Tag: tribute

  • स्वतंत्रता के महान सेनानी और निर्भीक पत्रकार गणेश शंकर विद्यार्थी को देश ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि

    स्वतंत्रता के महान सेनानी और निर्भीक पत्रकार गणेश शंकर विद्यार्थी को देश ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि

    नई दिल्ली: में बुधवार को महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और निर्भीक पत्रकार गणेश शंकर विद्यार्थी की पुण्यतिथि के अवसर पर देश के कई प्रमुख नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान सहित विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने उनके योगदान को याद करते हुए उन्हें नमन किया। नेताओं ने एक स्वर में कहा कि विद्यार्थी जी का जीवन राष्ट्रभक्ति, साहस और निर्भीक पत्रकारिता का अद्वितीय उदाहरण है, जो आज भी देश के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बना हुआ है।

    केंद्रीय मंत्री और उत्तर प्रदेश भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष पंकज चौधरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि गणेश शंकर विद्यार्थी ने अपनी लेखनी के माध्यम से स्वतंत्रता आंदोलन में क्रांतिकारियों में नई ऊर्जा का संचार किया। उन्होंने आगे कहा कि उनकी लेखनी ने जनमानस में राष्ट्रीय चेतना को जागृत किया और स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

    केंद्रीय मंत्री और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि विद्यार्थी जी ने अपनी लेखनी के माध्यम से ब्रिटिश शासन के अन्याय और शोषण के विरुद्ध आवाज उठाई। उन्होंने उन्हें भारतीय पत्रकारिता का पुरोधा और महान स्वतंत्रता सेनानी बताया। साथ ही कहा कि उनके प्रखर विचार और आदर्श जीवन सदैव युवाओं को समाज और राष्ट्र की सेवा के लिए प्रेरित करते रहेंगे।

    उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गणेश शंकर विद्यार्थी को निडर, नैतिक और जनपक्षधर पत्रकारिता का प्रतीक बताते हुए कहा कि उनका संपूर्ण जीवन राष्ट्र और समाज की सेवा को समर्पित रहा। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी जी का योगदान देश को हमेशा राष्ट्रसेवा के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता रहेगा।

    हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने उन्हें प्रखर राष्ट्रवादी विचारों और निर्भीक लेखनी के लिए याद करते हुए कहा कि उन्होंने अंग्रेजी शासन को अपनी लेखनी से चुनौती दी। उनके सिद्धांत और आदर्श जीवन आज भी सत्य, न्याय और राष्ट्रसेवा के पथ पर चलने के लिए प्रेरित करते हैं।

    दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि गणेश शंकर विद्यार्थी स्वतंत्रता संग्राम के महान सेनानी और निर्भीक पत्रकारिता के अप्रतिम प्रतीक थे। उन्होंने कहा कि राष्ट्र की स्वतंत्रता और जनजागरण के लिए उनका अटूट समर्पण सदैव याद रखा जाएगा। उनकी लेखनी ने समाज में चेतना का संचार किया और देश की एकता व अखंडता के प्रति उनकी निष्ठा अनुकरणीय है।

    छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भी उन्हें कोटि-कोटि नमन करते हुए कहा कि वे न केवल महान स्वतंत्रता सेनानी थे बल्कि जनसेवा के लिए समर्पित एक प्रेरणादायी व्यक्तित्व भी थे। उन्होंने कहा कि अन्याय, शोषण और सांप्रदायिकता के विरुद्ध उनकी निडर आवाज आज भी समाज को सही दिशा दिखाने का कार्य कर रही है।

    इस प्रकार देश के विभिन्न शीर्ष नेताओं ने एक स्वर में गणेश शंकर विद्यार्थी के योगदान को याद करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके आदर्शों को आने वाली पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शक बताया।

  • फैशन जगत में शोक की लहर मनीष मल्होत्रा की मां का निधन अंतिम विदाई में उमड़े सितारे

    फैशन जगत में शोक की लहर मनीष मल्होत्रा की मां का निधन अंतिम विदाई में उमड़े सितारे

