Tag: suicide case

  • इंदौर में 25 वर्षीय युवक ने दी जान, आखिरी वीडियो में पत्नी और ससुराल पक्ष पर लगाए गंभीर आरोप

    इंदौर में 25 वर्षीय युवक ने दी जान, आखिरी वीडियो में पत्नी और ससुराल पक्ष पर लगाए गंभीर आरोप


    इंदौर । इंदौर के लसूड़िया इलाके में एक 25 वर्षीय युवक की आत्महत्या का मामला सामने आने के बाद क्षेत्र में सनसनी फैल गई। युवक ने गुरुवार देर रात अपने घर में फांसी लगाकर जान दे दी। घटना का पता उस समय चला जब उसकी चाची उसे खाना खाने के लिए बुलाने कमरे में पहुंचीं। वहां युवक फंदे पर लटका हुआ मिला। परिजन उसे तत्काल नजदीकी नर्सिंग होम लेकर पहुंचे। इसके बाद उसे एमवाय अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। इस मामले में सबसे अहम बात यह सामने आई है कि युवक ने जान देने से पहले एक वीडियो बनाया था। इसमें उसने अपनी पत्नी और ससुराल पक्ष के कुछ लोगों पर मानसिक रूप से परेशान करने के आरोप लगाए हैं।

    लसूड़िया पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान रवि सोलंकी उम्र 25 वर्ष के रूप में हुई है। वह जगदीश सोलंकी का बेटा था और श्रीराम नगर में रहता था। परिजनों ने पुलिस को बताया कि रवि देर रात ऑटो लेकर घर पहुंचा था। घर आने के बाद वह ऊपर बने अपने कमरे में चला गया। परिवार के लोगों को उस समय किसी अनहोनी की आशंका नहीं हुई। रात करीब दो बजे जब उसकी चाची उसे खाना खाने के लिए बुलाने कमरे में पहुंचीं तो वह फंदे पर लटका मिला। इसके बाद घर में अफरा तफरी मच गई और परिजन उसे अस्पताल लेकर पहुंचे।

    परिवार के मुताबिक रवि की पत्नी करीब आठ दिन पहले विवाद के बाद अपने मायके बागली चली गई थी। इसके बाद वह वापस नहीं लौट रही थी। पत्नी के घर छोड़कर जाने और वापस नहीं आने की बात को लेकर रवि परेशान चल रहा था। परिजनों ने बताया कि इस पारिवारिक विवाद का असर उसकी मानसिक स्थिति पर भी पड़ रहा था। हालांकि आत्महत्या के पीछे की वास्तविक वजह क्या थी इसकी पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।

    मामले में सामने आए वीडियो ने जांच को एक नया पहलू दे दिया है। बताया गया है कि रवि ने आत्महत्या से पहले अपना वीडियो रिकॉर्ड किया था। इसमें उसने पत्नी के अलावा भोपाल में रहने वाले अपने साढ़ू भाई और ससुराल पक्ष के अन्य लोगों पर मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के आरोप लगाए हैं। वीडियो में उसने इन लोगों को अपनी मौत के लिए जिम्मेदार भी बताया है। युवक के इन आरोपों के सामने आने के बाद पुलिस वीडियो की सामग्री और उसमें कही गई बातों की जांच कर रही है।

    पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि रवि और उसकी पत्नी के बीच विवाद किस बात को लेकर हुआ था। पत्नी के मायके जाने के बाद दोनों के बीच क्या बातचीत हुई थी और युवक ने वीडियो में जिन लोगों का उल्लेख किया है उनकी इस पूरे मामले में क्या भूमिका रही। इन सभी बिंदुओं पर जानकारी जुटाई जा रही है। फिलहाल युवक की मौत के मामले में पुलिस हर पहलू से जांच कर रही है। वीडियो में लगाए गए आरोपों को जांच के बाद ही प्रमाणित माना जा सकेगा।

  • CEC ज्ञानेश कुमार से जुड़े 2006 के आत्महत्या मामले में विजिलेंस जांच के आदेश, बाहरी दबाव के आरोपों की होगी पड़ताल

    CEC ज्ञानेश कुमार से जुड़े 2006 के आत्महत्या मामले में विजिलेंस जांच के आदेश, बाहरी दबाव के आरोपों की होगी पड़ताल


