कारोबार हरे निशान में था। अमेरिकी बाजार मंगलवार को हरे निशान में बंद हुए थे।

    विशेषज्ञों के अनुसार, बाजार में तेजी का प्रमुख कारण एफआईआई की ओर से बिकवाली का कम होना है। मंगलवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों एफआईआई ने केवल 102.53 करोड़ रुपए की बिकवाली की, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों डीआईआई ने 3,161.22 करोड़ रुपए की खरीदारी की।

    सोने और चांदी में भी तेजी देखी गई। खबर लिखे जाने तक सोना 0.44 प्रतिशत की मजबूती के साथ 5,199 डॉलर प्रति औंस और चांदी 2 प्रतिशत से अधिक बढ़कर 89 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रही थी।

  • शेयर बाजार में जबरदस्त उछाल, सेंसेक्स 943 अंकों की तेजी के साथ बंद

    शेयर बाजार में जबरदस्त उछाल, सेंसेक्स 943 अंकों की तेजी के साथ बंद


    नई दिल्ली ।भारतीय शेयर बाजार ने सोमवार के कारोबारी सत्र में जबरदस्त तेजी दिखाई और दिन के अंत में मजबूत बढ़त के साथ बंद हुआ। कारोबार समाप्त होने पर बीएसई सेंसेक्स 943.52 अंक या 1.17 प्रतिशत की तेजी के साथ 81,666.46 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं एनएसई निफ्टी 262.95 अंक या 1.06 प्रतिशत की बढ़त के साथ 25,088.40 पर पहुंच गया।

    बाजार में इस तेजी का नेतृत्व इन्फ्रास्ट्रक्चर और ऑटो सेक्टर के शेयरों ने किया। सेक्टोरल फ्रंट पर निफ्टी इन्फ्रा 2.26 प्रतिशत, निफ्टी ऑटो 2.13 प्रतिशत, निफ्टी पीएसई 2.04 प्रतिशत, निफ्टी ऑयल एंड गैस 2.04 प्रतिशत, निफ्टी मेटल 1.88 प्रतिशत और निफ्टी कमोडिटीज 1.87 प्रतिशत की मजबूती के साथ बंद हुए।हालांकि आईटी और हेल्थकेयर सेक्टर में हल्की कमजोरी देखने को मिली। निफ्टी आईटी 0.47 प्रतिशत और निफ्टी हेल्थकेयर 0.08 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ।

    लार्जकैप के साथ-साथ मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी अच्छी तेजी दर्ज की गई। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 546.80 अंक या 0.96 प्रतिशत की बढ़त के साथ 57,667.60 पर बंद हुआ जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 105.20 अंक या 0.64 प्रतिशत की तेजी के साथ 16,523.35 के स्तर पर पहुंच गया।सेंसेक्स के 30 शेयरों में पावर ग्रिड, अदाणी पोर्ट्स, बीईएल, महिंद्रा एंड महिंद्रा, एलएंडटी, इंडिगो, अल्ट्राटेक सीमेंट, एशियन पेंट्स, आईटीसी, बजाज फिनसर्व, टाटा स्टील, एनटीपीसी, आईसीआईसीआई बैंक और मारुति सुजुकी प्रमुख गेनर्स रहे। वहीं एक्सिस बैंक, इन्फोसिस, टीसीएस, ट्रेंट, टाइटन और कोटक महिंद्रा बैंक नुकसान में बंद हुए।

    एलकेपी सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक दे के अनुसार, हालिया गिरावट के बाद निफ्टी में मजबूत उछाल देखने को मिला है, हालांकि व्यापक ट्रेंड अभी भी कमजोर बना हुआ है। उनका कहना है कि इंडेक्स अभी भी 200 डीएमए से नीचे है और किसी भी तेजी का इस्तेमाल लीवरेज पोजीशन घटाने और शॉर्ट पोजीशन बनाने में करना चाहिए। निफ्टी के लिए 25,200 का स्तर रुकावट और 24,900 का स्तर सपोर्ट माना जा रहा है।

    गौरतलब है कि मिले-जुले वैश्विक संकेतों के बीच बाजार की शुरुआत कमजोर रही थी। सेंसेक्स 167 अंक की गिरावट के साथ खुला था और निफ्टी भी लाल निशान में था, लेकिन कुछ ही मिनटों में बाजार ने वापसी करते हुए हरे निशान में कारोबार शुरू कर दिया।

