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  • न्यूजीलैंड में टीम इंडिया का विजय रथ थमा… T-20 क्रिकेट में 6 साल में 10 जीत के बाद हारा भारत

    न्यूजीलैंड में टीम इंडिया का विजय रथ थमा… T-20 क्रिकेट में 6 साल में 10 जीत के बाद हारा भारत


    ऑकलैंड।
    न्यूजीलैंड (New Zealand) ने टी20 सीरीज के चौथे मुकाबले (Fourth Match T20 series) में भारत (India) को 87 रनों से हराया. यह पांच मैचों की टी20 सीरीज में कीवी टीम की पहली जीत रही. शुक्रवार (30 अक्टूबर) को ऑकलैंड (Auckland) के ईडन पार्क में मिली इस हार के साथ ही भारतीय टीम का न्यूजीलैंड की धरती पर लगातार 10 टी20 मैचों से चला आ रहा अजेय अभियान भी थम गया. ग्लेन फिलिप्स (Glenn Phillips) के तूफानी शतक और जैकब डफी (Jacob Duffy) की घातक गेंदबाजी ने मेजबान टीम की जीत की कहानी लिखी।

    भारतीय टीम ने 2020 से 2026 के बीच न्यूजीलैंड में लगातार 10 टी20 इंटरनेशनल मुकाबलों में हार नहीं झेली थी. शुक्रवार को यह सिलसिला टूट गया. रनों के लिहाज से यह टी20 इंटरनेशनल में भारत की दूसरी सबसे बड़ी हार भी रही. हालांकि, शुरुआती तीन मुकाबले जीतकर टीम इंडिया टी20 सीरीज पहले ही अपने नाम कर चुकी है।

    एक देश में किसी प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ लगातार जीत (फुल मेम्बर)
    11 भारत बनाम श्रीलंका (भारत में, 2016-23)
    10 भारत बनाम न्यूजीलैंड (न्यूजीलैंड में, 2020-26)
    9 न्यूजीलैंड बनाम बांग्लादेश (न्यूजीलैंड में, 2010-22)
    9 पाकिस्तान बनाम जिम्बाब्वे (जिम्बाब्वे में, 2011-21)

    T20I में भारत की सबसे बड़ी हार (रनों के हिसाब से)
    125 रन बनाम इंग्लैंड, नॉटिंघम 2026
    87 रन बनाम न्यूजीलैंड, ऑकलैंड 2026
    80 रन बनाम न्यूजीलैंड, वेलिंगटन 2019
    76 रन बनाम साउथ अफ्रीका, अहमदाबाद 2026

    टॉस जीतकर भारत ने पहले गेंदबाजी चुनी, लेकिन न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों ने 20 ओवर में सात विकेट पर 259 रन ठोक दिए. यह टी20 इंटरनेशनल में न्यूजीलैंड का अब तक का सबसे बड़ा स्कोर है. ग्लेन फिलिप्स ने भारतीय गेंदबाजों पर हमला बोलते हुए 49 गेंदों पर 107 रन बनाए. उनकी पारी में छह चौके और 10 छक्के शामिल रहे. यह उनके टी20 इंटरनेशनल करियर का तीसरा शतक था. माइकल ब्रेसवेल ने भी महज 25 गेंदों पर 65 रनों की पारी खेली।

    दोनों ने पांचवें विकेट के लिए सिर्फ 41 गेंदों पर 115 रन जोड़कर मैच का रुख बदल दिया. ग्लेन फिलिप्स ने नितीश कुमार रेड्डी के 16वें ओवर में लगातार चार छक्के लगाए और इस ओवर में कुल 32 रन आए. माइकल ब्रेसवेल ने भी आक्रामक बल्लेबाजी जारी रखी. न्यूजीलैंड ने आखिरी पांच ओवर में 85 रन बटोरकर स्कोर 259 तक पहुंचा दिया. फिन एलन ने 17 गेंदों पर 31 और डेरिल मिचेल ने नौ गेंदों पर 24 रन बनाए. भारत के लिए मयंक यादव ने तीन विकेट हासिल किए. अर्शदीप सिंह, प्रिंस यादव और नितीश कुमार रेड्डी को एक-एक सफलता मिली।

    डफी ने झटके चार विकेट
    260 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम को जैकब डफी ने शुरुआती ओवर में ही दो बड़े झटके दिए. उन्होंने संजू सैमसन को चार रनों पर और ईशान किशन को बिना खाता खोले आउट कर दिया. इसके बाद अभिषेक शर्मा और श्रेयस अय्यर ने तेजी से रन जुटाने की कोशिश की. अभिषेक ने 15 गेंदों पर 27 रन बनाए, जबकि श्रेयस के बल्ले से 11 गेंदों पर 22 रन निकले. दोनों ने तीसरे विकेट के लिए 46 रन जोड़े, लेकिन मैथ्यू फिशर ने अभिषेक को आउट कर साझेदारी तोड़ दी. इसके बाद एडम मिल्ने ने 143 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गेंद डालकर भारतीय कप्तान श्रेयस को बोल्ड कर दिया।

    लगातार विकेट गिरने के कारण भारतीय टीम बड़े लक्ष्य के दबाव से उबर नहीं सकी और 87 रनों से मुकाबला गंवा दिया. हार के बावजूद अर्शदीप सिंह के लिए यह मुकाबला खास रहा. उन्होंने मिचेल सेंटनर को आउट कर मेन्स टी20 इंटरनेशनल में 150 विकेट पूरे किए. वह इस उपलब्धि तक पहुंचने वाले पहले भारतीय गेंदबाज बने।

  • टीम इंडिया के गेंदबाजी मैनेजमेंट पर कैफ का बड़ा बयान, अय्यर की कप्तानी में बार-बार दोहराई जा रही गलतियां

    टीम इंडिया के गेंदबाजी मैनेजमेंट पर कैफ का बड़ा बयान, अय्यर की कप्तानी में बार-बार दोहराई जा रही गलतियां