    नई दिल्ली।
    मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार से जुड़े वर्ष 2006 के एक मामले में केरलम सरकार ने विजिलेंस जांच के आदेश दिए हैं। यह मामला उनके राज्य के लोक निर्माण विभाग (PWD) के सचिव के रूप में कार्यकाल के दौरान कथित अनियमितताओं के आरोपों से जुड़ा है। केरलम के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने विजिलेंस निदेशक को मामले में बाहरी हस्तक्षेप के आरोपों की गहन जांच करने और निष्कर्षों के आधार पर उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

    मलेशियाई इंजीनियर की आत्महत्या से जुड़ा मामला

    यह मामला मलेशियाई सिविल इंजीनियर ली सी बीन की आत्महत्या से संबंधित है। वह केरल राज्य परिवहन परियोजना के तहत एमसी रोड के उन्नयन कार्य में शामिल PATI-BEL कंसोर्टियम से जुड़े थे। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, बीन के सुसाइड नोट में ज्ञानेश कुमार का नाम दर्ज था।

    अब जांच के केंद्र में वे आरोप हैं, जिनमें कहा गया है कि मामले में बाहरी दबाव डाला गया और शुरुआती जांच को प्रभावित किया गया था। गृह मंत्री के कार्यालय के अनुसार, चेन्निथला ने विजिलेंस निदेशक को निर्देश दिया है कि पूरे मामले और कथित बाहरी प्रभाव की जांच की जाए तथा सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाए।

    विजिलेंस और एंटी-करप्शन ब्यूरो करेगा जांच

    समाचार एजेंसी के मुताबिक, आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि विजिलेंस एंड एंटी-करप्शन ब्यूरो (VACB) इन आरोपों की पड़ताल करेगा। जांच का उद्देश्य कथित अनियमितताओं और शुरुआती जांच में हस्तक्षेप के आरोपों की सच्चाई का पता लगाना है।

    फिलहाल, जांच के आदेश दिए जाने का अर्थ आरोपों की पुष्टि होना नहीं है। मामले में आरोपों की वास्तविकता जांच के निष्कर्षों से ही स्पष्ट होगी।

    SIR को लेकर भी बढ़ा है विवाद

    यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर राजनीतिक दबाव बढ़ रहा है। शुक्रवार को दिल्ली और मुंबई में विपक्षी दलों, छात्र संगठनों और युवा समूहों ने प्रदर्शन कर उनके इस्तीफे की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए जाने के आरोप लगाए।

    विवाद उस समय और बढ़ गया, जब मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों के दौरान SIR प्रक्रिया और चुनाव से जुड़े अन्य मामलों के फैसलों तथा प्रक्रियाओं पर कम से कम 14 बार आपत्ति जताई थी।

    इस तरह, ज्ञानेश कुमार से जुड़े पुराने मामले में विजिलेंस जांच के आदेश और SIR को लेकर जारी राजनीतिक विरोध ने चुनाव आयोग के कामकाज तथा उससे जुड़े विवादों को फिर चर्चा में ला दिया है।

  • IIT बॉम्बे छात्र साहिल वाकोडे की मौत मामले में प्रोफेसर दूल्ला से 8 घंटे पूछताछ, करीब 50 लोगों के बयान दर्ज

    IIT बॉम्बे छात्र साहिल वाकोडे की मौत मामले में प्रोफेसर दूल्ला से 8 घंटे पूछताछ, करीब 50 लोगों के बयान दर्ज

    नई दिल्ली: IIT बॉम्बे के छात्र साहिल वाकोडे की मौत के मामले में मुंबई क्राइम ब्रांच ने प्रोफेसर सूर्यनारायण दूल्ला से करीब 8 घंटे तक पूछताछ की। इस दौरान जांच टीम ने उनसे मामले से जुड़े कई सवाल किए। साहिल के परिवार ने प्रोफेसर दूल्ला पर जातिगत भेदभाव का आरोप लगाते हुए उनकी गिरफ्तारी की मांग की है। पूछताछ के दौरान प्रोफेसर दूल्ला ने अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोपों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि छात्र से जुड़े मामले में उन्होंने संस्थान के नियमों और दिशा-निर्देशों के अनुसार ही काम किया था। साहिल वाकोडे की मौत की जांच लगातार जारी है और मामले में अलग-अलग लोगों से जानकारी जुटाई जा रही है।