  • शेयर बाजार में कमजोरी जारी: सेंसेक्स 100 अंक से ज्यादा फिसला, निफ्टी भी लाल निशान में

    शेयर बाजार में कमजोरी जारी: सेंसेक्स 100 अंक से ज्यादा फिसला, निफ्टी भी लाल निशान में



    नई दिल्ली। भारतीय शेयर बाजार में 21 जनवरी को कारोबार के दौरान कमजोरी देखने को मिली। बीएसई सेंसेक्स 100 अंक से अधिक गिरकर 82,000 के स्तर पर कारोबार करता नजर आया जबकि निफ्टी करीब 30 अंक फिसलकर 25,200 के आसपास रहा। शुरुआती सत्र से ही बाजार पर वैश्विक संकेतों और चुनिंदा सेक्टर्स में बिकवाली का दबाव बना हुआ है।सेंसेक्स के 30 में से 16 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई, जबकि 14 शेयर हरे निशान में रहे। बैंकिंग और ऑटो सेक्टर में हल्की मजबूती देखने को मिली लेकिन रियल एस्टेट मीडिया और आईटी शेयरों में बिकवाली हावी रही। आईटी कंपनियों पर दबाव अमेरिकी बाजारों की कमजोरी और डॉलर की मजबूती के कारण देखा गया।

    वैश्विक कारकों का असर घरेलू बाजारों पर साफ नजर आया। एशियाई बाजारों में दक्षिण कोरिया का कोस्पी 0.26% गिरकर 4,873 पर, जापान का निक्केई 0.56% टूटकर 52,693 पर हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग इंडेक्स 0.13% गिरकर 26,453 पर और चीन का शंघाई कंपोजिट मामूली बढ़त के साथ 4,120 पर बंद हुआ अमेरिकी बाजारों में भी 20 जनवरी को भारी गिरावट दर्ज की गई थी। डाउ जोन्स 1.76% टूटकर 48,488 पर, नैस्डेक कंपोजिट में 2.39% और एसएंडपी 500 में 2.06% की गिरावट आई। इन कमजोर वैश्विक संकेतों का असर घरेलू बाजारों पर भी देखा गया।

    संस्थागत निवेशकों की गतिविधियों की बात करें तो 20 जनवरी को विदेशी संस्थागत निवेशकों FII ने ₹2,191 करोड़ के शेयर बेचे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों DII ने ₹2,755 करोड़ की खरीदारी की जिससे बाजार को कुछ हद तक सहारा मिला। दिसंबर 2025 में FIIs द्वारा ₹34,350 करोड़ की निकासी के मुकाबले DIIs ने ₹79,620 करोड़ का निवेश किया था जिससे बाजार में संतुलन बना रहा।शैडोफैक्स टेक्नोलॉजीज IPO निवेशकों के रडार पर है। ₹118–₹124 के प्राइस बैंड वाला यह IPO कुल ₹1,907 करोड़ का है और 22 जनवरी तक खुला रहेगा।

    विशेषज्ञों का कहना है कि बाजार में गिरावट के पीछे कई कारण हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ग्रीनलैंड को लेकर दिए गए बयान वैश्विक अनिश्चितता और तीसरी तिमाही में कुछ बड़ी कंपनियों खासकर रिलायंस इंडस्ट्रीज के कमजोर नतीजे प्रमुख वजह माने जा रहे हैं।इस प्रकार निवेशकों को वैश्विक संकेतों और घरेलू आर्थिक गतिविधियों पर नजर रखते हुए सतर्कता बरतने की सलाह दी जा रही है।

  • सोने की तेजी से भारतीय परिवारों की संपत्ति में 2025 में रिकॉर्ड बढ़ोतरी, 117 लाख करोड़ रुपए का इजाफा

    सोने की तेजी से भारतीय परिवारों की संपत्ति में 2025 में रिकॉर्ड बढ़ोतरी, 117 लाख करोड़ रुपए का इजाफा


