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  • सिर्फ गर्मी नहीं स्कैल्प का पसीना भी पहुंचा सकता है बालों को नुकसान एक्सपर्ट्स ने बताए बचाव के असरदार तरीके

    सिर्फ गर्मी नहीं स्कैल्प का पसीना भी पहुंचा सकता है बालों को नुकसान एक्सपर्ट्स ने बताए बचाव के असरदार तरीके


    नई दिल्ली । गर्मियों का मौसम अपने साथ तेज धूप उमस और पसीने की समस्या लेकर आता है। शरीर का पसीना आना एक प्राकृतिक प्रक्रिया है जो शरीर का तापमान नियंत्रित रखने में मदद करती है लेकिन जब यही पसीना लंबे समय तक सिर की त्वचा यानी स्कैल्प पर जमा रहता है तो यह बालों की सेहत के लिए परेशानी का कारण बन सकता है। यही वजह है कि गर्मियों में कई लोगों को बाल झड़ने डैंड्रफ खुजली और स्कैल्प से बदबू आने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।

    विशेषज्ञों के अनुसार स्कैल्प पर लगातार नमी बनी रहने से वहां बैक्टीरिया और फंगस तेजी से पनपने लगते हैं। पसीना तेल और धूल मिलकर रोमछिद्रों को बंद कर देते हैं जिससे बालों की जड़ों तक पर्याप्त ऑक्सीजन और पोषक तत्व नहीं पहुंच पाते। इसका सीधा असर बालों की मजबूती पर पड़ता है और धीरे धीरे बाल कमजोर होकर टूटने लगते हैं। यदि समय रहते इस समस्या पर ध्यान न दिया जाए तो हेयर फॉल तेजी से बढ़ सकता है।

    वैज्ञानिक दृष्टि से देखा जाए तो पसीने में पानी के साथ नमक और लैक्टिक एसिड भी मौजूद होता है। जब यह लंबे समय तक स्कैल्प पर बना रहता है तो सिर की त्वचा का प्राकृतिक संतुलन बिगड़ने लगता है। इससे बालों की बाहरी परत कमजोर हो जाती है और बाल रूखे बेजान तथा दोमुंहे दिखाई देने लगते हैं। कई बार स्कैल्प में जलन और खुजली भी शुरू हो जाती है जो आगे चलकर डैंड्रफ का रूप ले सकती है।

    विशेषज्ञों का कहना है कि इस मौसम में बालों की देखभाल के लिए सबसे पहले स्कैल्प की सफाई पर ध्यान देना चाहिए। यदि ज्यादा पसीना आता है तो जरूरत के अनुसार हल्के और सौम्य शैंपू से बाल धोना फायदेमंद रहता है। इससे अतिरिक्त तेल धूल और पसीना साफ हो जाता है तथा रोमछिद्र खुले रहते हैं। हालांकि जरूरत से ज्यादा शैंपू करने से भी बचना चाहिए क्योंकि इससे स्कैल्प का प्राकृतिक तेल कम हो सकता है।

    हल्की तेल मालिश भी स्कैल्प को स्वस्थ रखने में मदद करती है। आंवला नारियल या अन्य प्राकृतिक तेलों से हल्के हाथों से मालिश करने से रक्त संचार बेहतर होता है और बालों की जड़ों तक पोषण आसानी से पहुंचता है। आंवला में मौजूद विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट बालों को मजबूत बनाने में सहायक माने जाते हैं।

    पर्याप्त मात्रा में पानी पीना भी बालों की अच्छी सेहत के लिए बेहद जरूरी है। शरीर में पानी की कमी होने पर स्कैल्प का संतुलन बिगड़ सकता है। पर्याप्त हाइड्रेशन शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालने में मदद करता है और त्वचा के साथ साथ स्कैल्प को भी स्वस्थ बनाए रखता है।

    एलोवेरा जेल गर्मियों में स्कैल्प को ठंडक देने का एक प्राकृतिक उपाय माना जाता है। इसे सीधे सिर की त्वचा पर लगाने से खुजली और जलन में राहत मिल सकती है। वहीं गुलाब जल का हल्का स्प्रे स्कैल्प को ताजगी देता है और पसीने की बदबू कम करने में मदद करता है। कुछ विशेषज्ञ पानी में मिलाकर ऐप्पल साइडर विनेगर का सीमित उपयोग भी स्कैल्प का पीएच संतुलित रखने के लिए लाभदायक मानते हैं।

