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  • ‘हैवान’ ट्रेलर में खूंखार अक्षय कुमार और अंधे सैफ अली खान की भिड़ंत ने बढ़ाया सस्पेंस, 18 साल बाद साथ आए सितारे

    ‘हैवान’ ट्रेलर में खूंखार अक्षय कुमार और अंधे सैफ अली खान की भिड़ंत ने बढ़ाया सस्पेंस, 18 साल बाद साथ आए सितारे

    नई दिल्ली ।अक्षय कुमार और सैफ अली खान की जोड़ी करीब 18 साल के लंबे अंतराल के बाद बड़े पर्दे पर एक साथ दिखाई देने जा रही है। दोनों की आगामी फिल्म ‘हैवान’ का ट्रेलर रिलीज हो चुका है और इसमें एक्शन, अपराध, सस्पेंस तथा सर्वाइवल ड्रामा का गहरा मिश्रण नजर आता है। ट्रेलर में दोनों कलाकार बिल्कुल अलग और चुनौतीपूर्ण भूमिकाओं में दिखाई दे रहे हैं।

    फिल्म में अक्षय कुमार का किरदार बेहद खतरनाक और हिंसक नजर आता है। उनके हावभाव, संवाद और स्क्रीन प्रेजेंस से एक ऐसे व्यक्ति की छवि सामने आती है, जिसकी मानसिकता सामान्य अपराधी से अलग है। ट्रेलर में उनका किरदार लगातार खतरे और तनाव का माहौल पैदा करता दिखाई देता है।

    दूसरी ओर सैफ अली खान एक ऐसे व्यक्ति की भूमिका निभा रहे हैं, जिसकी आंखों की रोशनी नहीं है। इसके बावजूद उनका किरदार परिस्थितियों के सामने कमजोर पड़ता नजर नहीं आता। वह अपनी समझ, साहस और आसपास की चीजों को महसूस करने की क्षमता के सहारे मुश्किल हालात से निपटने की कोशिश करता दिखाई देता है।

    ट्रेलर में सैफ के किरदार का जेल से जुड़ा हिस्सा भी नजर आता है। कहानी में अक्षय और सैफ के किरदारों के बीच सिर्फ शारीरिक संघर्ष ही नहीं, बल्कि एक मानसिक मुकाबले की संभावना भी दिखाई देती है। इसी वजह से फिल्म की कहानी को लेकर दर्शकों के बीच उत्सुकता बढ़ी है।

    ‘हैवान’ की एक खास बात अक्षय कुमार और सैफ अली खान की लंबे समय बाद हुई वापसी है। दोनों कलाकार इससे पहले भी साथ काम कर चुके हैं, लेकिन करीब 18 साल बाद किसी फिल्म में उनकी जोड़ी देखने को मिलेगी। इस वजह से दोनों की ऑनस्क्रीन केमिस्ट्री भी फिल्म के प्रमुख आकर्षणों में शामिल है।

    फिल्म में बोमन ईरानी, सैयामी खेर, श्रिया पिलगांवकर, शारिब हाशमी और जिशु सेनगुप्ता भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में हैं। इसके अलावा मलयालम सिनेमा के दिग्गज अभिनेता मोहनलाल के स्पेशल कैमियो की चर्चा भी फिल्म को लेकर उत्सुकता बढ़ा रही है। हालांकि ट्रेलर में उनका कैमियो दर्शकों के लिए अलग आकर्षण का विषय बना हुआ है।

    ‘हैवान’ का निर्देशन प्रियदर्शन ने किया है। यह फिल्म उनकी 2016 में रिलीज हुई मलयालम क्राइम थ्रिलर ‘ओप्पम’ का आधिकारिक हिंदी रीमेक है। मूल फिल्म में मोहनलाल ने मुख्य भूमिका निभाई थी। हिंदी संस्करण में कहानी को अक्षय कुमार और सैफ अली खान जैसे कलाकारों के साथ नए अंदाज में प्रस्तुत किया गया है।

    ट्रेलर से संकेत मिलता है कि फिल्म में अपराध और रहस्य के साथ-साथ मुख्य किरदारों के संघर्ष को भी प्रमुखता दी गई है। अक्षय का खतरनाक अवतार और सैफ का दृष्टिहीन किरदार कहानी के दो महत्वपूर्ण हिस्से दिखाई देते हैं।

    ‘हैवान’ में एक्शन के साथ तनाव और रहस्य को बनाए रखने की कोशिश की गई है। ट्रेलर में दिखाए गए दृश्य फिल्म की गंभीर और डार्क टोन को सामने रखते हैं। अब दर्शकों की नजर इस बात पर है कि फिल्म में दोनों किरदारों की टक्कर किस दिशा में जाती है और कहानी का अंतिम परिणाम क्या होता है।

