Tag: Thalapathy Vijay

  • फिल्मों से लेकर जननायक बनने तक: कैसे बने तमिलनाडु के नए ‘थलापति’ विजय, जानिए पूरी कहानी

    फिल्मों से लेकर जननायक बनने तक: कैसे बने तमिलनाडु के नए ‘थलापति’ विजय, जानिए पूरी कहानी

    नई दिल्ली । फिल्मों की दुनिया से निकलकर राजनीति के शिखर तक पहुंचने की कहानी अक्सर कल्पना जैसी लगती है, लेकिन तमिल सुपरस्टार विजय थलापति के जीवन में यह सच बनती दिख रही है। आमिर खान की फिल्म ‘3 इडियट्स’ का गाना “जैसा फिल्मों में होता है, हो रहा है हूबहू…” जैसे उनके सफर पर बिल्कुल फिट बैठता है। पर्दे पर कई बार नेता बनकर जनता का दिल जीतने वाले विजय अब असल जीवन में तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा नाम बन चुके हैं।

    विजय को फिल्मी दुनिया की प्रेरणा उनके परिवार से मिली। उनके पिता एस.ए. चंद्रशेखर निर्देशक हैं, जबकि मां शोभा चंद्रशेखर प्लेबैक सिंगर रही हैं। घर में कला और संगीत के माहौल ने उन्हें बचपन से ही अभिनय की ओर खींचा। अभिनय के साथ-साथ उन्हें गायन का भी शौक है।

    बाल कलाकार से शुरुआत
    22 जून 1974 को जन्मे जोसेफ विजय चंद्रशेखर ने 1984 में फिल्म ‘वेट्री’ से बाल कलाकार के रूप में शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने ‘कुडुम्बम’, ‘नान सिगप्पू मणिथन’, ‘वसंत रागम्’, ‘सत्तम ओरु विलायाट्टू’ और ‘इधु एंगळ नीति’ जैसी फिल्मों में काम किया। इन फिल्मों का निर्देशन उनके पिता ने ही किया था।

    हीरो बनने की राह में संघर्ष
    18 साल की उम्र में उन्होंने फिल्म ‘नालया थीरपू’ से बतौर लीड हीरो शुरुआत की, लेकिन फिल्म असफल रही और उनके लुक की आलोचना भी हुई। इसके बाद उनके पिता ने अभिनेता विजयकांत के साथ ‘सेंथूरपांडी’ (1993) बनाई, जो हिट रही और यहीं से विजय के करियर ने रफ्तार पकड़ी।

    हिट फिल्मों से सुपरस्टार तक
    अपने करियर में उन्होंने अब तक 69 फिल्में की हैं। ‘थेरी’, ‘राजविन परवैयिले’, ‘मिन्सरा कन्ना’, ‘बीस्ट’, ‘शाहजहां’, ‘लियो’ और ‘द ग्रेटेस्ट ऑफ ऑल टाइम’ जैसी फिल्मों ने उन्हें बड़ी सफलता दिलाई। 2023 की ‘लियो’ ने बॉक्स ऑफिस पर कई रिकॉर्ड तोड़े। बताया जाता है कि वह एक फिल्म के लिए करीब 250 करोड़ रुपये तक फीस लेते हैं।

    ‘थलापति’ नाम कैसे मिला
    फैंस ने उन्हें प्यार से ‘थलापति’ यानी कमांडर का नाम दिया। 1994 की फिल्म ‘रसिगन’ की सफलता के बाद उन्हें ‘इलाया थलापति’ (छोटा कमांडर) कहा गया। 2017 में फिल्म ‘मार्सल’ की बड़ी सफलता के बाद वे पूरी तरह ‘थलापति’ बन गए।

    फिल्मों में विवाद भी साथ-साथ
    उनकी फिल्मों ने कई बार विवाद भी झेले। 2013 की ‘थलाइवा’ और 2018 की ‘सरकार’ पर राजनीतिक विवाद हुए। हाल ही में उनकी फिल्म ‘जन नायकन’ भी सेंसर और कानूनी अड़चनों में फंसी रही और रिलीज नहीं हो सकी।

    राजनीति में एंट्री और बड़ा बदलाव
    फरवरी 2024 में विजय ने राजनीति में कदम रखते हुए अपनी पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) बनाई। इसके बाद उनकी पार्टी ने तमिलनाडु की राजनीति में तेजी से मजबूत पकड़ बनाई और सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरकर सामने आई।

    करूर रैली हादसा
    27 सितंबर 2025 को करूर में हुई रैली के दौरान भगदड़ मच गई, जिसमें कई लोगों की मौत हो गई। इस घटना के बाद विजय ने पीड़ितों के लिए मुआवजे की घोषणा की और गहरा दुख जताया। इस मामले में जांच भी आगे बढ़ी और पुलिस केस दर्ज हुआ।

    निजी जीवन भी चर्चा में
    विजय ने 1999 में अपनी एक फैन से शादी की थी। हाल ही में उनके निजी जीवन को लेकर तलाक की खबरें सामने आई हैं। उनका नाम अभिनेत्री तृषा कृष्णन के साथ भी जोड़ा जाता रहा है।

