Tag: suspicious death

  • कटारा हिल्स केस में नया खुलासा, ट्विशा शर्मा का आखिरी चैट आया सामने, मौत से पहले दोस्त को दी शादी न करने की सलाह

    कटारा हिल्स केस में नया खुलासा, ट्विशा शर्मा का आखिरी चैट आया सामने, मौत से पहले दोस्त को दी शादी न करने की सलाह



    भोपाल। भोपाल के कटारा हिल्स इलाके में पूर्व जज की बहू ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत का मामला लगातार गहराता जा रहा है। अब इस हाई-प्रोफाइल केस में मृतका का आखिरी इंस्टाग्राम चैट सामने आया है, जिसने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया है। ट्विशा ने मौत से पहले अपनी करीबी दोस्त मीनाक्षी को मैसेज कर लिखा था “मैं फंस गई हूं ब्रो… बस तुम मत फंसना। ज्यादा बात नहीं कर सकती, सही समय आने पर फोन करूंगी।”

    ट्विशा के इस मैसेज के जवाब में उसकी दोस्त ने चिंता जताते हुए लिखा था कि वह उसके साथ खड़ी है। हालांकि ट्विशा का वह फोन कभी नहीं आया और अगले ही दिन उसका शव घर की छत पर फंदे से लटका मिला। इस चैट के सामने आने के बाद परिवार ने दावा किया है कि ट्विशा मानसिक दबाव में थी और उसे लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था।

    मामले में यह भी सामने आया है कि ट्विशा करीब दो महीने की गर्भवती थी। बताया जा रहा है कि उसने अपनी दोस्त को शादी न करने की सलाह भी दी थी। परिवार का कहना है कि यह चैट साफ संकेत देता है कि ट्विशा किसी गंभीर तनाव और परेशानी से गुजर रही थी।

    घटना के बाद से मृतका का परिवार लगातार न्याय की मांग कर रहा है। ट्विशा के पिता नवनिधि शर्मा ने आरोप लगाया है कि उनकी बेटी के शव को सही तरीके से सुरक्षित नहीं रखा जा रहा। उनका दावा है कि उन्होंने शव को माइनस 4 डिग्री तापमान पर रखने की मांग की थी, लेकिन अस्पताल प्रशासन ने ऐसा नहीं किया। परिवार का आरोप है कि सबूतों को प्रभावित करने की कोशिश हो रही है।

    इसी मांग को लेकर परिवार मुख्यमंत्री आवास के बाहर धरने पर भी बैठा रहा। परिजनों ने कहा कि जब तक निष्पक्ष जांच और मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होती, वे शांत नहीं बैठेंगे।

    परिवार ने पुलिस जांच पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उनका आरोप है कि ट्विशा की सास रिटायर्ड जज होने के कारण मामले में प्रभाव का इस्तेमाल किया जा रहा है। परिजनों का कहना है कि घटना के दो दिन बाद एफआईआर दर्ज की गई, जबकि मुख्य आरोपी पति समर्थ सिंह अब तक फरार है।

    मृतका के परिवार का यह भी दावा है कि ट्विशा के कान और हाथों पर चोट के निशान थे, जो मामले को संदिग्ध बनाते हैं। परिजन इसे आत्महत्या मानने को तैयार नहीं हैं और हत्या की आशंका जता रहे हैं। उन्होंने मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में कराने और बाहरी एजेंसी से जांच की मांग की है।

    पुलिस की ओर से मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है। टीम में महिला पुलिसकर्मियों समेत कई अधिकारियों को शामिल किया गया है। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है और फरार आरोपी की तलाश जारी है।

    ट्विशा शर्मा मूल रूप से नोएडा की रहने वाली थीं। उन्होंने साउथ फिल्मों और मॉडलिंग में भी काम किया था। बाद में उन्होंने एमबीए करने के बाद निजी कंपनी में नौकरी शुरू की थी। डेटिंग एप के जरिए उनकी मुलाकात समर्थ सिंह से हुई थी, जिसके बाद दोनों ने परिवार की सहमति से शादी की थी। अब उनकी मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं और पूरे मामले पर लोगों की नजर बनी हुई है।

  • शादी के 14 दिन बाद झांसी में नवविवाहिता की रहस्यमयी मौत, छत से गिरने पर उठा सवाल, पुलिस जांच तेज

    शादी के 14 दिन बाद झांसी में नवविवाहिता की रहस्यमयी मौत, छत से गिरने पर उठा सवाल, पुलिस जांच तेज



