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  • संदिग्ध हालात में युवती की मौत, बिना सूचना अंतिम संस्कार की कोशिश ने बढ़ाए सवाल, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार

    संदिग्ध हालात में युवती की मौत, बिना सूचना अंतिम संस्कार की कोशिश ने बढ़ाए सवाल, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार


    मुगलसराय। कोतवाली क्षेत्र के सुभाष नगर में शुक्रवार देर रात एक 19 वर्षीय युवती की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से इलाके में सनसनी फैल गई। युवती का शव घर के एक कमरे में फंदे से लटका मिला। घटना की जानकारी मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया और आसपास के लोग भी बड़ी संख्या में मौके पर जुट गए। मृतका की पहचान खुशी सिंह के रूप में हुई है, जो अपने परिवार के साथ किराए के मकान में रहती थी।

    बताया गया कि खुशी के पिता ऑटो चालक हैं और परिवार का पालन-पोषण करते हैं। वह पांच बहनों में चौथे स्थान पर थी। घटना के बाद परिजन बिना पुलिस को सूचना दिए अंतिम संस्कार की तैयारी में जुट गए। इसी दौरान किसी ने पुलिस को सूचना दे दी। सूचना मिलते ही मुगलसराय कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और अंतिम संस्कार रुकवाकर शव को अपने कब्जे में ले लिया। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई।

    प्रारंभिक जांच में मामला फंदे से लटककर आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा। फिलहाल हर पहलू को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है।

    पुलिस परिजनों और आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है ताकि घटना से पहले की परिस्थितियों की पूरी जानकारी मिल सके। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि परिजन बिना पुलिस को सूचना दिए अंतिम संस्कार क्यों करना चाहते थे। इसी वजह से मामले को गंभीरता से लेते हुए सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।

    स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि युवती कुछ समय पहले अपने दोस्तों के साथ बिना परिवार को बताए दार्जिलिंग घूमने गई थी। घर लौटने पर उसे इस बात को लेकर डांट भी पड़ी थी। हालांकि पुलिस ने इन चर्चाओं की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और कहा है कि जांच केवल तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ाई जाएगी।

    पुलिस अधिकारियों के अनुसार पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी। यदि जांच में किसी प्रकार की संदिग्ध परिस्थिति सामने आती है तो उसी आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस मामले की हर संभावित दिशा में जांच कर रही है और सभी तथ्यों को एकत्र किया जा रहा है।

  • काशवी और डॉ. अमन केस में जांच पर उठे सवाल, रिपोर्ट और बयानों के बाद भी कार्रवाई नहीं

    काशवी और डॉ. अमन केस में जांच पर उठे सवाल, रिपोर्ट और बयानों के बाद भी कार्रवाई नहीं


    मध्यप्रदेश । इंदौर में हाल ही में सामने आए दो संवेदनशील मामलों ने पुलिस और संबंधित विभागों की जांच प्रक्रिया को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ओर दो वर्षीय काशवी यादव की संदिग्ध मौत का मामला है, तो दूसरी ओर मेडिकल छात्र Aman Patel की आत्महत्या का प्रकरण। दोनों मामलों में परिजनों और संबंधित पक्षों का कहना है कि जांच आगे बढ़ने के बावजूद अब तक कोई स्पष्ट निष्कर्ष या कार्रवाई सामने नहीं आई है।

    दो वर्षीय काशवी यादव की मौत के मामले में उसके माता-पिता निशा और नितिन यादव ने पुलिस को दिए बयानों में आरोप लगाया है कि भोलाराम उस्ताद मार्ग स्थित एक निजी क्लिनिक में उपचार के दौरान लापरवाही हुई, जिसके कारण उनकी बेटी की हालत बिगड़ी। परिजनों के अनुसार, बच्ची को उल्टी-दस्त की शिकायत के बाद क्लिनिक ले जाया गया था, जहां उपचार के बाद उसकी तबीयत लगातार खराब होती गई। बाद में उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासनिक अनुमति के बाद बच्ची के शव को कब्र से निकालकर पोस्टमार्टम कराया गया था। परिजनों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट पुलिस को सौंपे जाने और प्रमुख बयानों के दर्ज होने के बाद भी जांच की स्थिति स्पष्ट नहीं की गई है। उनका सवाल है कि यदि जांच में किसी प्रकार की चिकित्सकीय लापरवाही नहीं मिली है तो इसकी जानकारी सार्वजनिक क्यों नहीं की जा रही, और यदि लापरवाही के संकेत हैं तो कार्रवाई क्यों नहीं हो रही।