    इसके अलावा बहुत टाइट हेयर स्टाइल बनाने और बार बार हेयर ड्रायर या हीट स्टाइलिंग उपकरणों का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए। ढीले हेयर स्टाइल अपनाने से हवा आसानी से स्कैल्प तक पहुंचती है और पसीना जल्दी सूख जाता है।

    स्वस्थ बालों के लिए संतुलित खानपान भी उतना ही जरूरी है। हरी सब्जियां मौसमी फल मेवे बीज और पर्याप्त प्रोटीन युक्त भोजन बालों की जड़ों को मजबूत बनाते हैं जबकि अधिक मसालेदार भोजन जंक फूड और जरूरत से ज्यादा चाय कॉफी शरीर की गर्मी बढ़ाकर पसीना बढ़ा सकते हैं।

    यदि बालों का झड़ना लगातार बढ़ रहा हो डैंड्रफ लंबे समय तक बना रहे या स्कैल्प में संक्रमण के लक्षण दिखाई दें तो घरेलू उपायों पर निर्भर रहने के बजाय त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना सबसे बेहतर विकल्प है।

  • डैंड्रफ और खुजली से परेशान हैं? अपनाएं ये आसान घरेलू हर्बल शैम्पू रेसिपी

    डैंड्रफ और खुजली से परेशान हैं? अपनाएं ये आसान घरेलू हर्बल शैम्पू रेसिपी


    नई दिल्ली । गर्मी का मौसम आते ही बालों और स्कैल्प से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ जाती हैं। पसीना, धूल और उमस के कारण अक्सर डैंड्रफ, खुजली और ऑयली स्कैल्प जैसी परेशानियां लोगों को घेर लेती हैं। ऐसे में अधिकतर लोग केमिकल युक्त शैम्पू का उपयोग करते हैं, जो शुरुआती राहत तो देते हैं, लेकिन लंबे समय में बालों को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इसी वजह से नेचुरल हर्बल उपायों की ओर रुझान बढ़ रहा है।
    आयुर्वेद में नीम को बालों और त्वचा की समस्याओं के लिए बेहद प्रभावी माना गया है। इसमें मौजूद एंटीबैक्टीरियल, एंटीफंगल और एंटीसेप्टिक गुण स्कैल्प को गहराई से साफ करने और खुजली व डैंड्रफ को कम करने में मदद करते हैं। घर पर बना नीम हर्बल शैम्पू न केवल सुरक्षित है, बल्कि बालों को प्राकृतिक पोषण भी देता है।
    इस शैम्पू को बनाने के लिए ताजी नीम की पत्तियां, पानी, माइल्ड लिक्विड या कास्टाइल साबुन, एलोवेरा जेल और नारियल तेल की जरूरत होती है। सबसे पहले नीम की पत्तियों को अच्छे से धोकर पानी में उबाला जाता है, जब तक पानी आधा न रह जाए। इसके बाद इसे ठंडा कर छान लिया जाता है ताकि नीम का अर्क अलग हो जाए।
    इस अर्क में हल्का साबुन मिलाकर शैम्पू तैयार किया जाता है। चाहें तो इसमें एलोवेरा जेल और नारियल तेल भी मिलाया जा सकता है, जिससे बालों को अतिरिक्त नमी और पोषण मिलता है। यह मिश्रण बालों को साफ करने के साथ-साथ स्कैल्प को ठंडक भी प्रदान करता है।
    इस्तेमाल के लिए बालों को हल्का गीला कर तैयार शैम्पू लगाकर 2–3 मिनट तक हल्की मसाज करनी चाहिए और फिर साफ पानी से धो लेना चाहिए। बेहतर परिणाम के लिए इसका उपयोग सप्ताह में दो से तीन बार किया जा सकता है। यह घरेलू हर्बल शैम्पू खासकर उन लोगों के लिए फायदेमंद माना जाता है, जो डैंड्रफ, खुजली, ऑयली स्कैल्प या हल्के फंगल इंफेक्शन से परेशान रहते हैं। नियमित उपयोग से बाल साफ, मजबूत और स्वस्थ बने रहते हैं।

