Tag: SuicideCase

  • दिल दहला देने वाली घटना सागर में दंपती ने एक साथ दी जान कारण बना रहस्य

    दिल दहला देने वाली घटना सागर में दंपती ने एक साथ दी जान कारण बना रहस्य


    सागर । मध्यप्रदेश के सागर जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है जहां एक दंपती ने एक साथ आत्महत्या कर ली जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। मामला शाहगढ़ थाना क्षेत्र के वाल्मीकि वार्ड का है जहां पति और पत्नी अपने ही घर में फांसी के फंदे पर लटके हुए मिले।

    जानकारी के अनुसार मृतकों की पहचान उत्तम अहिरवार उम्र करीब 45 वर्ष और उनकी पत्नी हरिबाई उम्र 42 वर्ष के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि दोनों पति पत्नी रात तक अपने घर के बाहर पड़ोसियों के साथ सामान्य बातचीत करते हुए बैठे थे और किसी तरह की परेशानी के संकेत भी नहीं मिले थे। लेकिन सुबह जब परिवार और आसपास के लोगों ने दरवाजा खोला तो दोनों को कमरे के अंदर फंदे पर लटका देख सभी के होश उड़ गए।

    घटना की सूचना मिलते ही मध्य प्रदेश पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की गई। पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई करते हुए दोनों शवों को फंदे से उतारा और पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। बाद में शवों को परिजनों को सौंप दिया गया।

    प्रारंभिक जांच में आत्महत्या के पीछे का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है। पुलिस का कहना है कि फिलहाल सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है और परिजनों तथा आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है ताकि इस घटना के पीछे की असली वजह सामने आ सके।

    इस घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। पड़ोसियों और परिचितों का कहना है कि दंपती का व्यवहार सामान्य था और उन्होंने कभी किसी बड़ी परेशानी का जिक्र नहीं किया था। ऐसे में दोनों का एक साथ यह कदम उठाना कई सवाल खड़े कर रहा है। परिवार के लोगों के लिए यह घटना गहरे सदमे से कम नहीं है। वहीं पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि आखिर किन परिस्थितियों ने इस दंपती को इतना बड़ा कदम उठाने पर मजबूर किया।

  • भोपाल और जबलपुर जेल में दो बंदियों ने फांसी लगाई सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

    भोपाल और जबलपुर जेल में दो बंदियों ने फांसी लगाई सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल


    मध्य प्रदेश । मध्य प्रदेश की दो प्रमुख सेंट्रल जेलों में कैदियों द्वारा आत्महत्या किए जाने की घटनाओं ने जेल प्रशासन की व्यवस्था और सुरक्षा प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक घटना भोपाल केंद्रीय जेल की है और दूसरी जबलपुर स्थित नेताजी सुभाषचंद्र बोस केंद्रीय जेल की है। दोनों ही मामलों में पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है और कारणों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।

    भोपाल सेंट्रल जेल में हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे एक बंदी ने आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान गुड्डू आदिवासी के रूप में हुई है जो रायसेन जिले के बाड़ी क्षेत्र का रहने वाला था। वह वर्ष 2017 से जेल में बंद था और जेल परिसर की गौशाला में गौसेवक के रूप में कार्य कर रहा था। जानकारी के अनुसार उसने जेल परिसर में स्थित गौशाला क्षेत्र में पेड़ पर रस्सी का फंदा बनाकर फांसी लगा ली। घटना की जानकारी मिलते ही जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया और तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। शव को पोस्टमार्टम के लिए गांधी मेडिकल कॉलेज की मर्चुरी में भेजा गया है। गांधीनगर थाना पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है। प्रारंभिक तौर पर आत्महत्या के कारण स्पष्ट नहीं हो पाए हैं।

    दूसरी घटना जबलपुर केंद्रीय जेल की है जहां एक विचाराधीन बंदी ने अस्पताल वार्ड के शौचालय में तौलिये से फंदा बनाकर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान गुड्डू उर्फ राजा विश्वकर्मा के रूप में हुई है जो संजीवनी नगर क्षेत्र का निवासी था। उसे वर्ष 2024 में विभिन्न धाराओं के तहत गिरफ्तार कर जेल में बंद किया गया था। जानकारी के अनुसार वह लंबे समय से शुगर और अन्य बीमारियों से भी पीड़ित था। घटना के समय वह जेल के अस्पताल खंड में भर्ती था और वहीं उसने यह कदम उठाया। जेल स्टाफ ने तुरंत डॉक्टर को बुलाया लेकिन जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया गया।

    घटना के बाद जेल प्रशासन ने संबंधित थाने को सूचना दी और सिविल लाइन थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। उप जेलर के अनुसार बंदी की स्थिति पर निगरानी रखी जा रही थी लेकिन अचानक हुई इस घटना ने सभी को चौंका दिया।