    इस मामले में स्वास्थ्य विभाग की भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। परिजनों और सामाजिक संगठनों का कहना है कि संबंधित क्लिनिक की कार्यप्रणाली, उपचार प्रक्रिया और चिकित्सा मानकों के पालन की जांच के संबंध में अब तक कोई आधिकारिक निष्कर्ष सामने नहीं आया है। पीड़ित परिवार का कहना है कि उनकी बेटी वापस नहीं आ सकती, लेकिन यदि किसी स्तर पर गलती हुई है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।

    इसी तरह मेडिकल छात्र Aman Patel की आत्महत्या का मामला भी चर्चा में बना हुआ है। 17 मई को उनका शव एमजीएम मेडिकल कॉलेज हॉस्टल परिसर में मिला था। जांच के दौरान पुलिस ने परिजनों, दोस्तों और अन्य संबंधित लोगों के बयान दर्ज किए हैं। परिजनों ने पुलिस को बताया है कि छात्र हाल के दिनों में मानसिक तनाव से गुजर रहे थे। उन्होंने कुछ व्यक्तिगत और सामाजिक परिस्थितियों को भी जांच का हिस्सा बनाने की मांग की है।

    परिवार का कहना है कि घटना से पहले की बातचीत, मोबाइल डेटा और अन्य डिजिटल साक्ष्य जांच के महत्वपूर्ण बिंदु हैं। हालांकि पुलिस द्वारा जांच जारी होने की बात कही जा रही है, लेकिन अब तक किसी निष्कर्ष या आगे की कार्रवाई की जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। इससे परिवार और परिचितों में असंतोष बढ़ रहा है।

    दोनों मामलों में पुलिस का कहना है कि जांच प्रक्रिया जारी है और सभी उपलब्ध साक्ष्यों, पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा बयानों का परीक्षण किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, जांच पूरी होने के बाद ही किसी प्रकार के निष्कर्ष पर पहुंचा जाएगा।

    फिलहाल दोनों परिवार न्याय और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि समयबद्ध और पारदर्शी जांच ही इन मामलों की सच्चाई सामने ला सकती है तथा समाज में विश्वास कायम रख सकती है।

  • भोपाल में महिला की संदिग्ध मौत से सनसनी: पिता ने पति पर लगाया हत्या का आरोप, पुलिस जांच में जुटी

    भोपाल में महिला की संदिग्ध मौत से सनसनी: पिता ने पति पर लगाया हत्या का आरोप, पुलिस जांच में जुटी


    मध्य प्रदेश। राजधानी भोपाल के कोलार थाना क्षेत्र स्थित बंजारा बस्ती में एक महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने इलाके में सनसनी फैला दी है। मृतका के परिजनों ने महिला के पति पर हत्या का आरोप लगाया है, जबकि पुलिस का कहना है कि मामले की सभी पहलुओं से जांच की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा।

    मृतका की पहचान 30 वर्षीय बबीता अहिरवार के रूप में हुई है। घटना गुरुवार रात की बताई जा रही है। परिजनों के अनुसार रात करीब आठ बजे बबीता का सात वर्षीय बेटा समर्थ अपने नाना के घर पहुंचा और उसने परिवार को बताया कि उसकी मां के साथ कुछ अनहोनी हो गई है। बच्चे की सूचना मिलने के बाद परिवार के सदस्य तत्काल बबीता के घर पहुंचे, जहां वह जमीन पर पड़ी हुई मिली।

    मृतका के पिता हरनाम सिंह का आरोप है कि उनकी बेटी की हत्या की गई है। उनका कहना है कि जब वे मौके पर पहुंचे तो बबीता की चूड़ियां टूटी हुई थीं और उसके शरीर पर चोट के निशान दिखाई दे रहे थे। परिजनों का दावा है कि गले पर भी ऐसे निशान थे जो किसी प्रकार के दबाव या संघर्ष की ओर संकेत करते हैं। इसी आधार पर उन्होंने बबीता के पति सुनील अहिरवार पर गला दबाकर हत्या करने का आरोप लगाया है।

