Tag: Ujjain News

  • रेलवे स्टेशन से परीक्षा केंद्र तक CRPF का सुरक्षा घेरा, NEET री-एग्जाम को लेकर प्रशासन अलर्ट

    रेलवे स्टेशन से परीक्षा केंद्र तक CRPF का सुरक्षा घेरा, NEET री-एग्जाम को लेकर प्रशासन अलर्ट


    मध्यप्रदेश । राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित NEET-UG 2026 री-एग्जाम रविवार को उज्जैन के 8 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित किया जाएगा। पेपर लीक विवाद के बाद दोबारा हो रही इस परीक्षा के लिए प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए हैं। रेलवे स्टेशन से लेकर परीक्षा केंद्रों तक सीआरपीएफ और पुलिस के जवान तैनात रहेंगे, जबकि सभी केंद्रों पर द्विस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है।

    परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक आयोजित होगी। अभ्यर्थियों को सुबह 11 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक ही परीक्षा केंद्र में प्रवेश मिलेगा। निर्धारित समय के बाद सभी केंद्रों के गेट बंद कर दिए जाएंगे। प्रशासन ने परीक्षार्थियों को समय से पहले केंद्र पहुंचने की सलाह दी है।

    इस बार शहर में शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज, पॉलिटेक्निक कॉलेज, उत्कृष्ट विद्यालय माधवनगर, महारानी लक्ष्मीबाई कन्या उमावि सराफा, पीएमश्री केंद्रीय विद्यालय, उमावि महाराजवाड़ा क्रमांक-2, कालिदास कन्या कॉलेज और कन्या स्नातकोत्तर कॉलेज को परीक्षा केंद्र बनाया गया है। पिछले वर्ष की तुलना में इस बार एक केंद्र कम रखा गया है और करीब 500 परीक्षार्थी भी कम शामिल होंगे।

    परीक्षा के सिटी कोऑर्डिनेटर मुकेश मीना के अनुसार इस बार कुल 4171 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होंगे, जबकि 3 मई को आयोजित परीक्षा में 9 केंद्रों पर 4549 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी थी। प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर नोडल अधिकारी और ऑब्जर्वर भी तैनात रहेंगे, ताकि परीक्षा की निष्पक्षता और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

  • महाकाल के दिव्य स्वरूप ने मोहा भक्तों का मन, भस्म आरती में उमड़ी आस्था

    महाकाल के दिव्य स्वरूप ने मोहा भक्तों का मन, भस्म आरती में उमड़ी आस्था


    मध्यप्रदेश । विश्व प्रसिद्ध Shri Mahakaleshwar Jyotirlinga में रविवार तड़के आयोजित भस्म आरती में बाबा महाकाल का दिव्य और मनोहारी स्वरूप श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहा। प्रातः 4 बजे मंदिर के पट खुलने के साथ ही विधि-विधान से पूजन-अर्चन का क्रम शुरू हुआ। गर्भगृह में स्थापित सभी देवी-देवताओं के पूजन के बाद भगवान महाकाल का जलाभिषेक किया गया। इसके पश्चात दूध, दही, घी, शक्कर और फलों के रस से बने पंचामृत से अभिषेक कर विशेष पूजा संपन्न हुई।

    भस्म आरती के दौरान भगवान महाकाल को त्रिशूल, त्रिपुंड और डमरू के साथ भांग अर्पित कर विशेष श्रृंगार किया गया। हरिओम का जल अर्पित कर कपूर आरती की गई। श्रृंगार पूर्ण होने के बाद ज्योतिर्लिंग को वस्त्र से आच्छादित कर पवित्र भस्म रमाई गई। मान्यता के अनुसार भस्म अर्पण के पश्चात भगवान महाकाल निराकार से साकार रूप में भक्तों को दर्शन देते हैं, इसलिए भस्म आरती का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है।

    भस्म अर्पित होने के बाद बाबा महाकाल को रजत निर्मित शेषनाग मुकुट, रजत मुंडमाला, रुद्राक्ष की मालाएं और सुगंधित पुष्पमालाएं अर्पित की गईं। मोगरा और गुलाब के फूलों से सजे बाबा महाकाल का अलौकिक स्वरूप भक्तों को मंत्रमुग्ध करता रहा। इसके बाद भगवान को फल एवं मिष्ठान का भोग लगाया गया।

