Tag: suicide case

  • ‘मेरी जिंदगी नर्क बन चुकी है… मुझे यहां से ले जाओ’, ट्विशा शर्मा की मां संग चैट आई सामने

    ‘मेरी जिंदगी नर्क बन चुकी है… मुझे यहां से ले जाओ’, ट्विशा शर्मा की मां संग चैट आई सामने



    भोपाल। भोपाल के चर्चित कटारा हिल्स संदिग्ध मौत मामले में अब तक का सबसे बड़ा खुलासा सामने आया है। पूर्व जज की बहू ट्विशा शर्मा और उसकी मां के बीच हुई व्हाट्सएप चैट सार्वजनिक हुई है, जिसने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया है। इन चैट्स में ट्विशा ने अपनी शादीशुदा जिंदगी को “नर्क” बताते हुए मां से उसे वहां से ले जाने की गुहार लगाई थी।

    जानकारी के मुताबिक, 12 मई को संदिग्ध परिस्थितियों में मृत मिली 31 वर्षीय ट्विशा शर्मा ने मौत से करीब पांच दिन पहले अपनी मां को कई भावुक मैसेज भेजे थे। चैट में ट्विशा लिखती है— “मेरी जिंदगी नर्क बन चुकी है… ये लोग बहुत क्रूर हैं… समर्थ मुझसे ठीक से बात तक नहीं करता… तुम यहां आओ और मुझे यहां से ले जाओ… ये लोग मुझे जीने नहीं देंगे।”

    इन चैट्स के सामने आने के बाद मृतका का परिवार इसे आत्महत्या नहीं बल्कि प्रताड़ना से जुड़ा मामला बता रहा है। परिवार का आरोप है कि शादी के कुछ ही महीनों बाद ट्विशा मानसिक रूप से टूट चुकी थी और लगातार दबाव में जी रही थी।

    इधर कोर्ट में आरोपी पक्ष की ओर से भी कई दावे किए गए हैं। ट्विशा की सास और रिटायर्ड जज गिरीबाला सिंह ने जमानत आवेदन में आरोप लगाया कि ट्विशा ड्रग एडिक्ट थी और उसे मूड स्विंग्स की समस्या थी। इस पर ट्विशा की मां ने भावुक प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अब उनकी बेटी इस दुनिया में नहीं है, इसलिए उसके बारे में कुछ भी कहा जा रहा है।

    मामले में एक और चौंकाने वाला दावा सामने आया है। परिवार के अनुसार ट्विशा करीब दो महीने की गर्भवती थी और उसके पति समर्थ सिंह ने उसके चरित्र पर सवाल उठाए थे। आरोप है कि समर्थ ने ट्विशा से बच्चे को लेकर आपत्तिजनक सवाल किए थे, जिससे वह मानसिक रूप से और ज्यादा परेशान हो गई थी।

    ट्विशा के चचेरे भाई आशीष शर्मा ने दावा किया है कि समर्थ खुद नशा करता था और जब ट्विशा ने इसका विरोध किया तो उसे प्रताड़ित किया जाने लगा। परिवार का आरोप है कि आरोपी पक्ष प्रभावशाली होने के कारण पुलिस जांच प्रभावित हो रही है। इसी वजह से परिजन अब मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में कराने की मांग कर रहे हैं।

    फिलहाल पुलिस एसआईटी के जरिए मामले की जांच कर रही है। वहीं ट्विशा की मौत से जुड़े हर नए खुलासे के बाद यह मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है।

  • भोपाल बहू सुसाइड केस में नया मोड़: रिटायर्ड जज सास ने ट्विशा को बताया ड्रग एडिक्ट, परिजन ने जांच पर उठाए सवाल

    भोपाल बहू सुसाइड केस में नया मोड़: रिटायर्ड जज सास ने ट्विशा को बताया ड्रग एडिक्ट, परिजन ने जांच पर उठाए सवाल



    भोपाल। भोपाल के कटारा हिल्स स्थित बागमुगालिया एक्सटेंशन में रिटायर्ड महिला जज की बहू ट्विशा शर्मा की आत्महत्या का मामला लगातार उलझता जा रहा है। घटना के छह दिन बाद भी परिजनों ने शव लेने से इनकार कर दिया है, जबकि आरोपी सास को मिली जमानत के बाद विवाद और गहरा गया है।