    अक्षय कुमार और सैफ अली खान अभिनीत ‘हैवान’ 11 सितंबर को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है। लंबे समय बाद दोनों सितारों की जोड़ी और प्रियदर्शन के निर्देशन में तैयार इस क्राइम थ्रिलर को लेकर फिल्म प्रेमियों की दिलचस्पी बनी हुई है।

  • सच्ची घटनाओं पर आधारित मलयालम क्राइम थ्रिलर फिल्म 'उइर' ओटीटी प्लेटफॉर्म जियो हॉटस्टार पर दर्शकों को खूब भा रही है।

    सच्ची घटनाओं पर आधारित मलयालम क्राइम थ्रिलर फिल्म 'उइर' ओटीटी प्लेटफॉर्म जियो हॉटस्टार पर दर्शकों को खूब भा रही है।

    नई दिल्ली ।डिजिटल स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स पर सस्पेंस और क्राइम थ्रिलर शैलियों की फिल्मों को दर्शकों द्वारा काफी पसंद किया जा रहा है। इसी क्रम में जियो हॉटस्टार पर स्ट्रीम हो रही मलयालम भाषा की क्राइम थ्रिलर फिल्म ‘उइर’ दर्शकों के बीच जबरदस्त चर्चा का विषय बनी हुई है। सच्ची घटनाओं पर आधारित यह फिल्म अपने अनूठे कथानक और अप्रत्याशित मोड़ों के चलते लगातार ट्रेंडिंग लिस्ट में बनी हुई है।

    यह फिल्म एक पुलिस अधिकारी अनशाद एस. के वास्तविक जीवन के अनुभवों और सच्ची घटनाओं पर आधारित है। फिल्म की पटकथा दर्शकों को शुरुआत से ही बांधे रखती है। कहानी की शुरुआत एक सामान्य ट्रेन यात्रा से होती है, जहां सफर के दौरान परिवार की एक छोटी बच्ची अचानक गायब हो जाती है। इस घटना के बाद दर्शकों को लगता है कि पूरी कहानी बच्ची की खोज के इर्द-गिर्द घूमेगी, लेकिन यहीं से फिल्म एक नया मोड़ लेती है।

    कहानी जैसे-जैसे आगे बढ़ती है, जांच अधिकारियों को एक कुएं में महिला का संदिग्ध शव मिलने की सूचना प्राप्त होती है। शुरुआती जांच में मामला आत्महत्या का प्रतीत होता है, लेकिन परिस्थितिजन्य साक्ष्यों की गहन जांच के बाद पुलिस को अहसास होता है कि यह आत्महत्या नहीं बल्कि बेहद सोच-समझकर अंजाम दिया गया हत्याकांड है।

    हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने के लिए जब पुलिस जांच का दायरा बढ़ाती है, तो हर चरण पर नए और चौंकाने वाले तथ्य सामने आते हैं। फिल्म में एक के बाद एक आने वाले मोड़ दर्शकों का सस्पेंस बढ़ाए रखते हैं। जब भी ऐसा प्रतीत होता है कि केस हल हो चुका है, तभी कहानी में आया एक नया मोड़ पूरी जांच प्रक्रिया को एक नई दिशा में मोड़ देता है।

    फिल्म का निर्देशन एम. पद्मकुमार ने किया है, जिन्होंने थ्रिलर जॉनर के तत्वों का बेहद कुशलता से संयोजन किया है। मुख्य भूमिकाओं में सैयामी खेर, रोशन मैथ्यू, दिव्या एम. नायर और विनीत थट्टिल डेविड जैसे कुशल कलाकारों ने अपने अभिनय की छाप छोड़ी है। फिल्म की संवाद अदायगी और बैकग्राउंड स्कोर सस्पेंस को और गहरा बनाता है।

    डिजिटल माध्यमों की बढ़ती पहुंच के कारण देश के विभिन्न हिस्सों में क्षेत्रीय भाषाओं की उत्कृष्ट फिल्मों की लोकप्रियता बढ़ी है। मध्य प्रदेश के इंदौर, भोपाल और ग्वालियर जैसे शहरों में भी ओटीटी के माध्यम से दक्षिण भारतीय सिनेमा की थ्रिलर फिल्मों को काफी पसंद किया जा रहा है। हिंदी भाषा में डब होकर उपलब्ध होने के कारण राज्य के दर्शक भी इस फिल्म का पूरा आनंद ले रहे हैं।

    फिल्म समीक्षकों और दर्शकों की ओर से इस फिल्म को मिली-जुली और विचारोत्तेजक प्रतिक्रियाएं मिली हैं। आईएमडीबी पर 6.5 की रेटिंग हासिल करने वाली यह फिल्म अपनी मनोरंजक और कसी हुई पटकथा के कारण इस वीकेंड के लिए एक बेहतरीन विकल्प बनकर उभरी है।

