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  • दूसरे टी20 में भारत का बड़ा फैसला, पहले गेंदबाजी का चुना रास्ता, दो नए खिलाड़ियों को मिला डेब्यू का मौका

    दूसरे टी20 में भारत का बड़ा फैसला, पहले गेंदबाजी का चुना रास्ता, दो नए खिलाड़ियों को मिला डेब्यू का मौका

    नई दिल्ली । भारत और आयरलैंड के बीच दो मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला का दूसरा और अंतिम मुकाबला बेलफास्ट में खेला जा रहा है। पहला मैच गंवाने के बाद भारतीय टीम के सामने श्रृंखला बराबर करने की चुनौती है। इसी उद्देश्य के साथ कप्तान ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया, ताकि लक्ष्य का पीछा करते हुए मुकाबले पर बेहतर नियंत्रण बनाया जा सके।

    इस मुकाबले से पहले युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी के अंतरराष्ट्रीय पदार्पण को लेकर काफी चर्चा थी। क्रिकेट प्रशंसकों को उम्मीद थी कि उन्हें दूसरे टी20 में मौका मिल सकता है, लेकिन टीम प्रबंधन ने इस बार भी उन्हें अंतिम एकादश में शामिल नहीं किया। ऐसे में उनका अंतरराष्ट्रीय डेब्यू फिलहाल टल गया है और इसके लिए उन्हें आगे का इंतजार करना होगा।

    हालांकि भारतीय टीम ने दो नए खिलाड़ियों को टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण का अवसर दिया है। टीम प्रबंधन ने पिछले मुकाबले के प्रदर्शन को देखते हुए संयोजन में बदलाव किया और नए खिलाड़ियों पर भरोसा जताया। माना जा रहा है कि इन बदलावों का उद्देश्य टीम को बेहतर संतुलन देना और गेंदबाजी आक्रमण को अधिक प्रभावी बनाना है।

    पहले टी20 मुकाबले में भारतीय टीम को 34 रन से हार का सामना करना पड़ा था। इस हार के साथ आयरलैंड ने पहली बार टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भारत को हराकर इतिहास रचा। भारतीय बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों ही विभाग अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर सके थे, जिसके कारण टीम को सीरीज में पिछड़ना पड़ा।

    दूसरे मुकाबले में भारतीय टीम की कोशिश शुरुआती ओवरों से दबाव बनाने की होगी। गेंदबाजों से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है, जबकि बल्लेबाजों के सामने लक्ष्य का सफलतापूर्वक पीछा कर श्रृंखला बराबर करने की जिम्मेदारी रहेगी। टीम प्रबंधन को उम्मीद है कि नए खिलाड़ियों का उत्साह और अनुभवी खिलाड़ियों का अनुभव टीम के लिए निर्णायक साबित होगा।

    यह मुकाबला दोनों टीमों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भारत जहां सीरीज 1-1 से बराबर करने के इरादे से मैदान में उतरा है, वहीं आयरलैंड की नजर ऐतिहासिक सीरीज जीत दर्ज करने पर है। ऐसे में बेलफास्ट में खेला जा रहा यह मुकाबला रोमांचक होने की पूरी संभावना है।

  • अभ्यास सुविधाओं की कमी के बीच भी चमके वैभव सूर्यवंशी, बेलफास्ट नेट सेशन में शानदार बल्लेबाजी ने बढ़ाईं टीम इंडिया की उम्मीदें

    अभ्यास सुविधाओं की कमी के बीच भी चमके वैभव सूर्यवंशी, बेलफास्ट नेट सेशन में शानदार बल्लेबाजी ने बढ़ाईं टीम इंडिया की उम्मीदें


    नई दिल्ली ।
    आयरलैंड के खिलाफ टी20 श्रृंखला के पहले मुकाबले से पहले बेलफास्ट में भारतीय क्रिकेट टीम का अभ्यास सत्र कुछ शुरुआती तकनीकी अव्यवस्थाओं के कारण चर्चा में रहा। हालांकि इन चुनौतियों का खिलाड़ियों की तैयारियों पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ा। टीम प्रबंधन की त्वरित पहल के बाद अभ्यास सुविधाओं में आवश्यक सुधार किए गए, जिसके बाद पूरा सत्र सामान्य रूप से संपन्न हुआ। इस दौरान सबसे अधिक चर्चा युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी की रही, जिन्होंने अपने पहले सीनियर टीम नेट सेशन में बेहतरीन बल्लेबाजी कर सभी का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया।

    अभ्यास की शुरुआत में एक नेट पर गेंदबाज के पीछे साइटस्क्रीन उपलब्ध नहीं होने से बल्लेबाजों को गेंद को स्पष्ट रूप से देखने में परेशानी हुई। भारतीय टीम के सहयोगी स्टाफ ने इस समस्या को तुरंत आयोजकों के सामने रखा। शिकायत मिलते ही संबंधित अधिकारियों ने व्यवस्था में जरूरी बदलाव किए और कुछ ही समय में अभ्यास की परिस्थितियां पूरी तरह सामान्य हो गईं। इसके बाद खिलाड़ियों ने बिना किसी रुकावट के अपने निर्धारित अभ्यास कार्यक्रम को पूरा किया।