    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम को न्यूजीलैंड के खिलाफ ऑकलैंड के ईडन पार्क में खेले गए चौथे टी20 मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा। इस हार के बाद टीम इंडिया की कप्तानी और गेंदबाजी रणनीति पर सवाल उठने लगे हैं। पूर्व भारतीय क्रिकेटर मोहम्मद कैफ ने कप्तान श्रेयस अय्यर के फैसलों पर नाराजगी जताते हुए कहा है कि उन्हें गेंदबाजों को बेहतर तरीके से मैनेज करना सीखना होगा। कैफ के मुताबिक भारतीय टीम के खिलाफ बड़े स्कोर बनना अब एक बार की घटना नहीं रह गई है बल्कि यह लगातार दोहराया जा रहा पैटर्न बन गया है।

    मोहम्मद कैफ ने अय्यर की कप्तानी में गेंदबाजी में बदलाव करने के तरीके पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि कप्तान को यह समझना जरूरी है कि किस गेंदबाज से किस समय गेंदबाजी करानी चाहिए। खासतौर पर टी20 क्रिकेट में डेथ ओवरों के लिए विशेषज्ञ गेंदबाजों को बचाकर रखना बेहद अहम होता है। कैफ ने अर्शदीप सिंह और भुवनेश्वर कुमार जैसे अनुभवी गेंदबाजों के इस्तेमाल पर भी अपनी राय रखी। उनके अनुसार अर्शदीप डेथ ओवरों में भारत के प्रमुख बाएं हाथ के गेंदबाज हैं जबकि भुवनेश्वर के पास नई गेंद और आखिरी ओवरों में गेंदबाजी करने का अनुभव है। ऐसे में कप्तान को इन गेंदबाजों के ओवर सही समय के लिए बचाकर रखने चाहिए।

    कैफ ने भारतीय टीम के खिलाफ बन रहे बड़े स्कोर का आंकड़ा भी सामने रखा। उन्होंने बताया कि साल 2026 से पहले भारतीय पुरुष टी20 टीम ने कभी भी 250 या उससे ज्यादा रन नहीं दिए थे। लेकिन अय्यर की कप्तानी में महज चार महीनों के भीतर भारत को तीन बार इस स्थिति का सामना करना पड़ा है। इंग्लैंड ने साउथैम्प्टन में 3 विकेट पर 257 रन बनाए थे। वेस्टइंडीज ने रांची में 4 विकेट पर 252 रन का स्कोर खड़ा किया जबकि न्यूजीलैंड ने ऑकलैंड में 7 विकेट पर 259 रन बना दिए। कैफ के मुताबिक लगातार इतने बड़े स्कोर बनना गेंदबाजी रणनीति की समीक्षा की जरूरत बताता है।

    हालांकि कैफ ने यह भी स्पष्ट किया कि हर महंगे गेंदबाजी प्रदर्शन के लिए कप्तान को जिम्मेदार ठहराना सही नहीं है। ऑकलैंड में नीतीश कुमार रेड्डी ने चार ओवर में 64 रन खर्च किए। वहीं न्यूजीलैंड के ग्लेन फिलिप्स और माइकल ब्रेसवेल ने 41 गेंदों में 115 रन जोड़कर भारतीय गेंदबाजों पर दबाव बना दिया। न्यूजीलैंड ने आखिरी नौ ओवरों में 146 रन बनाए। इस दौरान भारतीय गेंदबाज रन रोकने में नाकाम रहे। कैफ ने अर्शदीप सिंह को भारतीय आक्रमण का ऐसा गेंदबाज बताया जिसने कुछ हद तक नियंत्रण बनाए रखा।

    नीतीश कुमार रेड्डी की भूमिका को लेकर भी कैफ ने अपनी राय रखी। उनका मानना है कि नीतीश को पांचवें या छठे गेंदबाजी विकल्प के तौर पर इस्तेमाल करना चाहिए। उनसे मुख्य तेज गेंदबाज जैसी जिम्मेदारी की उम्मीद नहीं करनी चाहिए। उनके ओवर मध्यक्रम के दौरान पूरे कराए जाने चाहिए ताकि विशेषज्ञ गेंदबाजों पर दबाव कम रहे।

    श्रेयस अय्यर के लिए चिंता सिर्फ कप्तानी तक सीमित नहीं है। उनका बल्ला भी पिछले कुछ मुकाबलों में अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाया है। 6 अक्टूबर को लखनऊ में वेस्टइंडीज के खिलाफ 43 गेंदों पर नाबाद 102 रन बनाने के बाद अय्यर की पिछली आठ पारियों में 40 1 16 22 42 7 5 और 22 रन की पारियां शामिल हैं। ऐसे में न्यूजीलैंड के खिलाफ हार के बाद उनकी कप्तानी के साथ बल्लेबाजी पर भी चर्चा तेज हो गई है।

  • चार साल बाद टीम इंडिया में लौटे भुवनेश्वर कुमार का फीका प्रदर्शन, तीन मैचों में 139 रन लुटाए और मिला सिर्फ एक विकेट

    चार साल बाद टीम इंडिया में लौटे भुवनेश्वर कुमार का फीका प्रदर्शन, तीन मैचों में 139 रन लुटाए और मिला सिर्फ एक विकेट


    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार की अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में चार साल बाद वापसी अब तक उम्मीदों के मुताबिक नहीं रही है। न्यूजीलैंड के खिलाफ खेली जा रही पांच मैचों की टी20 सीरीज में मेरठ के 36 वर्षीय गेंदबाज को शुरुआती तीन मुकाबलों में अपनी पुरानी लय हासिल करने के लिए संघर्ष करना पड़ा है। अपनी स्विंग गेंदबाजी के दम पर दुनिया के बड़े बल्लेबाजों को परेशान करने वाले भुवनेश्वर इस बार रन रोकने और विकेट निकालने में अपेक्षित सफलता हासिल नहीं कर सके। तीन मैचों में उन्होंने कुल 12 ओवर गेंदबाजी करते हुए 139 रन खर्च किए और उनके खाते में केवल एक विकेट आया। ऐसे प्रदर्शन के बाद अब अगले मुकाबलों में उनकी गेंदबाजी पर सभी की निगाहें रहेंगी।

