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  • महंगे शौक की सनक: कार के लिए जमीन बेचने की जिद, पिता ने किया इनकार तो बेटे ने लगा ली फांसी

    महंगे शौक की सनक: कार के लिए जमीन बेचने की जिद, पिता ने किया इनकार तो बेटे ने लगा ली फांसी

    नई दिल्ली।
    उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले से एक ऐसी खबर सामने आई है जो आधुनिक दौर में युवाओं की बेलगाम होती महत्वाकांक्षाओं और उनके घातक परिणामों की ओर इशारा करती है। जिले के रायपुर गांव में 20 वर्षीय रोहित यादव ने केवल इसलिए अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली क्योंकि उसके माता-पिता उसकी महंगी मांगों को पूरा करने में असमर्थ थे। यह घटना न केवल एक परिवार के उजड़ने की कहानी है बल्कि समाज के लिए एक चेतावनी भी है कि कैसे ‘दिखावे की संस्कृति’ युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य पर हावी हो रही है।

    जमीन बेचकर कार खरीदने का था दबाव मृतक रोहित के पिता बीरेंद्र यादव के अनुसार उनका बेटा पिछले काफी समय से घर वालों पर अनुचित दबाव बना रहा था। उसकी मांग थी कि पुश्तैनी जमीन को बेचकर उसे एक लग्जरी चार पहिया गाड़ी और एक नई मोटरसाइकिल दिलाई जाए। इतना ही नहीं वह अपने लिए एक नई दुकान भी खुलवाना चाहता था। एक मध्यमवर्गीय ग्रामीण परिवार के लिए खेती की जमीन बेचकर ऐशो-आराम के साधन जुटाना मुमकिन नहीं था जिसके चलते परिजन लगातार उसे समझाने की कोशिश कर रहे थे।

    हिंसक व्यवहार और पुरानी चेतावनी रोहित के व्यवहार में जिद और हताशा का मेल इस कदर था कि वह अपनी मांगों को मनवाने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार रहता था। परिजनों ने बताया कि यह पहली बार नहीं था जब उसने ऐसा कदम उठाया हो। साल 2025 में भी उसने कार की मांग को लेकर आत्महत्या का प्रयास किया था। उस वक्त परिवार ने डरकर और उसकी खुशी की खातिर उसे एक नई मोटरसाइकिल दिला दी थी। लेकिन सनक का आलम यह था कि कुछ समय बाद उसने उसी मोटरसाइकिल को आग के हवाले कर दिया था।

    सूने घर में मौत को लगाया गले घटना वाले दिन घर के अन्य सदस्य अपने रोजमर्रा के कामों में व्यस्त थे और कुछ लोग बाहर गए हुए थे। रोहित घर में अकेला था। इसी बीच अपनी मांग पूरी न होने से आहत और गुस्से में उसने कमरे के भीतर फंदा लगाकर जान दे दी। जब घर वाले वापस लौटे तो रोहित का शव लटका देख उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। चीख-पुकार सुनकर ग्रामीण इकट्ठा हुए और पुलिस को सूचना दी गई।

    पुलिस की कार्रवाई और जांच सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक जांच में मामला आत्महत्या का ही लग रहा है जिसका कारण पारिवारिक अनबन और युवक की जिद बताया जा रहा है। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या युवक किसी मानसिक तनाव या गलत सोहबत का शिकार तो नहीं था।यह घटना क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि आज के दौर में सोशल मीडिया और दिखावे की दुनिया युवाओं को वास्तविकता से दूर ले जा रही है जहां धैर्य की कमी उन्हें ऐसे आत्मघाती मोड़ पर खड़ा कर देती है।

  • सुशांत सिंह राजपूत: टीवी से बॉलीवुड तक, चमकते सितारे का सफर और 6 साल बाद भी दिलों में बसे सवाल

    सुशांत सिंह राजपूत: टीवी से बॉलीवुड तक, चमकते सितारे का सफर और 6 साल बाद भी दिलों में बसे सवाल



    नई दिल्ली । कुछ कलाकार ऐसे होते हैं जिन्होंने छोटे पर्दे से अपनी शुरुआत की और फिर बड़े परदे पर भी अपना जलवा बिखेरा। सुशांत सिंह राजपूत भी उन्हीं में से एक थे। टीवी से लेकर बॉलीवुड तक उनका सफर प्रेरणा से कम नहीं था। लेकिन 6 साल पहले एक दुखद घटना ने उनके करोड़ों चाहने वालों को चौंका दिया और वे हमारे बीच नहीं रहे। आज, 21 जनवरी को उनके जन्मदिन पर हम याद करते हैं उनके फिल्मी सफर को।

    टीवी से चमकती शुरुआत
    सुशांत ने अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत 2008 में टीवी शो ‘किस देश में है मेरा दिल’ से की थी।

    इस शो ने उन्हें इंडस्ट्री में पहचान दिलाई।
    लेकिन 2009 में उनकी जिंदगी का सबसे बड़ा मोड़ आया जब उन्होंने ‘पवित्र रिश्ता’ में मानव का किरदार निभाया। इस भूमिका ने उन्हें घर-घर में लोकप्रिय बना दिया। शो में उनकी ऑनस्क्रीन केमिस्ट्री अंकिता लोखंडे के साथ बेहद पसंद की गई।