    परिजनों के मुताबिक सुनील अहिरवार वेल्डिंग का काम करता है और उसे शराब पीने की आदत है। परिवार का आरोप है कि वह अक्सर नशे की हालत में घर लौटता था, जिससे पति-पत्नी के बीच विवाद होता रहता था। घटना वाली रात भी दोनों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी होने की बात सामने आई है। हालांकि पुलिस अभी इन दावों की स्वतंत्र रूप से जांच कर रही है और किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है।

    जानकारी के अनुसार बबीता और सुनील की शादी करीब नौ वर्ष पहले हुई थी। उनके दो बच्चे हैं, जिनमें सात वर्षीय बेटा और चार वर्षीय बेटी शामिल हैं। बबीता गृहिणी थी और परिवार की देखभाल करती थी। उसकी अचानक हुई मौत के बाद बच्चों और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

    मामले की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया, जिसके बाद उसे परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस ने घटनास्थल से आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए हैं और आसपास के लोगों से भी पूछताछ की जा रही है।

    कोलार थाना प्रभारी ने बताया कि महिला की मौत संदिग्ध परिस्थितियों में हुई है। फिलहाल मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच के निष्कर्ष इस मामले में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।

    जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि घटना के समय घर के भीतर वास्तव में क्या हुआ था। चूंकि उस समय बच्चे भी घर में मौजूद थे, इसलिए उनके बयान भी जांच के लिए अहम माने जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों सहित सभी संभावित पहलुओं की निष्पक्ष जांच की जाएगी और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पूरे मामले की सच्चाई पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही सामने आ सकेगी।

  • 4 महीने की गर्भवती महिला की संदिग्ध मौत: 5 महीने पहले की थी लव मैरिज, कलाई पर मिले गहरे कट के निशान

    4 महीने की गर्भवती महिला की संदिग्ध मौत: 5 महीने पहले की थी लव मैरिज, कलाई पर मिले गहरे कट के निशान


    भोपाल । राजधानी भोपाल के बैरागढ़ क्षेत्र में एक 25 वर्षीय गर्भवती नवविवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। महिला की मौत के बाद उसके परिजनों ने पति पर गंभीर आरोप लगाते हुए हत्या की आशंका जताई है, जबकि पुलिस फिलहाल आत्महत्या की दिशा में जांच कर रही है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने मर्ग कायम कर सभी पहलुओं की जांच शुरू कर दी है।

    मृतका की पहचान भारती सोलंकी के रूप में हुई है, जो संजय नगर बैरागढ़ की निवासी थीं। जानकारी के अनुसार भारती ने करीब पांच महीने पहले परिवार की इच्छा के विरुद्ध विक्की सोलंकी से प्रेम विवाह किया था। विवाह के बाद वह अपने पति के साथ रह रही थीं। परिजनों के मुताबिक भारती चार माह की गर्भवती थीं और दो दिन पहले ही नियमित स्वास्थ्य जांच के लिए डॉक्टर के पास गई थीं।

    घटना शनिवार रात की बताई जा रही है। इसके बाद महिला को अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। रविवार सुबह पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की गई। घटना की जानकारी मिलने पर मृतका के परिजन अस्पताल पहुंचे और मौत को संदिग्ध बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की।

    मृतका के भाई जीतू सोलंकी का आरोप है कि उनकी बहन की मौत सामान्य नहीं है। उनका कहना है कि अस्पताल पहुंचने पर पति विक्की ने फांसी लगाकर आत्महत्या करने की बात कही, जबकि अन्य परिजनों द्वारा अलग-अलग बातें बताई जा रही थीं। परिवार का दावा है कि भारती के हाथ की कलाई पर गहरा कट का निशान था और गले पर भी चोट के निशान दिखाई दिए। इन्हीं परिस्थितियों के आधार पर परिजन हत्या की आशंका जता रहे हैं।

    परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि घटना से एक दिन पहले पति-पत्नी के बीच विवाद हुआ था। परिवार के अनुसार भारती ने अपने पति को किसी अन्य महिला से फोन पर बातचीत करते हुए देख लिया था, जिसके बाद दोनों के बीच कहासुनी हुई थी। परिजनों का दावा है कि इस विवाद की जानकारी स्वयं भारती ने उन्हें फोन कर दी थी। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हो सकी है और पुलिस सभी तथ्यों की जांच कर रही है।

    दूसरी ओर पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच में मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। जांच अधिकारी के अनुसार घटनास्थल से फिलहाल कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। इसलिए महिला के इस कदम के पीछे की वास्तविक वजह अभी स्पष्ट नहीं है। पुलिस ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच के बाद ही मौत के कारणों और परिस्थितियों को लेकर कोई निष्कर्ष निकाला जा सकेगा।

    फिलहाल पुलिस मृतका के परिजनों, पति और अन्य संबंधित लोगों के बयान दर्ज कर रही है। साथ ही मोबाइल कॉल रिकॉर्ड, घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और मेडिकल रिपोर्ट की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद यदि किसी प्रकार की आपराधिक भूमिका सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

    यह मामला प्रेम विवाह, पारिवारिक विवाद और एक गर्भवती महिला की असामयिक मौत से जुड़ा होने के कारण बेहद संवेदनशील माना जा रहा है। अब सभी की निगाहें पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के अंतिम निष्कर्ष पर टिकी हैं।

  • आखिरी मैसेज, CCTV और 3 घंटे की मौजूदगी… ख्याति की मौत ने खड़े किए कई सवाल

    आखिरी मैसेज, CCTV और 3 घंटे की मौजूदगी… ख्याति की मौत ने खड़े किए कई सवाल


    नई दिल्ली । भोपाल में 18 वर्षीय छात्रा ख्याति जैन की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही ख्याति 11 मई 2026 को अपने घर में मृत पाई गई थी। घटना के 24 दिन बाद भी मामला चर्चा में बना हुआ है, क्योंकि परिजनों ने इसे आत्महत्या मानने से इनकार करते हुए हत्या की आशंका जताई है।

    ख्याति की मां वर्षा जैन का आरोप है कि उनकी बेटी की मौत सामान्य आत्महत्या का मामला नहीं है, बल्कि इसके पीछे गहरी साजिश हो सकती है। उन्होंने पुलिस की जांच प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए हैं और दावा किया है कि कई महत्वपूर्ण तथ्यों की अब तक गंभीरता से जांच नहीं की गई है।

    मां के अनुसार घटना वाले दिन वह एक स्कूल में इंटरव्यू देने के लिए घर से बाहर गई थीं। इसी दौरान उनकी बेटी के बॉयफ्रेंड तनीष चंद्रवंशी का घर आना-जाना हुआ। परिवार का दावा है कि तनीष करीब तीन घंटे तक घर में मौजूद रहा था। CCTV फुटेज में उसके घर में प्रवेश करने की बात भी सामने आई है। इतना ही नहीं, ख्याति की मौत की सूचना सबसे पहले तनीष ने ही पुलिस और परिवार को दी थी।

    मामले को और रहस्यमय बनाता है वह आखिरी इंस्टाग्राम मैसेज, जो ख्याति के अकाउंट से उसके बॉयफ्रेंड को भेजा गया था। इस संदेश में पारिवारिक तनाव, मानसिक परेशानी और जीवन समाप्त करने जैसी बातें लिखी गई थीं। हालांकि मां का कहना है कि यह भाषा उनकी बेटी की सामान्य लेखन शैली से मेल नहीं खाती। उनका आरोप है कि तनीष के पास ख्याति के इंस्टाग्राम अकाउंट का एक्सेस था और संभव है कि संदेश किसी और ने भेजा हो।

    पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में भी कुछ ऐसे तथ्य सामने आए हैं, जिन्होंने सवालों को और बढ़ा दिया है। रिपोर्ट के अनुसार ख्याति ने मौत से लगभग 24 घंटे पहले तक भोजन नहीं किया था। उसकी बाईं कलाई पर कट के दो निशान भी पाए गए। हालांकि मौत के वास्तविक कारण को लेकर अंतिम निष्कर्ष अभी सामने नहीं आया है और विसरा रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।