    न्यूजीलैंड के खिलाफ मौजूदा सीरीज में भारतीय टीम का प्रदर्शन शानदार रहा है। बल्लेबाजों ने तेजी से रन बनाकर विरोधी टीम पर दबाव बनाया है और गेंदबाजों ने भी कई मौकों पर अच्छा प्रदर्शन किया है। हालांकि भुवनेश्वर कुमार के लिए शुरुआती मुकाबले चुनौतीपूर्ण साबित हुए। पहले मैच में उन्होंने चार ओवर में 49 रन दिए जबकि दूसरे मुकाबले में उनके खाते से 50 रन खर्च हुए। तीसरे टी20 में भी उन्होंने चार ओवर में 40 रन दिए। हालांकि पिछले दो मैचों की तुलना में उनके प्रदर्शन में कुछ सुधार दिखाई दिया लेकिन उन्हें कोई विकेट नहीं मिल सका। तीन मैचों में उनकी इकोनॉमी 11.58 रन प्रति ओवर रही है जो टी20 क्रिकेट के लिहाज से काफी महंगी मानी जाती है।

    भुवनेश्वर कुमार को भारतीय क्रिकेट में उनकी शानदार स्विंग गेंदबाजी और शुरुआती ओवरों में विकेट निकालने की क्षमता के लिए जाना जाता है। नई गेंद से दोनों तरफ स्विंग कराने की उनकी कला ने उन्हें लंबे समय तक टीम इंडिया का अहम गेंदबाज बनाए रखा। लेकिन लंबे अंतराल के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी करना किसी भी खिलाड़ी के लिए आसान नहीं होता। मैच की परिस्थितियों के अनुसार गेंदबाजी करना और दबाव के बीच सही लाइन और लेंथ बनाए रखना महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में भुवनेश्वर को भी अपनी पुरानी लय पाने के लिए अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ सकती है।

    टीम प्रबंधन को अनुभव पर भरोसा

    शुरुआती तीन मुकाबलों में महंगे साबित होने के बावजूद टीम प्रबंधन और मुख्य कोच ने भुवनेश्वर कुमार के अनुभव पर भरोसा जताया है। टीम का मानना है कि लंबे समय बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलने के कारण खिलाड़ी को लय में लौटने में समय लग सकता है। मेरठ के गांधी बाग में क्रिकेट कोच तनकीब अहमद ने भी माना कि लंबे अंतराल के बाद अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेलने पर खिलाड़ी के ऊपर दबाव रहता है। हर खिलाड़ी अच्छा प्रदर्शन करना चाहता है और भुवनेश्वर भी आने वाले मुकाबलों में बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं। कोच अतरह अली के मुताबिक भी वापसी के दौरान बेहतर प्रदर्शन करने का दबाव रहता है और खिलाड़ी अपना सर्वश्रेष्ठ देने का प्रयास करता है।

    अगले मुकाबलों में लय हासिल करने की चुनौती

    अब सीरीज के अगले मैच भुवनेश्वर कुमार के लिए काफी अहम होंगे। उन्हें अपनी गेंदबाजी में सटीकता लाने के साथ विकेट निकालने की क्षमता भी दिखानी होगी। शुरुआती ओवरों में रन रोकना और बल्लेबाजों को गलतियां करने के लिए मजबूर करना उनकी सबसे बड़ी ताकत रही है। यदि वह अपनी स्विंग और अनुभव का सही इस्तेमाल कर पाए तो टीम इंडिया के लिए उपयोगी साबित हो सकते हैं। फिलहाल उनके प्रदर्शन पर सवाल जरूर उठ रहे हैं लेकिन सीरीज के बाकी मुकाबलों में वापसी करने का अवसर उनके पास है। अब देखना होगा कि अनुभवी भुवी अपने प्रदर्शन में कितना सुधार कर पाते हैं और टीम प्रबंधन के भरोसे पर किस तरह खरे उतरते हैं।

  • 15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने दिग्गज बल्लेबाजों को पछाड़ा! टी20 में 200 के पार स्ट्राइक रेट, टॉप-5 में चार भारतीयों का दबदबा

    15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने दिग्गज बल्लेबाजों को पछाड़ा! टी20 में 200 के पार स्ट्राइक रेट, टॉप-5 में चार भारतीयों का दबदबा


    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट के युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी ने अपने तूफानी बल्लेबाजी अंदाज से टी20 क्रिकेट में अलग पहचान बना ली है। महज 15 साल की उम्र में इस बल्लेबाज ने ऐसा रिकॉर्ड अपने नाम किया है जिसने बड़े-बड़े बल्लेबाजों को पीछे छोड़ दिया है। टी20 क्रिकेट में कम से कम 1000 रन बनाने वाले बल्लेबाजों के स्ट्राइक रेट की सूची में वैभव सूर्यवंशी पहले स्थान पर हैं। उनके नाम 214.83 का शानदार स्ट्राइक रेट दर्ज है। इस सूची में भारतीय टीम के विस्फोटक बल्लेबाज अभिषेक शर्मा भी शामिल हैं जो 178.32 के स्ट्राइक रेट के साथ चौथे पायदान पर हैं। खास बात यह है कि शीर्ष पांच बल्लेबाजों में चार भारतीय खिलाड़ी मौजूद हैं। यह आंकड़ा भारतीय क्रिकेट में आक्रामक बल्लेबाजी की बढ़ती ताकत को दर्शाता है।

    वैभव सूर्यवंशी ने अब तक इंटरनेशनल आईपीएल और घरेलू टी20 क्रिकेट को मिलाकर 42 पारियों में 1723 रन बनाए हैं। इस दौरान उनका औसत 42.02 और स्ट्राइक रेट 214.83 रहा है। उनका बाउंड्री प्रतिशत भी 36.15 बताया गया है। इतनी कम उम्र में इतने आक्रामक अंदाज से रन बनाना उनकी बल्लेबाजी क्षमता को दिखाता है। वैभव मैदान पर उतरते ही तेजी से रन बनाने की कोशिश करते हैं और बड़े शॉट खेलने से नहीं हिचकते। यही वजह है कि वह टी20 क्रिकेट के सबसे खतरनाक युवा बल्लेबाजों में गिने जाने लगे हैं। हालांकि उनके करियर में अभी तक पारियों की संख्या अपेक्षाकृत कम है और आगे लगातार बेहतर प्रदर्शन करना उनके लिए अहम होगा।