    व्यवस्था बहाल होने के बाद नेट्स में सबसे ज्यादा निगाहें 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी पर रहीं। सीनियर भारतीय टीम के साथ अपने पहले अभ्यास सत्र में उन्होंने पूरी सहजता और आत्मविश्वास के साथ बल्लेबाजी की। लंबे नेट सेशन के दौरान उन्होंने सीधे ड्राइव, कवर ड्राइव, पुल और आक्रामक स्ट्रोक्स के जरिए अपनी तकनीकी क्षमता का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। कम उम्र के बावजूद उनकी बल्लेबाजी में संयम, संतुलन और परिस्थितियों के अनुरूप खेलने की समझ साफ दिखाई दी।

    आईपीएल में शानदार प्रदर्शन के बाद वैभव पहले ही भारतीय क्रिकेट के सबसे चर्चित युवा खिलाड़ियों में अपनी जगह बना चुके हैं। बेलफास्ट के अभ्यास सत्र में भी उन्होंने उसी लय को कायम रखते हुए टीम प्रबंधन, साथी खिलाड़ियों और मौजूद क्रिकेट प्रेमियों को प्रभावित किया। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहली बार सीनियर टीम का हिस्सा बनने के बावजूद उनके व्यवहार और बल्लेबाजी में किसी प्रकार का दबाव नजर नहीं आया, जिसने उनके मानसिक संतुलन को भी रेखांकित किया।

    अभ्यास के दौरान मुख्य कोच गौतम गंभीर ने भी वैभव के साथ कुछ समय बिताया और उन्हें खेल के विभिन्न पहलुओं पर मार्गदर्शन दिया। युवा खिलाड़ियों को भविष्य के लिए तैयार करने की टीम प्रबंधन की रणनीति के तहत यह संवाद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। गंभीर लगातार खिलाड़ियों को चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में शांत रहने और अपनी स्वाभाविक खेल शैली पर भरोसा बनाए रखने की सलाह देते रहे हैं, जिसका सकारात्मक प्रभाव युवा खिलाड़ियों पर भी दिखाई दे रहा है।

    बेलफास्ट में भारतीय टीम का अभ्यास देखने स्थानीय भारतीय समुदाय भी बड़ी संख्या में पहुंचा। वैभव सूर्यवंशी को लेकर दर्शकों में विशेष उत्साह देखने को मिला। प्रशंसकों ने उनके साथ तस्वीरें खिंचवाईं और ऑटोग्राफ लिए। युवा बल्लेबाज की बढ़ती लोकप्रियता इस बात का संकेत भी है कि घरेलू क्रिकेट और आईपीएल में उनकी उपलब्धियों ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान दिलानी शुरू कर दी है।

    पहले टी20 मुकाबले से पहले आयोजित यह अभ्यास सत्र भारतीय टीम के लिए केवल तकनीकी तैयारी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि युवा प्रतिभाओं के आत्मविश्वास और भविष्य की संभावनाओं का भी परिचायक बना। वैभव सूर्यवंशी ने अपने प्रदर्शन से यह संकेत दिया कि बड़े मंच की चुनौतियां उनके आत्मविश्वास को प्रभावित नहीं कर रहीं। अब आगामी मुकाबलों में सभी की नजरें इस युवा बल्लेबाज पर रहेंगी कि वह नेट्स में दिखाई गई अपनी लय को मैच के दौरान कितनी प्रभावी बल्लेबाजी में बदल पाते हैं।

  • अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में टीम इंडिया ने रचा स्वर्णिम इतिहास, अफगानिस्तान को हराकर विश्व रिकॉर्ड बनाने वाला बना पहला देश

    अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में टीम इंडिया ने रचा स्वर्णिम इतिहास, अफगानिस्तान को हराकर विश्व रिकॉर्ड बनाने वाला बना पहला देश

    नई दिल्ली। भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम ने अंतरराष्ट्रीय पटल पर एक ऐसा ऐतिहासिक कीर्तिमान स्थापित कर दिया है, जिसके आसपास फिलहाल दुनिया की कोई भी बड़ी क्रिकेट टीम नजर नहीं आती है। न्यू चंडीगढ़ के मुल्लांपुर स्टेडियम में खेले गए एकमात्र टेस्ट मैच में भारत ने अफगानिस्तान को पारी और 300 रनों के बेहद शर्मनाक अंतर से शिकस्त दे दी। इस विशाल जीत के साथ ही भारतीय टीम ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट जगत में एक नया विश्व रिकॉर्ड अपने नाम दर्ज करा लिया है, जहां क्रिकेट की महाशक्तियां मानी जाने वाली ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड जैसी टीमें भारत के आसपास भी नहीं ठहरती हैं।

