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  • नवंबर में Netflix पर मनोरंजन का बड़ा धमाका, एक्शन, रोमांस, क्राइम और थ्रिलर से भरपूर फिल्में-सीरीज होंगी रिलीज

    नवंबर में Netflix पर मनोरंजन का बड़ा धमाका, एक्शन, रोमांस, क्राइम और थ्रिलर से भरपूर फिल्में-सीरीज होंगी रिलीज

    नई दिल्ली । नवंबर का पहला पखवाड़ा ओटीटी दर्शकों के लिए मनोरंजन से भरपूर रहने वाला है। 1 से 13 नवंबर के बीच नेटफ्लिक्स पर कई नई फिल्में और सीरीज रिलीज होने जा रही हैं। इस सूची में जासूसी और क्राइम थ्रिलर से लेकर डार्क कॉमेडी, रोमांस, एनिमेशन, डॉक्यूमेंट्री और ऐतिहासिक ड्रामा तक शामिल हैं। अलग-अलग विषयों और कहानियों पर आधारित ये फिल्में और सीरीज दर्शकों को मनोरंजन के कई विकल्प देंगी। इस दौरान कुछ लोकप्रिय कहानियों के नए सीजन भी देखने को मिलेंगे।

    ब्लैक डोव्स सीजन 2
    डार्क कॉमेडी और जासूसी पर आधारित थ्रिलर सीरीज ब्लैक डोव्स का दूसरा सीजन 5 नवंबर को रिलीज होगा। इसमें हेलेन और सैम की कहानी आगे बढ़ेगी। कीरा नाइटली एक बार फिर हेलेन और बेन विशॉ सैम की भूमिका में नजर आएंगे। सीरीज में जासूसी, रहस्य और रोमांच का मेल देखने को मिलेगा।

    बास एक्स माकिना
    एनिमेटेड सीरीज बास एक्स माकिना 3 नवंबर से स्ट्रीम होगी। इसमें ब्रायन टायरी हेनरी और जेनेल मोनाए की आवाजें सुनाई देंगी। इसकी कहानी वाइल्ड वेस्ट के एक काल्पनिक स्टीमपंक संसार पर आधारित है। इस दुनिया में खतरनाक अपराधियों, भाप से चलने वाले रोबोटों और अलौकिक शक्तियों का प्रभाव दिखाई देता है। अनोखी काल्पनिक दुनिया और एनिमेशन पसंद करने वाले दर्शकों के लिए यह एक अलग तरह की पेशकश होगी।

    माइक टायसन: रिटर्न ऑफ द माइक
    बॉक्सिंग जगत के दिग्गज माइक टायसन इस विशेष कार्यक्रम के जरिए अपनी जिंदगी से जुड़े अनुभव साझा करेंगे। इसमें उन्हें अपने जीवन की कहानी खुलकर बताने का मौका मिलेगा। कार्यक्रम में उनका बेबाक अंदाज और हास्य से भरी बातचीत भी देखने को मिलेगी।

    अ डॉग्स परफेक्ट क्रिसमस
    यह फिल्म 4 नवंबर को रिलीज होगी। इसमें डेनिस क्वैड मुख्य भूमिका में हैं। कहानी गॉस परिवार, प्यार और उनके वफादार कुत्ते विनस्टेड के इर्द-गिर्द घूमती है। एक आपातकालीन स्थिति के कारण परिवार के सदस्य एक-दूसरे से अलग हो जाते हैं। इसके बाद विनस्टेड क्रिसमस से पहले सभी को फिर से मिलाने की कोशिश करता है। फिल्म में पारिवारिक रिश्तों और एक पालतू जानवर के लगाव को दिखाया गया है।

    टेकन: नताली होलोवे
    तीन भागों वाली यह डॉक्यूमेंट्री 4 नवंबर से स्ट्रीम होगी। इसमें नताली होलोवे के लापता होने का मामला दिखाया गया है। वह मई 2005 में अरूबा में स्कूल की ग्रेजुएशन यात्रा के दौरान गायब हो गई थीं। उनकी मां बेथ ने इस मामले का जवाब तलाशने में कई साल बिताए। डॉक्यूमेंट्री में मामले से जुड़े लोगों के साक्षात्कार और बयानों के माध्यम से इस घटना को दोबारा सामने लाया गया है।

    पॉसिबल लव
    6 नवंबर को रिलीज होने वाली इस फिल्म में दो दंपतियों की कहानी दिखाई गई है। एक नौकरी से निकाला गया कर्मचारी अपनी पत्नी के साथ एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म निर्माता और उसके पति से मिलता है। इस मुलाकात के बाद चारों के जीवन में कई निजी सवाल और दबी हुई इच्छाएं सामने आने लगती हैं। कहानी रिश्तों, व्यक्तिगत फैसलों और जीवन को लेकर लोगों की सोच पर केंद्रित है।

    एवेडन
    11 नवंबर को रिलीज होने वाली यह डॉक्यूमेंट्री प्रसिद्ध फोटोग्राफर रिचर्ड एवेडन के जीवन और काम पर आधारित है। उन्हें 20वीं सदी के प्रभावशाली फोटोग्राफरों में गिना जाता है। मशहूर हस्तियों, राजनीतिक नेताओं और मॉडलों के पोर्ट्रेट के लिए उनकी विशेष पहचान रही। फैशन फोटोग्राफी और लोकप्रिय संस्कृति को आकार देने में भी उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा।

