Tag: Suvendu Adhikari

  • सुवेंदु अधिकारी के PA की हत्या से बंगाल में सनसनी: 10 राउंड फायरिंग, पेशेवर हथियार से हमला, राजनीतिक तनाव बढ़ा

    सुवेंदु अधिकारी के PA की हत्या से बंगाल में सनसनी: 10 राउंड फायरिंग, पेशेवर हथियार से हमला, राजनीतिक तनाव बढ़ा



    नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल के नॉर्थ 24 परगना जिले के मध्यमग्राम में बुधवार रात करीब 10:30 बजे भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी के पर्सनल असिस्टेंट (PA) चंद्रनाथ रथ (42) की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस घटना ने पूरे राज्य में सनसनी फैला दी है और राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया है।

    कार रोककर किया गया हमला, 10 राउंड फायरिंग
    जानकारी के मुताबिक, चंद्रनाथ रथ कोलकाता से अपने घर लौट रहे थे। स्कॉर्पियो में वह ड्राइवर और एक अन्य व्यक्ति के साथ बैठे थे। जैसे ही वाहन डोलतला से मध्यमग्राम के बीच पहुंचा, पीछे से आई एक कार ने उनकी गाड़ी को रोक दिया।इसके बाद बिना नंबर प्लेट की बाइक पर आए हमलावर ने स्कॉर्पियो पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। बताया जा रहा है कि 6 से 10 राउंड गोलियां चलाई गईं, जिनमें से 4 गोलियां चंद्रनाथ रथ को लगीं।2 गोलियां सीने को पार कर गईं। 1 गोली पेट में लगी,
    ड्राइवर को भी गोली लगी। घटना के बाद हमलावर बाइक और फर्जी नंबर प्लेट वाली कार छोड़कर फरार हो गए।

    अस्पताल में मौत, ड्राइवर गंभीर
    घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने चंद्रनाथ रथ को मृत घोषित कर दिया। वहीं ड्राइवर बुद्धदेब बेरा की हालत गंभीर बताई जा रही है।

    ग्लॉक पिस्टल से हमला, प्रोफेशनल शूटर की आशंका
    फोरेंसिक रिपोर्ट के शुरुआती इनपुट के अनुसार, हमले में आधुनिक ग्लॉक 47X पिस्टल का इस्तेमाल किया गया है। इस तरह का हथियार आम अपराधियों के पास नहीं होता, जिससे यह शक और गहरा हो गया है कि हमला किसी प्रोफेशनल शूटर ने अंजाम दिया है।हमलावर ने हेलमेट पहन रखा था और बाइक पर नंबर प्लेट भी नहीं थी, जिससे उसकी पहचान मुश्किल हो रही है।

    राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज
    घटना के बाद बीजेपी ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। सुवेंदु अधिकारी ने इसे प्लान्ड मर्डर बताया और कहा कि पिछले 2–3 दिनों से रेकी की जा रही थी।वहीं TMC ने इन आरोपों को खारिज करते हुए मामले की CBI जांच की मांग की है।

    एक घंटे बाद दूसरी फायरिंग, हालात और तनावपूर्ण
    इस घटना के करीब एक घंटे बाद बशीरहाट में एक और भाजपा कार्यकर्ता रोहित रॉय पर भी फायरिंग की गई, जिसकी हालत गंभीर बताई जा रही है।

    बढ़ता राजनीतिक तनाव
    4 मई के चुनावी नतीजों के बाद राज्य में अब तक 5 हत्याएं हो चुकी हैं, जिनमें भाजपा और TMC दोनों से जुड़े लोग शामिल बताए जा रहे हैं। इससे राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

    मां की भावुक अपील
    मृतक चंद्रनाथ रथ की मां ने कहा कि दोषियों को सजा मिलनी चाहिए, लेकिन वह चाहती हैं कि कानून के तहत उम्रकैद की सजा दी जाए, न कि फांसी।उन्होंने सरकार से न्याय सुनिश्चित करने की अपील की है।