    22 वर्षीय साहिल वाकोडे ने 18 सितंबर को पवई कैंपस स्थित हॉस्टल के कमरे में आत्महत्या कर ली थी। जानकारी के अनुसार, परीक्षा के दौरान मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हुए उसे पकड़ा गया था। इसके कुछ घंटे बाद उसका शव हॉस्टल के कमरे में फंदे से लटका मिला था। साहिल के माता-पिता ने आरोप लगाया था कि प्रोफेसर दूल्ला ने उनके बेटे के साथ जातिगत भेदभाव किया। परिवार ने इस मामले में प्रोफेसर की गिरफ्तारी की मांग की है। मामले को लेकर परिवार की ओर से लगातार कार्रवाई की मांग की जा रही है। वहीं, 18 सितंबर के सीसीटीवी फुटेज में दिखाई दिया था कि परीक्षा के दौरान मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हुए पकड़े जाने के बाद प्रोफेसर दूल्ला ने साहिल वाकोडे को एक तरफ खींच लिया था।

    मुंबई पुलिस के मुताबिक, क्राइम ब्रांच इस मामले में IIT बॉम्बे के डायरेक्टर शिरीष केदारे को भी पूछताछ के लिए बुला सकती है। जांच के दौरान क्राइम ब्रांच अब तक साहिल के माता-पिता और उसके क्लासमेट समेत करीब 50 लोगों के बयान दर्ज कर चुकी है। पुलिस ने साहिल के पिता रविंद्र वाकोड़े की शिकायत के आधार पर आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया है। जांच टीम मामले से जुड़े लोगों के बयान और उपलब्ध जानकारी के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है। दूसरी ओर, IIT बॉम्बे के कुछ संकाय सदस्यों ने प्रोफेसर दूल्ला के समर्थन में बयान देते हुए कहा कि उन्हें केवल अपना काम करने के लिए बदनाम किया जा रहा है।

    इस मामले को लेकर साहिल के परिवार की ओर से विरोध भी जारी है। मुंबई के आजाद मैदान में साहिल के माता-पिता पिछले छह दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे हैं। वे प्रोफेसर दूल्ला की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। परिवार का आरोप है कि साहिल के साथ जातिगत भेदभाव किया गया था और इसी मामले में वे प्रोफेसर के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। दूसरी ओर, प्रोफेसर दूल्ला ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को खारिज करते हुए संस्थान के नियमों और दिशा-निर्देशों का पालन करने की बात कही है। क्राइम ब्रांच की ओर से अब तक करीब 50 लोगों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं और प्रोफेसर दूल्ला से लंबी पूछताछ भी की गई है। मामले में आगे की जांच जारी है।

  • पत्नी दो महीने से मायके में थी, मानसिक तनाव में युवक ने दी जान; आखिरी कॉल से खुली घटना की परत

    पत्नी दो महीने से मायके में थी, मानसिक तनाव में युवक ने दी जान; आखिरी कॉल से खुली घटना की परत


    मध्य प्रदेश। इंदौर के बाणगंगा थाना क्षेत्र में रविवार को एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। 39 वर्षीय युवक ने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। आत्महत्या से पहले उसने अपने एक दोस्त को फोन कर कहा कि परिवार से कह देना कि अब मैं नहीं रहा। इसके कुछ ही देर बाद उसने यह कदम उठा लिया। सूचना मिलने पर परिजन मौके पर पहुंचे और उसे अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

    पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान साईं सुमन नगर निवासी विशाल चौहान के रूप में हुई है। वह एक निजी कंपनी में कार्यरत था। रविवार को अवकाश होने के कारण वह घर पर ही मौजूद था। घटना के समय परिवार के अन्य सदस्य घर से बाहर थे।

    मृतक के चचेरे भाई अनिल ने बताया कि उन्हें विशाल के दोस्त का फोन आया था, लेकिन बाइक चलाने के कारण वह कॉल नहीं उठा सके। कुछ देर बाद जब उन्होंने वापस फोन किया तो दोस्त ने बताया कि विशाल ने आखिरी बार फोन कर कहा था कि वह अब इस दुनिया में नहीं रहेगा और परिवार को इसकी जानकारी दे देना। यह सुनते ही अनिल ने विशाल के भाई से संपर्क किया, लेकिन वह भी घर पर मौजूद नहीं था। बाद में मां को सूचना दी गई। जब परिवार के लोग घर पहुंचे तो विशाल कमरे में फंदे से लटका मिला।