    भस्म आरती में बड़ी संख्या में देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं ने शामिल होकर बाबा महाकाल के दर्शन किए और आशीर्वाद प्राप्त किया। महानिर्वाणी अखाड़े द्वारा भगवान महाकाल को भस्म अर्पित की गई। पूरे मंदिर परिसर में भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत वातावरण देखने को मिला।

  • महाकाल की नगरी में योग का महाकुंभ, उज्जैन ने दिया स्वास्थ्य और अनुशासन का संदेश

    महाकाल की नगरी में योग का महाकुंभ, उज्जैन ने दिया स्वास्थ्य और अनुशासन का संदेश


    मध्यप्रदेश । उज्जैन में 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन उत्साह और श्रद्धा के साथ किया गया। जिला स्तरीय मुख्य कार्यक्रम राजाभाऊ महाकाल स्टेडियम (दशहरा मैदान) में आयोजित हुआ, जहां बड़ी संख्या में नागरिकों, विद्यार्थियों, अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने सामूहिक योगाभ्यास कर स्वस्थ जीवन का संदेश दिया। कार्यक्रम में मध्यप्रदेश सरकार के प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।

    कार्यक्रम की शुरुआत प्रधानमंत्री Narendra Modi और मुख्यमंत्री Mohan Yadav के संबोधन के सीधा प्रसारण से हुई। इसके बाद योगाचार्यों के मार्गदर्शन में सामान्य योग प्रोटोकॉल के अनुसार विभिन्न योगासन और प्राणायाम कराए गए। प्रतिभागियों ने नियमित योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया।

    बारिश के बावजूद नहीं टूटा उत्साह
    योग दिवस से एक दिन पहले हुई बारिश के कारण दशहरा मैदान के कई हिस्सों में कीचड़ हो गया था। इसके बावजूद जिला प्रशासन ने व्यवस्थाओं को दुरुस्त करते हुए मैदान में पत्थर की चूरी डलवाई और बड़े कपड़े व मैट बिछाकर प्रतिभागियों के लिए बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित की। मौसम की चुनौती के बावजूद लोगों का उत्साह कम नहीं हुआ और बड़ी संख्या में नागरिक कार्यक्रम में शामिल हुए।

    महाकाल की नगरी में योग और अध्यात्म का संगम
    उज्जैन स्थित प्रसिद्ध Mahakaleshwar Jyotirlinga Temple परिसर में भी योग कार्यक्रम आयोजित किया गया। योगाभ्यास के माध्यम से लोगों ने स्वास्थ्य, अनुशासन और सकारात्मक जीवनशैली का संदेश दिया। धार्मिक और आध्यात्मिक वातावरण में योग का यह आयोजन विशेष आकर्षण का केंद्र रहा।

    भैरवगढ़ केंद्रीय जेल में 1000 बंदियों ने किया योग
    अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर उज्जैन की भैरवगढ़ केंद्रीय जेल में भी विशेष योग सत्र आयोजित किया गया। कार्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय आध्यात्मिक चिंतक कृष्णा गुरुजी के मार्गदर्शन में लगभग 1000 पुरुष और महिला बंदियों ने योगाभ्यास किया। इस दौरान ग्रीवा संचालन, स्कंध संचालन, ताड़ासन, वृक्षासन, त्रिकोणासन, भुजंगासन, कपालभाति और अनुलोम-विलोम जैसे योग अभ्यास कराए गए। इसके बाद ध्यान सत्र आयोजित किया गया, जिसमें बंदियों ने एकाग्रचित्त होकर भाग लिया।

    गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड के लिए भेजा गया दावा
    जेल प्रशासन के अनुसार कार्यक्रम से जुड़े दस्तावेज और प्रमाण Guinness World Records तथा International Yoga Book of Records को भेजे गए हैं। दावा किया गया है कि यह “Largest Yoga Session of Prisoners” श्रेणी में रिकॉर्ड बन सकता है। हालांकि अंतिम निर्णय संबंधित संस्थाओं द्वारा जांच के बाद लिया जाएगा।

    योग गुरु कृष्णा गुरुजी ने कहा कि योग केवल एक दिन का आयोजन नहीं, बल्कि स्वस्थ, संतुलित और सकारात्मक जीवन जीने की कला है। योग शरीर, मन और आत्मा के बीच सामंजस्य स्थापित कर जीवन को नई दिशा देता है।

  • सिंहस्थ 2028 की तैयारियों को मिली रफ्तार: उज्जैन में बन रहे 4 नए सबस्टेशन, 750 मेगावाट बिजली आपूर्ति का लक्ष्य