    इस सूची में ऑस्ट्रेलिया के विस्फोटक बल्लेबाज मिच ओवन दूसरे स्थान पर हैं। उन्होंने 86 टी20 पारियों में 1813 रन बनाए हैं। उनका स्ट्राइक रेट 181.30 और औसत 22.66 है। ओवन ने अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से कई मौकों पर टीम को तेज शुरुआत दिलाई है लेकिन स्ट्राइक रेट के मामले में वह वैभव से काफी पीछे हैं। तीसरे स्थान पर भारतीय बल्लेबाज उर्विल पटेल हैं जिनका स्ट्राइक रेट 180.69 है। उन्होंने 64 पारियों में 1554 रन बनाए हैं और उनका औसत 25.90 रहा है। इस तरह सूची के शुरुआती तीन स्थानों में दो भारतीय बल्लेबाजों की मौजूदगी भारत की टी20 प्रतिभा को सामने लाती है।

    भारतीय टीम के सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा इस सूची में चौथे स्थान पर हैं। उन्होंने 215 पारियों में 6466 रन बनाए हैं। उनका बल्लेबाजी औसत 32.65 और स्ट्राइक रेट 178.32 है। अभिषेक अपनी आक्रामक बल्लेबाजी के लिए पहचाने जाते हैं और पावरप्ले के दौरान तेजी से रन बनाने की क्षमता रखते हैं। पांचवें स्थान पर भारतीय बल्लेबाज प्रियांश आर्या हैं जिनका स्ट्राइक रेट 176.78 है। उन्होंने 59 पारियों में 1683 रन बनाए हैं और उनका औसत 29.01 है।

    अब सबकी नजर भारत और न्यूजीलैंड के बीच होने वाले दूसरे टी20 मुकाबले पर है। ईशान किशन के चोटिल होने के कारण टीम संयोजन में बदलाव की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में वैभव सूर्यवंशी को प्लेइंग इलेवन में मौका मिलने की चर्चा तेज हो गई है। यदि उन्हें खेलने का अवसर मिलता है तो उनके पास अपनी प्रतिभा दिखाने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रभाव छोड़ने का मौका होगा। हालांकि अंतिम एकादश में उनका चयन टीम प्रबंधन के फैसले पर निर्भर करेगा। वैभव के रिकॉर्ड ने उम्मीदें जरूर बढ़ा दी हैं लेकिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में निरंतरता बनाए रखना उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती होगी।

  • टीम इंडिया के लिए बुरी खबर, ईशान किशन को लगी चोट, न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे टी20 में नहीं खेलेंगे विकेटकीपर-बल्लेबाज

    टीम इंडिया के लिए बुरी खबर, ईशान किशन को लगी चोट, न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे टी20 में नहीं खेलेंगे विकेटकीपर-बल्लेबाज


    नई दिल्ली। न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज में भारतीय टीम को दूसरे मुकाबले से पहले बड़ा झटका लगा है। विकेटकीपर-बल्लेबाज ईशान किशन चोट के कारण दूसरे टी20 मैच में नहीं खेल पाएंगे। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआई ने शुक्रवार सुबह इसकी जानकारी अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट के माध्यम से दी। बोर्ड के मुताबिक ईशान को सीरीज के पहले मुकाबले के दौरान चोट लगी थी और फिलहाल मेडिकल टीम उनकी स्थिति पर नजर रख रही है। भारतीय टीम के लिए अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि वह कितनी जल्दी फिट होकर मैदान पर वापसी कर पाते हैं।

    बीसीसीआई ने बताया कि ईशान किशन को लो-ग्रेड राइट एडिक्टर स्ट्रेन हुआ है। यह चोट शरीर के दाहिने हिस्से में जांघ के ऊपरी अंदरूनी क्षेत्र की मांसपेशियों से जुड़ी होती है। ऐसी चोट में खिलाड़ी को दौड़ने दिशा बदलने और तेजी से मूवमेंट करने में परेशानी हो सकती है। इसी वजह से मेडिकल टीम की सलाह और फिटनेस का आकलन खिलाड़ी की वापसी तय करने में अहम भूमिका निभाएगा। फिलहाल बोर्ड ने उनकी चोट को लेकर निगरानी जारी रहने की जानकारी दी है।

    ईशान किशन का दूसरे टी20 से बाहर होना भारतीय टीम के लिए इसलिए भी अहम है क्योंकि वह मध्यक्रम में बल्लेबाजी को मजबूती देने के साथ विकेटकीपिंग का विकल्प भी हैं। हालांकि पहले टी20 में वह बड़ी पारी नहीं खेल सके थे। न्यूजीलैंड के खिलाफ लक्ष्य का पीछा करते हुए ईशान केवल तीन गेंदों पर एक रन बनाकर आउट हो गए थे। इसके बावजूद उनकी आक्रामक बल्लेबाजी क्षमता और अलग-अलग परिस्थितियों में खेलने की योग्यता टीम के लिए उपयोगी मानी जाती है।

    भारत ने सीरीज के पहले मुकाबले में 226 रन का लक्ष्य हासिल करके शानदार जीत दर्ज की थी। इस जीत के साथ टीम इंडिया ने पांच मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली। अब दूसरे मुकाबले में भारतीय टीम की कोशिश जीत का सिलसिला जारी रखने और सीरीज में अपनी स्थिति मजबूत करने की होगी। ईशान की अनुपस्थिति में टीम संयोजन और बल्लेबाजी क्रम पर भी ध्यान देना पड़ सकता है। हालांकि उनकी जगह किस खिलाड़ी को मौका मिलेगा इसे लेकर अंतिम फैसला टीम प्रबंधन करेगा।

    28 वर्षीय विकेटकीपर-बल्लेबाज ईशान किशन अब तक 67 टी20 अंतरराष्ट्रीय पारियों में 1955 रन बना चुके हैं। उनके नाम एक शतक और 13 अर्धशतक दर्ज हैं जबकि उनका सर्वाधिक स्कोर 103 रन है। ये आंकड़े बताते हैं कि वह टीम के लिए तेजी से रन बनाने की क्षमता रखते हैं। मध्यक्रम में जरूरत के मुताबिक बल्लेबाजी करने की उनकी योग्यता भी टीम को कई विकल्प देती है।