    इसी बीच केस में नया मोड़ तब आया जब आरोपी सास गिरीबाला सिंह की जमानत याचिका के कुछ हिस्से सामने आए। याचिका में उन्होंने बहू ट्विशा को ड्रग एडिक्ट बताया है और दावा किया है कि उसे नशे की लत थी, नशा न मिलने पर उसके व्यवहार में बदलाव आता था। साथ ही यह भी आरोप लगाया गया है कि ट्विशा मानसिक रूप से अस्थिर थी और उसका इलाज मनोचिकित्सक व काउंसलर से चल रहा था।

    जमानत आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि ट्विशा 17 अप्रैल को दिल्ली गई थी और करीब 12 घंटे तक लापता रही थी, लेकिन उसने इस बारे में किसी को जानकारी नहीं दी। इसके अलावा सास की ओर से दावा किया गया है कि बहू को हर महीने उसकी जरूरत के हिसाब से 5 हजार से 50 हजार रुपये तक ऑनलाइन पैसे दिए जाते थे, जिसके ट्रांजेक्शन रिकॉर्ड भी कोर्ट में पेश किए गए हैं।

    वहीं परिजनों ने इन दावों को खारिज करते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका आरोप है कि पुलिस कार्रवाई में लापरवाही बरती जा रही है और आरोपी पति समर्थ की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। परिजनों ने एम्स में दोबारा पोस्टमॉर्टम कराने और बाहरी एजेंसी से जांच की मांग की है।

    पुलिस ने मामले की जांच के लिए एसीपी मिसरोद के नेतृत्व में एसआईटी गठित कर दी है, जिसमें छह सदस्य शामिल हैं। टीम मामले के हर पहलू की जांच कर रही है, जबकि आरोपी पति की तलाश जारी है।

  • जबलपुर में सुसाइड केस: वीडियो रिकॉर्ड कर युवक ने की आत्महत्या, शादी टूटने से था परेशान

    जबलपुर में सुसाइड केस: वीडियो रिकॉर्ड कर युवक ने की आत्महत्या, शादी टूटने से था परेशान


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के Jabalpur में एक दर्दनाक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां राजस्थान के झालावाड़ निवासी 25 वर्षीय युवक लोकेश सिंह ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। अब करीब दो महीने बाद सामने आए एक वीडियो ने इस मामले को नया मोड़ दे दिया है।

    घटना 3 मार्च की बताई जा रही है, जब लोकेश का शव जबलपुर से करीब 15 किलोमीटर दूर नहर किनारे एक पेड़ पर फंदे से लटका मिला था। पुलिस ने उस समय शव का पोस्टमॉर्टम कर परिजनों को सौंप दिया था और मामला सामान्य आत्महत्या मानकर जांच बंद कर दी गई थी।

    लेकिन हाल ही में मृतक के मोबाइल से मिला एक वीडियो सामने आने के बाद मामला फिर से खुल गया है। वीडियो में लोकेश ने आत्महत्या से ठीक पहले अपनी मौत के लिए ससुराल पक्ष को जिम्मेदार ठहराया है। उसने आरोप लगाया कि सोशल मीडिया पर उसकी फोटो डालकर उसकी बदनामी की गई, जिससे वह मानसिक रूप से टूट गया।

    मृतक ने वीडियो में कुछ लोगों के नाम लेते हुए गंभीर आरोप लगाए और भावनात्मक रूप से आहत होकर आत्महत्या करने की बात कही। वीडियो सामने आने के बाद परिवार ने इसे पुलिस को सौंप दिया है।

    परिजनों के अनुसार लोकेश की शादी बचपन में तय हुई थी, लेकिन बाद में रिश्ते में तनाव बढ़ता चला गया। पिता का आरोप है कि ससुराल पक्ष की ओर से लगातार दबाव और विवाद के कारण उनका बेटा मानसिक तनाव में था।