    सिंहस्थ 2028 की तैयारियों को मिली रफ्तार: उज्जैन में बन रहे 4 नए सबस्टेशन, 750 मेगावाट बिजली आपूर्ति का लक्ष्य

    मध्यप्रदेश । उज्जैन शुक्रवार को एक बार फिर राजनीतिक और प्रशासनिक गतिविधियों का केंद्र बनने जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय ऊर्जा एवं आवास-शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर शहर के दौरे पर पहुंचेंगे। दोनों नेता विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेने के साथ-साथ राज्य की महत्वपूर्ण विकास और जनकल्याण योजनाओं की समीक्षा भी करेंगे।

    जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के ओंकारेश्वर दौरे के कार्यक्रम में शामिल होने के बाद इंदौर एयरपोर्ट पर उन्हें विदाई देंगे। इसके बाद वे केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर के साथ इंदौर में निर्धारित कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे और वहां से उज्जैन के लिए रवाना होंगे। दोनों नेताओं के शाम करीब 4:30 बजे उज्जैन पहुंचने की संभावना है।

    उज्जैन पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री विभिन्न स्थानीय कार्यक्रमों में शामिल होंगे। कार्यक्रमों में कपिला गौशाला का दौरा भी प्रस्तावित माना जा रहा है। प्रशासन ने दोनों नेताओं के दौरे को देखते हुए सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के विशेष इंतजाम किए हैं।

    दौरे का मुख्य केंद्र प्रशासनिक संकुल भवन में आयोजित होने वाली दो महत्वपूर्ण राज्य स्तरीय समीक्षा बैठकें रहेंगी। पहली बैठक शाम 6 बजे आयोजित होगी, जिसमें स्वच्छ भारत मिशन के तहत प्रदेश में चल रहे कार्यों और उपलब्धियों की समीक्षा की जाएगी। बैठक में शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता से जुड़े विभिन्न प्रोजेक्ट्स, कचरा प्रबंधन, साफ-सफाई अभियान और जनभागीदारी के प्रयासों पर चर्चा की जाएगी।

    इसके बाद दूसरी बैठक पुनर्गठित वितरण क्षेत्र योजना (आरडीएसएस) को लेकर होगी। इस बैठक में प्रदेश में बिजली वितरण व्यवस्था को मजबूत बनाने, बिजली नुकसान कम करने, अधोसंरचना विकास और उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने से जुड़े कार्यों की प्रगति का मूल्यांकन किया जाएगा। ऊर्जा क्षेत्र की इस महत्वपूर्ण योजना की समीक्षा में संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहेंगे।

    केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर की मौजूदगी को देखते हुए इन बैठकों को विशेष महत्व दिया जा रहा है। माना जा रहा है कि दोनों नेता प्रदेश में चल रही प्रमुख योजनाओं की प्रगति का आकलन करने के साथ आगामी कार्ययोजनाओं पर भी चर्चा करेंगे।

    उज्जैन में होने वाली ये बैठकें न केवल प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं, बल्कि प्रदेश में स्वच्छता, शहरी विकास और ऊर्जा क्षेत्र की योजनाओं को गति देने की दिशा में भी अहम मानी जा रही हैं। अधिकारियों को उम्मीद है कि इन बैठकों से कई परियोजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी और आम जनता को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए नई दिशा तय होगी।

  • सीएम मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर आज उज्जैन में: स्वच्छ भारत मिशन और आरडीएसएस योजना की करेंगे समीक्षा

    सीएम मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर आज उज्जैन में: स्वच्छ भारत मिशन और आरडीएसएस योजना की करेंगे समीक्षा


    मध्यप्रदेश । उज्जैन शुक्रवार को एक बार फिर राजनीतिक और प्रशासनिक गतिविधियों का केंद्र बनने जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय ऊर्जा एवं आवास-शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर शहर के दौरे पर पहुंचेंगे। दोनों नेता विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेने के साथ-साथ राज्य की महत्वपूर्ण विकास और जनकल्याण योजनाओं की समीक्षा भी करेंगे।

    जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के ओंकारेश्वर दौरे के कार्यक्रम में शामिल होने के बाद इंदौर एयरपोर्ट पर उन्हें विदाई देंगे। इसके बाद वे केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर के साथ इंदौर में निर्धारित कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे और वहां से उज्जैन के लिए रवाना होंगे। दोनों नेताओं के शाम करीब 4:30 बजे उज्जैन पहुंचने की संभावना है।

