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  • आईपीएल में दिग्गज गेंदबाजों पर बरसे वैभव अब न्यूजीलैंड की उछाल वाली पिच पर होगी परीक्षा

    आईपीएल में दिग्गज गेंदबाजों पर बरसे वैभव अब न्यूजीलैंड की उछाल वाली पिच पर होगी परीक्षा


    नई दिल्ली । भारतीय युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने बेहद कम उम्र में क्रिकेट की दुनिया में अपनी अलग पहचान बना ली है। आईपीएल से लेकर भारत ए और भारतीय अंडर 19 टीम तक अपने प्रदर्शन से प्रभावित करने वाले वैभव अब न्यूजीलैंड की परिस्थितियों में खुद को साबित करते नजर आ सकते हैं। भारत और न्यूजीलैंड के बीच 22 अक्टूबर से 1 नवंबर तक पांच टी20 मैचों की सीरीज खेली जानी है और इस सीरीज को लेकर न्यूजीलैंड के कोच रॉब वॉल्टर की नजर भी इस युवा बल्लेबाज पर है। वॉल्टर ने वैभव को रोमांचक खिलाड़ी बताते हुए कहा है कि वह उन्हें तेज और उछाल वाली पिचों पर बल्लेबाजी करते हुए देखना चाहते हैं।

    न्यूजीलैंड की पिचों पर अक्सर तेज गेंदबाजों को अतिरिक्त उछाल और गति मिलने की संभावना रहती है। ऐसे में वैभव के लिए यह परिस्थितियां एक अलग तरह की चुनौती हो सकती हैं। रॉब वॉल्टर का कहना है कि उन्होंने वैभव को आईपीएल में दुनिया के बेहतरीन गेंदबाजों के खिलाफ आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए देखा है। अब वह यह देखना चाहते हैं कि अलग परिस्थितियों में वैभव का खेल किस तरह सामने आता है और न्यूजीलैंड की परिस्थितियों में उनके गेंदबाज इस युवा बल्लेबाज के सामने किस तरह की रणनीति अपनाते हैं।

    वॉल्टर ने यह भी कहा कि एक कोच के तौर पर वह अपने खिलाड़ियों को दबाव वाली परिस्थितियों में प्रदर्शन करते हुए देखना चाहते हैं। इसी नजरिए से वह वैभव की बल्लेबाजी का इंतजार कर रहे हैं। उनके बयान से यह भी संकेत मिलता है कि न्यूजीलैंड टीम इस युवा भारतीय बल्लेबाज को लेकर पूरी तरह सतर्क है और उसकी बल्लेबाजी को गंभीरता से देख रही है।

    वैभव के लिए भारतीय टीम तक पहुंचने का सफर भी बेहद खास रहा है। कम उम्र में आईपीएल में धमाकेदार बल्लेबाजी के बाद उन्होंने भारत ए और भारत अंडर 19 टीम के लिए भी अपनी क्षमता दिखाई। इसके बाद उन्हें भारतीय टी20 टीम में जगह मिली। वह भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम के लिए खेलने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ियों में शामिल हैं। इसी साल उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ टी20 मुकाबले से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया था।

    डेब्यू सीरीज वैभव के लिए उम्मीद के मुताबिक नहीं रही लेकिन इसके बाद जिम्बाब्वे दौरे पर उन्होंने शानदार वापसी की। वहां उनके प्रदर्शन ने उन्हें प्लेयर ऑफ द सीरीज का पुरस्कार दिलाया। अब तक वह छह टी20 मैचों की छह पारियों में 193 रन बना चुके हैं। उनके नाम दो अर्धशतक हैं और उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 81 रन है। इन आंकड़ों से साफ है कि कम उम्र के बावजूद वैभव ने टी20 क्रिकेट में तेजी से अपनी जगह बनाई है।

    वैभव फिलहाल एशियन गेम्स के लिए भारतीय टीम का भी हिस्सा हैं। हालांकि जापान के खिलाफ मुकाबले में उन्हें प्लेइंग इलेवन में शामिल नहीं किया गया था। ऐसे में आने वाले मुकाबलों में उन्हें कितने मौके मिलते हैं यह भी देखने वाली बात होगी। इसके बाद न्यूजीलैंड दौरा उनके लिए एक और महत्वपूर्ण चुनौती बन सकता है।

    न्यूजीलैंड में तेज गति और उछाल वाली पिचों पर वैभव का प्रदर्शन इसलिए भी खास होगा क्योंकि वहां की परिस्थितियां भारतीय उपमहाद्वीप की पिचों से अलग होती हैं। रॉब वॉल्टर की नजरें भी इसी बात पर हैं कि आईपीएल में बड़े गेंदबाजों के खिलाफ बेखौफ बल्लेबाजी करने वाला यह युवा खिलाड़ी न्यूजीलैंड की परिस्थितियों और दबाव में किस तरह अपनी बल्लेबाजी को ढालता है। भारत और न्यूजीलैंड की टी20 सीरीज में वैभव को मौका मिलता है तो उनके प्रदर्शन पर क्रिकेट प्रशंसकों के साथ न्यूजीलैंड टीम की भी नजर रहने की उम्मीद है।

  • श्रीलंका की पारी 145 रन पर सिमटी फिर इंग्लैंड ने 47 गेंद बाकी रहते जीता मैच: बैंटन ने 52 रन की नाबाद पारी खेली

    श्रीलंका की पारी 145 रन पर सिमटी फिर इंग्लैंड ने 47 गेंद बाकी रहते जीता मैच: बैंटन ने 52 रन की नाबाद पारी खेली


    नई दिल्ली। कार्डिफ में खेले गए दूसरे टी20 मुकाबले में इंग्लैंड ने श्रीलंका को 6 विकेट से हराकर तीन मैचों की सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली। इंग्लैंड ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया था। श्रीलंका ने शुरुआत में तेजी दिखाई लेकिन शुरुआती साझेदारी टूटने के बाद उसकी पारी लड़खड़ा गई। पूरी टीम 20 ओवर में 9 विकेट के नुकसान पर 145 रन ही बना सकी। इसके जवाब में इंग्लैंड ने बेहद आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए सिर्फ 12.1 ओवर में 146 रन बनाकर मुकाबला अपने नाम कर लिया।