    नई दिल्ली। झांसी के सीपरी बाजार थाना क्षेत्र में शादी के महज 14 दिन बाद एक नवविवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से हड़कंप मच गया है। घटना मिशन कंपाउंड इलाके की है, जहां दूसरी मंजिल से गिरने के बाद गंभीर रूप से घायल महिला की इलाज के दौरान मौत हो गई।

    जानकारी के अनुसार, मृतका प्रियंका मिश्रा (30) गोरखपुर की रहने वाली थी और उसकी शादी 28 अप्रैल को झांसी निवासी शुभम से हुई थी। परिजनों के मुताबिक, सोमवार को घर में एक पारिवारिक कार्यक्रम चल रहा था, इसी दौरान प्रियंका दूसरी मंजिल से नीचे गिर गई और गंभीर रूप से घायल हो गई। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

    पति शुभम का कहना है कि प्रियंका छत की मुंडेर पर बैठी थी और उसी दौरान अचानक संतुलन बिगड़ने से वह नीचे गिर गई। वहीं परिवार का दावा है कि यह एक हादसा था, जबकि मायके पक्ष ने मामले पर संदेह जताते हुए जांच की मांग की है।

    मृतका बीएड की पढ़ाई कर चुकी थी और उसकी मुलाकात पति शुभम से करीब डेढ़ साल पहले एक मैट्रिमोनियल साइट के जरिए हुई थी। दोनों परिवारों की सहमति के बाद हाल ही में विवाह हुआ था।

    घटना की सूचना पर पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और पति समेत परिजनों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह स्पष्ट हो सकेगी।

  • नरसिंहपुर में रहस्य गहराया, छोटे भाई के खेत में मिला बड़े भाई का शव, हत्या की आशंका से हड़कंप

    नरसिंहपुर में रहस्य गहराया, छोटे भाई के खेत में मिला बड़े भाई का शव, हत्या की आशंका से हड़कंप

    मध्यप्रदेश के नरसिंहपुर जिले के करेली थाना क्षेत्र के खैरुआ गांव में एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। गांव के एक किसान का शव उसके ही छोटे भाई के खेत से मिलने के बाद मामला गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है। मृतक की पहचान 45 वर्षीय नरेंद्र पटेल के रूप में की गई है।

    घटना की जानकारी मिलते ही गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। लोग बड़ी संख्या में घटनास्थल पर पहुंचने लगे और देखते ही देखते वहां भीड़ जमा हो गई। शुरुआती जांच में यह मामला एक दुर्घटना जैसा प्रतीत हुआ, लेकिन जैसे ही परिजनों ने सवाल उठाने शुरू किए, स्थिति संदिग्ध हो गई।

    परिजनों का कहना है कि यह मौत केवल एक हादसा नहीं हो सकती। उनका आरोप है कि नरेंद्र पटेल की मौत किसी अन्य स्थान पर हुई है और बाद में उनके शव को जानबूझकर खेत में लाकर रखा गया, ताकि इसे सामान्य दुर्घटना का रूप दिया जा सके। परिवार का यह भी दावा है कि क्षेत्र में जंगली जानवरों से फसल की सुरक्षा के लिए कई जगहों पर बिजली का करंट लगाया जाता है और संभव है कि इसी वजह से यह घटना हुई हो।

    हालांकि परिजन इस बात को स्वीकार नहीं कर रहे कि यह केवल एक लापरवाही का परिणाम है। उनका मानना है कि शव को खेत में मौजूद ट्रांसफार्मर के पास रखा गया, ताकि घटना को बिजली हादसे के रूप में दिखाया जा सके और असली कारण छिपाया जा सके। इसी आधार पर परिवार ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

    दूसरी ओर पुलिस ने प्रारंभिक जांच के आधार पर इसे करंट लगने से हुई दुर्घटनात्मक मौत बताया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, घटनास्थल की स्थिति और शुरुआती साक्ष्यों को देखते हुए यह मामला फिलहाल एक हादसा प्रतीत होता है, लेकिन किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।

    पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सकेगी। इसके साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि खेत में बिजली की व्यवस्था कैसे की गई थी और क्या इसमें किसी प्रकार की लापरवाही या नियमों का उल्लंघन हुआ है।

    इस घटना के बाद गांव में तनाव और चर्चाओं का माहौल बना हुआ है। लोग अलग-अलग तरह की बातें कर रहे हैं और हर कोई यह जानने की कोशिश में है कि यह वास्तव में एक दुखद हादसा था या इसके पीछे कोई गहरी साजिश छिपी हुई है।

    फिलहाल पुलिस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए हर संभावित पहलू की जांच कर रही है। यह मामला अब केवल एक सामान्य मौत नहीं रहा, बल्कि एक ऐसा रहस्य बन गया है जिसका सच सामने आना बाकी है और जिस पर पूरे गांव की नजर टिकी हुई है।