  • शुभेंदु अधिकारी को नजरअंदाज करना BJP के लिए मुश्किल, बंगाल में मुख्यमंत्री चयन पर बढ़ा सस्पेंस

    शुभेंदु अधिकारी को नजरअंदाज करना BJP के लिए मुश्किल, बंगाल में मुख्यमंत्री चयन पर बढ़ा सस्पेंस

    नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल में पहली बार सरकार बनाने की स्थिति में पहुंची भारतीय जनता पार्टी के भीतर मुख्यमंत्री चेहरे को लेकर सियासी गतिविधियां तेज हो गई हैं। इस बीच पार्टी नेतृत्व में नाम को लेकर गंभीर विचार-विमर्श चल रहा है और जल्द ही अंतिम फैसला होने की संभावना है।

    सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के गुरुवार को कोलकाता पहुंचने की संभावना है, जबकि शुक्रवार शाम भाजपा विधायक दल की अहम बैठक प्रस्तावित है, जिसमें राज्य के नए मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम मुहर लग सकती है। इसी बीच शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की गोली मारकर हत्या की घटना ने राज्य की राजनीति में तनाव और बढ़ा दिया है।

    सीएम पद की रेस में कई चेहरे
    मुख्यमंत्री पद के लिए कई नामों पर चर्चा चल रही है। राजनीतिक हलकों में यह भी माना जा रहा है कि ममता बनर्जी के विकल्प के तौर पर किसी महिला चेहरे को आगे लाने पर विचार हो सकता है, जिसमें अग्निमित्रा पॉल और रूपा गांगुली के नाम शामिल हैं। इसके अलावा संगठनात्मक अनुभव के आधार पर प्रदेश अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य और पूर्व अध्यक्ष दिलीप घोष के नाम भी चर्चा में हैं। हालांकि इन सभी के बीच सबसे ज्यादा चर्चा और कार्यकर्ताओं का झुकाव शुभेंदु अधिकारी की ओर देखा जा रहा है।

    शुभेंदु अधिकारी क्यों हैं सबसे मजबूत दावेदार?
    शुभेंदु अधिकारी को भाजपा की चुनावी सफलता का अहम चेहरा माना जा रहा है। 2021 में नंदीग्राम में और बाद में भवानीपुर जैसे हाई-प्रोफाइल मुकाबलों में उन्होंने सत्ताधारी टीएमसी नेतृत्व को कड़ी चुनौती दी। पूर्व में तृणमूल कांग्रेस के रणनीतिकार रह चुके शुभेंदु को राज्य की राजनीति की गहरी समझ रखने वाला नेता माना जाता है। 2020 में भाजपा में शामिल होने के बाद उन्होंने संगठन को जमीन पर मजबूत करने में बड़ी भूमिका निभाई।

    कार्यकर्ताओं की पहली पसंद
    पार्टी के अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक, जमीनी कार्यकर्ता शुभेंदु अधिकारी को ही मुख्यमंत्री के रूप में देखना चाहते हैं। उनका मानना है कि उन्होंने लगातार टीएमसी के खिलाफ संघर्ष किया और राज्य में भाजपा को मजबूत पहचान दिलाई।

    नजरअंदाज करने के संभावित खतरे
    राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि भाजपा नेतृत्व शुभेंदु अधिकारी को मुख्यमंत्री नहीं बनाता है तो इसका असर संगठन पर पड़ सकता है। इससे उन कार्यकर्ताओं का मनोबल गिर सकता है जिन्होंने चुनाव में कड़ी मेहनत की है। साथ ही, शुभेंदु का प्रशासनिक अनुभव, क्योंकि वे पहले राज्य सरकार में मंत्री रह चुके हैं, नए शासन संचालन में बेहद अहम माना जा रहा है।

    क्या भाजपा करेगी सरप्राइज फैसला?
    भाजपा का इतिहास रहा है कि वह कई बार अप्रत्याशित फैसले लेकर सभी को चौंकाती है। ऐसे में शमिक भट्टाचार्य या अग्निमित्रा पॉल जैसे नामों को भी अंतिम क्षण में आगे किया जा सकता है। फिलहाल राजनीतिक गलियारों में सबसे बड़ा सवाल यही है क्या भाजपा शुभेंदु अधिकारी पर भरोसा जताएगी या फिर कोई नया चेहरा सामने लाकर सबको चौंका देगी?