    मामले में एक और पहलू यह भी सामने आया है कि घटना से पहले युवक द्वारा सोशल मीडिया पर एक आपत्तिजनक फोटो पोस्ट किए जाने के बाद विवाद और बढ़ गया था, जिसके बाद रिश्ता टूटने की स्थिति बन गई थी।

    अब पुलिस ने वीडियो के आधार पर नए सिरे से जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि वीडियो में जिन लोगों के नाम लिए गए हैं, उनसे पूछताछ की जाएगी और सभी तथ्यों की जांच के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

    फिलहाल यह मामला आत्महत्या के पीछे के कारणों और सोशल मीडिया विवाद के प्रभाव को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।

  • देवास में 26 वर्षीय युवक ने लगाई फांसी, छुट्टियों में आया था मामा के घर; पुलिस जांच जारी

    देवास में 26 वर्षीय युवक ने लगाई फांसी, छुट्टियों में आया था मामा के घर; पुलिस जांच जारी

    देवास देवास शहर के कालानी बाग क्षेत्र में एक 26 वर्षीय युवक द्वारा आत्महत्या किए जाने की घटना सामने आई है। युवक ने अपने मामा के घर में फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई।

    सांवेर से आया था छुट्टियां मनाने
    मृतक की पहचान अमित चौधरी (26 वर्ष), निवासी कूड़ाना, सांवेर के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, वह कुछ दिन पहले गर्मियों की छुट्टियां बिताने अपने मामा के घर देवास आया था। परिजनों ने घटना के बाद उसे तुरंत जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

    परिवार में शोक का माहौल
    पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। अमित के पिता सेवानिवृत्त शिक्षक हैं। बेटे की अचानक मौत से परिवार में गहरा शोक व्याप्त है और परिजन सदमे में हैं।

    पुलिस जांच में जुटी, कारण अस्पष्ट
    फिलहाल आत्महत्या के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल पाया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है।

    यह घटना एक बार फिर मानसिक स्वास्थ्य और युवाओं में बढ़ते तनाव को लेकर सवाल खड़े करती है। पुलिस जांच के बाद ही आत्महत्या के पीछे की वास्तविक वजह सामने आ सकेगी।


  • “मैं भी उसके पास जाऊंगा…” उज्जैन में पत्नी के गम में पति ने तोड़ा दम, इलाके में सनसनी

    “मैं भी उसके पास जाऊंगा…” उज्जैन में पत्नी के गम में पति ने तोड़ा दम, इलाके में सनसनी


    नई दिल्ली। देवास-उज्जैन क्षेत्र के ग्राम काट बड़ौदा में एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां पत्नी की मौत के गहरे सदमे में डूबे एक युवक ने अपनी जान दे दी। 25 वर्षीय सुभाष भाटी ने जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली। बताया जा रहा है कि वह लंबे समय से मानसिक रूप से बेहद परेशान चल रहा था और बार-बार कहता था “वह चली गई… अब मैं भी उसके पास जाऊंगा।”

    प्रेम विवाह के बाद खुशहाल जीवन पर टूटा दुखों का पहाड़
    सुभाष भाटी ने करीब पांच साल पहले कोमल से प्रेम विवाह किया था। दोनों की कहानी सामान्य रिश्तों की तरह शुरू हुई, लेकिन एक दर्दनाक हादसे ने सबकुछ बदल दिया। शादी के एक साल बाद सड़क दुर्घटना में कोमल की मौत हो गई, जिसने सुभाष को पूरी तरह तोड़ दिया।
    परिजनों के अनुसार, इस घटना के बाद वह मानसिक अवसाद में चला गया और सामान्य जीवन जीना उसके लिए मुश्किल हो गया।

    लगातार आत्मघाती विचार और पहले भी कोशिशें
    परिजनों ने बताया कि सुभाष कई बार आत्महत्या की कोशिश कर चुका था। उसने एक-दो बार ट्रेन के सामने कूदने का प्रयास भी किया, लेकिन परिवार समय रहते उसे बचा लेता था। इसके बाद परिवार उसे अकेला नहीं छोड़ता था, लेकिन अंदरूनी दर्द लगातार बढ़ता गया।