    श्रीलंका की पारी की शुरुआत पाथुम निसांका और लाहिरू उदारा ने तेज अंदाज में की। दोनों बल्लेबाजों ने पहले विकेट के लिए 5.3 ओवर में 56 रन जोड़कर टीम को मजबूत शुरुआत दिलाई। निसांका ने 21 गेंदों पर 4 चौकों और एक छक्के की मदद से 37 रन बनाए। उदारा ने 20 गेंदों पर 21 रन की पारी खेली। शुरुआती साझेदारी टूटने के बाद श्रीलंका के विकेट लगातार गिरते रहे और टीम बड़ा स्कोर खड़ा नहीं कर सकी।

    कप्तान चरिथ असालंका ने 31 गेंदों पर 3 चौकों की मदद से 31 रन बनाए जबकि वानिंदु हसरंगा ने 22 गेंदों पर 2 चौकों और एक छक्के की मदद से 27 रन जोड़े। इंग्लैंड की ओर से लियाम डॉसन सबसे सफल गेंदबाज रहे। उन्होंने अपने चार ओवर में 32 रन देकर तीन विकेट हासिल किए। जोफ्रा आर्चर और जेमी ओवरटन को दो दो विकेट मिले जबकि सोनी बाकेर और आदिल रशीद को एक एक सफलता मिली।

    146 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की टीम ने पहले ही ओवरों से आक्रामक रुख अपनाया। जोस बटलर और ए डोनाल्ड ने पहले विकेट के लिए 4.4 ओवर में 51 रन जोड़ दिए। डोनाल्ड ने 13 गेंदों पर 21 रन बनाए जबकि बटलर ने 16 गेंदों पर 30 रन की तेज पारी खेली। दोनों बल्लेबाजों के लगातार आउट होने से इंग्लैंड को कुछ झटका लगा लेकिन टीम की रन गति पर इसका ज्यादा असर नहीं पड़ा।

    पिछले मुकाबले में शतक लगाने वाले इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक ने भी तेजी से रन जुटाए। उन्होंने केवल 8 गेंदों पर तीन छक्कों की मदद से 23 रन बनाए लेकिन 79 रन के स्कोर पर तीसरे विकेट के रूप में आउट हो गए। इसके बाद टॉम बैंटन ने मोर्चा संभाला और श्रीलंकाई गेंदबाजों पर लगातार दबाव बनाए रखा।

    बैंटन ने महज 24 गेंदों पर नाबाद 52 रन की शानदार पारी खेली। उनकी पारी में चार छक्के और दो चौके शामिल रहे। उनका साथ विल जैक्स ने दिया जो 3 रन बनाकर नाबाद लौटे। इंग्लैंड ने 12.1 ओवर में चार विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया। इस तरह टीम ने 47 गेंद शेष रहते मुकाबला जीत लिया।

    शानदार गेंदबाजी के लिए लियाम डॉसन को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। लगातार दूसरी जीत के साथ इंग्लैंड ने सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त बना ली है। अब तीसरा टी20 मुकाबला औपचारिकता भर रह गया है जिसमें श्रीलंका की कोशिश सीरीज का अंतिम मैच जीतकर सम्मान बचाने की होगी।

  • वैभव सूर्यवंशी को मौका मिलने पर संजू सैमसन ने समझाया टीम का फैसला बोले मुश्किल निर्णय लेना आसान नहीं

    वैभव सूर्यवंशी को मौका मिलने पर संजू सैमसन ने समझाया टीम का फैसला बोले मुश्किल निर्णय लेना आसान नहीं


    नई दिल्ली। दिल्ली में अफगानिस्तान के खिलाफ दूसरे टी20 मुकाबले में संजू सैमसन ने बल्ले से शानदार वापसी की। उन्होंने महज 22 गेंदों में 57 रन की तेजतर्रार पारी खेलकर भारतीय टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई। लंबे समय से अपनी बल्लेबाजी को लेकर चर्चा में रहे संजू के लिए यह पारी खास रही। हालांकि मैच के बाद उन्होंने सिर्फ अपनी बल्लेबाजी को लेकर बात नहीं की बल्कि आलोचना और सोशल मीडिया पर होने वाली चर्चाओं के असर को लेकर भी खुलकर अपनी बात रखी।

    संजू ने माना कि क्रिकेटरों को लेकर लगातार होने वाली चर्चाएं और आलोचनाएं खिलाड़ी को प्रभावित करती हैं। उनका कहना था कि अनुभव के साथ उन्होंने ऐसी परिस्थितियों से निपटना जरूर सीखा है लेकिन वह भी इंसान हैं। लगातार सामने आने वाली बातों का असर होना स्वाभाविक है। उन्होंने इसे समझाते हुए कहा कि वह कई बार खुद को बाहरी शोर से दूर रखने की कोशिश करते हैं लेकिन कभी कभी सोशल मीडिया या दूसरी जगहों पर सामने आने वाली टिप्पणियां नजर आ ही जाती हैं।

    संजू ने बताया कि वह खुद को बाहरी शोर से दूर रखने के लिए वाईफाई बंद करने जैसी कोशिश करते हैं लेकिन कई बार वह दोबारा चालू हो जाता है और कुछ कमेंट सामने आ जाते हैं। उनके मुताबिक ऐसी चीजें मन को प्रभावित कर सकती हैं। हालांकि उनका फोकस इस बात पर रहता है कि मैदान पर उतरते समय उनका माइंडसेट साफ रहे और वह अपनी तैयारी तथा खेल पर ध्यान दें।