    उज्जैन पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री विभिन्न स्थानीय कार्यक्रमों में शामिल होंगे। कार्यक्रमों में कपिला गौशाला का दौरा भी प्रस्तावित माना जा रहा है। प्रशासन ने दोनों नेताओं के दौरे को देखते हुए सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के विशेष इंतजाम किए हैं।

    दौरे का मुख्य केंद्र प्रशासनिक संकुल भवन में आयोजित होने वाली दो महत्वपूर्ण राज्य स्तरीय समीक्षा बैठकें रहेंगी। पहली बैठक शाम 6 बजे आयोजित होगी, जिसमें स्वच्छ भारत मिशन के तहत प्रदेश में चल रहे कार्यों और उपलब्धियों की समीक्षा की जाएगी। बैठक में शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता से जुड़े विभिन्न प्रोजेक्ट्स, कचरा प्रबंधन, साफ-सफाई अभियान और जनभागीदारी के प्रयासों पर चर्चा की जाएगी।

    इसके बाद दूसरी बैठक पुनर्गठित वितरण क्षेत्र योजना (आरडीएसएस) को लेकर होगी। इस बैठक में प्रदेश में बिजली वितरण व्यवस्था को मजबूत बनाने, बिजली नुकसान कम करने, अधोसंरचना विकास और उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने से जुड़े कार्यों की प्रगति का मूल्यांकन किया जाएगा। ऊर्जा क्षेत्र की इस महत्वपूर्ण योजना की समीक्षा में संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहेंगे।

    केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर की मौजूदगी को देखते हुए इन बैठकों को विशेष महत्व दिया जा रहा है। माना जा रहा है कि दोनों नेता प्रदेश में चल रही प्रमुख योजनाओं की प्रगति का आकलन करने के साथ आगामी कार्ययोजनाओं पर भी चर्चा करेंगे।

    उज्जैन में होने वाली ये बैठकें न केवल प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं, बल्कि प्रदेश में स्वच्छता, शहरी विकास और ऊर्जा क्षेत्र की योजनाओं को गति देने की दिशा में भी अहम मानी जा रही हैं। अधिकारियों को उम्मीद है कि इन बैठकों से कई परियोजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी और आम जनता को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए नई दिशा तय होगी।

  • गोद भराई समारोह में जा रहे दो भाइयों की सड़क हादसे में मौत: ट्रैक्टर की टक्कर से परिवार की खुशियां मातम में बदलीं

    गोद भराई समारोह में जा रहे दो भाइयों की सड़क हादसे में मौत: ट्रैक्टर की टक्कर से परिवार की खुशियां मातम में बदलीं


    मध्यप्रदेश । उज्जैन जिले में गुरुवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे ने एक परिवार की खुशियों को मातम में बदल दिया। भांजे के घर आयोजित गोद भराई समारोह में शामिल होने जा रहे दो सगे भाइयों की ट्रैक्टर की टक्कर से मौत हो गई, जबकि उनके साथ बाइक चला रहा पोता गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे की खबर मिलते ही पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई और जिस घर में उत्सव की तैयारियां चल रही थीं, वहां मातम का माहौल छा गया।

    जानकारी के अनुसार मरंडवा गांव निवासी 80 वर्षीय पीरूलाल मोथलिया और उनके छोटे भाई 75 वर्षीय भागीरथ मोथलिया अपने पोते अभिषेक के साथ बाइक से उज्जैन जा रहे थे। अभिषेक बाइक चला रहा था। तीनों नागझिरी क्षेत्र में रहने वाले अपने भांजे के यहां आयोजित गोद भराई कार्यक्रम में शामिल होने के लिए निकले थे। परिवार में इस कार्यक्रम को लेकर उत्साह का माहौल था, लेकिन रास्ते में हुए हादसे ने सब कुछ बदल दिया।

    बताया जा रहा है कि गांव से लगभग 25 से 30 किलोमीटर दूर मुख्य मार्ग पर पीछे से तेज रफ्तार में आए एक ट्रैक्टर ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक सवार तीनों लोग सड़क पर गिर पड़े और गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। राहगीरों और स्थानीय लोगों ने तत्काल घायलों को अस्पताल पहुंचाने में मदद की।