    नई दिल्ली। साल 2025 में सोने की कीमतों में आई जबरदस्त तेजी ने भारतीय परिवारों की संपत्ति को ऐतिहासिक स्तर तक बढ़ा दिया। एचडीएफसी म्यूचुअल फंड ईयरबुक 2026 के आंकड़ों के मुताबिक 2025 में भारतीय घरों की कुल संपत्ति में करीब 117 लाख करोड़ रुपए या लगभग 1.3 ट्रिलियन डॉलर का इजाफा हुआ। यह पिछले 25 वर्षों में सोने की कीमतों में हुई सबसे बड़ी वृद्धि है।

    रिपोर्ट के अनुसारसाल 2025 में 15 दिसंबर तक सोने की कीमत प्रति 10 ग्राम लगभग 57, 000 रुपए तक पहुंच गई। पिछले साल 2024 में भी सोने की कीमत में प्रति 10 ग्राम 14,000 रुपए की वृद्धि हुई थी। इस तेजी ने न केवल परिवारों की संपत्ति बढ़ाई बल्कि रिटेल लोन की मांग को भी बढ़ावा दिया क्योंकि सोने के बदले लिए जाने वाले लोन में उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखने को मिली।जबकि शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव रहा सोना सुरक्षित निवेश बनकर उभरा। रिपोर्ट में बताया गया है कि 2025 भारतीय शेयर बाजार के लिए स्थिरता का साल रहा। वहीं वैश्विक स्तर पर सोना, उभरते बाजार, यूरोप और मैग्निफिसेंट 7 स्टॉक सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वालों में शामिल रहे। दूसरी ओर ऑयल अमेरिकी डॉलर और बिटकॉइन जैसी संपत्तियों का प्रदर्शन कमजोर रहा।

    हालांकि भारत का प्रदर्शन वैश्विक बाजारों के मुकाबले कमजोर रहा। निफ्टी का प्रदर्शन वैश्विक और उभरते बाजारों के मुकाबले करीब 25 प्रतिशत कमजोर रहा जो पिछले लगभग 30 वर्षों का सबसे खराब प्रदर्शन माना जा रहा है। इस गिरावट के बावजूद भारतीय बाजार का वैल्यूएशन अब अपने लंबे समय के औसत स्तर के करीब आ गया है।रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि 2025 में स्मॉल-कैप और मिड-कैप शेयरों का प्रदर्शन लार्ज-कैप शेयरों के मुकाबले कमजोर रहा। करीब 30 प्रतिशत स्मॉल-कैप शेयर अपने 52 हफ्तों के उच्चतम स्तर से 30 प्रतिशत या उससे ज्यादा गिर चुके हैं। फिर भी लार्ज-कैप स्टॉक्स को निवेशकों के लिए अभी भी बेहतर विकल्प माना जा रहा है।

    निवेश को लेकर सलाह देते हुए एचडीएफसी म्यूचुअल फंड ने कहा कि नए निवेशकों को हाइब्रिड फंड्स पर विचार करना चाहिए। ऐसे फंड्स में इक्विटी डेट और सोने का मिश्रण होता है, जिससे बाजार में उतार-चढ़ाव के समय निवेशकों को बेहतर संतुलन और सुरक्षा मिलती है।इस तरह 2025 में सोने की तेजी ने भारतीय परिवारों की संपत्ति को नया आयाम दिया है। निवेशकों के लिए यह साल चुनौती और अवसर दोनों लेकर आया, जहां सोना सुरक्षित निवेश का सबसे भरोसेमंद विकल्प साबित हुआ।

  • तैयार रखें निवेश की रकम! अगले हफ्ते IPO मार्केट में आएगा तूफान, खुलेंगे 6 नए कमाई के मौके

    तैयार रखें निवेश की रकम! अगले हफ्ते IPO मार्केट में आएगा तूफान, खुलेंगे 6 नए कमाई के मौके