    वर्तमान में जियो हॉटस्टार की टॉप-10 लिस्ट में शामिल यह फिल्म साबित करती है कि वास्तविक घटनाओं पर आधारित यथार्थवादी सिनेमा दर्शकों को आकर्षित करने में पूरी तरह सफल रहता है। सस्पेंस और थ्रिलर कंटेंट के शौकीनों के लिए यह एक देखने योग्य फिल्म है।

  • सिनेमाघरों के बाद अब ओटीटी पर छाएगी ‘दृश्यम 3’, मोहनलाल की सस्पेंस थ्रिलर की रिलीज डेट का हुआ ऐलान

    सिनेमाघरों के बाद अब ओटीटी पर छाएगी ‘दृश्यम 3’, मोहनलाल की सस्पेंस थ्रिलर की रिलीज डेट का हुआ ऐलान

    नई दिल्ली । मलयालम सिनेमा की सबसे चर्चित और सफल फ्रेंचाइजी में शामिल ‘दृश्यम’ का तीसरा भाग अब डिजिटल प्लेटफॉर्म पर दर्शकों का मनोरंजन करने के लिए तैयार है। सिनेमाघरों में शानदार प्रदर्शन के बाद मोहनलाल अभिनीत ‘दृश्यम 3’ की ओटीटी रिलीज डेट आधिकारिक रूप से घोषित कर दी गई है। लंबे समय से फिल्म के डिजिटल प्रीमियर का इंतजार कर रहे दर्शकों के लिए यह बड़ी खबर मानी जा रही है।

    क्राइम और सस्पेंस से भरपूर इस फिल्म ने रिलीज के बाद बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन किया था। दर्शकों और समीक्षकों दोनों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिलने के बाद अब फिल्म को डिजिटल माध्यम से और व्यापक दर्शक वर्ग तक पहुंचाने की तैयारी पूरी कर ली गई है। फिल्म के निर्माताओं का मानना है कि ओटीटी रिलीज के जरिए देश और विदेश के करोड़ों दर्शक इस कहानी का आनंद ले सकेंगे।

    ‘दृश्यम 3’ का निर्देशन एक बार फिर जीतू जोसेफ ने किया है, जिन्होंने इस लोकप्रिय फ्रेंचाइजी के पिछले दोनों भागों को भी निर्देशित किया था। फिल्म की कहानी जॉर्जकुट्टी और उसके परिवार के इर्द-गिर्द घूमती है। तीसरे भाग में भी रहस्य, तनाव और अप्रत्याशित घटनाओं का ऐसा ताना-बाना बुना गया है जो दर्शकों को अंत तक बांधे रखता है।

    फिल्म की सबसे बड़ी ताकत इसकी कहानी और मोहनलाल का दमदार अभिनय माना जा रहा है। जॉर्जकुट्टी के किरदार ने वर्षों से दर्शकों के बीच विशेष पहचान बनाई है। यही वजह है कि तीसरे भाग को लेकर भी काफी उत्साह देखने को मिला। फिल्म ने अपनी रिलीज के साथ ही सस्पेंस थ्रिलर पसंद करने वाले दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया था।

    अब यह फिल्म 18 जून से ओटीटी प्लेटफॉर्म प्राइम वीडियो पर स्ट्रीम की जाएगी। डिजिटल रिलीज के साथ दर्शक अपने घरों में आराम से इस बहुप्रतीक्षित फिल्म का आनंद ले सकेंगे। खास बात यह है कि फिल्म केवल एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होगी, जिससे इसके डिजिटल प्रीमियर को लेकर उत्सुकता और बढ़ गई है।

    निर्माताओं ने यह भी सुनिश्चित किया है कि फिल्म अधिक से अधिक दर्शकों तक पहुंचे। इसी उद्देश्य से इसे मलयालम के अलावा अन्य भारतीय भाषाओं में भी उपलब्ध कराया जाएगा। दर्शक फिल्म को तेलुगु, तमिल और कन्नड़ डब संस्करणों में भी देख सकेंगे। इससे दक्षिण भारतीय सिनेमा के प्रशंसकों को अपनी पसंदीदा भाषा में फिल्म देखने का अवसर मिलेगा।

    फिल्म उद्योग के जानकारों का मानना है कि ‘दृश्यम 3’ की ओटीटी रिलीज को शानदार प्रतिक्रिया मिल सकती है। पिछले दो भागों की लोकप्रियता और तीसरे भाग को मिले सकारात्मक प्रतिसाद को देखते हुए डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी इसके अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद जताई जा रही है। ऐसे में जो दर्शक किसी कारणवश इसे सिनेमाघरों में नहीं देख पाए थे, उनके लिए यह फिल्म अब आसानी से उपलब्ध होगी।