    अस्पताल ले जाते समय पीरूलाल मोथलिया ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। वहीं गंभीर रूप से घायल भागीरथ मोथलिया को उज्जैन के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान देर शाम उनकी भी मौत हो गई। हादसे में घायल अभिषेक का इलाज जारी है और उसकी हालत चिंताजनक बताई जा रही है। डॉक्टर उसकी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।

    परिजनों ने बताया कि पीरूलाल मोथलिया खेती-किसानी का कार्य करते थे, जबकि भागीरथ मोथलिया मध्य प्रदेश विद्युत मंडल (एमपीईबी) से सेवानिवृत्त कर्मचारी थे। परिवार सामाजिक और शासकीय क्षेत्र में भी सक्रिय रहा है। परिवार का एक सदस्य वर्तमान में उज्जैन में पटवारी के पद पर कार्यरत है।

    हादसे की सूचना मिलते ही परिजन और ग्रामीण बड़ी संख्या में अस्पताल पहुंच गए। शुक्रवार सुबह दोनों मृतकों का पोस्टमार्टम कराया गया, जिसके बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए। अंतिम संस्कार के लिए दोनों शवों को उनके पैतृक गांव ले जाया गया, जहां पूरे गांव ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी।

    पुलिस ने मामले में दुर्घटना का प्रकरण दर्ज कर लिया है और फरार ट्रैक्टर चालक की तलाश शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि हादसे के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार और लापरवाही को दुर्घटना का प्रमुख कारण माना जा रहा है।

    यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के पालन की आवश्यकता को रेखांकित करता है। एक परिवार जो खुशियों के समारोह में शामिल होने निकला था, वह कुछ ही पलों में अपनों को खोने के गहरे दुख में डूब गया।

  • रविवार को कुछ देर के लिए गायब हो जाएगी परछाई: 21 जून को दिखेगा ‘जीरो शैडो डे’, साल का सबसे बड़ा दिन भी होगा

    रविवार को कुछ देर के लिए गायब हो जाएगी परछाई: 21 जून को दिखेगा ‘जीरो शैडो डे’, साल का सबसे बड़ा दिन भी होगा


    मध्यप्रदेश । आसमान और खगोल विज्ञान में रुचि रखने वालों के लिए 21 जून का दिन बेहद खास रहने वाला है। इस दिन उज्जैन सहित कर्क रेखा के आसपास स्थित क्षेत्रों में एक अनोखी खगोलीय घटना देखने को मिलेगी, जिसे ‘शून्य छाया दिवस’ यानी ‘जीरो शैडो डे’ कहा जाता है। इस दौरान कुछ क्षणों के लिए लोगों और वस्तुओं की परछाई लगभग गायब हो जाएगी। यह नजारा हर दिन देखने को नहीं मिलता, बल्कि पृथ्वी और सूर्य की विशेष स्थिति के कारण साल में चुनिंदा अवसरों पर ही दिखाई देता है।

    उज्जैन की जीवाजी वेधशाला के अनुसार यह दुर्लभ घटना 21 जून को दोपहर 12 बजकर 28 मिनट पर दिखाई देगी। इस समय सूर्य उत्तरी गोलार्द्ध में अपनी अधिकतम उत्तरी स्थिति के करीब होगा और उसकी किरणें लगभग सीधी धरती पर पड़ेंगी। परिणामस्वरूप खड़ी वस्तुओं की छाया बेहद छोटी होकर लगभग शून्य हो जाएगी। वेधशाला में शंकु यंत्र के माध्यम से इस खगोलीय घटना का प्रत्यक्ष अवलोकन भी कराया जाएगा।

    21 जून को केवल जीरो शैडो डे ही नहीं, बल्कि वर्ष का सबसे बड़ा दिन भी माना जाता है। इस दिन सूर्य की स्थिति ऐसी होती है कि उत्तरी गोलार्द्ध में दिन की अवधि सबसे अधिक और रात सबसे छोटी होती है। उज्जैन में सूर्योदय सुबह 5:42 बजे और सूर्यास्त शाम 7:16 बजे होगा। यानी दिन की कुल अवधि 13 घंटे 34 मिनट रहेगी, जबकि रात केवल 10 घंटे 26 मिनट की होगी।

    खगोलविदों के अनुसार पृथ्वी अपनी धुरी पर लगभग 23.5 डिग्री झुकी हुई है और सूर्य की परिक्रमा करती है। इसी कारण वर्षभर सूर्य की स्थिति बदलती हुई दिखाई देती है। 21 जून को सूर्य कर्क रेखा के सबसे निकट पहुंच जाता है। चूंकि उज्जैन कर्क रेखा के करीब स्थित है, इसलिए यहां सूर्य की किरणें लगभग लंबवत पड़ती हैं। यही वजह है कि दोपहर के समय परछाई सिकुड़कर लगभग समाप्त हो जाती है।