    नई दिल्ली:प्रसिद्ध फैशन डिजाइनर मनीष मल्होत्रा के जीवन में एक गहरा और भावुक क्षण तब आया जब उनकी मां सुदर्शन मल्होत्रा ने 94 वर्ष की आयु में अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर सामने आते ही फिल्म और फैशन जगत में शोक की लहर दौड़ गई और कई दिग्गज हस्तियां मनीष मल्होत्रा के आवास पर पहुंचकर उन्हें सांत्वना देने के लिए उपस्थित हुईं। यह दृश्य बेहद भावुक था जहां एक ओर दुख का माहौल था तो दूसरी ओर सितारे इस कठिन समय में परिवार के साथ मजबूती से खड़े नजर आए।

    श्रद्धांजलि देने पहुंचे प्रमुख चेहरों में कई बड़े नाम शामिल थे जिनमें ऐश्वर्या राय बच्चन और अभिषेक बच्चन जैसे लोकप्रिय कलाकार भी मौजूद रहे। इसके अलावा कियारा आडवाणी और सिद्धार्थ मल्होत्रा, करण जौहर, करिश्मा कपूर, रवीना टंडन, उर्मिला मातोंडकर, अनन्या पांडे, संजय कपूर और उनकी बेटी शनाया, रोनित रॉय, अलवीरा खान, वरुण धवन और नताशा दलाल, अर्जुन कपूर, सोनाली बेंद्रे और नुसरत भरूचा जैसे कई सितारे भी अंतिम श्रद्धांजलि देने पहुंचे। यह उपस्थिति इस बात का संकेत है कि मनीष मल्होत्रा इंडस्ट्री में कितने सम्मानित और प्रिय हैं।

    मनीष मल्होत्रा और उनकी मां के बीच गहरा और मजबूत रिश्ता रहा है। सुदर्शन मल्होत्रा हमेशा अपने बेटे के सपनों और करियर के पीछे एक मजबूत स्तंभ की तरह खड़ी रहीं। मनीष ने कई बार इंटरव्यू और सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी मां के प्रति अपने प्रेम और कृतज्ञता को व्यक्त किया है। मदर्स डे पर लिखे गए उनके भावुक शब्द इस रिश्ते की गहराई को दर्शाते हैं जहां उन्होंने अपनी मां को अपनी ताकत और प्रेरणा बताया था।

    अपने एक पोस्ट में मनीष ने लिखा था कि उनकी मां ने बचपन से ही उनके कपड़ों और फिल्मों के प्रति जुनून को प्रोत्साहित किया और हमेशा उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। यह रिश्ता केवल मां और बेटे का नहीं बल्कि एक मार्गदर्शक और प्रेरणा स्रोत का भी था जिसने मनीष मल्होत्रा के करियर को आकार दिया।

    परिवार की ओर से जारी आधिकारिक बयान में बताया गया कि सुदर्शन मल्होत्रा का अंतिम संस्कार 20 मार्च 2026 को सुबह 10 बजे मुंबई के सांता क्रूज़ पश्चिम स्थित हिंदू श्मशान घाट में किया जाएगा। बयान में यह भी कहा गया कि वह अपने पीछे एक लंबी और समृद्ध जीवन यात्रा, अनमोल यादें और एक मजबूत विरासत छोड़कर गई हैं जो हमेशा परिवार को मार्गदर्शन देती रहेगी।

    मनीष मल्होत्रा के लिए यह समय बेहद कठिन है और पूरी इंडस्ट्री उनके साथ खड़ी नजर आ रही है। इस दुखद घड़ी में हर कोई प्रार्थना कर रहा है कि परिवार को इस क्षति को सहने की शक्ति मिले और सुदर्शन मल्होत्रा की आत्मा को शांति प्राप्त हो।