    बेटी भी नहीं रोक सकी टूटे हुए मन को
    सुभाष और कोमल की चार साल की एक बेटी है। परिवार उसे समझाने की कोशिश करता रहा कि वह बेटी के लिए जीए, लेकिन सुभाष बार-बार यही कहता था कि बेटी को परिवार संभाल लेगा और उसे अपनी पत्नी के पास जाना है।

    अंतिम कदम और मौत
    रविवार को सुभाष घर से बाहर गया और जहरीला पदार्थ खा लिया। हालत बिगड़ने पर उसे पहले देवास जिला अस्पताल ले जाया गया और फिर उज्जैन रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

    एक खुशहाल शुरुआत का दुखद अंत
    परिवार के अनुसार, सुभाष और कोमल की मुलाकात एक सामाजिक कार्यक्रम में हुई थी, जहां से उनकी दोस्ती शुरू हुई और बाद में शादी में बदल गई। 2020 में दोनों ने विवाह किया और 2022 में बेटी का जन्म हुआ, लेकिन कुछ महीनों बाद ही एक सड़क हादसे ने कोमल की जान ले ली।

    यह घटना केवल एक परिवार की नहीं, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य और भावनात्मक सहारे की गंभीर जरूरत को भी उजागर करती है। गहरे सदमे और अकेलेपन में फंसे व्यक्ति को समय पर मदद और काउंसलिंग न मिले तो परिणाम बेहद दुखद हो सकते हैं।:

  • धनपुरी में मंदिर के पास खंभे से लटका मिला युवक का शव, इलाके में सनसनी

    धनपुरी में मंदिर के पास खंभे से लटका मिला युवक का शव, इलाके में सनसनी


    शहडोल, मध्यप्रदेश: शहडोल जिले के धनपुरी थाना क्षेत्र में सोमवार सुबह उस समय सनसनी फैल गई जब खेर माता मंदिर के पास स्थित छोटी तालिया इलाके में एक युवक का शव खंभे से लटका मिला। सुबह टहलने निकले स्थानीय लोगों ने शव देखा और तुरंत पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद धनपुरी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।

    मृतक की पहचान पुरानी बस्ती धनपुरी निवासी बबलू कोल (21) के रूप में हुई है, जो मजदूरी का काम करता था। परिजनों के अनुसार, बबलू रविवार रात घर से निकला था, लेकिन उसके बाद वापस नहीं लौटा। अगली सुबह उसका शव मिलने की सूचना से परिवार में कोहराम मच गया और परिजन मौके पर पहुंच गए।

    घटनास्थल से नहीं मिला सुसाइड नोट 

    पुलिस ने प्रारंभिक जांच में इसे आत्महत्या का मामला माना है, लेकिन मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। इसी कारण मामले में कई सवाल खड़े हो गए हैं और मौत के कारणों को लेकर संशय बना हुआ है। पुलिस ने शव को खंभे से नीचे उतारकर पंचनामा कार्रवाई की और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

    पुलिस जांच में जुटी, कई एंगल पर पड़ता
    धनपुरी पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। पुलिस परिजनों से पूछताछ कर रही है और यह जानने की कोशिश कर रही है कि युवक की मानसिक स्थिति कैसी थी और उसकी अंतिम गतिविधियां क्या थीं। स्थानीय लोगों के अनुसार, यह घटना देर रात की हो सकती है क्योंकि सुबह मंदिर की ओर जाने वाले लोगों ने शव देखा। कुछ लोग इसे आत्महत्या मान रहे हैं, जबकि कुछ इसे संदिग्ध घटना बता रहे हैं।

     इलाके में दहशत का माहौ
    घटना के बाद इलाके में डर और तनाव का माहौल है। मंदिर के आसपास होने के कारण लोग इस घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं कर रहे हैं। पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है ताकि सच सामने आ सके।

  • सूदखोरी के जाल में उलझकर बीजेपी नेता ने गंवाई जान, कांग्रेस नेता पर मौत से पहले लगाए गंभीर आरोप

    सूदखोरी के जाल में उलझकर बीजेपी नेता ने गंवाई जान, कांग्रेस नेता पर मौत से पहले लगाए गंभीर आरोप