    उन्होंने साफ किया कि अगर वह बाहर की बातों को अपने खेल पर हावी होने देंगे तो गेंदबाजी के खिलाफ खुलकर बल्लेबाजी करना मुश्किल हो जाएगा। उनके अनुसार बल्लेबाज को हर गेंद पर सोच समझकर खेलना होता है और ज्यादा सोचने से स्वाभाविक खेल प्रभावित हो सकता है। इसलिए वह कोशिश करते हैं कि मैदान पर अपना ध्यान सिर्फ खेल और टीम की जरूरत पर रखें।

    इसी बातचीत के दौरान संजू सैमसन ने 15 साल के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को लेकर भी अपनी राय रखी। वैभव ने हाल के मुकाबलों में शानदार प्रदर्शन किया है और उनके प्रदर्शन ने भारतीय टीम में जगह बनाने की दावेदारी मजबूत की है। संजू ने माना कि वैभव के प्रदर्शन को देखते हुए उसे टीम में मौका मिलना स्वाभाविक था।

    संजू ने कहा कि भारतीय टीम को संभालना आसान काम नहीं है। एक तरफ अनुभवी खिलाड़ी होते हैं तो दूसरी तरफ युवा खिलाड़ियों का शानदार फॉर्म भी चयन के फैसले को प्रभावित करता है। उन्होंने वैभव के करीब 700 से 800 रन बनाने वाले प्रदर्शन का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसे प्रदर्शन के बाद युवा खिलाड़ी को मौका देना टीम मैनेजमेंट के लिए समझ में आने वाला फैसला है।

    संजू ने यह भी स्वीकार किया कि उन्होंने हाल के दो तीन मुकाबलों में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं किया था जबकि वैभव अच्छी फॉर्म में थे। ऐसे में नेतृत्व समूह के सामने टीम के हित को देखते हुए फैसला लेने की स्थिति बनी। संजू ने इस फैसले को शिकायत की नजर से देखने के बजाय टीम मैनेजमेंट की मजबूरी और जिम्मेदारी को समझने की बात कही।

    उन्होंने हेड कोच गौतम गंभीर के साथ हुई बातचीत का भी जिक्र किया। संजू के मुताबिक सीरीज के दौरान इस मुद्दे पर टीम के भीतर बातचीत हुई थी और सीरीज शुरू होने से पहले भी गंभीर ने उनसे काफी बात की थी। उनके अनुसार ऐसे मामलों में स्पष्ट संवाद बेहद जरूरी होता है।

    संजू ने कहा कि लोकप्रिय फैसला लेना आसान होता है लेकिन टीम के हित में कठिन फैसला लेना ज्यादा चुनौतीपूर्ण होता है। उन्होंने नेतृत्व समूह की तारीफ करते हुए कहा कि टीम को सबसे आगे रखते हुए मुश्किल फैसले लिए जा रहे हैं। उनका बयान यह दिखाता है कि चयन की प्रतिस्पर्धा के बीच खिलाड़ी के लिए टीम का लक्ष्य और आपसी संवाद कितना महत्वपूर्ण है।

  • 15 साल के वैभव सूर्यवंशी के पास बड़ा रिकॉर्ड बनाने का मौका सहवाग को पीछे छोड़ने के लिए चाहिए तीन छक्के

    15 साल के वैभव सूर्यवंशी के पास बड़ा रिकॉर्ड बनाने का मौका सहवाग को पीछे छोड़ने के लिए चाहिए तीन छक्के


    नई दिल्ली। भारत और अफगानिस्तान के बीच तीन मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज का आगाज 13 सितंबर से होने जा रहा है। सीरीज का पहला मुकाबला नई दिल्ली में खेला जाएगा और इस मैच में सबसे ज्यादा नजर युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी पर रहने वाली है। 15 साल के वैभव के पास अपने घरेलू मैदान पर पहली टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज में उतरने का मौका है। अगर उन्हें प्लेइंग इलेवन में जगह मिलती है तो वह बल्ले से धमाल मचाने के साथ ही पूर्व भारतीय विस्फोटक बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग का एक खास रिकॉर्ड भी पीछे छोड़ सकते हैं।

    वैभव सूर्यवंशी ने बेहद कम उम्र में टी20 क्रिकेट में अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से अलग पहचान बनाई है। भारत के लिए अब तक खेले छह टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में उन्होंने 193 रन बनाए हैं। उनका बल्लेबाजी औसत 32 से ज्यादा है जबकि स्ट्राइक रेट 189 के करीब रहा है। इस दौरान उनके बल्ले से दो अर्धशतक निकले हैं। सबसे खास बात यह है कि उन्होंने केवल छह अंतरराष्ट्रीय टी20 मैचों में 14 छक्के जड़ दिए हैं।

    अब उनके सामने वीरेंद्र सहवाग का रिकॉर्ड है। सहवाग ने भारत के लिए 19 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले थे और इस दौरान उनके बल्ले से 394 रन निकले थे। उनका स्ट्राइक रेट 145 से ज्यादा रहा था। सहवाग ने अपने टी20 अंतरराष्ट्रीय करियर में कुल 16 छक्के लगाए थे। ऐसे में वैभव अगर अफगानिस्तान के खिलाफ पहले मुकाबले में तीन छक्के लगाने में सफल रहते हैं तो वह टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भारत के लिए छक्कों के मामले में सहवाग से आगे निकल जाएंगे।

    हालांकि दोनों खिलाड़ियों के रिकॉर्ड की तुलना करते समय यह ध्यान रखना जरूरी है कि सहवाग का अंतरराष्ट्रीय टी20 करियर काफी छोटा रहा था। वहीं वैभव अभी अपने करियर की शुरुआत में हैं। इसके बावजूद केवल छह मैचों में 14 छक्के लगाना उनकी आक्रामक बल्लेबाजी का अंदाजा देता है। वैभव जिस अंदाज में बड़े शॉट खेलने के लिए जाने जाते हैं उसे देखते हुए तीन छक्कों का यह आंकड़ा उनके लिए मुश्किल लक्ष्य नहीं माना जा सकता।