    द बॉडी
    11 नवंबर को स्ट्रीम होने वाली इस फिल्म की कहानी एक डांस टीम के कार्यक्रम में हुई गड़बड़ी के बाद शुरू होती है। इसके बाद पूरा शहर ग्रेस से जुड़े सवालों के जवाब तलाशने लगता है। अफवाहें फैलने के साथ रहस्य गहराता जाता है और पूरे समुदाय पर इसका असर पड़ने का खतरा पैदा हो जाता है।

    द एम्प्रेस सीजन 3
    यह सीरीज 12 नवंबर को रिलीज होगी। कहानी ऑस्ट्रिया की एलिजाबेथ की वापसी से आगे बढ़ती है। शाही परिवार एक विनाशकारी युद्ध के बाद के हालात से जूझ रहा है। एलिजाबेथ अपने सदमे से परेशान पति फ्रांज को संभालने के साथ शाही दरबार में बदलाव लाने की कोशिश करती है। इसी दौरान हंगेरियन क्रांतिकारी काउंट एंड्रासी के साथ उसका अप्रत्याशित संबंध निजी जीवन और शाही जिम्मेदारियों के बीच नई चुनौतियां खड़ी करता है।

    मर्डर इन गैलिसिया
    13 नवंबर को रिलीज होने वाला यह क्राइम ड्रामा सच्ची घटनाओं से प्रेरित है। इसकी कहानी गैलिसिया के एक शांत कस्बे में होने वाली सिलसिलेवार चोरियों और आइरीन पर हुए हिंसक हमले के बाद शुरू होती है। अस्पताल में भर्ती आइरीन के मामले की जांच के दौरान सिविल गार्ड के सार्जेंट एलियास को उसके पति एनिसेटो पर शक होता है। इसके बाद घटनाओं के पीछे की सच्चाई तलाशने की कोशिश शुरू होती है।

  • ऑस्कर के लिए भारत की आधिकारिक पसंद बनी मराठी थ्रिलर फिल्म ‘गोंधल’ 13 नवंबर को छह भाषाओं में सिनेमाघरों में होगी रिलीज

    ऑस्कर के लिए भारत की आधिकारिक पसंद बनी मराठी थ्रिलर फिल्म ‘गोंधल’ 13 नवंबर को छह भाषाओं में सिनेमाघरों में होगी रिलीज

    नई दिल्ली । मराठी थ्रिलर फिल्म ‘गोंधल’ अब देशभर के सिनेमाघरों में दस्तक देने के लिए तैयार है। 99वें अकादमी पुरस्कारों में सर्वश्रेष्ठ अंतरराष्ट्रीय फीचर फिल्म श्रेणी के लिए भारत की आधिकारिक प्रविष्टि के रूप में चुनी गई यह फिल्म 13 नवंबर को रिलीज होगी। फिल्म को लेकर दर्शकों के बीच उत्सुकता बनी हुई है, क्योंकि इसकी कहानी महाराष्ट्र की सदियों पुरानी धार्मिक परंपरा ‘गोंधल’ के इर्द-गिर्द बुनी गई है। संतोष दावखर के निर्देशन में बनी यह फिल्म मराठी के साथ हिंदी, तमिल, तेलुगु, मलयालम और कन्नड़ भाषाओं में भी प्रदर्शित की जाएगी। इस तरह दर्शक इसे कुल छह भाषाओं में देख सकेंगे।

    ‘गोंधल’ को भारत की आधिकारिक ऑस्कर प्रविष्टि के रूप में 18 सितंबर को चुने जाने की घोषणा की गई थी। इस चयन के दौरान फिल्म ने 33 अन्य फिल्मों को पीछे छोड़ा। इसके बाद से ही फिल्म को लेकर चर्चा बढ़ गई थी। अब सिनेमाघरों में इसकी रिलीज की तारीख सामने आने के बाद दर्शकों को इसकी कहानी बड़े पर्दे पर देखने का अवसर मिलेगा। फिल्म का निर्माण और निर्देशन संतोष दावखर ने किया है। इसकी पटकथा भी उन्होंने ही लिखी है। फिल्म का निर्माण दावखर फिल्म्स के बैनर तले किया गया है।

    फिल्म की कहानी ग्रामीण महाराष्ट्र की पृष्ठभूमि में आगे बढ़ती है। इसमें आधी रात को आयोजित होने वाले पारंपरिक गोंधल समारोह को कथा का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया है। गोंधल महाराष्ट्र की एक पुरानी धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा है, जिसे फिल्म में कहानी को आगे बढ़ाने वाले प्रमुख तत्व के रूप में प्रस्तुत किया गया है। इसी समारोह के दौरान पात्रों के जीवन से जुड़े रहस्य सामने आने लगते हैं और घटनाएं धीरे-धीरे गंभीर मोड़ लेती हैं।