    ख्याति मूल रूप से औबेदुल्लागंज की रहने वाली थी और पिछले दो वर्षों से भोपाल में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही थी। इसी दौरान उसकी दोस्ती और फिर प्रेम संबंध तनीष चंद्रवंशी से हुआ था। परिवार का कहना है कि वे इस रिश्ते के पक्ष में नहीं थे और इसी वजह से दोनों के बीच तनाव की स्थिति बनी रहती थी।

    फिलहाल पुलिस मामले की जांच आत्महत्या के एंगल से कर रही है, जबकि परिजन हत्या की आशंका जताते हुए निष्पक्ष और विस्तृत जांच की मांग कर रहे हैं। मामले की सच्चाई जांच पूरी होने और फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

  • देवास में युवक ने फांसी लगाकर दी जान, सुबह पत्नी ने देखा तो मचा हड़कंप

    देवास में युवक ने फांसी लगाकर दी जान, सुबह पत्नी ने देखा तो मचा हड़कंप


    देवास । देवास शहर के जवाहर नगर क्षेत्र में बुधवार सुबह एक दर्दनाक घटना सामने आई, जहां 26 वर्षीय युवक ने कथित रूप से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। युवक का शव घर में फंदे पर लटका मिला। घटना का पता उस समय चला जब सुबह उसकी पत्नी की नींद खुली और उसने पति को फांसी के फंदे पर झूलते देखा। यह दृश्य देखकर वह घबरा गई और तुरंत परिजनों को सूचना दी।

    मृतक की पहचान अजय जाटव (26) के रूप में हुई है। वह जवाहर नगर क्षेत्र में अपने परिवार के साथ रह रहा था और मूल रूप से उत्तर प्रदेश का निवासी था। परिजनों के अनुसार अजय पिछले तीन वर्षों से एक निजी कंपनी में हेल्पर के रूप में कार्यरत था। उसके परिवार में पत्नी और एक छोटा बेटा है।

    घटना की जानकारी मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे और अजय को तत्काल जिला अस्पताल लेकर गए। हालांकि अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। युवक की अचानक मौत से परिवार में मातम का माहौल है और परिजन गहरे सदमे में हैं।

    प्रारंभिक जानकारी के अनुसार अजय ने अपनी पत्नी की साड़ी से फंदा बनाकर यह कदम उठाया। हालांकि उसने आत्महत्या जैसा कठोर फैसला क्यों लिया, इसका कारण अभी स्पष्ट नहीं हो सका है। घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट भी बरामद नहीं होने की जानकारी सामने आई है।

    सूचना मिलने पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शव का पोस्टमॉर्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस परिजनों, परिचितों और आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है, ताकि आत्महत्या के पीछे की वजह का पता लगाया जा सके।

    फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि युवक ने यह कदम किन परिस्थितियों में उठाया।

  • कटारा हिल्स केस में बड़ा खुलासा: हनीमून से शुरू हुई प्रताड़ना की कहानी, पिता ने दामाद को बताया ‘भेड़ की खाल में भेड़िया’

    कटारा हिल्स केस में बड़ा खुलासा: हनीमून से शुरू हुई प्रताड़ना की कहानी, पिता ने दामाद को बताया ‘भेड़ की खाल में भेड़िया’


    मध्‍य प्रदेश  /भोपाल के कटारा हिल्स क्षेत्र में नवविवाहिता ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है और अब यह पारिवारिक विवाद से आगे बढ़कर गंभीर आपराधिक जांच के दायरे में आ गया है। घटना के बाद से परिजनों ने इसे आत्महत्या नहीं बल्कि सुनियोजित दहेज हत्या का मामला बताते हुए निष्पक्ष जांच और दोबारा पोस्टमार्टम की मांग तेज कर दी है। इस पूरे घटनाक्रम ने स्थानीय स्तर पर तनाव का माहौल बना दिया है, जहां एक ओर परिवार न्याय की मांग कर रहा है, वहीं दूसरी ओर जांच प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं।