  • बैतूल में नरोत्तम मिश्रा ने सुरभि खंडेलवाल को दी श्रद्धांजलि

    बैतूल में नरोत्तम मिश्रा ने सुरभि खंडेलवाल को दी श्रद्धांजलि


    बैतूल । बैतूल मध्यप्रदेश में गुरुवार को पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने दुखद निधन के शोक में भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और बैतूल विधायक हेमंत खंडेलवाल के निवास पर पहुंचकर उनकी पुत्री सुरभि खंडेलवाल को श्रद्धांजलि दी अर्पित की।

    मिश्रा ने खंडेलवाल परिवार से मुलाकात कर इस कठिन समय में संवेदना व्यक्त की और परिवार को ढांढस बंधाया। उन्होंने दिवंगत सुरभि के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और कुछ समय तक परिवार के साथ बैठकर शोक व्यक्त किया।

    इस दौरान उन्होंने कहा कि परिवार इस दुखद समय में अकेला नहीं है और पार्टी एवं समाज उनके साथ खड़ा है। मिश्रा की यह श्रद्धांजलि स्थानीय लोगों और पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच एक भावनात्मक जुड़ाव का अवसर भी बनी।

    खंडेलवाल परिवार ने मिश्रा के इस दुख साझा करने के कदम की सराहना की और कहा कि उनके साथ मौजूदगी से परिवार को कुछ सांत्वना मिली।

    यह घटना बैतूल में राजनीति और समाज के बीच मानवीय संवेदनाओं का प्रतीक बनकर सामने आई, जहां नेता अपने संवेदनशील दृष्टिकोण से परिवार के दुःख में साझीदार बने।

  • मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वीर विनायक दामोदर सावरकर की पुण्यतिथि पर दी श्रद्धांजलि

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वीर विनायक दामोदर सावरकर की पुण्यतिथि पर दी श्रद्धांजलि


    भोपाल । मोहन यादव ने स्वातंत्र्य वीर विनायक दामोदर सावरकर की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने सावरकर को प्रखर राष्ट्रभक्त, समाज सुधारक और दूरदर्शी चिंतक बताते हुए कहा कि उनका जीवन त्याग, समर्पण और राष्ट्रसेवा का अनुपम उदाहरण है।

    डॉ. यादव ने अपने संदेश में कहा कि मातृभूमि की स्वतंत्रता और स्वाभिमान के लिए वीर सावरकर ने जो संघर्ष किया वह भारतीय इतिहास का महत्वपूर्ण अध्याय है। विपरीत परिस्थितियों में भी उन्होंने अदम्य साहस और अटूट संकल्प का परिचय दिया। उनका जीवन राष्ट्र के प्रति समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा की प्रेरणा देता है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज सुधार, राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक चेतना के लिए सावरकर का योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे सावरकर के आदर्शों को आत्मसात करते हुए राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं।

    डॉ. यादव ने अंत में कहा कि वीर सावरकर का जीवन युगों युगों तक देशवासियों विशेषकर युवाओं को प्रेरित करता रहेगा और उनका त्याग सदैव श्रद्धा के साथ याद किया जाएगा।

  • मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बालाकोट एयर स्ट्राइक की 7वीं वर्षगांठ पर वायुसेना के शौर्य को किया नमन

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बालाकोट एयर स्ट्राइक की 7वीं वर्षगांठ पर वायुसेना के शौर्य को किया नमन


    भोपाल । मोहन यादव ने बालाकोट एयर स्ट्राइक की 7वीं वर्षगांठ पर भारतीय वायुसेना के अद्वितीय साहस, शौर्य और पराक्रम को नमन किया। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा और स्वाभिमान की रक्षा के लिए हमारे वीर जवानों ने जिस बहादुरी और संकल्प का परिचय दिया, वह हर भारतीय के लिए गर्व का विषय है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने संदेश में कहा कि भारत के शूरवीर सैनिकों ने कठिन परिस्थितियों में भी अदम्य साहस का प्रदर्शन करते हुए मातृभूमि की गरिमा को अक्षुण्ण बनाए रखा। उन्होंने कहा कि भारतीय वायुसेना का पराक्रम केवल सैन्य शक्ति का प्रतीक नहीं, बल्कि राष्ट्र की एकजुटता, दृढ़ इच्छाशक्ति और आत्मसम्मान का भी प्रतीक है।