    वैभव का टी20 क्रिकेट में ओवरऑल रिकॉर्ड भी बेहद प्रभावशाली है। वह अब तक 40 टी20 मुकाबले खेल चुके हैं और उनके नाम 148 छक्के दर्ज हैं। आईपीएल 2026 में भी उन्होंने अपनी तूफानी बल्लेबाजी से तहलका मचा दिया था। राजस्थान रॉयल्स के लिए खेलते हुए उन्होंने 16 मैचों में 776 रन बनाए थे। उनका स्ट्राइक रेट 237 से ज्यादा रहा था। इस दौरान उन्होंने एक शतक और पांच अर्धशतक लगाए। पूरे सीजन में उनके बल्ले से 72 छक्के निकले और वह आईपीएल 2026 में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले बल्लेबाज बने।

    भारत के लिए टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा छक्के लगाने के मामले में फिलहाल रोहित शर्मा सबसे आगे हैं। उनके नाम 205 छक्के हैं। सूर्यकुमार यादव 179 छक्कों के साथ दूसरे नंबर पर हैं जबकि हार्दिक पांड्या 126 छक्कों के साथ तीसरे स्थान पर हैं। विराट कोहली 124 छक्कों के साथ चौथे और अभिषेक शर्मा 104 छक्कों के साथ पांचवें नंबर पर हैं।

    अब सबकी नजर वैभव पर होगी कि क्या वह अफगानिस्तान के खिलाफ पहले टी20 में मैदान पर उतरते हैं और क्या तीन छक्के लगाकर सहवाग को पीछे छोड़ने में सफल रहते हैं। भारत और अफगानिस्तान के बीच सीरीज के मुकाबले 13 15 और 17 सितंबर को नई दिल्ली में खेले जाएंगे। ऐसे में युवा वैभव के पास अपने घरेलू मैदान पर एक और यादगार प्रदर्शन करने का शानदार मौका होगा।

  • अफगानिस्तान सीरीज से पहले अभिषेक शर्मा का बड़ा धमाका, 26 गेंदों में 77 रन ठोककर चयनकर्ताओं को दिया जोरदार संदेश

    अफगानिस्तान सीरीज से पहले अभिषेक शर्मा का बड़ा धमाका, 26 गेंदों में 77 रन ठोककर चयनकर्ताओं को दिया जोरदार संदेश


    नई दिल्ली। अफगानिस्तान के खिलाफ आगामी टी20 सीरीज से पहले भारतीय सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने अपने बल्ले की धाक एक बार फिर दिखा दी है। शेर-ए-पंजाब टी20 लीग में अमृतसर सूरमाज के कप्तान के तौर पर खेलते हुए अभिषेक ने ऐसी विस्फोटक पारी खेली जिसने आगामी सीरीज के लिए उनकी दावेदारी को और मजबूत कर दिया। 30 अगस्त को मोहाली के पीसीए आईएस बिंद्रा स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में अभिषेक ने महज 26 गेंदों पर 77 रन ठोक दिए। उनकी इस पारी में 6 चौके और 7 छक्के शामिल रहे। सबसे खास बात यह रही कि उन्होंने सिर्फ 17 गेंदों में अपनी फिफ्टी पूरी कर ली और अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से मैदान में मौजूद दर्शकों के साथ क्रिकेट फैन्स का भी ध्यान खींच लिया।
    अभिषेक ने पारी की शुरुआत से ही गेंदबाजों पर दबाव बनाना शुरू कर दिया था। उनका स्ट्राइक रेट 296.15 रहा जो उनकी आक्रामक बल्लेबाजी का अंदाजा देने के लिए काफी है। पावरप्ले में तेजी से रन बनाने की उनकी क्षमता पहले भी चर्चा में रही है और इस मुकाबले में भी उन्होंने उसी अंदाज को दोहराया। अभिषेक के साथ ओपनिंग करने वाले सहज धवन ने 18 गेंदों में 45 रन बनाए जबकि नमन धीर ने 22 गेंदों में 47 रनों की तेज पारी खेली। नमन की पारी में पांच छक्के और एक चौका शामिल रहा। इन तूफानी पारियों के दम पर अमृतसर सूरमाज ने 19.5 ओवर में 258 रन का विशाल स्कोर खड़ा कर दिया।

    हालांकि 258 रन बनाने के बावजूद अमृतसर की टीम मुकाबला जीत नहीं सकी। मोहाली किंग्स ने जबरदस्त रन चेज करते हुए 19.3 ओवर में 259 रन बनाकर पांच विकेट से मैच अपने नाम कर लिया। मोहाली की जीत के सबसे बड़े नायक अनमोलप्रीत सिंह रहे जिन्होंने 51 गेंदों पर 133 रनों की विस्फोटक पारी खेली। उन्होंने अपनी पारी में 10 चौके और 12 छक्के लगाए। कप्तान रमनदीप सिंह ने भी 40 गेंदों पर नाबाद 69 रन बनाकर उनका बेहतरीन साथ दिया। दोनों ने चौथे विकेट के लिए सिर्फ 70 गेंदों में 151 रन जोड़कर मुकाबले का रुख पूरी तरह बदल दिया।

    अभिषेक ने इस मुकाबले में गेंदबाजी में भी हाथ आजमाया। उन्होंने रन चेज के दौरान पहला ओवर डाला और चौथी गेंद पर मनप्रीत जौहल को आउट कर दिया। हालांकि बाद में उनकी गेंदों पर तेजी से रन बने और उन्होंने 2.3 ओवर में 37 रन देकर एक विकेट हासिल किया।

    अभिषेक का यह तूफानी प्रदर्शन ऐसे समय आया है जब भारतीय टीम को 13 सितंबर से दिल्ली में अफगानिस्तान के खिलाफ तीन टी20 मैचों की सीरीज खेलनी है। इस सीरीज के लिए भारतीय टीम का ऐलान जल्द होने की उम्मीद है। ऐसे में घरेलू टी20 मुकाबले में अभिषेक की 26 गेंदों पर 77 रन की पारी चयनकर्ताओं के लिए निश्चित तौर पर एक मजबूत संदेश है। अब उनकी नजरें आने वाले मुकाबलों में इसी लय को बरकरार रखने पर होंगी। वहीं फैन्स भी यह देखने के लिए उत्साहित हैं कि क्या उनका यह तूफानी फॉर्म उन्हें अफगानिस्तान के खिलाफ भारतीय टीम में जगह दिला पाता है।