    भारतीय टीम को उम्मीद होगी कि ईशान की चोट जल्द ठीक हो जाए और वह 27 अक्टूबर को होने वाले तीसरे टी20 मुकाबले से पहले फिटनेस हासिल कर लें। हालांकि उनकी वापसी को लेकर अभी निश्चित जानकारी सामने नहीं आई है। मेडिकल टीम की निगरानी और फिटनेस आकलन के बाद ही उनकी उपलब्धता स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल भारत के सामने दूसरे टी20 में जीत की लय बरकरार रखने की चुनौती है जबकि ईशान की चोट टीम प्रबंधन के लिए एक अहम चिंता बनी हुई है।

  • अभिषेक शर्मा के तूफान से पस्त हुआ वेस्टइंडीज, हार के बाद कप्तान शाई होप का बड़ा बयान, भारतीय गेंदबाजों की तारीफ में कही ये बात

    अभिषेक शर्मा के तूफान से पस्त हुआ वेस्टइंडीज, हार के बाद कप्तान शाई होप का बड़ा बयान, भारतीय गेंदबाजों की तारीफ में कही ये बात


    नई दिल्ली । भारत के खिलाफ तीसरे टी20 इंटरनेशनल मुकाबले में 14 रन से मिली हार के बाद वेस्टइंडीज के कप्तान शाई होप ने अपनी टीम की गेंदबाजी को लेकर अहम बात कही है। उन्होंने माना कि गेंदबाज कुछ मौकों पर बेहतर प्रदर्शन कर सकते थे और भारतीय बल्लेबाजों को कुछ अतिरिक्त बाउंड्री देने से बचना चाहिए था। रविवार को खेले गए मुकाबले में भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 223 रन बनाए। जवाब में वेस्टइंडीज की टीम सात विकेट खोकर 209 रन तक ही पहुंच सकी। इस जीत के साथ भारत ने सीरीज में 2-1 की बढ़त बना ली है।
    मैच के बाद शाई होप ने कहा कि क्रिकेट में जीत और हार का अंतर कई बार बेहद कम होता है। ऐसे मुकाबलों में कुछ अहम पल पूरे परिणाम को बदल सकते हैं। उनके मुताबिक वेस्टइंडीज की टीम ने मैच में वापसी करने की कोशिश की और कुछ विकेट लेकर मुकाबले पर पकड़ भी बनाई। हालांकि गेंदबाजी के दौरान कुछ मौकों पर टीम बेहतर कर सकती थी। होप ने माना कि भारतीय बल्लेबाजों को बाउंड्री लगाने के अवसर मिले और इसका असर अंतिम परिणाम पर पड़ा। उन्होंने यह भी कहा कि शुरुआती साझेदारी काफी खतरनाक साबित हो सकती थी लेकिन रोस्टन चेज की मदद से टीम को जरूरी विकेट मिले।
    वेस्टइंडीज के कप्तान ने टीम की सलामी जोड़ी के प्रदर्शन पर भी बात की। सीरीज के शुरुआती तीनों मुकाबलों में ओपनिंग साझेदारी टीम को मजबूत शुरुआत देने में नाकाम रही है। होप ने कहा कि किसी भी टीम के लिए अच्छी शुरुआत बेहद जरूरी होती है क्योंकि इससे आगे आने वाले बल्लेबाजों को पारी संभालने और बड़े लक्ष्य का पीछा करने में मदद मिलती है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि खराब शुरुआत के लिए केवल एक या दो खिलाड़ियों को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। टीम को सामूहिक रूप से बेहतर प्रदर्शन करने की जरूरत है।
    होप ने मुकाबले में ओस की स्थिति और गेंद की स्विंग का भी जिक्र किया। उनके मुताबिक टीम को उम्मीद थी कि परिस्थितियां अलग होंगी लेकिन पारी के अंतिम हिस्से में गेंद अपेक्षाकृत ज्यादा स्विंग करती दिखाई दी। उन्होंने भारतीय गेंदबाजों की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने अच्छी लाइन और लेंथ के साथ गेंदबाजी की और यॉर्कर का प्रभावी इस्तेमाल किया। होप के अनुसार भारतीय गेंदबाजों ने दबाव के क्षणों में सटीक गेंदें डालकर अपनी क्षमता दिखाई और उन्हें इसका श्रेय मिलना चाहिए।
    इस मुकाबले में भारतीय बल्लेबाजों ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया। अभिषेक शर्मा ने केवल 30 गेंदों पर 69 रन बनाए। उनकी पारी में छह चौके और पांच छक्के शामिल रहे। ईशान किशन ने 18 गेंदों पर 37 रन बनाकर तेजी से रन जोड़े। तिलक वर्मा ने भी 16 गेंदों पर 28 रन की उपयोगी पारी खेली। इन योगदानों की मदद से भारतीय टीम 223 रन के बड़े स्कोर तक पहुंची और वेस्टइंडीज के सामने 224 रन का लक्ष्य रखा।
    लक्ष्य का पीछा करते हुए वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों ने मुकाबले में बने रहने की कोशिश की। कामिल पूरन ने 27 गेंदों पर 42 रन और शिमरोन हेटमायर ने 26 गेंदों पर 43 रन बनाए। रदरफोर्ड ने 32 रन का योगदान दिया जबकि शमर स्प्रिंगर ने केवल 11 गेंदों पर नाबाद 35 रन बनाकर आखिरी ओवरों में तेजी से रन जुटाए। इसके बावजूद टीम लक्ष्य से 14 रन दूर रह गई। अब वेस्टइंडीज के सामने अगले मुकाबले में वापसी करने की चुनौती होगी जबकि भारतीय टीम सीरीज में अपनी बढ़त मजबूत करने के इरादे से उतरेगी।

  • टी20 क्रिकेट में अभिषेक शर्मा का तूफानी धमाका तय, सूर्यकुमार यादव और बाबर आजम का रिकॉर्ड खतरे में

    टी20 क्रिकेट में अभिषेक शर्मा का तूफानी धमाका तय, सूर्यकुमार यादव और बाबर आजम का रिकॉर्ड खतरे में


    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के युवा सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा के पास रांची में इतिहास रचने का शानदार मौका है। भारत और वेस्टइंडीज के बीच शुक्रवार को पांच मैचों की टी20 सीरीज का दूसरा मुकाबला जेएससीए अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम परिसर में खेला जाएगा। इस मैच में अभिषेक की नजर अपने बल्ले से बड़ा कमाल करने पर होगी। वह पूर्व भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव का ऐसा रिकॉर्ड तोड़ सकते हैं जो टी20 क्रिकेट में उनकी आक्रामक बल्लेबाजी और तेजी से रन बनाने की क्षमता को दर्शाता है। अगर अभिषेक रांची में अपने अंदाज में बल्लेबाजी करने में सफल रहे तो उनके नाम एक खास उपलब्धि दर्ज हो सकती है।