    उन्होंने आगे कहा कि देश के जवानों का साहस आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा स्रोत है। राष्ट्र की सुरक्षा में अपना सर्वस्व न्यौछावर करने वाले सैनिकों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरे देश को अपने वीर सपूतों पर सदैव गर्व रहेगा।

    डॉ. यादव ने इस अवसर पर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनका बलिदान देशवासियों के लिए अमिट स्मृति है और राष्ट्र उनकी वीरता को सदैव याद रखेगा।

  • मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भारत कोकिला सरोजिनी नायडू की जयंती पर दी श्रद्धांजलि देश सेवा, साहित्य और महिला सशक्तिकरण की अद्वितीय प्रतिष्ठा को किया नमन

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भारत कोकिला सरोजिनी नायडू की जयंती पर दी श्रद्धांजलि देश सेवा, साहित्य और महिला सशक्तिकरण की अद्वितीय प्रतिष्ठा को किया नमन


    भोपाल । मध्य प्रदेश स्वतंत्रता सेनानी कवयित्री समाजसेवी और राजनीति की प्रखर हस्ती भारत कोकिला सरोजिनी नायडू की जयंती के अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज उन्हें गहन श्रद्धा और सम्मान के साथ नमन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरोजिनी नायडू ने अपने जीवन को न केवल भारत की आजादी के संघर्ष के लिए समर्पित किया बल्कि साहित्यिक प्रतिभा और महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में भी अपरिमेय योगदान दिया।

    मुख्यमंत्री के अनुसार सरोजिनी नायडू न केवल एक बड़ा कवि और स्वतंत्रता सेनानी थीं बल्कि उन्होंने महिलाओं को शिक्षा नेतृत्व और सामाजिक भागीदारी के क्षेत्र में आगे आने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि सरोजिनी नायडू का जीवन आज भी प्रत्येक भारतीय के लिए प्रेरणा का स्रोत है और उनकी कविताएँ तथा विचार सदैव राष्ट्र सेवा की भावना को उज्जवल बनाते रहेंगे।

    चर्चाओं में आज सरोजिनी नायडू का नाम भारत की कोकिला के रूप में विदित है जिन्होंने अंग्रेज़ों के शासन के विरोध में अहिंसा और सत्याग्रह के मार्ग पर अग्रणी भूमिका निभाई। उन्होंने कांग्रेस के कई महत्वपूर्ण अधिवेशनों में भाग लिया और 1925 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की प्रथम महिला अध्यक्ष भी बनीं। स्वतंत्रता के पश्चात् वे उत्तर प्रदेश की पहली महिला राज्यपाल भी रहीं और महिला सशक्तिकरण के प्रतीक के रूप में याद की जाती हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विशेष रूप से कहा कि सरोजिनी नायडू की कविताओं में देशभक्ति मानवीय संवेदनाओं और महिला अधिकारों की गूढ़ अभिव्यक्ति है जो आज भी युवाओं के हृदय में उमंग भरती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश सरकार महिलाओं के उत्थान शिक्षा और समान अवसर सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है और सरोजिनी नायडू के आदर्शों को अपनाते हुए हर स्तर पर महिला सशक्तिकरण को और भी व्यापक बनाया जाएगा।

    मुख्यमंत्री ने अंत में कहा कि सरोजिनी नायडू के विचार उनकी लेखनी और मातृभूमि के प्रति उनका समर्पण हम सबके लिए प्रेरणा के अनंत स्रोत हैं। आज हम उनके बलिदान और योगदान को नमन करते हैं और आशा करते हैं कि आने वाली पीढ़ियाँ भी उनके सिद्धांतों से प्रेरित होंगी।

  • प्रयागराज संगम में पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार की अस्थियों का विसर्जन, बेटे जय पवार ने दी भावुक विदाई

    प्रयागराज संगम में पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार की अस्थियों का विसर्जन, बेटे जय पवार ने दी भावुक विदाई