  • टी20 क्रिकेट में बटलर का नया कीर्तिमान, वैभव सूर्यवंशी की जमकर तारीफ; बोले- कई रिकॉर्ड तोड़ेगा

    टी20 क्रिकेट में बटलर का नया कीर्तिमान, वैभव सूर्यवंशी की जमकर तारीफ; बोले- कई रिकॉर्ड तोड़ेगा


    नई दिल्ली। टी20 क्रिकेट में नया इतिहास रचने वाले इंग्लैंड के स्टार बल्लेबाज जोस बटलर ने भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारे वैभव सूर्यवंशी को लेकर ऐसी भविष्यवाणी की है जिसने क्रिकेट जगत का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। क्रिकेट के सबसे छोटे प्रारूप में सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज बनने के बाद बटलर ने कहा कि भविष्य में यदि कोई खिलाड़ी उनका रिकॉर्ड तोड़ सकता है तो वह 15 वर्षीय भारतीय बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी हैं। बटलर का यह बयान युवा भारतीय खिलाड़ी की प्रतिभा और उसके उज्ज्वल भविष्य पर बड़ी मुहर माना जा रहा है।

    द हंड्रेड टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए जोस बटलर ने टी20 क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड अपने नाम किया। उन्होंने इस उपलब्धि के साथ कीरोन पोलार्ड को पीछे छोड़ दिया। इस ऐतिहासिक उपलब्धि के बाद स्टार स्पोर्ट्स से बातचीत में बटलर ने कहा कि सबसे ज्यादा टी20 रन बनाने वाला खिलाड़ी कहलाना उनके लिए बेहद खास एहसास है लेकिन उन्हें पूरा भरोसा है कि एक दिन यह रिकॉर्ड कोई और खिलाड़ी तोड़ेगा और संभवतः वह खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी होंगे।

    बटलर ने मुस्कुराते हुए कहा कि यह सोचना बेहद रोमांचक है कि उन्होंने टी20 क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाए हैं लेकिन रिकॉर्ड हमेशा टूटने के लिए ही बनते हैं। उनके अनुसार वैभव सूर्यवंशी में इतनी क्षमता है कि वह भविष्य में इस उपलब्धि को अपने नाम कर सकते हैं। दुनिया के दिग्गज बल्लेबाज से मिली यह तारीफ युवा भारतीय बल्लेबाज के लिए किसी बड़े सम्मान से कम नहीं मानी जा रही।

    वैभव सूर्यवंशी ने पिछले एक वर्ष में अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से क्रिकेट प्रेमियों और विशेषज्ञों को लगातार प्रभावित किया है। कम उम्र में ही उन्होंने अपनी विस्फोटक शैली से अलग पहचान बनाई है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे कम उम्र में पदार्पण करने वाले खिलाड़ियों में शामिल वैभव ने अपने शुरुआती मुकाबलों में ही शानदार प्रदर्शन कर यह साबित कर दिया कि उनमें बड़े मंच पर खेलने का आत्मविश्वास और क्षमता दोनों मौजूद हैं।

    हाल के मुकाबलों में वैभव ने तेज गति से रन बनाकर अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 श्रृंखला में बेहद कम गेंदों में अर्धशतक जड़कर सबका ध्यान खींचा था। इसके अलावा एक अन्य मुकाबले में उन्होंने दमदार पारी खेलते हुए शानदार स्कोर बनाया और टीम की जीत में अहम योगदान दिया। उनकी बल्लेबाजी में आक्रामकता और आत्मविश्वास दोनों साफ दिखाई देते हैं।

    घरेलू टी20 लीग में भी वैभव का प्रदर्शन लगातार चर्चा का विषय बना रहा। पूरे टूर्नामेंट में उन्होंने शानदार बल्लेबाजी करते हुए सबसे ज्यादा रन बनाए और कई यादगार पारियां खेलीं। उनकी तेज रन बनाने की क्षमता और लंबे शॉट लगाने की कला ने उन्हें भारतीय क्रिकेट का नया सितारा बना दिया है।

    दूसरी ओर जोस बटलर भी इस समय शानदार फॉर्म में हैं। रिकॉर्ड बनाने वाले मुकाबले में उन्होंने केवल 20 गेंदों में 51 रन की तूफानी पारी खेली जिसमें दो चौके और छह शानदार छक्के शामिल रहे। इस पारी के साथ उन्होंने टी20 क्रिकेट में सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज का स्थान हासिल किया। बटलर के नाम अब 14833 टी20 रन दर्ज हैं जबकि कीरोन पोलार्ड 14803 रन के साथ दूसरे स्थान पर हैं। इस सूची में वेस्टइंडीज के दिग्गज क्रिस गेल तीसरे स्थान पर मौजूद हैं।

    बटलर की यह भविष्यवाणी भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों के लिए उत्साह बढ़ाने वाली है। यदि वैभव सूर्यवंशी अपने प्रदर्शन में निरंतरता बनाए रखते हैं तो आने वाले वर्षों में वह न केवल भारतीय क्रिकेट बल्कि विश्व क्रिकेट के सबसे बड़े सितारों में अपनी जगह बना सकते हैं।

  • जोस बटलर का ऐतिहासिक कारनामा, टी20 क्रिकेट के सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज बने

    जोस बटलर का ऐतिहासिक कारनामा, टी20 क्रिकेट के सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज बने