  • बंगाल में शुभेंदु अधिकारी के निज सहायक की हत्या…. भड़की BJP, अभिषेक बनर्जी पर लगाया आरोप

    बंगाल में शुभेंदु अधिकारी के निज सहायक की हत्या…. भड़की BJP, अभिषेक बनर्जी पर लगाया आरोप


    कोलकाता।
    पश्चिम बंगाल (West Bengal) में विधायक शुभेंदु अधिकारी (MLA Shubhendu Adhikari.) के निजी सहायक की हत्या का आरोप भारतीय जनता पार्टी (Bharatiya Janata Party leaders) नेताओं ने अभिषेक बनर्जी (Abhishek Banerjee) पर लगाया है। अभिषेक, राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Chief Minister Mamata Banerjee) के भतीजे हैं। भाजपा ने कहा है कि इस घटना का जवाब दिया जाएगा। साथ ही पुलिस से कहा है कि हत्या के जिम्मेदारों को कहीं से भी खोज कर लाया जाए।

    भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष आनंद बनर्जी ने कहा, ‘हम लोग ये गुंडागर्दी बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेंगे। 2021 के चुनाव के बाद हमारे 300 कार्यकर्ताओं को टीएमसी के इन गुंडों ने कत्ल कर दिया, लेकिन हम राष्ट्रीय पार्टी हैं और हमारा अनुशासन है। ये सब हम बर्दाश्त नहीं करेंगे। हमने हमने अपने कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया है कि टीएमसी वाला जो भड़का रहा है, उसमें मत जाइए। लेकिन आप उन्हें कब तक रोक कर रख सकते हैं? मैं कार्यकर्ताओं को धन्यवाद दे रहा हूं।’

    उन्होंने कहा, ‘यह एक नियोजित हत्या थी। हमने पुलिस और प्रशासन को कहा है कि अगर पाताल में भी घुसा है, तो भी निकालिए। पश्चिम बंगाल में ये गुंडागर्दी नहीं चलने वाला है।’


    अभिषेक बनर्जी पर लगाए आरोप

    भाजपा नेता अर्जुन सिंह ने कहा, ‘अभिषेक बनर्जी ने यह हत्या कराई है। वह एक मैसेज देना चाहते हैं कि हम सरकार में भले न हों, लेकिन तुम्हारे ऊपर भारी हैं। लेकिन वह मूर्ख है और हम लोगों के ऊपर भारी नहीं है। इसका जवाब मिलेगा।’

    एक स्थानीय समाचार चैनल से बातचीत में, भाजपा नेता और नवनिर्वाचित विधायक कौस्तव बागची ने कहा, ‘यह एक सुनियोजित हमला था। हमलावरों ने रथ की कार का काफी देर तक पीछा किया और फिर उन पर गोलियों की बौछार कर दी। यह ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी की साजिश है। जब तक अपराधियों की पहचान नहीं हो जाती, हम चैन से नहीं बैठेंगे। तब तक हम शव का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे।’

    भाजपा के नव निर्वाचित विधायक तरुणज्योति तिवारी ने कहा, ‘हम शांति का संदेश देते रहे हैं लेकिन तृणमूल कांग्रेस ने बहुत बड़ी गलती की है।’