    दोनों मामलों में आत्महत्या के पीछे के कारण फिलहाल स्पष्ट नहीं हैं। पुलिस और जेल प्रशासन सभी पहलुओं की जांच कर रहे हैं जिनमें मानसिक स्थिति स्वास्थ्य समस्याएं और जेल के भीतर की परिस्थितियां शामिल हैं। लगातार दो जेलों में ऐसी घटनाएं सामने आने के बाद सुरक्षा व्यवस्था और कैदियों की निगरानी प्रणाली पर गंभीर बहस शुरू हो गई है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि जेलों में मानसिक स्वास्थ्य सहायता और नियमित काउंसलिंग की व्यवस्था को और मजबूत करने की आवश्यकता है ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके। फिलहाल पुलिस जांच जारी है और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

  • मासूम जान ने चुना मौत का रास्ता: भोपाल के सूखी सेवनिया में किशोरी ने घर में की खुदकुशी, सुसाइड नोट न मिलने से उलझी गुत्थी!

    मासूम जान ने चुना मौत का रास्ता: भोपाल के सूखी सेवनिया में किशोरी ने घर में की खुदकुशी, सुसाइड नोट न मिलने से उलझी गुत्थी!


    भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के सूखी सेवनिया थाना क्षेत्र में शुक्रवार को एक दुखद घटना घटी, जहाँ एक 15 साल की किशोरी ने अपने घर के कमरे में दुपट्टे का फंदा बनाकर आत्महत्या कर ली। घटना के वक्त किशोरी घर में अकेली थी और उसके माता-पिता अपने काम पर गए हुए थे। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है, लेकिन अब तक आत्मघाती कदम उठाने के कारणों का पता नहीं चल पाया है।

    छोटे भाई ने देखा खौफनाक मंजर
    पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, मृतका के माता-पिता फेरी लगाकर प्लास्टिक का सामान बेचने का काम करते हैं और रोज की तरह शुक्रवार सुबह भी काम पर निकल गए थे। दोपहर के समय जब छोटा भाई घर पहुँचा, तो उसने अपनी बहन को कमरे में पंखे से लटके हुए देखा। बहन की यह हालत देख मासूम भाई सहम गया और उसने तुरंत फोन कर अपने माता-पिता को इस भयावह स्थिति की जानकारी दी। शोर सुनकर इकट्ठा हुए पड़ोसियों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी।

    जांच में जुटी पुलिस, कारणों पर सस्पेंस
    घटनास्थल पर पहुँची पुलिस को कमरे से कोई भी सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। पुलिस ने जब परिजनों से प्रारंभिक पूछताछ की, तो उन्होंने किसी भी तरह के घरेलू विवाद या किशोरी को डांट-फटकार लगाने जैसी बात से साफ इनकार किया है। बताया जा रहा है कि किशोरी ने पांचवीं कक्षा के बाद अपनी पढ़ाई छोड़ दी थी और वह घर के कामों में हाथ बटाती थी। सुसाइड नोट न होने और परिजनों के बयानों के चलते पुलिस के लिए यह मामला एक रहस्य बन गया है।

    पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
    शनिवार को पुलिस की मौजूदगी में शव का पोस्टमार्टम किया गया, जिसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम की विस्तृत रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सटीक समय और अन्य तकनीकी पहलुओं की जानकारी मिल सकेगी। फिलहाल, पुलिस किशोरी के मोबाइल फोन और उसके दोस्तों से पूछताछ करने की योजना बना रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या वह पिछले कुछ दिनों से किसी मानसिक तनाव में थी।

  • टीकमगढ़ में पुलिस महकमे में शोक ड्यूटी से लौटकर प्रधान आरक्षक ने खाया जहर झांसी में इलाज के दौरान मौत

    टीकमगढ़ में पुलिस महकमे में शोक ड्यूटी से लौटकर प्रधान आरक्षक ने खाया जहर झांसी में इलाज के दौरान मौत


    टीकमगढ़ । मध्यप्रदेश के टीकमगढ़ जिले से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है जहाँ कोतवाली थाने में तैनात एक जांबाज प्रधान आरक्षक ने संदिग्ध परिस्थितियों में जहरीले पदार्थ का सेवन कर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। इस घटना के बाद से पुलिस विभाग और मृतक के परिजनों में मातम पसरा हुआ है।

    ड्यूटी से लौटने के बाद उठाया आत्मघाती कदम प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रधान आरक्षक मोहनलाल चढ़ार की तैनाती टीकमगढ़ कोतवाली थाने में थी। गुरुवार को नव वर्ष के उपलक्ष्य में सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए उनकी ड्यूटी प्रसिद्ध ‘बगाज माता मंदिर’ में लगाई गई थी। दिनभर मुस्तैदी से अपनी ड्यूटी निभाने के बाद शाम को जब वे वापस लौटे तो उन्होंने टीकमगढ़ के चकरा तिराहा के पास अचानक सल्फास जहरीला पदार्थ खा लिया।