    यह मुकाबला जीतने के साथ ही अफगानिस्तान के खिलाफ भारतीय टीम का बिना हारे लगातार 15 मैच खेलने का अनोखा सिलसिला पूरा हो चुका है। भारतीय टीम ने साल 2010 से लेकर 2026 तक के सफर में अफगानिस्तान के खिलाफ सभी प्रारूपों को मिलाकर कुल 15 मुकाबले खेले हैं, जिनमें से 12 मैचों में टीम इंडिया ने एकतरफा जीत हासिल की है। इस सफर के दौरान भारतीय टीम को एक भी मैच में हार का सामना नहीं करना पड़ा है, जिसने भारत को विश्व क्रिकेट इतिहास की सबसे लंबी अजेय स्ट्रीक का मालिक बना दिया है।

    इस वैश्विक सूची पर नजर डालें तो भारत के बाद दूसरे नंबर पर न्यूजीलैंड की टीम मौजूद है, जिसने आयरलैंड के खिलाफ लगातार 13 मुकाबलों में जीत दर्ज की थी। वहीं युगांडा ने नाइजीरिया के खिलाफ लगातार 13 मैच जीते थे। भारत और अफगानिस्तान के बीच खेले गए इन 15 मुकाबलों के इतिहास में केवल एक मैच साल 2023 के टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच के दौरान बारिश की भेंट चढ़ा था, जबकि दो बेहद रोमांचक मुकाबले टाई पर समाप्त हुए थे। इनमें से पहला टाई मुकाबला साल 2018 के एशिया कप के दौरान दुबई में खेला गया वनडे मैच था, जिसमें महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में विपक्षी टीम ने भारत को कड़ी टक्कर दी थी।

    इसके बाद साल 2024 में बेंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में दोनों देशों के बीच खेला गया द्विपक्षीय टी20 मुकाबला क्रिकेट इतिहास के सबसे रोमांचक मैचों में शुमार हो गया था, जहां एक ही मैच में दो बार सुपर ओवर का ड्रामा देखने को मिला था। उस ऐतिहासिक मैच में कप्तान रोहित शर्मा के शानदार 121 रनों और रिंकू सिंह की आतिशी पारी के दम पर भारत ने विशाल स्कोर खड़ा किया था, जिसे अफगानिस्तान ने बराबर कर दिया था। अंततः रवि बिश्नोई की घातक गेंदबाजी के दम पर भारत ने वह दोहरा सुपर ओवर मुकाबला अपने नाम किया था।

    क्रिकेट के सबसे लंबे प्रारूप यानी टेस्ट मैच में अफगानिस्तान को बेहद बुरी तरह रौंदकर भारत ने साफ कर दिया है कि खेल के हर फॉर्मेट में उसकी बादशाहत क्यों कायम है। मुल्लांपुर स्टेडियम की पिच पर भारतीय गेंदबाजों और बल्लेबाजों के संयुक्त प्रदर्शन ने विपक्षी टीम को मैच के किसी भी सत्र में संभलने का मौका नहीं दिया। भारतीय क्रिकेट के इस स्वर्णिम दौर में यह नया विश्व रिकॉर्ड खिलाड़ियों की निरंतरता और टीम के मजबूत बेंच स्ट्रेंथ को दर्शाता है, जिसने देश के खेल इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ दिया है।

  • सचिन तेंदुलकर का 37 साल पुराना कीर्तिमान दांव पर, 15 वर्षीय युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी के अंतरराष्ट्रीय डेब्यू की मांग तेज

    सचिन तेंदुलकर का 37 साल पुराना कीर्तिमान दांव पर, 15 वर्षीय युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी के अंतरराष्ट्रीय डेब्यू की मांग तेज

    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट के गलियारों में इस समय केवल एक ही नाम की गूंज सुनाई दे रही है और वह नाम है 15 वर्षीय युवा बल्लेबाजी सनसनी वैभव सूर्यवंशी का। अपनी असाधारण प्रतिभा और मैदान के हर कोने में शॉट लगाने की काबिलियत से चयनकर्ताओं को प्रभावित करने वाले वैभव अब इतिहास रचने की दहलीज पर खड़े हैं। इस महीने के अंत में भारतीय क्रिकेट टीम को दो मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज के लिए आयरलैंड का दौरा करना है और इसके ठीक बाद टीम पांच मैचों की सीरीज के लिए इंग्लैंड रवाना होगी। इस व्यस्त शेड्यूल को देखते हुए भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के शीर्ष अधिकारी सीनियर खिलाड़ियों को आराम देकर युवाओं को आजमाने की रणनीति पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं। इस दौड़ में वैभव सूर्यवंशी का नाम सबसे आगे चल रहा है क्योंकि आईपीएल के हालिया सीजन में उनके बल्ले से जो रनों का तूफान निकला है, उसने क्रिकेट पंडितों को हैरान कर दिया है। अगर चयन समिति उन्हें आयरलैंड के खिलाफ होने वाली सीरीज के लिए टीम इंडिया की जर्सी सौंप देती है, तो वह भारतीय क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर का करीब 37 साल पुराना एक महाकीर्तिमान ध्वस्त कर देंगे।