  • बालों की सेहत का राज गर्मियों में कितनी बार धोएं बाल और कैसे रखें नैचुरल चमक बरकरार

    बालों की सेहत का राज गर्मियों में कितनी बार धोएं बाल और कैसे रखें नैचुरल चमक बरकरार

    नई दिल्ली । गर्मियों का मौसम आते ही तेज धूप पसीना धूल और प्रदूषण का असर सबसे पहले हमारे बालों और सिर की त्वचा पर दिखाई देने लगता है। इस दौरान कई लोगों के बाल चिपचिपे और बेजान हो जाते हैं तो कुछ लोगों को रूखेपन और बाल झड़ने की समस्या का सामना करना पड़ता है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि क्या गर्मियों में रोजाना बाल धोना चाहिए या फिर सीमित बार ही शैंपू करना बेहतर होता है

    दरअसल हमारे सिर की त्वचा प्राकृतिक रूप से एक तेल बनाती है जिसे सीबम कहा जाता है। यह तेल बालों को पोषण देता है और उन्हें सूखने से बचाकर उनकी प्राकृतिक चमक बनाए रखता है। लेकिन गर्मियों में अत्यधिक पसीना आने के कारण यह तेल धूल और गंदगी के साथ मिलकर सिर में चिपचिपाहट पैदा कर देता है। यदि लंबे समय तक बाल साफ नहीं किए जाएं तो इससे खुजली डैंड्रफ और बाल झड़ने जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं

    हालांकि इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि रोजाना शैंपू करना जरूरी है। विशेषज्ञों के अनुसार बार बार शैंपू करने से सिर की त्वचा का प्राकृतिक तेल कम हो जाता है जिससे बाल कमजोर और रूखे हो सकते हैं। इसलिए बाल धोने की सही आवृत्ति हर व्यक्ति के बालों की प्रकृति पर निर्भर करती है

    जिन लोगों के बाल तैलीय यानी ऑयली होते हैं उन्हें सप्ताह में लगभग तीन बार बाल धोने की सलाह दी जाती है ताकि अतिरिक्त तेल और गंदगी साफ हो सके। वहीं जिन लोगों के बाल सूखे या घुंघराले होते हैं उनके लिए सप्ताह में एक या दो बार शैंपू करना पर्याप्त होता है। घुंघराले बालों में प्राकृतिक तेल नीचे तक आसानी से नहीं पहुंच पाता जिससे वे जल्दी सूख जाते हैं जबकि सीधे और पतले बाल जल्दी ऑयली नजर आते हैं

    बाल धोने का तरीका भी उतना ही महत्वपूर्ण है जितना कि उन्हें धोने की आवृत्ति। बहुत ज्यादा गर्म पानी से बाल धोना नुकसानदायक हो सकता है क्योंकि इससे बालों की नमी खत्म हो जाती है और वे बेजान दिखने लगते हैं। हमेशा हल्के गुनगुने पानी का इस्तेमाल करना बेहतर होता है

    शैंपू लगाने का सही तरीका यह है कि पहले उसे हथेली पर लेकर हल्का झाग बना लें और फिर धीरे धीरे सिर की त्वचा पर लगाएं। बालों को जोर से रगड़ने से बचना चाहिए क्योंकि इससे बाल टूट सकते हैं। इसके बाद साफ पानी से बालों को अच्छी तरह धोना जरूरी है ताकि कोई केमिकल अवशेष न रह जाए

    शैंपू के बाद कंडीशनर का इस्तेमाल भी बालों के लिए बेहद फायदेमंद होता है। यह बालों को मुलायम बनाता है और उन्हें टूटने से बचाता है। खासकर लंबे और सूखे बालों वाले लोगों के लिए कंडीशनर बेहद जरूरी माना जाता है

    अंत में यह समझना जरूरी है कि हर व्यक्ति के बाल अलग होते हैं इसलिए एक ही नियम सभी पर लागू नहीं होता। सही जानकारी और संतुलित देखभाल से ही आप गर्मियों में भी अपने बालों को स्वस्थ मजबूत और चमकदार बनाए रख सकते हैं