    ममता बनर्जी की हार का नतीजा

    भाजपा विधायक अग्निमित्रा पॉल ने कहा, ‘यह शायद भवानीपुर में ममता बनर्जी की हार का नतीजा है… CCTV फुटेज की अभी जांच की जा रही है… चंद्र एक भरोसेमंद इंसान थे, वे नेता प्रतिपक्ष के दफ़्तर के सारे कामकाज देखते थे, हमारे विधायकों के लिए भाई जैसे थे, और कई तरह के दूसरे काम भी संभालते थे… जिस इंसान का BJP से कोई लेना-देना ही नहीं था, उसकी हत्या क्यों की गई? जनता में भारी गुस्सा है… हमने तो शांति चाही थी, लेकिन अब परिवार ज़रूर जवाब मांगेगा… अभी कुछ देर पहले ही, हमारे एक बूथ कार्यकर्ता पर चाकू से हमला किया गया और वह अभी अस्पताल में भर्ती है…।’


    एक्शन में पुलिस

    पश्चिम बंगाल के DGP सिद्ध नाथ गुप्ता ने कहा, ‘हमने इस मामले की जांच शुरू कर दी है। हमने अपराध में इस्तेमाल हुई 4 पहिया गाड़ी को जब्त कर लिया है, लेकिन ऐसी खबरें आ रही हैं कि गाड़ी की नंबर प्लेट नकली है और उसके साथ छेड़छाड़ की गई है। हमें घटनास्थल से जिंदा कारतूस और चले हुए कारतूस मिले हैं। चश्मदीदों और सबूतों की जांच की जा रही है और आगे की जांच जारी है।’

    यह घटना उत्तरी 24 परगना जिले में मध्यमग्राम क्षेत्र के दोहरिया में हुई, जहां शुभेंदु अधिकारी के सहायक चंद्रनाथ रथ पर हमला किया गया। बाइक पर सवार लोगों ने उन्हें करीब से गोली मार दी। इसके बाद हमलावर फरार हो गए। मामले में अभी कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।

  • बंगाल में सत्ता बदलने की आहट! BJP 186 सीटों पर आगे, भवानीपुर में ममता vs सुवेंदु की सीधी टक्कर

    बंगाल में सत्ता बदलने की आहट! BJP 186 सीटों पर आगे, भवानीपुर में ममता vs सुवेंदु की सीधी टक्कर


    नई दिल्ली।
    पश्चिम बंगाल की सियासत में बड़ा उलटफेर होता दिख रहा है। 293 सीटों पर जारी मतगणना के रुझानों में Bharatiya Janata Party (BJP) ने स्पष्ट बढ़त बना ली है और सत्ता परिवर्तन की तस्वीर साफ नजर आने लगी है।

    ताजा आंकड़ों के मुताबिक BJP 186 सीटों पर आगे चल रही है और अब तक 14 सीटों पर जीत दर्ज कर चुकी है, जबकि All India Trinamool Congress (TMC) 82 सीटों पर आगे है और 5 सीटें जीत चुकी है। बहुमत का आंकड़ा 148 है, जिसे BJP रुझानों में पार करती दिख रही है।

    सबसे ज्यादा नजरें भवानीपुर सीट पर टिकी हैं, जहां Mamata Banerjee और Suvendu Adhikari के बीच सीधी टक्कर देखने को मिल रही है। यहां ममता बनर्जी करीब 7 हजार वोटों से आगे चल रही हैं। दोनों नेता काउंटिंग सेंटर पहुंच चुके हैं, जहां भारी सुरक्षा बल तैनात है और ड्रोन से निगरानी की जा रही है।

    मतगणना के दौरान कुछ जगहों से तनाव की खबरें भी सामने आई हैं। Cooch Behar में TMC नेता के साथ कथित मारपीट का मामला सामने आया है, जबकि Kolkata में पार्टी के अस्थायी कार्यालय में तोड़फोड़ की खबर है।

