सच्ची घटनाओं पर आधारित मलयालम क्राइम थ्रिलर फिल्म 'उइर' ओटीटी प्लेटफॉर्म जियो हॉटस्टार पर दर्शकों को खूब भा रही है।

नई दिल्ली ।डिजिटल स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स पर सस्पेंस और क्राइम थ्रिलर शैलियों की फिल्मों को दर्शकों द्वारा काफी पसंद किया जा रहा है। इसी क्रम में जियो हॉटस्टार पर स्ट्रीम हो रही मलयालम भाषा की क्राइम थ्रिलर फिल्म ‘उइर’ दर्शकों के बीच जबरदस्त चर्चा का विषय बनी हुई है। सच्ची घटनाओं पर आधारित यह फिल्म अपने अनूठे कथानक और अप्रत्याशित मोड़ों के चलते लगातार ट्रेंडिंग लिस्ट में बनी हुई है।

यह फिल्म एक पुलिस अधिकारी अनशाद एस. के वास्तविक जीवन के अनुभवों और सच्ची घटनाओं पर आधारित है। फिल्म की पटकथा दर्शकों को शुरुआत से ही बांधे रखती है। कहानी की शुरुआत एक सामान्य ट्रेन यात्रा से होती है, जहां सफर के दौरान परिवार की एक छोटी बच्ची अचानक गायब हो जाती है। इस घटना के बाद दर्शकों को लगता है कि पूरी कहानी बच्ची की खोज के इर्द-गिर्द घूमेगी, लेकिन यहीं से फिल्म एक नया मोड़ लेती है।

कहानी जैसे-जैसे आगे बढ़ती है, जांच अधिकारियों को एक कुएं में महिला का संदिग्ध शव मिलने की सूचना प्राप्त होती है। शुरुआती जांच में मामला आत्महत्या का प्रतीत होता है, लेकिन परिस्थितिजन्य साक्ष्यों की गहन जांच के बाद पुलिस को अहसास होता है कि यह आत्महत्या नहीं बल्कि बेहद सोच-समझकर अंजाम दिया गया हत्याकांड है।

हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने के लिए जब पुलिस जांच का दायरा बढ़ाती है, तो हर चरण पर नए और चौंकाने वाले तथ्य सामने आते हैं। फिल्म में एक के बाद एक आने वाले मोड़ दर्शकों का सस्पेंस बढ़ाए रखते हैं। जब भी ऐसा प्रतीत होता है कि केस हल हो चुका है, तभी कहानी में आया एक नया मोड़ पूरी जांच प्रक्रिया को एक नई दिशा में मोड़ देता है।

फिल्म का निर्देशन एम. पद्मकुमार ने किया है, जिन्होंने थ्रिलर जॉनर के तत्वों का बेहद कुशलता से संयोजन किया है। मुख्य भूमिकाओं में सैयामी खेर, रोशन मैथ्यू, दिव्या एम. नायर और विनीत थट्टिल डेविड जैसे कुशल कलाकारों ने अपने अभिनय की छाप छोड़ी है। फिल्म की संवाद अदायगी और बैकग्राउंड स्कोर सस्पेंस को और गहरा बनाता है।

डिजिटल माध्यमों की बढ़ती पहुंच के कारण देश के विभिन्न हिस्सों में क्षेत्रीय भाषाओं की उत्कृष्ट फिल्मों की लोकप्रियता बढ़ी है। मध्य प्रदेश के इंदौर, भोपाल और ग्वालियर जैसे शहरों में भी ओटीटी के माध्यम से दक्षिण भारतीय सिनेमा की थ्रिलर फिल्मों को काफी पसंद किया जा रहा है। हिंदी भाषा में डब होकर उपलब्ध होने के कारण राज्य के दर्शक भी इस फिल्म का पूरा आनंद ले रहे हैं।

फिल्म समीक्षकों और दर्शकों की ओर से इस फिल्म को मिली-जुली और विचारोत्तेजक प्रतिक्रियाएं मिली हैं। आईएमडीबी पर 6.5 की रेटिंग हासिल करने वाली यह फिल्म अपनी मनोरंजक और कसी हुई पटकथा के कारण इस वीकेंड के लिए एक बेहतरीन विकल्प बनकर उभरी है।

वर्तमान में जियो हॉटस्टार की टॉप-10 लिस्ट में शामिल यह फिल्म साबित करती है कि वास्तविक घटनाओं पर आधारित यथार्थवादी सिनेमा दर्शकों को आकर्षित करने में पूरी तरह सफल रहता है। सस्पेंस और थ्रिलर कंटेंट के शौकीनों के लिए यह एक देखने योग्य फिल्म है।