    सचिन तेंदुलकर ने साल 1989 में जब पाकिस्तान के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की दुनिया में कदम रखा था, तब उनकी उम्र महज 16 साल थी और वह भारत के लिए डेब्यू करने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बने थे। अब ठीक 37 साल बाद 15 साल की उम्र में वैभव सूर्यवंशी इस चमत्कार को दोहराने के बेहद करीब नजर आ रहे हैं। अगर वह मैदान पर उतरते हैं, तो वह भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिनिधित्व करने वाले इतिहास के सबसे युवा क्रिकेटर बन जाएंगे। हालांकि सचिन तेंदुलकर के नाम टेस्ट और वनडे क्रिकेट में सबसे कम उम्र में पदार्पण करने का रिकॉर्ड दर्ज है, लेकिन टी20 अंतरराष्ट्रीय प्रारूप में यह गौरव ऑलराउंडर वॉशिंगटन सुंदर के नाम है। सुंदर ने साल 2017 में श्रीलंका के खिलाफ 18 साल और 80 दिन की उम्र में अपना पहला अंतरराष्ट्रीय टी20 मैच खेला था। ऐसे में यदि वैभव सूर्यवंशी आगामी सीरीज में भारतीय टीम की प्लेइंग इलेवन का हिस्सा बनते हैं, तो वह वॉशिंगटन सुंदर के इस 9 साल पुराने रिकॉर्ड को भी बेहद आसानी से पीछे छोड़ देंगे।

    वैभव सूर्यवंशी की इस दावेदारी को उनके आईपीएल 2026 के अविश्वसनीय प्रदर्शन से सबसे ज्यादा मजबूती मिली है। उन्होंने इस सीजन के 16 मुकाबलों में लगभग 48.50 की बेहतरीन औसत और 237.30 के विस्फोटक स्ट्राइक रेट के साथ कुल 776 रन कूटे हैं। इस दौरान उनके बल्ले से एक शानदार शतक और पांच अर्धशतक निकले हैं, जिसमें उनका सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर 103 रन रहा है। इतना ही नहीं, अपनी आक्रामक शैली का मुजाहिरा पेश करते हुए उन्होंने पूरे सीजन में रिकॉर्डतोड़ 72 छक्के भी जड़े हैं। उनके इसी गैरमामूली टैलेंट को देखते हुए उन्हें पहले ही इंडिया ए टीम में शामिल किया जा चुका है, जहां वह श्रीलंका ए और अफगानिस्तान ए के खिलाफ होने वाली त्रिकोणीय सीरीज में हिस्सा लेने जा रहे हैं। इंडिया ए की इस टीम में वह कप्तान तिलक वर्मा के नेतृत्व में खेलेंगे, जबकि सीनियर खिलाड़ी ऋतुराज गायकवाड़ भी मार्गदर्शन के लिए टीम में मौजूद रहेंगे। मध्य प्रदेश और देश के अन्य हिस्सों के क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि वैभव की यह टाइमिंग और खेल की समझ उन्हें लंबी रेस का घोड़ा बनाती है। उपकप्तान रियान पराग के चोटिल होने के बाद वैभव के लिए मुख्य राष्ट्रीय टीम के दरवाजे और तेजी से खुल गए हैं और अब खेल प्रेमियों की नजरें चयनकर्ताओं के अंतिम फैसले पर टिकी हैं।

  • T20 वर्ल्ड कप में टीम इंडिया का 'सिक्सर': सेमीफाइनल में एंट्री के साथ रचा इतिहास, मेजबान भारत के पास डबल धमाके का सुनहरा मौका

    T20 वर्ल्ड कप में टीम इंडिया का 'सिक्सर': सेमीफाइनल में एंट्री के साथ रचा इतिहास, मेजबान भारत के पास डबल धमाके का सुनहरा मौका


    नई दिल्ली। वेस्टइंडीज के खिलाफ खेले गए ‘वर्चुअल क्वार्टर फाइनल’ मुकाबले में संजू सैमसन की नाबाद 97 रनों की तूफानी पारी ने न केवल कैरिबियाई टीम को धूल चटाई, बल्कि टीम इंडिया के लिए इतिहास के नए दरवाजे भी खोल दिए हैं। भारत ने इस जीत के साथ छठी बार टी20 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया है, जो कि एक कीर्तिमान है। इस उपलब्धि के साथ ही भारत ने टी20 वर्ल्ड कप इतिहास में सबसे ज्यादा बार सेमीफाइनल खेलने के पाकिस्तान के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है। दिलचस्प बात यह है कि इस साल भारत के साथ-साथ इंग्लैंड भी छठी बार सेमीफाइनल का हिस्सा बन रहा है, जबकि पाकिस्तान सुपर-8 के दौर से ही बाहर होकर पिछड़ गया है।