    नए राजनीतिक अध्याय की शुरुआत
    आज 10 मई 2026 को विजय का राजनीतिक सफर एक नए मोड़ पर पहुंचने वाला है। बड़े पर्दे पर निभाए गए उनके नेता के किरदार अब असल जिंदगी में भी आकार लेते दिख रहे हैं। उनके समर्थक इस बदलाव को एक ऐतिहासिक शुरुआत के रूप में देख रहे हैं।

  • विजय की राजनीतिक पारी पर सस्पेंस कायम, सत्ता समीकरणों के बीच निजी जिंदगी को लेकर अफवाहें तेज, तृषा की पोस्ट बनी चर्चा का केंद्र

    विजय की राजनीतिक पारी पर सस्पेंस कायम, सत्ता समीकरणों के बीच निजी जिंदगी को लेकर अफवाहें तेज, तृषा की पोस्ट बनी चर्चा का केंद्र


    नई दिल्ली ।
    तमिलनाडु की राजनीति इन दिनों एक अनिश्चित लेकिन बेहद दिलचस्प दौर से गुजर रही है, जहां चुनाव परिणामों के बाद सत्ता गठन को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है। इसी बीच अभिनेता से नेता बने थलपति विजय को लेकर मुख्यमंत्री बनने की चर्चाएं लगातार तेज होती जा रही हैं। उनके राजनीतिक दल के प्रदर्शन ने उन्हें राज्य की सत्ता की दौड़ में एक मजबूत चेहरा बना दिया है, और समर्थकों के बीच यह उम्मीद गहराती जा रही है कि वह आने वाले समय में राज्य का नेतृत्व संभाल सकते हैं।

    इसी राजनीतिक माहौल के बीच उनकी निजी जिंदगी को लेकर भी चर्चाओं का दौर फिर से तेज हो गया है। खासकर अभिनेत्री तृषा कृष्णन के साथ उनके कथित संबंधों को लेकर सोशल मीडिया पर एक बार फिर अटकलों का बाजार गर्म है। यह चर्चा तब और बढ़ गई जब तृषा का एक रहस्यमयी पोस्ट सामने आया, जिसे लोगों ने अलग-अलग अर्थों में समझना शुरू कर दिया। इस पोस्ट में इस्तेमाल किए गए संकेतात्मक शब्दों और कैप्शन को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह की व्याख्याएं की जा रही हैं, जिससे यह मामला और अधिक सुर्खियों में आ गया है।

    विजय और तृषा की दोस्ती और प्रोफेशनल जुड़ाव पहले भी चर्चा का विषय रह चुका है। फिल्मों में उनकी ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री को दर्शकों ने काफी पसंद किया था, जिसके बाद समय-समय पर दोनों को लेकर तरह-तरह की अफवाहें सामने आती रही हैं। हालांकि दोनों कलाकारों ने कभी भी इन अफवाहों पर सार्वजनिक रूप से कोई स्पष्ट बयान नहीं दिया है और हमेशा अपने काम को प्राथमिकता दी है।

    राजनीतिक मोर्चे पर विजय के नाम को लेकर उत्साह और उम्मीद दोनों बढ़ते जा रहे हैं। चुनाव के बाद बनी परिस्थितियों में उनके समर्थक उन्हें एक संभावित नेता के रूप में देख रहे हैं, जबकि विपक्षी समीकरण अभी भी स्पष्ट नहीं हो पाए हैं। ऐसे में सत्ता गठन को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है, लेकिन विजय का नाम लगातार चर्चा के केंद्र में बना हुआ है।

    दूसरी ओर, तृषा कृष्णन की हालिया सोशल मीडिया गतिविधि ने मनोरंजन जगत में भी नई हलचल पैदा कर दी है। उनके पोस्ट को लेकर अलग-अलग तरह की व्याख्याएं सामने आ रही हैं, जिससे अफवाहों को और बल मिल रहा है। हालांकि यह भी माना जा रहा है कि सोशल मीडिया पर अक्सर छोटे संकेत भी बड़ी कहानियों का रूप ले लेते हैं, और यही स्थिति इस मामले में भी देखने को मिल रही है।

    फिलहाल दोनों ही हस्तियों की ओर से इन चर्चाओं पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन उनके नाम लगातार राजनीतिक और मनोरंजन दोनों ही क्षेत्रों में सुर्खियों में बने हुए हैं। तमिलनाडु की राजनीति और ग्लैमर जगत के इस अनोखे संगम ने लोगों की दिलचस्पी को और बढ़ा दिया है, जिससे आने वाले दिनों में इस कहानी के नए मोड़ सामने आने की संभावना बनी हुई है।

  • फर्जी समर्थन पत्र विवाद के बाद थलपति विजय की सरकार गठन कोशिशों पर उठे बड़े सवाल

    फर्जी समर्थन पत्र विवाद के बाद थलपति विजय की सरकार गठन कोशिशों पर उठे बड़े सवाल

    नई दिल्ली ।
    तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद राज्य की राजनीति में जबरदस्त हलचल देखने को मिल रही है। सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थलपति विजय की पार्टी सरकार बनाने के लिए जरूरी समर्थन जुटाने में लगातार सक्रिय है, लेकिन इसी बीच एक नए विवाद ने पूरे घटनाक्रम को और ज्यादा उलझा दिया है। एएमएमके प्रमुख टीटीवी दिनाकरन ने विजय की पार्टी पर फर्जी समर्थन पत्र तैयार कर राज्यपाल को सौंपने का गंभीर आरोप लगाया है। इस दावे के बाद राजनीतिक माहौल अचानक गरमा गया और मामला अब कानूनी दायरे तक पहुंच चुका है।

