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  • MP विधानसभा बजट सत्र 2026 की शुरुआत हंगामे से, राज्यपाल के अभिभाषण के बीच विपक्ष का जोरदार विरोध

    MP विधानसभा बजट सत्र 2026 की शुरुआत हंगामे से, राज्यपाल के अभिभाषण के बीच विपक्ष का जोरदार विरोध


    भोपाल । राजधानी भोपाल में सोमवार को मध्यप्रदेश विधानसभा के बजट सत्र 2026 की शुरुआत तीखे राजनीतिक माहौल के बीच हुई। सदन की कार्यवाही प्रारंभ होते ही परंपरा के अनुसार संपूर्ण छह छंदों में वंदे मातरम् का गायन हुआ। इसके बाद मंगुभाई पटेल ने अभिभाषण पढ़ना शुरू किया लेकिन विपक्ष के हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से नहीं चल सकी और अंततः इसे अगले दिन सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित करना पड़ा।

    राज्यपाल ने अपने अभिभाषण में राज्य सरकार की उपलब्धियों विकास योजनाओं और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों का विस्तृत उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश आज उस ऐतिहासिक दहलीज पर खड़ा है जिसे केंद्र सरकार ने अमृत काल की संज्ञा दी है। उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया गया है और निवेश को बढ़ावा देने के लिए ठोस कदम उठाए गए हैं। हाल ही में भोपाल में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर समिट का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक मध्यप्रदेश को 2 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

    राज्यपाल ने वर्ष 2026 को कृषि वर्ष के रूप में मनाने की घोषणा का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि पीएम जनमन योजना के तहत 1 लाख 35 हजार से अधिक आवास निर्मित किए गए हैं। साथ ही उज्जैन में मां शिप्रा को प्रदूषण मुक्त बनाने के प्रयासों नई शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन और ग्रामीण विकास से जुड़े कार्यक्रमों की जानकारी भी सदन के समक्ष रखी।

    हालांकि अभिभाषण के दौरान विपक्ष ने कई मुद्दों को लेकर आपत्ति जताई। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने राज्यपाल को बीच में टोकते हुए आरोप लगाया कि नलजल योजना और इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों जैसे गंभीर विषयों का अभिभाषण में उल्लेख नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता से जुड़े संवेदनशील मुद्दों को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। विपक्षी सदस्यों ने नारेबाजी शुरू कर दी जिससे सदन का माहौल गरमा गया।

    विपक्ष का आरोप था कि सरकार जमीनी समस्याओं से ध्यान हटाकर केवल उपलब्धियों का बखान कर रही है। वहीं सत्तापक्ष ने इसे राजनीतिक रणनीति बताते हुए कहा कि बजट सत्र के दौरान हर मुद्दे पर विस्तार से चर्चा का अवसर मिलेगा। लगातार हो रहे शोर-शराबे के बीच राज्यपाल ने अपना अभिभाषण पूरा किया लेकिन स्थिति सामान्य न होने पर विधानसभा अध्यक्ष ने कार्यवाही को अगले दिन तक के लिए स्थगित कर दिया।

    अब राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा मंगलवार से शुरू होगी जहां सत्ता और विपक्ष के बीच तीखी बहस होने के आसार हैं। बजट सत्र की शुरुआत जिस तरह हंगामे के साथ हुई है उससे संकेत मिल रहे हैं कि आने वाले दिनों में सदन के भीतर राजनीतिक तापमान और बढ़ सकता है।

  • राहुल गांधी इंदौर में दूषित पानी पीड़ितों से मिले, परिवारों को चेक देकर दी राहत कहा-स्मार्ट सिटी’ में भी लोग पानी पीकर मर रहे

    राहुल गांधी इंदौर में दूषित पानी पीड़ितों से मिले, परिवारों को चेक देकर दी राहत कहा-स्मार्ट सिटी’ में भी लोग पानी पीकर मर रहे

    नई दिल्ली। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी इंदौर दौरे पर हैं और उन्होंने सबसे पहले बॉम्बे हॉस्पिटल का दौरा किया, जहां वे दूषित जल से प्रभावित मरीजों से मिले। इसके बाद वे भागीरथपुरा इलाके पहुंचे, जो शहर के उन हिस्सों में से है जहाँ दूषित पानी के कारण लोगों की सेहत बुरी तरह प्रभावित हुई है। राहुल गांधी पैदल ही प्रभावित इलाके में गए और वहां के पीड़ित परिवारों से बातचीत की।