    भारतीय क्रिकेट टीम का यह सफर साल 2007 के पहले एडिशन से शुरू हुआ था, जहाँ महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में भारत ने न केवल सेमीफाइनल का सफर तय किया था बल्कि वर्ल्ड कप की ट्रॉफी भी चूमी थी। इसके बाद 2014, 2016, 2022 और 2024 के बाद अब 2026 में भी टीम इंडिया ने अंतिम चार में अपनी जगह पक्की की है। सूर्यकुमार यादव की अगुवाई में यह टीम अब उस मुकाम पर खड़ी है जहाँ से इतिहास महज दो कदम दूर है। भारत इस समय न केवल डिफेंडिंग चैंपियन है, बल्कि इस टूर्नामेंट का मेजबान भी है, और यही दोनों कारक इस बार के सेमीफाइनल को और भी रोमांचक बना देते हैं।

    इतिहास गवाह है कि टी20 वर्ल्ड कप के अब तक के सफर में कोई भी टीम लगातार दो बार खिताब नहीं जीत पाई है। साथ ही, टूर्नामेंट के इतिहास में आज तक कोई भी मेजबान देश अपनी धरती पर ट्रॉफी उठाने में कामयाब नहीं रहा है। सूर्यकुमार यादव की ‘यंग ब्रिगेड’ के पास इन दोनों मिथकों को एक साथ तोड़ने का सुनहरा अवसर है। अगर भारत सेमीफाइनल में इंग्लैंड को शिकस्त देकर फाइनल जीतता है, तो वह न केवल अपने टाइटल को डिफेंड करने वाली पहली टीम बनेगा, बल्कि मेजबान के तौर पर खिताब जीतने का ‘सूखा’ भी खत्म कर देगा।

    सेमीफाइनल की राह अब एक चिर-परिचित प्रतिद्वंद्वी यानी इंग्लैंड की ओर जाती है। यह लगातार तीसरा मौका है जब टी20 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में भारत और इंग्लैंड की टक्कर हो रही है। एक तरफ जहाँ संजू सैमसन की लय और गेंदबाजों का अनुशासन भारत की सबसे बड़ी ताकत बना हुआ है, वहीं दूसरी तरफ डिफेंडिंग चैंपियन होने का दबाव भी टीम को प्रेरित कर रहा है। पाकिस्तान और इंग्लैंड के साथ 6-6 बार सेमीफाइनल खेलने का रिकॉर्ड साझा करने के बाद, अब भारतीय प्रशंसकों की निगाहें केवल उस चमचमाती ट्रॉफी पर टिकी हैं जो भारत को क्रिकेट जगत का निर्विवाद राजा बना देगी।

    शॉर्ट डिस्क्रिप्शन (Hindi):
    संजू सैमसन की शानदार पारी की बदौलत भारत ने वेस्टइंडीज को हराकर छठी बार टी20 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में प्रवेश किया, जहाँ उसका मुकाबला इंग्लैंड से होगा। पाकिस्तान के रिकॉर्ड की बराबरी करने के बाद अब सूर्यकुमार यादव की सेना लगातार दो खिताब जीतकर नया इतिहास रचने के करीब है।

    प्रभावी टैग्स (English):
    T20WorldCup2026, TeamIndia, IndiaVsEngland, SanjuSamson, CricketHistory

  • घर में शेर, पर वर्ल्ड कप में ढेर! श्रीलंका बाहर और अब भारत पर संकट; क्या मेजबान होना ही सबसे बड़ी हार है?

    घर में शेर, पर वर्ल्ड कप में ढेर! श्रीलंका बाहर और अब भारत पर संकट; क्या मेजबान होना ही सबसे बड़ी हार है?


    नई दिल्ली। क्रिकेट की दुनिया में एक कहावत है कि अपने घर में खेलना सबसे बड़ा फायदा होता है। अपनी पिच, अपनी मिट्टी और अपने दर्शकों का शोर किसी भी टीम के लिए ’12वें खिलाड़ी’ का काम करता है। लेकिन जब बात टी20 वर्ल्ड कप की आती है, तो यह ‘एडवांटेज’ एक भयानक ‘श्राप’ या ‘पनौती’ में तब्दील होता नजर आता है। इतिहास गवाह है कि 2007 से लेकर अब तक, जिस भी देश ने इस छोटे फॉर्मेट के महाकुंभ की मेजबानी की है, उसके हाथों से ट्रॉफी फिसल गई है। साल 2026 में एक बार फिर भारत और श्रीलंका संयुक्त रूप से इस टूर्नामेंट की मेजबानी कर रहे हैं, और शुरुआती संकेतों ने प्रशंसकों की धड़कनें बढ़ा दी हैं। श्रीलंका पहले ही टूर्नामेंट से बाहर होकर इस ‘मिथक’ को सच साबित कर चुका है, और अब करोड़ों भारतीय फैंस की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या टीम इंडिया इस ऐतिहासिक बाधा को पार कर पाएगी या वह भी इस ‘मेजबान के श्राप’ का शिकार बनेगी।