    इस खगोलीय घटना का वैज्ञानिक महत्व भी काफी बड़ा है। जीरो शैडो डे पृथ्वी की गति, उसकी धुरी के झुकाव और सूर्य की स्थिति को समझने का एक महत्वपूर्ण अवसर माना जाता है। स्कूलों, कॉलेजों और विज्ञान प्रेमियों के लिए यह दिन एक प्राकृतिक प्रयोगशाला की तरह होता है, जहां खगोलीय सिद्धांतों को प्रत्यक्ष रूप से देखा और समझा जा सकता है।

    वैज्ञानिकों के अनुसार 21 जून के बाद सूर्य की आभासी गति दक्षिण दिशा की ओर दिखाई देने लगेगी, जिसे दक्षिणायन कहा जाता है। इसके साथ ही उत्तरी गोलार्द्ध में दिन धीरे-धीरे छोटे और रातें लंबी होने लगेंगी। आगामी 23 सितंबर को शरद विषुव के अवसर पर दिन और रात लगभग बराबर हो जाएंगे।

    इस तरह 21 जून केवल कैलेंडर का एक दिन नहीं, बल्कि प्रकृति और ब्रह्मांड के अद्भुत संतुलन को करीब से देखने और समझने का दुर्लभ अवसर भी है।

  • उज्जैन में स्कूल बसों पर चला सुरक्षा का चाबुक: 70 वाहनों की जांच, फिटनेस से लेकर सीसीटीवी तक की हुई पड़ताल

    उज्जैन में स्कूल बसों पर चला सुरक्षा का चाबुक: 70 वाहनों की जांच, फिटनेस से लेकर सीसीटीवी तक की हुई पड़ताल


    मध्यप्रदेश । उज्जैन में नए शैक्षणिक सत्र के शुरू होते ही विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन और यातायात पुलिस पूरी तरह सक्रिय नजर आ रही है। स्कूल खुलने के साथ ही शहर में छात्र परिवहन वाहनों की व्यापक जांच शुरू कर दी गई है। इसी क्रम में बुधवार और गुरुवार को यातायात पुलिस द्वारा विशेष वाहन जांच अभियान चलाया गया, जिसके तहत करीब 70 स्कूल बसों और अन्य छात्र परिवहन वाहनों का निरीक्षण किया गया।

    अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि विद्यार्थियों को स्कूल लाने-ले जाने वाले वाहन सभी निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन कर रहे हैं या नहीं। हाल के वर्षों में स्कूल वाहनों से जुड़े हादसों को देखते हुए प्रशासन किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतना चाहता। यही वजह है कि नए सत्र के पहले ही सप्ताह में सुरक्षा व्यवस्था की गहन समीक्षा शुरू कर दी गई है।

    मोहन नगर चौराहे पर आयोजित इस विशेष जांच अभियान में ट्रैफिक डीएसपी विक्रम कनपुरिया, डीएसपी दिलीप परिहार और यातायात थाना प्रभारी सूबेदार इंद्रपाल सिंह सहित पुलिस अधिकारियों की टीम मौजूद रही। अधिकारियों ने एक-एक वाहन की बारीकी से जांच कर सुरक्षा से जुड़े सभी आवश्यक पहलुओं का परीक्षण किया।

    जांच के दौरान स्कूल बसों की फिटनेस को विशेष रूप से परखा गया। साथ ही यह भी देखा गया कि वाहन के पास वैध दस्तावेज मौजूद हैं या नहीं। इसके अलावा अग्निशमन यंत्र, फर्स्ट एड बॉक्स, आपातकालीन निकास द्वार, स्पीड गवर्नर और सीसीटीवी कैमरों जैसी जरूरी सुरक्षा सुविधाओं की भी जांच की गई। अधिकारियों ने वाहन चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस, अनुभव और परिचालकों की उपलब्धता की भी जानकारी ली।

    यातायात डीएसपी दिलीप परिहार ने बताया कि विद्यार्थियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए यह अभियान चलाया गया है। स्कूल वाहन संचालकों और प्रबंधन को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी परिस्थिति में सुरक्षा नियमों से समझौता नहीं किया जाएगा। जिन वाहनों में सुरक्षा संबंधी कमियां पाई गईं, उन्हें तत्काल सुधार करने के निर्देश दिए गए हैं।