    सूर्यकुमार यादव के नाम टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में गेंदों का सामना करने के लिहाज से सबसे तेज दो हजार रन पूरे करने का रिकॉर्ड दर्ज है। उन्होंने केवल 1164 गेंदों पर यह मुकाम हासिल किया था। अब अभिषेक शर्मा इस रिकॉर्ड को चुनौती देने की स्थिति में पहुंच चुके हैं। वह 63 मैचों की 62 पारियों में 997 गेंदों का सामना करते हुए 1947 रन बना चुके हैं। यानी दो हजार रन पूरे करने के लिए उन्हें केवल 53 रन और बनाने हैं। गेंदों के हिसाब से भी वह सूर्यकुमार से आगे निकलने की मजबूत स्थिति में हैं। यदि वह अगले कुछ ही गेंदों में जरूरी रन बना लेते हैं तो नया रिकॉर्ड कायम कर सकते हैं।

    अभिषेक की बल्लेबाजी शैली को देखते हुए इस उपलब्धि की संभावना पर खास नजर रहेगी। वह शुरुआत से ही गेंदबाजों पर दबाव बनाने और बड़े शॉट खेलने के लिए पहचाने जाते हैं। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी विरोधी टीम की रणनीति को शुरुआती ओवरों में ही बिगाड़ सकती है। हालांकि टी20 क्रिकेट में रिकॉर्ड बनाने के लिए रन बनाने के साथ विकेट पर टिके रहना भी जरूरी होता है। ऐसे में रांची में उनका प्रदर्शन भारतीय टीम के लिए भी काफी अहम रहेगा।

    लखनऊ में खेले गए सीरीज के पहले मुकाबले में अभिषेक शर्मा अच्छी लय में नजर आए थे। उन्होंने केवल 10 गेंदों पर 21 रन बनाए लेकिन अपनी पारी को बड़ी पारी में नहीं बदल सके। अब रांची में उनके पास पिछली पारी से आगे बढ़ने और टीम को मजबूत शुरुआत दिलाने का अवसर होगा। भारतीय प्रशंसकों को उम्मीद रहेगी कि वह अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से वेस्टइंडीज के गेंदबाजों को मुश्किल में डालेंगे और रिकॉर्ड के करीब पहुंचने के बजाय उसे अपने नाम कर लेंगे।

    इस रिकॉर्ड की दौड़ में पाकिस्तान के पूर्व कप्तान बाबर आजम और विकेटकीपर बल्लेबाज मोहम्मद रिजवान भी शामिल हैं। बाबर ने टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में दो हजार रन पूरे करने के लिए 1289 गेंदों का सामना किया था। वहीं रिजवान ने यह उपलब्धि 1326 गेंदों में हासिल की थी। फिलहाल सूर्यकुमार यादव इस सूची में सबसे आगे हैं। यदि अभिषेक उनसे कम गेंदों में दो हजार रन पूरे कर लेते हैं तो वह इस सूची में शीर्ष स्थान हासिल कर लेंगे और बाबर तथा रिजवान की स्थिति भी नीचे खिसक जाएगी।

    अभिषेक शर्मा इस समय आईसीसी टी20 रैंकिंग में दूसरे स्थान पर हैं। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी ने उन्हें दुनिया के प्रमुख टी20 सलामी बल्लेबाजों में शामिल कर दिया है। रांची का मुकाबला उनके लिए केवल सीरीज में अच्छा प्रदर्शन करने का मौका नहीं बल्कि व्यक्तिगत उपलब्धि हासिल करने का भी बड़ा अवसर है। अब सबकी नजर इस बात पर रहेगी कि क्या अभिषेक अपनी तेजतर्रार बल्लेबाजी से सूर्यकुमार यादव का रिकॉर्ड तोड़कर भारतीय क्रिकेट में एक नया अध्याय जोड़ पाते हैं।

  • कोहली, रोहित और धोनी की राह पर श्रेयस अय्यर, रांची में वेस्टइंडीज के खिलाफ जीत के साथ रिकॉर्ड सुधारने उतरेगा भारत

    कोहली, रोहित और धोनी की राह पर श्रेयस अय्यर, रांची में वेस्टइंडीज के खिलाफ जीत के साथ रिकॉर्ड सुधारने उतरेगा भारत

    नई दिल्ली: भारत और वेस्टइंडीज के बीच पांच मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज का दूसरा मुकाबला 9 अक्टूबर को रांची के जेएससीए इंटरनेशनल स्टेडियम कॉम्प्लेक्स में खेला जाएगा। भारतीय टीम की कप्तानी श्रेयस अय्यर कर रहे हैं। सीरीज के पहले मुकाबले में भारत ने आठ विकेट से जीत दर्ज की थी। अब टीम की कोशिश दूसरे मैच में भी जीत हासिल कर सीरीज में 2-0 की बढ़त बनाने की होगी। यह मुकाबला भारतीय समयानुसार शाम सात बजे शुरू होगा।

    रांची का मैदान टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भारतीय टीम के लिए अब तक अच्छा साबित हुआ है। यहां खेले गए चार मुकाबलों में भारत ने तीन में जीत दर्ज की है, जबकि एक मैच में उसे हार का सामना करना पड़ा। इस बार वेस्टइंडीज की टीम पहली बार रांची में टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबला खेलेगी। ऐसे में मेजबान टीम अपने घरेलू मैदान के रिकॉर्ड को कायम रखने के इरादे से उतरेगी, जबकि कैरेबियाई टीम के सामने इस मैदान पर अपनी पहली चुनौती का सामना करने का मौका होगा।

    रांची में भारतीय टीम को टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में एकमात्र हार न्यूजीलैंड के खिलाफ मिली थी। 27 जनवरी 2023 को खेले गए उस मुकाबले में न्यूजीलैंड ने भारत को 21 रन से हराया था। उस समय भारतीय टीम की कप्तानी हार्दिक पंड्या के हाथों में थी। इसके अलावा भारत ने इस मैदान पर श्रीलंका, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के खिलाफ मुकाबले खेले हैं और तीन मैचों में जीत हासिल की है।