    नई दिल्ली। इंग्लैंड के अनुभवी विकेटकीपर बल्लेबाज जोस बटलर ने टी20 क्रिकेट में नया इतिहास रचते हुए खुद को इस फॉर्मेट का सबसे सफल रन बनाने वाला बल्लेबाज बना दिया है। द हंड्रेड 2026 टूर्नामेंट में मैनचेस्टर सुपर जायंट्स और वेल्श फायर के बीच खेले गए मुकाबले में बटलर ने अपनी तूफानी बल्लेबाजी से न केवल टीम को शानदार जीत दिलाई बल्कि वेस्टइंडीज के दिग्गज कीरोन पोलार्ड का वर्षों पुराना रिकॉर्ड भी तोड़ दिया। इस उपलब्धि के साथ बटलर ने टी20 क्रिकेट के इतिहास में अपना नाम सुनहरे अक्षरों में दर्ज करा लिया।

    मुकाबले में वेल्श फायर ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 155 रन का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया। लक्ष्य का पीछा करने उतरी मैनचेस्टर सुपर जायंट्स की टीम को कप्तान जोस बटलर ने तेज शुरुआत दिलाई। उन्होंने केवल 20 गेंदों में 51 रन की विस्फोटक पारी खेली जिसमें 2 चौके और 6 लंबे छक्के शामिल रहे। बटलर की आक्रामक बल्लेबाजी के सामने विपक्षी गेंदबाज पूरी तरह बेबस नजर आए। उनकी पारी की बदौलत टीम ने केवल एक विकेट खोकर 156 रन का लक्ष्य आसानी से हासिल कर लिया और 9 विकेट से शानदार जीत दर्ज की।

    इस अर्धशतकीय पारी के दौरान ही जोस बटलर ने टी20 क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। अब उनके नाम इस फॉर्मेट में कुल 14833 रन दर्ज हो चुके हैं। उन्होंने इस मामले में कीरोन पोलार्ड को पीछे छोड़ दिया जिनके नाम 14803 रन थे। इस सूची में तीसरे स्थान पर वेस्टइंडीज के विस्फोटक बल्लेबाज क्रिस गेल हैं जिन्होंने टी20 क्रिकेट में 14562 रन बनाए हैं। यह उपलब्धि बटलर की निरंतरता और लंबे समय तक शानदार प्रदर्शन का प्रमाण मानी जा रही है।

    इस मुकाबले में बटलर ने केवल बल्लेबाजी ही नहीं बल्कि कप्तानी में भी अपनी छाप छोड़ी। नियमित कप्तान एडम मार्करम के निजी कारणों से उपलब्ध नहीं होने पर टीम की कमान बटलर को सौंपी गई थी। उनकी कप्तानी में मैनचेस्टर सुपर जायंट्स के गेंदबाजों ने भी शानदार प्रदर्शन किया और वेल्श फायर को 155 रन पर रोक दिया। टीम ने हर विभाग में संतुलित प्रदर्शन करते हुए मुकाबले पर पूरी तरह नियंत्रण बनाए रखा।

    वेल्श फायर की ओर से फिल साल्ट ने 37 गेंदों में 48 रन की उपयोगी पारी खेली जबकि मैथ्यू शॉर्ट ने 47 गेंदों में 71 रन बनाकर टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाने की कोशिश की। उन्होंने अपनी पारी में 8 चौके और 2 छक्के लगाए लेकिन अन्य बल्लेबाज उनका साथ नहीं दे सके जिसके कारण टीम बड़ा स्कोर खड़ा करने में नाकाम रही।

    मैनचेस्टर सुपर जायंट्स की जीत में टिम सीफर्ट का योगदान भी बेहद अहम रहा। उन्होंने 36 गेंदों में नाबाद 62 रन की शानदार पारी खेली जिसमें 10 चौके शामिल थे। उनकी शानदार बल्लेबाजी के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। वहीं पॉल वाल्टर ने भी 18 गेंदों में 37 रन बनाकर जीत को आसान बना दिया।

    जोस बटलर की यह उपलब्धि केवल एक व्यक्तिगत रिकॉर्ड नहीं बल्कि आधुनिक टी20 क्रिकेट में उनकी महानता का भी प्रमाण है। लगातार आक्रामक बल्लेबाजी शानदार नेतृत्व और हर परिस्थिति में मैच जिताने की क्षमता ने उन्हें इस दौर के सबसे सफल टी20 बल्लेबाजों में शामिल कर दिया है। अब दुनिया भर के क्रिकेट प्रेमियों की नजर इस बात पर रहेगी कि बटलर इस रिकॉर्ड को आने वाले वर्षों में कितनी ऊंचाई तक पहुंचाते हैं।

  • शतक छोड़ टीम को चुना, ईशान किशन बोले व्यक्तिगत रिकॉर्ड नहीं भारत की जीत सबसे बड़ी प्राथमिकता

    शतक छोड़ टीम को चुना, ईशान किशन बोले व्यक्तिगत रिकॉर्ड नहीं भारत की जीत सबसे बड़ी प्राथमिकता


    नई दिल्ली । जिम्बाब्वे के खिलाफ दूसरे टी20 मुकाबले में विस्फोटक बल्लेबाजी करने वाले भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन ने अपनी निस्वार्थ सोच से क्रिकेट प्रेमियों का दिल जीत लिया। 44 गेंदों में 81 रन की शानदार पारी खेलने वाले ईशान शतक से केवल 19 रन दूर रह गए थे लेकिन उन्होंने साफ कहा कि उनके दिमाग में व्यक्तिगत रिकॉर्ड नहीं बल्कि टीम के लिए अधिक से अधिक रन बनाने की सोच थी। उनका मानना है कि किसी भी खिलाड़ी के लिए टीम की जरूरत हमेशा व्यक्तिगत उपलब्धि से बड़ी होती है।

    हरारे में खेले गए मुकाबले में ईशान ने शुरुआत से ही आक्रामक अंदाज अपनाया। उन्होंने अपनी पारी में 9 चौके और 2 छक्के लगाए और भारत को मजबूत स्कोर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। उनकी शानदार बल्लेबाजी की बदौलत टीम इंडिया ने निर्धारित 20 ओवर में 5 विकेट पर 219 रन बनाए। जवाब में जिम्बाब्वे की पूरी टीम 129 रन पर सिमट गई और भारत ने 90 रन की बड़ी जीत दर्ज करते हुए तीन मैचों की टी20 सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त बना ली।