    भवानीपुर के सखावत स्कूल मेमोरियल काउंटिंग सेंटर में करीब 45 मिनट तक गिनती रुकी रही, हालांकि बाद में प्रक्रिया फिर शुरू कर दी गई। सुरक्षा के चलते उम्मीदवारों को मोबाइल फोन बाहर जमा कराकर अंदर जाने दिया गया।

    इस बीच पानीहाटी सीट से चर्चित आरजीकर केस से जुड़ी पीड़िता की मां रत्ना देबनाथ करीब 20 हजार वोटों से आगे चल रही हैं, जो चुनाव का एक बड़ा मानवीय और भावनात्मक पहलू भी बन गया है।

    कुल मिलाकर, रुझान साफ संकेत दे रहे हैं कि बंगाल में लंबे समय बाद सत्ता परिवर्तन हो सकता है, जिससे राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।

  • बंगाल में सत्ता परिवर्तन तय? 191 सीटों पर BJP आगे, भवानीपुर में ममता vs सुवेंदु आमने-सामने

    बंगाल में सत्ता परिवर्तन तय? 191 सीटों पर BJP आगे, भवानीपुर में ममता vs सुवेंदु आमने-सामने


    नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की मतगणना के बीच सियासी तस्वीर तेजी से बदलती दिख रही है। 293 सीटों पर जारी काउंटिंग के शुरुआती रुझानों में भारतीय जनता पार्टी ने बड़ी बढ़त बना ली है और 191 सीटों पर आगे चल रही है, जबकि तृणमूल कांग्रेस 88 सीटों पर सिमटती नजर आ रही है। अब तक BJP 7 सीटें जीत चुकी है, जबकि TMC के खाते में 1 सीट आई है।

    सबसे हाई-प्रोफाइल सीट भवानीपुर पर मुकाबला बेहद दिलचस्प हो गया है। यहां मुख्यमंत्री ममता बनर्जी करीब 7 हजार वोटों से आगे चल रही हैं, जबकि उनके सामने सुवेंदु अधिकारी चुनौती बने हुए हैं। दोनों नेता काउंटिंग सेंटर पहुंच चुके हैं, जहां सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और भारी पुलिस बल तैनात है।

    काउंटिंग के दौरान कुछ देर के लिए भवानीपुर के सखावत मेमोरियल सेंटर पर गिनती करीब 45 मिनट तक रुकी रही, हालांकि बाद में प्रक्रिया दोबारा शुरू कर दी गई।

    इस बीच कई सीटों पर बीजेपी ने जीत दर्ज कर ली है, जिनमें मेदिनीपुर, दार्जिलिंग, कलिम्पोंग, मोंटेश्वर और आसनसोल दक्षिण जैसी अहम सीटें शामिल हैं। कोलकाता के साल्ट लेक स्थित BJP दफ्तर में जश्न का माहौल है और कार्यकर्ता जीत का जश्न मना रहे हैं।

    दूसरी तरफ, चुनावी माहौल में तनाव भी देखने को मिल रहा है। आसनसोल के चुरुलिया इलाके में TMC कार्यालय में आगजनी की घटना सामने आई है, जिसका आरोप बीजेपी पर लगाया गया है। वहीं TMC उम्मीदवारों ने कुछ बूथों पर EVM गड़बड़ी के आरोप भी लगाए हैं।

    नंदीग्राम सीट पर भी सुवेंदु अधिकारी मजबूत बढ़त बनाए हुए हैं और हजारों वोटों से आगे चल रहे हैं।

    अगर ये रुझान नतीजों में बदलते हैं, तो करीब 15 साल बाद पश्चिम बंगाल की सत्ता में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। यह न सिर्फ राज्य की राजनीति बल्कि राष्ट्रीय सियासत पर भी बड़ा असर डाल सकता है।

  • बंगाल चुनाव रुझानों में बड़ा उलटफेर: भाजपा 194 सीटों पर आगे, वोट शेयर में 6% उछाल से बढ़ी जीत की लहर; TMC को भारी नुकसान का अनुमान