    मुंबई/प्रयागराज। महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार की अस्थियों का रविवार को प्रयागराज के पवित्र संगम तट पर विधि-विधान के साथ विसर्जन किया गया। इस दौरान उनके बेटे जय पवार ने पूरे धार्मिक अनुष्ठान के साथ अस्थि कलश को मां गंगा में प्रवाहित किया। अंतिम विदाई के इस भावुक क्षण में परिवार के सदस्य, पार्टी कार्यकर्ता और मौजूद लोग गमगीन नजर आए और नम आंखों से उन्हें श्रद्धांजलि दी।

    अस्थि विसर्जन के लिए अजित पवार का परिवार चार्टर्ड फ्लाइट से बारामती से प्रयागराज पहुंचा। रविवार सुबह करीब 11 बजे उनका परिवार प्रयागराज एयरपोर्ट पर उतरा, जहां से वे सीधे संगम की ओर रवाना हुए। एयरपोर्ट से बाहर निकलते समय एक भावुक दृश्य देखने को मिला, जब उनके बेटे जय पवार नंगे पैर अस्थि कलश लेकर बाहर आए। वहां मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं और माहौल शोक में डूबा नजर आया।

    परिवार एयरपोर्ट से संगम तक लंबे काफिले के साथ पहुंचा। संगम के वीआईपी घाट पर पुरोहितों की उपस्थिति में पूरे विधि-विधान से पूजा-अनुष्ठान कराया गया। इस दौरान शोक संतप्त लोगों ने अजित पवार को श्रद्धापूर्वक श्रद्धांजलि अर्पित की और मां गंगा से उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। अस्थि विसर्जन के समय परिवार के सदस्य और समर्थक भावुक नजर आए।

    अजित पवार की याद में एनसीपी की युवा इकाई के राष्ट्रीय अध्यक्ष धीरज शर्मा के नेतृत्व में कश्मीर से कन्याकुमारी तक अस्थि कलश यात्रा भी निकाली गई थी। यह यात्रा 12 राज्यों से होकर गुजरी और रविवार, 8 फरवरी 2026 को प्रयागराज संगम में आकर इसका समापन हुआ। इस दौरान भी बड़ी संख्या में लोग श्रद्धांजलि देने पहुंचे और अंतिम संस्कार की परंपराओं का पालन किया गया। बेटे जय पवार और परिवार के अन्य सदस्य इस मौके पर मौजूद रहे।

    गौरतलब है कि अजित पवार का 28 जनवरी 2026 को बारामती में एक विमान हादसे में निधन हो गया था। इस हादसे में उनके साथ चार अन्य लोगों की भी जान चली गई थी। अगले दिन 29 जनवरी को उनके पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार बारामती के विद्या प्रतिष्ठान ग्राउंड में किया गया था, जहां बड़ी संख्या में राजनीतिक नेताओं, समर्थकों और आम लोगों ने उन्हें अंतिम विदाई दी थी।

    संगम में अस्थि विसर्जन के साथ ही उनकी अंतिम धार्मिक रस्म पूरी हुई। इस मौके पर उपस्थित लोगों ने उन्हें याद करते हुए कहा कि अजित पवार ने अपने राजनीतिक जीवन में जनता की सेवा को सर्वोपरि रखा और प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया। प्रयागराज के पवित्र संगम पर की गई यह अंतिम विदाई उनके जीवन की यात्रा का एक भावुक और श्रद्धापूर्ण समापन बन गई।

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महात्मा गांधी को दी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि, सत्य और अहिंसा का संदेश याद किया

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महात्मा गांधी को दी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि, सत्य और अहिंसा का संदेश याद किया


    भोपाल । मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार, 30 जनवरी 2026 को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि महात्मा गांधी ने सत्य, अहिंसा और एकता के माध्यम से समाज और मानवता की सेवा का मार्ग दिखाया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महात्मा गांधी के व्यक्तित्व और उनके योगदान को याद करते हुए कहा कि उनका जीवन आज भी देशवासियों के लिए प्रेरणा स्रोत है। उन्होंने बताया कि गांधी जी ने अपने सरल जीवन और आदर्शों से लोगों को सामाजिक न्याय, समानता और नैतिकता का महत्व समझाया। उनके संदेश आज भी हर नागरिक के लिए मार्गदर्शक हैं।