    फिल्म में इशिता देशमुख सुमन नाम की महिला की भूमिका निभा रही हैं। सुमन की शादी एक अमीर परिवार में होती है, लेकिन वह अपनी जिंदगी से परेशान रहती है। इसी दौरान उसकी मुलाकात साहेबा नाम के एक आकर्षक गोंधली कलाकार से होती है। इस मुलाकात के बाद उसकी जिंदगी में कई बदलाव आते हैं। कहानी आगे बढ़ने के साथ रिश्तों की जटिलताएं, धोखे और विश्वासघात जैसे पहलू उभरते हैं। घटनाक्रम धीरे-धीरे हत्या की साजिश तक पहुंच जाता है। रातभर चलने वाला गोंधल समारोह इन घटनाओं को जोड़ने और कहानी के रहस्य को गहरा करने में अहम भूमिका निभाता है।

    ‘गोंधल’ में किशोर कदम, इशिता देशमुख, योगेश सोहोनी, निषाद भोईर और अनुज प्रभु प्रमुख भूमिकाओं में नजर आएंगे। फिल्म में कलाकारों के अभिनय के साथ इसकी कहानी और पारंपरिक सांस्कृतिक पृष्ठभूमि को भी महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। ग्रामीण महाराष्ट्र का वातावरण और धार्मिक समारोह कथानक को विशिष्ट पहचान देते हैं।फिल्म के संगीत की जिम्मेदारी दिग्गज संगीतकार इलैयाराजा ने संभाली है। वहीं, अमलेंदु चौधरी ने सिनेमैटोग्राफी की है। संगीत और दृश्यांकन के जरिए फिल्म के वातावरण तथा घटनाओं को प्रभावी रूप से पर्दे पर प्रस्तुत करने का प्रयास किया गया है।

    ऑस्कर के लिए भारत की आधिकारिक प्रविष्टि चुने जाने के बाद ‘गोंधल’ की पहचान देश के बाहर भी बढ़ने की संभावना है। हालांकि, फिल्म की अगली महत्वपूर्ण परीक्षा सिनेमाघरों में होगी, जहां दर्शकों की प्रतिक्रिया उसके प्रदर्शन को लेकर तस्वीर साफ करेगी। 13 नवंबर को रिलीज होने वाली यह मराठी थ्रिलर छह भाषाओं में दर्शकों तक पहुंचेगी। अब देखना होगा कि महाराष्ट्र की पारंपरिक धार्मिक संस्कृति, रहस्य और रिश्तों की उलझनों पर आधारित यह कहानी दर्शकों को कितना प्रभावित करती है।

  • गोंधल की ऑस्कर एंट्री पर अनुराग कश्यप की टिप्पणी के बाद डायरेक्टर संतोष डावखर ने दिया जवाब

    गोंधल की ऑस्कर एंट्री पर अनुराग कश्यप की टिप्पणी के बाद डायरेक्टर संतोष डावखर ने दिया जवाब

    नई दिल्ली ।गोंधल फिल्म के भारत की ओर से ऑस्कर 2027 के लिए आधिकारिक एंट्री चुने जाने के बाद फिल्म को लेकर चर्चा तेज हो गई है। फिल्मकार अनुराग कश्यप ने गोंधल के चयन पर सवाल उठाते हुए कहा था कि भारत कई बड़े अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों में इसलिए पीछे रह जाता है क्योंकि कई बार फिल्मों के चयन में सही विकल्प नहीं चुने जाते। अब गोंधल के निर्देशक संतोष डावखर ने इस टिप्पणी पर प्रतिक्रिया दी है और कहा है कि किसी भी फिल्म पर फैसला सुनाने से पहले उसे देखना जरूरी है।

    संतोष डावखर के मुताबिक उन्होंने गोंधल के बारे में अनुराग कश्यप से पहले भी बातचीत की थी। उन्होंने बताया कि एक फ्लाइट के दौरान उन्होंने अनुराग को अपनी फिल्म के बारे में जानकारी दी थी। उस समय अनुराग ने फिल्म देखने की बात कही थी। हालांकि, संतोष का दावा है कि इसके बाद फिल्म उन्हें दिखाई नहीं गई और मुंबई में भी फिल्म उपलब्ध नहीं है।

    फिल्म के चयन और उस पर हो रही चर्चाओं के बीच संतोष ने लोगों से अपील की कि वे किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले गोंधल को जरूर देखें। उनका कहना है कि फिल्म को लेकर राय बनाने से पहले उसे समझना जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि एक फिल्मकार के तौर पर वह इस जिम्मेदारी को समझते हैं कि उनकी फिल्म अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करने जा रही है।

    संतोष डावखर ने कहा कि गोंधल एक साइकोलॉजिकल थ्रिलर फिल्म है, जिसमें मराठी संस्कृति के साथ वैश्विक दर्शकों को ध्यान में रखकर कहानी और प्रस्तुति तैयार की गई है। उनके अनुसार फिल्म को बड़े पर्दे के लिए बनाया गया है और इसका उद्देश्य केवल ओटीटी दर्शकों तक सीमित रहना नहीं है।