    बंगाल चुनाव रुझानों में बड़ा उलटफेर: भाजपा 194 सीटों पर आगे, वोट शेयर में 6% उछाल से बढ़ी जीत की लहर; TMC को भारी नुकसान का अनुमान


    नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल की 293 विधानसभा सीटों पर जारी मतगणना के बीच शुरुआती रुझानों ने राज्य की राजनीति में बड़ा हलचल मचा दिया है। एक सीट फालता पर 21 मई को पुनर्मतदान होना है, जबकि बाकी सीटों की गिनती जारी है।

    ताजा रुझानों के अनुसार Bharatiya Janata Party (भाजपा) 194 सीटों पर आगे चल रही है, जबकि All India Trinamool Congress (TMC) 94 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। वोट शेयर की बात करें तो भाजपा को लगभग 45% और टीएमसी को करीब 42% वोट मिलते दिख रहे हैं।

    वोट शेयर में बड़ा बदलाव
    पिछले चुनाव की तुलना में इस बार भाजपा के वोट शेयर में करीब 6% की बढ़ोतरी देखी जा रही है। इसी बदलाव का असर सीटों पर भी दिख रहा है, जहां भाजपा को लगभग 117 सीटों का फायदा मिलता दिख रहा है, जबकि टीएमसी को उतना ही नुकसान होने का अनुमान है।

    हाई-प्रोफाइल सीटों पर कड़ा मुकाबला
    राज्य की सबसे चर्चित भवानीपुर सीट पर मुख्यमंत्री Mamata Banerjee आगे चल रही हैं। चौथे राउंड की गिनती के बाद वह लगभग 8400 वोटों से आगे बताई जा रही हैं।

    वहीं नंदीग्राम सीट से भाजपा नेता Suvendu Adhikari पहले राउंड के बाद करीब 3100 वोटों से आगे चल रहे हैं, जिससे मुकाबला और भी रोचक हो गया है।

    कई सीटों पर रोचक बढ़त
    काकद्वीप में टीएमसी उम्मीदवार मंतूराम पाखीरा 2750 वोटों से आगे हैं, जबकि हावड़ा की अमता सीट पर भाजपा उम्मीदवार अमित सामंत 734 वोटों से बढ़त बनाए हुए हैं।

    आरजी कर मेडिकल कॉलेज मामले से जुड़ी भाजपा उम्मीदवार रत्ना देबनाथ भी अपने क्षेत्र में 2763 वोटों से आगे चल रही हैं।

    जश्न और राजनीतिक माहौल
    नादिया और अन्य कई जिलों में भाजपा समर्थकों के जश्न की तस्वीरें सामने आई हैं। कार्यकर्ताओं ने ढोल-नगाड़ों के साथ खुशी जताई और इसे “बड़े बदलाव का संकेत” बताया।

    प्रशासन की निगरानी और सफाई
    मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कंट्रोल रूम से पूरे राज्य की मतगणना पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। वहीं कूड़े में मिली VVPAT पर्चियों को लेकर अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि ये मॉक पोल की थीं और वास्तविक मतदान से उनका कोई संबंध नहीं है।

    कुल मिलाकर स्थिति
    शुरुआती रुझानों ने बंगाल चुनाव को बेहद रोमांचक मोड़ पर ला दिया है। भाजपा की बढ़त और वोट शेयर में उछाल ने राजनीतिक समीकरण बदल दिए हैं, हालांकि अंतिम नतीजों का इंतजार अभी जारी है।

  • बंगाल चुनाव रुझानों में बड़ा सियासी उलटफेर: भाजपा बहुमत की ओर, 192 सीटों पर बढ़त; वोट शेयर में 6% उछाल से बदला पूरा समीकरण

    बंगाल चुनाव रुझानों में बड़ा सियासी उलटफेर: भाजपा बहुमत की ओर, 192 सीटों पर बढ़त; वोट शेयर में 6% उछाल से बदला पूरा समीकरण


    नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल की राजनीति में इस समय बड़ा सियासी भूचाल देखने को मिल रहा है। 293 विधानसभा सीटों पर जारी मतगणना के शुरुआती रुझानों ने राजनीतिक माहौल को पूरी तरह गर्म कर दिया है। एक सीट फालता पर 21 मई को पुनर्मतदान होना है, जबकि बाकी सीटों की गिनती जारी है।

    ताजा रुझानों के अनुसार भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) 192 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है, जबकि सत्ताधारीअखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) 92 सीटों पर आगे चल रही है। शुरुआती आंकड़ों में भाजपा को लगभग 45% और टीएमसी को करीब 42% वोट शेयर मिलता दिख रहा है।

    रुझानों ने इस बार चुनावी तस्वीर को काफी बदल दिया है। पिछले चुनाव की तुलना में भाजपा के वोट प्रतिशत में लगभग 6% की बढ़ोतरी देखी जा रही है। इसी बढ़त का सीधा असर सीटों पर भी पड़ा है, जहां भाजपा को लगभग 115 सीटों का फायदा मिलता दिख रहा है, जबकि टीएमसी को उतना ही नुकसान होने का अनुमान लगाया जा रहा है।

    हाई-प्रोफाइल सीटों पर कांटे की टक्कर
    राज्य की सबसे चर्चित सीट भवानीपुर में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी आगे चल रही हैं। यह सीट हमेशा से बंगाल की राजनीति का केंद्र मानी जाती रही है और इस बार भी यहां मुकाबला बेहद दिलचस्प रहा।वहीं, नंदीग्राम से जुड़े प्रमुख नेता सुवेंदु अधिकारी पीछे बताए जा रहे हैं, जिससे राजनीतिक हलकों में कई तरह की चर्चाएं तेज हो गई हैं।

    इसके अलावा झाड़ग्राम, बिनपुर, गोपीबल्लभपुर और नयाग्राम जैसी सीटों पर भाजपा मजबूत स्थिति में दिख रही है। इन इलाकों में पार्टी का प्रदर्शन खासा चर्चा का विषय बना हुआ है, खासकर उन क्षेत्रों में जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुनावी सभाओं और रैलियों का असर माना जा रहा है।

    जश्न का माहौल और कार्यकर्ताओं की प्रतिक्रिया
    कई जगहों से भाजपा कार्यकर्ताओं के जश्न की तस्वीरें सामने आई हैं। नादिया और दुर्गापुर जैसे इलाकों में समर्थकों ने ढोल-नगाड़ों के साथ खुशी जताई। कार्यकर्ताओं का कहना है कि यह परिणाम “बदलाव की शुरुआत” है और जनता ने इस बार बड़ा संदेश दिया है।कुछ कार्यकर्ताओं ने यह भी कहा कि पहले जहां चुनावी माहौल तनावपूर्ण होता था, अब वहां जीत की खुशी दिखाई दे रही है।

    प्रशासनिक सफाई भी सामने आई
    इस बीच राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने मतगणना के दौरान कूड़े में मिलीं VVPAT पर्चियों पर सफाई दी है। उन्होंने बताया कि ये पर्चियां मॉक पोल की थीं और इनका वास्तविक मतदान से कोई संबंध नहीं है। साथ ही जांच की प्रक्रिया भी जारी है ताकि किसी तरह की गलतफहमी न रहे।

    एक और बड़ा अपडेट
    आरजी कर मेडिकल कॉलेज मामले से जुड़ी भाजपा उम्मीदवार रत्ना देबनाथ भी अपने क्षेत्र में 2763 से अधिक वोटों से आगे चल रही हैं। यह नतीजा भी इस चुनावी रुझान को और ज्यादा सुर्खियों में ला रहा है।