    मृतका के पिता ने आरोप लगाया है कि उनकी बेटी की शादी के बाद से ही उसे ससुराल में मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ रहा था। उनका कहना है कि शुरुआत से ही व्यवहार में बदलाव दिखाई देने लगे थे और शादी के कुछ ही समय बाद तनावपूर्ण स्थिति बन गई थी। इस मामले में सबसे गंभीर आरोप उस समय सामने आए जब हनीमून के दौरान ही कथित रूप से विवाद और हिंसक व्यवहार की घटना का जिक्र किया गया, जिसे परिवार ने प्रताड़ना की शुरुआती चेतावनी बताया है।

    परिजनों का यह भी दावा है कि शादी के बाद ट्विशा को लगातार मानसिक दबाव में रखा गया और आर्थिक तथा सामाजिक कारणों को लेकर ताने दिए जाते रहे। नौकरी छूटने के बाद स्थिति और अधिक बिगड़ गई, जिसके बाद ससुराल पक्ष की ओर से कथित रूप से व्यवहार में और कठोरता आ गई। परिवार का कहना है कि उनकी बेटी बार-बार अपनी परेशानी साझा करती थी और वह मानसिक तनाव में रहने लगी थी।

    इस बीच, मोबाइल संदेशों और बातचीत के हवाले से यह दावा किया गया है कि ट्विशा ने अपने जीवन में बढ़ती परेशानियों का जिक्र करते हुए कई बार असहायता और मानसिक दबाव की बात कही थी। परिवार का आरोप है कि उसे इस स्थिति में लगातार अपमान और दबाव का सामना करना पड़ा, जिससे उसका मानसिक संतुलन प्रभावित हुआ।

    पिता ने अपने दामाद पर गंभीर आरोप लगाते हुए उसे कठोर और दोहरे व्यक्तित्व वाला व्यक्ति बताया है। उनका कहना है कि बाहर से सामान्य दिखने वाला व्यवहार अंदर से पूरी तरह अलग था। परिवार ने यह भी दावा किया है कि पहले भी इसी परिवार में वैवाहिक विवाद की स्थिति सामने आ चुकी थी, जिससे उनके आरोप और मजबूत होते हैं।

    मामले में पुलिस ने प्रारंभिक जांच के आधार पर पति और सास के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है। हालांकि, मुख्य आरोपी पति फिलहाल फरार बताया जा रहा है और उसकी तलाश में लगातार कार्रवाई जारी है। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

    दूसरी ओर, मृतका के पिता ने प्रशासनिक स्तर पर निष्पक्षता को लेकर सवाल उठाते हुए मुख्यमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन किया है और दोबारा पोस्टमार्टम की मांग दोहराई है। उनका कहना है कि जब तक सच्चाई सामने नहीं आती, वे अपना विरोध जारी रखेंगे।

    फिलहाल यह मामला सामाजिक और कानूनी दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बना हुआ है, जहां एक ओर परिवार न्याय की मांग कर रहा है, वहीं दूसरी ओर जांच एजेंसियां साक्ष्यों के आधार पर सच तक पहुंचने की कोशिश में जुटी हैं। स्थिति अभी भी तनावपूर्ण बनी हुई है और आगे की जांच पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

  • कटारा हिल्स केस में नया खुलासा, ट्विशा शर्मा का आखिरी चैट आया सामने, मौत से पहले दोस्त को दी शादी न करने की सलाह

    कटारा हिल्स केस में नया खुलासा, ट्विशा शर्मा का आखिरी चैट आया सामने, मौत से पहले दोस्त को दी शादी न करने की सलाह



    भोपाल। भोपाल के कटारा हिल्स इलाके में पूर्व जज की बहू ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत का मामला लगातार गहराता जा रहा है। अब इस हाई-प्रोफाइल केस में मृतका का आखिरी इंस्टाग्राम चैट सामने आया है, जिसने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया है। ट्विशा ने मौत से पहले अपनी करीबी दोस्त मीनाक्षी को मैसेज कर लिखा था “मैं फंस गई हूं ब्रो… बस तुम मत फंसना। ज्यादा बात नहीं कर सकती, सही समय आने पर फोन करूंगी।”