    टी20 वर्ल्ड कप के इतिहास के पन्ने पलटें तो तस्वीर काफी डरावनी नजर आती है। साल 2007 में जब इस टूर्नामेंट का आगाज साउथ अफ्रीका में हुआ, तो प्रोटियाज टीम अपने ही घर में सुपर-8 से बाहर हो गई। इसके बाद 2009 में क्रिकेट के मक्का कहे जाने वाले इंग्लैंड और 2010 में कैरेबियाई धरती पर वेस्टइंडीज भी अपनी मेजबानी का फायदा नहीं उठा पाए और सेमीफाइनल तक का सफर तय करने में नाकाम रहे। 2012 में पहली बार ऐसा लगा कि श्रीलंका इस ‘जिंक्स’ को तोड़ देगा। लंकाई टीम फाइनल तक पहुंची, लेकिन खिताबी मुकाबले में वेस्टइंडीज ने उन्हें 36 रनों से हराकर करोड़ों फैंस का दिल तोड़ दिया। श्रीलंका इकलौती ऐसी टीम बनी जो मेजबान होते हुए फाइनल तक का सफर तय कर सकी, लेकिन जीत वहां भी नसीब नहीं हुई।

    इसके बाद का इतिहास भी कमोबेश ऐसा ही रहा। 2014 में बांग्लादेश सुपर-10 से आगे नहीं बढ़ पाया, तो वहीं 2016 में जब भारत में टी20 वर्ल्ड कप हुआ, तब टीम इंडिया का सपना सेमीफाइनल में वेस्टइंडीज ने ही चकनाचूर किया। 2021 में यूएई और ओमान ग्रुप स्टेज से बाहर हुए, और 2022 के चैंपियन ऑस्ट्रेलिया अपने ही घर में सुपर-12 की बाधा पार नहीं कर सके। यहां तक कि 2024 में यूएसए और वेस्टइंडीज की संयुक्त मेजबानी भी इस सिलसिले को नहीं बदल सकी; भारत ने वहां खिताब जीता लेकिन दोनों मेजबान सुपर-8 में ही सिमट गए।

    अब सवाल 2026 का है। श्रीलंका की विदाई ने यह साफ कर दिया है कि घरेलू परिस्थितियों का दबाव कभी-कभी प्रतिभा पर भारी पड़ जाता है। भारत के पास दुनिया की सबसे मजबूत टीम और आईपीएल जैसा अनुभव है, लेकिन आंकड़ों का यह भूत रह-रहकर डरा रहा है। क्या रोहित ब्रिगेड या टीम इंडिया की नई पीढ़ी उस मानसिक दीवार को गिरा पाएगी जिसे पिछले 9 एडिशन में कोई पार नहीं कर पाया? क्रिकेट अनिश्चितताओं का खेल है, लेकिन ‘मेजबानी की पनौती’ एक ऐसा कड़वा सच बन चुका है जिसे झुठलाने के लिए भारत को न केवल विरोधी टीमों से, बल्कि इस ऐतिहासिक रिकॉर्ड से भी लड़ना होगा।

  • श्रेयस अय्यर की टीम इंडिया में वापसी की तैयारी, नेट में दिखाए जोरदार शॉट्स; मेडिकल टीम की निगरानी में फिटनेस पर काम

    श्रेयस अय्यर की टीम इंडिया में वापसी की तैयारी, नेट में दिखाए जोरदार शॉट्स; मेडिकल टीम की निगरानी में फिटनेस पर काम

    नई दिल्ली। भारतीय टीम के स्टार बल्लेबाज और वनडे उपकप्तान श्रेयस अय्यर अब टीम में वापसी की दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीसरे वनडे में स्प्लीन (प्लीहा) में चोट लगने के बाद लंबे समय तक बाहर रहने वाले अय्यर ने बेंगलुरु स्थित बीसीसीआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में नेट प्रैक्टिस शुरू कर दी है। उन्होंने इंस्टाग्राम पर अपनी फिटनेस की तस्वीरें साझा की हैं, जिसमें वह पूरी तरह तैयार और उत्साही नजर आ रहे हैं।

    अय्यर फिलहाल बीसीसीआई की मेडिकल टीम की निगरानी में अभ्यास कर रहे हैं और चोट लगी जगह पर सुरक्षात्मक गियर पहनकर हल्का अभ्यास कर रहे हैं।

    रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने घर के पास अल्ट्रासाउंड स्कैन करवाया था, जिसे खेल चिकित्सा विशेषज्ञ डॉ. दिनशॉ परदीवाला ने देखा। जांच में सुधार के संकेत मिले हैं और उन्हें बेसिक आइसोमेट्रिक एक्सरसाइज के साथ डेली रूटीन शुरू करने की अनुमति दी गई है।