    खंडवा। मध्य प्रदेश के खंडवा जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है जहाँ भारतीय जनता पार्टी के नेता जितेंद्र चौधरी उर्फ जीतू ने सूदखोरी और कर्ज के दबाव में आकर आत्महत्या कर ली। आरोप है कि एक पूर्व कांग्रेस पार्षद और उनके परिवार द्वारा लगातार दी जा रही प्रताड़ना से तंग आकर जीतू ने यह आत्मघाती कदम उठाया। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि बीजेपी नेता ने कांग्रेस नेता के घर जाकर ही जहरीला पदार्थ खा लिया।

    50 लाख का हिसाब और जानलेवा धमकी जानकारी के मुताबिक खंडवा के लवकुश नगर निवासी जितेंद्र चौधरी मंगलवार सुबह बड़गांव भीला रोड स्थित पूर्व कांग्रेस पार्षद गणेश सकरगाये के घर पहुंचे थे। मामला करीब 50 लाख रुपये के लेनदेन के हिसाब-किताब का था। बताया जा रहा है कि ब्याज की रकम चुकाने में असमर्थता जताने पर कांग्रेस नेता ने उन्हें कथित तौर पर गंभीर परिणाम भुगतने और उनका घर बिकवाने की धमकी दी। इस मानसिक दबाव को जीतू सहन नहीं कर पाए और उन्होंने वहीं जहरीला पदार्थ गटक लिया।

    अस्पताल में इलाज के दौरान मौत तबीयत बिगड़ते देख गणेश सकरगाये और उनके साथियों ने आनन-फानन में जीतू को एक निजी अस्पताल पहुँचाया जहाँ से उन्हें गंभीर हालत में जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। अस्पताल के आईसीयू वार्ड में संघर्ष करने के बाद आखिरकार जितेंद्र चौधरी ने दम तोड़ दिया। मौत से पहले दिए गए अपने बयान में जीतू ने स्पष्ट रूप से गणेश सकरगाये पर सूदखोरी और मानसिक प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने बताया कि कर्ज और बढ़ते ब्याज के कारण वे पिछले काफी समय से तनाव में थे।

    पुलिस जांच में जुटी मोघट थाना पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस के पास अब मृतक का मृत्यु पूर्व बयान मौजूद है जिसे जांच का मुख्य आधार बनाया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि लेनदेन के दस्तावेजों और कॉल डिटेल्स की जांच की जा रही है। इस घटना के बाद शहर के सियासी गलियारों में भी तनाव देखा जा रहा है क्योंकि मामला सत्ताधारी दल के नेता और विपक्ष के पूर्व पार्षद के बीच के विवाद से जुड़ा है।

  • मुरैना महिला एसआई को हाईकोर्ट से झटका, एडवोकेट सुसाइड केस में अग्रिम जमानत खारिज

    मुरैना महिला एसआई को हाईकोर्ट से झटका, एडवोकेट सुसाइड केस में अग्रिम जमानत खारिज


    ग्वालियर। हाईकोर्ट ने मुरैना की महिला सब इंस्पेक्टर प्रीति जादौन की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। मामला एडवोकेट मृत्युंजय सिंह चौहान की आत्महत्या से जुड़ा है। न्यायालय ने अपने आदेश में कहा कि प्रथम दृष्टया मामले में केवल निजी तनाव नहीं बल्कि धमकी और पद के दुरुपयोग के गंभीर संकेत मिलते हैं। कोर्ट ने यह भी माना कि आरोपी एक सेवारत पुलिस अधिकारी है और उससे कानून के पालन की अपेक्षा अधिक रहती है।

    हाईकोर्ट ने आदेश में स्पष्ट किया कि घटना के कुछ ही दिनों बाद मृतक द्वारा आत्महत्या करना अभियोजन पक्ष के तर्क को मजबूत करता है। कोर्ट ने यह भी देखा कि गवाहों को प्रभावित करने और कथित घटनास्थल से हथियार की बरामदगी न होने के कारण हिरासत में पूछताछ आवश्यक है।मामला मुरैना के सिविल लाइन थाने में पदस्थ एसआई प्रीति जादौन और उनके मंगेतर ग्वालियर निवासी एडवोकेट मृत्युंजय सिंह चौहान से जुड़ा है। 14-15 दिसंबर 2025 की रात मृत्युंजय ने गोला का मंदिर थाना क्षेत्र स्थित अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की जानकारी 15 दिसंबर को सामने आई थी।