    दिनाकरन ने चेन्नई के गुइंडी थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए कहा कि उनकी पार्टी के विधायक एस कामराज के नाम का गलत इस्तेमाल किया गया। उनका आरोप है कि विजय की पार्टी ने ऐसा दस्तावेज पेश किया जिसमें यह दिखाने की कोशिश की गई कि एएमएमके विधायक सरकार गठन के लिए टीवीके का समर्थन कर रहे हैं। दिनाकरन के अनुसार, जब मूल पत्र प्रस्तुत करने की बात आई तब उन्होंने खुद राज्यपाल से मुलाकात कर असली दस्तावेज सौंपा, जिसमें उनकी पार्टी का समर्थन किसी और गठबंधन के पक्ष में बताया गया था। उन्होंने इस पूरे मामले को लोकतंत्र के खिलाफ साजिश बताते हुए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

    इस विवाद के केंद्र में मौजूद विधायक एस कामराज को लेकर भी राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। कुछ समय पहले दिनाकरन ने दावा किया था कि उनके विधायक संपर्क से बाहर हैं और उन पर दबाव बनाया जा रहा है। इसके बाद राजनीतिक गलियारों में कई तरह की अटकलें शुरू हो गई थीं। हालांकि बाद में विजय की पार्टी की तरफ से एक वीडियो सामने आया जिसमें विधायक कामराज यह कहते दिखाई दिए कि उन्होंने अपनी मर्जी और सहमति से समर्थन देने का फैसला लिया है। इस वीडियो के सामने आने के बाद मामला और ज्यादा उलझ गया क्योंकि दोनों पक्ष अपनी-अपनी बात पर कायम हैं।

    थलपति विजय की पार्टी लगातार यह कह रही है कि उन्हें सरकार बनाने के लिए किसी प्रकार की खरीद-फरोख्त या दबाव की राजनीति की जरूरत नहीं है। पार्टी का दावा है कि उन्हें विधायकों का समर्थन स्वाभाविक रूप से मिल रहा है और विरोधी दल केवल भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। दूसरी ओर दिनाकरन इस पूरे मामले को गंभीर आपराधिक साजिश बता रहे हैं और उनका कहना है कि अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो लोकतांत्रिक व्यवस्था पर गलत असर पड़ेगा।

    तमिलनाडु में इस समय सरकार गठन का गणित बेहद दिलचस्प स्थिति में पहुंच चुका है। हर राजनीतिक दल अपने समर्थन के आंकड़े मजबूत दिखाने में जुटा हुआ है। राजभवन में लगातार बैठकों और राजनीतिक गतिविधियों का दौर जारी है। ऐसे माहौल में यह विवाद सत्ता की तस्वीर बदल सकता है। अगर जांच में किसी प्रकार की गड़बड़ी सामने आती है तो इसका सीधा असर सरकार गठन की प्रक्रिया पर पड़ सकता है।

    राज्य की जनता अब पूरे घटनाक्रम पर बारीकी से नजर रखे हुए है। राजनीतिक आरोपों, समर्थन पत्रों और कानूनी शिकायतों के बीच तमिलनाडु की राजनीति में अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है। आने वाले दिनों में यह साफ होगा कि बहुमत का दावा किसके पक्ष में जाता है और क्या यह विवाद राज्य की नई सरकार बनने की राह में बड़ी बाधा साबित होगा।

  • थलपति विजय से मुलाकात के बाद चर्चा में तृषा कृष्णन, जाति और धर्म को लेकर सोशल मीडिया पर गर्म बहस

    थलपति विजय से मुलाकात के बाद चर्चा में तृषा कृष्णन, जाति और धर्म को लेकर सोशल मीडिया पर गर्म बहस

    नई दिल्ली। साउथ फिल्म इंडस्ट्री की मशहूर अभिनेत्री तृषा कृष्णन एक बार फिर सुर्खियों में आ गई हैं। वजह इस बार उनकी कोई नई फिल्म नहीं, बल्कि सुपरस्टार थलपति विजय के साथ उनकी पुरानी दोस्ती और निजी पृष्ठभूमि को लेकर उठ रही चर्चाएं हैं। हाल ही में तमिलनाडु में राजनीतिक हलचलों के बीच जब विजय के घर कई लोग पहुंचे, उसी दौरान तृषा कृष्णन की मौजूदगी ने लोगों का ध्यान खींच लिया। इसके बाद सोशल मीडिया पर दोनों के रिश्ते और उनकी बॉन्डिंग को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं।

