सीएम को नीलकंठ बनने की सलाह
कुबेरेश्वर धाम में भीड़ पर विजयवर्गीय की टिप्पणी
कांग्रेस विधायक का हर्ष फायरिंग वीडियो
मंच पर आदिवासी संस्कृति की झलक

सीएम को नीलकंठ बनने की सलाह
कुबेरेश्वर धाम में भीड़ पर विजयवर्गीय की टिप्पणी

विधानसभा परिसर स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष कांग्रेस विधायकों ने गंदे पानी से भरी बोतलें और नारे लिखी तख्तियां हाथ में लेकर प्रदर्शन किया। इस दौरान सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने की मांग उठाई गई।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से 35 लोगों की मौत होना अत्यंत दुखद और चिंताजनक है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार इस गंभीर मामले में अपनी जिम्मेदारी से बचने का प्रयास कर रही है। सिंघार ने मांग की कि जिम्मेदार मंत्री कैलाश विजयवर्गीय नैतिक आधार पर तत्काल इस्तीफा दें और संबंधित अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही प्रदेशवासियों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाने की आवश्यकता पर बल दिया।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के कई हिस्सों में जनता को दूषित और मलयुक्त पानी मिलना गंभीर चिंता का विषय है। राज्यपाल के अभिभाषण में स्वच्छ पानी उपलब्ध कराने के दावे किए गए, लेकिन जमीनी स्थिति अलग है। कांग्रेस ने इस मुद्दे पर जनता की आवाज उठाते हुए सदन में प्रस्ताव रखा है और सरकार से स्पष्ट करने को कहा है कि क्या इस विषय पर गंभीर चर्चा कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि हर नागरिक तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाना सरकार की जिम्मेदारी है, क्योंकि हर व्यक्ति महंगा आरओ पानी खरीदने में सक्षम नहीं है। स्वच्छ पानी जनता का बुनियादी अधिकार है।
सिंघार ने यह भी आरोप लगाया कि इतनी बड़ी संख्या में मौतों के बावजूद सरकार विधानसभा में चर्चा से बच रही है, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि जब तक पीड़ितों को न्याय नहीं मिलता और दोषियों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक पार्टी का संघर्ष जारी रहेगा।

राज्यपाल ने अपने अभिभाषण में राज्य सरकार की उपलब्धियों विकास योजनाओं और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों का विस्तृत उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश आज उस ऐतिहासिक दहलीज पर खड़ा है जिसे केंद्र सरकार ने अमृत काल की संज्ञा दी है। उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया गया है और निवेश को बढ़ावा देने के लिए ठोस कदम उठाए गए हैं। हाल ही में भोपाल में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर समिट का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक मध्यप्रदेश को 2 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
राज्यपाल ने वर्ष 2026 को कृषि वर्ष के रूप में मनाने की घोषणा का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि पीएम जनमन योजना के तहत 1 लाख 35 हजार से अधिक आवास निर्मित किए गए हैं। साथ ही उज्जैन में मां शिप्रा को प्रदूषण मुक्त बनाने के प्रयासों नई शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन और ग्रामीण विकास से जुड़े कार्यक्रमों की जानकारी भी सदन के समक्ष रखी।
हालांकि अभिभाषण के दौरान विपक्ष ने कई मुद्दों को लेकर आपत्ति जताई। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने राज्यपाल को बीच में टोकते हुए आरोप लगाया कि नलजल योजना और इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों जैसे गंभीर विषयों का अभिभाषण में उल्लेख नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता से जुड़े संवेदनशील मुद्दों को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। विपक्षी सदस्यों ने नारेबाजी शुरू कर दी जिससे सदन का माहौल गरमा गया।
विपक्ष का आरोप था कि सरकार जमीनी समस्याओं से ध्यान हटाकर केवल उपलब्धियों का बखान कर रही है। वहीं सत्तापक्ष ने इसे राजनीतिक रणनीति बताते हुए कहा कि बजट सत्र के दौरान हर मुद्दे पर विस्तार से चर्चा का अवसर मिलेगा। लगातार हो रहे शोर-शराबे के बीच राज्यपाल ने अपना अभिभाषण पूरा किया लेकिन स्थिति सामान्य न होने पर विधानसभा अध्यक्ष ने कार्यवाही को अगले दिन तक के लिए स्थगित कर दिया।
अब राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा मंगलवार से शुरू होगी जहां सत्ता और विपक्ष के बीच तीखी बहस होने के आसार हैं। बजट सत्र की शुरुआत जिस तरह हंगामे के साथ हुई है उससे संकेत मिल रहे हैं कि आने वाले दिनों में सदन के भीतर राजनीतिक तापमान और बढ़ सकता है।