    हालांकि, उनकी रिकवरी की गति को देखते हुए न्यूजीलैंड के खिलाफ 11 जनवरी से होने वाली तीन वनडे मैचों की सीरीज में अय्यर के खेलने की संभावना कम है। बीसीसीआई की सह-कार्य समिति की अनुमति के बाद ही उन्हें विजय हजारे ट्रॉफी में खेलने की मंजूरी दी जाएगी।

    अय्यर फिलहाल सिर्फ वनडे टीम के हिस्सा हैं और टेस्ट तथा टी-20 टीम में शामिल नहीं हैं। चोट के दौरान उनकी जगह ऋतुराज गायकवाड़ को टीम में मौका मिला था।

    नेट में अभ्यास के दौरान अय्यर ने हल्के-फुल्के शॉट्स खेलते हुए अपनी तैयारियों का इशारा दिया और फिटनेस पर काम जारी रखा। फैंस और विशेषज्ञों की नजरें अब उनकी पूरी तरह से ठीक होने और टीम में वापसी पर टिकी हैं।

  • भारत की बल्लेबाजी का धमाका: 400+ रनों की ऐतिहासिक पारियां जो वनडे क्रिकेट में बनाती हैं टीम इंडिया को अलग

    भारत की बल्लेबाजी का धमाका: 400+ रनों की ऐतिहासिक पारियां जो वनडे क्रिकेट में बनाती हैं टीम इंडिया को अलग

    नई दिल्‍ली । भारतीय क्रिकेट टीम ने वनडे क्रिकेट में हमेशा अपनी आक्रामक और रणनीतिक बल्लेबाजी से विरोधियों को दबाव में रखा है। बड़े स्कोर बनाने की क्षमता अब टीम इंडिया की पहचान बन चुकी है और चाहे घरेलू मैदान हो या विदेशी पिच, भारतीय बल्लेबाजों ने कई बार 400 से अधिक रन बनाकर इतिहास रचा है।

    8 दिसंबर 2011 को इंदौर में वेस्टइंडीज के खिलाफ टीम ने 418/5 रन बनाकर शानदार जीत हासिल की। इस पारी में रन रेट 8.36 रहा और भारतीय बल्लेबाजों की तेज और आक्रामक सोच का प्रदर्शन हुआ। इसी तरह, 15 दिसंबर 2009 को राजकोट में श्रीलंका के खिलाफ 414/7 रन की पारी ने टीम की गहराई वाली बल्लेबाजी और बड़े शॉट्स खेलने की क्षमता दिखाई।

    2007 वर्ल्ड कप में पोर्ट ऑफ स्पेन में बरमूडा के खिलाफ भारत ने 413/5 रन बनाकर मुकाबला पूरी तरह एकतरफा कर दिया। इस पारी में भारतीय बल्लेबाजों ने हर दिशा में चौके-छक्कों की बरसात की और अपनी आक्रामक शैली को पूरी दुनिया के सामने दिखाया। वनडे वर्ल्ड कप 2023 में बेंगलुरु में नीदरलैंड्स के खिलाफ 410/4 रन बनाकर टीम ने घरेलू दर्शकों के सामने अपनी दबदबे वाली छवि और मजबूत की।

    10 दिसंबर 2022 को चटगांव में बांग्लादेश के खिलाफ 409/8 रन बनाकर भारतीय बल्लेबाजों ने विदेशी धरती पर भी अपनी परिपक्वता और आक्रामक रणनीति का प्रदर्शन किया। ये ऐतिहासिक पारियां साबित करती हैं कि टीम इंडिया की बल्लेबाजी हमेशा विरोधियों के लिए चुनौती बनी रहती है और बड़े स्कोर बनाने में उसकी विश्वस्तरीय क्षमता को दर्शाती हैं।

  • धर्मशाला में आज पहुंचेगी भारत-दक्षिण अफ्रीका टीमें: तीसरे T20 से पहले कल अलग-अलग स्लॉट में प्रैक्टिस, ऑफलाइन टिकटों की बिक्री शुरू

    धर्मशाला में आज पहुंचेगी भारत-दक्षिण अफ्रीका टीमें: तीसरे T20 से पहले कल अलग-अलग स्लॉट में प्रैक्टिस, ऑफलाइन टिकटों की बिक्री शुरू

    नई दिल्ली। भारत और दक्षिण अफ्रीका की टीमें पांच मैचों की टी-20 सीरीज के तीसरे मुकाबले के लिए आज धर्मशाला पहुंचने वाली हैं। चंडीगढ़ से खिलाड़ी चार्टर प्लेन के जरिए गगल एयरपोर्ट आएंगे जहां से दोनों टीमें सीधे होटल में चेक-इन करेंगी और आराम करेंगी। बीसीसीआई ने मुकाबले से एक दिन पहले होने वाले अभ्यास सत्रों का कार्यक्रम जारी कर दिया है। दक्षिण अफ्रीका की टीम 13 दिसंबर को शाम 4:30 बजे से 7:30 बजे तक नेट्स पर अभ्यास करेगी जबकि टीम इंडिया का सेशन रात 7:30 बजे से 10 बजे तक रहेगा।