    थलपति विजय और तृषा कृष्णन की जोड़ी साउथ सिनेमा की सबसे चर्चित जोड़ियों में से एक मानी जाती है। दोनों ने पहली बार साल 2004 में फिल्म ‘घिल्ली’ में साथ काम किया था, जो बॉक्स ऑफिस पर बड़ी हिट साबित हुई। इस फिल्म ने न सिर्फ दोनों कलाकारों को नई पहचान दी, बल्कि उनकी ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री को भी दर्शकों ने खूब सराहा। इसके बाद दोनों ने कई फिल्मों में साथ काम किया और हर बार उनकी जोड़ी को दर्शकों का अच्छा रिस्पॉन्स मिला।

    ‘थिरुपाची’, ‘आथी’, ‘कुरुवी’ और बाद में ‘लियो’ जैसी फिल्मों में साथ नजर आने के बाद दोनों के बीच एक मजबूत प्रोफेशनल रिश्ता बना। कई इंटरव्यू में तृषा कृष्णन ने थलपति विजय के शांत और अनुशासित स्वभाव की तारीफ की है। उन्होंने कहा था कि विजय अपने काम को लेकर बेहद गंभीर रहते हैं और सेट पर उनका व्यवहार हमेशा प्रोफेशनल होता है।

    इसी बीच तृषा कृष्णन की निजी पृष्ठभूमि को लेकर भी सोशल मीडिया पर चर्चाएं तेज हो गई हैं। तृषा एक तमिल पलक्काड अय्यर ब्राह्मण परिवार से आती हैं। उनका जन्म चेन्नई में हुआ और वे एक हिंदू तमिल भाषी परिवार से संबंध रखती हैं। उनका समुदाय केरल और तमिलनाडु की सांस्कृतिक परंपराओं से गहराई से जुड़ा हुआ माना जाता है, जहां तमिल और मलयालम संस्कृति का मिश्रण देखने को मिलता है।

    धार्मिक रूप से तृषा कृष्णन हिंदू धर्म का पालन करती हैं और आध्यात्मिक गतिविधियों में उनकी रुचि भी रही है। वे अक्सर मंदिरों के दर्शन करती नजर आती हैं और अपनी निजी आस्था को लेकर हमेशा सहज रही हैं। हालांकि, वे अपनी निजी जिंदगी को मीडिया से दूर रखना पसंद करती हैं और इस विषय पर ज्यादा सार्वजनिक बयान नहीं देतीं।

    थलपति विजय के साथ उनकी पुरानी दोस्ती एक बार फिर चर्चा में तब आई जब हाल के राजनीतिक और सामाजिक घटनाक्रमों के बाद उनके पुराने बयान और इंटरव्यू सोशल मीडिया पर वायरल होने लगे। फैंस दोनों की ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री को लेकर उत्साहित हैं और उनकी पुरानी फिल्मों को फिर से याद कर रहे हैं।

    हालांकि, दोनों कलाकारों ने हमेशा अपने रिश्ते को केवल दोस्ती और प्रोफेशनल सम्मान तक सीमित बताया है। वे निजी जीवन को लेकर सार्वजनिक बहसों से दूर रहते हैं और अपने करियर पर फोकस बनाए रखते हैं। इसके बावजूद, तृषा कृष्णन और थलपति विजय की जोड़ी को लेकर लोगों की दिलचस्पी समय-समय पर फिर से चर्चा में आ जाती है।

  • थलापति विजय की राजनीति में बड़ी हलचल: सुपरस्टार से सीएम तक का सफर और तृषा कृष्णन की एंट्री की चर्चा तेज

    थलापति विजय की राजनीति में बड़ी हलचल: सुपरस्टार से सीएम तक का सफर और तृषा कृष्णन की एंट्री की चर्चा तेज


    नई दिल्ली। तमिल फिल्म इंडस्ट्री के सबसे बड़े सितारों में शुमार थलापति विजय ने राजनीति में कदम रखकर सबको चौंका दिया है। उनकी पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) ने विधानसभा चुनाव में शानदार प्रदर्शन करते हुए 108 सीटें जीत ली हैं।

    234 सीटों वाली तमिलनाडु विधानसभा में बहुमत के लिए 118 सीटों की जरूरत होती है, ऐसे में पार्टी बहुमत से थोड़ी दूर रह गई है, लेकिन विपक्षी और सत्ता दोनों खेमों में इस नतीजे ने हलचल मचा दी है।

    दो सीटों पर जीत, अब एक छोड़ना तय

    विजय ने इस चुनाव में दो सीटों चेन्नई की पेरंबूर और तिरुचिरापल्ली ईस्ट से जीत हासिल की है। लेकिन नियम के अनुसार कोई भी उम्मीदवार एक ही सीट रख सकता है। ऐसे में माना जा रहा है कि विजय पेरंबूर सीट अपने पास रखेंगे, जबकि तिरुचिरापल्ली ईस्ट सीट से इस्तीफा दिया जा सकता है। इसी सीट पर अब उपचुनाव की स्थिति बन सकती है।

    क्या तृषा कृष्णन राजनीति में आएंगी?