दौरे के मद्देनजर सीआरपीएफ और स्थानीय प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता कर चुके हैं। इसके साथ ही राहुल गांधी स्थानीय निकाय चुनाव लड़ चुके कांग्रेस नेताओं के साथ बैठक करेंगे और जमीनी हालात व संगठनात्मक मुद्दों पर चर्चा करेंगे।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और वरिष्ठ नेताओं ने पहले ही रणनीति तय कर ली है। कांग्रेस का उद्देश्य इस दौरे के माध्यम से सरकार पर जल संकट और पीने के पानी के मुद्दे को उजागर करना है। भागीरथपुरा के लोग लंबे समय से इस समस्या से जूझ रहे हैं और राहुल गांधी के दौरे से उन्हें उम्मीद है कि उनकी आवाज केवल इंदौर तक नहीं, बल्कि दिल्ली तक पहुंचेगी।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि यह घटना सिस्टम की नाकामी है और राहुल गांधी जमीनी हकीकत खुद जाकर समझना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि स्वच्छ पानी आम जनता का संवैधानिक अधिकार है और इस मुद्दे पर राजनीति से ऊपर उठकर काम होना चाहिए।

दरअसल, कांग्रेस नेताओं ने नेशनल हेल्थ मिशन के जिला प्रोग्राम मैनेजर विजय पांडे पर फर्जी अंकसूची के सहारे नौकरी पाने का आरोप लगाया था। अगस्त 2025 में इस मुद्दे पर न केवल प्रेस कॉन्फ्रेंस हुई, बल्कि विधानसभा में भी हंगामा कर कांग्रेस विधायकों ने वॉक आउट किया था। विधानसभा में हंगामे के बाद राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की संचालक सलोनी सिडाना ने उन्हें पद से हटा दिया था।
हालांकि. विभागीय जांच में पांडे पर लगाए गए आरोप झूठे पाए गए। मप्र माध्यमिक शिक्षा मंडल ने भी अंकसूची को सही बताया और किसी तरह की गड़बड़ी न मिलने की पुष्टि की। इसके बाद पांडे ने कांग्रेस नेताओं के खिलाफ मानहानि का मामला दर्ज कराया था। इसके बाद विभागीय जांच और एमपी शिक्षा बोर्ड की जांच रिपोर्ट में उनकी अंकसूची सही पाई गई। रिपोर्ट के अनुसार विपक्ष के आरोप तथ्यहीन थे और गलत जानकारी के आधार पर सरकार को घेरने की कोशिश की गई थी। कोर्ट के नोटिस के बाद अब सभी तीन नेताओं को 16 जनवरी को एमपी-एमएलए कोर्ट में पेश होकर अपना पक्ष रखना होगा।
इस मामले में कांग्रेस विधायक लखन घनघोरिया ने गुरुवार को कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाना हमारा काम है। किसी विभाग में अगर अराजकता की स्थिति बन रही है तो उसे उठाना हमारा काम है, जनता से हमें शिकायत मिली तो हमने उसका विरोध किया अब कोई अगर मानहानि करता है तो कोर्ट के समक्ष जाकर देखेंगे।