    डॉ. यादव ने कहा कि महात्मा गांधी ने हमें यह सिखाया कि परिवर्तन का मार्ग हिंसा से नहीं, बल्कि सत्य और अहिंसा के मार्ग से संभव है। उनके विचार और कृतित्व न केवल स्वतंत्रता संग्राम के लिए प्रेरणादायक रहे, बल्कि समाज में सामूहिक भलाई और मानवता के मूल्य स्थापित करने में भी मार्गदर्शन करते हैं।

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सभी नागरिकों से अपील की कि वे गांधी जी के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाएं और उनके सिद्धांतों के अनुसार समाज और राष्ट्र की सेवा करें। उन्होंने यह भी कहा कि महात्मा गांधी का जीवन हमें अपने कर्तव्यों के प्रति ईमानदार और जिम्मेदार रहने का संदेश देता है।

    महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर मुख्यमंत्री द्वारा दी गई श्रद्धांजलि में उनकी विचारधारा और जीवन दर्शन की महत्ता को प्रमुखता दी गई। डॉ. यादव ने कहा कि गांधी जी की अहिंसा, सत्य और सेवा की भावना आज भी देश में समाजिक और नैतिक स्थिरता बनाए रखने के लिए अत्यंत आवश्यक है।

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने महात्मा गांधी के आदर्शों को युवाओं तक पहुंचाने और उन्हें उनके जीवन और संदेशों से प्रेरित करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को गांधी जी के विचारों और उनके नैतिक मूल्यों के महत्व से परिचित कराया जाना चाहिए, ताकि वे अपने व्यक्तिगत और सामाजिक जीवन में इन्हें लागू कर सकें।

  • बालासाहेब ठाकरे जी की जयंती पर केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने अर्पित किया नमन

    बालासाहेब ठाकरे जी की जयंती पर केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने अर्पित किया नमन


    नई दिल्ली । बालासाहेब ठाकरे जी की जयंती के अवसर पर केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने उन्हें सादर पूर्वक नमन करते हुए उनके राष्ट्रनिष्ठ जीवन, अडिग सिद्धांतों और स्वाभिमानपूर्ण नेतृत्व का स्मरण किया। उन्होंने कहा कि बालासाहेब ठाकरे जी ने राष्ट्र, धर्म और आत्मसम्मान की रक्षा के लिए अपना संपूर्ण जीवन समर्पित कर दिया और उनका यह योगदान सदैव प्रेरणास्रोत बना रहेगा।

    श्री अमित शाह ने कहा कि बालासाहेब ठाकरे जी ऐसे जननेता थे, जिन्होंने कभी भी परिस्थितियों के दबाव में अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया। उनका जीवन मूल्यनिष्ठ राजनीति, स्पष्ट विचार और निडर अभिव्यक्ति का प्रतीक रहा है। उन्होंने कहा कि बालासाहेब जी का व्यक्तित्व केवल महाराष्ट्र तक सीमित नहीं था, बल्कि वे पूरे देश के राष्ट्रप्रेमियों के लिए समान रूप से आदरणीय और प्रिय बने रहे। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि बालासाहेब ठाकरे जी ने समाज में स्वाभिमान की भावना को जागृत किया और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए जनमानस को दिशा देने का कार्य किया। उनका विचार और संघर्ष आज भी युवाओं तथा समाज के विभिन्न वर्गों को राष्ट्रसेवा और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण के लिए प्रेरित करता है।