    इसी राजनीतिक हलचल के बीच सबसे बड़ा नाम सामने आया है अभिनेत्री तृषा कृष्णन का। चर्चा है कि TVK उन्हें उपचुनाव में तिरुचिरापल्ली ईस्ट सीट से उम्मीदवार बनाना चाहती है। पार्टी का मानना है कि उनकी लोकप्रियता वोट बैंक को मजबूत कर सकती है।

    हालांकि, रिपोर्ट्स के मुताबिक तृषा अभी राजनीति में आने को लेकर पूरी तरह तैयार नहीं हैं और इस प्रस्ताव पर विचार कर रही हैं। उनका अब तक किसी राजनीतिक दल से सीधा जुड़ाव नहीं रहा है।

     गठबंधन की तलाश में TVK
    सरकार बनाने के लिए TVK को किसी बड़ी पार्टी का समर्थन चाहिए। इसी वजह से तमिलनाडु की राजनीति में नए समीकरण बनते दिख रहे हैं।
    राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि पार्टी का झुकाव या तो DMK या AIADMK की ओर हो सकता है, हालांकि अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।

    क्या विजय बनेंगे मुख्यमंत्री?
    सूत्रों के मुताबिक विजय ने राज्यपाल को पत्र लिखकर सरकार बनाने का अवसर देने की मांग की है। सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में यह चर्चा भी तेज है कि वे जल्द ही मुख्यमंत्री पद की शपथ ले सकते हैं, हालांकि अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

    तमिलनाडु की राजनीति में नया मोड़
    थलापति विजय की एंट्री ने तमिलनाडु की राजनीति को पूरी तरह रोमांचक बना दिया है। एक तरफ गठबंधन की सियासत, दूसरी तरफ उपचुनाव की तैयारी और तीसरी तरफ तृषा कृष्णन की संभावित एंट्री—इन सबने राज्य की राजनीति को नए मोड़ पर ला खड़ा किया है।

    अब सभी की नजर इस बात पर है कि आने वाले दिनों में विजय किस दिशा में कदम बढ़ाते हैं और क्या वाकई सिनेमा की एक और बड़ी स्टार राजनीति में उतरती हैं।

  • करुणानिधि के पीछे खड़ा वही लड़का बना ‘किंगमेकर’: विजय की जीत पर RGV का तंज, TVK ने बदली तमिलनाडु की सियासत

    करुणानिधि के पीछे खड़ा वही लड़का बना ‘किंगमेकर’: विजय की जीत पर RGV का तंज, TVK ने बदली तमिलनाडु की सियासत


    नई दिल्ली। तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है, जहां फिल्म स्टार थलापति विजय की पार्टी तमिलगा वेट्री कड़गम (TVK) ने विधानसभा चुनाव में शानदार प्रदर्शन करते हुए 108 सीटें जीत ली हैं। सिर्फ दो साल पुरानी पार्टी का यह प्रदर्शन राज्य की राजनीति में ‘विजय युग’ की शुरुआत माना जा रहा है।

    234 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत के लिए 118 सीटों की जरूरत होती है, और TVK इससे सिर्फ 10 सीट पीछे रहकर सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। इससे विजय के मुख्यमंत्री बनने की राह लगभग साफ मानी जा रही है।

    इस ऐतिहासिक जीत के बीच मशहूर फिल्ममेकर राम गोपाल वर्मा (RGV) ने सोशल मीडिया पर एक पुरानी तस्वीर शेयर कर सियासी हलचल बढ़ा दी। तस्वीर में एम करुणानिधि फीता काटते नजर आ रहे हैं, और उनके पीछे एक युवा लड़का खड़ा है—जो कोई और नहीं बल्कि खुद विजय हैं।

    इस फोटो को शेयर करते हुए RGV ने तंज कसते हुए लिखा कि करुणानिधि ने शायद कभी सोचा भी नहीं होगा कि उनके पीछे खड़ा यह लड़का एक दिन उनकी पार्टी को इतनी बड़ी चुनौती देगा।

    सोशल मीडिया पर यह तस्वीर तेजी से वायरल हो रही है और यूजर्स भी दिलचस्प प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कुछ लोग इसे ‘किस्मत का खेल’ बता रहे हैं, तो कुछ विजय को नया करुणानिधि तक कह रहे हैं।

    विजय की इस जीत ने सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) को बड़ा झटका दिया है। पिछले चुनाव में 133 सीटें जीतने वाली DMK इस बार सिर्फ 59 सीटों पर सिमट गई है। यानी करीब 74 सीटों का नुकसान, जो पार्टी के लिए करारी हार साबित हुआ है।

    करीब 60 साल तक तमिलनाडु की राजनीति DMK और AIADMK के बीच सिमटी रही, लेकिन विजय ने महज दो साल में इस राजनीतिक चक्र को तोड़ दिया।

    कुल मिलाकर, एक पुरानी तस्वीर ने आज की राजनीति की तस्वीर बदल दी है—जहां कभी करुणानिधि के पीछे खड़ा एक लड़का आज तमिलनाडु की सियासत का सबसे बड़ा चेहरा बन चुका है।

  • ‘जन नायकन’ की रिलीज पर लगा ब्रेक: विवादों में घिरी Jana Nayagan, क्या अब इस तारीख को सिनेमाघरों में आएगी?

    ‘जन नायकन’ की रिलीज पर लगा ब्रेक: विवादों में घिरी Jana Nayagan, क्या अब इस तारीख को सिनेमाघरों में आएगी?