    ट्विशा के इस मैसेज के जवाब में उसकी दोस्त ने चिंता जताते हुए लिखा था कि वह उसके साथ खड़ी है। हालांकि ट्विशा का वह फोन कभी नहीं आया और अगले ही दिन उसका शव घर की छत पर फंदे से लटका मिला। इस चैट के सामने आने के बाद परिवार ने दावा किया है कि ट्विशा मानसिक दबाव में थी और उसे लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था।

    मामले में यह भी सामने आया है कि ट्विशा करीब दो महीने की गर्भवती थी। बताया जा रहा है कि उसने अपनी दोस्त को शादी न करने की सलाह भी दी थी। परिवार का कहना है कि यह चैट साफ संकेत देता है कि ट्विशा किसी गंभीर तनाव और परेशानी से गुजर रही थी।

    घटना के बाद से मृतका का परिवार लगातार न्याय की मांग कर रहा है। ट्विशा के पिता नवनिधि शर्मा ने आरोप लगाया है कि उनकी बेटी के शव को सही तरीके से सुरक्षित नहीं रखा जा रहा। उनका दावा है कि उन्होंने शव को माइनस 4 डिग्री तापमान पर रखने की मांग की थी, लेकिन अस्पताल प्रशासन ने ऐसा नहीं किया। परिवार का आरोप है कि सबूतों को प्रभावित करने की कोशिश हो रही है।

    इसी मांग को लेकर परिवार मुख्यमंत्री आवास के बाहर धरने पर भी बैठा रहा। परिजनों ने कहा कि जब तक निष्पक्ष जांच और मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होती, वे शांत नहीं बैठेंगे।

    परिवार ने पुलिस जांच पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उनका आरोप है कि ट्विशा की सास रिटायर्ड जज होने के कारण मामले में प्रभाव का इस्तेमाल किया जा रहा है। परिजनों का कहना है कि घटना के दो दिन बाद एफआईआर दर्ज की गई, जबकि मुख्य आरोपी पति समर्थ सिंह अब तक फरार है।

    मृतका के परिवार का यह भी दावा है कि ट्विशा के कान और हाथों पर चोट के निशान थे, जो मामले को संदिग्ध बनाते हैं। परिजन इसे आत्महत्या मानने को तैयार नहीं हैं और हत्या की आशंका जता रहे हैं। उन्होंने मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में कराने और बाहरी एजेंसी से जांच की मांग की है।

    पुलिस की ओर से मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है। टीम में महिला पुलिसकर्मियों समेत कई अधिकारियों को शामिल किया गया है। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है और फरार आरोपी की तलाश जारी है।

    ट्विशा शर्मा मूल रूप से नोएडा की रहने वाली थीं। उन्होंने साउथ फिल्मों और मॉडलिंग में भी काम किया था। बाद में उन्होंने एमबीए करने के बाद निजी कंपनी में नौकरी शुरू की थी। डेटिंग एप के जरिए उनकी मुलाकात समर्थ सिंह से हुई थी, जिसके बाद दोनों ने परिवार की सहमति से शादी की थी। अब उनकी मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं और पूरे मामले पर लोगों की नजर बनी हुई है।

  • शादी के 14 दिन बाद झांसी में नवविवाहिता की रहस्यमयी मौत, छत से गिरने पर उठा सवाल, पुलिस जांच तेज

    शादी के 14 दिन बाद झांसी में नवविवाहिता की रहस्यमयी मौत, छत से गिरने पर उठा सवाल, पुलिस जांच तेज



    नई दिल्ली। झांसी के सीपरी बाजार थाना क्षेत्र में शादी के महज 14 दिन बाद एक नवविवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से हड़कंप मच गया है। घटना मिशन कंपाउंड इलाके की है, जहां दूसरी मंजिल से गिरने के बाद गंभीर रूप से घायल महिला की इलाज के दौरान मौत हो गई।

    जानकारी के अनुसार, मृतका प्रियंका मिश्रा (30) गोरखपुर की रहने वाली थी और उसकी शादी 28 अप्रैल को झांसी निवासी शुभम से हुई थी। परिजनों के मुताबिक, सोमवार को घर में एक पारिवारिक कार्यक्रम चल रहा था, इसी दौरान प्रियंका दूसरी मंजिल से नीचे गिर गई और गंभीर रूप से घायल हो गई। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