    राजनीतिक प्रतिक्रिया तेज
    भाजपा नेताओं का कहना है कि जनता का रुझान स्पष्ट है और वोट शेयर में बढ़ोतरी इसका प्रमाण है। वहीं टीएमसी खेमे में अभी आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है, लेकिन राजनीतिक विश्लेषक इसे बेहद अहम और निर्णायक रुझान मान रहे हैं।

    कुल मिलाकर, बंगाल चुनाव के शुरुआती रुझानों ने राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव दिखाया है। हालांकि अंतिम नतीजों तक तस्वीर पूरी तरह स्पष्ट होना बाकी है, लेकिन फिलहाल मुकाबला बेहद रोचक और कांटे का बना हुआ है।

  • बंगाल में मौत का तांडव: दो गोदामों में लगी भीषण आग, 8 मजदूरों की मौत, मलबे में अभी भी कई के फंसे होने की आशंका

    बंगाल में मौत का तांडव: दो गोदामों में लगी भीषण आग, 8 मजदूरों की मौत, मलबे में अभी भी कई के फंसे होने की आशंका


    नई दिल्ली । पश्चिम बंगाल पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के नरेंद्रपुर थाना क्षेत्र में सोमवार को आग ने ऐसा तांडव मचाया कि हंसते-खेलते 8 परिवारों के चिराग बुझ गए। नजीराबाद स्थित दो सटे हुए गोदामों में तड़के करीब 3 बजे उस वक्त भीषण आग लग गई जब वहां सो रहे मजदूरों को भागने का मौका तक नहीं मिला। पुलिस और दमकल विभाग के अनुसार, अब तक 8 शव बरामद किए जा चुके हैं, जो इतनी बुरी तरह झुलस गए हैं कि उनकी शिनाख्त करना मुश्किल हो रहा है।

    साजिश या लापरवाही बताया जा रहा है कि इन गोदामों में एक डेकोरेटिंग कंपनी और एक प्रसिद्ध मोमो चेन का काम होता था। यहां रहने वाले मजदूर पुरबा मेदिनीपुर और दक्षिण 24 परगना के निवासी थे। चश्मदीदों और भाजपा विधायक अशोक डिंडा के अनुसार, आधी रात को गोदाम का मुख्य गेट बाहर से बंद था, जिसके कारण आग लगने पर मजदूर बाहर नहीं निकल पाए और अंदर ही फंस गए। हालांकि, चार मजदूरों ने किसी तरह भागकर अपनी जान बचाई, लेकिन लापता लोगों की संख्या 10 से अधिक होने की आशंका जताई जा रही है।

    रेस्क्यू ऑपरेशन और प्रशासनिक चुनौतियां दमकल की 12 गाड़ियों ने करीब 7 घंटे तक आग से लोहा लिया, तब जाकर सुबह 10 बजे लपटों पर काबू पाया जा सका। बिजली मंत्री आरूप बिस्वास ने बताया कि गोदाम के भीतर धुआं इतना घना था कि कोलकाता नगर निगम की डिमोलिशन टीम को दीवारें तोड़ने के लिए बुलाना पड़ा। बारुईपुर के पुलिस अधीक्षक शुभेंदु कुमार ने स्पष्ट किया कि मलबा पूरी तरह साफ होने के बाद ही मौतों का सटीक आंकड़ा सामने आ पाएगा।

    सियासी घमासान शुरू इस त्रासदी ने बंगाल की राजनीति में भी उबाल ला दिया है। नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने राज्य सरकार पर असंवेदनशीलता का आरोप लगाते हुए कहा कि जब मजदूर मर रहे थे, तब वरिष्ठ अधिकारी और मंत्री छुट्टी मना रहे थे। दूसरी ओर, अग्निशमन मंत्री सुजीत बोस ने कहा कि सुरक्षा मानकों की जांच की जा रही है और मालिकों की जवाबदेही तय की जाएगी। फिलहाल, पूरे इलाके में मातम छाया हुआ है और बचाव दल मलबे में दबे संभावित जिंदगियों की तलाश में जुटा है।