    नई दिल्ली। अगले हफ्ते शेयर बाजार के निवेशकों के लिए बेहद खास रहने वाला है। 12 जनवरी से 16 जनवरी के बीच प्राइमरी मार्केट में जोरदार हलचल देखने को मिलेगी। इस दौरान कुल 6 कंपनियां अपने IPO लॉन्च कर रही हैं, जिसमें एक बड़ा मेनबोर्ड IPO और पांच SME सेगमेंट के इश्यू शामिल हैं। टेक्नोलॉजी, एनर्जी और मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों की कंपनियां निवेशकों के लिए नए अवसर लेकर आ रही हैं। विशेषज्ञों के अनुसार यह सप्ताह उन निवेशकों के लिए अहम है जो शुरुआत से किसी कंपनी की ग्रोथ स्टोरी में शामिल होना चाहते हैं। अलग-अलग सेक्टरों के IPO आने से निवेशकों को अपने पोर्टफोलियो को विविधता देने का भी मौका मिलेगा। अधिकांश इश्यू 12 और 13 जनवरी से बोली प्रक्रिया शुरू करेंगे और अलग-अलग तारीखों पर बंद होंगे।

    मेनबोर्ड सेगमेंट में इस हफ्ते सबसे अधिक ध्यान Amagi Media Labs पर रहेगा। यह क्लाउड-बेस्ड SaaS कंपनी 13 जनवरी से निवेश के लिए खुलेगी और 16 जनवरी तक उपलब्ध रहेगी। इसका प्राइस बैंड ₹343 -₹361 प्रति शेयर और इश्यू साइज लगभग ₹1,788 करोड़ है। इसमें फ्रेश इश्यू के साथ OFS भी शामिल है, जिसके तहत पुराने निवेशक आंशिक हिस्सेदारी बेचेंगे। साइज और सेक्टर दोनों ही दृष्टि से यह सप्ताह का सबसे बड़ा आकर्षण माना जा रहा है।SME प्लेटफॉर्म पर भी जोरदार हलचल देखने को मिलेगी। पांच कंपनियों के इश्यू निवेशकों के लिए नए अवसर प्रदान करेंगे। इनमें शामिल हैं:

    अवाना इलेक्ट्रोसिस्टम्स: 12–14 जनवरी, प्राइस ₹56–₹59, NSE SME, लॉट साइज 4,000 शेयर।

    नर्मदेश ब्रास इंडस्ट्रीज: 12–15 जनवरी, प्राइस ₹515, इश्यू साइज ₹44.87 करोड़, लॉट 480 शेयर।

    इंडो एसएमसी: 13–15 जनवरी, प्राइस ₹141–₹149, BSE SME, न्यूनतम निवेश 2,000 शेयर।

    GRE रिन्यू एनरटेक: 13–16 जनवरी, प्राइस ₹100–₹105, रिन्यूएबल एनर्जी, लॉट साइज 2,400 शेयर।

    आर्मर सिक्योरिटी इंडिया: 14–19 जनवरी, प्राइस ₹55–₹57, लॉट साइज 4,000 शेयर।

    इसके अलावा, हाल ही में आए कुछ IPO अब लिस्टिंग के लिए तैयार हैं। इनमें भारत कोकिंग कोल, गैबियन टेक्नोलॉजीज, यजुर फाइबर्स, विक्ट्री इलेक्ट्रिक व्हीकल्स और डिफ्रेल टेक्नोलॉजीज शामिल हैं। लिस्टिंग के दिन इन शेयरों की चाल यह तय करेगी कि निवेशकों को तुरंत लिस्टिंग गेन मिलेगा या लॉन्ग टर्म निवेश करना पड़ेगा।विशेषज्ञों का कहना है कि IPO में निवेश आकर्षक होता है, लेकिन इसमें जोखिम भी जुड़ा रहता है। इसलिए निवेश से पहले कंपनी की वित्तीय रिपोर्ट, बिजनेस मॉडल और अपने निवेश लक्ष्य को समझना जरूरी है।अगला सप्ताह निवेशकों के लिए नए अवसर और संभावित लाभ के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।

  • सेंसेक्स-निफ्टी में हल्की गिरावट, मिडकैप शेयरों ने दिखाई मजबूती..

    सेंसेक्स-निफ्टी में हल्की गिरावट, मिडकैप शेयरों ने दिखाई मजबूती..