    इधर धर्मशाला स्टेडियम में आज से ऑफलाइन टिकटों की बिक्री शुरू हो गई है। टिकट 1500 रुपए में उपलब्ध हैं और प्रत्येक आधार कार्ड पर अधिकतम दो टिकट जारी किए जाएंगे ताकि ब्लैक मार्केटिंग पर रोक लगाई जा सके। इससे पहले ऑनलाइन सबसे सस्ती टिकट 1750 रुपए की थी। सीरीज फिलहाल 1-1 की बराबरी पर है और चंडीगढ़ में भारत की 51 रन से हार के बाद यह तीसरा मैच दोनों टीमों के लिए बढ़त तय करने का अहम मौका है। HPCA ने भी मैच के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं और हिमालय की गोद में बसे विश्व के सबसे खूबसूरत स्टेडियमों में से एक धर्मशाला फिर से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की मेजबानी के लिए तैयार है।

  • रवींद्र जडेजा की पत्नी रिवाबा का सनसनीखेज आरोप: भारतीय खिलाड़ियों पर विदेशों में ‘गलत काम’ करने का इल्जाम, क्रिकेट गलियारों में बवाल

    रवींद्र जडेजा की पत्नी रिवाबा का सनसनीखेज आरोप: भारतीय खिलाड़ियों पर विदेशों में ‘गलत काम’ करने का इल्जाम, क्रिकेट गलियारों में बवाल


    नई दिल्ली/ भारतीय क्रिकेट टीम के ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा की पत्नी और गुजरात की शिक्षा मंत्री रिवाबा जडेजा के हालिया बयान ने क्रिकेट गलियारों में हलचल मचा दी है। रिवाबा ने भारतीय खिलाड़ियों पर विदेशों में अनुचित व्यवहार करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और टीम इंडिया तथा BCCI पर दबाव बढ़ा सकता है।

    पति की तारीफ, अन्य खिलाड़ियों पर आरोप

    रिवाबा जडेजा ने अपने पति की तारीफ करते हुए कहा कि रवींद्र जडेजा को अंतरराष्ट्रीय मैचों और टूर्नामेंटों के लिए विदेशों में कई बार जाना पड़ता है, लेकिन उन्होंने कभी गलत आदतों या अनुचित काम में नहीं पड़ने दिया। वहीं, उन्होंने कहा कि कई भारतीय खिलाड़ी विदेशी दौरे पर अनुचित व्यवहार करते हैं।

    रिवाबा ने कहा:
    ऐसा नहीं है कि मेरे पति को किसी ने रोक-टोक किया है। वह भी चाहें तो कर सकते हैं, लेकिन उन्होंने जिम्मेदारी समझते हुए कभी गलत कदम नहीं उठाए।

    उन्होंने विशेष रूप से यह भी बताया कि उनके पति ने लंदन, दुबई, ऑस्ट्रेलिया समेत कई देशों में खेलते हुए भी कभी व्यसन या अनुचित काम नहीं किया।

    आईपीएल 2026 में जडेजा का हाई-प्रोफाइल ट्रेड

    वहीं, क्रिकेट के मैदान पर भी रवींद्र जडेजा सुर्खियों में हैं। IPL 2026 के लिए चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) ने जडेजा को राजस्थान रॉयल्स (RR) के साथ ट्रेड किया है। इस हाई-प्रोफाइल ट्रेंड में RR ने अपने कप्तान संजू सैमसन को CSK को सौंपा और इंग्लैंड के ऑलराउंडर सैम करन को RR में शामिल किया।

    रवींद्र जडेजा ने साल 2008 में राजस्थान रॉयल्स के लिए IPL में पदार्पण किया था और अब वह एक बार फिर अपनी पुरानी फ्रेंचाइजी के लिए खेलते नजर आएंगे।

    प्रतिक्रिया और बहस

    रिवाबा जडेजा के बयान पर टीम इंडिया और BCCI की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। हालांकि, उनके आरोपों ने क्रिकेट जगत और सोशल मीडिया पर बहस तेज कर दी है। विशेषज्ञ और फैंस इस मुद्दे पर गहन चर्चा कर रहे हैं और इसे संभावित विवाद के रूप में देख रहे हैं।

    रिवाबा के आरोप न केवल जडेजा के फैंस के बीच चर्चा का विषय बने हैं, बल्कि पूरे क्रिकेट प्रेमियों के लिए भी यह एक बड़ा विवाद बन सकते हैं। आने वाले दिनों में यह मुद्दा क्रिकेट गलियारों में लगातार सुर्खियों में रह सकता है।