    भागीरथपुरा में उन्होंने गीता बाई के परिवार से मुलाकात की और उसके बाद जीवनलाल के घर भी गए।

    इस दौरान उन्होंने पीड़ित परिवारों को एक-एक लाख रुपये के चेक देने का ऐलान किया। वहीं, प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार 50 हजार रुपये का चेक देंगे। राहुल गांधी के साथ इस दौरे में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह, हरीश चौधरी, प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और अजय सिंह भी मौजूद रहे।

    भागीरथपुरा में मृतकों के परिजनों से मिलने के बाद राहुल गांधी ने कहा कि इन परिवारों में कई लोगों की मौत हुई है और कई बीमार हुए हैं। उन्होंने इस घटना को “स्मार्ट सिटी” की विफलता करार दिया और कहा कि यह नया मॉडल है जहाँ पीने का साफ पानी नहीं है। राहुल ने कहा कि लोगों को डराया जा रहा है और सभी परिवारों को दूषित पानी पीने के बाद बीमारी हुई है।

    उन्होंने साफ कहा कि इंदौर में साफ पानी नहीं मिल रहा, और इससे लोग मर रहे हैं।

    राहुल ने सरकार पर सीधे आरोप लगाते हुए कहा कि यह समस्या केवल इंदौर तक सीमित नहीं है, बल्कि अलग-अलग शहरों में यही हाल है। उन्होंने कहा कि सरकार अपनी जिम्मेदारी नहीं निभा रही और जहां भी यह काम करवाया गया है, उसके लिए किसी न किसी को जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए। राहुल ने कहा कि पीड़ितों ने जो इलाज कराया और जिनकी मौत हुई, उनके लिए सरकार को मुआवजा देना चाहिए।

    रहवासियों के अनुसार, शहर में जो टंकी है, वह सिर्फ “सिंबल” बनकर रह गई है। राहुल ने कहा कि उन्हें बताया गया कि साफ पानी अभी भी नहीं मिल रहा है।

    टंकी पर बैन लगा दिया गया है, लेकिन कुछ ही दिनों में यह बैन हटाकर फिर वही पानी दिया जाएगा। राहुल ने कहा कि लोग मांग कर रहे हैं कि सरकार अपनी जिम्मेदारी पूरी करे और साफ पानी उपलब्ध करवाए।

    जब पत्रकारों ने राहुल से सवाल किया कि क्या वे राजनीति करने आए हैं, तो उन्होंने कहा कि वे यहां “मदद करने” आए हैं। राहुल ने कहा कि वे विपक्ष के नेता हैं और लोगों के मुद्दे उठाने और उनकी मदद करने के लिए आए हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि अगर देश में लोगों को साफ पानी नहीं मिल रहा है, तो उनकी जिम्मेदारी बनती है कि वे उनकी मदद करें। राहुल ने कहा कि वे पीड़ित परिवारों के साथ खड़े हैं और सरकार को साफ पानी उपलब्ध कराना चाहिए।
    इस दौरे से एक बार फिर सवाल उठता है कि इंदौर में पानी की समस्या कितनी गंभीर है और सरकार इस पर कब तक प्रभावी कार्रवाई करेगी।

  • Rahul Gandhi 2026: 17 जनवरी को भागीरथपुरा पीड़ितों से मुलाकात, जल संकट पर जमीनी हकीकत जानने का पूरा प्लान

    Rahul Gandhi 2026: 17 जनवरी को भागीरथपुरा पीड़ितों से मुलाकात, जल संकट पर जमीनी हकीकत जानने का पूरा प्लान


    इंदौर। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी 17 जनवरी को इंदौर एक दिवसीय दौरे पर आएंगे। उनका दौरा पूरी तरह से भागीरथपुरा जल प्रदूषण त्रासदी से प्रभावित लोगों को समर्पित रहेगा। कांग्रेस का कहना है कि राहुल गांधी सीधे मौके पर जाकर हालात समझना चाहते हैं और पीड़ित परिवारों की समस्याएं खुद सुनेंगे।राहुल गांधी का यह दौरा न केवल जल प्रदूषण पीड़ितों की मदद के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि कांग्रेस के लिए भी आगामी राजनीतिक संदेश और संगठनात्मक मजबूती का अवसर माना जा रहा है।
    राहुल गांधी सुबह 9:30 बजे दिल्ली से विशेष विमान से रवाना होंगे और करीब 11 बजे इंदौर एयरपोर्ट पर पहुंचेंगे। एयरपोर्ट से वे सीधे बॉम्बे हॉस्पिटल जाएंगे, जहां 11:45 से 12:15 तक जल प्रदूषण पीड़ितों से मुलाकात की जाएगी। इसके बाद वे भागीरथपुरा क्षेत्र में जाकर प्रभावित परिवारों से 12:45 से 1:45 तक बातचीत करेंगे और उनकी समस्याओं को समझेंगे। दोपहर 2:30 बजे वे इंदौर से दिल्ली के लिए रवाना होंगे।