    परिजन उसे तुरंत पास के निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजकर जांच शुरू कर दी है।

    परिजनों के मुताबिक विशाल अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ अलग रहता था। उसकी पत्नी पिछले करीब दो महीने से एरोड्रम क्षेत्र स्थित अपने मायके में रह रही थी। परिवार का कहना है कि पत्नी के वापस नहीं आने से वह मानसिक तनाव में था। हालांकि, पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है, इसलिए आत्महत्या के वास्तविक कारणों की जांच की जा रही है।

    पुलिस का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। परिजनों और परिचितों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    यदि आप या आपका कोई परिचित मानसिक तनाव या आत्महत्या जैसे विचारों से जूझ रहा है, तो किसी भरोसेमंद व्यक्ति से बात करें या तुरंत स्थानीय मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ अथवा हेल्पलाइन से संपर्क करें। समय पर मदद मिलना बेहद महत्वपूर्ण हो सकता है।

  • इंदौर के होटल में युवक ने फांसी लगाकर दी जान: मोबाइल पर बात करते हुए कमरे में गया, देर रात स्टाफ ने देखा शव

    इंदौर के होटल में युवक ने फांसी लगाकर दी जान: मोबाइल पर बात करते हुए कमरे में गया, देर रात स्टाफ ने देखा शव


    इंदौर । इंदौर के लसूडिया थाना क्षेत्र स्थित एक होटल में काम करने वाले एक युवक की फंदे से लटकी लाश मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। घटना सोमवार और मंगलवार की दरमियानी रात की है। होटल कर्मचारियों ने जब युवक को काफी देर तक रिसेप्शन पर नहीं देखा तो उसकी तलाश शुरू की। स्टाफ रूम में पहुंचने पर वह फंदे से लटका मिला। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी।

    पुलिस के अनुसार घटना खालसा चौक स्थित ड्रीम पैलेस होटल की है। मृतक की पहचान सिवनी जिले के रहने वाले सोनू पुत्र सरदार बंजारा के रूप में हुई है। वह होटल में कर्मचारी के रूप में कार्यरत था और रात की ड्यूटी संभाल रहा था।

    होटल कर्मचारियों ने पुलिस को बताया कि देर रात कुछ ग्राहक होटल पहुंचे और काफी देर तक रिसेप्शन पर आवाज लगाते रहे लेकिन सोनू वहां नहीं आया। जब काफी समय तक उसका कोई पता नहीं चला तो एक कर्मचारी उसे तलाशते हुए स्टाफ के कमरे तक पहुंचा। वहां का नजारा देखकर सभी के होश उड़ गए। सोनू कमरे में फंदे से लटका हुआ मिला। इसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई।

    घटना की जांच के दौरान पुलिस ने होटल के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। फुटेज में सोनू मोबाइल फोन पर किसी से बात करते हुए अपने कमरे की ओर जाता दिखाई दे रहा है। इसके बाद वह बाहर नहीं निकला। पुलिस ने उसका मोबाइल फोन जब्त कर लिया है और कॉल डिटेल की जांच की जा रही है ताकि घटना से पहले हुई बातचीत और संभावित कारणों का पता लगाया जा सके।

    होटल प्रबंधन के मुताबिक सोनू करीब एक महीने पहले ही काम की तलाश में होटल पहुंचा था और उसे नौकरी पर रखा गया था। नियुक्ति के समय उसका आधार कार्ड लिया गया था लेकिन उसके पिछले कार्यस्थल या निजी परिस्थितियों की जानकारी होटल प्रबंधन के पास नहीं है। पुलिस अब उसके परिजनों से संपर्क करने का प्रयास कर रही है और उनसे पूछताछ के बाद आगे की जांच करेगी।

    इधर शहर के मल्हारगंज थाना क्षेत्र से भी एक संदिग्ध मौत का मामला सामने आया है। इंद्रा नगर निवासी सनोज पुत्र रामदास को परिजन मृत अवस्था में एमवाय अस्पताल लेकर पहुंचे। पुलिस ने इस मामले में भी जांच शुरू कर दी है और मौत के कारणों का पता लगाया जा रहा है।

    लसूडिया पुलिस का कहना है कि फिलहाल आत्महत्या के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, मोबाइल की जांच और परिजनों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    यदि आप या आपका कोई परिचित भावनात्मक संकट, अवसाद या आत्महत्या जैसे विचारों से जूझ रहा है, तो किसी भरोसेमंद परिजन, मित्र या मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से तुरंत बात करें। समय पर मदद मिलना बेहद महत्वपूर्ण है।