    उन्होंने दर्शकों से फिल्म को थिएटर में देखने की अपील करते हुए कहा कि दोबारा रिलीज होने पर लोग इसे बड़े पर्दे पर देखें और इसके बाद अपना फैसला सुनाएं। संतोष ने यह भी कहा कि उन्हें पता है कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करना एक बड़ी जिम्मेदारी है और वह अपने देश को निराश नहीं करना चाहते।

    वहीं, अनुराग कश्यप ने अपनी पिछली टिप्पणी में कहा था कि भारत कई बड़े पुरस्कारों में अपेक्षित सफलता हासिल नहीं कर पाता, क्योंकि कई बार फिल्मों का चयन सही तरीके से नहीं होता। उन्होंने उदाहरण देते हुए कुछ ऐसी भारतीय फिल्मों का भी उल्लेख किया था, जिन्हें उनके मुताबिक सही चयन के बावजूद अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों में सफलता नहीं मिली।

    अनुराग ने यह भी कहा था कि किसी फिल्म को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भेजने से पहले उसे विदेशों के प्रतिष्ठित फिल्म समारोहों में ले जाना और अमेरिकी वितरण की संभावनाओं को देखना महत्वपूर्ण होना चाहिए। उनके अनुसार गोंधल को पहले अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोहों में अपनी मौजूदगी दर्ज करानी चाहिए थी।

    गोंधल साल 2025 में रिलीज हुई मराठी भाषा की ड्रामा थ्रिलर फिल्म है। इसका लेखन और निर्देशन संतोष डावखर ने किया है। फिल्म को 99वें अकादमी पुरस्कार यानी ऑस्कर 2027 में बेस्ट इंटरनेशनल फीचर फिल्म श्रेणी के लिए भारत की आधिकारिक एंट्री के रूप में चुना गया है। अब फिल्म को लेकर उठी बहस के बीच निर्देशक ने दर्शकों से अपील की है कि वे पहले फिल्म देखें और उसके बाद ही उसके चयन या कहानी को लेकर अपनी राय बनाएं।

  • 6 एपिसोड की डार्क साइकोलॉजिकल थ्रिलर ‘मिथ्या’ में रिश्तों का ऐसा उलझा खेल, हर ट्विस्ट के साथ बढ़ेगा सस्पेंस और बेचैनी

    6 एपिसोड की डार्क साइकोलॉजिकल थ्रिलर ‘मिथ्या’ में रिश्तों का ऐसा उलझा खेल, हर ट्विस्ट के साथ बढ़ेगा सस्पेंस और बेचैनी

    नई दिल्ली । ओटीटी पर थ्रिलर और सस्पेंस पसंद करने वाले दर्शकों के लिए ‘मिथ्या: द स्टोरी ऑफ ए लाइ’ एक ऐसी साइकोलॉजिकल थ्रिलर सीरीज है, जिसमें रिश्तों के साथ झूठ, बदला और रहस्य लगातार कहानी को आगे बढ़ाते हैं। सीरीज की कहानी इस तरह बुनी गई है कि जैसे-जैसे घटनाएं सामने आती हैं, दर्शकों के लिए किरदारों की असलियत समझना मुश्किल होता जाता है।

    इस सीरीज में हुमा कुरैशी और अवंतिका दसानी अहम भूमिकाओं में नजर आती हैं। अवंतिका दसानी अभिनेत्री भाग्यश्री की बेटी हैं और उन्होंने इसी सीरीज के जरिए अभिनय की दुनिया में कदम रखा था। सीरीज में उनके अभिनय को दर्शकों की ओर से अच्छा रिस्पॉन्स मिला, जबकि हुमा कुरैशी के प्रदर्शन ने भी कहानी को प्रभावशाली बनाने में अहम भूमिका निभाई।

    कहानी जूही के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसका किरदार हुमा कुरैशी ने निभाया है। जूही पेशे से हिंदी की प्रोफेसर है। कहानी में उस समय बड़ा मोड़ आता है, जब जूही अपनी छात्रा रिहा पर साहित्यिक चोरी का आरोप लगाती है। इस आरोप के बाद रिहा खुद को अपमानित महसूस करती है और जूही से बदला लेने का फैसला करती है।

    रिहा का बदला धीरे-धीरे जूही की पेशेवर जिंदगी से निकलकर उसकी निजी जिंदगी तक पहुंच जाता है। इसके बाद कहानी में कई ऐसे मोड़ आते हैं, जो दोनों किरदारों के रिश्ते और उनके अतीत को नए तरीके से सामने लाते हैं। दर्शकों को लगातार यह सवाल परेशान करता है कि आखिर कौन सच बोल रहा है और कौन अपने फायदे के लिए कहानी को बदल रहा है।

    कहानी का एक बड़ा खुलासा तब होता है, जब जूही को पता चलता है कि रिहा केवल उसकी छात्रा नहीं बल्कि उसकी सौतेली बहन है। इस जानकारी के बाद दोनों के बीच चल रहा तनाव और भी गहरा हो जाता है। कहानी में पारिवारिक रिश्ते, पुराने गिले-शिकवे और बदले की भावना एक-दूसरे से जुड़ने लगते हैं।