    नई दिल्ली । भारतीय शेयर बाजार बुधवार के कारोबारी सत्र में उतारचढ़ाव भरे कारोबार के बाद हल्की गिरावट के साथ बंद हुआ। वैश्विक संकेतों की अनिश्चितता और अहम आर्थिक आंकड़ों से पहले निवेशकों की सतर्कता के कारण लार्जकैप शेयरों पर दबाव देखने को मिला। दिन के अंत में बीएसई सेंसेक्स 102.20 अंक यानी 0.12 प्रतिशत की गिरावट के साथ 84961.14 के स्तर पर बंद हुआ जबकि एनएसई निफ्टी 37.95 अंक या 0.14 प्रतिशत फिसलकर 26140.75 पर आ गया।

    हालांकि प्रमुख सूचकांकों में कमजोरी रही लेकिन बाजार के व्यापक हिस्से में सकारात्मक रुझान देखने को मिला। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में अच्छी खरीदारी हुई। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 276.15 अंक या 0.45 प्रतिशत की मजबूती के साथ 61424.70 पर बंद हुआ जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 70.65 अंक या 0.40 प्रतिशत की तेजी के साथ 17958.50 पर बंद हुआ। इससे साफ है कि निवेशक चुनिंदा शेयरों में अवसर तलाशते नजर आए।सेक्टोरल आधार पर आईटी शेयरों ने बाजार को सहारा दिया। निफ्टी आईटी इंडेक्स 1.87 प्रतिशत की तेजी के साथ बंद हुआ। इसके अलावा निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स 1.69 प्रतिशत निफ्टी फार्मा 0.69 प्रतिशत निफ्टी इंडिया डिफेंस 0.65 प्रतिशत और निफ्टी मीडिया 0.07 प्रतिशत में भी मजबूती देखने को मिली।

    वहीं दूसरी ओर ऑटो और वित्तीय शेयरों में मुनाफावसूली के चलते गिरावट दर्ज की गई। निफ्टी ऑटो 0.80 प्रतिशत निफ्टी ऑयल एंड गैस 0.66 प्रतिशत निफ्टी इन्फ्रा 0.50 प्रतिशत निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज 0.33 प्रतिशत और निफ्टी कमोडिटीज 0.31 प्रतिशत कमजोर होकर बंद हुए।सेंसेक्स के गेनर्स की सूची में टाइटन एचसीएल टेक टेक महिंद्रा इन्फोसिस सन फार्मा टीसीएस आईसीआईसीआई बैंक एलएंडटी बीईएल और ट्रेंट शामिल रहे। वहीं मारुति सुजुकी पावर ग्रिड एचडीएफसी बैंक एशियन पेंट्स टाटा स्टील एचयूएल एसबीआई भारती एयरटेल एमएंडएम बजाज फाइनेंस इंडिगो और बजाज फिनसर्व प्रमुख लूजर्स रहे।

    जियोजित इन्वेस्टमेंट लिमिटेड के रिसर्च हेड विनोद नायर ने कहा कि 2026 की तीसरी तिमाही के नतीजों और अमेरिका के अहम रोजगार आंकड़ों से पहले निवेशक जोखिम से बचने की रणनीति अपना रहे हैं। वैश्विक व्यापार अनिश्चितता और चीन द्वारा दुर्लभ धातुओं के निर्यात पर प्रतिबंध जैसे कारकों से बाजार सीमित दायरे में बना रह सकता है। हालांकि आईटी फार्मा और मिडकैप शेयरों में चुनिंदा खरीदारी से बाजार को कुछ राहत मिली है।

  • फरवरी 2026 को शेयर बाजार रहेगा खुलाबजट का असर तुरंत बाजार पर दिखेगा सरकार का बड़ा फैसला

    फरवरी 2026 को शेयर बाजार रहेगा खुलाबजट का असर तुरंत बाजार पर दिखेगा सरकार का बड़ा फैसला


    नई दिल्ली । 1 फरवरी 2026रविवार को होने वाला केंद्रीय बजट भारतीय शेयर बाजार पर सीधा असर डालेगा। इस साल की तरहजब बजट 1 फरवरी को पड़ रहा हैतो सरकार ने यह ऐतिहासिक निर्णय लिया है कि शेयर बाजार रविवार को खुले रहेंगे। आमतौर पर सप्ताहांत में बंद रहने वाले बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज को 1 फरवरी को व्यापार के लिए खोला जाएगा। यह कदम खासतौर पर निवेशकों की बढ़ती मांग और बजट के तत्काल प्रभाव को देखते हुए लिया गया हैताकि बाजार में बजट के असर को तुरंत देखा जा सके और संभावित उतार-चढ़ाव से बचा जा सके।