    पुलिस जांच में सामने आया कि 12 दिसंबर को मृतक मुरैना पुलिस लाइन स्थित प्रीति जादौन के सरकारी क्वार्टर पहुंचे थे। वहां मृतक ने एक आवेदन लिखा जिसे जांच एजेंसियां अघोषित सुसाइड नोट मान रही हैं। आवेदन में आरोप था कि महिला एसआई और क्वार्टर में मौजूद आरक्षक अराफात खान ने उनके साथ मारपीट की। मृतक ने इस घटना की शिकायत सिविल लाइन और सिटी कोतवाली थाने में दर्ज कराने की कोशिश की, लेकिन उल्टे महिला एसआई के प्रभाव के चलते उनके खिलाफ ही एफआईआर दर्ज कर दी गई।

    हाईकोर्ट में बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि मामला निजी संबंधों में तनाव का है और मृतक ने जबरन सरकारी आवास में प्रवेश किया। हालांकि शासकीय अधिवक्ता ने मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड, टावर लोकेशन, ऑडियो वीडियो साक्ष्य और मृतक की मां के बयान को आधार बनाकर आरोपों की पुष्टि की। कोर्ट ने इन तथ्यों को गंभीर मानते हुए अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया।

    इस बीच, ग्वालियर पुलिस द्वारा की गई दबिश के दौरान एसआई प्रीति जादौन और आरक्षक अराफात खान अपने आवास से अनुपस्थित पाए गए। पुलिस की तलाश जारी है और मामला न्यायिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है।

  • शहडोल पुलिस लाइन में सनसनी: ड्यूटी पर तैनात आरक्षक ने सर्विस राइफल से खुद को उड़ाया, मौके पर मिला टूटा मोबाइल

    शहडोल पुलिस लाइन में सनसनी: ड्यूटी पर तैनात आरक्षक ने सर्विस राइफल से खुद को उड़ाया, मौके पर मिला टूटा मोबाइल



    शहडोल । मध्य प्रदेश के शहडोल जिले से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां पुलिस लाइन में नाइट ड्यूटी पर तैनात एक युवा आरक्षक ने आत्मघाती कदम उठाते हुए अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। रक्षित केंद्र आरएआई में पदस्थ आरक्षक शिशिर सिंह राजपूत ने अपनी ही सर्विस राइफल से खुद को गोली मार ली, जिससे पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। इस घटना ने एक बार फिर पुलिस कर्मियों के मानसिक स्वास्थ्य और ड्यूटी के दौरान बढ़ते तनाव पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना उस वक्त की है जब शिशिर सिंह राजपूत नाइट ड्यूटी पर तैनात थे। वे अपनी कुर्सी पर बैठे हुए थे, तभी अचानक उन्होंने अपनी 7.62 एमएम सर्विस राइफल को अपने सिर से सटाकर ट्रिगर दबा दिया। गोली सिर के आर-पार निकल गई और अत्यधिक रक्तस्राव के कारण आरक्षक ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। गोली की आवाज सुनते ही आसपास मौजूद अन्य कर्मचारी घटनास्थल की ओर दौड़े, लेकिन तब तक सब कुछ खत्म हो चुका था। मामले की सूचना मिलते ही एसपी रामजी श्रीवास्तव सहित अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे।

    घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण करने पर पुलिस को आरक्षक का मोबाइल फोन टूटा हुआ मिला है। प्रारंभिक जांच में यह अंदेशा जताया जा रहा है कि खुदकुशी जैसा खौफनाक कदम उठाने से ठीक पहले आरक्षक मोबाइल पर किसी से बात कर रहे थे। पुलिस को संदेह है कि बातचीत के दौरान शिशिर किसी गहरी मानसिक वेदना या आवेश में आ गए थे, जिसके चलते उन्होंने पहले अपना फोन तोड़ा और फिर तत्काल खुद को गोली मार ली। यह आवेश व्यक्तिगत कारणों से था या विभागीय दबाव से, इसकी गहनता से पड़ताल की जा रही है।

    पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की विस्तृत विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं। मृतक के परिजनों को सूचना दे दी गई है, जिनका रो-रोकर बुरा हाल है। एसपी रामजी श्रीवास्तव ने बताया कि घटना के हर पहलू की जांच की जा रही है और मोबाइल के डेटा को रिकवर करने की कोशिश की जाएगी ताकि मौत के असली कारणों का खुलासा हो सके। फिलहाल, इस घटना के बाद पुलिस लाइन में शोक की लहर व्याप्त है और सहकर्मी इस आकस्मिक क्षति से स्तब्ध हैं।

  • मुरैना में वकील मृत्युंजय सुसाइड केस में नया मोड़,मां ने एसपी से मांगी न्यायिक कार्रवाई, महिला एसआई और आरक्षक के खिलाफ मुरैना में भी FIR दर्ज होने की मांग

    मुरैना में वकील मृत्युंजय सुसाइड केस में नया मोड़,मां ने एसपी से मांगी न्यायिक कार्रवाई, महिला एसआई और आरक्षक के खिलाफ मुरैना में भी FIR दर्ज होने की मांग




    मुरैना।
    वकील मृत्युंजय चौहान के सुसाइड केस में नया मोड़ आया है। बुधवार को मृतक वकील की मां, शिवकुमारी जादौन, मुरैना एसपी समीर सौरभ से मिलने पहुंचीं और भावुक होकर बोलीं कि उनके बेटे के साथ जो अत्याचार हुआ, उसकी न्यायिक कार्रवाई सिर्फ ग्वालियर में नहीं, बल्कि मुरैना में भी हो। उन्होंने कहा, “मुझे भी यहीं मार डालो, मेरा बेटा तो चला ही गया।

    मृत्युंजय की मां ने आरोप लगाया कि मुरैना पुलिस अब तक किसी ठोस कार्रवाई में नहीं जुटी है।

    12 दिसंबर को मुरैना सिविल लाइन की महिला एसआई प्रीति जादौन और कॉन्स्टेबल अराफात खान ने मृत्युंजय के साथ मारपीट की थी। इसी के चलते मृत्युंजय ने 15 दिसंबर को ग्वालियर में अपने किराए के मकान में फांसी लगाई। उन्होंने मांग की कि आरोपी महिला एसआई और आरक्षक के खिलाफ मुरैना में भी एफआईआर दर्ज की जाए, अवैध पिस्टल जब्त की जाए और दोनों को जिले से बाहर अटैच किया जाए क्योंकि वे परिवार को धमका रहे हैं।

    ग्वालियर पुलिस की जांच में सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और मोबाइल लोकेशन से पुष्टि हुई कि घटना वाले दिन आरोपी और वकील साथ थे।

    जांच में यह भी खुलासा हुआ कि महिला एसआई ने शादी का दबाव बनाया, पूर्व पत्नी से तलाक, जमीन-जायदाद और जेवरात हड़पने की कोशिश की। इस मामले में ग्वालियर पुलिस ने बीएनएस की धारा 108 और 3(5) के तहत महिला एसआई और आरक्षक के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    एसपी ने कहा कि जांच जारी है और जैसे ही ग्वालियर पुलिस का एफआईआर प्रतिवेदन मिलेगा, दोनों आरोपियों को पुलिस मुख्यालय अटैच कर दिया जाएगा। शिवकुमारी जादौन की यह मांग न्यायपालिका और पुलिस पर दबाव डालती है कि किसी भी तरह की अवहेलना या विलंब न्याय में बाधक न बने।

    इस पूरे मामले ने मुरैना और ग्वालियर में पुलिस और न्याय व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मृतक वकील के परिवार ने स्पष्ट किया कि केवल ग्वालियर में कार्रवाई से संतोष नहीं होगा, बल्कि मुरैना में भी एफआईआर दर्ज होना जरूरी है ताकि न्याय सुनिश्चित हो सके।