लगातार परेशान कर रहा था आरोपी
छात्रा के पिता ने बताया कि उनकी बेटी मालथौन के सरकारी स्कूल में पढ़ती है। स्कूल से लौटते समय एक लड़का, जो उसी स्कूल में पढ़ता है और दूसरे गांव का रहने वाला है, लगभग तीन महीने से लगातार उसे परेशान कर रहा था। वह बार-बार फोन कॉल और अनचाही बातें करता। पिता ने आरोपी को समझाने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं माना। इसके बाद परिवार ने थाने में शिकायत दर्ज कराई।
घर लौटते ही आरोपी ने हमला किया
पिता और बेटी थाने में शिकायत दर्ज कराने के बाद घर लौट रहे थे, तभी आरोपी अपने तीन साथियों के साथ घर के सामने खड़ा था। चारों ने गालियां देना शुरू की और विरोध करने पर लात-घूंसों से पीटने लगे। इस हमले और धमकी से डर गई छात्रा ने घर के अंदर जाकर डीजल डालकर आग लगा ली।
परिजन ने आग बुझाई, तुरंत अस्पताल पहुंचाया
परिजनों ने छात्रा की चीख सुनकर चादर से आग बुझाई। तब तक उसकी गर्दन, सीना और दोनों हाथ गंभीर रूप से झुलस चुके थे। तुरंत डायल 112 और 108 एम्बुलेंस को सूचना दी गई। पहले उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, मालथौन ले जाया गया, लेकिन गंभीर स्थिति देखते हुए सागर के BMC में रेफर किया गया।
पुलिस ने दर्ज की FIR, आरोपियों की पहचान
थाना प्रभारी नवीन जैन ने बताया कि इस मामले में दो नामजद और कुल चार नाबालिग आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं और एससी-एसटी एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी और मामले की जांच कर रही है।
डॉक्टरों की रिपोर्ट
BMC के डॉ. जितेंद्र सिंह दांगी ने बताया कि छात्रा की गर्दन, सीना और साइड का हिस्सा बुरी तरह झुलस चुका है। हालांकि, फिलहाल उसकी हालत स्थिर है और खतरे से बाहर है।