    अधिकारियों ने स्कूल संचालकों को यह भी समझाया कि बच्चों के परिवहन में उपयोग होने वाले वाहनों का नियमित रखरखाव और समय-समय पर तकनीकी परीक्षण बेहद आवश्यक है। छोटी-सी लापरवाही भी गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है, इसलिए सभी सुरक्षा उपकरण हमेशा कार्यशील स्थिति में रहने चाहिए।

    यातायात पुलिस ने साफ किया है कि यह अभियान केवल औपचारिकता नहीं है, बल्कि आगे भी लगातार जारी रहेगा। समय-समय पर स्कूल बसों और छात्र परिवहन वाहनों की जांच की जाएगी ताकि सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित हो सके। पुलिस का मानना है कि विद्यार्थियों की सुरक्षित यात्रा केवल प्रशासन की ही नहीं, बल्कि स्कूल प्रबंधन, वाहन संचालकों और अभिभावकों की भी सामूहिक जिम्मेदारी है।

    नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के साथ शुरू हुआ यह अभियान स्कूल परिवहन व्यवस्था को अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे न केवल वाहन संचालकों में जवाबदेही बढ़ेगी, बल्कि अभिभावकों को भी अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर अधिक भरोसा मिलेगा।

  • मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त होने पर कांग्रेस का मौन सत्याग्रह, लोकतंत्र पर हमले का लगाया आरोप

    मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त होने पर कांग्रेस का मौन सत्याग्रह, लोकतंत्र पर हमले का लगाया आरोप


    मध्यप्रदेश। राज्यसभा चुनाव को लेकर मध्य प्रदेश की राजनीति में जारी हलचल के बीच कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त होने का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। इसी कड़ी में मंगलवार को उज्जैन में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मौन प्रदर्शन कर अपना विरोध दर्ज कराया। पार्टी ने नामांकन निरस्त किए जाने की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए चिंताजनक बताया।

    उज्जैन के टॉवर चौक स्थित डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा के समक्ष आयोजित इस मौन प्रदर्शन में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए। दोपहर एक बजे शुरू हुए कार्यक्रम में नेता प्रतिपक्ष रवि राय, कांग्रेस नेता अजित सिंह, महिला कांग्रेस, सेवा दल, यूथ कांग्रेस, एनएसयूआई, आईटी सेल, ब्लॉक अध्यक्ष, ब्लॉक प्रभारी, पार्षद और अन्य संगठनात्मक इकाइयों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

    प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने हाथों में तख्तियां लेकर शांतिपूर्ण तरीके से विरोध जताया। नेताओं का कहना था कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता सर्वोपरि होती है तथा किसी भी उम्मीदवार के नामांकन से जुड़े निर्णयों में सभी संवैधानिक प्रावधानों का पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

    नेता प्रतिपक्ष रवि राय ने प्रदर्शन के दौरान कहा कि कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त किया जाना लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस फैसले से न केवल पार्टी के उम्मीदवार को चुनावी प्रक्रिया से बाहर किया गया, बल्कि कांग्रेस के विधायकों के मतदान अधिकार भी प्रभावित हुए। उन्होंने यह भी दावा किया कि यदि नामांकन पत्र में किसी प्रकार की तकनीकी या प्रक्रियागत कमी थी तो उसे नियमानुसार दूर करने का अवसर दिया जा सकता था।

    कांग्रेस नेता अजित सिंह ने भी इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पार्टी इस पूरे घटनाक्रम को गंभीरता से देख रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि नामांकन निरस्त किए जाने के पीछे सुनियोजित प्रयास हो सकते हैं। हालांकि इन आरोपों पर संबंधित पक्ष की प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

    प्रदर्शनकारियों ने डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा के समक्ष संविधान और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा की बात कही। कांग्रेस नेताओं ने संकेत दिया कि यदि उनकी मांगों पर उचित विचार नहीं किया गया तो पार्टी आगे भी विभिन्न लोकतांत्रिक माध्यमों से विरोध दर्ज कराएगी।

    राज्यसभा चुनाव के इस घटनाक्रम ने प्रदेश की राजनीति में नई बहस को जन्म दिया है। एक ओर कांग्रेस चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठा रही है, वहीं दूसरी ओर निर्वाचन संबंधी प्रक्रियाओं और नियमों को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। आने वाले दिनों में यह मुद्दा राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर चर्चा का केंद्र बना रह सकता है।