    बजट और बाजार का गहरा संबंध

    केंद्रीय बजट न केवल सरकार की वित्तीय नीतियों को निर्धारित करता हैबल्कि यह शेयर बाजार में भी जबरदस्त हलचल पैदा करता है। बजट में घोषित टैक्सइंफ्रास्ट्रक्चर बैंकिंग मैन्युफैक्चरिंग और कैपिटल मार्केट से जुड़े फैसलों का सीधा प्रभाव बाजार की दिशा पर पड़ता है। खासकर जब सरकार किसी सेक्टर में बड़े निवेश की घोषणा करती है या किसी नई योजना का एलान करती हैतो उसका असर बाजार में तत्काल देखा जाता है।

    निवेशकों की हमेशा यह शिकायत रही है कि बजट के अगले दिन बाजार बंद होते हैंजिससे अचानक बड़े उतार-चढ़ाव से उन्हें नुकसान उठाना पड़ता है। इसी कारणकई बार यह सुझाव दिया गया था कि बजट के दिन शेयर बाजार खुला रहना चाहिएताकि निवेशकों को निर्णय लेने और सही समय पर कारोबार करने का अवसर मिले। सरकार ने इस मुद्दे को गंभीरता से लिया और इस साल बजट के दिन शेयर बाजार को खोलने का ऐतिहासिक फैसला लिया।

    इकोनॉमिक सर्वे और बजट की तारीख

    बजट की घोषणा 1 फरवरी को होगीजबकि इससे पहले इकोनॉमिक सर्वे पेश किया जाएगाजो देश की आर्थिक स्थिति और सरकार की नीतियों का खाका तैयार करता है। इकोनॉमिक सर्वे 31 जनवरी 2026 को या 30 जनवरी को पेश हो सकता हैजो कि संसद के पहले कार्यदिवस पर होगा। यह सर्वे आर्थिक वर्ष के दौरान सरकार की प्राथमिकताओं और चुनौतियों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी देता हैजिससे निवेशक बजट की दिशा को समझने में मदद लेते हैं।

    पिछले उदाहरण

    यह पहला मौका नहीं है जब बजट के कारण बाजार खोला गया है। इससे पहले 1 फरवरी 2025 को भी शनिवार होने के बावजूद बजट के कारण शेयर बाजार खुले थे। एक और उदाहरण 28 फरवरी 1999 का हैजब रविवार को बजट पेश किया गया था। उसी साल से यह परंपरा शुरू हुई थी कि बजट सुबह के समय पेश किया जाएन कि शाम को।

    बजट से जुड़ी अटकलें

    हालांकि बजट में अभी कुछ समय बाकी हैलेकिन इस दौरान बाजार में कई अटकलें तेज हो गई हैं। निवेशक आयकर स्लैब में राहत की उम्मीद कर रहे हैंसाथ ही इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़े खर्चमैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को बढ़ावाग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती और कैपिटल मार्केट से जुड़े सुधारों की भी चर्चा हो रही है। इस साल के बजट में सरकार से अर्थव्यवस्था को पुन गति देने के लिए कई अहम घोषणाओं की उम्मीद की जा रही हैजिससे निवेशकों को सकारात्मक संकेत मिल सकते हैं।

    कुल मिलाकर1 फरवरी 2026 को होने वाला बजट न केवल देश की अर्थव्यवस्था के लिए अहम हैबल्कि शेयर बाजार के लिए भी अत्यधिक महत्वपूर्ण रहेगा। सरकार का यह कदम निवेशकों के लिए एक अवसर साबित हो सकता हैक्योंकि इससे बजट के तुरंत बाद बाजार की दिशा को सही समय पर समझा जा सकेगा। इस फैसले से निवेशकों को बाजार में त्वरित प्रतिक्रिया देखने का मौका मिलेगाऔर बाजार में आने वाली हलचल को अधिक नियंत्रण में रखा जा सकेगा। रविवार को बजट और शेयर बाजार दोनों का एक साथ खुलना निश्चित रूप से एक रोमांचक दिन होगा।