    श्री अमित शाह ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर साझा किए गए अपने संदेश में कहा, “बालासाहेब ठाकरे जी ने राष्ट्र, धर्म और स्वाभिमान की रक्षा के लिए अपना संपूर्ण जीवन समर्पित किया। परिस्थितियाँ कैसी भी हों, सिद्धांतों से कभी समझौता न करने वाले बालासाहेब जी महाराष्ट्र ही नहीं, पूरे देश के राष्ट्रप्रेमियों के लिए सदैव प्रिय बने रहेंगे। बालासाहेब ठाकरे जी की जयंती पर उन्हें सादर पूर्वक नमन।” बालासाहेब ठाकरे जी की जयंती पर देशभर में उनके योगदान को श्रद्धापूर्वक स्मरण किया गया। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री का यह संदेश उनके विचारों, संघर्ष और राष्ट्रभक्ति को सम्मान देने के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का संदेश भी है।

  • बालासाहेब ठाकरे की जन्म शताब्दी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अर्पित की श्रद्धांजलि, उनके दूरदर्शी नेतृत्व और योगदान को किया स्मरण

    बालासाहेब ठाकरे की जन्म शताब्दी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अर्पित की श्रद्धांजलि, उनके दूरदर्शी नेतृत्व और योगदान को किया स्मरण


    नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महान बालासाहेब ठाकरे की जन्म शताब्दी के अवसर पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके बहुआयामी व्यक्तित्व और महाराष्ट्र के सामाजिक-राजनीतिक जीवन में दिए गए अमूल्य योगदान को भावपूर्ण स्मरण किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि बालासाहेब ठाकरे ऐसी महान हस्ती थे जिन्होंने अपने विचारों, कार्यशैली और जनसंवाद के माध्यम से महाराष्ट्र के सामाजिक और राजनीतिक परिदृश्य को गहराई से आकार दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने बालासाहेब ठाकरे को कुशाग्र बुद्धि, दमदार भाषण कला और अडिग विश्वास का प्रतीक बताते हुए कहा कि उनका जनमानस से जुड़ाव असाधारण था। वे जिस स्पष्टता और दृढ़ता के साथ अपने विचार रखते थे, वह उन्हें जननेता के रूप में विशिष्ट बनाती थी। प्रधानमंत्री ने कहा कि बालासाहेब केवल एक राजनीतिक नेता नहीं थे, बल्कि वे जनता की भावनाओं को समझने और उन्हें स्वर देने वाले विचारक भी थे।

    प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में यह भी उल्लेख किया कि राजनीति से इतर बालासाहेब ठाकरे की संस्कृति, साहित्य और पत्रकारिता में गहरी रुचि थी। एक कार्टूनिस्ट के रूप में उनका करियर समाज के प्रति उनके सूक्ष्म अवलोकन, तीक्ष्ण दृष्टि और विभिन्न मुद्दों पर उनकी निडर टिप्पणी को दर्शाता है। उनके कार्टून सामाजिक सच्चाइयों को सरल, किंतु प्रभावशाली ढंग से सामने रखते थे और आम जन को सोचने के लिए प्रेरित करते थे। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि बालासाहेब ठाकरे का जीवन साहस, स्पष्ट विचार और सांस्कृतिक चेतना का संगम था। उनका दृष्टिकोण केवल समकालीन राजनीति तक सीमित नहीं था, बल्कि वे महाराष्ट्र के दीर्घकालीन विकास और गौरव को लेकर स्पष्ट विजन रखते थे। प्रधानमंत्री ने कहा कि वे स्वयं महाराष्ट्र की प्रगति के लिए बालासाहेब ठाकरे के विजन से अत्यंत प्रेरित हैं और उस विजन को साकार करने के प्रयास निरंतर जारी रहेंगे।

    प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर भी बालासाहेब ठाकरे को श्रद्धांजलि देते हुए लिखा कि उनकी विरासत आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बनी रहेगी। उन्होंने कहा कि बालासाहेब का जीवन और कार्य हमें निडरता, आत्मविश्वास और समाज के प्रति उत्तरदायित्व की सीख देता है।बालासाहेब ठाकरे की जन्म शताब्दी के अवसर पर देशभर में उनके योगदान को स्मरण करते हुए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। प्रधानमंत्री का यह संदेश न केवल एक महान नेता को श्रद्धांजलि है, बल्कि उनके विचारों और विजन को आगे बढ़ाने के संकल्प की भी अभिव्यक्ति है।