  • इंदौर में नवविवाहित युवक का संदिग्ध सुसाइड, पति-पत्नी के विवाद की जांच में जुटी पुलिस

    इंदौर में नवविवाहित युवक का संदिग्ध सुसाइड, पति-पत्नी के विवाद की जांच में जुटी पुलिस


    इंदौर । इंदौर के मल्हारगंज थाना क्षेत्र में एक 20 वर्षीय युवक द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या किए जाने का मामला सामने आया है। युवक ने करीब दो महीने पहले ही प्रेम विवाह किया था। शुरुआती जांच में पति-पत्नी के बीच घरेलू विवाद की बात सामने आई है, जबकि मृतक के परिजनों ने पूरे घटनाक्रम पर संदेह जताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

    पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान हुजुरगंज निवासी राजू पुत्र भागीरथ वर्मा के रूप में हुई है। शनिवार शाम परिजनों को सूचना मिली कि राजू ने अपने घर में फांसी लगा ली है। सूचना मिलते ही परिवार के सदस्य मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया।

    परिजनों ने बताया कि राजू ने करीब दो महीने पहले प्रेम विवाह किया था। शादी के बाद दोनों परिवार से अलग रहकर अपना वैवाहिक जीवन बिता रहे थे। राजू एक प्रिंटिंग प्रेस में नौकरी करता था और परिवार के अनुसार सामान्य जीवन जी रहा था। हालांकि शादी के बाद पति-पत्नी के बीच अक्सर विवाद होने की बात सामने आई है। परिवार के लोग कई बार दोनों के बीच समझौता कराने की कोशिश भी कर चुके थे।

    मृतक के भाई कुणाल वर्मा ने इस घटना को लेकर संदेह व्यक्त किया है। उनका कहना है कि पूरे मामले की गहराई से और निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए ताकि मौत की वास्तविक वजह सामने आ सके। परिजनों का कहना है कि केवल आत्महत्या मानकर मामले को बंद नहीं किया जाना चाहिए और सभी परिस्थितियों की गंभीरता से जांच होनी चाहिए।

    पुलिस के मुताबिक घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। ऐसे में आत्महत्या के पीछे की वजह का पता लगाने के लिए परिजनों पत्नी और अन्य संबंधित लोगों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस मोबाइल फोन और अन्य तकनीकी पहलुओं की भी जांच कर रही है ताकि घटना से जुड़ी हर जानकारी जुटाई जा सके।

    मल्हारगंज थाना पुलिस का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट मिलने के बाद मौत के कारणों को लेकर अधिक स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी। फिलहाल पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है और जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

  • पति और सास की प्रताड़ना से टूटी जिंदगी: आत्महत्या के बाद दर्ज हुई FIR, जांच में सामने आए गंभीर आरोप

    पति और सास की प्रताड़ना से टूटी जिंदगी: आत्महत्या के बाद दर्ज हुई FIR, जांच में सामने आए गंभीर आरोप


    मध्यप्रदेश । इंदौर में विवाहिता आत्महत्या के दो अलग-अलग मामलों में पुलिस जांच के बाद ससुराल पक्ष के खिलाफ कार्रवाई की गई है। विजयनगर और तिलक नगर थाना क्षेत्रों से जुड़े इन मामलों में पुलिस ने मर्ग जांच, साक्षियों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर एफआईआर दर्ज की है। दोनों घटनाओं ने एक बार फिर घरेलू प्रताड़ना और वैवाहिक विवादों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    पहला मामला विजयनगर थाना क्षेत्र का है, जहां भमौरी स्थित न्यू अंजनी नगर में रहने वाली सीमा जैन ने 19 मई को फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। घटना के बाद पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू की थी। जांच के दौरान पुलिस को एक सुसाइड नोट मिला, वहीं मृतका के परिजनों और अन्य गवाहों के बयान भी दर्ज किए गए।

    पुलिस जांच में यह बात सामने आई कि सीमा को कथित रूप से दहेज की मांग और घरेलू प्रताड़ना का सामना करना पड़ रहा था। जांच में मिले साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर पुलिस ने पति अमन जैन और सास सपना जैन निवासी खरगोन के खिलाफ दहेज प्रताड़ना सहित संबंधित धाराओं में प्रकरण दर्ज कर लिया है।