  • बांग्लादेश में मंदिर पुजारी की संदिग्ध मौत, पेड़ से लटका मिला शव; हत्या का आरोप

    बांग्लादेश में मंदिर पुजारी की संदिग्ध मौत, पेड़ से लटका मिला शव; हत्या का आरोप


    ढाका। बांग्लादेश में एक हिंदू मंदिर से जुड़े पुजारी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। घर से लापता होने के तीन दिन बाद उनका शव पेड़ से लटका मिला, जिसके बाद अल्पसंख्यक समुदाय ने इसे हत्या बताते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

    बांग्लादेश हिंदू बौद्ध ईसाई एकता परिषद के अनुसार, कोक्स बाजार सदर उपजिला के खुरुशकुल यूनियन स्थित शिव-काली मंदिर के पुजारी और संरक्षक 40 वर्षीय नयन साधु का शव चटगांव जिले के दोहाजारी क्षेत्र के पास पहाड़ी इलाके में बरामद किया गया। वे मंदिर की देखरेख के साथ पूजा-अर्चना का कार्य भी संभालते थे।

    तीन दिन पहले हुए थे लापता

    स्थानीय पुलिस के मुताबिक 19 अप्रैल की शाम दो अज्ञात व्यक्ति नयन साधु को अपने साथ ले गए थे। इसके बाद से वह लापता थे। तीन दिन बाद गांव के बाहरी क्षेत्र में उनका शव मिला। पुलिस ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि मामला हत्या का है या आत्महत्या का।

    समुदाय ने उठाए सवाल

    घटना के बाद बांग्लादेश हिंदू बौद्ध ईसाई एकता परिषद ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है।

    परिषद से जुड़ी काजल देबनाथ ने सवाल उठाया कि एक छोटे और दूरदराज मंदिर के साधारण देखरेखकर्ता को निशाना बनाने के पीछे क्या कारण हो सकता है।

    वहीं बांग्लादेश पूजा उत्सव परिषद की कोक्स बाजार इकाई के महासचिव जॉनी धर ने कहा कि लापता होने के तीन दिन बाद शव मिलने से हत्या की आशंका और गहरी हो गई है।

    पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार

    पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और कहा है कि रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा। नयन साधु की पत्नी ने 19 अप्रैल को गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद जांच शुरू की गई।

    सांप्रदायिक घटनाओं पर चिंता

    गौरतलब है कि बांग्लादेश हिंदू बौद्ध ईसाई एकता परिषद की हालिया रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2025 की पहली तिमाही में देश में सांप्रदायिक हिंसा की 133 घटनाएं दर्ज की गई हैं। इससे अल्पसंख्यक समुदाय की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी है।

    इस घटना ने एक बार फिर बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

  • भोपाल में संदिग्ध हालात में केमिस्ट की मौत, घर में मिली लाश; हाथ पर फफोले और सिर में चोट के निशान

    भोपाल में संदिग्ध हालात में केमिस्ट की मौत, घर में मिली लाश; हाथ पर फफोले और सिर में चोट के निशान


    भोपाल। Bhopal के कजलीखेड़ा थाना क्षेत्र में रहने वाले एक केमिस्ट की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। सोमवार तड़के उसका शव घर में मिला। परिजनों ने शरीर पर चोट के निशान और हाथों पर जलने जैसे फफोले मिलने के कारण हत्या की आशंका जताई है।पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान Padam Solanki (42) पुत्र रमेशचंद सोलंकी के रूप में हुई है। वह गेहूंखेड़ा इलाके में अकेले रहते थे और Arera Colony स्थित एक अस्पताल के मेडिकल स्टोर में काम करते थे।

    शरीर पर मिले चोट के निशान
    परिजनों का आरोप है कि मृतक के सिर में चोट, हाथों पर फफोले और पीठ पर नील के निशान मिले हैं। इस कारण उन्होंने मामले में हत्या की आशंका जताई है।

    पत्नी से अलग रह रहे थे
    पुलिस के मुताबिक पदम सोलंकी की पत्नी और दो बेटे करीब एक साल से उनसे अलग रह रहे थे। इस कारण वह मानसिक तनाव में थे और शराब का सेवन भी करने लगे थे।

    भतीजे ने लगाए आरोप
    मृतक के भतीजे Mahendra Solanki ने आरोप लगाया कि चाचा और चाची के बीच अक्सर विवाद होता था। उनका दावा है कि चाची किसी अन्य युवक के प्रभाव में आकर अलग रहने लगी थीं और बच्चों को भी साथ ले गई थीं।