    मैच के बाद ईशान किशन ने कहा कि उनके पास थोड़ा धीमा खेलकर अपना शतक पूरा करने का मौका था लेकिन उन्होंने ऐसा करने के बारे में कभी नहीं सोचा। उनका लक्ष्य हर गेंद पर सकारात्मक क्रिकेट खेलना और टीम के स्कोर को अधिकतम स्तर तक पहुंचाना था। उन्होंने कहा कि टीम की सफलता सबसे बड़ी प्राथमिकता है और अगर तेज बल्लेबाजी करते हुए विकेट भी गंवाना पड़े तो वह टीम के हित में स्वीकार्य है।

    ईशान ने अपनी शानदार पारी का श्रेय तिलक वर्मा को भी दिया जिन्होंने केवल 29 गेंदों में नाबाद 60 रन बनाकर भारत की रन गति को लगातार बनाए रखा। दोनों बल्लेबाजों ने चौथे विकेट के लिए 94 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी की जिसने मुकाबले का रुख पूरी तरह भारत के पक्ष में मोड़ दिया। ईशान ने कहा कि तिलक ने क्रीज पर आते ही बिना समय गंवाए आक्रामक बल्लेबाजी शुरू कर दी जिससे उन्हें भी खुलकर खेलने का आत्मविश्वास मिला।

    उन्होंने यह भी बताया कि हरारे की पिच उतनी आसान नहीं थी जितनी स्कोरबोर्ड देखकर लग रही थी। गेंद कभी उछाल ले रही थी तो कभी नीचे रह रही थी। ऐसे में दोनों बल्लेबाज लगातार एक दूसरे से बातचीत करते रहे और परिस्थितियों के अनुसार अपनी रणनीति बनाते रहे। यही समझदारी बड़ी साझेदारी और विशाल स्कोर की वजह बनी।

    ईशान किशन ने मैच के दौरान स्टेडियम में मौजूद भारतीय प्रशंसकों का भी विशेष आभार जताया। उन्होंने कहा कि जिम्बाब्वे में भी भारतीय टीम को घरेलू मैदान जैसा समर्थन मिला। बड़ी संख्या में पहुंचे दर्शकों ने खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया और यही वजह रही कि पूरी टीम ने मुकाबले का भरपूर आनंद लिया। उन्होंने कहा कि ऐसे समर्थकों के साथ तस्वीरें खिंचवाना और उनसे मिलना हमेशा खास अनुभव होता है।

    ईशान की यह पारी केवल रन बनाने तक सीमित नहीं रही बल्कि इसने यह भी दिखाया कि टीम की सफलता को व्यक्तिगत उपलब्धियों से ऊपर रखने वाला खिलाड़ी ही बड़े मंच पर असली मैच विजेता बनता है।

  • हरारे में भारत का दमदार प्रदर्शन आईसीसी टी20 रैंकिंग में फिर नंबर वन बनी टीम इंडिया इंग्लैंड दूसरे स्थान पर खिसका

    हरारे में भारत का दमदार प्रदर्शन आईसीसी टी20 रैंकिंग में फिर नंबर वन बनी टीम इंडिया इंग्लैंड दूसरे स्थान पर खिसका


    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम ने जिम्बाब्वे के खिलाफ दूसरे टी20 मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करते हुए 90 रन की बड़ी जीत दर्ज की और इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में एक और बड़ी उपलब्धि अपने नाम कर ली। हरारे में मिली इस जीत ने टीम इंडिया को आईसीसी टी20 रैंकिंग में फिर से दुनिया की नंबर एक टीम बना दिया। भारत ने इंग्लैंड को पीछे छोड़ते हुए शीर्ष स्थान पर कब्जा जमाया और यह साबित कर दिया कि सीमित ओवरों के क्रिकेट में उसकी ताकत आज भी बरकरार है।

    कुछ समय पहले इंग्लैंड के खिलाफ टी20 श्रृंखला में 0-4 की हार के बाद भारतीय टीम को नंबर एक की कुर्सी गंवानी पड़ी थी। उस हार के बाद इंग्लैंड ने शीर्ष स्थान हासिल कर लिया था लेकिन जिम्बाब्वे के खिलाफ लगातार शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत ने वापसी की और एक बार फिर विश्व रैंकिंग में सबसे ऊपर पहुंच गया। यह उपलब्धि टीम के लगातार बेहतर प्रदर्शन और खिलाड़ियों की सामूहिक मेहनत का परिणाम मानी जा रही है।

    दूसरे टी20 मुकाबले में भारत की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा केवल आठ रन बनाकर पवेलियन लौट गए जबकि युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी भी नौ गेंदों में 20 रन बनाकर आउट हो गए। शुरुआती दो विकेट जल्दी गिरने के बाद टीम दबाव में जरूर आई लेकिन इसके बाद ईशान किशन और कप्तान श्रेयस अय्यर ने पारी को शानदार ढंग से संभाल लिया। दोनों बल्लेबाजों ने तीसरे विकेट के लिए 66 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी कर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया।

    ईशान किशन पूरे मुकाबले में बेहतरीन लय में नजर आए। उन्होंने केवल 44 गेंदों में 81 रन की शानदार पारी खेली जिसमें नौ चौके और दो छक्के शामिल रहे। कप्तान श्रेयस अय्यर ने भी 25 रन का उपयोगी योगदान दिया। इसके बाद तिलक वर्मा ने आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए केवल 29 गेंदों में नाबाद 60 रन बनाए। उनकी पारी में पांच चौके और तीन छक्के शामिल रहे। रिंकू सिंह ने भी 12 रन जोड़कर टीम का स्कोर 20 ओवर में पांच विकेट पर 219 रन तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।