    फिलहाल उज्जैन में हुआ यह मौन प्रदर्शन कांग्रेस के उस व्यापक विरोध अभियान का हिस्सा माना जा रहा है, जिसके माध्यम से पार्टी नामांकन निरस्त किए जाने के फैसले के खिलाफ अपनी आपत्ति दर्ज करा रही है।

  • राज्यसभा चुनाव में गरमाई राजनीति, सीएम का बड़ा बयान- जीत तक चैन नहीं

    राज्यसभा चुनाव में गरमाई राजनीति, सीएम का बड़ा बयान- जीत तक चैन नहीं


    मध्यप्रदेश । मध्य प्रदेश की राजनीति में राज्यसभा की तीसरी सीट को लेकर मुकाबला बेहद रोचक हो गया है। भाजपा ने महेश केवट को प्रत्याशी बनाकर चुनावी समीकरणों में नया मोड़ ला दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नामांकन के दौरान इसे रामायण से जोड़ते हुए कहा कि रामराजा की नगरी में भगवान राम का आशीर्वाद एक बार फिर निषादराज की परंपरा को आगे बढ़ा रहा है।

    महेश केवट ने भी इसे रामायण की भावना से जोड़ते हुए कहा कि जैसे भगवान राम ने निषादराज को गले लगाया था, वैसे ही भाजपा ने वंचित वर्ग को सम्मान दिया है। इसी बयान के बाद राजनीतिक हलकों में “केवट की नैया” और “सियासी रामायण” की चर्चा तेज हो गई है।

    आंकड़ों की जंग और सत्ता की रणनीति
    वर्तमान राजनीतिक गणित के अनुसार भाजपा के पास करीब 48 वोट बताए जा रहे हैं, जबकि जीत के लिए 58 वोटों की जरूरत है। यही वजह है कि तीसरी सीट का समीकरण पूरी तरह अनिश्चित बना हुआ है। दूसरी ओर कांग्रेस ने भी अपने विधायकों को टूट-फूट से बचाने के लिए सख्त रणनीति अपनाई है।

    कांग्रेस ने 62 विधायकों को बेंगलुरु शिफ्ट करने का फैसला किया है ताकि क्रॉस वोटिंग की आशंका को रोका जा सके। पार्टी नेताओं का दावा है कि सभी विधायक एकजुट हैं, लेकिन अंदरूनी डर ने सियासी माहौल को गर्म कर दिया है।

    कांग्रेस की बाड़ाबंदी और भाजपा पर आरोप
    कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया है कि भाजपा विधायकों की खरीद-फरोख्त की कोशिश कर सकती है। वहीं भाजपा खेमे का दावा है कि उनके पास अतिरिक्त समर्थन जुटाने की रणनीति मौजूद है। राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा भी तेज है कि क्या भाजपा विपक्षी खेमे में सेंध लगाने में सफल होगी या कांग्रेस अपनी एकजुटता बचा पाएगी।

    ‘पुष्पा’ गेटअप में महाकाल दर्शन, वायरल वीडियो से उठे सवाल
    उज्जैन के महाकाल मंदिर में एक युवक का ‘पुष्पा’ फिल्म स्टाइल में दर्शन करने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। युवक ने अल्लू अर्जुन के किरदार जैसा गेटअप अपनाया और मंदिर परिसर में आकर्षण का केंद्र बन गया।

    हैरानी की बात यह रही कि सुरक्षा कर्मी उसके साथ मौजूद रहे और उसे वीआईपी तरीके से दर्शन भी कराए गए। कुछ कर्मचारियों ने उसके साथ सेल्फी भी ली, जबकि मंदिर में फोटो-वीडियो पर रोक है। इस घटना के बाद मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था और नियमों के पालन पर सवाल खड़े हो गए हैं।

    सियासत, धर्म और व्यवस्था पर सवाल
    एक तरफ राज्यसभा चुनाव में रामायण के पात्रों के जरिए सियासी संदेश दिए जा रहे हैं, तो दूसरी तरफ मंदिर में ‘पुष्पा’ स्टाइल वायरल वीडियो व्यवस्था पर सवाल उठा रहा है। मध्य प्रदेश की राजनीति और प्रशासनिक घटनाएं इन दिनों लगातार सुर्खियों में बनी हुई हैं।