    मृतका के परिजनों ने पुलिस को बताया कि सीमा की शादी पिछले वर्ष मई माह में खरगोन जिले के कसरावद क्षेत्र में हुई थी। परिवार का आरोप है कि शादी के समय ससुराल पक्ष ने दूल्हे की बीमारी की जानकारी छिपाई थी। विवाह के बाद जब इस बात की जानकारी सीमा को मिली तो दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ने लगे। परिजनों के अनुसार लगातार तनाव और प्रताड़ना के कारण सीमा मानसिक रूप से परेशान रहने लगी थी।

    बताया गया कि सीमा पिछले चार महीनों से इंदौर में अपनी मां और भाई के साथ रह रही थी। पति-पत्नी के बीच विवाद इतना बढ़ चुका था कि दोनों के बीच तलाक का मामला भी न्यायालय में विचाराधीन था। इसी दौरान उसने आत्मघाती कदम उठा लिया।

    वहीं दूसरा मामला तिलक नगर थाना क्षेत्र का है, जहां संविद नगर निवासी 26 वर्षीय आरती पटेल ने 25 मई को अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। पुलिस ने घटना के बाद मर्ग कायम कर जांच शुरू की थी। जांच के दौरान मृतका के पिता द्वारका पटेल, भाई दीपक पटेल और रिश्तेदार खेमचंद पटेल के बयान दर्ज किए गए।

    परिजनों ने आरोप लगाया कि आरती का पति गोपाल पटेल, जो सागर जिले के ग्राम सरदई का निवासी है, शादी के बाद से ही उसके साथ विवाद करता था और कई बार मारपीट भी करता था। परिवार का कहना है कि लगातार मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना के चलते आरती गहरे तनाव में रहने लगी थी।

    मर्ग जांच में सामने आए तथ्यों, साक्षियों के बयानों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने गोपाल पटेल के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज कर लिया है। दोनों मामलों में पुलिस आगे की जांच कर रही है और आरोपियों से पूछताछ की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है।

    इन घटनाओं ने घरेलू हिंसा, दहेज प्रताड़ना और वैवाहिक विवादों के गंभीर सामाजिक पहलुओं को फिर उजागर किया है। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

  • इंदौर में दो युवकों ने फांसी लगाकर दी जान, अलग-अलग इलाकों में घटनाएं; पुलिस जांच में जुटी

    इंदौर में दो युवकों ने फांसी लगाकर दी जान, अलग-अलग इलाकों में घटनाएं; पुलिस जांच में जुटी

    मध्यप्रदेश । इंदौर के लसूडिया थाना क्षेत्र स्थित राहुल गांधी नगर में 36 वर्षीय विजय रावत ने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। विजय पेशे से ड्राइवर था और पत्नी व तीन साल के बेटे के साथ रहता था। घटना के समय पत्नी काम पर गई हुई थी और बेटा नानी के घर था।

    परिजनों के मुताबिक परिवार में तीन भाई हैं और सभी अलग-अलग रहते हैं। माता-पिता का पहले ही निधन हो चुका है। जब पत्नी घर लौटी तो उसने विजय को फंदे पर लटका पाया। प्रारंभिक जानकारी में सामने आया है कि पति-पत्नी के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था।

    जूनी इंदौर में ससुराल में रहने वाले युवक ने दी जान
    दूसरी घटना जूनी इंदौर थाना क्षेत्र की है, जहां 32 वर्षीय पीयूष खटीक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पीयूष अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ ससुराल में रहता था। पुलिस के अनुसार देर रात पति-पत्नी के बीच विवाद की आवाजें पड़ोसियों ने सुनी थीं। बाद में पत्नी ने सुबह पति को फंदे पर लटका देखा। परिजनों ने बताया कि पीयूष प्रेम विवाह के बाद ससुराल में रह रहा था और नौकरी को लेकर दंपति में अक्सर विवाद होता था।

    पुलिस जांच में जुटी, मर्ग कायम
    दोनो ही मामलों में पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। परिजनों और आसपास के लोगों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं ताकि आत्महत्या के पीछे के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके।

  • झांसी में दर्दनाक हादसा: खाना खाने के बाद युवक ने लगाई फांसी, पत्नी ने देखा शव

    झांसी में दर्दनाक हादसा: खाना खाने के बाद युवक ने लगाई फांसी, पत्नी ने देखा शव



    झांसी । झांसी में एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां एक 40 वर्षीय युवक ने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना कोतवाली थाना क्षेत्र के दतिया गेट बाहर नकटा चौपड़ा मोहल्ले की है, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।