    रांची में भारत की जीतों का सिलसिला अलग-अलग कप्तानों के नेतृत्व में देखने को मिला है। यहां पहला टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबला 12 फरवरी 2016 को खेला गया था। महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में भारत ने श्रीलंका को 69 रन से हराया था। इसके बाद 7 अक्टूबर 2017 को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भारतीय टीम ने विराट कोहली के नेतृत्व में नौ विकेट से जीत दर्ज की। वहीं, 19 नवंबर 2021 को रोहित शर्मा की कप्तानी में भारत ने न्यूजीलैंड को सात विकेट से मात दी थी। अब श्रेयस अय्यर की अगुवाई में टीम के सामने इसी जीत के रिकॉर्ड को आगे बढ़ाने का अवसर है।

    भारत और वेस्टइंडीज के बीच टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों के कुल रिकॉर्ड में भी भारतीय टीम आगे है। दोनों देशों के बीच अब तक 32 मैच खेले गए हैं। इनमें भारत ने 21 मुकाबले जीते हैं, जबकि वेस्टइंडीज को 10 मैचों में सफलता मिली है। एक मुकाबला बेनतीजा रहा है। इस आंकड़े के आधार पर भारत का पलड़ा भारी दिखाई देता है, लेकिन दूसरे टी20 में टीम को जीत दर्ज करने के लिए मैदान पर अच्छा प्रदर्शन करना होगा।

    दूसरे मुकाबले के लिए भारत की संभावित प्लेइंग इलेवन में अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन, ईशान किशन, श्रेयस अय्यर, तिलक वर्मा, शिवम दुबे, नमन धीर, अक्षर पटेल, अर्शदीप सिंह, कुलदीप यादव और मयंक यादव शामिल हैं। संजू सैमसन और ईशान किशन दोनों विकेटकीपर के विकल्प हैं। भारतीय टीम के घोषित स्क्वॉड में वैभव सूर्यवंशी, रवि बिश्नोई, प्रिंस यादव और नीतीश कुमार रेड्डी समेत 15 खिलाड़ी शामिल हैं।

    वेस्टइंडीज की संभावित प्लेइंग इलेवन में शाई होप, कामिल पूरन, शिमरॉन हेटमायर, रोवमैन पॉवेल, शेरफेन रदरफोर्ड, रोमारियो शेफर्ड, मैथ्यू फोर्ड, रोस्टन चेज, अकील हुसैन, शमर स्प्रिंगर और शमर जोसेफ के नाम हैं। टीम के घोषित स्क्वॉड में आमिर जंगू, गुडाकेश मोती, कीमो पॉल और क्वेंटिन सैम्पसन भी शामिल हैं। रांची में होने वाला यह मुकाबला भारत के लिए सीरीज में बढ़त मजबूत करने और अपने घरेलू रिकॉर्ड को कायम रखने का मौका होगा।

  • वैभव सूर्यवंशी के इंतजार की कहानी, VVS ने बड़े मैच में उतारा अब GG क्यों रोक रहे हैं बेबी बॉस का बल्ला

    वैभव सूर्यवंशी के इंतजार की कहानी, VVS ने बड़े मैच में उतारा अब GG क्यों रोक रहे हैं बेबी बॉस का बल्ला


    नई दिल्ली। वैभव सूर्यवंशी का नाम इन दिनों भारतीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा चर्चा में रहने वाले युवा खिलाड़ियों में शामिल है लेकिन वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले टी20 में टीम इंडिया की प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं मिलने के बाद उनके फैंस का इंतजार और बढ़ गया है। लखनऊ में खेले गए मुकाबले में टीम मैनेजमेंट ने संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा की ओपनिंग जोड़ी पर भरोसा बनाए रखा। भारत ने मुकाबला आसानी से जीत लिया और ऐसे में इस संयोजन को बदलने की कोई तत्काल जरूरत भी नजर नहीं आई। इसके बावजूद अब रांची में होने वाले दूसरे टी20 से पहले सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या गौतम गंभीर वैभव सूर्यवंशी को मौका देंगे या फिर उन्हें एक और मैच बेंच पर बैठकर देखना पड़ेगा।

    वैभव की कहानी इसलिए भी खास है क्योंकि महज 15 साल की उम्र में उन्होंने जिस तरह क्रिकेट की दुनिया में अपनी पहचान बनाई है उसने उन्हें सामान्य युवा खिलाड़ी से कहीं आगे पहुंचा दिया है। आईपीएल में उनके आक्रामक अंदाज ने क्रिकेट प्रेमियों का ध्यान खींचा और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी उन्होंने अपनी बल्लेबाजी की झलक दिखाई है। जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 इंटरनेशनल में अर्धशतक लगाने के बाद यह साफ हो गया कि वैभव सिर्फ उम्र की वजह से चर्चा में नहीं हैं बल्कि उनके बल्ले में बड़े स्तर पर प्रदर्शन करने की क्षमता भी मौजूद है।

    एशियन गेम्स के दौरान वीवीएस लक्ष्मण की कोचिंग में वैभव को पाकिस्तान के खिलाफ गोल्ड मेडल मुकाबले जैसे बड़े मैच में प्लेइंग इलेवन में शामिल किया गया था। उस समय उम्र को उनकी कमजोरी नहीं माना गया और टीम ने उनकी क्षमता पर भरोसा जताया। अब भारतीय टीम की जिम्मेदारी गौतम गंभीर के पास है और उनका नजरिया मौजूदा संयोजन को मजबूत बनाए रखने पर ज्यादा दिखाई दे रहा है। लखनऊ में संजू और अभिषेक से बड़ी पारी नहीं आई लेकिन भारत ने मुकाबला आसानी से अपने नाम कर लिया। ऐसे में टीम मैनेजमेंट के पास विजयी संयोजन को बरकरार रखने का मजबूत तर्क मौजूद है।