    झांसी मेडिकल कॉलेज में थमी सांसें जहर का सेवन करने के कुछ ही देर बाद मोहनलाल की स्थिति बिगड़ने लगी। उन्हें तत्काल स्थानीय जिला अस्पताल ले जाया गया जहाँ डॉक्टरों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें झांसी मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया। झांसी में इलाज के दौरान उनकी स्थिति में सुधार नहीं हुआ और अंतत उन्होंने दम तोड़ दिया।

    पुलिस जांच में जुटी कारणों का खुलासा नहीं प्रधान आरक्षक ने यह आत्मघाती कदम क्यों उठाया इसका कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है। कोतवाली थाना प्रभारी बृजेन्द्र सिंह घोषी ने बताया कि पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है। थाना प्रभारी के अनुसार मृतक के शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। पीएम रिपोर्ट आने और परिजनों व सहकर्मियों के बयान दर्ज होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी कि उन्होंने यह कदम मानसिक तनाव या किसी अन्य कारण से उठाया।

    सहकर्मियों में शोक की लहर मोहनलाल चढ़ार के निधन की खबर मिलते ही पुलिस महकमे में शोक की लहर दौड़ गई। उनके सहकर्मियों का कहना है कि वे एक कर्तव्यनिष्ठ कर्मचारी थे और गुरुवार को ड्यूटी के दौरान भी वे सामान्य नजर आ रहे थे। पुलिस प्रशासन अब इस मामले के हर पहलू की जांच कर रहा है ताकि आत्महत्या के पीछे के सही कारणों का पता लगाया जा सके। महत्वपूर्ण जानकारी एक नजर में विवरण जानकारी मृतक का नाम मोहनलाल चढ़ार पदप्रधान आरक्षक थाना कोतवाली टीकमगढ़ घटना स्थल चकरा तिराहा के पासड्यूटी स्थलबगाज माता मंदिर नव वर्ष ड्यूटी मृत्यु का स्थानझांसी मेडिकल कॉलेज

  • रीवा अस्पताल प्रबंधक ने मुंह में पिस्टल रखकर खुद को मारी गोलीवेंटिलेटर पर संघर्ष के बाद मौत

    रीवा अस्पताल प्रबंधक ने मुंह में पिस्टल रखकर खुद को मारी गोलीवेंटिलेटर पर संघर्ष के बाद मौत


    रीवा । मध्य प्रदेश के रीवा शहर से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ एक युवक ने देर रात अपने घर के भीतर संदिग्ध परिस्थितियों में खुद को गोली मार ली। मृतक की पहचान प्रतीक सिंह उर्फ कुक्कू के रूप में हुई हैजो एक अस्पताल के प्रबंधनकार्य से जुड़े थे। घटना के बाद से पूरे शहर में शोक और सन्नाटा पसरा हुआ है।

    सोने से पहले गूंजी धमाके की आवाज

    जानकारी के मुताबिकयह दुखद घटना शहर के पीटीएस स्थित यूनियन बैंक के पीछे रहने वाले प्रतीक सिंह के घर पर हुई। रविवार-सोमवार की दरमियानी रात करीब 12 बजेजब पूरा परिवार सोने की तैयारी कर रहा थातभी अचानक प्रतीक के कमरे से गोली चलने की जोरदार आवाज आई। धमाके की आवाज सुनते ही घर में चीख-पुकार मच गई और परिजन बदहवास होकर प्रतीक के कमरे की ओर दौड़े।

    जमीन पर तड़पते मिले प्रतीक

    कमरे का दरवाजा खोलते ही परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई। प्रतीक सिंह लहूलुहान हालत में फर्श पर पड़े तड़प रहे थे। उन्होंने पिस्टल को अपने मुंह के भीतर डालकर फायर किया थाजिससे गोली सीधे सिर के पार निकल गई थी। परिजनों ने बिना एक पल गंवाए उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया।

    वेंटिलेटर पर तोड़ा दम

    अस्पताल में प्रतीक की गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें तत्काल वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा। अंदरूनी चोटें और अत्यधिक रक्तस्राव होने के कारण उनकी हालत नाजुक बनी हुई थी। डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका और इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली।

    जांच में जुटी पुलिस
    घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है। पुलिस इस बात का पता लगाने में जुटी है कि आखिर प्रतीक ने इतना बड़ा आत्मघाती कदम क्यों उठाया। मौके से पुलिस ने साक्ष्य जुटाए हैं और परिजनों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। अभी तक आत्महत्या के स्पष्ट कारणों का खुलासा नहीं हो पाया है। पुलिस मामले की हर एंगल से तफ्तीश कर रही है।मृतकप्रतीक सिंह उर्फ कुक्कू अस्पताल प्रबंधकस्थान पीटीएस क्षेत्रयूनियन बैंक के पीछेरीवा। घटना का तरीका मुंह में पिस्टल रखकर खुद को मारी गोली। हालत इलाज के दौरान वेंटिलेटर पर हुई मौत।