    बॉलीवुड में कदम और सितारा बनना
    टीवी पर कामयाबी के बाद सुशांत ने 2013 में बॉलीवुड में कदम रखा। उनकी पहली फिल्म ‘काय पो छे’ थी, जिसने उन्हें बड़े पर्दे पर स्थापित कर दिया।
    इसके बाद उन्होंने कई फिल्मों में शानदार काम किया, जैसे:शुद्ध देसी रोमांस, पीके,डिटेक्टिव ब्योमकेश बक्शीलेकिन 2016 में आई ‘एम.एस. धोनी: द अनटोल्ड स्टोरी’ ने उन्हें सुपरस्टार बना दिया। इस बायोपिक ने बॉक्स ऑफिस पर धूम मचा दी और सुशांत को असली पहचान मिली।

    फिर अचानक बुझा सितारा
    सुशांत ने कई यादगार फिल्मों में काम किया जैसे:राब्ता, केदारनाथ, सोनचिड़िया, छिछोरे, दिल बेचारा।इन फिल्मों ने उनके फैंस के दिलों में उनके लिए प्यार और सम्मान और बढ़ाया।

    लेकिन 2020 में एक दुखद घटना ने सबको हिला दिया। सुशांत अपने मुंबई स्थित घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। उनके निधन ने पूरे देश को सदमे में डाल दिया। पुलिस रिपोर्ट के अनुसार मानसिक दबाव और चुनौतियों के कारण उन्होंने यह कदम उठाया, जबकि परिवार ने इस मामले में अलग राय भी जताई।आज भी सुशांत की याद उनके फैंस के दिलों में जिंदा है और उनकी फिल्मों का जादू लोगों के बीच बरकरार है।

  • शादी से 12 दिन पहले ग्वालियर के वकील ने फांसी लगाई; मां का दावा- SI प्रेमिका के कमरे में आरक्षक को आपत्तिजनक हालत में देखा था

    शादी से 12 दिन पहले ग्वालियर के वकील ने फांसी लगाई; मां का दावा- SI प्रेमिका के कमरे में आरक्षक को आपत्तिजनक हालत में देखा था


    ग्वालियर । यह सनसनीखेज मामला ग्वालियर के गोले का मंदिर थाना क्षेत्र के आदर्श पुरम इलाके का है। श्योपुर जिले के मूल निवासी वकील मृत्युंजय सिंह चौहान ग्वालियर में किराए के मकान में रहते थे।
    मां का फोन नहीं उठाया फिर
    वकील मृत्युंजय ने रविवार रात अपनी मां शिव कुमारी चौहान का फोन अटेंड नहीं किया। चिंतित मां ने तुरंत ग्वालियर में मृत्युंजय के दोस्तों को इसकी जानकारी दी। सोमवार की सुबह जब दोस्त मृत्युंजय के किराए के घर पहुंचे तो उन्होंने उसे अपने कमरे में फांसी के फंदे पर लटका हुआ पाया। सूचना मिलते ही गोले का मंदिर थाना पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची।

    शादी से पहले मिला धोखा

    मृत्युंजय की मां शिव कुमारी चौहान ने ग्वालियर पहुंचकर पुलिस को बताया कि उनका बेटा पिछले पांच साल से मुरैना में तैनात एक महिला SI के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में था। यह संबंध काफी गंभीर था और दोनों ने इसी महीने की 30 दिसंबर को शादी करने की योजना बनाई थी। हर शनिवार को मृत्युंजय मुरैना में SI के क्वार्टर पर जाता था। मां ने खुलासा किया कि आत्महत्या से ठीक पहले मृत्युंजय ने उन्हें फोन किया और बताया कि उसके साथ बहुत बड़ा धोखा हुआ है।

    आपत्तिजनक हालत में आरक्षक

    वकील की मां के बयान के अनुसार मृत्युंजय ने उन्हें बताया था कि शुक्रवार रात वह महिला SI को सरप्राइज देने के लिए अचानक मुरैना उसके क्वार्टर पहुंच गया। जब वह कमरे के अंदर गया तो वहां महिला SI के अलावा एक आरक्षक भी मौजूद था। मृत्युंजय ने देखा कि आरक्षक और महिला SI आपत्तिजनक हालत में थे और कमरे से शराब की बदबू भी आ रही थी। जब मृत्युंजय ने आरक्षक को फटकारा तो उनके बीच विवाद और मारपीट भी हुई। बाद में महिला SI ने आरक्षक को वहां से भगा दिया।

    डिप्रेशन में आकर की खुदकुशी

    इस घटना से मृत्युंजय गहरे सदमे और डिप्रेशन में आ गया था। मां ने फोन पर उसे काफी समझाने की कोशिश की लेकिन इस भावनात्मक आघात के कारण सोमवार सुबह उसने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने फिलहाल मृत्युंजय के कमरे की तलाशी ली है और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि वे मृतक के परिजनों के बयान मोबाइल की कॉल डिटेल और अन्य सभी तथ्यों के आधार पर इस संवेदनशील मामले की गहन विवेचना करेंगे।