    पुलिस कर रही जांच
    पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि पीएम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असली कारणों का खुलासा होगा और उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

    भोपाल के कजलीखेड़ा इलाके में एक केमिस्ट की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। शरीर पर चोट और फफोले मिलने से परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है, जबकि पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।

  • नरसिंहपुर में सनसनी: किराए के मकान में फंदे से झूलती मिली 14 वर्षीय मासूम की लाश, सुसाइड की गुत्थी सुलझाने में जुटी पुलिस

    नरसिंहपुर में सनसनी: किराए के मकान में फंदे से झूलती मिली 14 वर्षीय मासूम की लाश, सुसाइड की गुत्थी सुलझाने में जुटी पुलिस


    नरसिंहपुर । मध्य प्रदेश: मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है। जिले के तेंदूखेड़ा थाना क्षेत्र में एक 14 वर्षीय नाबालिग बच्ची का शव उसके अपने ही घर में फांसी के फंदे पर लटका हुआ मिला। इस दिल दहला देने वाली घटना के बाद से पूरे इलाके में सन्नाटा पसरा हुआ है और मृतक बच्ची के परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है। खुशियों से भरे घर में अचानक मातम छा गया है और हर कोई इस बात से हैरान है कि इतनी कम उम्र की बच्ची ने आखिर मौत को गले क्यों लगाया।

    मिली जानकारी के अनुसार मृतक नाबालिग बच्ची अपने पिता के साथ तेंदूखेड़ा में एक किराए के मकान में रहती थी। घटना वाले दिन जब परिजनों ने बच्ची को फंदे से झूलते देखा तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। चीख पुकार सुनकर आसपास के लोग इकट्ठा हो गए और तत्काल मामले की सूचना स्थानीय पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही तेंदूखेड़ा थाना पुलिस की टीम हरकत में आई और मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पंचनामा तैयार किया और उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

    तेंदूखेड़ा थाना प्रभारी बी.एल. त्यागी ने इस दुखद मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई की थी। शुरुआती जांच में यह मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है लेकिन पुलिस हर संभावित पहलू पर नजर रख रही है। अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि बच्ची ने यह आत्मघाती कदम किस दबाव या परेशानी में उठाया। पुलिस घटनास्थल से साक्ष्य जुटा रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या घर में कोई सुसाइड नोट मिला है या पिछले कुछ दिनों से बच्ची के व्यवहार में कोई बदलाव देखा गया था।

    इस घटना ने स्थानीय लोगों को गहरे सदमे में डाल दिया है। पड़ोसियों का कहना है कि परिवार किराए के मकान में रहकर अपनी गुजर बसर कर रहा था और किसी को अंदेशा भी नहीं था कि इतनी बड़ी त्रासदी हो जाएगी। पुलिस ने आसपास के लोगों और सहपाठियों से भी पूछताछ शुरू कर दी है ताकि मौत के पीछे के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके। थाना प्रभारी का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सटीक समय और तकनीकी कारणों का खुलासा हो पाएगा।

    फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है और विस्तृत विवेचना जारी है। यह घटना समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी भी है कि बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य और उनकी गतिविधियों पर नजर रखना कितना अनिवार्य है। पुलिस की जांच रिपोर्ट आने तक पूरे क्षेत्र में तरह तरह की चर्चाएं व्याप्त हैं लेकिन आधिकारिक रूप से अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी।

  • भोपाल: अपनी ही दुकान में फंदे पर झूला सैलून संचालक; आधा खुला शटर और जलती लाइट देख भाई के उड़े होश

    भोपाल: अपनी ही दुकान में फंदे पर झूला सैलून संचालक; आधा खुला शटर और जलती लाइट देख भाई के उड़े होश


    भोपाल। राजधानी के गौतम नगर इलाके में सोमवार की सुबह एक सनसनीखेज वारदात से मातम पसर गया। 31 वर्षीय सैलून संचालक सोनू सेन ने अपनी ही दुकान के भीतर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना का पता तब चला जब सोमवार सुबह दुकान का शटर आधा खुला देख मकान मालिक को अनहोनी की आशंका हुई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है, हालांकि मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है।

    मंजर: खुली दुकान और खामोश मौत
    घटना की पटकथा सोमवार सुबह करीब 7:40 बजे सामने आई। दुकान के मकान मालिक ने सोनू के भाई केशव सेन को फोन कर सूचना दी कि दुकान की लाइट जल रही है और शटर आधा खुला हुआ है। जब भाई केशव आनन-फानन में दुकान पहुँचा, तो अंदर का नजारा देख उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। सोनू का शव दुकान के भीतर फंदे पर लटका हुआ था।सूचना मिलते ही गौतम नगर पुलिस मौके पर पहुँची और पंचनामा कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। पीएम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है।