    नई दिल्ली। साउथ सिनेमा के सुपरस्टार Thalapathy Vijay ने राजनीति में कदम रखने के बाद अपने फिल्मी करियर को अलविदा कह दिया है। उनकी पार्टी Tamilaga Vettri Kazhagam की चुनावी सफलता के बीच अब फैंस की नजरें उनकी आखिरी फिल्म पर टिक गई हैं, जिसे फिलहाल ‘थलापति 69’ के नाम से जाना जा रहा है।

    ‘थलापति 69’ नहीं, असली नाम है ‘जन नायकन’

    विजय की इस बहुप्रतीक्षित फिल्म का असली नाम Jana Nayagan है। चूंकि यह उनके करियर की 69वीं फिल्म है, इसलिए फैंस इसे ‘थलापति 69’ कहकर बुला रहे हैं। इस फिल्म का निर्देशन H. Vinoth ने किया है, जो अपने दमदार कंटेंट के लिए जाने जाते हैं।

    क्या था विवाद, क्यों टली रिलीज?

    फिल्म की रिलीज में देरी के पीछे कई बड़े कारण रहे। सबसे पहले, Central Board of Film Certification (CBFC) ने फिल्म के कुछ दृश्यों और धार्मिक संदर्भों पर आपत्ति जताई थी। मामला इतना बढ़ा कि इसे Madras High Court तक ले जाना पड़ा।

    इसके अलावा, अप्रैल 2026 में फिल्म का HD वर्जन ऑनलाइन लीक होने की खबरों ने मेकर्स को बड़ा झटका दिया। वहीं ट्रेलर रिलीज के बाद सोशल मीडिया पर इसे Bhagavanth Kesari का रीमेक बताया जाने लगा, हालांकि निर्देशक ने इसे अपनी मौलिक प्रस्तुति बताया।

    कब रिलीज हो सकती है फिल्म?

    पहले यह फिल्म पोंगल 2026 पर रिलीज होने वाली थी, लेकिन विवादों के चलते इसे टाल दिया गया। अब खबरें हैं कि ‘जन नायकन’ 8 मई 2026 को सिनेमाघरों में दस्तक दे सकती है। हालांकि, अभी तक इसकी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।

    फिल्म में क्या होगा खास?

    इस फिल्म में विजय एक ईमानदार आईपीएस अधिकारी ‘वेट्री कोंडन’ की भूमिका निभा रहे हैं, जो भ्रष्ट सिस्टम के खिलाफ जंग छेड़ता है। उनके साथ फिल्म में Pooja Hegde, Bobby Deol और Mamitha Baiju अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे। फिल्म का संगीत Anirudh Ravichander ने दिया है, जिनके गाने पहले ही चर्चा में हैं।

    फैंस के लिए इमोशनल विदाई

    ‘जन नायकन’ सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि विजय के शानदार फिल्मी करियर का आखिरी अध्याय है। ऐसे में फैंस इस फिल्म को लेकर बेहद भावुक और उत्साहित हैं। अब देखना होगा कि रिलीज के बाद यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर कितना बड़ा इतिहास रचती है।

  • ‘जन नायकन’ के लीक से पूजा हेगड़े हुईं भावुक, बताया टीम की मेहनत पर चोट..

    ‘जन नायकन’ के लीक से पूजा हेगड़े हुईं भावुक, बताया टीम की मेहनत पर चोट..

    नई दिल्ली:दक्षिण भारतीय सिनेमा और हिंदी फिल्मों में अपनी मजबूत पहचान बना चुकीं अभिनेत्री Pooja Hegde ने अपनी बहुप्रतीक्षित फिल्म Jana Nayagan के कुछ हिस्सों के ऑनलाइन लीक होने पर गहरा दुख व्यक्त किया है। इस घटना ने फिल्म से जुड़ी पूरी टीम को भावनात्मक रूप से प्रभावित किया है, क्योंकि यह परियोजना लंबे समय से चर्चा में रही है और इसे बड़े पैमाने पर तैयार किया जा रहा है।

    अभिनेत्री ने कहा कि किसी भी फिल्म का निर्माण केवल एक साधारण प्रक्रिया नहीं होता, बल्कि यह कई महीनों की मेहनत, रचनात्मक सोच और तकनीकी टीम के समर्पण का परिणाम होता है। ऐसे में जब कोई फिल्म रिलीज से पहले ही अवैध रूप से सार्वजनिक हो जाती है, तो यह न केवल आर्थिक नुकसान पहुंचाती है बल्कि हर कलाकार और तकनीशियन की मेहनत और सम्मान को भी प्रभावित करती है। उन्होंने इसे बेहद दुखद और निराशाजनक स्थिति बताया।

    पूजा हेगड़े ने दर्शकों से अपील करते हुए कहा कि सिनेमा का असली आनंद बड़े पर्दे पर ही महसूस किया जा सकता है। उनके अनुसार फिल्में केवल कहानी नहीं होतीं, बल्कि एक अनुभव होती हैं जिसे थिएटर में दर्शकों के साथ मिलकर देखना ही उसका सही रूप है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे किसी भी प्रकार के अवैध कंटेंट का हिस्सा न बनें और फिल्म की आधिकारिक रिलीज का इंतजार करें।