    220 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी जिम्बाब्वे की टीम भारतीय गेंदबाजों के सामने टिक नहीं सकी। पूरी टीम 129 रन पर सिमट गई। मेजबान टीम की ओर से ब्रायन बेनेट ने सबसे अधिक 32 रन बनाए जबकि तदीवानाशे मारुमनी ने 24 रन का योगदान दिया लेकिन कोई भी बल्लेबाज बड़ी साझेदारी नहीं कर सका।

    भारतीय गेंदबाजों ने भी शानदार प्रदर्शन किया। अभिषेक शर्मा ने अपनी गेंदबाजी से सभी को प्रभावित करते हुए 17 रन देकर तीन विकेट हासिल किए और मैच का रुख पूरी तरह भारत की ओर मोड़ दिया। यश ठाकुर ने दो विकेट लिए जबकि प्रिंस यादव ने भी किफायती गेंदबाजी करते हुए दो बल्लेबाजों को पवेलियन भेजा। गेंदबाजों के सामूहिक प्रदर्शन ने भारत की जीत को और भी आसान बना दिया।

    इस शानदार जीत के साथ भारतीय टीम ने तीन मैचों की टी20 श्रृंखला में 2-0 की अजेय बढ़त बना ली है। साथ ही आईसीसी टी20 रैंकिंग में नंबर एक स्थान पर वापसी ने यह साबित कर दिया है कि भारतीय टीम विश्व क्रिकेट में लगातार अपनी श्रेष्ठता कायम रखने की क्षमता रखती है। अब टीम की नजर श्रृंखला में क्लीन स्वीप करने और अपनी नंबर एक रैंकिंग को और मजबूत करने पर होगी।

  • जोस बटलर ने रचा इतिहास, टी20 क्रिकेट में क्रिस गेल को छोड़ा पीछे; अब पोलार्ड का रिकॉर्ड निशाने पर

    जोस बटलर ने रचा इतिहास, टी20 क्रिकेट में क्रिस गेल को छोड़ा पीछे; अब पोलार्ड का रिकॉर्ड निशाने पर


    नई दिल्ली। इंग्लैंड के विस्फोटक विकेटकीपर बल्लेबाज जोस बटलर ने टी20 क्रिकेट में एक और बड़ी उपलब्धि अपने नाम कर ली है। बटलर अब टी20 क्रिकेट इतिहास में दूसरे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं। उन्होंने वेस्टइंडीज के महान बल्लेबाज क्रिस गेल को पीछे छोड़ते हुए यह खास मुकाम हासिल किया। अब उनकी नजर टी20 क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज कीरोन पोलार्ड के रिकॉर्ड पर है।

    बटलर ने यह उपलब्धि द हंड्रेड टूर्नामेंट के दौरान मैनचेस्टर सुपर जायंट्स और लंदन स्पिरिट के बीच खेले गए मुकाबले में हासिल की। इस मैच में उन्होंने 11 गेंदों पर 16 रन की पारी खेली और अपने करियर के कुल टी20 रनों की संख्या 14,572 तक पहुंचा दी। इसके साथ ही उन्होंने क्रिस गेल के 14,562 रनों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया।

    टी20 क्रिकेट में जोस बटलर का प्रदर्शन लगातार शानदार रहा है। उन्होंने अब तक इस फॉर्मेट में 9 शतक और 102 अर्धशतक लगाए हैं। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी और मैच जिताने की क्षमता ने उन्हें दुनिया के सबसे खतरनाक टी20 बल्लेबाजों में शामिल कर दिया है।

    वहीं, क्रिस गेल ने अपने शानदार करियर में 455 पारियों में 14,562 रन बनाए थे। इस दौरान उनके बल्ले से 22 शतक और 88 अर्धशतक निकले। लंबे समय तक टी20 क्रिकेट पर राज करने वाले गेल का यह रिकॉर्ड अब बटलर के नाम हो गया है।

    टी20 क्रिकेट में सर्वाधिक रन बनाने का रिकॉर्ड फिलहाल वेस्टइंडीज के पूर्व कप्तान कीरोन पोलार्ड के नाम है। पोलार्ड ने 663 पारियों में 14,803 रन बनाए हैं। उनके खाते में 2 शतक और 70 अर्धशतक दर्ज हैं। बटलर अब पोलार्ड से केवल 231 रन दूर हैं और मौजूदा फॉर्म को देखते हुए यह रिकॉर्ड भी जल्द उनके नाम हो सकता है।

    हाल के महीनों में बटलर शानदार लय में नजर आए हैं। टी20 विश्व कप 2026 में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाने के बाद उन्होंने भारत के खिलाफ टी20 सीरीज में दमदार वापसी की। पांचवें मुकाबले में उन्होंने सिर्फ 64 गेंदों पर 131 रनों की विस्फोटक पारी खेली। पूरी सीरीज में उन्होंने 43 की औसत और 182 के स्ट्राइक रेट से 175 रन बनाकर अपनी बेहतरीन फॉर्म का परिचय दिया।

    अगर टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट की बात करें तो जोस बटलर इस समय तीसरे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज हैं। उन्होंने 160 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 148 के स्ट्राइक रेट से 4,212 रन बनाए हैं। इस दौरान उनके बल्ले से 2 शतक और 28 अर्धशतक निकले हैं।

    टी20 इंटरनेशनल में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड पाकिस्तान के बाबर आजम के नाम है, जिन्होंने 4,596 रन बनाए हैं। दूसरे स्थान पर भारत के पूर्व कप्तान रोहित शर्मा हैं, जिनके नाम 4,231 रन दर्ज हैं। चूंकि रोहित टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले चुके हैं, ऐसे में बटलर के पास जल्द ही उन्हें पीछे छोड़कर दूसरे स्थान पर पहुंचने का सुनहरा अवसर है।

    जोस बटलर की मौजूदा फॉर्म और निरंतरता को देखते हुए क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में वह टी20 क्रिकेट के कई बड़े रिकॉर्ड अपने नाम कर सकते हैं।

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