    पति शुभम का कहना है कि प्रियंका छत की मुंडेर पर बैठी थी और उसी दौरान अचानक संतुलन बिगड़ने से वह नीचे गिर गई। वहीं परिवार का दावा है कि यह एक हादसा था, जबकि मायके पक्ष ने मामले पर संदेह जताते हुए जांच की मांग की है।

    मृतका बीएड की पढ़ाई कर चुकी थी और उसकी मुलाकात पति शुभम से करीब डेढ़ साल पहले एक मैट्रिमोनियल साइट के जरिए हुई थी। दोनों परिवारों की सहमति के बाद हाल ही में विवाह हुआ था।

    घटना की सूचना पर पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और पति समेत परिजनों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह स्पष्ट हो सकेगी।

  • नरसिंहपुर में रहस्य गहराया, छोटे भाई के खेत में मिला बड़े भाई का शव, हत्या की आशंका से हड़कंप

    नरसिंहपुर में रहस्य गहराया, छोटे भाई के खेत में मिला बड़े भाई का शव, हत्या की आशंका से हड़कंप

    मध्यप्रदेश के नरसिंहपुर जिले के करेली थाना क्षेत्र के खैरुआ गांव में एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। गांव के एक किसान का शव उसके ही छोटे भाई के खेत से मिलने के बाद मामला गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है। मृतक की पहचान 45 वर्षीय नरेंद्र पटेल के रूप में की गई है।

    घटना की जानकारी मिलते ही गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। लोग बड़ी संख्या में घटनास्थल पर पहुंचने लगे और देखते ही देखते वहां भीड़ जमा हो गई। शुरुआती जांच में यह मामला एक दुर्घटना जैसा प्रतीत हुआ, लेकिन जैसे ही परिजनों ने सवाल उठाने शुरू किए, स्थिति संदिग्ध हो गई।

    परिजनों का कहना है कि यह मौत केवल एक हादसा नहीं हो सकती। उनका आरोप है कि नरेंद्र पटेल की मौत किसी अन्य स्थान पर हुई है और बाद में उनके शव को जानबूझकर खेत में लाकर रखा गया, ताकि इसे सामान्य दुर्घटना का रूप दिया जा सके। परिवार का यह भी दावा है कि क्षेत्र में जंगली जानवरों से फसल की सुरक्षा के लिए कई जगहों पर बिजली का करंट लगाया जाता है और संभव है कि इसी वजह से यह घटना हुई हो।

    हालांकि परिजन इस बात को स्वीकार नहीं कर रहे कि यह केवल एक लापरवाही का परिणाम है। उनका मानना है कि शव को खेत में मौजूद ट्रांसफार्मर के पास रखा गया, ताकि घटना को बिजली हादसे के रूप में दिखाया जा सके और असली कारण छिपाया जा सके। इसी आधार पर परिवार ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

    दूसरी ओर पुलिस ने प्रारंभिक जांच के आधार पर इसे करंट लगने से हुई दुर्घटनात्मक मौत बताया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, घटनास्थल की स्थिति और शुरुआती साक्ष्यों को देखते हुए यह मामला फिलहाल एक हादसा प्रतीत होता है, लेकिन किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।

    पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सकेगी। इसके साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि खेत में बिजली की व्यवस्था कैसे की गई थी और क्या इसमें किसी प्रकार की लापरवाही या नियमों का उल्लंघन हुआ है।

    इस घटना के बाद गांव में तनाव और चर्चाओं का माहौल बना हुआ है। लोग अलग-अलग तरह की बातें कर रहे हैं और हर कोई यह जानने की कोशिश में है कि यह वास्तव में एक दुखद हादसा था या इसके पीछे कोई गहरी साजिश छिपी हुई है।

    फिलहाल पुलिस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए हर संभावित पहलू की जांच कर रही है। यह मामला अब केवल एक सामान्य मौत नहीं रहा, बल्कि एक ऐसा रहस्य बन गया है जिसका सच सामने आना बाकी है और जिस पर पूरे गांव की नजर टिकी हुई है।