    इसके बाद जूही की जिंदगी में मुश्किलें और बढ़ जाती हैं। उसे अपने पति और पिता को खोने का दुख झेलना पड़ता है। इन घटनाओं के बाद वह अपनी जिंदगी को संभालने की कोशिश करती है, लेकिन कहानी तब एक और खतरनाक मोड़ लेती है जब रिहा की नजर जूही के बेटे पर पड़ती है। इसके बाद जूही के सामने अपने परिवार और बच्चे को लेकर नई चुनौती खड़ी हो जाती है।

    सीरीज की खासियत इसके ट्विस्ट और टर्न हैं। कहानी में रिश्तों को केवल भावनात्मक नजरिए से नहीं दिखाया गया, बल्कि उनमें छिपे तनाव, अविश्वास और बदले की भावना को भी प्रमुखता दी गई है। यही वजह है कि एक घटना के बाद दूसरी घटना दर्शकों की उत्सुकता बनाए रखती है।

    ‘मिथ्या’ के पहले सीजन में छह एपिसोड हैं और प्रत्येक एपिसोड लगभग 40 से 50 मिनट का है। दूसरे सीजन में भी छह एपिसोड हैं। यानी दोनों सीजन मिलाकर दर्शकों को कहानी के 12 एपिसोड देखने को मिलते हैं। सीरीज हिंदी के अलावा तमिल और तेलुगु भाषाओं में भी उपलब्ध है।

    सीरीज को दर्शक ZEE5 पर देख सकते हैं। इसकी IMDb रेटिंग 6.8 बताई गई है। अगर आपको ऐसी कहानियां पसंद हैं, जिनमें पारिवारिक रिश्तों के साथ मनोवैज्ञानिक तनाव, रहस्य और बदले की भावना जुड़ी हो, तो ‘मिथ्या: द स्टोरी ऑफ ए लाइ’ आपकी ओटीटी वॉचलिस्ट में शामिल हो सकती है।

  • ‘हैवान’ ट्रेलर में खूंखार अक्षय कुमार और अंधे सैफ अली खान की भिड़ंत ने बढ़ाया सस्पेंस, 18 साल बाद साथ आए सितारे

    ‘हैवान’ ट्रेलर में खूंखार अक्षय कुमार और अंधे सैफ अली खान की भिड़ंत ने बढ़ाया सस्पेंस, 18 साल बाद साथ आए सितारे

    नई दिल्ली ।अक्षय कुमार और सैफ अली खान की जोड़ी करीब 18 साल के लंबे अंतराल के बाद बड़े पर्दे पर एक साथ दिखाई देने जा रही है। दोनों की आगामी फिल्म ‘हैवान’ का ट्रेलर रिलीज हो चुका है और इसमें एक्शन, अपराध, सस्पेंस तथा सर्वाइवल ड्रामा का गहरा मिश्रण नजर आता है। ट्रेलर में दोनों कलाकार बिल्कुल अलग और चुनौतीपूर्ण भूमिकाओं में दिखाई दे रहे हैं।

    फिल्म में अक्षय कुमार का किरदार बेहद खतरनाक और हिंसक नजर आता है। उनके हावभाव, संवाद और स्क्रीन प्रेजेंस से एक ऐसे व्यक्ति की छवि सामने आती है, जिसकी मानसिकता सामान्य अपराधी से अलग है। ट्रेलर में उनका किरदार लगातार खतरे और तनाव का माहौल पैदा करता दिखाई देता है।

    दूसरी ओर सैफ अली खान एक ऐसे व्यक्ति की भूमिका निभा रहे हैं, जिसकी आंखों की रोशनी नहीं है। इसके बावजूद उनका किरदार परिस्थितियों के सामने कमजोर पड़ता नजर नहीं आता। वह अपनी समझ, साहस और आसपास की चीजों को महसूस करने की क्षमता के सहारे मुश्किल हालात से निपटने की कोशिश करता दिखाई देता है।

    ट्रेलर में सैफ के किरदार का जेल से जुड़ा हिस्सा भी नजर आता है। कहानी में अक्षय और सैफ के किरदारों के बीच सिर्फ शारीरिक संघर्ष ही नहीं, बल्कि एक मानसिक मुकाबले की संभावना भी दिखाई देती है। इसी वजह से फिल्म की कहानी को लेकर दर्शकों के बीच उत्सुकता बढ़ी है।

    ‘हैवान’ की एक खास बात अक्षय कुमार और सैफ अली खान की लंबे समय बाद हुई वापसी है। दोनों कलाकार इससे पहले भी साथ काम कर चुके हैं, लेकिन करीब 18 साल बाद किसी फिल्म में उनकी जोड़ी देखने को मिलेगी। इस वजह से दोनों की ऑनस्क्रीन केमिस्ट्री भी फिल्म के प्रमुख आकर्षणों में शामिल है।

    फिल्म में बोमन ईरानी, सैयामी खेर, श्रिया पिलगांवकर, शारिब हाशमी और जिशु सेनगुप्ता भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में हैं। इसके अलावा मलयालम सिनेमा के दिग्गज अभिनेता मोहनलाल के स्पेशल कैमियो की चर्चा भी फिल्म को लेकर उत्सुकता बढ़ा रही है। हालांकि ट्रेलर में उनका कैमियो दर्शकों के लिए अलग आकर्षण का विषय बना हुआ है।