    पहेली: न सुसाइड नोट, न कोई परेशानी
    सोनू की मौत ने परिजनों और पुलिस को उलझन में डाल दिया है:

    कोई सुराग नहीं: पुलिस ने पूरी दुकान की तलाशी ली, लेकिन कहीं भी कोई सुसाइड नोट या संदेश नहीं मिला।भाई केशव के अनुसार, सोनू ने कभी भी किसी तनाव या परेशानी का जिक्र नहीं किया था। वह अपने काम में लगा रहता था, ऐसे में यह आत्मघाती कदम उठाना सभी के लिए रहस्य बना हुआ है।

    जांच के दायरे में ‘गौतम नगर पुलिस’
    गौतम नगर थाना पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर लिया है। पुलिस अब दो प्रमुख पहलुओं पर काम कर रही है:सोनू के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल्स और आखिरी बातचीत को खंगाला जा रहा है। दुकान के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज देखे जा रहे हैं ताकि यह पता चल सके कि रात में सोनू के साथ कोई और भी दुकान में मौजूद था या नहीं।

  • दमोह में सनसनी: कुएं में उतराती मिली मां और 3 माह के मासूम की लाश, हत्या या आत्महत्या के उलझाव में फंसी पुलिस

    दमोह में सनसनी: कुएं में उतराती मिली मां और 3 माह के मासूम की लाश, हत्या या आत्महत्या के उलझाव में फंसी पुलिस


    दमोह । मध्यप्रदेश के दमोह जिले से एक ऐसी हृदयविदारक खबर सामने आई है जिसने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है। जिले के तेंदूखेड़ा थाना क्षेत्र में एक सरकारी कुएं के भीतर 35 वर्षीय महिला और उसके महज तीन महीने के दुधमुंहे बच्चे की लाश मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। इस रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना ने न केवल पुलिस प्रशासन की नींद उड़ा दी है, बल्कि स्थानीय ग्रामीणों के बीच भी गहरे शोक और संदेह का माहौल पैदा कर दिया है। लोग इस बात को लेकर हैरान हैं कि आखिर एक मां और उसके मासूम बच्चे की जल समाधि के पीछे की असली वजह क्या है।

    घटना तेंदूखेड़ा के वार्ड नंबर एक स्थित एक सरकारी कुएं की है। शुक्रवार की सुबह जब नगर पालिका के सफाई कर्मचारी रोजाना की तरह अपने काम पर निकले और उनकी नजर कुएं के भीतर पड़ी, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। कुएं के ठहरे हुए पानी में एक महिला और एक छोटे बच्चे का शव उतरा रहा था। शोर मचते ही वहां भारी भीड़ जमा हो गई और तत्काल पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से काफी मशक्कत के बाद दोनों शवों को बाहर निकाला। मृतकों की पहचान 35 वर्षीय जयंती केवट और उसके 3 माह के पुत्र दीपांश केवट के रूप में हुई है।

    इस घटना ने कई अनसुलझे सवालों को जन्म दे दिया है। घटनास्थल पर मौजूद लोगों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं व्याप्त हैं। पहली नजर में यह मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है जिसमें मानसिक तनाव या पारिवारिक कलह के कारण मां ने आत्मघाती कदम उठाया होगा। हालांकि, पुलिस हत्या के एंगल को भी पूरी तरह से खारिज नहीं कर रही है। क्या किसी ने जयंती और उसके मासूम बच्चे को कुएं में धकेला? या फिर यह किसी गहरे षड्यंत्र का हिस्सा है? इन तमाम बिंदुओं पर पुलिस की टीम सघन जांच कर रही है।

    तेंदूखेड़ा पुलिस ने पंचनामा तैयार कर दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही समय और कारणों का खुलासा हो पाएगा। मृतिका के परिजनों और ससुराल पक्ष से भी पूछताछ की जा रही है ताकि जयंती के अंतिम घंटों की गतिविधियों का पता लगाया जा सके। एक हंसते-खेलते परिवार की इस तरह दुखद समाप्ति ने क्षेत्र में मातम पसरा दिया है वहीं मासूम दीपांश की मौत ने लोगों की आंखों में आंसू ला दिए हैं। फिलहाल पुलिस की तहकीकात जारी है और जल्द ही इस गुत्थी के सुलझने की उम्मीद जताई जा रही है।