आंधी-बारिश खत्म, 16 से भीषण गर्मी, लू भी चलेगी:भोपाल, इंदौर-उज्जैन संभाग के शहरों में पारा बढ़ा; रतलाम में 41°C तक पहुंचा तापमान


नई दिल्ली। मध्य प्रदेश में आंधी-बारिश का दौर खत्म होते ही भीषण गर्मी ने दस्तक दे दी है। प्रदेश के कई शहरों में तापमान तेजी से बढ़ रहा है और हालात यह हैं कि कई जगहों पर पारा 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। रतलाम में सबसे अधिक 41°C तापमान दर्ज किया गया, जो इस सीजन का अब तक का सबसे ज्यादा आंकड़ा है। मौसम विभाग के अनुसार, अब प्रदेश में गर्मी का असर लगातार बढ़ेगा और 16 अप्रैल से लू चलने की स्थिति बन जाएगी। खासतौर पर मालवा-निमाड़ क्षेत्र यानी इंदौर और उज्जैन संभाग के शहर सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं।

कई शहरों में 40 डिग्री के पार पहुंचा पारा

रविवार को प्रदेश के कई जिलों में तेज गर्मी दर्ज की गई। रतलाम के बाद खजुराहो में 40.4°C, धार, मंडला और नर्मदापुरम में 40.2°C तापमान रहा। इसके अलावा दमोह, रीवा और टीकमगढ़ में 39.5°C, जबकि खरगोन में 39.2°C दर्ज किया गया। भोपाल में 38.6°C, जबलपुर में 38.7°C और ग्वालियर में 36.1°C तापमान रहा।

15 अप्रैल का सिस्टम कमजोर, लू से नहीं मिलेगी राहत

मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि 15 अप्रैल को एक नया वेदर सिस्टम एक्टिव होगा, लेकिन यह काफी कमजोर रहेगा। इसका असर न के बराबर होगा, जिससे प्रदेश में गर्मी का असर लगातार बना रहेगा। 16 अप्रैल से धार, खरगोन, खंडवा, सीधी और सिंगरौली जैसे जिलों में लू चलने की चेतावनी जारी की गई है। विशेषज्ञों के मुताबिक, अप्रैल के दूसरे पखवाड़े से ही हर साल तेज गर्मी पड़ती है और इस बार भी यही ट्रेंड देखने को मिल रहा है।

लोगों ने अपनाए बचाव के उपाय, एडवाइजरी जारी

गर्मी बढ़ने के साथ ही लोग इससे बचने के उपाय भी अपनाने लगे हैं। कोई चेहरे पर कपड़ा बांधकर बाहर निकल रहा है तो कोई गन्ने का जूस, ठंडे पेय और आइसक्रीम का सहारा ले रहा है। मौसम विभाग ने लोगों को दिनभर पर्याप्त पानी पीने, हल्के रंग के सूती कपड़े पहनने और दोपहर के समय धूप में बाहर न निकलने की सलाह दी है। खासकर बच्चों और बुजुर्गों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की हिदायत दी गई है।

अप्रैल की शुरुआत रही बदली, अब दिखेगा असली असर

इस बार अप्रैल की शुरुआत आंधी, बारिश और ओलावृष्टि के साथ हुई थी। 1 से 9 अप्रैल तक प्रदेश के कई जिलों में मौसम लगातार बदलता रहा। ग्वालियर में सबसे ज्यादा बारिश दर्ज की गई, जबकि 45 से अधिक जिलों में कहीं न कहीं पानी गिरा। हालांकि अब मौसम पूरी तरह साफ हो गया है और गर्मी का असली असर दिखाई देने लगा है।

रिकॉर्ड तोड़ सकती है गर्मी, पुराने आंकड़े दे रहे संकेत

मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल के अंतिम दिनों में तापमान अपने चरम पर पहुंच जाता है। भोपाल में 1996 में 44.4°C, इंदौर में 1958 में 44.6°C और जबलपुर में 1970 में 45.4°C तक तापमान दर्ज किया जा चुका है। ग्वालियर में तो पारा 46°C के पार जा चुका है, जो इसे प्रदेश का सबसे गर्म शहर बनाता है।