    ‘हैवान’ का निर्देशन प्रियदर्शन ने किया है। यह फिल्म उनकी 2016 में रिलीज हुई मलयालम क्राइम थ्रिलर ‘ओप्पम’ का आधिकारिक हिंदी रीमेक है। मूल फिल्म में मोहनलाल ने मुख्य भूमिका निभाई थी। हिंदी संस्करण में कहानी को अक्षय कुमार और सैफ अली खान जैसे कलाकारों के साथ नए अंदाज में प्रस्तुत किया गया है।

    ट्रेलर से संकेत मिलता है कि फिल्म में अपराध और रहस्य के साथ-साथ मुख्य किरदारों के संघर्ष को भी प्रमुखता दी गई है। अक्षय का खतरनाक अवतार और सैफ का दृष्टिहीन किरदार कहानी के दो महत्वपूर्ण हिस्से दिखाई देते हैं।

    ‘हैवान’ में एक्शन के साथ तनाव और रहस्य को बनाए रखने की कोशिश की गई है। ट्रेलर में दिखाए गए दृश्य फिल्म की गंभीर और डार्क टोन को सामने रखते हैं। अब दर्शकों की नजर इस बात पर है कि फिल्म में दोनों किरदारों की टक्कर किस दिशा में जाती है और कहानी का अंतिम परिणाम क्या होता है।

    अक्षय कुमार और सैफ अली खान अभिनीत ‘हैवान’ 11 सितंबर को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है। लंबे समय बाद दोनों सितारों की जोड़ी और प्रियदर्शन के निर्देशन में तैयार इस क्राइम थ्रिलर को लेकर फिल्म प्रेमियों की दिलचस्पी बनी हुई है।

  • सच्ची घटनाओं पर आधारित मलयालम क्राइम थ्रिलर फिल्म 'उइर' ओटीटी प्लेटफॉर्म जियो हॉटस्टार पर दर्शकों को खूब भा रही है।

    सच्ची घटनाओं पर आधारित मलयालम क्राइम थ्रिलर फिल्म 'उइर' ओटीटी प्लेटफॉर्म जियो हॉटस्टार पर दर्शकों को खूब भा रही है।

    नई दिल्ली ।डिजिटल स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स पर सस्पेंस और क्राइम थ्रिलर शैलियों की फिल्मों को दर्शकों द्वारा काफी पसंद किया जा रहा है। इसी क्रम में जियो हॉटस्टार पर स्ट्रीम हो रही मलयालम भाषा की क्राइम थ्रिलर फिल्म ‘उइर’ दर्शकों के बीच जबरदस्त चर्चा का विषय बनी हुई है। सच्ची घटनाओं पर आधारित यह फिल्म अपने अनूठे कथानक और अप्रत्याशित मोड़ों के चलते लगातार ट्रेंडिंग लिस्ट में बनी हुई है।

    यह फिल्म एक पुलिस अधिकारी अनशाद एस. के वास्तविक जीवन के अनुभवों और सच्ची घटनाओं पर आधारित है। फिल्म की पटकथा दर्शकों को शुरुआत से ही बांधे रखती है। कहानी की शुरुआत एक सामान्य ट्रेन यात्रा से होती है, जहां सफर के दौरान परिवार की एक छोटी बच्ची अचानक गायब हो जाती है। इस घटना के बाद दर्शकों को लगता है कि पूरी कहानी बच्ची की खोज के इर्द-गिर्द घूमेगी, लेकिन यहीं से फिल्म एक नया मोड़ लेती है।

    कहानी जैसे-जैसे आगे बढ़ती है, जांच अधिकारियों को एक कुएं में महिला का संदिग्ध शव मिलने की सूचना प्राप्त होती है। शुरुआती जांच में मामला आत्महत्या का प्रतीत होता है, लेकिन परिस्थितिजन्य साक्ष्यों की गहन जांच के बाद पुलिस को अहसास होता है कि यह आत्महत्या नहीं बल्कि बेहद सोच-समझकर अंजाम दिया गया हत्याकांड है।

    हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने के लिए जब पुलिस जांच का दायरा बढ़ाती है, तो हर चरण पर नए और चौंकाने वाले तथ्य सामने आते हैं। फिल्म में एक के बाद एक आने वाले मोड़ दर्शकों का सस्पेंस बढ़ाए रखते हैं। जब भी ऐसा प्रतीत होता है कि केस हल हो चुका है, तभी कहानी में आया एक नया मोड़ पूरी जांच प्रक्रिया को एक नई दिशा में मोड़ देता है।

    फिल्म का निर्देशन एम. पद्मकुमार ने किया है, जिन्होंने थ्रिलर जॉनर के तत्वों का बेहद कुशलता से संयोजन किया है। मुख्य भूमिकाओं में सैयामी खेर, रोशन मैथ्यू, दिव्या एम. नायर और विनीत थट्टिल डेविड जैसे कुशल कलाकारों ने अपने अभिनय की छाप छोड़ी है। फिल्म की संवाद अदायगी और बैकग्राउंड स्कोर सस्पेंस को और गहरा बनाता है।