    जानकारी के अनुसार मृतक खेमचंद कुशवाहा पुत्र देवीप्रसाद कुशवाहा थे, जो ऑटो किराए पर चलवाने का काम करते थे। परिजनों के मुताबिक मंगलवार रात उन्होंने सामान्य रूप से परिवार के साथ खाना खाया और इसके बाद अपने ऊपर वाले कमरे में सोने चले गए। सब कुछ सामान्य लग रहा था, लेकिन कुछ ही घंटे बाद यह दुखद घटना सामने आ गई।

    रात करीब 11 बजे जब उनकी पत्नी प्रीति कमरे में पहुंची तो उन्होंने देखा कि खेमचंद फंदे से लटके हुए हैं। यह दृश्य देखकर वह चीख पड़ीं, जिसके बाद शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए। तुरंत परिजनों ने पुलिस को सूचना दी।

    सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। फिलहाल आत्महत्या के कारणों का पता नहीं चल सका है और पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है।

    परिजनों के अनुसार मृतक खेमचंद का 6 साल का एक बेटा देवांश है। घटना के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है और पत्नी प्रीति का रो-रोकर बुरा हाल है। अचानक हुई इस घटना से पूरा परिवार सदमे में है और गांव-मोहल्ले में भी शोक का माहौल है।

  • लखनऊ सैलून मैनेजर सुसाइड केस: रत्ना सिंह मामले में बड़ा एक्शन, मालिक की पत्नी मुंबई से गिरफ्तार

    लखनऊ सैलून मैनेजर सुसाइड केस: रत्ना सिंह मामले में बड़ा एक्शन, मालिक की पत्नी मुंबई से गिरफ्तार


    नई दिल्ली। लखनऊ में सैलून मैनेजर रत्ना सिंह आत्महत्या मामले ने बड़ा तूल पकड़ लिया है। इस मामले में लगातार नए खुलासे और पुलिस कार्रवाई सामने आ रही है। गोरखपुर की रहने वाली 32 वर्षीय रत्ना सिंह लखनऊ के गोमती नगर विस्तार स्थित मानसून सैलून में मैनेजर के पद पर कार्यरत थीं। कुछ दिन पहले उन्होंने अपने कमरे में फांसी लगाकर जान दे दी थी।

    आत्महत्या से पहले रत्ना सिंह ने 26 सेकंड का एक वीडियो भी रिकॉर्ड किया था, जिसमें उन्होंने सैलून मालिक शरद सिंह, उनकी पत्नी पल्लवी जोशी समेत कुछ अन्य लोगों पर मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए थे। यह वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद मामला और भी गंभीर हो गया।

    परिजनों ने आरोप लगाया कि रत्ना सिंह को लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था, जिससे वह मानसिक रूप से टूट गईं और उन्होंने यह कदम उठाया। घटना के बाद परिजनों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर न्याय की मांग की, जिसके बाद पुलिस और प्रशासन हरकत में आया।

    मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी शरद सिंह सहित कई लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं उनकी पत्नी पल्लवी जोशी को मुंबई से हिरासत में लिया गया है। पुलिस ने अन्य आरोपियों की भी गिरफ्तारी की पुष्टि की है और जांच जारी है।

    कार्रवाई के तहत संबंधित सैलून और उससे जुड़े प्रतिष्ठानों पर प्रशासन ने सीलिंग की कार्रवाई की है। साथ ही आरोपियों की संपत्तियों पर भी बुलडोजर एक्शन लिया गया है, जिससे पूरे इलाके में हलचल मच गई है।

    पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि रत्ना सिंह पर लंबे समय से दबाव बनाया जा रहा था। वहीं अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। इस मामले में एक होटल मैनेजर को पहले ही देवरिया से गिरफ्तार किया जा चुका था।

    रत्ना सिंह के पिता रेलवे कर्मचारी हैं और परिवार का राजनीतिक व सामाजिक जुड़ाव भी बताया जा रहा है। परिजनों ने सभी दोषियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की है और कहा है कि उनकी बेटी को न्याय मिलना चाहिए।

    फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी है और सभी डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है। यह मामला न केवल लखनऊ बल्कि पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बना हुआ है।