    फिर भी वैभव को लेकर सवाल इसलिए बना हुआ है क्योंकि किसी खिलाड़ी की वास्तविक क्षमता का अंदाजा उसे लगातार मौके देने के बाद ही लगाया जा सकता है। अगर टीम में जगह बनाने के लिए हर बार मौजूदा खिलाड़ियों का अच्छा प्रदर्शन ही कसौटी बनेगा तो फिर नए खिलाड़ी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खुद को साबित करने का अवसर कब मिलेगा। वैभव को टीम में शामिल करने का मतलब सिर्फ किसी खिलाड़ी को बाहर करना नहीं होगा बल्कि भारतीय क्रिकेट के भविष्य के एक बेहद रोमांचक विकल्प को आजमाना भी होगा।

    अब नजरें रांची पर टिक गई हैं। यहां वैभव को लेकर फैंस में जबरदस्त उत्साह है। बिहार से आने वाले इस युवा बल्लेबाज को देखने के लिए दर्शकों की दिलचस्पी साफ दिखाई दे रही है। रांची महेंद्र सिंह धोनी का शहर है और यहां क्रिकेट को लेकर जुनून किसी से छिपा नहीं है। ऐसे में दर्शक चाहते हैं कि उन्हें इस नए युवा सितारे का बल्ला भी मैदान पर देखने को मिले।

    हालांकि टीम मैनेजमेंट को सिर्फ दर्शकों की मांग के आधार पर फैसला नहीं लेना चाहिए। क्रिकेट में संतुलन और टीम की जरूरत सबसे महत्वपूर्ण होती है। लेकिन वैभव जैसे एक्स फैक्टर को ज्यादा समय तक बाहर रखना भी सवाल खड़े करता है। फिलहाल वैभव तैयार हैं फैंस तैयार हैं और रांची का माहौल भी तैयार है। अब फैसला गौतम गंभीर और टीम मैनेजमेंट को करना है कि प्लेइंग इलेवन की पर्ची में इस बार बेबी बॉस का नाम आएगा या उनका इंतजार एक मैच और लंबा होगा।

  • संजू सैमसन की लगातार नाकामी से फैन्स नाराज, 4 टी20 में 29 रन के बाद वैभव सूर्यवंशी की एंट्री को लेकर बढ़ा दबाव

    संजू सैमसन की लगातार नाकामी से फैन्स नाराज, 4 टी20 में 29 रन के बाद वैभव सूर्यवंशी की एंट्री को लेकर बढ़ा दबाव


    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम ने वेस्टइंडीज के खिलाफ लखनऊ के इकाना स्टेडियम में खेले गए पहले टी20 मुकाबले में शानदार जीत दर्ज की। भारत ने यह मैच 8 विकेट से अपने नाम किया। मुकाबले में कप्तान श्रेयस अय्यर ने तूफानी शतक जड़कर टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई। हालांकि इस शानदार जीत के बीच विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन का खराब फॉर्म एक बार फिर चर्चा में आ गया। संजू इस मुकाबले में भी बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहे और महज 11 रन बनाकर पवेलियन लौट गए।

    संजू सैमसन के लिए हालिया मुकाबले बेहद निराशाजनक रहे हैं। वेस्टइंडीज के खिलाफ 9 गेंदों पर 11 रन बनाने से पहले वह पाकिस्तान के खिलाफ सिर्फ 2 रन बनाकर आउट हुए थे। उससे पहले श्रीलंका के खिलाफ उनके बल्ले से 7 रन निकले थे जबकि जापान के खिलाफ वह 9 रन ही बना सके थे। इस तरह उनकी पिछली चार टी20 पारियों को देखें तो संजू के बल्ले से कुल 29 रन ही निकले हैं। लगातार चार मैचों में बड़ी पारी नहीं खेल पाने के कारण अब उनके प्रदर्शन को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

    हालांकि इन खराब पारियों से पहले संजू ने अफगानिस्तान के खिलाफ 17 सितंबर को शानदार अर्धशतक लगाया था। उन्होंने 35 गेंदों पर 50 रन की पारी खेली थी। उस पारी के बाद उम्मीद थी कि संजू लगातार अपने बल्ले का दम दिखाएंगे लेकिन इसके बाद उनका प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। लगातार छोटी पारियों ने टीम में उनकी जगह को लेकर चर्चा तेज कर दी है।

    संजू की लगातार नाकामी के बाद सोशल मीडिया पर फैन्स का एक वर्ग अब युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को मौका देने की मांग कर रहा है। 15 साल के वैभव भारतीय क्रिकेट में अपनी कम उम्र और आक्रामक बल्लेबाजी के कारण पहले ही काफी चर्चा बटोर चुके हैं। वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले टी20 में उन्हें प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं मिली और वह बाहर बैठकर मुकाबला देखते नजर आए। इसके बाद सोशल मीडिया पर कई फैन्स ने टीम मैनेजमेंट के फैसले पर सवाल खड़े किए।

    कुछ यूजर्स का कहना है कि संजू को काफी मौके मिल चुके हैं और अगर उनका बल्ला लगातार खामोश है तो युवा खिलाड़ी को आजमाने पर विचार किया जाना चाहिए। एक यूजर ने कहा कि अब संजू से आगे बढ़ने का समय आ गया है। वहीं कुछ फैन्स ने मुख्य कोच गौतम गंभीर और चयनकर्ताओं पर भी सवाल उठाए और पूछा कि आखिर वैभव को प्लेइंग इलेवन में मौका कब मिलेगा।

    हालांकि सिर्फ चार पारियों के आधार पर किसी खिलाड़ी के भविष्य पर फैसला करना आसान नहीं होता। संजू के पास अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का अनुभव है और वह कई मौकों पर अपनी बल्लेबाजी से टीम को मैच जिता चुके हैं। ऐसे में टीम मैनेजमेंट उनके अनुभव पर भरोसा जारी रखता है या युवा वैभव को मौका देकर भविष्य की तैयारी शुरू करता है यह आने वाले मुकाबलों में साफ होगा।

    फिलहाल भारत ने सीरीज में जीत के साथ शुरुआत कर दी है और अब नजर अगले मुकाबले पर है। एक तरफ संजू सैमसन के बल्ले से बड़ी पारी की उम्मीद होगी तो दूसरी तरफ फैन्स की निगाहें 15 साल के वैभव सूर्यवंशी पर रहेंगी। अगर टीम मैनेजमेंट प्लेइंग इलेवन में बदलाव करता है तो वैभव को मौका मिलना इस सीरीज की सबसे बड़ी चर्चाओं में से एक हो सकता है।