    डिजिटल माध्यमों की बढ़ती पहुंच के कारण देश के विभिन्न हिस्सों में क्षेत्रीय भाषाओं की उत्कृष्ट फिल्मों की लोकप्रियता बढ़ी है। मध्य प्रदेश के इंदौर, भोपाल और ग्वालियर जैसे शहरों में भी ओटीटी के माध्यम से दक्षिण भारतीय सिनेमा की थ्रिलर फिल्मों को काफी पसंद किया जा रहा है। हिंदी भाषा में डब होकर उपलब्ध होने के कारण राज्य के दर्शक भी इस फिल्म का पूरा आनंद ले रहे हैं।

    फिल्म समीक्षकों और दर्शकों की ओर से इस फिल्म को मिली-जुली और विचारोत्तेजक प्रतिक्रियाएं मिली हैं। आईएमडीबी पर 6.5 की रेटिंग हासिल करने वाली यह फिल्म अपनी मनोरंजक और कसी हुई पटकथा के कारण इस वीकेंड के लिए एक बेहतरीन विकल्प बनकर उभरी है।

    वर्तमान में जियो हॉटस्टार की टॉप-10 लिस्ट में शामिल यह फिल्म साबित करती है कि वास्तविक घटनाओं पर आधारित यथार्थवादी सिनेमा दर्शकों को आकर्षित करने में पूरी तरह सफल रहता है। सस्पेंस और थ्रिलर कंटेंट के शौकीनों के लिए यह एक देखने योग्य फिल्म है।

  • सिनेमाघरों के बाद अब ओटीटी पर छाएगी ‘दृश्यम 3’, मोहनलाल की सस्पेंस थ्रिलर की रिलीज डेट का हुआ ऐलान

    सिनेमाघरों के बाद अब ओटीटी पर छाएगी ‘दृश्यम 3’, मोहनलाल की सस्पेंस थ्रिलर की रिलीज डेट का हुआ ऐलान

    नई दिल्ली । मलयालम सिनेमा की सबसे चर्चित और सफल फ्रेंचाइजी में शामिल ‘दृश्यम’ का तीसरा भाग अब डिजिटल प्लेटफॉर्म पर दर्शकों का मनोरंजन करने के लिए तैयार है। सिनेमाघरों में शानदार प्रदर्शन के बाद मोहनलाल अभिनीत ‘दृश्यम 3’ की ओटीटी रिलीज डेट आधिकारिक रूप से घोषित कर दी गई है। लंबे समय से फिल्म के डिजिटल प्रीमियर का इंतजार कर रहे दर्शकों के लिए यह बड़ी खबर मानी जा रही है।

    क्राइम और सस्पेंस से भरपूर इस फिल्म ने रिलीज के बाद बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन किया था। दर्शकों और समीक्षकों दोनों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिलने के बाद अब फिल्म को डिजिटल माध्यम से और व्यापक दर्शक वर्ग तक पहुंचाने की तैयारी पूरी कर ली गई है। फिल्म के निर्माताओं का मानना है कि ओटीटी रिलीज के जरिए देश और विदेश के करोड़ों दर्शक इस कहानी का आनंद ले सकेंगे।

    ‘दृश्यम 3’ का निर्देशन एक बार फिर जीतू जोसेफ ने किया है, जिन्होंने इस लोकप्रिय फ्रेंचाइजी के पिछले दोनों भागों को भी निर्देशित किया था। फिल्म की कहानी जॉर्जकुट्टी और उसके परिवार के इर्द-गिर्द घूमती है। तीसरे भाग में भी रहस्य, तनाव और अप्रत्याशित घटनाओं का ऐसा ताना-बाना बुना गया है जो दर्शकों को अंत तक बांधे रखता है।

    फिल्म की सबसे बड़ी ताकत इसकी कहानी और मोहनलाल का दमदार अभिनय माना जा रहा है। जॉर्जकुट्टी के किरदार ने वर्षों से दर्शकों के बीच विशेष पहचान बनाई है। यही वजह है कि तीसरे भाग को लेकर भी काफी उत्साह देखने को मिला। फिल्म ने अपनी रिलीज के साथ ही सस्पेंस थ्रिलर पसंद करने वाले दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया था।

    अब यह फिल्म 18 जून से ओटीटी प्लेटफॉर्म प्राइम वीडियो पर स्ट्रीम की जाएगी। डिजिटल रिलीज के साथ दर्शक अपने घरों में आराम से इस बहुप्रतीक्षित फिल्म का आनंद ले सकेंगे। खास बात यह है कि फिल्म केवल एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होगी, जिससे इसके डिजिटल प्रीमियर को लेकर उत्सुकता और बढ़ गई है।

    निर्माताओं ने यह भी सुनिश्चित किया है कि फिल्म अधिक से अधिक दर्शकों तक पहुंचे। इसी उद्देश्य से इसे मलयालम के अलावा अन्य भारतीय भाषाओं में भी उपलब्ध कराया जाएगा। दर्शक फिल्म को तेलुगु, तमिल और कन्नड़ डब संस्करणों में भी देख सकेंगे। इससे दक्षिण भारतीय सिनेमा के प्रशंसकों को अपनी पसंदीदा भाषा में फिल्म देखने का अवसर मिलेगा।