    दौरे के मद्देनजर सीआरपीएफ और स्थानीय प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता कर चुके हैं। इसके साथ ही राहुल गांधी स्थानीय निकाय चुनाव लड़ चुके कांग्रेस नेताओं के साथ बैठक करेंगे और जमीनी हालात व संगठनात्मक मुद्दों पर चर्चा करेंगे।

    प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और वरिष्ठ नेताओं ने पहले ही रणनीति तय कर ली है। कांग्रेस का उद्देश्य इस दौरे के माध्यम से सरकार पर जल संकट और पीने के पानी के मुद्दे को उजागर करना है। भागीरथपुरा के लोग लंबे समय से इस समस्या से जूझ रहे हैं और राहुल गांधी के दौरे से उन्हें उम्मीद है कि उनकी आवाज केवल इंदौर तक नहीं, बल्कि दिल्ली तक पहुंचेगी।

    नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि यह घटना सिस्टम की नाकामी है और राहुल गांधी जमीनी हकीकत खुद जाकर समझना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि स्वच्छ पानी आम जनता का संवैधानिक अधिकार है और इस मुद्दे पर राजनीति से ऊपर उठकर काम होना चाहिए।

    राहुल गांधी का यह दौरा न केवल जल प्रदूषण पीड़ितों की मदद के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि कांग्रेस के लिए भी आगामी राजनीतिक संदेश और संगठनात्मक मजबूती का अवसर माना जा रहा है।
  • मप्रः नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार समेत तीन नेताओं को मानहानी मामले में कोर्ट का नोटिस

    मप्रः नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार समेत तीन नेताओं को मानहानी मामले में कोर्ट का नोटिस


    जबलपुर।
    विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट डीपी सूत्रकार की एमपी-एमएलए कोर्ट ने मध्य विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, कांग्रेस विधायक अजय सिंह राहुल और लखन घनघोरिया को नोटिस जारी किए हैं। यह कार्रवाई नेशनल हेल्थ मिशन के जिला प्रोग्राम (डीपीएम) विजय पांडे द्वारा दायर मानहानि केस के बाद हुई है। कोर्ट ने तीनों नेताओं को 16 जनवरी को पेश होने के आदेश दिए हैं।

    दरअसल, कांग्रेस नेताओं ने नेशनल हेल्थ मिशन के जिला प्रोग्राम मैनेजर विजय पांडे पर फर्जी अंकसूची के सहारे नौकरी पाने का आरोप लगाया था। अगस्त 2025 में इस मुद्दे पर न केवल प्रेस कॉन्फ्रेंस हुई, बल्कि विधानसभा में भी हंगामा कर कांग्रेस विधायकों ने वॉक आउट किया था। विधानसभा में हंगामे के बाद राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की संचालक सलोनी सिडाना ने उन्हें पद से हटा दिया था।

    हालांकि. विभागीय जांच में पांडे पर लगाए गए आरोप झूठे पाए गए। मप्र माध्यमिक शिक्षा मंडल ने भी अंकसूची को सही बताया और किसी तरह की गड़बड़ी न मिलने की पुष्टि की। इसके बाद पांडे ने कांग्रेस नेताओं के खिलाफ मानहानि का मामला दर्ज कराया था। इसके बाद विभागीय जांच और एमपी शिक्षा बोर्ड की जांच रिपोर्ट में उनकी अंकसूची सही पाई गई। रिपोर्ट के अनुसार विपक्ष के आरोप तथ्यहीन थे और गलत जानकारी के आधार पर सरकार को घेरने की कोशिश की गई थी। कोर्ट के नोटिस के बाद अब सभी तीन नेताओं को 16 जनवरी को एमपी-एमएलए कोर्ट में पेश होकर अपना पक्ष रखना होगा।

    इस मामले में कांग्रेस विधायक लखन घनघोरिया ने गुरुवार को कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाना हमारा काम है। किसी विभाग में अगर अराजकता की स्थिति बन रही है तो उसे उठाना हमारा काम है, जनता से हमें शिकायत मिली तो हमने उसका विरोध किया अब कोई अगर मानहानि करता है तो कोर्ट के समक्ष जाकर देखेंगे।