    सस्पेंस, रहस्य और पारिवारिक ड्रामा के अनोखे मिश्रण से सजी ‘दृश्यम 3’ एक बार फिर जॉर्जकुट्टी की कहानी को नए मोड़ पर लेकर आती है। ओटीटी रिलीज के साथ यह फिल्म एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आने के लिए तैयार है।

  • दिल दहला देने वाला अनुभव यह फिल्म आपके दिमाग और आत्मा दोनों को झकझोर देगी

    दिल दहला देने वाला अनुभव यह फिल्म आपके दिमाग और आत्मा दोनों को झकझोर देगी


    नई दिल्ली । वीकेंड की शुरुआत अक्सर आराम और एंटरटेनमेंट के साथ होती है लेकिन कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जिन्हें सुकून नहीं बल्कि सिहरन चाहिए होती है अगर आप भी उन्हीं में से हैं और ऐसी हॉरर फिल्म की तलाश में हैं जो सिर्फ डराए नहीं बल्कि आपके अंदर तक उतर जाए तो यह फिल्म आपके लिए एक बेहतरीन अनुभव साबित हो सकती है

    साल 2023 में रिलीज हुई यह फिल्म आज भी लोगों के बीच चर्चा में बनी हुई है और इसे देखने के बाद लोग अपने दोस्तों को इसे जरूर सुझाते हैं इस फिल्म की कहानी पारंपरिक भूतिया घरों या पुराने खंडहरों से हटकर एक बेहद अनोखे कॉन्सेप्ट पर आधारित है जो इसे बाकी हॉरर फिल्मों से अलग बनाता है

    कहानी एक रहस्यमयी हाथ के इर्द गिर्द घूमती है जो ममीफाइड है यानी उस पर प्लास्टर चढ़ा हुआ है जब कोई व्यक्ति इस हाथ को पकड़कर एक खास वाक्य बोलता है तो उसके सामने एक मृत आत्मा प्रकट हो जाती है यह सिर्फ शुरुआत होती है असली डर तब शुरू होता है जब उस आत्मा को अपने शरीर में आने की अनुमति दी जाती है इसके बाद जो होता है वह दर्शकों को भीतर तक हिला देता है

    फिल्म का सबसे मजबूत पक्ष इसका रियलिस्टिक ट्रीटमेंट है इसमें जरूरत से ज्यादा वीएफएक्स का इस्तेमाल नहीं किया गया है बल्कि मेकअप साउंड डिजाइन और माहौल के जरिए डर को इस तरह रचा गया है कि हर सीन असली लगता है यही वजह है कि फिल्म देखते समय दर्शक खुद को उस स्थिति में महसूस करने लगते हैं और डर कई गुना बढ़ जाता है

    कई ऐसे दृश्य हैं जो अचानक आते हैं और दर्शक को चौंका देते हैं यह फिल्म धीरे धीरे आपको अपने जाल में फंसाती है और फिर एक ऐसा अनुभव देती है जिससे निकलना आसान नहीं होता खास बात यह है कि यह सिर्फ डराने तक सीमित नहीं रहती बल्कि इंसानी जिज्ञासा और उसके खतरनाक परिणामों को भी दिखाती है

    फिल्म को दर्शकों और क्रिटिक्स दोनों से शानदार प्रतिक्रिया मिली है इसकी कहानी निर्देशन और एक्टिंग की खूब तारीफ हुई है यह फिल्म इस बात का उदाहरण है कि अगर कॉन्सेप्ट मजबूत हो और उसे सही तरीके से पेश किया जाए तो बिना भारी तकनीक के भी गहरा असर छोड़ा जा सकता है

    दिलचस्प बात यह है कि इस फिल्म को बनाने वाले निर्देशक पहले यूट्यूब पर डरावने वीडियो बनाया करते थे उन्होंने अपने अनुभव का इस्तेमाल करते हुए फिल्म के सेट पर ऐसा माहौल तैयार किया कि कलाकारों का डर पूरी तरह असली लगे यही वजह है कि फिल्म के कई सीन बेहद नैचुरल और प्रभावशाली महसूस होते हैं

    अगर आप इस वीकेंड कुछ ऐसा देखना चाहते हैं जो आपके दिमाग में लंबे समय तक बना रहे और आपको अंधेरे से डराने लगे तो यह फिल्म जरूर देखनी चाहिए लेकिन इसे देखने से पहले खुद को तैयार कर लें क्योंकि यह अनुभव हल्का नहीं होने वाला है