    फिल्म उद्योग के जानकारों का मानना है कि ‘दृश्यम 3’ की ओटीटी रिलीज को शानदार प्रतिक्रिया मिल सकती है। पिछले दो भागों की लोकप्रियता और तीसरे भाग को मिले सकारात्मक प्रतिसाद को देखते हुए डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी इसके अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद जताई जा रही है। ऐसे में जो दर्शक किसी कारणवश इसे सिनेमाघरों में नहीं देख पाए थे, उनके लिए यह फिल्म अब आसानी से उपलब्ध होगी।

    सस्पेंस, रहस्य और पारिवारिक ड्रामा के अनोखे मिश्रण से सजी ‘दृश्यम 3’ एक बार फिर जॉर्जकुट्टी की कहानी को नए मोड़ पर लेकर आती है। ओटीटी रिलीज के साथ यह फिल्म एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आने के लिए तैयार है।

  • दिल दहला देने वाला अनुभव यह फिल्म आपके दिमाग और आत्मा दोनों को झकझोर देगी

    दिल दहला देने वाला अनुभव यह फिल्म आपके दिमाग और आत्मा दोनों को झकझोर देगी


    नई दिल्ली । वीकेंड की शुरुआत अक्सर आराम और एंटरटेनमेंट के साथ होती है लेकिन कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जिन्हें सुकून नहीं बल्कि सिहरन चाहिए होती है अगर आप भी उन्हीं में से हैं और ऐसी हॉरर फिल्म की तलाश में हैं जो सिर्फ डराए नहीं बल्कि आपके अंदर तक उतर जाए तो यह फिल्म आपके लिए एक बेहतरीन अनुभव साबित हो सकती है

    साल 2023 में रिलीज हुई यह फिल्म आज भी लोगों के बीच चर्चा में बनी हुई है और इसे देखने के बाद लोग अपने दोस्तों को इसे जरूर सुझाते हैं इस फिल्म की कहानी पारंपरिक भूतिया घरों या पुराने खंडहरों से हटकर एक बेहद अनोखे कॉन्सेप्ट पर आधारित है जो इसे बाकी हॉरर फिल्मों से अलग बनाता है

    कहानी एक रहस्यमयी हाथ के इर्द गिर्द घूमती है जो ममीफाइड है यानी उस पर प्लास्टर चढ़ा हुआ है जब कोई व्यक्ति इस हाथ को पकड़कर एक खास वाक्य बोलता है तो उसके सामने एक मृत आत्मा प्रकट हो जाती है यह सिर्फ शुरुआत होती है असली डर तब शुरू होता है जब उस आत्मा को अपने शरीर में आने की अनुमति दी जाती है इसके बाद जो होता है वह दर्शकों को भीतर तक हिला देता है

    फिल्म का सबसे मजबूत पक्ष इसका रियलिस्टिक ट्रीटमेंट है इसमें जरूरत से ज्यादा वीएफएक्स का इस्तेमाल नहीं किया गया है बल्कि मेकअप साउंड डिजाइन और माहौल के जरिए डर को इस तरह रचा गया है कि हर सीन असली लगता है यही वजह है कि फिल्म देखते समय दर्शक खुद को उस स्थिति में महसूस करने लगते हैं और डर कई गुना बढ़ जाता है

    कई ऐसे दृश्य हैं जो अचानक आते हैं और दर्शक को चौंका देते हैं यह फिल्म धीरे धीरे आपको अपने जाल में फंसाती है और फिर एक ऐसा अनुभव देती है जिससे निकलना आसान नहीं होता खास बात यह है कि यह सिर्फ डराने तक सीमित नहीं रहती बल्कि इंसानी जिज्ञासा और उसके खतरनाक परिणामों को भी दिखाती है

    फिल्म को दर्शकों और क्रिटिक्स दोनों से शानदार प्रतिक्रिया मिली है इसकी कहानी निर्देशन और एक्टिंग की खूब तारीफ हुई है यह फिल्म इस बात का उदाहरण है कि अगर कॉन्सेप्ट मजबूत हो और उसे सही तरीके से पेश किया जाए तो बिना भारी तकनीक के भी गहरा असर छोड़ा जा सकता है

    दिलचस्प बात यह है कि इस फिल्म को बनाने वाले निर्देशक पहले यूट्यूब पर डरावने वीडियो बनाया करते थे उन्होंने अपने अनुभव का इस्तेमाल करते हुए फिल्म के सेट पर ऐसा माहौल तैयार किया कि कलाकारों का डर पूरी तरह असली लगे यही वजह है कि फिल्म के कई सीन बेहद नैचुरल और प्रभावशाली महसूस होते हैं

    अगर आप इस वीकेंड कुछ ऐसा देखना चाहते हैं जो आपके दिमाग में लंबे समय तक बना रहे और आपको अंधेरे से डराने लगे तो यह फिल्म जरूर देखनी चाहिए लेकिन इसे देखने से पहले खुद को तैयार कर लें क्योंकि यह अनुभव हल्का नहीं होने वाला है