    इस घटना के बाद फिल्म की प्रोडक्शन टीम ने भी सख्त रुख अपनाया है। टीम ने स्पष्ट किया है कि लीक हुए कंटेंट की जांच शुरू कर दी गई है और इसमें शामिल लोगों की पहचान की जा रही है। साथ ही यह भी कहा गया है कि दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।

    प्रोडक्शन टीम ने दर्शकों को भी चेतावनी दी है कि किसी भी प्लेटफॉर्म पर लीक कंटेंट को देखना, डाउनलोड करना या आगे साझा करना कानून के खिलाफ है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि यदि किसी के पास ऐसा कंटेंट पहुंचे तो उसे तुरंत हटा दें और आगे न फैलाएं।यह फिल्म एक बड़े बजट की एक्शन एंटरटेनर बताई जा रही है, जिसमें मुख्य भूमिका में Thalapathy Vijay नजर आने वाले हैं। फिल्म को लेकर पहले से ही दर्शकों में काफी उत्साह है और इसे उनके करियर की एक महत्वपूर्ण परियोजना माना जा रहा है।

    फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े जानकारों का मानना है कि इस तरह की घटनाएं केवल एक फिल्म तक सीमित नहीं रहतीं, बल्कि पूरी टीम के मनोबल और भविष्य की व्यावसायिक संभावनाओं पर भी असर डाल सकती हैं। यही कारण है कि इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया जा रहा है और सुरक्षा को लेकर भी अतिरिक्त कदम उठाए जा रहे हैं।

  • लीक हुई जानकारियों से फिल्म की भव्यता का हुआ खुलासा और मार्केटिंग रणनीति पर उठे सवाल।

    लीक हुई जानकारियों से फिल्म की भव्यता का हुआ खुलासा और मार्केटिंग रणनीति पर उठे सवाल।

    नई दिल्ली । भारतीय सिनेमा जगत में वर्ष 2026 की सबसे बहुप्रतीक्षित फिल्म जन नायकन को लेकर इन दिनों जबरदस्त चर्चा बनी हुई है। दक्षिण भारतीय सिनेमा के दिग्गज अभिनेता थलपति विजय की इस फिल्म से जुड़ी कुछ गोपनीय जानकारियां हाल ही में इंटरनेट पर सार्वजनिक हो गई हैं। इस आकस्मिक लीक ने न केवल प्रशंसकों के बीच उत्साह भर दिया है बल्कि फिल्म उद्योग के विशेषज्ञों को भी यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि यह वास्तव में एक चूक है या फिल्म की मार्केटिंग रणनीति का कोई हिस्सा है।

    लीक हुई जानकारियों में फिल्म के कुछ महत्वपूर्ण दृश्य और पटकथा के अंश शामिल बताए जा रहे हैं जो अब सोशल मीडिया के विभिन्न मंचों पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। फिल्म जन नायकन को लेकर दर्शकों में पहले से ही भारी उत्सुकता थी क्योंकि यह थलपति विजय के करियर की एक बेहद महत्वपूर्ण फिल्म मानी जा रही है। फिल्म के टाइटल और इसकी विषयवस्तु को लेकर लंबे समय से कयास लगाए जा रहे थे और अब इस नए घटनाक्रम ने फिल्म के प्रति उत्सुकता को और भी अधिक बढ़ाने का काम किया है।

    लीक हुए वीडियो और तस्वीरों ने फिल्म की भव्यता और इसके निर्माण स्तर की एक शानदार झलक पेश की है जिससे यह स्पष्ट हो रहा है कि वर्ष 2026 में यह बॉक्स ऑफिस पर बड़े कीर्तिमान स्थापित कर सकती है। फिल्म निर्माण से जुड़े लोग हालांकि इस मुद्दे पर आधिकारिक तौर पर कुछ भी कहने से बच रहे हैं लेकिन आंतरिक सूत्रों का मानना है कि इससे फिल्म के प्रति क्रेज कई गुना बढ़ गया है। प्रशंसक अब फिल्म के आधिकारिक टीजर का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं ताकि वायरल जानकारी की सत्यता का पता चले।

    विशेषज्ञों का एक वर्ग इसे एक सोची समझी मार्केटिंग रणनीति के रूप में देख रहा है जिसका उद्देश्य फिल्म की रिलीज से काफी पहले ही एक बड़ा माहौल तैयार करना है। आज के डिजिटल युग में फिल्मों के महत्वपूर्ण हिस्सों का लीक होना अक्सर चर्चा का विषय बनता है और इससे फिल्म को मुफ्त में बड़े पैमाने पर प्रचार मिल जाता है। यदि यह वाकई एक लीक है तो यह सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है लेकिन यदि यह एक रणनीतिक कदम है तो इसने निश्चित रूप से अपना लक्ष्य समय से पहले प्राप्त कर लिया है।

    जन नायकन की कहानी को लेकर कहा जा रहा है कि यह एक राजनीतिक और सामाजिक पृष्ठभूमि पर आधारित फिल्म होगी जो थलपति विजय के व्यक्तित्व को एक नए रूप में पेश करेगी। लीक हुई क्लिप्स में उनके दमदार संवाद और एक्शन दृश्यों की चर्चा हर जगह हो रही है जिससे दर्शकों की उम्मीदें सातवें आसमान पर पहुंच गई हैं। फिल्म के संगीत और तकनीकी पहलुओं पर भी काफी बारीकी से काम किया गया है जो इसे अन्य फिल्मों से अलग बनाता है और इसे एक अंतरराष्ट्रीय स्तर की फिल्म के रूप में प्रस्तुत करता है।

    जैसे-जैसे वर्ष 2026 करीब आ रहा है इस फिल्म को लेकर होने वाली चर्चाएं और भी सघन होती जा रही हैं जिससे इसके व्यावसायिक प्रदर्शन को लेकर सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं। इस वायरल लीक ने फिल्म जन नायकन को राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा के केंद्र में ला खड़ा किया है और इसके प्रति लोगों का आकर्षण बढ़ गया है। चाहे यह गलती से हुआ हो या योजनाबद्ध तरीके से इसने दर्शकों के मन में फिल्म को देखने की तीव्र इच्छा जगा दी है जो फिल्म की सफलता के लिए एक शुभ संकेत माना जा रहा है।

    प्रोडक्शन हाउस अब इस स्थिति को कैसे संभालता है और आने वाले समय में फिल्म के वास्तविक कंटेंट को लेकर क्या नया खुलासा होता है यह देखना काफी दिलचस्प होगा। फिलहाल जन नायकन अपनी रिलीज से पहले ही एक बड़ी सफलता की ओर मजबूती से बढ़ती नजर आ रही है और इसकी हर छोटी जानकारी सोशल मीडिया पर टॉप ट्रेंड बनी हुई है। फिल्म की टीम अब नए सिरे से अपनी रणनीति तैयार कर रही है ताकि दर्शकों के इस उत्साह को फिल्म की रिलीज तक बरकरार रखा जा सके और इसे ऐतिहासिक बनाया जा सके।

  • Jana Nayagan को मिला UA सर्टिफिकेट, मद्रास हाई कोर्ट ने विजय की फिल्म पर सुनाया बड़ा फैसला

    Jana Nayagan को मिला UA सर्टिफिकेट, मद्रास हाई कोर्ट ने विजय की फिल्म पर सुनाया बड़ा फैसला

    नई दिल्ली। थलपति विजय की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘जना नायकन’ को लेकर चल रहा सेंसर सर्टिफिकेट विवाद आखिरकार खत्म हो गया है। मद्रास हाई कोर्ट ने फिल्म निर्माताओं के पक्ष में बड़ा फैसला सुनाते हुए सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) को तुरंत फिल्म को UA सर्टिफिकेट जारी करने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही फिल्म की रिलीज का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है।
    फिल्म के निर्माताओं ने CBFC द्वारा सर्टिफिकेशन में हो रही देरी को लेकर हाई कोर्ट का रुख किया था। याचिका में कहा गया था कि बिना किसी ठोस वजह के सर्टिफिकेट रोका जा रहा है, जिससे प्रोड्यूसर्स को भारी वित्तीय नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। अदालत ने इस दलील को स्वीकार करते हुए 6 जनवरी को CBFC द्वारा जारी उस पत्र को भी रद्द कर दिया, जिसमें फिल्म को रिव्यू कमेटी के पास भेजने की बात कही गई थी।
    CBFC चेयरपर्सन पर भी कोर्ट की टिप्पणी
    मद्रास हाई कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि CBFC चेयरपर्सन के पास फिल्म को दोबारा रिव्यू कमेटी के पास भेजने का अधिकार नहीं था। कोर्ट के मुताबिक, फिल्म के खिलाफ की गई शिकायतें बाद में सोची-समझी प्रतीत होती हैं और यदि ऐसी शिकायतों को महत्व दिया गया, तो यह एक खतरनाक परंपरा को जन्म दे सकता है।
    UA सर्टिफिकेट के साथ रिलीज का रास्ता साफ
    कोर्ट के आदेश के बाद ‘जना नायकन’ को बिना किसी और देरी के UA सर्टिफिकेट देने का फैसला लिया गया। UA सर्टिफिकेट का मतलब है कि यह फिल्म बच्चों सहित सभी दर्शकों के लिए उपयुक्त है, हालांकि छोटे बच्चों को अभिभावकों की निगरानी में फिल्म देखने की सलाह दी जाती है।

    सुनवाई में शामिल रहे दिग्गज वकील
    इस मामले में फिल्म प्रोडक्शन हाउस की ओर से सीनियर एडवोकेट सतीश पारासरन और CBFC की ओर से एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एआरएल सुंदरसन ने अपनी-अपनी दलीलें रखीं। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने निर्माताओं के हक में फैसला सुनाया।

    गौरतलब है कि थलपति विजय की यह फिल्म 9 जनवरी को रिलीज होने वाली थी, लेकिन सेंसर सर्टिफिकेट न मिलने के कारण रिलीज टल गई थी। अब हाई कोर्ट के फैसले के बाद ‘जना नायकन’ के आसपास बना सारा विवाद खत्म हो चुका है और दर्शक जल्द ही इस फिल्म को बड़े पर्दे पर देख सकेंगे।